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बाजार में आई शानदार तेजी, 5 लाख करोड़ की कमाई, इन शेयरों ने किया धमाल

मुंबई  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी द‍िन भी शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्‍स दबाव में खुले थे, लेकिन दोपहर बाद इनमें अच्‍छी तेजी आई और मार्केट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बढ़ा दिया. सेंसेक्‍स 504.86 अंक या 0.65% चढ़कर 78,493.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65% चढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया।  बीएसई के 5 शेयरों को छोड़कर बाकी टॉप 25 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. सबसे ज्‍यादा तेजी HUL में करीब 4.75 फीसदी की रही. इसके बाद पावरग्रिड, रिलायंस और बीईएल के शेयरों में भी करीब 2 फीसदी तक उछाल आई. सनफार्मा और महिंद्रा के शेयरों में 1 फीसदी तक की कमी आई।  सेक्‍टर की बात करें तो आईटी और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर में तेजी रही. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में शानदार तेजी रही. विप्रो के शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट के कारण आईटी सेक्‍टर 0.22 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, ओभरऑल मार्केट में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली।  5 लाख करोड़ रुपये की कमाई इसी कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में उछाल भी देखने को मिला. निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्‍योंकि बीएसई मार्केट कैप 460.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 465.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।  क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी?      इजरायल-लेबलान के बीच सीजफायर का ऐलान होने और ईरान अमेरिका के बीच बातचीत की चीजें आगे बढ़ने के कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है.     तनाव कम होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट देखने को मिली और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है. जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया है.      विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी फिर से बढ़ रही है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 382.36 करोड़ रुपये का निवेश किया है.      रुपये में भी तेजी देखने को मिली है. डॉलर की तुलना में रुपया 28 पैसा चढ़कर 92.86  मार्क पर पहुंच गया. रुपये की इस तेजी ने मार्केट को सपोर्ट दिया.  तेजी से भागे ये शेयर  अपोलो माइक्रो सिस्‍टम के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी आई. इसके साथ ही नावा में 12 फीसदी, MMTC में 10 फीसदी, एंजेल वन में 10 फीसदी और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली. इसके साथ ही एवेन्‍यू सूपरमार्ट में 4 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी और कोचिन शपिर्याड में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई। 

आज के बाजार में निवेशकों ने झटके में कमाए 6.40 लाख करोड़, हुई शानदार कमाई!

मुंबई  इस सप्‍ताह को शेयर बाजार ने शानदार तेजी पर खत्‍म किया है. आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स और निफ्टी पॉजिटिव रहे. सेंसेक्‍स 918 अंक या 1.20 प्रतिशत चढ़कर 77,550 पर क्‍लोज हुआ, जबकि निफ्टी 275 अंक या 1.16 फीसदी चढ़कर 24,050 के ऊपर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में 1091 अंकों की उछाल रही।  BSE के टॉप 30 शेयरों में से 25 शेयर तेजी पर बंद हुए और बाकी 5 शेयरों में गिरावट देखने को मिली. सनफार्मा के शेयर करीब 4 फीसदी तक गिरे हुए थे और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर 3 प्रतिशत से ज्‍यादा चढ़े हुए थे. इस तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैप 444.79 लाख करोड़ से बढ़कर 451.20 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन  निवेशकों को 6.40 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई।  बीएसई पर 4,449 स्‍टॉक ट्रेडेड में से 3,362 शेयर तेजी पर रहे. 944 शेयरों में गिरावट रही और 143 शेयर अनचेंज रहे. 110 शेयर 52 सप्‍ताह के ऊपर कारोबार कर रहे थे और 20 शेयर 52 वीक के लो पर थे. 85 शेयरों में लोअर सर्किट और 334 शेयरों में अपर सर्किट रहा।  क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी?      फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में शानदार खरीदारी देखी जा रही है, जिसने आज मार्केट को सपोर्ट किया है. फाइनेंस सेक्‍टर आज 1.6 फीसदी चढ़कर और इस स्‍प्‍ताह 8.2 फीसदी चढ़ चुका है. निफ्टी पीएसयू बैंक और प्राइवेट सेक्‍टर बैंक इंडेक्‍स 1.80 फीसदी तक चढ़ गए।      पूरे एशियाई बाजारों में हरियाली है. साउथ एशिया का कोस्‍पी, जापान का निक्‍केई, चीन का शंघाई और हॉन्‍गकांग का हैंग सेंग में अच्‍छी तेजी देखने को मिली थी. अमेरिकी बाजार में भी प्रमुख इंडेक्‍स डाऊ और एस एंड पी में भी शानदार तेजी रही थी।      सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन रुपये में भी उछाल रहा. रुपया 10 पैसा ऊपर चढ़कर 92.41 पर कारोबार कर रहा था. पिछले कुछ दिनों में डॉलर की तुलना में रुपये ने शानदार रिकवरी दिखाई है।  आईटी शेयरों में गिरावट  आईटी इंडेक्‍स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण टीसीएस का प्रदर्शन था. मार्च तिमाही में राजस्व में 9.7 प्रतिशत और नेट प्रॉफिट में 12.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. इसके बाद भी यह शेयर 2 प्रतिशत की गिर गया। 

बाजार में उथल-पुथल और सप्लाई संकट से बढ़े दबाव, क्या क्रूड $200 तक जाएगा?

मुंबई ईरान के साथ चल रहे युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल $110 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है. यूएस क्रूड (WTI) करीब $100 के आसपास आ गया है. मार्च 2026 में ब्रेंट की कीमत $113 से $116 तक पहुंच चुकी है, जो पिछले कुछ हफ्तों में 50-60% की बढ़ोतरी दिखाती है. ईरान-इजराइल तनाव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  में जहाजों की आवाजाही रोक दी है, जहां दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है. इससे वेस्ट एशिया से तेल निर्यात 60% से ज्यादा घट गया है. फिलहाल दोपहर 3 बजे ब्रेंट क्रूड की कीमत 8 फीसदी उछलकर 117 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।  सीएनबीसी आवाज की रिपोर्ट में एनालिस्ट ने बताया है कि भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब खुल जाए, लेकिन बाजार की स्थिति सामान्य होने में अभी काफी समय लगेगा. सिटीग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, Q2 CY26 में ब्रेंट क्रूड की कीमत औसतन 130 डॉलर प्रति बैरल हो सकती है. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या फिलहाल तेल $200 प्रति बैरल तक जा सकती है? चलिए जानते हैं. क्या तेल $200 प्रति बैरल तक जा सकता है? कई विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अब असंभव नहीं रहा. ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाकारी ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो तेल $200 तक पहुंच सकता है, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा बिगड़ रही है. ईरान ने कहा है कि अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के लिए एक भी लीटर तेल नहीं गुजरेगा. होर्मुज सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि यहां अगर ब्लॉकेज हुआ तो सप्लाई तुरंत टूट जाएगी।  विशेषज्ञ अमृता सेन (एनर्जी एस्पेक्ट्स) का कहना है, “यह अब सिर्फ रिस्क प्रीमियम नहीं है, असली सप्लाई डिसरप्शन हो रहा है.” बॉब मैकनैली और हेलिमा क्रॉफ्ट जैसे एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर बड़ा डिसरप्शन हुआ तो कीमतें तेजी से उछल सकती हैं, क्योंकि स्पेयर कैपेसिटी बहुत कम है. कुछ एनालिस्ट्स कहते हैं कि $150-$200 तक जाना अब “अनथिंकेबल” नहीं रहा. हालांकि अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने कहा है कि $200 “अनलाइकली” है, लेकिन पूरी तरह नामुमकिन नहीं।  करेंसी पर दबाव बढ़ेगा अगर होर्मुज बंद रहा तो ग्लोबल सप्लाई चेन बिगड़ जाएगी, महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक मंदी आ सकती है. भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, करेंसी पर दबाव बढ़ेगा और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आएगा. भारत ने अपने टैंकरों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए हैं और डिप्लोमैसी से जहाजों को पास करवाया है. लेकिन अगर युद्ध लंबा चला तो गैसोलीन $6-7 प्रति गैलन तक जा सकती है, जो आम आदमी पर बोझ डालेगा।  इतिहास में 2008 में ब्रेंट $147 तक पहुंचा था (आज के मुताबिक $211 के बराबर), और 1973-74 के ऑयल क्राइसिस में भी कीमतें कई गुना बढ़ी थीं. आज का बाजार पहले से ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि कई जगहों पर डिसरप्शन एक साथ हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अब अनिश्चितता नहीं, बल्कि असली शॉक प्राइस कर रहा है. डिप्लोमेसी, स्ट्रैटेजिक रिजर्व रिलीज या मिलिट्री एक्शन से राहत मिल सकती है, लेकिन अगर तनाव बढ़ा तो $200 तेल दुनिया को अलग ही दौर में ले जाएगा. ऐसे में महंगाई, मंदी और ग्लोबल पावर बैलेंस बदल सकता है। 

ट्रंप के शांति संदेश से शेयर बाजार हरा, सेंसेक्स 77,945.95 तक पहुँचा, निफ्टी में 106 अंक की उछाल

मुंबई बेंचमार्क शेयर बाजार के सूचकांक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध में तनाव कम करने वाली टिप्पणियों के बाद हरे रंग में खुले। एसएंडपी BSE सेंसेक्स 379.79 अंक बढ़कर 77,945.95 पर पहुंचा, जबकि NSE निफ्टी50 106.40 अंक की तेजी के साथ 24,134.45 पर पहुंच गया (सुबह 9:28 बजे तक)। चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट ने कहा कि क्रूड की कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने कहा, "कल क्रूड की कीमतों में पैनिक रिएक्शन ने ब्रेंट क्रूड को लगभग $120 तक पहुंचा दिया था, जो आज सुबह $89 तक गिर गया। एक ही दिन में लगभग $30 की यह चरम उतार-चढ़ाव पश्चिम एशियाई संघर्ष के वैश्विक क्रूड आपूर्ति पर पड़ने वाले असमंजस को दर्शाती है।" 

मंदसौर में आज बंद, बछड़े का कटा सिर मिलने और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हुआ विरोध

मंदसौर मंदसौर शहर के जीवागंज क्षेत्र में बछड़े का कटा सिर मिलने के मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विहिप और ओर बजरंग दल ने शनिवार को मंदसौर बंद रखा। सुबह से ही रैली निकालकर कार्यकर्ता शहर में घूमकर दुकानें बंद कराते रहे। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को 3 बजे जीवागंज में गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने के बाद हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने नयापुरा रोड पर कुछ देर चक्काजाम कर दिया था। आज बंद की दी थी चेतावनी इस दौरान पुलिस अधिकारियों व हिंदू संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हुई थी। बाद में सभी रैली के रुप में घंटाघर पर शहर कोतवाली पहुंचे व ज्ञापन सौपा। जिसमे चेतावनी दी गई कि जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो 7 फरवरी को मंदसौर बंद करेंगे। इसके बाद 8 फरवरी को राजमार्ग को बंद करेंगे। पुलिस ने अभी जीवागंज वाले मामले में आरोपित को नहीं पकड़ा है। इसके चलते शनिवार सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर में घूमकर बंद कराते रहे।  

तेजी के मोड में शेयर बाजार, IT सेक्टर चमका, निफ्टी ने पार किया 25,000 का आंकड़ा

मुंबई  लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी देखी जा रही है, कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को दोपहर ढाई बजे सेंसेक्स में करीब 550 अंकों की और निफ्टी में 165 अंकों की तेजी देखी जा रही है. Nifty इंडेक्स 25 हजार से ऊपर बना हुआ है. जबकि सेंसेक्स (Sensex) 81,750 के ऊपर बना हुआ है. दरअसल सोमवार को सुस्ती के साथ निफ्टी की शुरुआत हुई. लेकिन बाजार में अचानक आई तेजी के बीच आईटी और फाइनेंस स्टॉक्स ने मोर्चा संभाल लिया है. सबसे ज्यादा श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के शेयर में 4.40 फीसदी, टीसीएस में 2.63 फीसदी और अपोलो हॉस्पिटल में 2.84 फीसदी की तेजी देखी जा रही है.  सुस्त शुरुआत, फिर बना रॉकेट शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,207.17 के लेवल से मामूली बढ़त लेकर 81,274.79 पर खुला और फिर कुछ देर तक सुस्ती के साथ ही कारोबार करता रहा. लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक से इसकी चाल बदल गई और ये 300 अंक से ज्यादा उछलकर 81,357 पर जा पहुंचा. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी भी नजर आया. इसकी ओपनिंग अपने पिछले बंद 24,894.25 की तुलना में बढ़त के साथ 24,916.55 पर हुई और फिर ये तेज रफ्तार के साथ 24,989.95 पर जा पहुंचा.  इन शेयरों में एक्शन  कारोबार के दौरान Max Health, Apollo Hospitals, Shriram Finance, Axis Bank, Bajaj Finance और TCS के शेयर सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स में शामिल रहे, जबकि टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, SBI Life Insurance, Tata Motors, Cipla और Asian Paints में गिरावट दर्ज की गई.  शेयर बाजार में उछाल के पीछे ये तीन बड़े कारण पहला- बैंकिंग सेक्टर में भारी खरीदारी हुई, क्योंकि HDFC और कोटक महिंद्रा जैसी बैंकों ने शानदार तिमाही रिपोर्ट दी. निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बैंक शेयरों की मांग बढ़ी. IT सेक्टर के शेयरों में अच्छा रुझान दिखा. निफ्टी IT इंडेक्स करीब 1.5% ऊपर है, और सभी IT शेयर हरे निशान में हैं. दूसरा- दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल रहा. एशियाई बाजार और अमेरिकी फ्यूचर्स में बढ़त ने भारत को भी रफ़्तार दी. तीसरा- भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, इससे विदेशी निवेशकों को सहजता मिली और निवेश का माहौल बेहतर हुआ. टेक्निकल तौर पर भी निफ्टी 25 हजार से ऊपर कारोबार कर रहा है.   (नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)