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ठंड और कोहरे का साया: प्रदेश के 38 जिलों में मौसम ने दिखाई करवट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ठंड अपने पूरे रंग में है। सोमवार को प्रदेश में ठंडी पछुआ हवाएं चलीं जिसकी वजह से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। वहीं आगरा, बरेली, प्रयागराज और मुरादाबाद में अत्यधिक घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। आगरा में तो दोपहर तक कोहरे का प्रकोप बना रहा। वाराणसी, अलीगढ़, इटावा में दृश्यता 50 मीटर तक दर्ज हुई। मंगलवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है। कोहरे के साथ गलन और ठिठुरन का भी एहसास है। माैसम विभाग की ओर से मंगलवार को प्रयागराज, मिर्जापुर, आगरा, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व आसपास के इलाकों में अत्यधिक घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं यूपी के अन्य 38 जिलों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में हवा रूख बदल कर फिर से पछुआ हो गई है। इससे गलन में इजाफा हुआ है। दो दिनों में पछुआ की रफ्तार क्रमश: बढ़ेगी और पारे में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार दो से चार डिग्री तक पारे में गिरावट आ सकती है। इन जिलों में होगा घना कोहरा कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरेया, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में कोहरा घना होगा।

IMD की चेतावनी: 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट अगले 14 घंटे के लिए

भोपाल  मध्यप्रदेश में ग्वालियर के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से फिर से जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश हुई है और श्योपुर और सतना जिलों में तो लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगह बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों में बारिश हुई है। वहीं इस बीच रविवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 29 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी है। इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार सुबह 8.30 बजे तक ) के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें 29 जिलो में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में अथिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिलों में भारी बारिश की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया है।   अगले 48 घंटों में बनेगा नया सिस्टम मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी मध्यप्रदेश में अलग अलग सिस्टम एक्टिव होने से अच्छी बारिश हो रही है और ये सिलसिला अगले दो-तीन तक जारी रहेगा। मौसमी प्रणालियों की बात की जाए तो उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ समुद्र तल से बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज और उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। तो वहीं अगले 48 घंटों के दौरान ओड़िशा-पश्चिम बंगाल के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। उफान पर नदिया बाढ़ के हालत बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश सीधी में हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण डिंडौरी और मंडला में नर्मदा नदी का रौद्र रूप नजर आ रहा है। श्योपुर में कूनो नदी में बाढ़ के कारण गांवों में पानी भर गया है और गांवों में फंसे लोगों को एनडीईआरएफ की टीम ने वोट से रेस्क्यू किया है।

अगले सात दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना: मौसम विभाग

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले सात दिनों में कर्नाटक में व्यापक पैमाने पर वर्षा होने का अनुमान जताया है और कई जिलों में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा'' तथा कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी वर्षा'' होने की संभावना जतायी है। आईएमडी ने एक बयान में कहा कि मौसम का यह रुख मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रही मानसून ट्रफ और महाराष्ट्र-कर्नाटक तट पर अपतटीय ट्रफ से प्रभावित हो रहा है। ‘मानसून ट्रफ' उत्तर-पश्चिम भारत से बंगाल की खाड़ी तक फैला एक निम्न दबाव क्षेत्र है। दैनिक मौसम रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़ और उडुपी के तटीय जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी बारिश'' हो सकती है। बयान में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक तट पर ऐसी ही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है और उसके बाद धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम हो जाएगी। हालांकि, हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तरी कर्नाटक के अंदरुनी क्षेत्रों में बेलगावी जिले में तीन और चार जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की गति की हवा चलने के साथ ‘‘भारी से बहुत भारी बारिश'' होने की संभावना है। धारवाड़ में भी ‘‘भारी वर्षा'' होने की संभावना है। पूर्वानुमान अवधि के दौरान बीदर, बागलकोट, गडग, ​​हावेरी, कलबुर्गी, कोप्पल, रायचूर, विजयपुरा और यादगीर में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी कर्नाटक के अंदरुनी हिस्सों में, तीन और चार जुलाई को चिकमगलुरु, हसन, शिवमोग्गा और कोडागु में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा'' होने की संभावना है, जबकि तीन जुलाई को कुछ स्थानों पर ‘‘अत्यधिक भारी वर्षा'' का अनुमान है। बल्लारी, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, चामराजनगर, चिक्कबल्लापुरा, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, कोलार, मांड्या, मैसूर, रामनगर, तुमकुरु और विजयनगर सहित अन्य जिलों में अधिकांश दिनों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' होने की संभावना है। सात जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की तीव्रता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ‘‘हल्की से मध्यम बारिश'' कम से कम नौ जुलाई तक जारी रह सकती है। बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटों में आमतौर पर बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने निवासियों, खासकर बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने और स्थानीय परामर्शों का पालन करने की सलाह दी है। बेंगलुरू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख एन पुवियारसन ने कहा कि विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और नियमित अपडेट जारी करेगा।