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2026 में मोदी सरकार ने बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी, नासिक से सोलापुर तक अब होगा सुपरफास्ट सफर

नई दिल्ली  देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार को और तेज करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने साल के अंत में महाराष्ट्र और ओडिशा को बड़ी सौगात दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दो बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई. इन फैसलों के तहत 20,668 करोड़ रुपये की लागत से दो अहम हाईवे प्रोजेक्‍ट को मंजूरी मिली है. सरकार के इस फैसले से जहां महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी को नए पंख लगेंगे, वहीं ओडिशा के पिछड़े और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी. 1. महाराष्ट्र: 6 लेन का ग्रीनफील्ड नासिक-सोलापुर कॉरिडोर कैबिनेट के फैसले में सबसे बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के नाम रहा है. सरकार ने नासिक और सोलापुर के बीच एक बिल्कुल नए (ग्रीनफील्ड) 6-लेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है. कुल लागत: 19,142 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 374 किलोमीटर रूट: नासिक फाटा से खेड़ तक (पुणे और अहमदनगर होते हुए) क्यों खास है यह प्रोजेक्ट? अभी नासिक से सोलापुर जाने में लोगों को भारी ट्रैफिक और संकरे रास्तों का सामना करना पड़ता है. यह नया कॉरिडोर एक ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट’ है, जिसका मतलब है कि इसके लिए नई जमीन का अधिग्रहण कर बिल्कुल नया रास्ता बनाया जाएगा. यह मौजूदा सड़कों पर दबाव कम करेगा और शहरों के बीच से गुजरने के बजाय बाईपास के जरिए कनेक्टिविटी देगा. आर्थिक और धार्मिक महत्व यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के दो प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ेगा. नासिक, जो कि अंगूर की खेती और धार्मिक पर्यटन (त्र्यंबकेश्वर, शिरडी के पास) के लिए प्रसिद्ध है, अब सोलापुर जैसे टेक्सटाइल हब से सीधे जुड़ जाएगा. इससे अहमदनगर और बीड जैसे जिलों को भी बड़ा फायदा होगा. माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) की लागत कम होगी और सब्जियों व फलों को मंडियों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी एक अहम हिस्सा बनेगा. 2. ओडिशा: NH-326 का चौड़ीकरण और मजबूती सरकार ने पूर्वी भारत पर भी विशेष ध्यान दिया है. ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-326 (NH-326) के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण को मंजूरी दी गई है. कुल लागत: 1,526 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 206 किलोमीटर इलाका: मलकानगिरी से कोरापुट तक कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क बनाना नहीं है, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. यह हाईवे ओडिशा के मलकानगिरी और कोरापुट जिलों से गुजरता है, जो वामपंथी उग्रवाद (LWE) या नक्सलवाद से प्रभावित माने जाते रहे हैं. अच्छी सड़कें यहां सुरक्षा बलों की पहुंच आसान बनाएंगी और स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेंगी. यह हाईवे ओडिशा को दो पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इसके चौड़ीकरण से इन तीनों राज्यों के बीच व्यापारिक और सामाजिक आवाजाही सुगम होगी.

रेल किराया 107% बढ़ा, खाने-पीने की कीमतें उछलीं, कांग्रेस ने किया मोदी सरकार पर हमला

 नई दिल्ली कांग्रेस नेता अजय कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार इस देश के लोगों को तोहफ़े दे रही है। पहले AQI 1000 के निशान तक पहुंचा और अब रेलवे किराए में बढ़ोतरी। वह भी सरकार की तरफ से कोई घोषणा किए बिना, सिर्फ़ एक सर्कुलर जारी करके। निचले और मध्यम वर्ग के लोगों की जेब पर लगातार हमला हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार के इस कार्यकाल में यह दूसरी बार है जब उन्होंने रेल किराया बढ़ाया है। 2013 से अब तक 107% की बढ़ोतरी हुई है। AC 2-टियर का किराया हवाई किराए के बराबर हो गया है। अजय कुमार ने कहा, “ट्रेनें लेट हो रही हैं. शहरों में कार पार्किंग की कीमतें बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने रेलवे में सीनियर सिटिजन को 8600 करोड़ की जो छूट दी थी, उसे उनसे छीन लिया गया है. हालांकि, WhatsApp वाले अंकल-आंटी यह कभी नहीं समझेंगे। ‘107% तक बढ़ा रेलवे का किराया’ अजय कुमार ने रेल मंत्री को ‘रील मंत्री’ बताते हुए कहा कि अश्विनी वैष्णव 2024 में सरकार बनने के बाद से दो बार रेल का किराया बढ़ा चुके हैं। ये इतने शातिर हैं कि बताते हैं, हमने 1 पैसा या 2 पैसा प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ाया है, लेकिन आम जनता के ऊपर 100-200 तक का भार पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में रेलवे का किराया 107% तक बढ़ चुका है। नरेंद्र मोदी ने लोगों का ट्रेन से चलना भी मुश्किल कर दिया है। 30 रुपए की थाली 120 की अजय कुमार ने कहा कि रेल मंत्री का कहना है कि किराया बढ़ाने से रेलवे को 600 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। रेलवे में खाने की थाली 120 रुपए की हो चुकी है, जो 2014 में 30 रुपए की थी. स्टेशनों की पार्किंग में कार पार्किंग का चार्ज 30 मिनट के बाद 500 रुपए लिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने सीनियर सिटिजन को दी गई छूट को खत्म कर दिया है। फरवरी में रेलवे में भगदड़ मची थी, उसका कारण था कि रेलवे ने जनरल क्लास के सिर्फ 17 डिब्बे लगाए थे, जिसकी कैपेसिटी सिर्फ 1,700 थी वहीं, सरकार ने 9,600 टिकट बेचे थे।

निःशुल्क कानूनी सहायता से मजबूत हुआ न्याय तंत्र, आमजन का विश्वास बढ़ा: मदन राठौड़

जयपुर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरणों की पारदर्शी और जवाबदेशी व्यवस्था से देश के आमजन में न्याय प्रणाली पर भरोसा मजबूत हुआ है। मोदी सरकार के नेतृत्व में देशभर में निःशुल्क विधिक सहायता को एक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा सभी राज्यों से मासिक गतिविधि रिपोर्ट प्राप्त कर नियमित समीक्षा की जाती है, जबकि वार्षिक रिपोर्ट संसद के समक्ष रखी जाती है। इसके अतिरिक्त संसदीय स्थायी समिति और विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय बैठकों के माध्यम से भी विधिक सेवा प्राधिकरणों के कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। राठौड़ के सवाल पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में यह जानकारी दी। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क विधिक सेवाओं का लाभ मिला है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में राजस्थान में 20,290 लोगों को, 2024-25 में 22,216 लोगों को और 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 16,584 लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि न्याय केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जन तक वास्तविक रूप में पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए देशभर में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों, श्रमिकों, आपदा पीड़ितों और दिव्यांगजनों के लिए शिविरों के साथ-साथ सरल भाषा में बुकलेट और पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। ग्रामीण भारत में न्याय जागरूकता को मजबूत करने के लिए नालसा की ‘जागृति’ योजना भी शुरू की गई है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने “सबको न्याय” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए विधिक सेवा प्रणाली को नई मजबूती दी है।  

अब भारत का खुद का नेविगेशन ऐप! Mappls लॉन्च, क्या Google Maps की होगी छुट्टी?

नई दिल्ली WhatsApp का स्वदेशी राइवल Arattai को माना जा रहा है. पिछले हफ्ते से लगातार ये ऐप सुर्खियों में बना हुआ है. अब बारी है स्वदेशी Google Maps राइवल Mappls की जो अमेरिकी Maps को टक्कर दे सकता है.  रेलवे और टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट के बाद से भारत की प्राइवेट कंपनी CE Info System के शेयर्स 10.7 फीसदी चढ़े. दरअसल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है 'स्वदेशी Mappls बाय MapmyIndia, Good features.. must try!'. वीडियो में कह रहे हैं कि वो Mappls की टीम से मिले हैं और इस मैप में कई खासियते हैं. Mappls की तारीफ करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ओवरब्रीज और अडरपास आता है तो वहां पे एक थ्री डायमेंशनल जंक्शन व्यू आता है. किसी बिल्डिंग में मल्टिपल फ्लोर्स हैं तो भी ये मैप बताता है कि किस शॉप में जाना है. लोगों को भी इसे ट्राई करना चाहिए.  रेलवे में यूज होगा स्वदेशी Mappls अश्विनी वैष्णव ने ये भी कहा है कि जल्दी ही रेलवे और Mappls के बीच MoU साइन किया जाएगा ताकि जितने भी अच्छे फीचर्स इस सर्विस में दिए गए हैं उसे यूज किया जा सके.  गौरतलब है कि Mapmyindia भारत की कंपनी है और इसकी पेरेंट कंपनी का नाम CE Info System है. अश्विनी वैष्णव वीडियो में Mapmyindia यूज करते हुए दिख रहे हैं. अश्विनी वैष्णव इस वीडियो में वो ऐपल कार प्ले में Mapmyindia यूद कर रहे हैं. इस दौरान वो इसकी खासियत भी बताते हुए दिख रहे हैं. यहां गूगल मैप्स की तरह ही रियल टाइन मेविगेशन देखा जा सकता है. स्वदेशी Arattai में इंटीग्रेट होगा MapmyIndia? X पर कई लोग पोस्ट करके लिख रहे हैं कि स्वदेशी WhatsApp राइवल Arattai में MapmyIndia को इंटीग्रेट करना चाहिए. एक X पोस्ट में MapmyIndia के डायरेक्टर रोहन वर्मा ने लिखा है कि वो भी चाहते हैं कि Aratti में इसे इंटीग्रेट किया जाए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि कोई भी ऐप डेवेलपर Mappls API और SDK यूज करके इसे इंटीग्रेट कर सकता है. उन्होंनो पोस्ट में लिक भी शेयर किया है जहां इंटीग्रेशन के तरीकों के बारे में बताया गया है. कैसे काम करता है MapMyIndia का Mappls? CE Info सिस्टम की बात करें तो ये Mappls और Mapmyindia की पेरेंट कंपनी है. ये कंपनी लोकेशन बेस्ड iOT प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाती है. कंपनी के मुताबिक Mappls भारत के लिए खासतौर पर बना है. इसमें आप बहुत ही लोकल लेवल पर लोकेशन और एड्रेस ढूंढ सकते हैं, जैसे किसी गली, मोहल्ले या गांव तक भी. इसमें Mappls Pin नाम की सुविधा है जिससे आप बहुत आसानी से किसी का सही पता शेयर कर सकते हैं. ये गूगल मैप्स पिन से इंस्पायर्ड है. Mappls के खास फीचर्स:     भारतीय सड़कों के लिए: इसमें स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, टोल, रोडब्लॉक, लोकल लेन का नाम जैसे फीचर्स मिलते हैं.     RealView: 360° फोटो में भारत के खास जगहों की झलक देख सकते हैं.     भाषा: हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.     सेफ्टी: रोड सेफ्टी अलर्ट, मौसम, एयर क्वालिटी जैसी जानकारी.     ऑफलाइन मैप्स: बिना इंटरनेट के भी नेविगेशन. पहले ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करना होता है.      प्राइवेसी: आपकी सारी जानकारी भारत में ही स्टोर होती है.