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शेयर बाजार में बड़ा ऐलान: 1 शेयर पर 1 शेयर फ्री, लिस्टिंग के बाद पहली बार मिलेगा बोनस

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), ने अपने करोड़ों निवेशकों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. शेयर बाजार में कदम रखने के करीब चार साल बाद, LIC ने अपने शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐतिहासिक फैसला किया है. इसका सीधा मतलब है कि रिकॉर्ड डेट पर जिस निवेशक के पास LIC का एक शेयर होगा, उसे कंपनी की ओर से एक शेयर बिल्कुल मुफ्त (फ्री) दिया जाएगा।  बोर्ड की बैठक में लगी मुहर LIC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की महत्वपूर्ण बैठक में इस बोनस इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. कंपनी ने देर रात शेयर बाजार (एक्सचेंज फाइलिंग) को सूचित किया कि यह कदम निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने और बाजार में शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए उठाया गया है. हालांकि, बोनस शेयर पाने की 'रिकॉर्ड डेट' की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि 12 जून 2026 तक बोनस शेयर पात्र शेयरधारकों के डीमैट खातों में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।  मजबूत वित्तीय सेहत का प्रमाण LIC का यह फैसला उसकी शानदार कारोबारी सेहत को दर्शाता है. दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास 1.46 लाख करोड़ रुपये का विशाल 'रिजर्व एंड सरप्लस' मौजूद है. वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 17.4% बढ़कर 12,930.44 करोड़ रुपये रहा. वहीं, नेट प्रीमियम इनकम भी 17.4% उछलकर 1.25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई, जो कंपनी की बाजार में बढ़ती पकड़ का सबूत है।  शेयरों की चाल: अर्श से फर्श और फिर वापसी LIC की शेयर बाजार की यात्रा किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रही है. 17 मई 2022 को ₹949 के भाव पर लिस्ट होने के बाद, शेयर ने निवेशकों को काफी समय तक निराश किया और 29 मार्च 2023 को ₹530.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया।  हालांकि, इसके बाद शानदार रिकवरी देखी गई और 1 अगस्त 2024 को शेयर ₹1221.50 के ऑल-टाइम हाई पर जा पहुंचा. यानी निचले स्तर से इसमें 130% से ज्यादा का उछाल आया. वर्तमान में, वैश्विक तनाव (ईरान-अमेरिका स्थिति) के बावजूद शेयर ₹800 के स्तर के आसपास मजबूती से टिका हुआ है।  मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोनस शेयर के बाद LIC के शेयरों की कीमत कम होगी, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसमें एंट्री लेना आसान हो जाएगा. यह कदम लंबी अवधि के निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएशन का एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। 

LIC के बड़े निवेश खुलासा: टॉप-5 में अडानी ग्रुप की जगह नहीं, सबसे ज्यादा पैसा किसमें लगा?

मुंबई  अडानी ग्रुप (Adani Group) में LIC के निवेश को लेकर वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट पर देश में राजनीति शुरू हो गई है. विपक्ष ने सरकार पर सवाल दागे, तो LIC ने अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है.  दरअसल, वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में LIC पर अडानी ग्रुप में 3.9 अरब डॉलर (करीब 33 हजार करोड़ रुपये) निवेश करने का बड़ा आरोप लगा है. रिपोर्ट की मानें तो बीमा कंपनी ने अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने के लिए मई- 2025 में यह निवेश किया है. लेकिन LIC ने इस पूरी रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया है. बीमा कंपनी ने कहना है कि  ये रिपोर्ट LIC की साफ-सुथरी छवि को खराब करने और भारत के मजबूत वित्तीय क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जारी की गई है.  अब आइए जानते हैं, LIC का अडानी ग्रुप में कितना निवेश है, और देश में सबसे ज्यादा LIC का निवेश कहां और कंपनियों में हैं. आज हम LIC के टॉप-10 निवेश के बारे में भी जानेंगे.  सितंबर- 2025 के डेटा के मुताबिक LIC की अडानी ग्रुप की इन कंपनियों में हिस्सेदारी हैं.   अडानी पोर्ट्स: 7.73% (जून से पहले 8.14% थी.) अडानी एंटरप्राइजेज: 4.16% Adani ग्रीन एनर्जी: 1.3% Adani एनर्जी सॉल्यूशन: 3.42% Adani टोटल गैस: 6% अंबुजा सीमेंट: 7.31% ACC लिमिटेड: 9.95%  हालिया रिपोर्ट के मुताबिक LIC की इक्विटी में निवेश करीब 16 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि अडानी ग्रुप की कंपनियों में LIC का निवेश करीब 60 हजार करोड़ रुपये का है. यानी LIC के कुल निवेश का करीब 4 फीसदी हिस्सा अडानी ग्रुप की कंपनियों में हैं.LIC ने अडानी ग्रुप से ज्यादा देश की कई दूसरी कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है.  LIC का टॉप-5 निवेश:  1. LIC का सबसे ज्यादा निवेश Reliance Industries में है, यहां करीब 1.38 लाख करोड़ का निवेश है, जो कि RIL में करीब 6.94% हिस्सेदारी बनती है. 2. ITC Ltd: इस कंपनी में LIC का निवेश करीब 82,342 करोड़ रुपये का है, यानी ITC में LIC की करीब 15.86% हिस्सेदारी है.  3. HDFC Bank Ltd: इस बैंक में LIC का करीब 72,500 करोड़ रुपये का निवेश है. इस बैंक में LIC की करीब 5.45 फीसदी हिस्सेदारी है. 4. SBI: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में LIC की करीब 9.59% हिस्सेदारी है, अमाउंट में ये निवेश करीब 68,000 करोड़ रुपये का है.  5. Larsen & Toubro Ltd (L&T) में LIC का करीब 66,053 करोड़ रुपये का निवेश है. यानी इस कंपनी में 13% से ज्यादा हिस्सेदारी LIC की है.  6. Infosys Ltd में LIC का निवेश लगभग 63,400 करोड़ रुपये का है.  यानी LIC के टॉप-5 निवेश में अडानी ग्रुप नहीं है. LIC के लिए Adani Group महत्वपूर्ण जरूर है. लेकिन इसका हिस्सा सीमित है. LIC के शीर्ष 10 निवेशों में अभी भी बैंकिंग, आईटी, और कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियां हावी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक LIC का इक्विटी पोर्टफोलियो 300 से कंपनियां हैं. जहां वह कम-से-कम 1% हिस्सेदारी रखती है. जून 2025 तिमाही के दौरान, एलआईसी ने 81 कंपनियों में हिस्सेदारी कम करके और चार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) रक्षा शेयरों को जोड़कर अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल किया.  निवेश पर अडानी ग्रुप का बयान अडानी समूह में एलआईसी का निवेश अन्य बड़े समूहों तुलना में काफी कम है, और यह पोर्टफोलियो विविधीकरण का एक हिस्सा है. एलआईसी का कहना है कि उनके निवेश फैसले बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं और नियामक दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है. बता दें, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं. फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 6.22 लाख करोड़ रुपये है. दुनिया के अमीरों की लिस्ट में वे 27वें नंबर पर हैं. अडाणी ग्रुप का साम्राज्य कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जेनरेशन, सीमेंट इंडस्ट्री और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है.