samacharsecretary.com

दावोस में CM मोहन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शुरू करेगा वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम-2026 में निवेश अभियान

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक बार फिर वैश्विक निवेश केंद्र वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को राज्य की विकास नीति का केंद्र बनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते एक वर्ष में देश-विदेश में निरंतर निवेश संवाद किया है। अब जनवरी में दावोस दौरे के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक उद्योग जगत से संवाद कर म.प्र. आमंत्रित किया जायेगा। इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की थीम “A Spirit of Dialogue” रखी गई है, जो सहयोग और साझेदारी पर आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करती है। इसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के साथ दावोस में निवेश-केंद्रित संवाद, नीति प्रस्तुतिकरण और रणनीतिक साझेदारियों पर फोकस करेगा। लगभग पांच वर्षों बाद राज्य सरकार की औपचारिक भागीदारी को वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की नई आर्थिक ऊर्जा और प्रशासनिक तत्परता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। दावोस में मध्यप्रदेश की सहभागिता के दौरान एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, पर्यटन विभाग और नीति सलाहकार सक्रिय रूप से वन-टू-वन मीटिंग्स, सेक्टोरल राउंडटेबल्स और कॉर्पोरेट सत्रों में भाग लेंगे। वैश्विक सीईओ और अध्यक्षों के साथ बैठकों में औद्योगिक विस्तार, निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन पर चर्चा होगी। मीडिया इंटरैक्शन के माध्यम से मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्राथमिकताओं और निवेश-अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश विशेष रूप से कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायोटेक-फार्मा-हेल्थकेयर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन उद्योग, टेक्सटाइल एवं गारमेंट, रियल एस्टेट, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, होल्डिंग कंपनियों, शिक्षा और खेल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश संवाद करेगा। “लोकल टू ग्लोबल” रणनीति के तहत मध्यप्रदेश अपने संसाधनों और कुशल मानव-शक्ति को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगा। दावोस एजेंडे में ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अडानी समूह के साथ मुरैना विद्युत वितरण से जुड़े एमओयू, अडानी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन में सहयोग, स्विट्ज़रलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ स्ट्रेटेजिक लॉजिस्टिक्स हब और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन (C4IR) की स्थापना का प्रस्ताव भी इस दौरे का प्रमुख आकर्षण है। कृषि-प्रौद्योगिकी, फूड प्रोसेसिंग, जलवायु अनुकूलन और सतत विकास पर केंद्रित इस केंद्र को लेकर 19 जनवरी को एमपीआईडीसी और वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के बीच एमओयू हस्ताक्षर प्रस्तावित है। मध्यप्रदेश की दावोस सहभागिता का केंद्र बिंदु राज्य के प्राथमिक फोकस सेक्टर्स को वैश्विक निवेश मानचित्र से जोड़ना है। कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग, हेल्थकेयर, रियल एस्टेट और निर्यात उन्मुख उद्योगों में निवेश के अवसरों को रणनीतिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे निवेश को आकर्षित करना है जो तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दे। दावोस में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, नीति-स्थिर और दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान: गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार

गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 40 साल पुराने रासायनिक कचरे का हुआ निष्पादन, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का होगा विकास परिसर की वायु पूर्ण स्वच्छ, मुख्यमंत्री ने बिना मास्क पहने किया मुआयना यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बनाएंगे भोपाल गैस त्रासदी स्मारक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 2 और 3 दिसम्बर 1984 की दरमियानी रात भोपाल में मिथाइल आइसोसायनाइट (एमआईसी) गैस का रिसाव एक भीषण दुर्घटना थी। घटना में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। करीब 40 साल तक रासायनिक कचरा यहां पड़ा रहा। हमारी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में बिना किसी पर्यावरण नुकसान और मानव हानि के यहां के रासायनिक कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम समाज के सभी वर्गों एवं प्रभावित पक्षों को विश्वास में लेकर यूनियन कार्बाइड परिसर का विकास करेंगे और माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में अब स्वच्छ हो चुके इस परिसर में भोपाल गैस त्रासदी में दिवंगत व्यक्तियों की स्मृति में एक स्मारक' बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी गैस पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है। प्रभावितों के कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का गहनता से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों से इस परिसर में स्मारक निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना, संचालक गैस राहत स्वतंत्र कुमार सिंह, निगमायुक्त श्रीमती संस्कृति जैन और गैस त्रासदी राहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फैक्ट्री परिसर के समुचित विकास के लिए करेंगे सभी जरूरी प्रबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड फैक्ट्री परिसर में पड़े रासायनिक कचरे का माननीय उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समुचित निष्पादन किया जा चुका है। अब हम भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण के साथ इस परिसर के भी समुचित विकास के लिए सभी जरूरी प्रबंध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में बिना किसी सेफ्टी मास्क के गए और फैक्ट्री के कोर एरिया का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव मध्यप्रदेश की ही नहीं, देश की सबसे भीषण गैस त्रासदी थी। वर्ष 1984 में 2 और 3 दिसंबर की रात इस फैक्ट्री से गैस के दुष्प्रभाव के कारण भोपाल ने मौत का जो मंज़र देखा, वह हमारी स्मृतियों से कभी हटेगा नहीं। गैस त्रासदी के बाद तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को लावारिस छोड़कर बड़ी लापरवाही की। उन्होंने फैक्ट्री में फैले जहरीले कचरे को हटाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और इस भीषण त्रासदी के बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया। तत्कालीन सरकार के जिम्मेदारों ने फैक्ट्री के मालिक वॉरेन एंडरसन को यहां से भाग जाने में मदद की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र में यूपीए सरकार रहते हुए भी इस गैस प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारी सरकार ने कोर्ट के सभी निर्देशों पर अमल करते हुए पिछले साल यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निष्पादन कराया। यह दुनिया के लिए एक संदेश भी है कि किस प्रकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से जहरीले कचरे को बिना पर्यावरण/मानव हानि के खत्म किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजधानी के माथे से इस कलंक का मिटाने का कार्य किया है। इसके लिए गैस राहत विभाग सहित सभी संबंधित प्रभावित पक्ष भी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी विकास और सुशासन की व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। अब हमारी सरकार माननीय न्यायालय के मार्गदर्शन में परिसर में स्मारक बनाने सहित अन्य विकास कार्यों के लिए सुझावों पर अमल करेगी। इसमें सभी पक्षों को चर्चा कर विश्वास में लिया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र के नव निर्माण के लिए कार्य करेगी। प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। भोपाल सहित आस-पास के 6 जिले इस मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के दायरे में आएंगे। ऐसे में भोपाल शहर के विकास के लिए सभी बाधाओं को हरसंभव प्रयास कर दूर किया जा रहा है। हमारी सरकार विकास के कारवां को निरंतर गति दे रही है। मुख्यमंत्री ने महिला के अनुरोध पर रूकवाया अपना काफिला…. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर का सघन मुआयना करने के बाद लौटते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आरिफ नगर में पूजा कर रही एक महिला ने रोका। महिला के अनुरोध पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपना काफिला रूकवाया। मुख्यमंत्री से महिला ने अनुरोध किया कि भगवान भोलेनाथ को 2 अगरबत्ती लगा दीजिए। महिला ने अगरबत्ती जलाकर मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति पर महिला के आग्रह पर अगरबत्ती लगाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने यहां क्षेत्रीय महिलाओं से आत्मीयता से पूछा कि सब ठीक है, लाड़ली बहना के पैसे मिल रहे हैं ? इस पर लाड़ली बहनों ने कहा कि हाँ, उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों के साथ खुद सेल्फी लेकर उन सबको खुश कर दिया। आरिफ नगर में एक महिला श्रीमती मंजु बाई ने बताया कि उसके पति बीमार हैं। कुछ आर्थिक मदद कर दीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती मंजु को दिलासा दी और एक अन्य महिला श्रीमती प्रभा बाई कुशवाहा सहित दोनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हज़ार रुपए मौके पर ही मंजूर कर दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम कमिश्नर भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन को इन दोनों महिलाओं के बैंक खाता नंबर नोट कर जल्द से जल्द बीमारी सहायता राशि उन्हें पहुंचाने के निर्देश दिए। नगर निगम कमिश्नर … Read more

MLA बरैया की विवादित टिप्पणी, मोहन यादव ने उठाया सवाल: क्या राहुल गांधी उन्हें पार्टी से बाहर करेंगे?

भोपाल  अपने बयानों के चलते हमेशा चर्चाओं में रहने वाले कांग्रेस नेता और भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया ने एक बार फिर अपने विवादित बयान से भूचाल ला दिया है. इस बार उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासत के साथ-साथ समाज को भी झकझोर दिया है. विधायक बरैया का कथित बयान था कि अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और दुष्कर्म हो सकता है. बरैया यहीं नहीं रूके आगे वे एक समुदाय विशेष को लेकर कहते हैं कि फिर उन समुदायों में क्यों होता है दुष्कर्म, क्योंकि धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी बयान आया है. बरैया के विवादित बयान पर सीएम ने दी प्रतिक्रिया सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपने विधायक को पार्टी से बाहर करना चाहिए. बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का प्रयास किया है." हालांकि, जब राहुल गांधी इंदौर पहुंचे तो कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया उनके साथ चलते दिखाई दिए. ये पूरा बवाल फूल सिंह बरैया के उस बयान के बाद उठा है जिसमें उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के धर्म ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि खास वर्ग की महिलाओं से दुष्कर्म करने पर तीर्थ यात्रा का फल मिलता है." उनके इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है. मोहन यादव ने कहा बरैया को बाहर करें राहुल भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा, "कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया ने इस तरह का बयान देकर समाज में जहर घोलने का काम किया है. राहुल गांधी के मन में अगर सभी समाजों के लिए सम्मान है, तो मैं उम्मीद करूंगा कि वे (राहुल गांधी) अपने विधायक को सस्पेंड करेंगे. उन्हें पार्टी से बाहर निकालेंगे. मैं इस बयान की निंदा करता हूं. फूल सिंह बरैया के पास एक विधायक का उत्तरदायित्व है. उन्हें इस तरह के बयानों से बचना चाहिए था." शिवराज बोले ये शर्मनाक, बेटियां तो देवियां हैं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के कथित बयान को केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अशोभनीय बताया है. उन्होंने कहा कि "हम बेटियों को जाति समाज में बांटकर नहीं देख सकते. हमारे यहां तो बेटियां दुर्गा लक्ष्मी का स्वरूप होती हैं. अब क्या बेटियों को भी बांटोगे? कोई भी नेता हो या अन्य कोई व्यक्ति, उसे ऐसी अशोभनीय टिप्पणी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए." शिवराज सिंह ने कहा, "ये मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखद है." बरैया के बयान पर बीजेपी ने उठाया सवाल उधर इंदौर में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया दिखाई दिए तो उस पर बीजेपी ने सवाल उठाया कि बरैया के इस बयान से क्या राहुल गांधी की सहमति और स्वीकारोक्ति मानी जाए." बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा, "अब स्पष्ट है कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति दूषित, विकृत और कुंठित मानसिकता सिर्फ बरैया की नहीं, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पूरी कांग्रेस की सोच है. अगर आपत्ति होती, तो मंच साझा नहीं किया जाता. शर्म आनी चाहिए कांग्रेस को और विशेषकर सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी को, जो महिला सम्मान की बातें तो करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी की अपराधी मानसिकता पर चुप हैं. यह चुप्पी अब मौन नहीं, समर्थन है. नारी देवी है, राजनीतिक औजार नहीं. अपमान बर्दाश्त नहीं. धिक्कार है ऐसी कांग्रेस पर." 'शिकायत मिलती है, तो पार्टी एक्शन लेगी' कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है. एक तरफ जहां, हिंदू संगठन और बीजेपी के नेता कार्यकर्ता फूल सिंह बरैया का जमकर विरोध कर रहे हैं. माना जा रहा है कि वहीं अब कांग्रेस संगठन भी एक्शन ले सकता है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने कहा है कि "यह उनका व्यक्तिगत बयान है कांग्रेस इससे सहमति नहीं रखती, दुष्कर्म एक मानसिक सोच होती है. कोई जाती धर्म देखकर दुष्कर्म नहीं होता व्यक्तिगत नहीं यह अपराधी प्रवर्ती के लोग करते हैं. खूबसूरती आंखों में बसती है हर बच्चा अपने मां बाप के लिए सबसे सुंदर होता है. यदि कोई शिकायत मिलती है तो पार्टी में अनुशान समिति है जो एक्शन लेगी."

यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री फिर चर्चा में, CM मोहन यादव ने लिया स्थल का दौरा

भोपाल  सीएम मोहन यादव शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंच गए। ठीक उसी स्थान पर जहां दुनिया की भीषण त्रासदी लोगों को झेलना पड़ी थी। सीएम ने उस फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस मौके पर गैस राहत विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे, सीएम ने उनसे काफी देर तक चर्चा की। यह फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर बनी है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत विभाग के अधिकारी इस फैक्ट्री और जमीन से जुड़ी फाइलों को देख रहे थे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन कचरा यूनियन कार्बाइड में 40 सालों से पड़ा कचरा पिछले साल जनवरी में पीथमपुर भेजा गया था, जहां उस जहरीले कचरे के नष्ट कर दिया गया। 12 कंटेनरों में भरकर इस कचरे को पीथमपुर ले जाया गया था। इस कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का जमकर विरोध भी देखने को मिला था, अंततः कचरा नष्ट कर दिया गया और उसकी राख तक को दफन कर दिया गया। गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में से एक थी। 41 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात को यह भीषण घटना हुई थी। जेपी नगर क्षेत्र में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के टैंक नंबर 610 में से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हुई थी। आज भी उस रात की तस्वीरें रूह कंपा देती है। इस घटना के चश्मदीद और उस दौर के पत्रकार बताते हैं कि हर तरफ लाशें ही लाशें बिछ गई थी। उन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गई थी, लाशों को जलाने के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थी। CM डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अचानक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और गैस राहत विभाग के अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री 85 एकड़ जमीन पर फैली हुई है, जिसकी फाइलों की समीक्षा एक दिन पहले ही जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने की थी। 40 सालों से फैक्ट्री में पड़ा 337 टन जहरीला कचरा जनवरी 2025 में पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया, जिसे 12 कंटेनरों में भरकर ले जाया गया था। पीथमपुर में जहरीले कचरे के निपटान का कड़ा विरोध हुआ, लेकिन अंततः कचरा और उसकी राख को सुरक्षित तरीके से दफन कर दिया गया। भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक है, जिसमें 2-3 दिसंबर 1984 की रात मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक होने से हजारों लोगों की मौत हुई थी।

CM मोहन ने लाड़ली बहनों के लिए किया बड़ा ऐलान, बढ़ेगी राशि और मिलेगा रोजगार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में निरंतर प्रदेश के विकास के लिये कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है, जहाँ विकास के 4 सूत्र गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (जीवायएएन) के सशक्तिकरण के लिये मिशन मोड पर कार्य हो रहा है। प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से प्रदेश की 29 लाख पात्र हितग्राही बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 90 करोड़ से अधिक अनुदान राशि ट्रांसफर की और सोहागपुर विधानसभा के लिए 206 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। इसमें माखन नगर का नवनिर्मित सर्किट हाउस भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ख्यातनाम साहित्यकार पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं मुख्य चौक पर लगे तिरंगे को फहराकर राष्ट्रगान की धुन के साथ सलामी दी। उन्होंने कहा कि पं. माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं में ऐसा ओज था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी बाबई की धरती पर आकर उनकी जन्म-स्थली को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के खातों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त का अंतरण किया गया है। उन्होंने कहा कि बहनों के हाथ में पैसे आते हैं, तो वह पूरे परिवार की चिंता करती हैं। स्वयं को सबसे पीछे रखती है और परिवार के लिए अपना जीवन लगा देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार धीरे-धीरे लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाती जा रही है। रोजगारपरक उद्योग में काम करने पर बहनों को 5 हजार रुपए देने में भी सरकार मदद करेगी। बहनों को संपत्ति की रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम का मलबरी रेशम प्रसिद्ध है। यहां धागा निर्माण में उद्योग शुरू कर 50 दीदियां लखपति बनी हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है। इस वर्ष कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ा जाएगा। बहनों को प्रशिक्षण देकर स्व-सहायता समूह से जोड़ेंगे। किसानों को गेहूं, धान और दालों का उचित मूल्य दिलवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र की 1000 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है। उद्योगों के लिए अब 400 एकड़ भूमि आवंटन पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दे रही है। हम सभी वर्ष @2047 तक भारत को विकसित बनाते दुनिया का नंबर वन देश बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित जल के कारण हुई घटना के बाद हमारी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं 42 हजार हैक्टेयर की बागरा-साखा होज सिंचाई परियोजना प्रारंभ होगी। 122 करोड़ की लागत से तवा नदी पर नया पुल बनेगा। इससे बाबई-सोहागपुर सीधे इटारसी से जुड़ेगा। नर्मदापुरम से बाबई, सोहागपुर, पिपरिया और बनखेड़ी तक सड़क को 4 लेन किया जाएगा। माखन नगर में महाविद्यालय के लिए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण होगा। सोहागपुर में एसडीएम भवन और माखन नगर में नया तहसील भवन बनेगा। माखन नगर को मिलेगी नई फायर ब्रिगेड। माखन नगर के लिए 154 एकड़ भूमि पर 5 हजार से अधिक क्षमता की विशाल गौशाला बनेगी। माखन नगर में खेल स्टेडियम और सोहागपुर में नया महाविद्यालय बनेगा।  मुख्यमंत्री का रोड-शो में नागरिकों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माखन नगर में रोड-शो किया। नगर के मुख्य मार्गों पर खुले वाहन में सवार होकर मुख्यमंत्री ने नागरिकों का अभिवादन किया। रोड-शो के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया।      क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया है। आज सोहागपुर विधानसभा में 206 करोड़ से अधिक लागत के 35 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ है। नर्मदापुरम में 11 करोड़ रुपये की लागत से तहसील कार्यालय, माखन नगर में विश्राम गृह, ग्रामीण सड़क और सिवनी मालवा में अस्पताल के भवनों का लोकार्पण हुआ है।  नर्मदापुरम में नया पॉलिटेक्निक कॉलेज बनेगा। विधायक विजय पाल सिंह ने कहा कि मु्ख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबई-मोहासा को 200 एकड़ से अधिक भूमि पर बन रहे नए औद्योगिक क्षेत्र की सौगात दी है। किसानों को सोलर पंप की सौगात मिल रही है। सोहागपुर वासियों को हर प्रकार से विकास परियोजनाओं का लाभ मिल रहा है। सेमरी को गोकुल ग्राम बनाए जाने की सौगात मिली है। लाड़ली बहना सम्मेलन में अनेक जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। लाड़ली बहना राखी दुबे ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हम महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता राशि मिल रही है। इस राशि से हम अपनी दैनिक आवश्यकताओं की उपयोगी सामग्री खरीद पा रहे हैं, जिससे हमारा जीवन आसान हुआ है।  लाड़ली बहना सुमन यादव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा लाड़ली बहनों को दी जा रही आर्थिक सहायता से हम बहनें आर्थिक रूप से सबल हुई हैं। घर के छोटे-मोटे काम योजना से मिली राशि से पूरे कर लेते हैं। मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का माखन नागर में स्वागत है। लाड़ली बहना योजना की हितग्राही हेमलता सिरके ने कहा कि मैं लाड़ली बहना योजना की हितग्राही हूँ और मुझे इसके अंतर्गत 1500 रूपए की राशि प्राप्त होती है। इससे मैंने सिलाई मशीन खरीदी है जिसके कारण में अपने बच्चों का अच्छे से ख़याल रख पाती हूँ । लाड़ली बहना हेमलता ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत हमें प्रतिमाह जो राशि प्राप्त होती है, उससे मैंने सिलाई मशीन ली है, ब्यूटी पार्लर का कार्य कर रही हूँ और अपने बच्चों की फीस भी भर पा रही हूँ। इस सहायता से मैं अपने परिवार का सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हूँ। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करती हूँ। लाड़ली बहना तारा मेहरा ने कहा कि मुझे … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल उत्सव में भाग लिया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत उत्सव प्रिय संस्कृति में विश्वास रखता है। जहां उत्तर भारत में मकर संक्रांति उल्लास से मनाई जाती है वहीं दक्षिण भारत विशेष रूप से तमिलनाडु में पोंगल त्यौहार आनंद और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। यह प्रकृति की पूजा और पशुधन के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर भी है। पोंगल त्यौहार पर दूध, गुड़ और उबले चावल की खीर बहुत पसंद की जाती है। अब देश भर में सभी प्रांतों में सभी समुदायों के व्यंजन उपलब्ध हैं और भारतीय नागरिक सभी पर्वों और त्योहारों का आनंद का भी लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम होटल पलाश में आयोजित हैप्पी पोंगल उत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोंगल त्यौहार के विविध आयामों पर प्रदर्शित स्टॉल देखे और आयोजक एवं भागीदारी करने वाले नागरिकों को बधाई दी। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री और मप्र पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक इलैया राजा टी और तमिल समुदाय के अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। भारतीय लोक संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व पोंगल में भागीदारी करने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक अंग वस्त्र से स्वागत किया गया।  

डॉ. यादव ने महाभारत समागम का किया उद्घाटन, सांस्कृतिक विविधता का संगम

मुख्यरमंत्री डॉ. यादव ने किया महाभारत समागम का शुभारंभ भारत भवन परिसर में बिखरे बहुरंगी संस्कृति के रंग आगामी 24 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन होंगे सांस्कृतिक, वैचारिक आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विरासत से विकास की ओर देश को मंजिल दर मंजिल आगे ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। वे भारतीय संस्कृति को विभिन्न देशों तक पहुंचाने का प्रयत्न करते हैं। अन्य देशों के राष्ट्रपति जब भारत आते हैं तो उनको पवित्र श्रीमद्भागवत गीता हमारे प्रधानमंत्री भेंट करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारत भवन भोपाल में वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम का शुभारंभ किया। यह आयोजन 9 दिन चलेगा। समागम के शुभारंभ अवसर पर परिसर के खुले विशाल मंच पर मेत्रैयी पहाड़ी और उनके कलाकार साथियों ने विश्व को शांति और न्याय का संदेश देने वाली सशक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने भारत भवन परिसर की कला दीर्घाओं में आयोजित दो विशेष प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक सभ्यताओं के संघर्ष और औदार्य की महागाथा महाभारत पर केन्द्रित देश का प्रथम और अब तक के सबसे वृहद आयोजन के साक्षी होने का यह अवसर है। इस महाभारत समागम में आकर ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे महाभारत काल में पहुंचकर घटनाओं को देख रहे हों। कलाकारों ने अपने पात्रों को जीते हुए पूर्व जन्म से कथा का तानाबाना बुना है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस जैसे विशेष अवसर पर भी ऐसी प्रस्तुति की जाएगी। महाभारत समागन में इंडोनेशिया सहित अन्य राष्ट्रों के नाट्य समूह आमंत्रित किए गए हैं। वीर भारत न्यास का यह महत्वपूर्ण वैचारिक और सांस्कृतिक उपक्रम है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी नई ऊर्जा देगा। रामायण और महाभारत काल से देश को समझना आसान, उदारता हमारी विशेषता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण और महाभारत काल की घटनाओं को देखने पर भारत को अच्छी तरह समझा जा सकता है। भारत की सभ्यता को नष्ट करने के कई सदियों के कृत्य देखें तो कष्ट के वे क्षण पीड़ादायक लगते हैं। लेकिन इसके साथ ही भारत की उदारता की छवि सबसे अलग है। हमारी सभ्यता में जो लचीलापन और औदार्य रहा है, यह एक ऐसी विशिष्टता है जिसके बलबूते हमारी सभ्यता ने विशेष मुकाम बनाया है। काल प्रवाह में अनेक सभ्यताएं आईं और चली गईं। भारत कठिन परिस्थितियों से निकलकर पुन: उठकर खड़ा हो सकता है। नगरों में गीता भवन, गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति मार्ग को समझ रहे हैं युवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता जयंती पर राज्य स्तर पर गीता पाठ प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही वीर भारत न्यास द्वारा श्रीमद्भगवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बहुत संतोष का विषय है कि इसमें युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। लाखों विद्यार्थियों ने गीता जयंती के माध्यम से गीता को अमर कर दिया। युवा गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति के मार्ग को समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतियोगिता के 88 विजेताओं में से कुछ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि कुल 90 लाख के पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें नगद राशि के अलावा, लैपटॉप, ई रिक्शा और ई बाइक शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एक लाख रुपए का पुरस्कार जीतने वाली सुहिमांशी मिश्रा ने भी भेंट की और साथ में चित्र खिंचवाया। सुहिमांशी ने मुख्यमंत्री डॉ यादव के इस प्रश्न पर कि गीता पाठ किससे सीखा तो हिमांशी ने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता से यह सब सीखने को मिला है। प्रतियोगिता में रायसेन की दीक्षा सिंह ने भी यह पुरस्कार जीता है। इसके अलावा ग्वालियर की मान्या भटनागर और छिंदवाड़ा के गोविंद सिंह को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की पत्रिका और वेबसाइट का लोकार्पण किया। साथ ही भूली बिसरी सभ्यताएं का विमोचन किया। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए इस अवसर पर विधायक विष्णु खत्री, वीर भारत न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव, टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मोहन तिवारी, मुकेश मिश्रा और अन्य अतिथि उपस्थित थे।  

एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में मध्यप्रदेश ने दिखाया बेहतरीन प्रदर्शन

एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग नीति आयोग के EPI-2024 में म.प्र. टॉप 10 में  ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शीर्ष पर पहुंचा प्रदेश भोपाल  नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तत्परता सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के 17 बड़े राज्यों में 9वां स्थान प्राप्त किया है। 57 अंकों के साथ प्रदेश न केवल ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल हुआ है, बल्कि इस श्रेणी के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यात-संवर्धन नीतियों, बेहतर व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र और निरंतर सुधार की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता प्रदेश की निर्यात-अनुकूल नीतियों, व्यापार सुगमता सुधारों और उद्यम प्रोत्साहन पहलों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्यात को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए निरंतर प्रयासरत है और आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। चैलेंजर श्रेणी में मध्यप्रदेश अव्वल नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल मध्यप्रदेश, हरियाणा, केरल और पश्चिम बंगाल में मध्यप्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश ने हरियाणा (55.01 अंक), केरल (53.76 अंक) और पश्चिम बंगाल (53.03 अंक) जैसे स्थापित औद्योगिक एवं निर्यातक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 70 संकेतकों पर हुआ समग्र मूल्यांकन EPI-2024 में निर्यात अवसंरचना, व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र, नीति एवं शासन तथा निर्यात प्रदर्शन, चार प्रमुख स्तंभों के अंतर्गत 70 संकेतकों के आधार पर राज्यों का आकलन किया गया। इन सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी निर्यात क्षमता को मजबूती प्रदान की है। निर्यात में सतत वृद्धि मध्यप्रदेश ने हाल के वर्षों में निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जहां प्रदेश का निर्यात 47,959 करोड़ रुपये था, वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 66,218 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार की निर्यात-संवर्धन रणनीतियों और उद्योग-अनुकूल वातावरण का परिणाम है।  एक जिला-एक उत्पाद और निर्यात का सशक्त एकीकरण राज्य सरकार ‘एक जिला–एक उत्पाद (ODOP)’ को निर्यात से जोड़ने के लिए व्यापक रणनीति पर कार्य कर रही है। निर्यात-ODOP कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा रहा है। एक्सपोर्ट एवं ODOP एक्सेलरेटर कार्यक्रम के तहत नए उत्पादों और उद्यमियों को तकनीकी, विपणन और नीतिगत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। अप्रत्यक्ष निर्यात को प्रत्यक्ष अवसर में बदलने की पहल प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के माध्यम से होने वाले अप्रत्यक्ष निर्यात की पहचान कर संबंधित इकाइयों को स्वतंत्र निर्यातक के रूप में विकसित करने के लिए हैंडहोल्डिंग और समर्थन उपलब्ध कराएगी। इससे राज्य के कुल वस्तु निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। निर्यात हेल्पलाइन बनी सहारा राज्य शासन द्वारा संचालित निर्यात हेल्पलाइन (0755-257-7145) निर्यातकों, उद्यमियों और किसानों के लिए मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। यह हेल्पलाइन तकनीकी सहायता, बाजार जानकारी और नीतिगत मार्गदर्शन प्रदान कर निर्यात प्रक्रिया को सरल और सुलभ बना रही है। भविष्य की दिशा प्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, MSME निर्यात एकीकरण, जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन और ओडीओपी कार्यक्रम के विस्तार पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निर्यात मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाया जा सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से नई दिल्ली में की सौजन्य मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के क्षमता विस्तार के भूमि-पूजन के लिये किया आमंत्रित प्रदेश की उपलब्धियों और नवाचारों की दी जानकारी भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमि-पूजन के लिये अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड-साँची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी  लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है। ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज II, 2×800 MW) क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है। इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रूपये है। परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है। वर्ष 2026 कृषक कल्याण वर्ष प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन के लिये जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है। सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी। इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी। प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवगत कराया कि 25 दिसम्बर, 2025 को ग्वालियर में भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के विशेष अवसर पर "अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट" का आयोजन किया गया। समिट का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत से औद्योगिक/निर्माण इकाइयों का सामूहिक भूमि-पूजन एवं 5,810 करोड़ रुपए लागत से औद्योगिक विकास परियोजनाओं एवं सड़क विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश की 860 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 725 करोड़ रुपए की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि भी सिंगल क्लिक से वितरित की गई। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड एवं सांची के मध्य सहकार्यता अनुबंध के पश्चात दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में  2.50रुपये से 8.50 रुपये. प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। प्रदेश में 1394 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन तथा 661 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील बनाया गया है। इसमें लगभग 150 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन भी सम्मिलित है। उन्होंने बताया कि 22 दिसम्बर, 2025 को दुग्ध संघों द्वारा 12 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त किया गया, जो कि गत वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। हमारा लक्ष्य 50 लाख कि.ग्रा. प्रतिदिन दुग्ध संकलन का स्तर प्राप्त करना तथा प्रदेश के 26 हजार ग्रामों को दुग्ध सहकारी समितियों के कार्य क्षेत्र में लाना है, जिसके लिए हम दृढ़ संकल्पित होकर कार्यरत हैं। नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आपके द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के खात्मे के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए प्रदेश ने 'नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अब न सिर्फ मध्यप्रदेश में बल्कि मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन में भी कोई भी सशस्त्र और सक्रिय नक्सली नहीं बचा है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 10 सशस्त्र नक्सलियों को धराशायी किया है, जिन पर 1.46 करोड़ रुपए का ईनाम थाऔर 13 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्म-समर्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आत्म-समर्पित नक्सलियों से सघन पूछताछ कर समर्थक व्यक्तियों, संगठनों व वित्त पोषण के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उनके द्वारा जंगल में छुपाई गई नगद राशि, हथियारों आदि को बरामद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे पुनः नक्सली विचारधारा की तरफ न लौट पायें। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में त्वरित विकास के लिए चिन्हित 100 अत्यंत नक्सल प्रभावित गाँवों का माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इसमें गाँवों के सर्वांगीण विकास, आजीविका वृद्धि, मूलभूत सुविधाओं में सुधार आदि को शामिल किया गया है। नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 'बस्तर ओलम्पिक' की तरह बालाघाट में वृहद स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जा रहा है।  

CM यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से की मुलाकात, मध्यप्रदेश आने का किया निमंत्रण

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश आने का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से नई दिल्ली में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नड्डा को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया है। इसके साथ ही उनसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 जनवरी को मध्यप्रदेश आएंगे और 24 जनवरी को कटनी में मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री नड्डा के पास रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी है। उन्होंने मध्यप्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में यूरिया सहित सभी प्रकार की खादों की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग दिया है। इसके लिए उनको धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष उन्होंने निरंतर सहयोग किया जिसके फलस्वरुप किसानों को खाद पहुंचाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगातार नए-नए मेडिकल कॉलेज खोलते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। इस कार्य में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने में मध्यप्रदेश देश में नम्बर वन राज्य है। शासकीय अस्पतालों को जोड़कर प्राईवेट कॉलेज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा हे। ऐसे में हमारे दो मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा से भेंट कर उन्हें आमंत्रित किया गया। इन मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन से राज्य में 41 जिलों में मेडिकल कॉलेजों की सुविधा मिलेगी।