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210 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर, दिल्ली से देहरादून अब ढाई घंटे में

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 210 किलोमीटर इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन और जनसभा के चलते रविवार शाम 6 बजे से 14 अप्रैल शाम 4 बजे तक सहारनपुर पुलिस ने ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड रूट पर डायवर्जन प्रभावी रहेगा। वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए देहरादून आने-जाने वाले वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए हैं। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से डायवर्जन प्लान लागू कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले डायवर्जन प्लान की जानकारी लेकर ही निकलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदला इसी तरह देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और गणेशपुर में सड़क मरम्मत के कारण ट्रैफिक पुलिस ने देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदल दिया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को 12 अप्रैल से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में अगर आप दिल्ली, सहारनपुर या रुड़की की तरफ सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले नया ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने लोगों से अपील की कि वे यात्रा के लिए निर्धारित डायवर्ट रूटों का ही इस्तेमाल करें। भारी वाहनों को भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्रोन उड़ाने पर भी रोक वहीं, पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों पर रविवार शाम पुलिस लाइन में एडीजी वी मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने दून पुलिस की ब्रीफिंग की। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खेकड़ा-अक्षरधाम हाईवे पर नहीं चलेंगे बाइक-ऑटो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड सेक्शन पर अक्षरधाम मंदिर से आगे गीता कॉलोनी से बागपत के खेकड़ा के बीच अब लोग बाइक या दोपहिया वाहनों पर यात्रा नहीं कर पाएंगे। एनएचआई ने इस हिस्से में दोपहिया वाहन चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऑटो, ट्रैक्टर और गैर मोटर चालित वाहनों को भी इस दायरे में लाया गया है। इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 12 हजार करोड़ की लागत से हुआ तैयार गौरतलब है कि 210 किलोमीटर लंबा यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी शामिल है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून तक का सफर 5 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के देहरादून समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों को नई कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

PM मोदी का मतुआ-नामशूद्र को संदेश: ‘आप यहां किसी TMC नेता की कृपा से नहीं

बर्धमान  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार के मैदान में उतार दिया है. पीएम मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के कटवा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर निशाना साधा।  उन्होंने  कहा कि टीएमसी सरकार ने केंद्र की तमाम योजनाओं पर ब्रेक लगा रखा है. बीजेपी की सरकार बनते ही योजनाएं लागू की जाएंगी. पीएम मोदी ने दावा किया कि बर्धमान में हजारों-हजार लोगों का ये रैला बंगाल में खेला करने वाला है. यह दृश्य 4 मई के नतीजे का ट्रेलर है. उन्होंने कहा कि चुनाव में आपका उमंग, आपका उत्साह, आपकी ऊर्जा, आपका संकल्प देख रहा हूं. यह भय पर भरोसे की विजय का उद्घोष है. बंगाल परिवर्तन के लिए तैयार है।  पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने संकल्प लिया है कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. उन्होंने कहा कि कल ही बंगाल बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसमें मैंने जो आपको 6 गारंटियां दी हैं, उन्हें लागू करने का रोडमैप है. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल बीजेपी के सभी साथियों को इस शानदार घोषणापत्र के लिए बधाई देता हूं।  उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी, टीएमसी की निर्मम सरकार के भय को हटाकर भरोसे में बदलने की है. ये गारंटी पूरी कैसे होगी यह पूरा खाका बीजेपी के घोषणापत्र में है. पीएम मोदी ने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में वोट पड़ चुके हैं. वहां भारी मतदान हुआ है. बहुत बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए निकले हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में वोट डाला है. चुनाव आयोग को बधाई देता हूं कि बिना किसी अप्रिय घटना के तीनों राज्यों में मतदान हुआ है।  पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय, नामशूद्र और सभी शरणार्थियों को गारंटी देने आया हूं कि आप यहां किसी टीएमसी नेता की कृपा से नहीं हैं. पीएम ने कहा कि मोदी ने सीएए का कानून बनाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आप सभी यहां भारत के संविधान के संरक्षण में हैं।  उन्होंने कहा कि सीएए के तहत नागरिकता देने का काम और तेज किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि जो भारत में घुसपैठ कर आया है, वह भारत से खदेड़ा जाएगा. हर घुसपैठिए से कहूंगा कि वो अपना बोरिया बिस्तर बांध ले. जिन लोगों ने कागज बनाए, उनका भी हिसाब होगा. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास बीजेपी का मंत्र है ही, लूटेरे और अत्याचारियों का भी पूरा हिसाब होगा।  पीएम मोदी ने कहा कि किसी घुसपैठिए को फर्जी राशन कार्ड दिया जाएगा, तो वह आपके हक का चावल लूटेगा. वह किसान के हक का पैसा भी लूट लेगा. अब टीएमसी को हरगिज मौका नहीं देना है. उन्होंने मतदान के दिन बीजेपी उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा कि आप यहां से जब जाएंगे, आप लोगों के पास जब जाएंगे, तब कहना कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने सबको पोइला बैसाख की शुभकामना दी है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी, जो चल रही है. टीएमसी की भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो जाएगी। 

रायपुर जिले के चिंगनार गांव में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

रायपुर : जिले के दूरस्थ गांव चिंगनार में लगा जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों को मिला शासकीय योजनाओं का लाभ सांसद और विधायक हुए शामिल रायपुर माओवाद मुक्त बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच सुलभ हो रही है और विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।  राज्य शासन के निर्देशानुसार कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ ग्राम चिंगनार में शासकीय योजनाओं का लाभ ग्रामवासियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर सांसद भोजराज नाग और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम शामिल हुए। सांसद और विधायक ने शासन की विभिन्न योजनाओं अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री का विवरण किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई भी उपस्थित रहे।  ग्रामीणों को मिला शासकीय योजनाओं का लाभ सांसद नाग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहले माओवाद के प्रभाव से इस क्षेत्र में सड़क पुल पुलिया और आधारभूत संरचना के कार्य नहीं हो पाता था। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व में बस्तर अब माओवाद से मुक्त होने के बाद अब इन कार्यों को गति मिलेगी। केंद्र एवं राज्य सरकार महिलाओं किसानों के कल्याण के साथ  ग्रामीणों क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति का विकास जरूरी है।  केशकाल विधायक ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में माओवाद का बहुत दहशत हुआ करता था, विकास कार्य नहीं हो पा रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी सोच से अब इससे मुक्ति मिली है। दूरस्थ अंचलों में सड़क पुल पुलिया और बुनियादी सुविधाओं संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने वन पट्टा धारियों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने युवाओं को बेहतर भविष्य और महिलाओ के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामवासियों से कुल 115 प्राप्त हुए, जिसमें 49 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया। शिविर के दौरान कुल 81 हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुष्मान कार्ड के 7 तथा आधार कार्ड के 22 प्रकरणों का निराकरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम के तहत 8 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इसी प्रकार विभिन्न विभागों द्वारा सामग्री वितरण के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा 16 हितग्राहियों को बी-1/डिजिटल किसान किताब प्रदान की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 12 जॉब कार्ड तथा 5 आवास स्वीकृत किए गए। श्रम विभाग द्वारा 11 श्रम कार्ड वितरित किए गए। शिक्षा विभाग द्वारा 24 जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा उद्यान विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को बागवानी किट प्रदान की गई। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष मानकु राम नेताम, झाड़ू राम सलाम एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एस डी एम अश्वन पुसाम, जनपद पंचायत सीईओ रूपेंद्र नेताम, तहसीलदार जय नाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

तेल संकट का समाधान: मोदी सरकार ने अरुणाचल को बनाया भारत का नया ‘ऑयल फील्ड

नई दिल्ली ईरान जंग की वजह से दुन‍िया में तेल गैस का गंभीर संकट है. अभी तो सीजफायर हो गया है, लेकिन कब यह इलाका फ‍िर आग की चपेट में आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. इसल‍िए मोदी सरकार ने अभी से ऐसी तैयारी शुरू कर दी है क‍ि तेल गैस का संकट ही नहीं रहेगा. सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में दो बड़े हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर साफ कर दिया है कि भारत अब तेल के लिए खाड़ी देशों का मोहताज नहीं रहेगा. जान‍िए कैसे ये प्रोजेक्ट्स चीन की नाक के नीचे नॉर्थ-ईस्ट की किस्मत बदल देंगे।  जिस वक्त पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सीजफायर के बाद ईरान होर्मुज का ताला खोलता है या नहीं, या तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाती हैं या नहीं, ठीक उसी वक्त मोदी कैबिनेट ने एक बहुत बड़ा फैसला ल‍िया है. सरकार ने देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के ल‍िए मिशन मोड पर काम शुरू कर द‍िया है. बुधवार को केंद्रीय कैब‍िनेट ने अरुणाचल प्रदेश में जिन दो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली दी, वे भारत को खाड़ी देशों के तेल पर निर्भरता कम करने और ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ने में मदद करेंगे।  40,000 करोड़ का एनर्जी गिफ्ट     1200 मेगावाट का कालाई-II प्रोजेक्ट: अरुणाचल प्रदेश के अंजा जिले में बनने वाला यह प्रोजेक्ट लोहित बेसिन में पहला बड़ा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट है.इस पर 14,105.83 करोड़ का खर्च आएगा. जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो इससे हर साल 4852.95 मिलियन यूनिट ब‍िजली का प्रोडक्‍शन होगा. यह THDC इंडिया लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार का जॉइंट वेंचर होगा, जिसे भारत सरकार की तरफ से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगा. यह प्रोजेक्ट न केवल अरुणाचल में बिजली की सप्लाई सुधारेगा, बल्कि पीक डिमांड को मैनेज करने और नेशनल ग्रिड को बैलेंस करने में बहुत बड़ा योगदान देगा।     1720 मेगावाट का कमला प्रोजेक्ट: यह अरुणाचल प्रदेश का दूसरा बड़ा तोहफा है. इस प्रोजेक्ट की ताकत कालाई-II से भी ज्यादा है, जिससे पूरा क्षेत्र रोशनी से नहा उठेगा. जब ये दोनों प्रोजेक्ट्स अपनी पूरी क्षमता पर काम करेंगे, तो अरुणाचल प्रदेश भारत के लिए ‘बिजली का पावरहाउस’ बन जाएगा।  अरुणाचल बनेगा पावरहाउस और रोज़गार का हब मोदी सरकार का यह फैसला सिर्फ बिजली बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की साख और सम्मान से भी जुड़ा है. इन प्रोजेक्ट्स को बनाने और चलाने में हजारों लोगों की जरूरत होगी. बड़ी संख्या में लोगों को रोज़गार मिलेगा. इन प्रोजेक्ट्स तक पहुंचने के लिए अरुणाचल में लगभग 29 किलोमीटर की नई सड़कें और पुल बनाए जाएंगे. इससे पूरा इलाका मेनस्ट्रीम से जुड़ जाएगा. इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से अरुणाचल प्रदेश को 12% बिजली बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. इसके अलावा, एक अतिरिक्त 1% बिजली लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड के लिए रिजर्व होगी, जिससे स्थानीय स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों का विकास होगा।  चीन की नाक के नीचे विकास का ‘डंका’ इस प्रोजेक्‍ट के पीछे एक बहुत बड़ी जियो-पॉलिटिकल ड‍िप्‍लोमेसी भी छिपी है. जिस इलाके में ये प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, उस पर चीन अक्सर अपनी नजरें गड़ाता रहता है. ऐसे संवेदनशील इलाके में ₹40,000 करोड़ का निवेश करना और हाइड्रो पावर के जरिए पानी पर अपना कंट्रोल मजबूत करना चीन के लिए एक बड़ा संदेश है. मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि नॉर्थ-ईस्ट भारत का अभिन्न हिस्सा है और यहां विकास की गति अब रुकने वाली नहीं है. यह एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक जबरदस्त उदाहरण है। 

आसनसोल में PM मोदी का बड़ा बयान: ‘TMC के पाप का घड़ा भर चुका है, अब डबल इंजन सरकार बनेगी बंगाल में’

आसनसोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी।  बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें।  पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है।  इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती।  उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है।  पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।  बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है।  पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी।  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें।  PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं।  TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है।  पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर … Read more

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरिया मॉडल को जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उदाहरण बताया

जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने की सराहना कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है। इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं। पृष्ठभूमि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।  कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा “जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं। सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।  2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण) जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।) भूजल स्तर में सुधार CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।  2026 में प्रगति 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं। कलेक्टर का वक्तव्य जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा— “कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।” कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का प्रमुख एमआरओ हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का बड़ा एमआरओ हब पीएम मोदी ने एमआरओ सुविधा का किया शिलान्यास, विमान रखरखाव में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम अभी मेंटेनेंस के लिए 85% विमान भेजने पड़ते हैं विदेश, जेवर में एमआरओ हब से रोजगार, निवेश व तकनीकी कौशल को भी मिलेगा बूस्ट जेवर उत्तर प्रदेश का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के एविएशन सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) हब विकसित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश को विमान रखरखाव के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। एमआरओ में आत्मनिर्भरता जरूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर बताया कि भारत अभी विमान रखरखाव के मामले में काफी हद तक विदेश पर निर्भर है। देश के लगभग 85% विमान अभी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल के लिए विदेश भेजे जाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। उन्होंने इस स्थिति को बदलने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को एमआरओ सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए देशभर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अकासा एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी नोएडा एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर के सहयोग से पहली एमआरओ सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा, जिससे देश की एविएशन इंडस्ट्री को नई मजबूती मिलेगी। इस एमआरओ हब के विकसित होने से एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने विमानों को विदेश भेजने की आवश्यकता कम होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिचालन लागत में भी भारी कमी आएगी। भारत में ही विश्वस्तरीय मेंटेनेंस सुविधाएं उपलब्ध होने से देश वैश्विक एविएशन सर्विस मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा यह परियोजना स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी। युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन टेक्नोलॉजी और तकनीकी सेवाओं में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों के चलते प्रदेश में इस तरह की हाईटेक परियोजनाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश युवाओं के लिए अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में बड़ा कदम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक समग्र एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। एमआरओ सुविधा इस विजन का अहम हिस्सा है, जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमआरओ सेक्टर को “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत न केवल अपने विमानों की सर्विसिंग करेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी सेवाएं प्रदान कर सकेगा। भारत में तेजी से उभर रहा है एमआरओ सेक्टर नोएडा एयरपोर्ट में यह सुविधा स्थापित होने के साथ ही भारत में एमआरओ सेक्टर तेजी से विकास करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार 2030 तक इसका बाजार 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत सरकार की एमआरओ नीति 2021 के तहत करों में रियायत और भूमि पट्टे में छूट देकर घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत को वैश्विक एमआरओ हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी आई है। यूएसए है अग्रणी देश वैश्विक स्तर पर एमआरओ सुविधाएं प्रमुख विमानन हब का अहम हिस्सा हैं, जहां अमेरिका सबसे अधिक एमआरओ कंपनियों के साथ अग्रणी है, जबकि यूके, फ्रांस व जर्मनी यूरोप के प्रमुख केंद्र हैं। एशिया-प्रशांत में सिंगापुर, चीन, भारत और फिलीपींस, जबकि मध्य पूर्व में यूएई महत्वपूर्ण एमआरओ हब के रूप में उभर रहे हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग

जेवर में उमड़ा जन-सैलाब, मोदी-योगी के नारों की गूंज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग ’सबका साथ-सबका विकास’ का विजन उतरा धरातल पर जेवर गौतमबुद्ध नगर में जेवर अब सिर्फ जमीन नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों की उड़ान का प्रतीक बन गया है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। एयरपोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से ही उत्साह व उम्मीद का मिला-जुला माहौल दिखाई दिया। जनसभा में आए हजारों लोग, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस पल को एक विराट राष्ट्रीय आयोजन का रूप दे दिया। पीएम मोदी-सीएम योगी के पोस्टर लेकर पहुंचे लोग जैसे ही पीएम मोदी के साथ सीएम योगी मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर अपार जनसमूह की तालियों और नारों से गुंजायमान हो उठा। युवाओं व महिलाओं के हाथों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाले पोस्टर लहरा रहे थे। भारी संख्या में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर भी पहुंचे थे। पीएम और सीएम की तस्वीरों के कटआउट जनसभा को जीवंत बना रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर पंडाल में हजारों मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट मानो उत्तर प्रदेश के चमकते भविष्य की झलक दिखा रही थी। सीएम योगी का जताया आभार एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के चेहरों पर भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। स्थानीय युवाओं के बीच रोजगार को लेकर जबरदस्त उत्साह था। जनसभा में उपस्थित स्थानीय निवासी आशीष भाटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। एक दौर था, जब स्थानीय युवा रोजगार के लिए बाहर जाते थे, लेकिन अब दूसरे राज्यों के लोग भी यहां आकर नौकरी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के रहने वाले पप्पू देवनाथ एयरपोर्ट में प्लांट ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोग नौकरी की तलाश में पश्चिम बंगाल आते थे, लेकिन अब मैं वहां से नौकरी करने यूपी आया हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के नये कीर्तिमान बना रहा है। किसान-व्यापारी भी उत्साहित जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाने से किसानों व व्यापारियों को निर्यात और लॉजिस्टिक्स में नई संभावनाएं दिख रही हैं। जेवर निवासी किसान भरत सिंह ने बताया कि हम लोगों के उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो सकेगा। हमारे उत्पाद काफी कम लागत में विदेश में निर्यात हो सकेंगे। हमारे स्थानीय व्यापारी भी एयरपोर्ट बनने से काफी उत्साहित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों व नौजवानों के लिए जितना करते हैं, सोचते हैं, उतना आज तक किसी ने नहीं सोचा था।  अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. ललिता जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि पहले इन्हें फ्लाइट लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था, जिसमें तीन से चार घंटे लग जाते थे लेकिन अब वो आधे से एक घंटे के अंदर यहीं से फ्लाइट पकड़ सकेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ

विकसित उत्तर प्रदेश की 'उड़ान' का प्रतीक है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और 40 एकड़ में बनने वाली एमआरओ सुविधा का भी किया शिलान्यास पीएम ने कहा, पश्चिमी यूपी के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर जेवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करने के साथ ही 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा का शिलान्यास भी किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” अभियान का नया अध्याय है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे बनकर निवेश, व्यापार और निर्यात को नई गति देगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगा बड़ा बूस्ट प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे किसानों, छोटे और लघु उद्योगों तथा युवाओं को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जमीन के योगदान से ही यह परियोजना साकार हो पाई है, जिससे अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। मल्टी मोडल कनेक्टिविटी और कार्गो हब से बढ़ेगा निर्यात प्रधानमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का निर्बाध एकीकरण होगा। एयरपोर्ट का कार्गो हब प्रारंभिक चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। एमआरओ सुविधा से आत्मनिर्भर बनेगा एविएशन सेक्टर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अब तक 85% विमान एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजे जाते थे, जिससे भारी खर्च होता था। जेवर में बनने वाली एमआरओ सुविधा देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी। यूपी बना एविएशन हब प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह देश के सर्वाधिक एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जेवर एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उदाहरण है। वर्ष 2003 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में अटकी रही। केंद्र और राज्य में समन्वय बनने के बाद ही इस परियोजना ने गति पकड़ी और आज यह धरातल पर उतर सकी है। हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जिस उत्तर प्रदेश ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, आज उसी प्रदेश की पहचान एक भव्य एयरपोर्ट के साथ जुड़ गई है। यहां से न केवल दुनिया के विभिन्न हिस्सों के लिए विमान उड़ान भरेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश की नई उड़ान का प्रतीक भी बनेगा। जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का कार्य करेगा। यह एक अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जहां हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता विकसित की जा रही है। जनता से कराया अनोखा उद्घाटन अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अनोखी पहल करते हुए उपस्थित लोगों से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आपकी अमानत है, आपका भविष्य है, आपका पुरुषार्थ है, इसलिए इसका उद्घाटन भी आपके हाथों से होना चाहिए। इस पर पूरा परिसर “भारत माता की जय” के नारों और रोशनी से जगमगा उठा, जो इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बना।

मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पूरी दुनिया चिंतित, अफवाहों से बचने की सलाह दी PM मोदी ने

 नोएडा लंबे समय से जिस पल का इंतजार था अब वो घड़ी आ गई है. आज जेवर ने नया इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, अभी यहां केवल दिन में ही फ्लाइट्स का संचालन होगा और बाद में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से घरेलू सहित इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. फ्लाइट्स का संचालन पूरी तरह से शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन किया है. यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा।  सुबह करीब 11:30 बजे पीएम मोदी एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया. करीब 12:20 बजे उद्घाटन हुआ, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. इस चरण में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा बनाया जाएगा।  100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से हवाई एयरपोर्ट की संख्या 17 कर दी है. भाजपा सरकार का निरंतर प्रयास रही है कि एयरपोर्ट भी रहे और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे. इस कारण उड़ान योजना शुरू की. इसकी वजह से 1.60 करोड़ लोगों ने सस्ती दरों पर यात्रा की. हाल ही में उड़ान योजना को और विस्तार दिया गया है. इसके लिए 29000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना है. यूपी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण चिंतित है. कई देशों में खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम परिवारों और किसानों पर इस संकट का असर कम से कम पड़े. उन्होंने कहा कि देशवासी मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. लोगों को अफवाहों से बस दूर रहना है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इन कॉरिडोर्स से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से बेहतर हुई है. दादरी वह स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर आपस में मिलते हैं।  उन्होंने कहा कि इससे किसानों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा. यहां उगाए गए कृषि उत्पाद और यहां बने औद्योगिक सामान अब जमीन, रेल और हवाई मार्ग से तेजी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ हफ्तों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है।  उन्होंने कहा कि नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट भविष्य में इतना बड़ा बनेगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी क्षमता और महत्व को दिखाता है।  प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन बन रहा है।  उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति का उदाहरण है. उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट को 2003 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में दबा रहा. केंद्र और राज्य की पुरानी सरकारों ने इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में उनकी सरकार आई और बाद में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनी, तब इस प्रोजेक्ट को गति मिली. उन्होंने कहा कि अब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार है और शुरू हो चुका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी गणमान्य अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की।  उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि यह एयरपोर्ट न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला था और आज उद्घाटन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों – जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर – के लिए बड़े आर्थिक और विकास के अवसर लेकर आएगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा. यहां से न केवल विमान उड़ेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।   योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी … Read more