samacharsecretary.com

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रवीन्द्र भवन में 15 अप्रैल को होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाएं होंगी शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।  

डॉ. अम्बेडकर ने संविधान के रूप में हमें दिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संविधान निर्माता होने के साथ नए भारत के निर्माता भी हैं बाबा साहेब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. अम्बेडकर ने संविधान के रूप में हमें दिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रंथ नारी सशक्तिकरण के साहसी और प्रबल समर्थक थे बाबा साहेब न्यूनतम मजदूरी, कम्पनी लॉ, महिला श्रमिकों के अधिकार हैं बाबा साहेब की देन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भीम जन्मभूमि (महू) पहुंचकर बाबा साहेब को अर्पित की पुष्पांजलि महू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्मभूमि पर उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। बाबा साहेब एक ऐसे युग दृष्टा थे, जिन्होंने एक हजार साल की गुलामी की कठिनाइयों को दूर करने और समाज के अंदर समानता के भाव को विकसित करने के लिए लड़ाई लड़ी थी। बाबा साहेब के योगदान से हम सभी गौरवान्वित होते हैं। हमें उनके बनाए संविधान के अनुसार ही चलना चाहिए। इससे श्रेष्ठ संविधान और कोई नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर द्वारा महिला समानता और सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों और उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने बहनों को पिता की संपत्ति में अधिकार दिलाने, तलाक के समय मुआवजा और मातृत्व अवकाश दिलाने के लिए सराहनीय कार्य किया। उन्होंने हमें माताओं-बहनों के लिए 'समान काम-समान वेतन' का दूरदृष्टि पूर्ण विचार दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर के डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) में डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि परिसर में आयोजित जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। लोकसभा और विधानसभा में सुनिश्चित होगा 33 प्रतिशत आरक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब महिला सशक्तिकरण के साहसी और प्रबल समर्थक थे। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए बाबा साहेब ने अपनी कुर्सी तक छोड़ दी थी। न्यूनतम मजदूरी, कंपनी लॉ और महिला श्रमिकों को अधिकार हमें बाबा साहेब की ही देन है। केन्द्र सरकार संविधान निर्माता डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों पर चलते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रही है। आने वाले दिनों में लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पूर्ण रूप से लागू करने पर चर्चा होगी, इससे माताओं-बहनों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए डॉ. अम्बेडकर ने जो किया, इसके लिए देश उन्हें सदैव स्मरण करता रहेगा। बाबा साहेब ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण भारत माता की आराधना करते हुए समाज को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भीम जन्मभूमि पर आज होली-दीवाली जैसा माहौल है। बाबा साहेब के जीवन से जुड़े सभी 5 पड़ावों को हमारी सरकार ने पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। जातिगत असमानता को खत्म करने के लिए अंतर्जातीय विवाह करने पर नवदम्पत्तियों को हमारी सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप में 2 लाख रुपए दे रही है। अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण के लिए सरकार ने सालाना बजट का एक तिहाई हिस्सा इन्हें समर्पित किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनिल गजभिये और डॉ. सत्यभान मेश्राम द्वारा डॉ. अम्बेडकर के जीवन पर लिखी पुस्तक 'बाबा साहेब की दृष्टि में सामाजिक न्याय' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने डॉ. सुदीप भगतदीप, डॉ. संदेश माधवराव, स्व. निशांत कायरे, डॉ. मीना गजभिये सहित 5 समाजेसवियों को 'भीमरत्न अवॉर्ड 2026' से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सर्वजनों को 'बाबा साहेब अमर रहे' का नारा उद्घोष कराया। महू विधायक एवं पूर्व मंत्री सुऊषा ठाकुर ने कहा कि आज बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर हम उनके दिखाए मार्ग पर चलने का प्रयास करें। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हम सब मिलकर संकल्प लें कि जीवन में कभी हिंसा, चोरी, नशा और कोई गलत काम नहीं करेंगे। बाबा साहेब समाज में आमूल-चूल परिवर्तन के लिए कटिबद्ध थे। नारी शक्ति की समानता के उनके विचारों के आधार पर देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा की 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का निर्णय होने जा रहा है। वरिष्ठ विचारक आलोक कुमार ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर बेहद उच्च शिक्षित व्यक्तित्व थे, फिर भी उनके साथ तत्कालीन समाज में भेदभाव हुआ। जब संविधान लिखने की बारी आई, तो महात्मा गांधी जी ने पं. जवाहरलाल नेहरू को सुझाव दिया था कि संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनने के लिए एक ही व्यक्ति योग्य है और वह डॉ. भीमराव अम्बेडकर ही हैं। संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन की जिम्मेदारी डॉ. अम्बेडकर को उनकी योग्यता के कारण ही मिली थी। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने समाज को बंधुता और भाईचारा दिया। उन्होंने समानता का संकल्प किया था। भारतीय संविधान की धारा 17 में लिखा गया कि अस्पृश्यता (छुआछूत) को समाप्त किया जाता है और समाज के एक बड़े वंचित वर्ग को इस अन्याय से मुक्ति मिली थी। छुआछूत और भेदभाव भारतीय संस्कृति का कभी भी आधार नहीं रहा। हम सभी को भारत के संविधान में उल्लेखित नियमों/उपनियमों का पालन करना चाहिए। सभी को समान मानते हुए देश के विकास के लिए काम करने की आवश्यकता है। समाज के हर वर्ग को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, स्थानीय धम्म संस्था के अध्यक्ष धम्मदीप महाथेरो एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुयायियों संग सहभोज कर दिया समरसता का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जन्मस्थली स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए अनुयायियों के साथ सहभोज कर सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर देशभर से पधारे श्रद्धालुओं के साथ पंक्तिबद्ध बैठकर सह भोज किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर का जीवन हमें समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंबेडकर जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में समरसता और एकता को सुदृढ़ करने का अवसर है। इस प्रकार का सहभोज समाज में भेदभाव मिटाने और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का … Read more

राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देंगे, एकजुट होकर काम करेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब के सम्मान में उनकी स्मृति में कराया पंचतीर्थों का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बोर्ड ऑफिस स्थित बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर चौराहे पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉ. अम्बेडकर का योगदान अविस्मरणीय है, अतुलनीय है। उन्होंने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए भारतीय संविधान की रचना कर इसमें सबके अधिकारों की सुरक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा साहेब के सम्मान में पुष्पांजलि कार्यक्रम में मौजूद सबके समक्ष भारतीय संविधान की मूल उद्देश्यिका का वाचन कर 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहे' के नारे लगाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर आजीवन वंचितों, पीड़ितों, शोषितों और उपेक्षितों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनैतिक सशक्तिकरण की प्रखर आवाज थे। हमारी सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की समरसता और समानता की भावना को केन्द्र में रखकर लगातार काम कर रही है। बाबा साहेब ने हमें समानता का अधिकार दिलाया और अब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के पथ पर आगे बढ़ते हुए बाबा साहेब के स्वप्न को साकार कर रहे हैं। देश सबसे पहले है, हम सब सामाजिक समरसता के लिए मिल-जुलकर, एकजुट प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकारों ने हमेशा ही बाबा साहेब का सम्मान किया। भोपाल में उड़ान पुल बना, तो उसे हमने बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब की जन्मभूमि महू में भव्य स्मारक बनवाया। बाबा साहेब के नाम पर कामधेनु योजना शुरू की। सागर के अभयारण्य को बाबा साहेब का नाम दिया। बाबा साहेब के नाम पर आर्थिक कल्याण योजना शुरू की। हम ग्वालियर में भी डॉ. अम्बेडकर धाम बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिए उनकी जन्म भूमि (महू- डॉ. अम्बेडकर नगर, म.प्र.), शिक्षा भूमि (लंदन), दीक्षा भूमि (नागपुर, महाराष्ट्र), महापरिनिर्वाण भूमि (दिल्ली) एवं चैत्य भूमि (मुम्बई) को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर स्थाई निर्माण कार्य कराये हैं, जो बाबा साहेब के संघर्ष एवं आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने स्त्री शिक्षा, इनके नैसर्गिक अधिकारों के संरक्षण और इनके सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए विशेष प्रयास किये। उन्हीं के बताये मार्ग पर चलकर हमारा देश आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार देश की संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा कराने जा रही है। इस अधिनियम की मंशा देश की सभी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह 21वीं शताब्दी में देश की आधी आबादी को पूरा हक देने की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और कारगर कदम होगा, जो भारतीय गणतांत्रिक राष्ट्र की विधायिका व्यवस्था में महिलाओं का राजनीतिक नेतृत्व बढ़ाएगा। पुष्पांजलि कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रकाश, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भोपाल में डा. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती महोत्सव की शुरुआत की

भोपाल   डा बाबासहाब आंबेडकर जयंती मैदान तुलसी नगर, भोपाल में 12 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक 03 दिवसीय डा. बाबासहाब आंबेडकर जयंती उत्सव समारोह का प्रारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के हाथों हुआ। कार्यक्रम को विधायक श्री भगवानदास सबनानी, आरपीआई (आंबेडकर) के राष्ट्रीय महासचिव डा मोहनलाल पाटील, दि बुध्दिस सोसाइटी आफ इंडिया के श्री बी टी गजभीये , समता सैनिक दल के श्री उदभान चवरे तथा जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष श्री रामु गजभिये ने संबोधित किया तथा संचालन वामन जंजाले जी ने किया। मंच पर धम्मरतन सोमकुवर, बाबुराव ढोने, चिंतामन पगारे, गौतम पाटील, विजय कुमार, दिलिप मस्के, दिलिप बागडे, दिलिप कडबे उपस्थित थे। जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए डा मोहन यादव जी ने कहा कि डा आंबेडकर ने विश्व में देश का मान बढ़ाया। हम बाबासाहेब के सपनों को साकार कर सभी को न्याय दिला रहे है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के स्थापित गायक देवानंद जगताप एवं गायीका स्वरा तामगाडगे ने डा बाबासहाब आंबेडकर की जीवनी पर गीतों की प्रस्तुति दी।  कार्यक्रम में बढी संख्या मे भोपाल के आंबेडकर अनुयायियों उपस्थिति थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 की स्वीकृति ऐतिहासिक पहल, बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत होना ऐतिहासिक पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा यह सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर 16 अप्रैल से आरंभ हो रहे संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनाया जा रहा है नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा जबलपुर की कृषि मंथन कार्यशाला कृषकों के लिए रही उपयोगी केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों और कीमतों के रुझान के बावजूद, किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने, अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए माना आभार नक्सल उन्मूलन के बाद अब बालाघाट में बहेगी विकास की गंगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक होगा। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33% स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में 8 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि उत्पादक और एफपीओ शामिल हुए। कार्यशाला में देश के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों के साथ कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने, खेत से कारखाने तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाने ,कम पानी में उत्पादन की फसल बढ़ाने और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यशाला मे सहभागी किसानों को कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई। कार्यशाला के निष्कर्ष किसानों को उनकी आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों एवं कीमतों के रुझानों के बावजूद केन्द्र सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिये प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नदाताओं को खाद पर सब्सिडी के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री मण्डल ने 8 अप्रैल 2026 को फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरको जैसे न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है।केन्द्रीय मंत्री मण्डल द्वारा खरीफ सीजन 2026 के लिये फास्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषण तत्व आधारित सब्सिडी के लिये 41 हजार 833 करोड़ रुपए की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति दी, जो विगत वर्ष से 4,317 करोड़ रूपये अधिक है। खरीफ सीजन 2026 में इससे किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगे। केन्द्र सरकार उर्वरक निर्माताओं/आयातकों के माध्यम से किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 श्रेणियों के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रायसेन में 11 अप्रैल से आरंभ तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक, कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती, कम्यूनिटी एवं इंटीग्रेटेड फॉर्मिंग एवं कृषि एव बागवानी से संबंधित नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं और खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किये गये हैं। इनमें विभिन्न कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ एफपीओ तथा किसान बंधु भाग ले रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सल उन्मूलन के बाद बालाघाट में अब विकास की गंगा बहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश में नक्सल ग़तिविधियों का उन्मूलन हो गया है। अब प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास किया जायेगा। आगामी माह बालाघाट में जनजातीय महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें सांस्कतिक और खेल गतिविधियों के साथ-साथ विकास से जुड़े हुये सभी विभाग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। धरती आबा अभियान में हितग्राहियों को लाभान्वित करने और मेगा स्वास्थ्य शिविर तथा सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य भी किया जायेगा साथ ही विभिन्न पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये जाएंगे।  

सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 19 हजार 810 करोड़ रूपये की स्वीकृति सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाईजेशन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।  योजना के क्रियान्वयन से फार्म पॉवर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।  मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी 5 वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रूपये और आगामी 5 वर्ष, 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार से प्राप्त स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गयी है। मैहर, मउगंज, पांढुर्णा, धार में मनावर और पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया और सांवेर एवं झाबुआ में पेटलावद में नये वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जायेगा।

प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ने किया बड़ा दांव, कैबिनेट में लिए गए फैसले

 भोपाल राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा। सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा। एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:     एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।     MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी। बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल     बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:     बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परिवहन और आर्थिक विकास का आधार लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे। भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई। लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव

डॉ अंबेडकर के सम्मान में पंच तीर्थ का विकास का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ यादव तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ अंबेडकर नगर)में  स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते  वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।  मुख्यमंत्री डॉ यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर  देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश  सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की  तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की  कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट  रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें  समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि  नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि  बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम  किया गया है। महू की धरती पवित्र धरती  है। भारत के पहले विधि मंत्री, भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए  पूरी ताकत लगाई गई और वे  तीर्थं  दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वर्तमान केंद्र सरकार ने ही वर्ष 2016 में यह पहल की। पंच तीर्थ के रूप में जिन स्थानों का विकास किया गया  है, उनमें महू (जन्मभूमि), लंदन (शिक्षा भूमि), नागपुर (दीक्षा भूमि), दिल्ली (महापरिनिर्वाण स्थल), और मुंबई (चैत्य भूमि) शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित महू और नागपुर हैं जहां बाबा साहब का जन्म हुआ,उन्होंने बौद्ध धर्म की दीक्षा प्राप्त की,वो दीक्षा भूमि नागपुर और शिक्षा भूमि लंदन भी है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है जब मैं लंदन गया तो मैंने बाबा साहब अंबेडकर की शिक्षा भूमि को भी देखा।वह मकान  भी देखा। आज वह तीर्थ  दुनिया के सामने  है। समाधि स्थल का  भी विकास हुआ है। दीक्षा भूमि भी आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आज आपके बीच में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा कि सच में बाबा साहब का वह स्लोगन जो हम सबको ताकत देता है, शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वो ताकतवर होगा। वे शिक्षा के महत्व को सदैव प्रतिपादित करते रहे। इसलिए हम सब उनके इस स्लोगन को भी याद रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित जन समुदाय को तीन दिवसीय कार्यक्रम और बाबा साहब की जयंती की  बधाई दी। कार्यक्रम को विधायक भगवान दास सबनानी और अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। बौद्ध समाज और डॉक्टर अंबेडकर जयंती आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं महिला प्रकोष्ठ की सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री डॉ यादव का स्वागत किया।   

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक 74 वर्ष बाद पुस्तक का विमोचन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में क्रिकेटर और केरल के कोच अमय खुरासिया द्वारा लिखित हिन्दी पुस्तक " 74 वर्ष बाद" का विमोचन किया। इस दौरान अमय खुरासिया की बेटी और पुस्तक की सह-लेखिका अमयसी कीर्ति खुरासिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमय खुरासिया और सह-लेखिका अमयसी कीर्ति को बधाई दी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में भी लिखी गई है। यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण के गीता में दिए उपदेशों और युद्ध नीतियों की वर्तमान दौर में उपयोगिता पर आधारित है। खुरासिया ने कोच के रूप में गीता और भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का प्रयोग क्रिकेट टीम की रणनीति बनाने में किया। इसके फलस्वरूप केरल राज्य की टीम ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 74 वर्ष में पहली बार फाइनल तक का सफर तय किया। दिलीप ट्रॉफी जैसे देश के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहली बार केरल के छह खिलाड़ी एक साथ चुने गए। इस पुस्तक के संदर्भ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, संजय बांगर, श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिलीप मेंडिस और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले सहित केरल निवासी अभिनेता मोहनलाल ने भी अपना अभिमत व्यक्त किया हैं।  

वंदे मातरम के अपमान पर CM यादव का कड़ा बयान, पूरी प्रदेश कांग्रेस से इस्तीफा देने की मांग

 इंदौर/भोपाल इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में उठा 'वंदे मातरम' का विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर राष्ट्रगीत गाने से मना किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।  मुख्यमंत्री ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरे में लिया है. उन्होंने कहा इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी।  बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा, ''मैं नहीं गाऊंगी.'' यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है. कांग्रेस पार्षद 'भारत माता की जय' बोलने से भी मना करते हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर स्पष्टीकरण दें. वे बताएं कि पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है।  चुप क्यों हैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''ये लोग देश को कहां ले जाएंगे? देशभक्तों का अपमान करेंगे. हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए. मुझे इस बात का बड़ा दुख है और इस मामले पर ग्लानि हो रही है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे? कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है? अगर पटवारी और कांग्रेस नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।  कांग्रेस का दोहरा चरित्र CM यादव ने कहा, ''जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं. अब तो इन्होंने सीमा ही पार कर दी है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के छह छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत लिया है. लेकिन कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही. कांग्रेस ने आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा किया था. उनकी सरकार ने पांच छंदों को ही गायब कर दिया था।  मुंह काला करने पर 51 हजार इनाम का ऐलान इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है. हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है. पोस्ट में कहा गया है कि जो भी मातृशक्ति कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगी, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।  गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक के दौरान वंदे मातरम गाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था।  इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के सभी 85 वार्डों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।  बीजेपी कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग वार्डों में पुतला दहन कर विरोध जता रहे हैं. वहीं, प्रमुख चौराहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं।  नवलखा चौराहे पर एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर प्रदर्शन किया. इसी कड़ी में बड़ा गणपति चौराहा पर आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए।  BJP के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा ने दोनों कांग्रेस पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम गाने से इनकार करने वाली दोनों पार्षद अपनी चार-पांच पीढ़ी खंगाल कर देखें, तो उन्हें भी उनके पूर्वज हिंदू ही मालूम होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे दोनों पार्षद घर वापसी कर सनातन धर्म अपनाना चाहती हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं।