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केंद्र सरकार की 5 लाख करोड़ रुपये की सौगात, एमपी में 101 प्रोजेक्ट्स से बदलेंगी सूरत और विकास

भोपाल  केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी और एमपी में सीएम मोहन यादव की बीजेपी की सरकारें हैं। देशभर में डबल इंजन की सरकारों के इस दौर में राज्य सरकार को खासा लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह तथ्य उजागर किया। उन्होंने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियां मीडिया से साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार के 101 प्रोजेक्ट के काम चल रहे हैं। इन विकास कार्यों से प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म से देशभर में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रेजेंटेशन दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे शक्ति है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। पहले सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन धरातल पर साकार होने से पहले ही विभागों के आपसी तालमेल की कमी के कारण निष्प्रभावी हो जाती थीं। पीएमजी और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "प्रगति" पोर्टल से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकारों ने ध्यान नहीं दिया गया अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 3 नदी परियोजनाओं पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केन्द्रीय मंत्रालयों से 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली। इनमें से 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी भी हो चुकी हैं। ये 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाले प्रोजेक्ट हैं। सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अभी 101 केंद्रीय प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ये विकास प्रोजेक्ट 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के हैं। इनमें रेल मंत्रालय के 14, सड़क परिवहन मंत्रालय के 13, विद्युत मंत्रालय के 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं। केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन दिया मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि " आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। इसी दिशा में 'प्रगति पोर्टल' महत्वपूर्ण कदम है।" प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को हुई। पीएमजी और "प्रगति" पोर्टल से बुनियादी ढांचा विकास परियोजना और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित हुआ। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मध्यप्रदेश में केंद्रीय परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी में हैं। इसमें प्रमुख रूप से ऊर्जा, परिवहन, दूरसंचार, बिजली उत्पादन, सड़क और राजमार्ग, रेलवे, कोयला, तेल और गैस, मेट्रो रेल, नवकरणीय ऊर्जा एवं शहरी अवसंरचना की परियोजनाएं शामिल हैं। एमपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 मुद्दों में से राज्य सरकार ने 312 का समाधान किया। इसी प्रकार 'प्रगति पोर्टल' से 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें 124 मुद्दे सामने आए जिनमें से 120 का समाधान किया गया। पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में एमपी ने 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया। प्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं का प्रभुत्व है।

आज लाड़ली बहनों के खाते में 32वीं किस्त, सीएम मोहन यादव करेंगे डिजिटल ट्रांसफर

 नर्मदापुरम  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए आज 16 जनवरी की सुबह खुशखबरी होगी। लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम के माखननगर दौरे पर रहेंगे और इस दौरान बहनों के खातों में 1500 रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से भेजे जाएंगे। यह राशि पहले 15 जनवरी को जारी होने वाली थी, लेकिन कार्यक्रम एक दिन के लिए स्थगित किया गया। सीएम डॉ.मोहन यादव करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन माखननगर के सांदीपनि स्कूल के पास खेल मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सीएम डॉ.मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा वे PWD गेस्ट हाउस का लोकार्पण करेंगे और कई अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। 31वीं किस्त कब जारी हुई थी मध्यप्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव ने 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 31वीं किस्त के 1500 रुपये 9 दिसंबर को छतरपुर के राजनगर से ट्रांसफर किए थे। अब 32वीं किस्त माखननगर से जारी की जाएगी। लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपये कब मिलेंगे? लाड़ली बहना योजना से अब तक 1 करोड़ 29 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। मध्यप्रदेश सरकार के अनुसार आने वाले वर्षों में यह राशि बढ़ाकर 2028 तक 3000 रुपये प्रति माह करने का लक्ष्य रखा गया है। हर महीने मिलते हैं 1500 रुपये मध्य प्रदेश सरकार इस योजना के तहत हर पात्र महिला को हर महीने 1500 रुपये देती है. शुरुआत में यह रकम 1000 रुपये थी, फिर 1250 रुपये की गई और अब दिसंबर 2025 से इसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है. यानी एक साल में एक महिला को करीब 18000 रुपये की सीधी मदद मिल रही है. 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहा लाभ इस योजना से अभी 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. मतलब साफ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को 32वीं किस्त का फायदा मिलेगा. सरकार का कहना है कि आने वाले सालों में इस रकम को और बढ़ाया जाएगा और 2028 तक इसे 3000 रुपये महीना करने का लक्ष्य है. लाडली बहना योजना क्या है ? बता दें कि लाडली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में की गई थी. इसका मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर न रहें. यह पैसा रोजमर्रा की जरूरतों, दवा, राशन और बच्चों की पढ़ाई में काफी मदद करता है. कौन महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं? इस योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जो मध्य प्रदेश की निवासी हों. महिला विवाहित होनी चाहिए, जिसमें विधवा, तलाकशुदा और छोड़ी गई महिलाएं भी शामिल हैं. महिला की उम्र 21 साल से ज्यादा और 60 साल से कम होनी चाहिए. पैसा सीधे महिला के आधार लिंक बैंक खाते में भेजा जाता है. किन महिलाओं को नहीं मिलेगा पैसा?     अगर किसी महिला या उसके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा. जिनके परिवार में कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है.      इसके अलावा जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है या पेंशन लेता है, उन्हें भी पैसा नहीं मिलेगा. आपके खाते में पैसा आएगा या नहीं, ऐसे करें चेक अगर आपको शक है कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो इसे चेक करना बहुत आसान है.      इसके लिए आपको योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होगा.      वहां अंतिम सूची वाले विकल्प में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें     कैप्चा भरें और ओटीपी डालते ही पूरी डिटेल लिस्ट सामने आ जाएगी. मैसेज नहीं आया तो घबराएं नहीं कई बार बैंक की तरफ से मैसेज देर से आता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. आप अपने बैंक का बैलेंस मिनी स्टेटमेंट, मोबाइल बैंकिंग ऐप या *99# सर्विस से भी पैसे चेक कर सकती हैं. महिलाओं के लिए क्यों खासहै यह योजना अगर देखा जाए तो लाडली बहना योजना से हर महिला को महीने में 1500 रुपये मिलते हैं. यानी साल भर में यह रकम 18000 रुपये हो जाती है.आज के समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तब यह योजना महिलाओं के लिए राहत बनकर आई है. यह पैसा सीधे खाते में आता है और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती, जिससे भरोसा भी बना रहता है. गांव और छोटे शहरों में यह पैसा घर के छोटे खर्चों के लिए बहुत बड़ा सहारा बन चुका है. कब शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना मई 2023 में शुरू की गई थी। योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है।     10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना की शुरुआत में 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि की गई।     इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, 2024 व 2025 में रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।     योजना की शुरुआत (जून 2023) से लेकर दिसंबर 2025 तक लगभग 48,632 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। योजना में किसे मिलता है लाभ पात्रता:     मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो।     विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं।     21 से 60 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। अपात्र:     स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो।     ​जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर … Read more

CM यादव का ऐलान: एआई को कुशल शासन और पारदर्शिता के लिए अहम बनाती है राज्य सरकार

राज्य सरकार एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में कर रही है स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति एआई पर मिशन मोड पर होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांच की मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दृष्तिगत रखकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश जन-कल्याणकारी योजनाओं में एआई का प्रभावी उपयोग करेगा मध्यप्रदेश प्रदेश में जल्द लाई जाएगी राज्य एआई नीति मुख्यमंत्री ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है। स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव जैन  ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एआई के प्रभावी … Read more

डॉ. यादव ने निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया, स्थानीय लोगों के साथ चाय की चुस्की भी

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया। जानकारी दी गई कि यह भवन जी प्लस टू निर्मित किया जाएगा, अप्रैल 2026 में इसके पूर्ण होना होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी पीआईयू है।  गीता भवन की कुल क्षमता 1250 सीटर होगी। इसका निर्माण 5.11 एकड़ में लागत लगभग 34 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सुबह की चाय की चुस्की उज्जैनवासियों के साथ ली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भगवान बृहस्पति मंदिर में दर्शन करने के बाद पास के तेलीवाड़ा चौराहे पर शहर की पुरानी चाय की दुकान पर स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और चर्चा की। उन्होंने दुकान संचालक से हालचाल पूछा, चाय पीने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय के पैसे दिए, दुकानदार द्वारा संकोच के कारण पैसे नहीं लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये तो लेना ही होंगे।    

CM मोहन यादव की अहम भूमिका, भाजपा अध्यक्ष चुनाव और MP में 8 लाख करोड़ के 209 कामों की शुरुआत

भोपाल  मध्य प्रदेश में 8 लाख करोड़ की 209 केंद्रीय परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ कामों के लिए जमीन समय पर नहीं मिलने, समय रहते पेड़ों की कटाई नहीं होने, गांव खाली नहीं होने, एजेंसियां तय करने में समय लगने जैसे 423 अड़गे आए, जिनकी वजह से काम रोकना पड़ा। इसे देखते हुए केंद्र ने राज्य के साथ मिलकर ऐसी परियोजनाओं को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप व प्रोएक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) के जरिए दोबारा सक्रिय किया और हाईटेक निगरानी भी की। इस आधार पर मप्र ने समय रहते इनमें से 97 फीसद अड़ंगों को दूर कर लिया है। कम समय में तेजी से बाधाओं को दूर कर केंद्रीय परियोजनाओं (Central Projects) पर तेजी से काम करने वाले राज्यों में मप्र टॉप-10 में शामिल हो गया है। अब कामों में और तेजी आई है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सीएम निवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए कही। ऐसे पकड़ में आईं बाधाएं सीएस अनुराग जैन ने बताया, पीएमजी समीक्षा में 322 बाधाओं को पहचाना गया और 312 को दूर किया। जबकि प्रगति पोर्टल से 39 परियोजनाओं की समीक्षा में 124 बांधाएं मिली, 120 का समाधान कर चुके। इस तरह राज्य ने पीएमजी और प्रगति दोनों के 97% बाधाओं को दूर कर दिया। हाईटेक होगी निगरानी केंद्रीय योजनाओं की निगरानी के लिए पीएमजी, प्रगति, पीएम गति शक्ति समेत कई अहम पोर्टल हैं। इसी की तर्ज पर राज्य सरकार की योजनाओं की हाईटेक निगरानी के लिए सीएम प्रगति पोर्टल डिजाइन कराया गया है। मुख्यमंत्री जल्द ही इसे लॉन्च करेंगे। पीएम भी इनकी समीक्षा करेंगे और विलंब पर सीएस जिम्मेदार होंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में सीएम का रोल अहम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव (BJP national president election) की तारीख लगभग तय हो गई है। 19 जनवरी को प्रक्रिया शुरू होगी और 20 की शाम तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का उक्त चुनावी प्रक्रिया में अहम रोल हो सकता है। वे प्रस्तावक या समर्थक बनाए जा सकते हैं, साथ ही चुनाव की अन्य प्रक्रियाओं में भी शामिल हो सकते हैं। इस चुनाव प्रक्रिया में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सावित्री ठाकुर, डीडी उड़के, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हो सकते हैं। वहीं दिल्ली से इसके संकेत मिलने के बाद सीएम ने अपना स्विट्जरलैंड दौरा आगे बढ़ा दिया है। उनके स्थान पर दावोस के लिए एसीएस नीरज मंडलोई के नेतृत्व टीम रवाना होगी। वहीं सीएम 19 व 20 को दिल्ली में रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, वे दिल्ली प्रवास के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की दो साल के कार्यकाल से अवगत करा सकते हैं। केंद्र से मिली परियोजनाओं की प्रगति 261,340 करोड़ निवेश वाली 108 परियोजनाओं की बाधाएं दूर। अभी 5,24,471 करोड़ के 101 परियोजनाओं पर काम चल रहा। रेल की 14, सड़‌क परिवहन की 13, विद्युत की 5 और नवकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीते बसाए हैं जबकि धार के पीएम मित्र पार्क में काम शुरू हो चुका है। 

उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में मुख्यमंत्री यादव ने सपत्नीक पूजा की

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज यहां स्थित देवगुरु श्री बृहस्पति मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान बृहस्पति के दर्शन कर पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को ये पूजा अर्चना मंदिर के पंडित आलोक गुरु द्वारा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में दर्शन के बाद तेलीवाड़ा क्षेत्र में आम नागरिकों के साथ चाय के साथ चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: संकल्प से समाधान अभियान से हर पात्र हितग्राही को मिले लाभ

प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

ग्वालियर और उज्जैन मेला में नई गाड़ी पर 50% टैक्स छूट, जानिए कैसे उठाएं फायदा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहित से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में नई गाड़ियां खरीदने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का रहा। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक के बाद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया को बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। ग्वालियर और उज्जैन में टैक्स पर छूट वहीं, एमपी कैबिनेट ने एक अन्य बड़ा फैसला किया है। ग्वालियर मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव से गाड़ी खरीदने पर 50 फीसदी टैक्स में छूट मिलेगी। इसे लेकर लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ग्वालियर मेला लग भी गया है। अब सरकार की घोषणा के बाद मेले से गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार बढ़ेगी।  19 दिन बाद मिली टैक्स छूट को हरी झंडी गौरतलब है कि ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हो चुका था। मेले की शुरुआत के साथ ही नई गाड़ियों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन टैक्स में 50% छूट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। करीब 19 दिनों बाद इस प्रस्ताव को 13 जनवरी की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली, जिससे अब मेले में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हाईटेक बनी मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट यह बैठक मोहन सरकार की पहली हाईटेक ई-कैबिनेट बैठक रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए गए। बता दें कि 6 जनवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए थे और ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रेजेंटेशन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कार्यप्रणाली अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के लिए बड़ी राहत कैबिनेट ने प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से लंबे समय से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। जनता और व्यापार दोनों को लाभ कैबिनेट के इन फैसलों से जहां एक ओर व्यापार मेलों में वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक वेतन संरचना का लाभ मिलेगा। ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले वहीं, कैबिनेट ने स्पेस टेक पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। साथ ही दूसरे चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के स्थापना को मंजूरी दी है। इस पर 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायसेन और राजगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आज ई-कैबिनेट हुई है। मीटिंग में सीएम से लेकर सभी मंत्री तक टैबलेट लेकर पहुंचे थे। अब फाइलों की जगह टैबलेट में ही सारे दस्तावेज होंगे। मीटिंग शुरू होने से पहले सभी लोगों ने सामूहिक रूप से तस्वीर भी खींचवाई।

अनामिका बैगा के डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार, मोहन सरकार ने दी नीट कोचिंग की सुविधा

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सीएम की सभा में रोने वाली आदिवासी छात्रा अनामिका बैगा के लिए अच्छी खबर है। सीएम मोहन यादव ने उसकी फरियाद सुन ली है। साथ ही उसके पढ़ने की व्यवस्था कर दी है। भोपाल के कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए उसका एडमिशन करवाया जा रहा है। सीएम से मिल नहीं पाई थी अनामिका दरअसल, अपनी फरियाद लेकर सुरक्षा कारणों से अनामिका सीएम से नहीं मिल पाई थी। मगर मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव तक उसकी आवाज पहुंच गई थी। वह अपनी बातें कहते हुए फफक-फफक कर रो रही थी। इसके बाद सीएम ने कहा था कि हम उसकी पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे। वह पढ़ लिखकर अच्छा डॉक्टर बनेगी। सीएम के पहल पर निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई मीडिया की खबरों रोते हुए नजर आई अनामिका बैगा की तस्वीरों को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक यह बात पहुंचाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए अनामिका बैगा तक मदद पहुंचाने के लिए सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को मदद पहुंचाने के लिए निर्देश दिया, जिसके बाद अनामिका के निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई. अब सरकार अनामिका बैगा कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री का खर्च खुद उठाएगी. सीएम ने लिखा, अनामिका की हरसंभव मदद की जाएगी रिपोर्ट के मुताबिक अनामिका बैगा के बारे में मिली सूचना के आधार पर सीएम ने सीधी कलेक्टर को मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च में मदद के लिए गुहार कर रही अनामिका बैगा की मदद करने के लिए निर्देश दिया. सीएम मोहन ने एक्स हैंडल पर इसका जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से अनामिका को हर संभव सहायता की जाएगी. अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में निः शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, गरीबी का हवाला देकर ही अनामिका ने मुख्यमंत्री जी से मिलकर मदद मांगने पहुंची थी, लेकिन अब अनामिका काफी खुश है. मुख्यमंत्री से मिली मदद के बारे में सुनकर अनामिका का पूरा परिवार भी खुश है.  अनामिका की मदद के लिए सीएम ने कलेक्टर को निर्देश दिया अनामिका बैगा के बारे मिली सूचना के बाद सीधी कलेक्टर को निः शुल्क कोचिंग की सुविधा दिलाने के लिए निर्देशित करने के बाद सीएम मोहन ने एक्स पर लिखा, कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद के लिए अनुरोध किया. मेरे संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई और छात्रावास के लिए मदद चाहती है. यह संज्ञान में आने के बाद बिटिया के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं. भोपाल के कोचिंग संस्थान में अनामिका का नि:शुल्क एडमिशन  उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में नि:शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अनामिका को वर्तमान में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए एकेडमी में निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. ज्ञान शिखर एकेडमी के डायरेक्टर अनिरुद्ध सिंह तोमर ने खुद अनामिका को सहयोगात्मक प्रस्ताव दिया गया. बकौल सीएम मोहन, बिटिया अनामिका बैगा को आगे भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता की जाएगी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक दिन बिटिया अनामिका एक विख्यात चिकित्सक के रूप में मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी. प्रशासन ने सुनिश्चित की अनामिका के भोपाल प्रवास की व्यवस्था मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि अनामिका के भोपाल जाने की समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा रही हैं. कलेक्टर के निर्देश पर सीधी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनामिका को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है. साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि अनामिका की शिक्षा की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए. आदिवासी बेटी अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मेडिकल की तैयारी के लिए निः शुल्क कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री की सुविधा दिलाने के लिए अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. अनामिका ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सहयोग उसके सपनों को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा. यह एक संदेश भी है कि राज्य सरकार प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है. भोपाल में होगा एडमिशन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने छात्रा को कलेक्ट्रेट बुलाकर पूरी जानकारी ली थी। साथ ही हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री की पहल पर भोपाल ज्ञान शिखर एकेडमी में अनामिका बैगा प्रवेश कराया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह आदिवासी बच्ची अनामिका बैगा परिजनों के साथ बुलाकर नीट की तैयारी के लिए प्रवेश की जानकारी दी। इससे छात्रा के चेहरे पर मुस्कान दिखी है। साथ ही सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि अनामिका बैगा आदिवासी समाज से आती है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। वह गांव से बाहर पढ़ाई के लिए निकली है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिसकी वजह से आगे की पढ़ाई वह कर पाने में असमर्थ थी। इसी वजह से वह सीएम से मदद मांग रही थी। अब मदद मिल गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथों उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव का उद्घाटन, पाँच दिन चलेगा उत्सव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय 'श्रीमहाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। 5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ 'शिवोऽहम्' की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' 'शिवा' थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत 'शिव केंद्रित नृत्य नाटिका' से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा। त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली 'कला यात्रा' शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे। 15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय 'शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में' रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।