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प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूर्ण कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश का देश में शीर्ष स्थान इंदौर, भोपाल और जबलपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर अर्जित की विशिष्ट उपलब्धि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश की गौरवशाली उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के पथ-विक्रेता स्ट्रीट वेण्डर आज आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी रहते हुए एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रति हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर की ऐतिहासिक सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों द्वारा राष्ट्रीय रैंकिंग में अर्जित किए गए उत्कृष्ट स्थान की सराहना करते हुए बताया कि इंदौर नगर निगम ने नवीन पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 33,332 ऋण प्रकरणों के वितरण के साथ देश के समस्त नगरीय निकायों में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। देश में 10 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाली श्रेणी में भोपाल ने देशभर में द्वितीय और जबलपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विकास के मानकों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतिबिंब है। पथ-विक्रेताओं के जीवन में आ रहा गुणात्मक परिवर्तन योजना के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9.92 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 15.69 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से 2632 करोड़ रुपये की ऋण राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाई गई है। योजना के पुनर्गठित स्वरूप में अब 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये की क्रमिक ऋण सहायता के साथ-साथ 30,000 रुपये की सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताएं सुगमता से पूर्ण हो रही हैं। डिजिटल क्रांति और छोटे निकायों का उत्कर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल साक्षरता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के 7 लाख से अधिक पथ-विक्रेता डिजिटल लेन-देन अपना चुके हैं, जिन्हें 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 1 लाख से कम आबादी वाले निकायों में सारणी नगर पालिका ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प शक्ति हो तो छोटे निकाय भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। इसी श्रेणी में बालाघाट (5वें), टीकमगढ़ (7वें)और हरदा (9वें)के प्रदर्शन को भी उन्होंने अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च, 2030 तक विस्तारित यह योजना आगामी समय में मध्यप्रदेश के नगरीय अर्थतंत्र को नई गति प्रदान करेगी और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बनेगी।  

सीएम ने सागर में 58 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बुंदेलखंड की धरा से किसानों की खुशहाली की शुरुआत

सागर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया। इस मौके पर वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस की तुलना कौरवों से और द्रौपदी चीरहरण की तुलना महिला आरक्षण बिल पास न होने से की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन से की। इस दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अद्बभुत है। चंबल की शान, छत्रसाल महाराज के बुंदेलखंड का ये इलाका, हर काल-हर समय में अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यहां एक भव्य-दिव्य भवन विद्यालय के रूप में मिल रहा है। ये विद्यालय नहीं है, बल्कि 5 हजार साल पहले हुई भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण के जीवन की कई लीलाएं हैं। हर लीला ने उनके प्रति हमारी श्रद्धा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने कदम-कदम पर संघर्ष किया। गरीब और अमीर की दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण भी भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण है। व्यक्ति कितना भी धनी क्यों न हो जाए, लेकिन उसे अपने निर्धन दोस्त के प्रति प्रेम रखना चाहिए।  सिंचाई और बिजली पर बड़ा फैसला मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के जल संकट को दूर करने के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस योजना से क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन सिंचित होगी। साथ ही, किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये की संशोधित राशि की स्वीकृति भी प्रदान की।   बिना भूमि अधिग्रहण के दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर समारोह में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें किसानों की एक इंच भूमि भी प्रभावित नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं में संतोष का वातावरण है। कड़ान परियोजना पूरी होने पर करीब 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी। गेहूं खरीदी पर सरकार का संकल्प किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी वैश्विक कारणों से आए बारदाने के संकट को जल्द सुलझाया जाएगा। प्रदेश में बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र से खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का दाना-दाना सरकार खरीदेगी। दिग्गजों की रही मौजूदगी इस अवसर पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, सांसद लता वानखेड़े और सागर संभाग के समस्त विधायक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस ने बहनों को नहीं दिया मान-सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां बहनें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हमारी सरकारों ने माताओं-बहनों का सम्मान बढ़ाया है। माता का नाम लो तो भगवान प्रसन्न होते हैं। जब तक राधा नहीं बोलो तो कन्हैया मुस्कुराते नहीं हैं, जब तक सीता मां को याद न करो, तो भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यह बातें हमें माताओं-बहनों के आदर का आभास कराती हैं।उन्होंने कहा कि हमने 5 हजार साल पहले घटना सुनी थी कि कौरवों ने भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह अभी कुछ दिन पहले लोकसभा में वो ही नाटक दोहराया गया। उस समय कौरव थे और अब कांग्रेसी हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को अधिकार देने का जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुरा-मुस्कुरा कर उस निर्णय पर पानी फेर दिया। कांग्रेसियों को इस बात पर जरा दया नहीं आई। प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक कहा कि आप श्रेय ले लीजिए, मैं विज्ञापन छपवा दूंगा। तुम लोग जहां बोलोगे वहां हम तुमको श्रेय दे देंगे। आपने कभी बहनों को मान-सम्मान नहीं दिया, लेकिन हम मान-सम्मान देने को तैयार हैं। कांग्रेसी उसी अपनी पुरानी लाइन पर ही चलेंगे। तीन तलाक के मामले में भी राहुल गांधी ने बहनों के भरण-पोषण के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला ठुकराया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा संगठन महिलाओं को तीस फीसदी आरक्षण दे रहा है। हमारे प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर हैं। सागर की सांसद-महापौर-कलेक्टर सब बहनें हैं। 

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

मध्यप्रदेश बनेगा विमानन और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में होगा व्यापक विस्तार अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण से विमानन क्षेत्र को मिल रही नई गति भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘उड़ान’ विजन को साकार करते हुए प्रदेश को उत्कृष्ट विमानन केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2030 तक यात्री क्षमता 5.5 मिलियन से बढ़ाकर 10 मिलियन प्रति वर्ष तथा माल कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ एयरपोर्ट सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी, जिससे निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित होंगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच हुई सुलभ मध्यप्रदेश आस्था, अध्यात्म और अनुपम शिल्पकला का संगम है। उज्जैन के महाकाल लोक, ओंकारेश्वर के एकात्म धाम, खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर और ओरछा-चित्रकूट की आस्थाएँ जन-मानस में रची-बसी हैं। इन स्थलों तक सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएमपर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ प्रभावी माध्यम बन रही हैं। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 8 प्रमुख केंद्रों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली और खजुराहो को आपस में जोड़कर श्रद्धा और पर्यटन को नए पंख लगा रही है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट जैसे पावन धामों के लिए प्रारंभ हुई हेली सेवा ने श्रद्धालुओं के लिए 'हरि-हर-दर्शन' कीको और भी सरल, सुखद और स्मरणीय बना दिया है। तहसील स्तर तक हो रहा हवाई सेवाओं का विस्तार प्रदेश में विमानन क्षेत्र को विकेंद्रीकृत करते हुए हवाई सुविधाओं को तहसील स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हवाई सेवाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर क्षेत्र तक पहुंचें। इसी दृष्टि से प्रत्येक तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित करने की योजना है। प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कॉमर्शियल एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करेगी और दूरस्थ क्षेत्रों के आर्थिक विकास को नई गति देगी। क्षेत्रीय हवाई संपर्क से छोटे शहरों को मिली विकास की उड़ान विगत दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने हवाई सेवाओं के विस्तार में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। दतिया प्रदेश के 8वें हवाई अड्डे के रूप में अपनी सेवा दे रहा है। रीवा, सतना और दतिया की सफलता के बाद अब शिवपुरी और उज्जैन में भी नए हवाई अड्डों की तैयारी तेजी से चल रही है। रीवा हवाई अड्डा पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए विकास का नया इंजन बन चुका है। यह न केवल सीमेंट और बिजली उत्पादन केंद्रों के लिए मददगार साबित हो रहा है, बल्कि मुकुंदपुर टाइगर सफारी जैसे पर्यटन केंद्रों तक पर्यटकों की पहुँच को भी आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम चित्रकूट और मैहर जैसे आस्था के बड़े केंद्रों को भी बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान हवाई यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हवाई अड्डे सेवा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रहे हैं।इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ‘एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी’ सर्वे में 4.90 स्कोर के साथ 16 एशियाई हवाई अड्डों में छठे स्थान पर रहा है। वहीं भोपाल के राजा भोज अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे संचालन शुरू किया गया है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नागर विमानन नीति-2025 से निवेश और रोजगार को बढ़ावा प्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 विमानन क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में विमानन अधोसंरचना को मजबूत करना, निजी निवेश को आकर्षित करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना है।नीति के तहत प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों को उड़ान प्रशिक्षण (FTO) और अन्य व्यावसायिक विमानन गतिविधियों के लिए निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है। इनमें सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विकास होगा। मध्यप्रदेश में पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रदेश विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। नीति के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे  देश के ‘हृदय प्रदेश’ के रूप में विशेष बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘गति शक्ति’ विजन और ‘रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के साथ राज्य की नीतियों का समन्वय प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और एविएशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विमानन क्षेत्र का यह विस्तार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और पर्यटकों के लिए नए अवसर सृजित कर रहा है। यह केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प के साथ प्रदेश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।  

किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है मध्यप्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को विकास प्रक्रिया में भागीदार बना रही है। मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार दर से 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे जहां किसानों को नई जमीन खरीदने में आसानी होगी, वहीं भू-अर्जन कार्यों के निराकरण को गति मिलेगी। सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को इसका लाभ होगा। यह किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री निवास में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम, 2015 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लीकेशन फैक्टर 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है। इससे किसानों को बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना मुआवजा मिल सकेगा। तेज होगा परियोजनाओं का क्रियान्वयन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मेट्रोपोलिटन सिटी की जरूरतें होंगी पूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश में मेट्रोपोलिटन सिटी की ओर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी। गत तीन वर्ष में 55 हजार से अधिक किसानों को विभिन्न परियोजना के माध्यम से 16 हजार करोड़ मुआवजा वितरित किया गया है। सालाना आधार पर यदि देखें तो जो मुआवजा करीब 5000 करोड़ रूपए था, अब वो 4 गुना बढ़ा दिया गया है। अब हर साल करीब 20 हजार करोड़ रूपए मुआवजा किसानों को मिलेगा। मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों के हित में निरंतर कार्य होगा। वैश्विक परिदृश्य में गेहूं का निर्यात न के बराबर है। इन परिस्थितियों में भी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पहले छोटे और मझौले किसान और फिर बड़े किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों को बोनस भी दिया जा रहा है। पिछले साल का गेहूं भी वेयरहाउस में स्टॉक है। इस वर्ष गेहूं उत्पादन बढ़ा है। अन्नदाताओं के हित में राज्य सरकार गेहूं खरीदी का कार्य पूर्ण करेगी। भारत सरकार से 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी के अनुमान के अनुसार आवश्यक अनुरोध किया गया है। लाड़ली बहनों की राशि में वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाई है, किसानों और नारी सशक्तिकरण के लिए अपने सभी वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी भी योजना को बंद नहीं किया गया है। योजनाओं को बंद किए जाने संबंधी दुष्प्रचार गलत सिद्ध हुआ है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 21 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया है। नीति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रकार के वित्तीय प्रबंधन करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।  

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं के लिये 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। प्रदेश में गेहूं की अच्छी पैदावार को देखते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन लक्ष्य से अधिक होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार से गेहूं उपार्जन के लक्ष्य में वृद्धि करने के लिये चर्चा की गई है। इस संबंध में भारत सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये 19.04 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया जो कि विगत वर्ष से लगभग 3 लाख अधिक है। प्रदेश में 2 लाख 21 हजार 455 किसानों से 95 लाख 17 हजार 550 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें से 75 लाख 57 हजार 580 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले 1 लाख 6 हजार 55 किसानों को समर्थन मूल्य की राशि 1091.33 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रारंभिक अवधि में पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न विषम परिस्थिति के उपरांत भी गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की गई। इसमें नवीन जूट के बारदानों के अतिरिक्त पीपी बेग एवं भर्ती बारदानों की व्यवस्था की गई। वर्तमान में गेहूं उपार्जन के लिये पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। किसानों से राशि 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा रु 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्‍यमंत्री ने विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का किया वर्चुअली उद्घाटन भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैंसर जैसी व्याधि व्यक्ति के साथ ही परिवार के लिए कठिनाई का कारण बनती है। मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कैंसर जैसे गंभीर रोगों से प्रभावितों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार का यह दृष्टिकोण है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है, यही श्रेष्ठ मार्ग है। जबलपुर में 100 बिस्तर क्षमता के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर प्रारंभ होने से कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। अब इस क्षेत्र के लोगों को नागपुर जैसे नगरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर के विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का वर्चुअली उद्घाटन कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर 88 लाख रूपए की लागत से निर्मित ब्रम्‍हऋषि बाबरा पहुंच मार्ग का लोकार्पण किया गया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने विराट हॉस्पिटल की संचालिका परम पूज्‍य साध्‍वी ज्ञानेश्‍वरी दीदी का अभिनंदन किया, जिन्होंने परोपकार के संकल्‍प के साथ इस प्रकल्प को मूर्त रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुभ कार्यों का संकल्‍प अभिव्यक्त और क्रियान्वित होता है तो हृदय अभिभूत हो जाता है और क्षेत्र में मध्‍यान्‍ह के सूर्य की भांति ऐसे कार्यों का तेज प्रकाश दिखाई देता है। उन्‍होंने इस नई सौगात के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विराट हॉस्पिटल परिसर में विद्यालय और गौशाला का संचालन भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि डॉ. अखिलेश गोमास्‍ता ने 14 अप्रैल 2013 को इस विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ किया था। आज हॉस्पिटल का नई सुविधाओं के साथ उन्नयन हुआ है। इस अवसर पर राष्‍ट्रीय गौ सेवा प्रकोष्ठ के श्री फैज अहमद खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्‍वामी राघवदेवाचार्य, महंत विनोदानंद, संत बालकदास जी के साथ अन्‍य पूज्‍य संतवृंद, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, लोकसभा सदस्य श्री आशीष दुबे, श्री दर्शन सिंह, विधायक श्री नीरज सिंह, जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्‍नू और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आह्वान: जल संरक्षण में सभी को जोड़ें, हर किसी की हो सहभागिता

जल संरक्षण में सभी की सहभागिता हो, सबको जोड़ें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पानी बचाने में मध्यप्रदेश है देश में तीसरे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से की चर्चा सरकार की उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल बचाने में समाज की भागीदारी जरूरी है, इसीलिये प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान से सब जुड़े, सभी अपना सहयोग दें, हम सबको मिल-जुलकर यह करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी बचाना हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। हम सालों से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए जल संरक्षण को जल आंदोलन का रुप दिया जा रहा है। यह अभियान की सफलता ही है कि हमारा मध्यप्रदेश जल संचयन के मामले में नेशनल रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आया है। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए लगभग 6 हजार 278 करोड़ का वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के कुल 2.44 लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य चिन्हित कर करीब 6 हजार 236 करोड़ रुपये की लागत से जल विकास-निकास एवं विस्तार कार्य कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा में यह जानकारी देकर सभी को अपने प्रभार के जिलों में इस अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा जल संचायन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बीते सप्ताह में राज्य सरकार को मिली विशेष उपलब्धियों की जानकारी भी दी। स्कूल शिक्षा में 15 अप्रैल को आया पिछले 16 साल का सर्वश्रेष्ठ परिणाम – बेटियां रहीं अव्वल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 15 अप्रैल को मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा ली गई कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित हुआ। हमेशा की तरह इस बार भी होनहार बेटियां अव्वल रहीं। हमारी बेटियों को बेटों से 10 प्रतिशत अधिक सफलता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस बार के परिणाम पिछले 16 सालों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सर्वश्रेष्ठ रहे। यह हमारी सरकार द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए किए जा रहे नवाचारों और सांदीपनि विद्यालयों की सफलता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को 'रुक जाना नहीं परीक्षा योजना' के तहत 'द्वितीय परीक्षा अवसर' भी दिया जा रहा है। द्वितीय अवसर की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक आयोजित होंगी। एक साल में दो परीक्षाएं आयोजित कर मध्यप्रदेश सरकार ने बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को बहुत बड़ी राहत दी है। अमरकंटक को "नो मूवमेंट-नो कंस्ट्रक्शन जोन" बनाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि नर्मदा माता के उद्गम स्थल अमरकंटक को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 13 अप्रैल को अमरकंटक में ही नर्मदा समग्र मिशन की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि यह मनोरम स्थल प्रकृति की गोद में आध्यात्मिक शांति पाने का उत्तम केंद्र है। हम इस स्थल के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। अमरकंटक को 'नो मूवमेंट एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन' निर्धारित करने की आवश्यकता है, जिससे यहां सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि हम अमरकंटक का इकोलॉजिकल बैलेंस मेंटेन रखने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि मोक्षदायिनी (पापनाशिनी) नर्मदा माता की शुचिता और पवित्रता अक्षय बनी रहे। संकल्प से समाधान अभियान – 99.90 प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इसी साल 12 जनवरी से 31 मार्च तक संकल्प से समाधान अभियान चलाया गया। अभियान में सरकार को 45.69 लाख से अधिक आवेदन मिले। इनमें से 47.68 लाख प्रकरणों का समाधान करते हुए 99.90 प्रतिशत आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी जरूरतों की पूर्ति की दिशा में बेहद अच्छा प्रयास साबित हुआ। इसने प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी प्रशासन को और मजबूत किया है। 21 प्रतिशत से अधिक आबादी के समग्र विकास की पूरी चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 16 अप्रैल को राज्यस्तरीय जनजातीय उपयोजना कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला प्रदेश की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी (जनजातीय वर्ग) के समग्र विकास और कल्याण की नई रुपरेखा बनाने का महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी चिंता के साथ जनजातीय वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए समुचित वित्त व्यवस्थापन एवं प्रबंधन किए हैं। ओरछा-चंदेरी के लिए शुरू हुई पीएमहेली पर्यटन सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 19 अप्रैल को भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएमहेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया। हमारे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। इससे न केवल पर्यटन का विकास होगा बल्कि आर्थिक एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया ज रहा है। दिव्य स्वरूप में विकसित होगी भगवान परशुराम की जन्मस्थली- जानापाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा और धर्म की स्थापना के लिये समर्पण का अनुपम उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव में 17.41 करोड़ रुपए की लागत से परशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जायेगा, जो भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख आध्यात्मिक सांस्कृतिक और पर्यटन का केन्द्र बनेगा। जानापाव में प्रस्तावित लोक में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा के माध्यम से भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को प्रस्तुत किया जाएगा। जनगणना शुरु : 30 अप्रैल तक चलेगा स्व-गणना कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को बताया कि जनगणना देश के विकास की नींव है। जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे। … Read more

सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति

किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर गुणन कारक (मल्टीफिकेशन फैक्टर) को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है। इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना प्राप्त होगा। यह निर्णय संपूर्ण प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा। मंत्रि-परिषद ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है। मंत्रि-परिषद ने इसके साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के कार्यों के लिए लगभग 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति भी दी है। भू-अर्जन पर बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलने से किसानों को होगा जबरदस्त फायदा मंत्रि-परिषद ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ' मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 ' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गुणन कारक (Multiplication Factor) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी। इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मंत्री तुलसीराम सिलावट, राकेश सिंह और चेतन्य कुमार काश्यप की उप-समिति ने अनुशंसा की थीं। उप-समिति ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही विभिन्न् किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। सरकार के इस पारदर्शी और किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिये स्वीकृत राशि 840 करोड़ 80 लाख रूपये के स्थान पर लगभग 969 करोड़ रूपये का विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृति किया गया है। यह विशेष पैकेज त्वरित क्रियान्वयन व विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बाँध, संगम 2 बाँध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार म..प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रूपये, ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के कार्य की निरंतरता के लिए 6 हजार 150 करोड रूपये, पुलों और सड़कों के उन्नयन के लिए 1 हजार 87 करोड़ रूपये, भवनों के मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ रूपये और वृहद पुलों का निर्माण की योजना को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) तक में निरंतर रखे जाने और संचालन के लिए 9 हजार 950 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,191 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम क्षेत्रों में शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को साइकिल प्रदाय करने से संबंधित निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए 990 करोड़ रूपये और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के वेतन भत्ते, कार्यालयीन व्यय एवं संस्थानों का सृदृढ़ीकरण से संबंधित 8 योजनाओं के संचालन के लिए 1,200 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना मध्यप्रदेश में वर्ष 2004-05 से संचालित की जा रही है। निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्धारित मापदण्ड अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत् विद्यार्थी जो कि शासकीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं एवं कक्षा 9 वी में अध्ययनरत् है, तथा वह जिस ग्राम का निवासी है उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक / हाईस्कूल संचालित नहीं है तथा वह अध्ययन के लिए किसी अन्य ग्राम या शहर के शासकीय स्कूल में … Read more

सीएम मोहन की खड़गे पर तीखी प्रतिक्रिया, बोले- PM मोदी पर विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगें कांग्रेस अध्यक्ष

भोपाल  चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और विवादित टिप्पणी की. उनके इस बयान के बाद सियासी बवाल मच गया है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा कि ऐसी विवादित टिप्पणी के लिए खड़गे को माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं. आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है. कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए. कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया. मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें. चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं. खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं।  हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी की निंदा करता हूं। आज देश में अलग प्रकार का माहौल बना हुआ है। कांग्रेस एक के बाद एक वह सब गलतियां कर रही हैं, जिसके कारण उसे नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेसियों को अपने अतीत और आचरण पर गौर करना चाहिए। कांग्रेस ने मीसा बंदी के दौरान विपक्ष के साथ जो व्यवहार किया, उसकी आज तक माफी नहीं मांगी। हार देखकर बौखला रहीं डीएमके-कांग्रेस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने तमाम प्रकार के अलगाववादी तत्वों को प्रोत्साहन दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आतंकवादी बताया। मैं मांग करता हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे माफी मांगें और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी से बचें। चुनाव के मद्देनजर डीएमके और कांग्रेस हार देखकर बौखला रही हैं। खड़गे की टिप्पणी की मैं कटु शब्दों में निंदा 

पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झंडी

पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी प्रेम, शांति और विश्व बंधुत्व का संदेश लेकर गांव-गांव तक पहुंचेगा दिव्य रथ एक वर्ष तक चलेगा जन जागरण अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में ब्रहृाकुमारी संस्थान द्वारा संचालित किए जा रहे पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति एवं सद्भावना रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे की भावना को सशक्त करेगा तथा प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। प्रेम, शांति और विश्व बंधुत्व का संदेश लेकर गांव-गांव तक भ्रमण करने वाले रथ से एकता, प्रेम, सद्भावना व नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजागृति रथ में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना की। रीवा के राजनिवास सर्किट हाउस में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ब्रहृाकुमारी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे जन जागरण अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पावन और आध्यात्मिक कार्य प्रदेश में विश्व बंधुत्व की भावना जागृत करने में सहायक सिद्ध होगा। ब्रहृाकुमारी संस्थान की भोपाल जोन की डायरेक्टर बीके निर्मला के निर्देशन में जन जागरण अभियान अंतर्गत ज्योतिर्लिंग रथ रीवा जिले में महाशिवरात्रि 2027 तक भ्रमण करेगा। कार्यक्रम में जिला भाजपाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता सहित ब्रम्हकुमारी संस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।