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मनौली की 54 एकड़ जमीन अब गोदाम क्षेत्र में शामिल, 30 दिन तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

मोहाली  पंजाब सरकार मोहाली के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत मनौली गांव की 54 एकड़ जमीन को ‘इंस्टीट्यूशनल एरिया’ से बदलकर ‘इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस एरिया’ के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया। अंतिम निर्णय से पहले विभाग ने लोगों की राय जानने का फैसला लिया है। इसके लिए अगले 30 दिनों तक नागरिक अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से इलाके के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। लोगों की लंबे समय से थी मांग मनौली गांव के लोगों ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि गांव में शिक्षा और संस्थागत गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र चारों ओर से फैक्ट्रियों और गोदामों से घिरा हुआ है। इस वजह से वहां कोई बड़ा संस्थान या कॉलेज सही तरीके से विकसित नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र को भी औद्योगिक और वेयरहाउस ज़ोन में शामिल कर दिया जाए, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पूरे इलाके के विकास को गति मिलेगी। 54 एकड़ जमीन को लेकर ही विवाद था इस मांग के बाद जब टाउन प्लानिंग विभाग (DTP) ने जांच की, तो पाया गया कि मनौली गांव का अधिकांश हिस्सा पहले से ही औद्योगिक और वेयरहाउस गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। केवल 54 एकड़ जमीन ही इंस्टीट्यूशनल एरिया के रूप में बची हुई है। पास के सेक्टर-81 और सेक्टर-83 में पहले से ही IISER और ISB जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा आईटी सिटी (सेक्टर-82 अल्फा) और मोहाली के अन्य सेक्टरों में भी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों के लिए पर्याप्त भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसी को देखते हुए सरकार ने ग्रामीणों की मांग पर इस 54 एकड़ भूमि को भी औद्योगिक और वेयरहाउस क्षेत्र में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। यहां डिस्प्ले होंगे नक्शे सरकार ने इस संबंध में तैयार किया गया नक्शा PUDA की आधिकारिक वेबसाइट www.puda.gov.in पर अपलोड कर दिया है। इसके अलावा इसे छह प्रमुख कार्यालयों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें मुख्य प्रशासक, GMADA, डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, मुख्य टाउन प्लानर, PUDA भवन सेक्टर-62, वरिष्ठ टाउन प्लानर (STP), PUDA भवन तथा जिला टाउन प्लानर (DTP) का कार्यालय शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पर सुझाव या आपत्तियां केवल लिखित रूप में ही स्वीकार की जाएंगी।  

मोहाली में डिफॉल्टर बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, गमाडा ने नई अप्रूवल्स पर लगाई पाबंदी

मोहाली ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने बकाया जमा न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इसके तहत 20 बिल्डरों की नई मंजूरियों पर तब तक रोक लगा दी गई है, जब तक वे अपना पुराना बकाया चुकता नहीं कर देते।  वहीं, इसके बाद गिल्को रियल एस्टेट ग्रुप ने 57 लाख रुपए जमा करवा दिए हैं। इस सूची में कई नेताओं की कंपनियां भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले जिस सनटेक ग्रुप के प्रबंधकों पर ईडी की रेड पड़ी थी, वह कंपनी भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल है। गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार ने आदेश जारी किए हैं। उनका कहना है कि बिल्डर्स पर काफी बकाया पेंडिंग है। रिकवरी के लिए अब डिफाल्टर लिस्ट बनाकर उनके सभी नए प्रोजेक्ट की अप्रूवल पर रोक लगा दी है। बाजवा डेवलपर का नाम भी आगे गमाडा की तरफ से पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (PAPRA) के तहत मंजूर 13 कॉलोनियों से डेवलपर्स द्वारा ली जाने वाली फीस का बकाया 312 करोड़ रुपए है। सूची में सबसे अधिक बकाया मेसर्स बाजवा डेवलपर्स पर है, जिस पर दो मेगा प्रोजेक्ट्स के करीब 150 करोड़ रुपए बकाया हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर पर 47 करोड़, आरकेएम हाउसिंग पर 31 करोड़ और शिवालिक साइट प्लानर्स पर 36 करोड़ रुपए पेंडिंग हैं। गीतू कंस्ट्रक्शन पर 14 करोड़ और मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज पर साढ़े सात करोड़ रुपए से अधिक का बकाया है। करोड़ों की बोली देने वाले भी पीछे गमाडा की डिफॉल्टर सूची में मेगा प्रोजेक्ट्स के नाम सबसे ऊपर हैं। इन्होंने करोड़ों की बोली देकर प्रॉपर्टी खरीदी थी, लेकिन अब भुगतान नहीं कर रहे हैं। सात मेगा प्रोजेक्ट्स से गमाडा को 701 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। इनमें सबसे अधिक बाजवा डेवलपर्स के मेगा प्रोजेक्ट-1 पर 209 करोड़ और मेगा प्रोजेक्ट-2 पर 168 करोड़ रुपए बकाया हैं। सेक्टर-82, 90 और 91 में काम कर रही जनता लैंड प्रमोटर पर भी 152 करोड़ रुपए बकाया हैं। सेक्टर-66ए में सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 69 करोड़ रुपए समेत कई अन्य नाम भी सूची में शामिल हैं। इन बिल्डरों ने अभी तक चुकाया है बकाया:- मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-1) – ₹209.30 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-2) – ₹168.61 करोड़ मैसर्स जनता लैंड प्रमोटर्स (सेक्टर 82, 90, 91) – ₹152.12 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (लाइसेंस 22/2014) – ₹127.19 करोड़ मैसर्स सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर (सेक्टर 66ए) – ₹69.06 करोड़ मैसर्स चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स – ₹47.89 करोड़ मैसर्स एचपी सिंह एंड अदर्स (सेक्टर 122) – ₹45.78 करोड़ ग्लोबल्स प्रोजेक्ट्स (सेक्टर 66ए) – ₹34.52 करोड़ आरकेएम हाउसिंग सेक्टर (सेक्टर 111-112) – ₹31.07 करोड़ मैसर्स बाजवा डेवलपर (लाइसेंस 20/2014) – ₹23.40 करोड़ प्रीत लैंड प्रमोटर (सेक्टर 86) – ₹22.14 करोड़ मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स – ₹20.55 करोड़ मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पान) – ₹15.60 करोड़ मैसर्स गीतू कंस्ट्रक्शंस – ₹14.79 करोड़ द इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी सनटेक – ₹11.47 करोड़ मैसर्स बाजवा दामिनी डेवलपर्स – ₹10.65 करोड़ मैसर्स मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज – ₹7.13 करोड़ मैसर्स नॉर्थएज डेवलपर्स – ₹1.11 करोड़ मैसर्स राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर – ₹0.99 करोड़ मैसर्स गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स – ₹0.57 करोड़  

मेयर चुनाव पर सबकी नजरें, मोहाली की कमान किसे मिलेगी? AAP ने नहीं खोले पत्ते

मोहाली नगर निगम मोहाली को मंगलवार को नया मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर मिलने जा रहा है, लेकिन इन तीनों अहम पदों पर आम आदमी पार्टी किसे जिम्मेदारी सौंपेगी, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर बरकरार है। बहुमत होने के बावजूद पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे आखिरी समय तक सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नामों पर अंतिम मुहर हाईकमान लगाएगा और इसकी घोषणा चयन से ठीक पहले या मौके पर ही किए जाने की संभावना है। नगर निगम आयुक्त संदीप सिंह के अनुसार मंगलवार दोपहर तीन बजे निगम सदन की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की शुरुआत नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह से होगी, जिसके बाद मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। मतदान हाथ खड़े कराकर कराया जाएगा। नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा विधायक कुलवंत सिंह को भी सदन में मतदान का अधिकार प्राप्त है। चार निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा भी पार्टी नेताओं द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में तीनों पदों पर आप उम्मीदवारों की जीत तय है। दिलचस्प बात यह है कि बहुमत के बावजूद पार्टी नेतृत्व उम्मीदवारों के नामों को लेकर पूरी गोपनीयता बरत रहा है। मेयर पद के लिए इनके नामों की हो रही चर्चा मेयर पद के लिए सबसे चर्चित नाम लगातार तीसरी बार पार्षद बने सरबजीत सिंह समाना का है। विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र होने के साथ साथ संगठन और स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि पार्टी के भीतर अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डाॅ. सनी अहलूवालिया, वरिष्ठ पार्षद गुरमीत कौर तथा चौथी बार चुनाव जीतकर आए सुखदेव सिंह पटवारी को भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को लेकर भी कई नाम सामने आ रहे हैं। रमनप्रीत कौर कुंभड़ा, गुरमीत कौर, आरपी शर्मा, हरपाल सिंह चन्ना और गुरमुख सिंह सोहल के नाम राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी महिला प्रतिनिधित्व, वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला ले सकती है। इस बीच करीब 22 पार्षदों के हिमाचल प्रदेश दौरे की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से कई पार्षदों के फोन स्विच आफ हैं और वे हिमाचल प्रदेश के किसी रिसार्ट में ठहरे हुए हैं। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी व्यस्तता के बाद सभी पार्षद सामूहिक रूप से विश्राम के लिए गए हैं और मंगलवार को सीधे निगम सदन पहुंचकर शपथ ग्रहण व मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। ये नेता मेयर पद के दावेदार…     विधायक के बेटे का नाम आगे: आम आदमी पार्टी में मेयर पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह के बेटे और पार्षद सरबजीत सिंह समाना का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वह वार्ड-42 से 458 वोटों के अंतर से अपना चुनाव जीते।     दूसरी और चौथी बार के पार्षद रेस में: वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनी अहलूवालिया रेस में हैं। वे पार्टी के उच्च नेताओं के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपना चुनाव वार्ड-6 से 269 वोटों के अंतर से जीता। इसके अलावा पति-पत्नी दोनों दूसरी बार पार्षद बनने वाली गुरमीत कौर भी मेयर की रेस में हैं। वह वार्ड-3 से 182 वोटों के अंतर से जीतकर पार्षद बनी है। चौथे नंबर पर सुखदेव सिंह पटवारी हैं, जो चौथी बार अपना चुनाव जीते हैं। वह वार्ड-34 से पार्षद बने हैं।     मंत्री कर सकते है नाम का ऐलान: पार्टी सूत्रों का कहना है कि महिला प्रतिनिधित्व, वरिष्ठता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। संभावना है कि पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा मोहाली पहुंचकर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करें।     कांग्रेस ने निपेंद्र सिंह रंगी पर लगाया दांव: दूसरी ओर कांग्रेस ने चुनाव से एक दिन पहले अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी ने निपेंद्र सिंह रंगी को कांग्रेस पार्षद दल का नेता चुना है। वार्ड-18 से 123 वोटों के अंतर से चुनाव जीते हैं। रंगी ने दावा किया कि कांग्रेस के 12 पार्षद एकजुट हैं और पार्टी निगम सदन में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। बहुमत के बाद भी बनी हुई है उत्सुकता नगर निगम में बहुमत आम आदमी पार्टी के पास है, इसलिए मेयर पद पर उसका कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की निगाहें आज होने वाली बैठक और अंतिम क्षणों में होने वाले राजनीतिक फैसलों पर टिकी हैं। 29 मई को आए थे नतीजे बता दें कि मोहाली नगर निगम के चुनाव 26 मई को हुए थे, और इसके नतीजे 29 मई 2026 को घोषित किए गए। मोहाली नगर निगम में कुल 50 पार्षद हैं। बहुमत के लिए यहां 26 वोटों की जरूरत होती है। 50 निर्वाचित पार्षद और 1 स्थानीय विधायक का वोट मिलकर सदन में कुल 51 वोट बनते हैं। इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) 27 सीटें, कांग्रेस (INC) 12 सीटें, शिरोमणि अकाली दल (SAD) 4 सीटें, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 3 सीटें और निर्दलीय 4 सीटें जीते हैं। विधायक AAP का है, जिससे उनकी वोटों की संख्या 28 है। पिछली बार कांग्रेस के मेयर बने, इस बार चुनाव नहीं लड़े इससे पहले वर्ष 2021 के चुनाव के बाद कांग्रेस के अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मोहाली के मेयर बने थे। वह पंजाब के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के भाई हैं। इस बार वह चुनाव नहीं लड़े। हालांकि, अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के परिवार से एडवोकेट कंवरबीर सिंह रूबी सिद्धू (बलबीर सिंह सिद्धू के बेटे) कांग्रेस की टिकट पर वार्ड नंबर 10 से चुनाव लड़े थे। वह चुनाव हार गए। अभी तक किसी नाम पर अंतिम निर्णय नहीं आम आदमी पार्टी की … Read more