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मध्य प्रदेश में LPG संकट: गैस की कमी से ठंडी पड़ी रसोई, होटल-ढाबे बंद होने के कगार पर, 3 दीनदयाल रसोई हुई बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस का गंभीर संकट सामने आ गया है। घरेलू रसोई से लेकर होटल-ढाबों तक चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर के लिए आम लोग घंटों लाइन में खड़े हैं, तो दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात को माना जा रहा है। Strait of Hormuz में तनाव और समुद्री मार्ग प्रभावित होने से भारत के एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन-से गैस की किल्लत और आम लोगों की परेशानी की खबरें सामने आ रही हैं। राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा परेशानी राजधानी भोपाल में गैस संकट ने लोगों की रसोई पर सीधा असर डाला है। जहांगीराबाद, बोगदा पुल, कोहेफिजा, टीटी नगर और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। जहांगीराबाद की निवासी शीबा खान बताती हैं कि 13 मार्च को मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज आया था, लेकिन तीन दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि मजबूरी में रिश्तेदारों के यहां खाना बनाना पड़ रहा है और बच्चों को भी परेशानी हो रही है। इसी तरह बोगदा पुल निवासी मोहम्मद रियाज ने गैस नहीं मिलने पर इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया। उनका कहना है कि तीन दिन तक घर में गैस नहीं थी, इसलिए बिजली से खाना बनाना पड़ रहा है। शहर में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है और दुकानदारों के अनुसार बिक्री में लगभग 70-80 प्रतिशत तक उछाल आया है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी दबाव के कारण धीमा या क्रैश हो रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जहां सिलेंडर 2-3 दिन में मिल जाता था, अब 5-7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा नए नियम के अनुसार अब सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर संकट से होटल-ढाबे संकट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप होने से होटल और ढाबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। प्रदेश में 19 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। ऑयल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-के अनुसार उपलब्ध सीमित स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, रेलवे, सेना और अन्य आपात सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में करीब 1500 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना हजारों कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। जिनके पास थोड़ा स्टॉक है, वे कुछ दिन काम चला रहे हैं, लेकिन अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो कई होटल बंद हो सकते हैं। ग्वालियर में गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण चार में से तीन दीनदयाल रसोई बंद हो गई हैं। इससे जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की थालियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां औसतन 3700 थालियां वितरित होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 1300 रह गई है। वर्तमान में केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर स्थित दीनदयाल रसोई ही चालू है। यहीं से सीमित मात्रा में भोजन तैयार कर इंटक मैदान भेजा जा रहा है। झांसी रोड बस स्टैंड की रसोई भी पूरी तरह बंद हो चुकी है। यदि सिलेंडर की आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो अंतरराज्यीय बस स्टैंड की रसोई भी बंद हो सकती है। कई छोटे ढाबों और चाय-नाश्ते की दुकानों ने लकड़ी या कोयले के चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन यह तरीका महंगा और असुविधाजनक है। अन्य शहरों में भी बढ़ी परेशानी सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कमर्शियल गैस की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। सरकार का दावा: घरेलू गैस की कमी नहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनके अनुसार पैनिक बुकिंग और अफवाहों के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में भोपाल में एक बंद गोदाम से सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए। जिला कलेक्टरों को भी स्टॉक की निगरानी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम आदमी और छोटे कारोबार पर असर एलपीजी संकट का असर सबसे ज्यादा आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर दिखाई दे रहा है।     कई घरों में खाना पकाने में मुश्किल     महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित     चाय-नाश्ता और छोटे ढाबों की कमाई ठप     ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत कई गुना तक बढ़ी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। संकट सिर्फ गैस का नहीं, रोजी-रोटी का एलपीजी की यह किल्लत अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रही। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और छोटे कारोबार की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगी है। लोग अब इंडक्शन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी समाधान ही है। अगर वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में गैस संकट और गहरा सकता है।

LPG संकट से बेहाल MP: होटल में गैस की कमी, मेन्यू में बदलाव; घरेलू सिलेंडर के लिए 8 घंटे की लंबी कतार

भोपाल   प्रदेश के कई जिलों में घरेलू गैस की किल्लत अब आम लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है. शहडोल से लेकर जबलपुर तक गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी‑लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. हालात ऐसे हैं कि लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद सिलेंडर मिलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर एजेंसियों के बाहर भीड़ सड़कों तक फैल गई है, जिससे रोजमर्रा का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस नहीं मिलने से घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है. वहीं प्रशासन और गैस एजेंसी संचालक गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में रुकावट को भी इस संकट की एक बड़ी वजह माना जा रहा है. बढ़ती भीड़ और लगातार मिल रही शिकायतों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट बढ़ता जा रहा है। छह दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल, इंदौर के कई होटल, रेस्टॉरेंट में गैस खत्म हो गई है। इसलिए वहां मेन्यू बदला है। कई रेहड़ी भी बंद हो गई है। इधर, घरेलू सिलेंडर को लेकर पूरे प्रदेश में मारामारी है। कॉमर्शियल के साथ घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। छोटे बच्चे हो या बुजुर्ग, सब घंटों लाइन में लग रहे हैं। भोपाल में ऐसी तस्वीरें आम हो गई है। शनिवार को 8 घंटे तेज धूप में खड़े होने के बाद सिलेंडर नसीब हुआ। रविवार को भी किल्लत बनी रहेगी। ग्वालियर में हालात सामान्य: प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर; कहा– अफवाहों से बचें ग्वालियर जिले में हालात सामान्य हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर फैली आशंकाओं के बीच कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि ग्वालियर में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खाद्य विभाग की टीम निरंतर गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही है। सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को सही जानकारी दें। स्टॉक व डिलीवरी में पारदर्शिता बरतें। कलेक्टर ने साफ किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक घबराएं नहीं। पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर विरतण इधर घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी प्रदेश के कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है। राजधानी भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर महिलाएं और युवा तक सिलेंडर के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। कहीं लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं तो कहीं पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने। शनिवार को भोपाल में कई गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती नजर आईं। प्रशासन को आशंका थी कि गैस की कमी को लेकर भीड़ में तनाव या हंगामा हो सकता है। शहर की करीब 23 गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। इस बीच गैस बुकिंग का ऑनलाइन सर्वर भी ठप बताया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें 7 से 8 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिससे घरेलू रसोई भी प्रभावित हो रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई इस बीच राज्य सरकार ने स्थिति को लेकर सफाई दी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी को लेकर प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टरों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वितरण व्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके। भोपाल में एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें एलपीजी संकट की स्थिति को समझने के लिए द मूकनायक की टीम शनिवार सुबह भोपाल के जिंसी चौराहे स्थित इंडेन गैस एजेंसी पहुंची। यहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। कई लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े थे, तो कुछ लोग सिर्फ बुकिंग नंबर लगवाने के लिए एजेंसी के बाहर इंतजार कर रहे थे। लाइन में खड़े लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि गैस बुकिंग की प्रक्रिया भी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक ग्राहक ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से गैस सिलेंडर का नंबर लगाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। उसने बताया कि आज वह सुबह से ही एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि किसी तरह सिलेंडर का नंबर लग सके। जब ऑन कैमरा बुकिंग नम्बर पर ग्राहक ने किया कॉल एक युवक ने मौके पर ही गैस बुकिंग के लिए दिए गए फोन नंबर पर कॉल करके देखा। कॉल करने पर उसे सूचना मिली कि सेवाएं फिलहाल इनकमिंग के लिए बंद हैं। युवक ने बताया कि वह लगातार वेबसाइट और फोन के जरिए बुकिंग करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन न तो वेबसाइट काम कर रही है और न ही कॉल के जरिए नंबर लग पा रहा है। मजबूर होकर वह सुबह से एजेंसी के बाहर लाइन में खड़ा है, ताकि सिलेंडर के लिए अपना नंबर दर्ज करा सके। समस्या हो तो यहां करें फोन (कंट्रोल रूम) आम नागरिकों की सुविधा और बुकिंग से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम का गठन किया है। यदि आपको सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत हो रही है, तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: मोबाइल नंबर 1: 7247560709 मोबाइल नंबर 2: 7000878489 प्रशासन की अपील: नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करें। भोपाल: अब इंडक्शन बना सहारा भोपाल में रसोई गैस की सप्लाई लड़खड़ाने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहांगीराबाद क्षेत्र के मोहम्मद रियाज ने … Read more

LPG आपूर्ति पर संकट: मध्य प्रदेश में सिलेंडर स्टॉक घटा, लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी

भोपाल  ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी सैन्य कार्रवाई से पेट्रोलियम की सप्लाई प्रभावित हो रही है। केंद्र के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार सतर्क हो गई है। प्रदेश के डीलर्स के पास कमर्शियल सिलेंडर का करीब दो दिन का ही स्टॉक बचा है। कमर्शियल सिलेंडर की कमी से प्रदेश के करीब 15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कमर्शियल संस्थानों के साथ बैठक कर गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।  घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त स्टॉक सरकार के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी गैस की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या नहीं है। प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 90 लाख के आसपास है, जिनमें से करीब 92 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं। वहीं, बाकी आठ प्रतिशत यानी करीब 15 लाख कमर्शियल उपभोक्ता हैं।  उद्योग हो सकते हैं प्रभावित  कमर्शियल उपयोग की बात करें तो प्रदेश में एलपीजी का केवल 5 से 7 प्रतिशत उपयोग कमर्शियल क्षेत्र में होता है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए करीब दो से तीन दिन का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, ऑयल कंपनियों के पास औसतन 6 से 7 दिन का स्टॉक रहता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल होटल, रेस्टारेंट और उद्योगों को दूसरे विकल्पों का उपयोग करने के लिए कहा गया है। इसमें सबसे अधिक उद्योगों के प्रभावित होने की बात सामने आर ही है।  शादी-समारोहों पर असर पड़ना तय  कमर्शियल गैस की सीमित उपलब्धता का असर होटल व्यवसाय और शादी-समारोहों की तैयारियों पर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल में सिलेंडर बुक कर सकते थे, अब बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल तय किया गया है। इसके साथ ही एक उपभोक्ता को एक महीने में एक से अधिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।   कलेक्टरों को दिए गए निर्देश सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें स्थिति से अवगत कराएं और गैस का विवेकपूर्ण व सीमित उपयोग सुनिश्चित कराएं। आवश्यकता पड़ने पर इलेक्ट्रिसिटी सहित अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया है। वहीं, अस्पताल और शैक्षणिक सेवाओं के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल जारी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाजार में गैस की काला बाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि जरूरत पड़ी तो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक  वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल का 15 दिन का स्टॉक हैं। इसके अलावा सप्लाई जारी है। वहीं, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बता दें मध्य प्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। मुख्यमंत्री ने बनाई समन्वय समिति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोलियम से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रदेश के बीच समन्वय के लिए मंत्रिगण की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति गैस आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विभाग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर आगे की रणनीति तय करेगी। 

देश में गैस संकट: LPG की कमी के बीच सरकार ने लगाया एस्मा, प्राथमिकता सूची जारी

 नई दिल्ली देश में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कमी आ गई है। ईरान में चल रही जंग के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। इससे निपटने के लिए मंगलवार को सरकार ने एस्मा लागू कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी ना रहे। इसके अलावा रिफाइनरीज को केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दें। इसके अलावा कॉर्मशियल सिलेंडरों की बजाय घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई में इजाफा किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में बताया है कि किन सेक्टरों को 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और उसमें किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। आदेश के अनुसार सरकार ने कुछ सेक्टरों को प्राथमिकता में रखने को कहा है। इन्हें 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। इन सेक्टरों में पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी और अन्य पाइपलाइन सेवाएं शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनको होती रही सप्लाई का 70 फीसदी हिस्सा दिया जाए। इसके अलावा चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक संस्थानों को भी उनके कोटे की 80 फीसदी तक सप्लाई जारी रखने का आदेश दिया गया है। गैस डिस्ट्रिब्यूशन करने वाली कंपनियों से कहा गया है कि वे कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल जरूरतों के लिए 80 फीसदी तक गैस सप्लाई जारी रखें। इसके अलावा आदेश दिया गया है कि रिफाइनिंग कंपनियां उत्पादन में तेजी लाएं। इसके अलावा एलपीजी की सप्लाई घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल के लिए पहले की तरह जारी रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। उत्पादन से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में किसी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए। घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग पर रहेगा 25 दिन वाला नियम यही नहीं गैस सिलेंडरों की बुकिंग के लिए सरकार ने 25 दिन की तय सीमा भी लागू कर दी है। इसके तहत यदि आपने एक सिलेंडर ले लिया है तो अगले की बुकिंग 25 दिन के बाद ही कर पाएंगे। कुछ अरसे से ऐसी सीमा खत्म हो गई थी, लेकिन इसे लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कुछ लोग जमाखोरी ना करने लगें। यदि लोगों को ऐसा करने दिया गया तो कालाबाजारी बढ़ सकती है। इसके अलावा अफवाह फैलने के चलते लोग परेशान हो सकते हैं। गौरतलब है कि ईरान में जारी जंग के चलते सप्लाई की कमी देखी जा रही है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि अब ईरान में जंग आखिरी चरण में है। ऐसी स्थिति में माना जा रहा है कि जल्दी ही सप्लाई चेन पहले वाली स्थिति में आ सकती है।