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भगवान महाकाल के दर्शन के दौरान जेपी नड्डा और सीएम मोहन यादव ने किया अभिषेक और प्रसादी ग्रहण

उज्जैन  BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी थे. दोनों नेताओं ने गर्भगृह में जाकर विधि-विधान से बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया और भगवान महाकाल की आरती उतारी. इस दौरान जेपी नड्डा ने कुछ समय नंदी हाल में बिताया और यहां षोडशोपचार पूजन किया. यह पूजन करने से यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है.  महाकाल के आंगन में हर भक्त बराबर है, इसी संदेश को सार्थक करते हुए जेपी नड्डा और मोहन यादव महाकाल मंदिर की ओर से संचालित अन्नक्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पोहा-जलेबी का नाश्ता किया. दर्शनार्थियों को भी परोसा और खुद भी ग्रहण किया. प्रसादी ग्रहण करने के बाद केंद्रीय मंत्री नड्डा और सीएम यादव खुद अपनी जूठी थाली उठाकर डस्टबिन में डालने गए.  गर्भगृह में दोनों ने महाकाल का अभिषेक किया और पुजारी आकाश ने 20 मिनट तक षोडशोपचार पूजन कराया। यह पूजन यश-कीर्ति के लिए किया जाता है। इसके बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री, मध्य प्रदेश के प्रभारी महेंद्र सिंह ने महाकाल मंदिर अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण की और खुद भी ग्रहण की। प्रसादी में पोहे खाने के बाद वे खुद ही अपनी थाली उठाकर रखने गए। नड्‌डा और सीएम सिंहस्थ में होने वाले कार्यों का भी निरीक्षण करेंगे। उन्होंने स्वच्छता अभियान में सभी की सहभागिता निभाते हुए सभी श्रद्धालुओं को भी संदेश दिया कि महाकाल क्षेत्र में सभी श्रद्धालु एक समान हैं.  बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार की देर रात उज्जैन पहुंच गए थे. रात्रि 10:30 बजे होने वाली शयन आरती से पहले मंदिर पहुंचे नड्डा ने नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान लगाया और शयन आरती देखी. श्रद्धापूर्वक परंपरागत शयन आरती में सम्मिलित हुए नड्डा ने भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन कर देश व दुनिया की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की. भक्ति पूजन के साथ स्वछता का संदेश प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छता अभियान का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री ने महाकाल अन्न क्षेत्र में प्रसादी ग्रहण करने के बाद डिस्पोजल को डस्टबिन में डाला। स्वच्छता अभियान मे सभी की सहभागिता निभाते हुए सभी श्रद्धालुओं को भी संदेश दिया कि महाकाल क्षेत्र में सभी श्रद्धालु एक समान है। उन्होंने सबके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की और उसके उपरांत नाश्ते की प्लेट को डस्टबिन में स्वयं ले जाकर डाला। नड्डा के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की गई. रात्रि में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को बाबा महाकाल की तस्वीर, प्रसाद और शॉल भेंटकर पारंपरिक तरीके से स्वागत व सम्मान किया. इस दौरान क्षेत्रीय भाजपा नेता समेत विधायक भी उपस्थित थे. मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आज दो नए मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जा रही है. धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हमारे बीच आए हैं, हमने बाबा महाकाल का पूजन कर आशीर्वाद लिया है.

महाकाल मंदिर में 1 जनवरी से फूलों की भारी माला पर प्रतिबंध, नया आदेश जारी

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषण की जा रही है। मंदिर समिति का भक्तों से अनुरोध है कि वे भगवान के लिए अजगर माला नहीं खरीदें। एक जनवरी से इस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए वर्ष 2017 में लगी एक जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से जांच शुरू की तथा ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए अनेक सुझाव दिए। इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। लेकिन पिछले कुछ समय से विशेषज्ञों के सुझाव को दरकिनार करते हुए भगवान को फूलों की मोटी व बड़ी माला पहनाई जा रही थी। मंदिर के आसपास हारफूल की दुकानों पर भी 10 से 15 किलो वजनी मालाओं का विक्रय किया जा रहा था। 500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे। मंदिर के भीतर इन्हें भगवान को पहनाया भी जा रहा था। मामले में नईदुनिया ने 28 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। प्रवेश द्वार पर पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा। किसी भी सूरत में बड़ी फूल माला मंदिर के भीतर जाने नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था एक जनवरी से सख्ती से लागू होगी। बड़ी व भारी फूल माला पर लगेगी रोक     सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला अर्पित करने पर रोक लगाई जा रही है। एक जनवरी से इस पर सख्ती से रोक रहेगी। – प्रथम कौशिक, प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति  

उज्जैन महाकाल महोत्सव 2026: श्री महाकालेश्वर मंदिर में देशभर के कलाकारों की 5 दिन लंबी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति

उज्जैन  दुनिया के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष एक अनोखी सांस्कृतिक शुरुआत होने जा रही है। मंदिर परिसर के शक्ति पथ पर 14 से 18 जनवरी 2026 तक भव्य महाकाल महोत्सव आयोजित किया जाएगा। पाँच दिनों का यह आयोजन पूरी तरह भगवान शिव और शैव परंपरा को समर्पित होगा, जिसमें देशभर से चुनिंदा कलाकार अपनी कला के माध्यम से शिव दर्शन का अलौकिक अनुभव कराएंगे। महोत्सव को लेकर मंगलवार को हुई तैयारी बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, महाकाल महोत्सव समिति सदस्य पद्मश्री भगवतीलाल राजपुरोहित तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक मौजूद रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। महोत्सव के दौरान नृत्य, संगीत, नाट्य और विभिन्न कला विधाओं की प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भगवान शिव की महिमा, शैव इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाएंगी। साथ ही एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें शिव के विविध स्वरूप, प्रमुख शैव तीर्थों और शैव संतों के जीवन से जुड़ी झलकियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। आयोजन समिति के अनुसार, देश के बड़े कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच प्रदान किया जाएगा, ताकि उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके। महाकाल महोत्सव 2026 को शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला आयोजन माना जा रहा है।

जुबिन नौटियाल ने महाकाल मंदिर में दी भस्म आरती की पूजा, टूर की शुरूआत का किया एलान

उज्जैन  बॉलीवुड के मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल शुक्रवार तड़के उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने आने वाले इंडिया टूर की सफलता की प्रार्थना की। सुबह लगभग 4 बजे वे महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल से भस्म आरती में शामिल हुए। शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे जुबिन का चेहरा आध्यात्मिक उत्साह से चमक रहा था। दर्शन के बाद उन्होंने देहरी से महाकाल का आशीर्वाद लिया। बताया जाता है कि जुबिन महाकाल के गहरे भक्त हैं—दो साल पहले भी वे भस्म आरती में शामिल होकर भजन प्रस्तुत कर चुके हैं। इस बार भी मंदिर समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष पलवाडिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। जुबिन गुरुवार देर रात इंदौर पहुंचे थे और शुक्रवार दोपहर भोपाल के लिए रवाना होंगे। उनका मल्टी-सिटी इंडिया टूर दिसंबर से शुरू हो रहा है, जिसे लेकर वे बेहद उत्साहित हैं और इसे शुरू करने से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेना उन्होंने आवश्यक समझा। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और कहा — "यह मेरा चौथा महाकाल दर्शन है… यहां की भक्ति और श्रद्धा हर बार मन को शांति देती है।

महाकाल की पहली सवारी आज, कार्तिक-अगहन मास के मौके पर मंदिर समिति का बैंड करेगा नगर भ्रमण

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में सावन-भादो की तरह कार्तिक मास में भी उज्जैन के राजा भगवान महाकाल अपने मंदिर परिसर से निकलकर भक्तों के बीच पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक-अगहन मास की सवारी धूमधाम से निकलने वाली है।  महाकाल मंदिर में मराठा परंपरा का विशेष तौर पर प्रभाव है। महाराष्ट्रीय परंपरा में शुक्ल पक्ष से माह का शुभारंभ माना जाता है। कार्तिक-अगहन मास में भी महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू होती है। इसी वजह से इस बार 27 अक्टूबर से कार्तिक-अगहन माह की पहली सवारी महाकालेश्वर मंदिर से निकाली जाएगी। मंदिर के सभा मंडपम में शाम 4 बजे पूजन के बाद पालकी में विराजमान होकर भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जब भी उज्जैन के राजा नगर भ्रमण पर निकलते हैं तो बाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। श्रद्धालुओ की सुविधा के लिए मंदिर समिति, जिला प्रशासन कई तैयारियां करता है। इस बार सवारी का आकर्षण बढ़ाने के लिए एक खास प्रयोग किया जाएगा। पहली बार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बैंड भी सवारी में शामिल होगा। इसमें 30 सदस्य हैं, जो विभिन्न वाद्य यंत्रों से भक्ति गीत और भजनों की प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के दिन इस बैंड का शुभारंभ किया था। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि महाकालेश्वर की पहली सवारी से ही बैंड शामिल किया जाएगा। सवारी में पारंपरिक रूप से पुलिस बैंड, घुड़सवार दल, सशस्त्र पुलिस बल और भजन संध्या के सदस्य भी शामिल रहेंगे।  बाबा महाकाल की सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होती हुई शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां शिप्रा के जल से पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होकर पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 27 अक्टूबर को बाबा महाकाल की कार्तिक माह की पहली सवारी निकलेगी. दूसरी सवारी 3 नवंबर को निकलेगी। इस दिन हरिहर मिलन होने से विशेष सवारी रात 12 बजे द्वारकाधीश गोपाल मंदिर पहुंचेगी, फिर अगहन मास की पहली सवारी 10 नवंबर और राजसी सवारी 17 नवंबर को निकलेगी।  कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने महाकालेश्वर मंदिर में प्रशासनिक और प्रबंधन समितियों की बैठक में इन सवारी की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नगर निगम सड़क की सफाई, रोशनी और जर्जर इमारतों को चिह्नित करने का काम कर रहा है। साथ ही फायर ब्रिगेड और साइनेज की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आग कहा कि सवारी पारंपरिक तरीके से पूरी धूमधाम से निकाली जाएंगी, ताकि भक्तों को दर्शन का मौका मिल सके। 

दिवाली पर सेहत का आशीर्वाद! महाकाल मंदिर में मिलेंगे रागी लड्डू, ब्लड प्रेशर-शुगर कंट्रोल का दावा

उज्जैन  श्री महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद यूं तो पहले से ही FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा 5 स्टार रेटिंग प्रमाणित है. जो गुणवत्ता और शुद्धता को दर्शाता है. यह प्रसाद देश में सुरक्षित भोग के लिए नंबर 1 है. लेकिन अब इसमें एक और खास प्रसाद को जोड़ा जा रहा है. मंदिर में श्री अन्न रागी के लड्डू प्रसाद की शुरुवात दीपावली पर्व से होने जा रही है. मंदिर समिति का दावा है देश में पहली बार कोई मंदिर रागी के लड्डू को प्रसाद रूप में बेचने जा रहा है. इसमें गुड़ और पंचमेवा भी शामिल रहेगा. बीमारियों से बचाएगा बाबा महाकाल का प्रसाद! हालांकि इसके साथ बेसन के लड्डू भी मिलते रहेंगे. रागी ब्लड प्रेशर एवं शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है. एनीमिया से भी बचाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि, अब महाकाल का प्रसाद ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल और एनीमिया से बचाव करेगा. श्री अन्नम रागी के लड्डू कैसे और कहां मिलेंगे? क्या होगी इसकी कीमत? स्वास्थ्य के लिए यह कितने फायदेमंद होंगे? आइए जानते हैं तमाम सवालों के जवाब. खास होने जा रहा है बाबा महाकाल का प्रसाद  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का धाम लाखों-करोड़ों श्रद्धलुओं की आस्था का खास केंद्र है. मंदिर में प्रसाद के तौर पर बेसन के लड्डू मंदिर समिति द्वारा 'नो प्रॉफिट नो लॉस' में बेचे जाते हैं. मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक के अनुसार, ''श्री अन्न रागी के लड्डू का प्रसाद भी 'नो प्रॉफिट नो लॉस' के साथ मंदिर में दिए जाएंगे. बेसन के लड्डू के बराबर ही रागी के प्रसाद की कीमत होगी. श्रद्धालुओं के पास दोनों खरीदने के ऑप्शन रहेंगे. बाद में अच्छा रिस्पांस मिलता है तो समय अनुसार बदलाव होंगे. मंदिर समिति जल्द ही इसके भाव साझा करेगी.'' क्या है अभी कीमत? मंदिर में मिल रहे बेसन के लड्डू प्रसाद, श्री चिंतामण गणेश मंदिर मार्ग पर श्री महाकालेश्वर लड्डू प्रसाद यूनिट में बनाकर तैयार किए जाते हैं. जहां से प्रसाद मंदिरों के काउंटर तक पहुंचता है. मंदिर में मिलने वाले प्रसाद की कीमत 400रु किलो है. अभी 50रु, 100रु, 200रु और 400रु के अलग अलग पैकेट मिलते हैं. इसी तरह रागी के लड्डू भी मिलेंगे. महाकाल भगवान को भोग के बाद होगी शुरुआत मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक ने बताया, ''दीपावली पर्व पर भगवान को श्री अन्नम रागी के लड्डू प्रसाद का भोग लगाया जाएगा. जिसके बाद लड्डू प्रसाद को मंदिर के अलग-अलग प्रसाद काउंटर से बेचना शुरू कर दिया जाएगा. मंदिर के सभी प्रवेश और निकासी द्वार पर लड्डू प्रसाद के काउंटर बने हुए हैं. मंदिर में प्रसाद के लिए मशीने भी लगी हैं, जहां से श्रद्धालु खुद ही मशीन ऑपरेट कर प्रसाद ले जाते हैं.'' क्या होंगे रागी के लड्डू के फायदे? मंदिर समिति का दावा है कि रागी के लड्डू का ये प्रसाद श्रद्धालुओं के वरदान साबित होगा. श्रीअन्नम रागी के लड्डू जो ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल के साथ ही एनीमिया से बचाएंगे, हड्डियों को मजबूत रखेंगे, ऊर्जा का बेहतर स्त्रोत होंगे और त्वचा के लिए फायदेमंद होंगे. रागी में कैल्शियम, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है. विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा के लिए बेहतर है. यह एजिंग के लक्षणों को रोकेगा. इससे शरीर में थकान महसूस नहीं होती, एनर्जी बूस्ट करता है व अन्य फायदे हैं. इसलिए इसे प्रसाद के रूप में देने का विचार मंदिर समिति कर रहा है.

महाकाल मंदिर में दीपावली की शुरुआत: 20 अक्टूबर को भस्म आरती में होगी विशेष पूजा

उज्जैन  शीत ऋतु शुरू होने को है, जिसका असर 8 अक्तूबर से विश्व प्रसिद्ध श्री महाकाल मंदिर में भी देखने को मिलेगा। 8 अक्तूबर से बाबा महाकाल की दिनचर्या में भी बदलाव होगा। इसके चलते बाबा का अब गर्म जल से स्नान (अभिषेक) करवाया जाएगा और तीन आरती का भी समय बदल जाएगा। महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि साल में दो बार बाबा महाकाल की दिनचर्या बदलती है। अभी बाबा महाकाल की दिनचर्या गर्मी के अनुसार होने से प्रतिदान ठंडे जल से स्नान करवाया जा रहा है, लेकिन परंपरानुसार सर्दी का मौसम शुरू होने से अब चार माह तक भगवान का गर्म जल से अभिषेक करवाया जाएगा। वहीं, इस मौसम में सूर्यास्त जल्द होने के कारण 8 अक्तूबर से तीन आरतियां तय समय से आधे घंटे पहले होंगी। इन आरतियों का बदलेगा समय पुजारी महेश शर्मा के अनुसार श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकाल भगवान की होने वाली आरती का समय परम्परानुसार परिवर्तित होगा। 8 अक्तूबर 2025 बुधवार कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक श्री महाकालेश्वर भगवान की तीन आरतियों में परिवर्तन होगा। जिसमें प्रातः होने वाली द्दयोदक आरती 7:30 से 8:15 तक, भोग आरती प्रातः 10:30 से 11:15 तक व संध्या आरती सायं 6:30 से 07:15 बजे तक होगी। इसी प्रकार भस्मार्ती प्रातः 4 से 6 बजे तक सायंकालीन पूजन सायं 5 से 5:45 तक एवं शयन आरती रात्रि 10:30 से 11 बजे तक अपने निर्धारित समय पर ही होगी। गर्म जल से स्‍नान कराने के पीछे यह है मान्‍यता चूंकि सर्दियां शुरू हो गई हैं, मान्यता है कि ठंड के इस मौसम में बाबा महाकाल को सर्दी न लगे इसलिए चार माह भगवान को भस्म आरती में गर्म जल से स्नान कराया जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।इस दिन सूर्योदय से पूर्व उबटन लगाकर स्नान करने की शास्त्रीय मान्यता है। लौकिक जगत में भगवान महाकाल उज्जैन के राजा माने जाते हैं इसलिए लोकाचार की समस्त परंपराओं का मंदिर में निर्वहन होता है। इस दिन को कहते हैं रूप चतुर्दशी मालूम हो कि दिवाली से ठीक एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी को ही रूप चौदस, छोटी दिवाली, काली चतुर्दशी या कार्तिक कृष्‍ण चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। 18 से होगी दीपोत्सव की शुरुआत श्री महाकालेश्वर मंदिर में 18 अक्टूबर 2025 शनिवार के दिन धनतेरस पर्व मनाया जावेगा।जिसमें श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित चिकित्सालय में भगवान श्री धनवंतरी का पूजन किया जावेगा। इसके अतिरिक्त मंदिर के पुरोहित समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का अभिषेक पूजन किया जावेगा। 20 अक्टूबर 2025 सोमवार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को श्री महाकालेश्वर भगवान को अभ्यंग स्नान करवाया जाएगा तथा इसी दिन से श्री महाकालेश्वर भगवान का गर्म जल से स्नान प्रारंभ होगा, जो फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक चलेगा। 20 अक्तूबर 2025 सोमवार को श्री महाकालेश्वर भगवान की प्रातः 7:30 बजे होने वाली आरती में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। सायं में दीपोत्सव पर्व मनाया जाएगा। राजा को सबसे पहले लगता है अन्नकूट कार्तिक मास में देवालयों में अन्नकूट लगाने की परंपरा है। विशेषकर श्रीकृष्ण मंदिरों में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा के साथ अन्नकूट लगाए जाते हैं, लेकिन महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को अन्नकूट भी सबसे पहले लगाने की परंपरा है। भस्म आरती करने वाले पुजारी परिवार की ओर से रूप चतुर्दशी के दिन ही अन्नकूट लगा दिया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से भगवान महाकाल की सवारी निकाले जाने का क्रम शुरू होगा, जो अगहन मास की अमावस्या तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक सोमवार पर भगवान महाकाल रजत पालकी में सवार होकर तीर्थ पूजन के लिए शिप्रा तट जाएंगे। कार्तिक-अगहन मास में सवारी कब-कब     27 अक्टूबर : कार्तिक मास की प्रथम सवारी     03 नवंबर : कार्तिक मास की द्वितीय सवारी     03 नवंबर : रात 11 बजे हरि हर मिलन की सवारी     10 नवंबर : अगहन मास की पहली सवारी     17 नवंबर : कार्तिक अगहन मास की राजसी सवारी

मोबाइल से करें महाकाल के दर्शन, भक्तों के लिए लॉन्च हुई सुविधा

उज्जैन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव के भक्तों के लिए अब नई प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। पहले यहां प्रवेश के लिए टोकन जारी किए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों को मोबाइल लिंक के जरिए बुकिंग करनी होगी। इस बदलाव के तहत अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी सीधे टोकन लेकर दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की ओर से मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से बुकिंग पूरी होगी और तभी प्रोटोकॉल दर्शन का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नियंत्रण रही और वह दर्शन का पूरा लाभ उठा सके। इस कदम से न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और भक्तों का समय बचेगी। 

उज्जैन में सामने आए आई लव महाकाल’ पोस्टर, आई लव मोहम्मद मुहिम के बीच चर्चा

उज्जैन उत्तर प्रदेश के कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद देश के कई हिस्सों में एक मुहिम का रूप से चुका है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर जुलूस निकाल रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन में 'आई लव महाकाल' के पोस्टर नजर आए। एक गरबा पंडाल में पोस्टर लहराए गए और लोगों ने 'आई लव महाकाल' के नारे भी लगाए। मध्य प्रदेश के उज्जैन में  दोपहर चमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ईदगाह पर 'आई लव मोहम्मद' के बैनर पोस्टर लगाए गए थे। वहीं, दूसरी और देर शाम उज्जैन के नवरंग डांडिया गरबा में 'आई लव महाकाल' के बैनर पोस्टर लगाए गए और जय महाकाल जय महाकाल का जय घोष किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा। आयोजक योगेश ठाकुर ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। जब नगर निगम शहरों के नाम से बैनर लगा सकता है, तो हम अपने आराध्य देव के लिए 'आई लव महाकाल' का बैनर क्यों नहीं लगा सकते।कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा। आई लव महाकाल के पोस्टर पर लोगों का कहना था कि यह आयोजन महाकाल के प्रति उनके गहरे प्रेम को व्यक्त करने का एक तरीका है। इससे गरबे में भक्ति और आस्था के साथ-साथ धार्मिक गौरव की झलक भी साफ दिखाई दी। इस गरबा आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मंगलवार रात करीब 5 हजार लोगों ने यहां गरबा किया। आयोजकों की ओर से लगाए गए 'आई लव महाकाल' के पोस्टर आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने पोस्टर हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाईं। गरबा में सिर्फ हिंदुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके लिए एंट्री गेट पर तिलक, कलावा और आधार कार्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा माइक से यह घोषणा भी की जा रही है कि गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। जीएसटी के बैनर पोस्टर से मोदी को धन्यवाद सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से निरात डांडिया का आयोजन किया जा रहा है। पंडाल में मां वैष्णोदेवी की तर्ज पर करीब 300 फीट लंबी गुफा बनाई गई है। जिसमें 8 माताओं की विशेष झांकियां सजाई गई हैं। यहां मंगलवार रात जीएसटी गरबा आयोजित किया गया। जिसमे केंद्र सरकार द्वारा कई वस्तुओं और खाद्य सामग्री पर जीएसटी कम किए जाने को लेकर युवतियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विशेष गरबा किया। इन तख्तियों पर लिखा था 'घटी GST, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार।'

उज्जैन :उच्च सुरक्षा के बीच बेगम बाग में बुलडोजर कार्रवाई, 11 अवैध निर्माण ध्वस्त

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में 11 अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर चला है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर की पहुंच मार्ग पर है। कार्रवाई महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार के पास हो रही है। यह प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां धर्म विशेष के लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया। लीज का नवीनीकरण नहीं हुआ वहीं, लीज समाप्ति के बाद भी इसका नवीनीकरण नहीं हो सका है। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की जा रही है। सुबह नौ बजे से कार्रवाई शुरू सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। दरअसल यहां पिछले 3 माह के भीतर इसी प्रकार 13 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था, तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्रवाई शांतिपूर्ण चल रही है। यहां 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए है। जिनमें सीएसपी, टीआई व जवान मौजूद है। वहीं, करीब 100 की संख्या में प्रशासन का भी अमला भी मौजूद है। जिसमे विकास प्राधिकरण सीईओ, नगर निगम उपायुक्त, तहसीलदार, पटवारी और निगमकर्मी शामिल है। महाकाल मंदिर के पास है एरिया जिस जगह कार्रवाई चल रही है, यह महाकाल मंदिर के पास है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए एक ओर से रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उज्जैन विकास प्राधिकरण का है इलाका दरअसल, पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में करीब 30 भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाए पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई । जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी । जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई । यहां पूर्व में भी तीन चरणों मे करीब तीन माह के भीतर 13 बिल्डिंगों को हटाया गया था। बड़े-बड़े हैं प्लॉट खास बात तो यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 30 भूखंड आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वायर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 65 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 65 में से 24 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है। शेष 41 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा। आज जिन 11 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था । इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। इनलोगों के हैं मकान आज जिन 11 बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उनकी विस्तृत जानकारी यह है कि इसका भूखंड क्रमांक 15, 18, 29, 59 और 65 है। इन 5 भूखंडों पर 11 बिल्डिंग बना ली गई थी। जो कि वर्तमान में शेर बानो नागौरी, मोहम्मद अकरम, शहीदुर रहमान, सरफराज, मुबारिक, मोहम्मद तौसीब, अब्दुल लतीफ, सैय्यद कमर अली, मोहम्मद सिद्दीकी कुरेशी, नासिर अली, मोहम्मद सलीम के नाम पर है। उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है । भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई।