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कुंभ राशि में मंगल का प्रवेश 23 फरवरी, कुछ राशियों के लिए समय रहेगा चुनौतीपूर्ण

ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है. इस समय मंगल शनि की राशि मकर में बैठे हुए हैं और कुछ ही दिनों में मंगल दोबारा शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे. वैदिक ज्योतिष में मंगल को साहस, पराक्रम और ऊर्जा का कारक माना जाता है, जो किसी भी व्यक्ति को शक्तिशाली और निडर बनाता है. और शनिदेव को कर्मफल माना जाता है, जो हर व्यक्ति को कर्मों के मुताबिक फल प्रदान करते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, मंगल और शनि में बहुत ही गहरी शत्रुता है तो ऐसे में जब मंगल शनि की राशि में प्रवेश करेंगे तो क्या होगा.  मंगल करेंगे कुंभ राशि में प्रवेश  द्रिक पंचांग के अनुसार, 23 फरवरी को मंगल सुबह 11 बजकर 33 मिनट कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, जिसका प्रभाव हर राशि पर नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरीके से पड़ेगा. तो आइए जानते हैं कि मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश करने से किन राशियों को नुकसान होगा.  वृषभ: फैसलों में सावधानी जरूरी मंगल का यह गोचर वृषभ राशि वालों के लिए कामकाज में तनाव बढ़ा सकता है. ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद हो सकते हैं. जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला नुकसान दे सकता है. गुस्से पर काबू न रखा गया तो बनी-बनाई स्थिति बिगड़ सकती है. इस समय धैर्य और संयम रखना बहुत जरूरी रहेगा. वृश्चिक: रिश्तों में टकराव मंगल के गोचर से वृश्चिक राशि वालों को सावधान रहना होगा. घर-परिवार से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. मन में चिड़चिड़ापन रहेगा, जिससे फैसलों में गलती हो सकती है. प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े मामलों में सावधानी रखना बेहतर होगा. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ने की आशंका है. छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है. दूसरों पर अपनी बात थोपने से बचें, वरना रिश्तों में दूरी आ सकती है. कुंभ: गुस्से से हो सकता है नुकसान  कुंभ राशि वालों को मंगल गोचर ऊर्जा तो देगा, लेकिन गुस्से और जल्दबाजी के साथ. आत्मविश्वास जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है. बिना सोचे-समझे कदम उठाने से नुकसान हो सकता है. इस समय शांत रहकर काम करना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा.

संक्रांति के बाद बड़ा बदलाव, मंगल देव इन राशियों को देंगे सफलता और ऊर्जा

मकर संक्रांति के बाद ग्रहों के सेनापति मंगल राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल का गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। यह गोचर कुछ राशियों के लिए भाग्योदय का संकेत देगा, वहीं कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मंगल गोचर 2026 की तिथि और समय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार— 16 जनवरी 2026, भोर 4 बजकर 27 मिनट पर मंगल ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल 23 फरवरी 2026, दोपहर 11 बजकर 49 मिनट तक मकर राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद मंगल कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मकर राशि मंगल की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव विशेष रूप से शक्तिशाली रहेगा। मंगल गोचर 2026 का सभी राशियों पर प्रभाव मेष राशि मंगल आपके दसवें भाव में गोचर करेगा, जो करियर और कर्म का भाव है। कार्यक्षेत्र में जबरदस्त उन्नति प्रशासनिक कार्यों में सफलता पिता के करियर में बदलाव के योग उपाय: दूध उबालते समय उसे गिरने न दें। वृष राशि मंगल आपके नौवें भाव में रहेगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा बड़े भाई से लाभ चिकित्सा, कृषि और शस्त्र से जुड़े व्यवसाय में मुनाफा उपाय: भाइयों की मदद जरूर करें। मिथुन राशि मंगल आठवें भाव में गोचर करेगा। जीवन सुखमय रहेगा अस्थायी मांगलिक दोष बनेगा उपाय: तवा गर्म होने पर पानी के छींटे मारकर रोटी सेंकें। कर्क राशि मंगल सातवें भाव में रहेगा। वैवाहिक जीवन में संतुलन जरूरी अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: 23 फरवरी तक बांस से बनी वस्तुएं घर न लाएं। सिंह राशि मंगल छठे भाव में गोचर करेगा। प्रभावशाली लोगों से संपर्क भाई-बहनों और मित्रों को लाभ उपाय: मंगलवार को भाई समान व्यक्ति को उपहार दें। कन्या राशि मंगल पांचवें भाव में रहेगा। संतान सुख बुद्धि और विवेक में वृद्धि शिक्षा में सफलता उपाय: रात में सिरहाने पानी रखें और बच्चों को दूध दान करें। तुला राशि मंगल चौथे भाव में गोचर करेगा। भूमि, भवन और वाहन का सुख माता का सहयोग अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: सुबह उठकर कुल्ला करें। वृश्चिक राशि मंगल तीसरे भाव में रहेगा। पराक्रम में वृद्धि भाई-बहनों से सहयोग ससुराल पक्ष से लाभ उपाय: मंदिर में शहद का दान करें। धनु राशि मंगल दूसरे भाव में गोचर करेगा। धन लाभ होगा लेकिन बचत कठिन संतान सुख मिलेगा  उपाय: भाइयों की मदद करते रहें। मकर राशि मंगल लग्न भाव में रहेगा। स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि राजनीति और व्यापार में लाभ अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: मंदिर में कपूर या दही का दान करें। कुंभ राशि मंगल बारहवें भाव में रहेगा। खर्च बढ़ सकता है लेकिन धन की कमी नहीं शय्या सुख में वृद्धि अस्थायी मांगलिक दोष उपाय: कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं और खाकी रंग की टोपी पहनें। मीन राशि मंगल ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। आय में वृद्धि इच्छाओं की पूर्ति आध्यात्मिक झुकाव उपाय: बेटी के ससुराल पक्ष को चादर भेंट करें। मंगल गोचर 2026: क्या कहता है ज्योतिष? मंगल का यह गोचर कई राशियों के लिए सफलता, साहस और धन वृद्धि लेकर आएगा। वहीं जिन राशियों पर अस्थायी मांगलिक दोष बन रहा है, उन्हें उपाय अपनाकर नकारात्मक प्रभाव से बचना चाहिए।

मंगल पर कभी बहती थीं नदियां! वैज्ञानिकों ने खोजे 16 प्राचीन नदी मार्ग, पूरा मैप तैयार

कैलिफोर्निया  नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने मंगल पर गंगा जैसी विशाल प्राचीन नदियों की खोज की है. पहली बार 16 बड़े ड्रेनेज बेसिन का पूरा नक्शा तैयार हुआ, जो बताता है कि मंगल कभी गर्म, नम और जीवन योग्य था. यह खोज भविष्य के जीवन-खोज मिशनों के लिए अहम साबित होगी.  भारत में बहने वाली गंगा नदी की तरह ही, ऑस्टिन स्थित Texas University ने, मंगल ग्रह पर मौजूद बहुत बड़ी और पुरानी नदी प्रणालियों का नक्शा बनाया है. इससे वैज्ञानिकों को मंगल के प्राचीन जल नेटवर्क के बारे में नई बातें पता चली हैं. उनका यह नया अध्ययन PNAS नाम की पत्रिका में छपा है. उन्होंने 16 बड़ी नई नदी घाटियों की पहचान की है. यह पहली बार है कि मंगल ग्रह की इतनी बड़ी जल निकासी प्रणालियों का पूरा नक्शा तैयार किया गया है. इन खोजों से उन जगहों के बारे में पता चलता है जहां पहले जीवन की संभावना सबसे अधिक रही होगी.  कैसे बनी मंगल पर नदियां? अरबों साल पहले मंगल ग्रह पर बारिश होती थी जिस वजह से घाटियां और नदियां बन गईं. यह पानी बहकर बड़ी घाटियों और शायद बहुत बड़े पुराने महासागरों तक पहुंचता था. पानी की इस प्रणालियों ने ऐसा माहौल बनाया जो धरती पर जीवन से भरा होता है जैसे कि अमेजन नदी का इलाका. ये बड़ी जल प्रणालियां संभावित मंगल ग्रह के जीवन के लिए एक जन्मस्थान का काम कर सकती थीं.  किसने बनाया ये नक्शा? इन मैप को बनाने का काम यूटी जैक्सन स्कूल ऑफ जियोसाइंसेज के सहायक प्रोफेसर टिमोथी ए. गौडगे और पोस्टडॉक्टरल फेलो अब्दुल्ला एक.जकी ने किया. उन्होंने पहले से मौजूद मंगल ग्रह की घाटियों, झीलों और नदियों के डेटा को एक साथ मिलाया. ऐसा करके उन्होंने पूरे ग्रह के पानी के बहाव के रास्ते का पूरा नक्शा तैयार किया.  कैसे की गई ये खोज? वैज्ञानिकों ने 19 प्रमुख समूह खोजे जिसमें घाटियां, नदियां झीलें और जमा हुई मिट्टी शामिल हैं. इनमें से 16 समूहों का जलग्रहण इलाका 1 लाख वर्ग किमी से भी बड़ा था. यह आकार लगभग धरती पर मौजूद बड़ी नदी घाटियों जितना ही है. अब्दुल्ला एक.जकी ने कहा, 'हमने सबसे आसान काम किया जो किया जा सकता था और हमने बस उनका नक्शा बनाया और उन्हें एक साथ जोड़ दिया'. क्या ऐसा होना आम बात है? धरती पर इतनी बड़ी बेसिन का होना आम बात है. धरती पर 91 पानी इकट्ठा करने वाले क्षेत्र हैं जिसमें 62 लाख वर्ग किमी का अमेजन नदी बेसिन भी शामिल है जो बहुत बड़ा है. लेकिन इसके उलट मंगल ग्रह पर कम बड़े दल निकासी प्रणालियां हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका कारण यह है कि मंगल ग्रह पर अलग-अलग तरह की जमीन बनाती है जिससे बड़ी नदी प्रणालियों को सहारा मिलता है. मंगल ग्रह पर यह गतिविधि नहीं है इसलिए वहां कम बड़ी नदियां हैं.  क्यों हैं ये 16 बड़ी नदियां सबसे अहम? मंगल ग्रह पर ये बड़ी नदी प्रणालियां उसके पुराने भूभाह का सिर्फ 5% हिस्सा ही कवर करती हैं. लेकिन, वैज्ञानिकों ने पाया कि ग्रह पर नदियों से जो मिट्टी और तलछट जमा हुई है उसका लगभग 42% हिस्सा इन्हीं 16 बड़ी प्रणालियों से आया है. जकी ने कहा, तलछट में महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं इसलिए यह जानने के लिए और शोध करना होगा कि तलछट आखिर कहां जाकर जमा हुई.   पहली बार बना मंगल का ग्लोबल नदी नक्शा वैज्ञानिकों ने मंगल का यह नक्शा नासा के मिशनों की मदद से बनाया. उन्होंने इस्तेमाल किया Mars Orbiter Laser Altimeter (MOLA) का डाटा, CTX कैमरा, Mars Reconnaissance Orbiter और फिर ArcGIS Pro सॉफ्टवेयर में नदियों, घाटियों, झीलों और तलछट के निशान ट्रेस किए. कुल 19 समूह मिले, जिनमें से 16 को बड़े ड्रेनेज बेसिन माना गया. हर बेसिन 1 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा फैला था. डॉ गौड्ज कहते हैं कि हमें पता था कि मंगल पर नदियां थीं, लेकिन वे कितनी बड़ी और कितनी संगठित थीं, ये पहली बार साफ दिखा. पांच प्रतिशत जमीन पर बने बेसिन  अध्ययन के अनुसार, ये 16 बेसिन मंगल की प्राचीन सतह के सिर्फ 5% हिस्से में फैले थे. लेकिन इन्होंने कुल नदी-जनित क्षरण (erosion) का लगभग 42% हिस्सा किया और करीब 28,000 क्यूबिक किलोमीटर तलछट (sediment) बहाकर ले गए. तलछट में जीवन के पोषक तत्व सबसे अच्छे से बचते हैं. इसलिए इन जगहों को वैज्ञानिक जीवन की खोज के लिए अहम जगह मान रहे हैं. धरती पर बड़ी नदियां इसलिए बनती हैं क्योंकि यहां टेक्टोनिक प्लेट्स पहाड़ और घाटियां बनाती रहती हैं. लेकिन मंगल पर ऐसी प्लेट्स नहीं हैं. इसी वजह से मंगल पर केवल 16 बड़े नदी बेसिन मिले, जबकि धरती पर 91 से ज्यादा हैं. जैसे 62 लाख वर्ग किमी वाला अमेजन बेसिन. मंगल पर कब आया पानी, कब गया पानी? पुराने अध्ययनों के अनुसार, मंगल लगभग 4.5 अरब साल पहले बना. सतह पर पानी करीब 2 अरब साल तक रहा. बाद में ग्रह का वातावरण और चुंबकीय ढाल कमजोर पड़ गई और सूर्य की किरणों ने धीरे-धीरे इसका पानी छीन लिया. आज जो सूखा मंगल दिखता है, वह कभी पानी और नदियों से भरा ग्रह था. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये 16 बड़े नदी बेसिन अब उन जगहों में शामिल होंगे, जहां भावी मंगल मिशन जीवन के संकेत ढूंढेंगे. डॉ गौड्ज कहते हैं कि अगर कभी मंगल पर जीवन रहा होगा, तो उसके निशान इन बेसिनों में मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है. यह खोज मंगल के मौसम और उसके पिछले इतिहास के बारे में हमारी समझ बदल देती है. अब यह साफ हो रहा है कि मंगल पर कभी धरती जैसा पानी का बड़ा चक्र चलता था.

आज से मंगल वृश्चिक में, ये राशियाँ पाएँगी लाभ, ये रहें सतर्क

ग्रहों के सेनापति मंगल राशि परिवर्तन करने वाले हैं। वह 27 अक्तूबर 2025 को दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर तुला से निकलकर अपनी स्वयं राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक जब भी कोई ग्रह अपनी स्वराशि में गोचर करता है, तो उसका प्रभाव और भी कई गुना बढ़ जाता है। चूंकि मंगल 45 दिनों के बाद राशि परिवर्तन करते हैं, इसलिए यह गोचर एक लंबे अंतराल के बाद हो रहा है। ज्योतिष में उन्हें पराक्रम, ऊर्जा, भूमि व साहस के कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए उनकी इस चाल से कुछ राशि वालों को धन लाभ, संपत्ति की प्राप्ति व आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती हैं। हालांकि इस गोचर से कुछ राशियों की समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। आइए मंगल के वृश्चिक में गोचर का 12 राशियों पर कैसा प्रभाव होगा, यह जानते हैं। मेष राशि मंगल का राशि परिवर्तन मेष राशि वालों के लिए खास रहेगा। इस राशि के स्वामी ग्रह स्वयं मंगल है, इसलिए इन जातकों को कार्य में सफलता व व्यापार में धन लाभ मिल सकता है। रिश्तों में सुधार होगा और आपकी लव पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। निवेश से अच्छा रिटर्न भी आने की संभावनाएं हैं। वृषभ राशि आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। अगर किसी दुकान या मकान के काम को लेकर परेशान थे, तो वह पूरे होंगे। इस दौरान धन के अवसर बढ़ने से नए लोगों से बात भी करेंगे। हालांकि, करियर को लेकर कोई फैसला अभी लेना उचित नहीं रहेगा। मिथुन राशि मंगल का राशि परिवर्तन आपके लिए सकारात्मक परिणाम से भरा रहेगा। कला के क्षेत्र में आगे आएंगे और कुछ नए लोगों से भी जुड़ेंगे। इस समय कारोबार से धन की प्राप्ति होगी। मिथुन राशि के जो लोग नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन के क्षेत्र से हैं, उनके करियर में प्रगति होगी। आप फील्ड पर अनुभवी लोगों से अच्छे रिश्ते बनाने में कामयाब रहेंगे। कर्क राशि मंगल के वृश्चिक राशि आने से आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा। आप क्रोध पर नियंत्रण रखें। हालांकि, जो लोग मेडिकल और इंजीनियरिंग के सेक्टर से जुड़े हैं, उन्हें आगे आने के नए मौके मिल सकते हैं। सिंह राशि इस राशि के लिए यह समय कल्याणकारी रहेगा। आप वाहन, घर या कोई अन्य संपत्ति की खरीदारी करेंगें। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और कोई बड़ी कारोबारी डील भी इस समय आप कर सकते हैं। कन्या राशि कन्या राशि वालों को ससुराल पक्ष से आर्थिक लाभ मिलने की संभावनाएं हैं। हालांकि, आपको व्यापार में पार्टनरशिप करने से बचना होगा। संतान की प्रगति से संतुष्ट रहेंगे। तुला राशि तुला राशि वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आपको काम को लेकर तनाव रहेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। आपको बाहर के खाने-पीने से थोड़ा परहेज रखना बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि यह समय आपके लिए खास रहेगा। कोर्ट-कचहरी में फंसा हुआ मामला हल होगा। परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। छात्रों को परीक्षा में जीत हासिल होगी। कार्यक्षेत्र में सीनियर और जूनियर दोनों का सहयोग और समर्थन मिलेगा।   धनु राशि धनु राशि वालों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। आप किसी भी नए काम का प्रारंभ न करें। अगर संभव है, तो व्यापार से जुड़ी कोई भी यात्राएं न करें। प्रेम संबंध में सावधानी के साथ कदम आगे बढ़ाएं। मकर राशि इस समय नए वाहन को घर लेकर आएंगे। समय करियर के लिए शुभ रहेगा। यदि कोई योजना में पूर्व में धन निवेश किया था, तो अब लाभ मिलने के योग है। इस समय खरीद-बिक्री में सफलता और मानसिक शांति का एहसास होगा। कुंभ राशि आपके लिए मंगल का राशि परिवर्तन सामान्य रहेगा। कारोबार में नए लोगों से जुडेंगे। इस समय घर और बाहर दोनों जगह तालमेल बिठाने में दिक्कतें आएंगी। धैर्यवान बने रहें। जिम्मेदारियों को समझदारी से निभाना आपके लिए लाभकारी रहेगा। मीन राशि आपके लिए यह समय शुभ रहेगा। घर से दूर रहने वाले जातकों को परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का सुनहरा मौका मिलेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता मिलेगी। इसके अलावा वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।