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लोकमाता अहिल्याबाई पर आधारित पुस्तक का विमोचन, CM डॉ. मोहन यादव रहे मुख्य अतिथि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई : राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना पुस्तक का किया विमोचन म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी ने किया पुस्तक का प्रकाशन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' पुस्तक का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमोचन किया। मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह शोध संकलन बताता है कि लोकमाता, पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कर्म किसी आकस्मिक महानता का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घ सांस्कृतिक धारा का स्वाभाविक विस्तार रहा। उनकी जीवन गाथा इस तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय नारी संत, विदुषी, योद्धा होने के साथ-साथ कुशल शासिका भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विमोचित इस शोध संकलन में कुल 19 अध्याय हैं। पुस्तक अहिल्याबाई होल्कर की दृष्टि में नारी स्वाभिमान और समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय एकता, पंचपरिवर्तन से समाज कल्याण, जीवन प्रबंधन की पाठशाला, बाल विवाह-सामाजिक कुरीति की चुनौतियाँ और समाधान पर शोध पत्रों का संकलन हैं। पुस्तक में देवी अहिल्याबाई होल्कर की राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता, समग्र जीवन चिंतन, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान में अहिल्याबाई की भूमिका तथा महिलाओं के लिए न्याय और समानता पर शोधपरक लेख हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता अहिल्याबाई के अवदान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विश्लेषण पर भी पुस्तक में एक पाठ है। पुस्तक का मूल्य 160 रूपए मात्र है। इस अवसर पर संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी, माखनलाल चर्तुवेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी उपस्थिति थे।  

देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच बन रहा ग्रीन पावर का ग्लोबल कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री जोशी ने किया नीमच एवं शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण नीमच को 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों की सौगात, 38 इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन नीमच के भादवा माता मंदिर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ की योजना मंजूर जल गंगा संवर्धन अभियान में नीमच बना नंबर 1, मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों को किया सम्मानित छात्राओं को दिये हेलमेट, विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ कर किया अवलोकन औद्योगिक विकास और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर केंद्रित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री ने सोलर एनर्जी कंपनी प्रतिनिधियों को दिये प्रशस्ति-पत्र  नीमच स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं। नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली, यह देश में सबसे सस्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप 10 में स्थान बनाने वाले नीमच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ … Read more

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनेगा गेमचेंजर, CM डॉ. मोहन यादव ने बताया युगांतरकारी

मुरैना का सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम युगांतरकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वयं के बनाये हुए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं : केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी देश में अपनी तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का हुआ पॉवर परचेज एग्रीमेंट देश में सबसे कम दो रुपए 70 पैसे प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई मुरैना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश नए आयाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुरैना की सोलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजना युगांतरकारी है। मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों विशेषकर चंबल के निवासियों के लिए यह बधाई देने का विषय भी है। इस परियोजना में मात्र दो रुपए 70 पैसे प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर प्राप्त हुई है जो देश में अब तक की न्यूनतम दर और इस श्रेणी की परियोजनाओं के लिए पूर्व राष्ट्रीय मानक से भी कम है। परियोजना के विशेषता इसका अभिनव बैटरी मॉडल है जिसमें एक बैटरी का रोजाना 2 बार इस्तेमाल करना संभव होगा। इसके साथ ही नीमच और शाजापुर सौर पार्कों को लोकार्पण इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एतिहासिक उपलब्धि है। कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में देश में अपने तरह की अनूठी 440 मेगावॉट मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के पावर परचेज एग्रीमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह एग्रीमेंट और 2 सौर पार्कों का लोकार्पण नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय घटना है। यह एग्रीमेंट निरंतर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाते और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के पश्चात इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश की एक नई उपलब्धि है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर सहित आज सम्पन्न एग्रीमेंट से जुड़े संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। सभी क्षेत्रों में नई वैज्ञानिक खोजों के कारण नागरिकों को बेहतर लाभ दिलवाने की पहल देश में हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पानी के बंटवारे का 20-25 वर्ष पुराना विवाद समाप्त करवाने में पूरा सहयोग किया। उनके मार्गदर्शन में पार्वती- कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना मंजूर हुई, जिसमें राजस्थान भी लाभान्वित होगा और मध्यप्रदेश के चंबल और मालवा से लेकर 13 जिलों के वृहद क्षेत्र को समृद्धि का लाभ मिलेगा। इसी तरह नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, कोल, हाइड्रो के साथ सोलर एनर्जी के कई प्रकार उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में मुरैना सोलर ऊर्जा भण्डारण की परियोजना वर्तमान दौर में ऊर्जा उत्पादन की नई संभावनाओं को क्रियान्वित करने का ठोस उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्वयं के बनाये रिकॉर्ड तोड़ रहे: केंद्रीय मंत्री जोशी केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाने में मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि सभी राज्य इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं लेकिन मध्य प्रदेश की प्रगति सबसे तेज है। नई-नई नवकरणीयऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि गुजरात और उत्तर प्रदेश भी प्रगति कर रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश की प्रगति सबसे अनूठी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्य की शक्ति को समझा केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि सूर्य पहले भी था लेकिन इसका उपयोग पहले नहीं हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने सूर्य की शक्ति को समझा, अन्य लोगों ने नहीं समझा। प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े पैमाने पर इसका उपयोग किया है। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश डॉ. यादव के नेतृत्व में अपने ही रिकॉर्ड तोड़कर देश में सबसे आगे है। मध्यप्रदेश सभी राज्यों में उन्नत है , नई-नई परियोजनाओं से निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो हमने सोलर पार्क में बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं पीएम सोलर पार्क और सरकारी भवनों पर सोलर एनर्जी के इस्तेमाल के बारे में आज मैंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से निवेदन किया है। एक साल के अन्दर हम सभी सरकारी बिल्डिंग को सोलाराइज करेंगे। प्रदेश अक्षय ऊर्जा निवेश में अग्रणी मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी अक्षय ऊर्जा निवेश गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर चुका है। राज्य अब केवल बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा भंडारण के माध्यम से स्वच्छ, विश्वसनीय एवं किफायती विद्युत उपलब्ध कराने की दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश ऊर्जा भंडारण आधारित अक्षय ऊर्जा खरीद मॉडल को सक्रिय रूप से अपनाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। लगभग एक गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा राष्ट्र को समर्पित सोमवार को 500 मेगावॉट नीमच एवं 450 मेगावॉट शाजापुर सोलर पार्कों के माध्यम से 950 मेगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता राष्ट्र को समर्पित की गई है। यह उपलब्धि रीवा सौर परियोजना से प्रारम्भ हुई मध्यप्रदेश की अक्षय ऊर्जा यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आगर-शाजापुर-नीमच (एएसएन) सौर परियोजना से भारतीय रेल को स्वच्छ विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जबकि रीवा सौर परियोजना से दिल्ली मेट्रो को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश लगातार अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करते हुए अब देश में नवाचार आधारित अक्षय ऊर्जा मॉडलों का अग्रणी राज्य बन गया है। इन परियोजनाओं का विकास एनटीपीसी नवकरणीय ऊर्जा लिमिटेड, टाटा पॉवर तथा वारी एनर्जीस जैसे प्रतिष्ठित परियोजना विकासकों द्वारा किया गया है। इनकी सफल स्थापना डेवलपर्स, शासन, ट्रांसमिशन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों तथा स्थानीय प्रशासन के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विकास तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में नया आयाम है मुरैना सोलर + बीईएसएस परियोजना मुरैना … Read more

CM डॉ. मोहन यादव ने नीमच सोलर पार्क और ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे, प्रगति का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच सोलर पार्क एवं ग्रीनको परियोजना का किया एरियल सर्वे 11,470 करोड़ की ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना से होगा 1920 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन परियोजना से क्षेत्र में रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को मिलेगी नई गति नीमच  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  नीमच के 500 मेगावाट सोलर पार्क एवं ग्राम खिमला में निर्माणाधीन ग्रीनको पम्प स्टोरेज परियोजना का एरियल सर्वे किया। सर्वे के बाद मुख्यमंत्री को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं एवं ऊर्जा उत्पादन क्षमता की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रीनको ग्रुप द्वारा लगभग 11,470 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही 1920 मेगावाट क्षमता की गांधीसागर पम्प स्टोरेज परियोजना देश की अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना की ऊर्जा भंडारण क्षमता 10,326 मेगावाट प्रति घंटा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के तहत गांधीसागर के मौजूदा जलाशय तथा खिमला में निर्मित किए जा रहे ऊपरी जलाशय का उपयोग पम्प स्टोरेज तकनीक से बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया में पानी का पुनः उपयोग होगा तथा वाष्पीकरण से होने वाली न्यूनतम हानि को छोड़कर अतिरिक्त जल की आवश्यकता नहीं होगी। परियोजना में 240 मेगावाट की 7 तथा 120 मेगावाट की 2 द्वि-दिशात्मक टर्बाइन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। खिमला परियोजना के निर्माण कार्य में वर्तमान में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके पूर्ण होने पर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी, प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, ग्रीनको के सीईओ मौर्या, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक माधव मारू, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्त्व, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्य प्रदेश कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने पकड़ा जोर, मंत्रियों को हटाए जाने के बाद सियासी हलचल बढ़ी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में से कई मंत्रियों को हटाया गया है। खास बात यह है कि ये मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। इसके चलते राज्य कैबिनेट के विस्तार को लेकर चिंता बढ़ी है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। बता दें कि हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बहुप्रतिक्षित सूची में 106 सदस्यों को शामिल किया, जबकि 40 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनने का मौका मिला। वहीं, स्थायी आमंत्रित सदस्यों की सूची में केवल 70 साल की उम्र पार कर चुके नेताओं को ही जगह मिली। जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सूची में से चार कैबिनेट मंत्रियों को हटाया गया है। जिसमें कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, करण सिंह वर्मा, नागर सिंह चौहान का नाम शामिल है। यह मंत्री संघ, संगठन और सिंधिया गुट से आते हैं। अब इन मंत्रियों की बैचेनी बढ़ी हुई है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इन मंत्रियों को कार्यसमिति में से इसलिए हटाया गया है क्योंकि ये पार्टी के लिए प्रभावशाली काम करने में असमर्थ रहे। बताया जा रहा है ये मंत्री पार्टी समीकरण में फिट नहीं बैठ रहे थे। अब कार्यसमिति में सीएम सहित 18 मंत्रियों को जगह मिली है। जिसमें कैबिनेट मंत्री सहित राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर का नाम शामिल है। भिंड के मेहगांव से विधायक राकेश शुक्ला को कार्यसमिति में जगह नहीं मिली। वर्तमान में वह नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का बतौर कैबिनेट मंत्री जिम्मा संभाल रहे हैं। 1998 में पहला चुनाव लड़ा था और जीते भी। लेकिन 2013 में पार्टी द्वारा टिकट काटने से नाराज होकर बगवात कर निर्दलीय लड़े और हार गए। 2018 में भी चुनाव हारे लेकिन 2023 में दोबारा विधायक चुने और मंत्री बने। आलीराजपुर विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार निर्वाचित हुए नागर सिंह को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया। नागर को भी कार्यसमिति में जगह नहीं दी गई। कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे प्रद्युम्न सिंह तोमर कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। लेकिन बाद में बगावत के दौर में सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थामा और शिवराज सरकार में भी मंत्री बने। उसके बाद मोहन सरकार में भी ऊर्जा मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। सिंधिया के करीबी नेताओं में माने जाते हैं, लेकिन इस बार कार्य समिति से इन्हें बाहर कर दिया। सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसीराम सिलावट को जगह मिली है। वर्मा सीहोर जिले की इछावर सीट से 8वीं बार विधायक चुने गए। तीसरी बार मंत्री बने हैं और लगातार दूसरी बार राजस्व मंत्री बने हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के दौरान भी राजस्व मंत्री रहे लेकिन कार्यसमिति में जगह नहीं बना पाए। प्रदेश कार्यसमिति की सूची सामने आने के बाद समूची पार्टी और कार्यकर्ताओं को सिर्फ मंत्री मंडल विस्तार का इंतजार है। लेकिन उससे पहले मौजूदा 4 कैबिनेट मंत्रियों को कार्यसमिति में जगह नहीं मिलने से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है।

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त होने, यूसीसी को लेकर मिल रहे व्यापक जन समर्थन एवं इस संदर्भ में राज्य सरकार की आगामी कार्य योजना से भी अवगत कराया। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल क्रियान्वयन, गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा में प्रस्तावित शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, 4 कृषि उपजों को हाल ही में मिले जीआई टैग से संबंधित किसानों को मिलने वाले लाभ, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न प्रयासों एवं सरकार को मिली उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।  

मध्यप्रदेश को मिलेगी 2 नई सौर परियोजनाओं की सौगात, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण 440 मेगावॉट की मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का होगा पीपीए 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का होगा भूमि-पूजन और लोकार्पण केंद्रीय मंत्री जोशी और प्रदेश के मंत्री शुक्ला रहेंगे मौजूद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। परियोजनाओं का विवरण नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट। शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट। आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) – यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।  

नव्य, दिव्य और भव्य होगा सिंहस्थ 2028′, CM डॉ. मोहन यादव बोले- तैयारियां तेज़ी से जारी

नव्य, दिव्य और भव्य सिंहस्थ के लिए तेजी से चल रही हमारी तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प करीब 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, हर दिन करीब 4 करोड़ श्रद्धालु कर सकेंगे अमृत स्नान शिप्रा नदी पर हो रहा 853.46 करोड़ रूपए से 22 नए पुलों का निर्माण सिंहस्थ हमारी आस्था का महासंगम, उज्जैन और करीबी जिलों में चल रहे हैं 25 हजार करोड़ के विकास कार्य अधोसंरचना विकास कार्यों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन उज्जैन में सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प पर हुई वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ भारत का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, दर्शन, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत, अटूट आस्था और हमारी आध्यात्मिक परम्पराओं का महासंगम है। इस धार्मिक उत्सव में मां शिप्रा के जल में स्नान करने से पापों का शमन होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिंहस्थ : 2028 को नव्य प्रारूप में भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारी सभी तरह के प्रबंधन एवं तैयारियां तेजी से जारी हैं। हम सब मिलकर पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण से काम करेंगे, तभी सिंहस्थ : 2028 एक नई मिसाल कायम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन में 'सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प' विषय पर हुई एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ : 2028 के महाआयोजन से जुड़े सभी प्रशासनिक, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों एवं अन्य जनों से कहा कि सिंहस्थ केवल एक मेला नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र बिन्दु है। यह हमारी परम्पराओं, विरासत का भव्य प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखने हम सभी की जिम्मेदारी है। इसीलिए अधिकारी-कर्मचारी-स्वयंसेवी संगठन-जनप्रतिनिधि सभी लोग एक टीम की तरह सेवा भावना से कार्य करें, क्योंकि टीम वर्क ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प है। सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन और इसके आस-पास के सभी जिलों में वर्तमान में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक की लागत के विभिन्न श्रेणी के कई विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर उज्जयिनी सम्राट विक्रमादित्य के काल का वैभव पुन: प्राप्त कर धार्मिक, आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के दौरान करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का उज्जैन आने का अनुमान है। शिप्रा के नवीन घाटों और मौजूदा घाटों पर 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे। सभी श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकें, इसके लिए हमारी सरकार हर तरह के प्रबंध कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत बदल रहा है। देशभर में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है। विरासत से विकास का अनुष्ठान चल रहा है। हमारी धार्मिक और ऐतिहासिक नगरियां देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को लालायित कर रही हैं। उज्जैन काल और महाकाल की नगरी है। सौभाग्यशाली लोगों को ही उज्जैन आने का अवसर मिलता है। सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए उज्जैन में दूरगामी दृष्टि के साथ अधोसंरचना विकास के कार्य जारी हैं। यहां किए जा रहे कार्य परमात्मा के आशीर्वाद से हो रहे हैं। सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए हर बार पिछली चुनौतियों को लेकर मंथन हुआ है। यह कार्यशाला भी इसी उद्देश्य के लिए आयोजित की गई है। सिंहस्थ : 2028 के लिए समितियों का होगा गठन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1980 के सिंहस्थ में उन्होंने स्वयं भी स्काउट एंड गाइड वॉलेंटियर के रूप में श्रद्धालुओं की सेवा की थी। वर्ष 1992 में सिंहस्थ समिति की बैठकों में शामिल होने का अवसर भी मिला। सिंहस्थ समितियों में हर वर्ग के अनुभवी लोगों को शामिल कर उनके सुझाव लिए जाते हैं। आगामी सिंहस्थ के लिए सभी समितियों का गठन होना है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सिंहस्थ है। पहले के सिंहस्थ में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कराने की चुनौती थी। लेकिन वर्ष 2022 के बाद उज्जैन शहर में होटल निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और अधोसंरचना विकास के अनेक कार्य शुरू हुए। श्रद्धालुओं के सुविधाजनक आवागमन के लिए अब कोई सड़क ऐसी नहीं बच रही है, जिसे चौड़ा न किया गया हो। शिप्रा नदी पर घाटों का निर्माण कार्य जारी है। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल परियोजना शिप्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने देवस्थानों पर सुविधाएं विकसित करने का काम कर रही है। शिप्रा में पक्के घाटों के निर्माण से मिट्टी का कटाव थमेगा, साथ ही नदी की धारा अविरल और एक जैसी बनी रहेगी। विकसित की जा रही है बेहतर रोड कनेक्टिविटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन आने-जाने के लिए आसपास के सभी शहरों तक बेहतर रोड कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। पड़ोसी राज्यों से भी चर्चा कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। दूसरी ओर रेलवे लाइन के विकास कार्य भी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण हैं। अब फतेहाबाद का ट्रैक चालू हो गया है और नागदा जाने के लिए रेलगाड़ियों को अब उज्जैन आने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री और केन्द्रीय रेल मंत्री ने उज्जैन में एक नए रेलवे स्टेशन की सौगात दी है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के जरिए पिछले सिंहस्थ आयोजनों में उज्जैन में सेवाएं दे चुके सभी अनुभवी अधिकारियों और नागरिकों से जो भी सुझाव मिलेंगे, हम उन सुझावों पर बेहतर अमल कर सिंहस्थ : 2028 का सफल आयोजन सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला में सिंहस्थ 2028 को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ में देश विदेश से आने … Read more

शुजालपुर को मिली बड़ी सौगात, दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का मिलेगा लाभ; CM डॉ. मोहन यादव का ऐलान

शुजालपुर अंचल को मिलेगा दो मेट्रोपॉलिटन एरिया का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर और शुजालपुर क्षेत्र विकास की नई मंजिलें तय करेगा। आने वाले वक्त में जहां इंदौर- उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया में बड़ा भू-भाग सम्मिलित होने से इस अंचल की प्रगति तीव्र होगी, वहीं भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया से भी जुड़े होने का लाभ क्षेत्र को प्राप्त होगा। विकास के नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नेतृत्व में आए शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर शुजालपुर क्षेत्र के नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गणमाला पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य महेश केवट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां विधि महाविद्यालय की मंजूरी के साथ अन्य विषयों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए भी राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश में विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य हो रहा है। इसका लाभ शुजालपुर को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी देकर विकास की राह आसान की है। इस क्रम में आने वाले वर्षों में पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के कारण सम्पूर्ण शाजापुर जिला लाभांवित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गेहूं के उत्पादन में और किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी के कार्य में अग्रणी है। कृषक कल्याण वर्ष में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को लाभ दिलवाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल से मंदसौर के नए हाई-वे के साथ ही शुजालपुर में हेलीपैड निर्माण और स्टेडियम निर्माण के कार्य भी किए जाएंगे। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थी काल से शुजालपुर क्षेत्र को अपना माना है। क्षेत्र की जनता ने विभिन्न सौगातें मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन का निर्णय लिया। कार्यक्रम में राजेश मोहन श्रीवास्तव, हेमराज सिंह सिसोदिया, कैलाश सोनी, अशोक नायक, योगेंद्र आदि उपस्थित थे।  

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस समिट में शामिल होंगे CM डॉ. मोहन यादव, उद्योगों को देंगे नई दिशा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट देगी मध्यप्रदेश भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश एमएसएमई और स्टार्ट-अप को सिंगल क्लिक से अंतरित होगी 225 करोड़ से अधिक की राशि रवींद्र भवन में 2000 प्रतिभागी-उद्यमियों और विभागों की प्रदर्शनी तथा क्रेता-विक्रेता मीट के साथ 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण का केन्द्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वां अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर रवींद्र भवन में शनिवार,27 जून को होने वाले 'सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में शामिल होंगे। समृद्ध भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश देने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख और स्टार्ट-अप को लगभग 39 लाख की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में महत्वूर्ण एमओयू के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमि-पूजन भी होगा। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार ने बताया कि समिट में स्टाल से खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन करेंगे। विभिन्न विभागों और उद्यमियों के प्रदर्शनी में लगभग 60 से स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्ट-अप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि,वालमार्ट, फ्लिप्कार्ट जैसे संस्थान सम्मिलित होंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। समिट में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्य योजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उद्यमी, स्टार्ट-अप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्य योजना प्रदर्शित होगी। समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, 'नये बाजार, नई उड़ान' (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र 'पूंजी तक पहुँच' (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड' (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा। उद्योग आयुक्त ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस" के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का 10वां वर्ष है।