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CM मोहन यादव का बंगाल दौरा: कोलकाता में बोले- TMC पर निशाना, बंगाल चाहता है बदलाव

भोपाल /कलकत्ता पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने Kolkata की गलियों में उतरकर जोरदार प्रचार किया। कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में उन्होंने घर-घर और दुकानों तक पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। घर-घर पहुंचकर जनता से जुड़ने की कोशिश सीएम डॉ. यादव ने गलियों में घूमते हुए आम नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो जनकल्याण की योजनाओं की रफ्तार कई गुना तेज होगी। सीएम ने कहा कि वर्षों से विकास की दौड़ में पीछे छूटा पश्चिम बंगाल डबल इंजन सरकार के तहत नई ऊर्जा, नई दिशा और तेज विकास के साथ आगे बढ़ेगा। हर वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव देखने को मिलेगा। मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में काफी गरीबी है और हालात चिंताजनक हैं। युवाओं के पास रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को परिवार चलाने के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी देश के सबसे बेहतर राज्यों में गिना जाता था, लेकिन पहले कम्युनिस्ट सरकारों और बाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों ने राज्य को विकास की राह से पीछे धकेल दिया। सीएम ने कहा कि बंगाल में विकास की असीमित संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में अब यहां की जनता टीएमसी शासन से मुक्ति चाहती है। यदि बंगाल देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगा, तो विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने आगे कहा कि देश की युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और अन्नदाताओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री लगातार कार्य कर रहे हैं। बंगाल के उत्थान के लिए खिलता कमल और भाजपा की सरकार आवश्यक है। ‘बंगाल बदलाव चाहता है’ – सीएम यादव Mohan Yadav ने कहा कि बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। उनका दावा है कि “डबल इंजन सरकार” आने पर राज्य में नई ऊर्जा और तेज प्रगति देखने को मिलेगी। रोजगार और गरीबी पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोलकाता के अंदरूनी इलाकों में गरीबी और बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें पलायन करना पड़ रहा है। टीएमसी और वामपंथ पर साधा निशाना सीएम यादव ने आरोप लगाया कि पहले कम्युनिस्ट सरकार और बाद में All India Trinamool Congress (टीएमसी) ने राज्य के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि कभी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल बंगाल आज विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। विकास की संभावनाओं पर जोर उन्होंने कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और अगर राज्य देश के साथ कदम मिलाकर चले, तो यह फिर से विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश के हर वर्ग—युवा, महिला, किसान और गरीब—के लिए काम हो रहा है। सीएम डॉ. यादव का यह रोड प्रचार बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जहां जनता के बीच जाकर सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।  

सीएम डॉ. मोहन का कांग्रेस पर कड़ा प्रहार: महिला सशक्तिकरण बिल न पास होने पर जनता को मिलेगा जवाब

भोपाल  लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है. इस पूरे घटनाक्रम पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स' पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे महिलाओं के अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे पर राजनीतिक विरोध अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. इस बीच, सरकार को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और मामला अब देश की जनता, खासकर महिला मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।  महिला आरक्षण बिल गिरने पर सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के पारित न होने को लेकर कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कांग्रेस की “महिला विरोधी मानसिकता” एक बार फिर उजागर हो गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में गिरने देना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. डॉ. यादव ने अपने बयान में कहा कि यह घटनाक्रम देश की माताओं और बहनों के अधिकारों और सम्मान के प्रति विपक्ष की असंवेदनशीलता को दिखाता है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है।  इस मुद्दे पर राजनीति उचित नहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा कि यह घटनाक्रम देश की माताओं और बहनों के अधिकारों व सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर इस तरह की राजनीति उचित नहीं है. उन्होंने लिखा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब अवश्य देगी।  “जनता सब देख रही है” : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी लिखा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी. उनके अनुसार, महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे पर किसी तरह की चालबाजी लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारा नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारी है, जिसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।  लोकसभा में गिरी महिला आरक्षण से जुड़ी संशोधन प्रक्रिया लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं दिला सकी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि मत विभाजन के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. संविधान संशोधन के लिए आवश्यक बहुमत पूरे न होने के कारण यह विधेयक विचार के स्तर पर ही गिर गया. अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत किसी भी संशोधन विधेयक के लिए सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होती है, जो इस मामले में हासिल नहीं हो सका।  अन्य विधेयकों पर भी नहीं बढ़ी कार्यवाही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में बताया कि महिला आरक्षण से जुड़े बिल के गिरने के बाद दो अन्य विधेयकों पर भी आगे कार्यवाही नहीं की जाएगी. विपक्ष के विरोध के बाद संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर मत विभाजन के जरिए मतदान कराया गया, लेकिन सरकार आवश्यक समर्थन जुटाने में असफल रही।  अमित शाह का विपक्ष पर तीखा वार इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस और इंडिया महागठबंधन पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस ने जो प्रस्ताव रखा, वह एक सुनियोजित जाल है, जिससे महिला आरक्षण को 2029 से पहले लागू न होने दिया जाए।  अमित शाह ने कहा कि अगर विपक्ष महिला आरक्षण के पक्ष में वोट नहीं देता है तो यह बिल गिर जाएगा, और देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता और इसके बावजूद इंडिया महागठबंधन तुष्टिकरण की राजनीति के तहत मुस्लिम आरक्षण की मांग कर रहा है।  सियासी संग्राम तेज, महिलाओं की निगाहें संसद पर महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जहां सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की साजिश बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार पर दोष मढ़ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर महिला सशक्तिकरण को लेकर दलों के रुख और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब यह मुद्दा संसद से बाहर जनता, खासकर देश की महिलाओं के बीच अहम राजनीतिक बहस बनता जा रहा है। 

डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा: जनकल्याण कार्यों में तेजी लाकर गांवों में करें रात्रि विश्राम

जनकल्याण के कामों में तेज़ी लायें, निरीक्षण करें, गांवों में करें रात्रि विश्राम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान, पूर्ण हो चुके संकल्प से समाधान अभियान और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर समुचित दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर्स से कहा कि प्रदेश और समाज की बेहतरी के लिए सरकार द्वारा विभिन्न अभियानों के माध्यम से महती प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के इन सभी प्रयासों एवं अभियानों में जन जुड़ाव एवं सहभागिता बेहद जरूरी है। इन सभी अभियानों की सार्थकता और सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब इनमें अधिकाधिक जनसहयोग एवं जन भागीदारी भी हो। इसके लिए सभी समर्पित और फोकस्ड होकर प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे जनता के कल्याण के कामों को तेजी से पूर्ण करायें। सरकार की योजनाओं का फील्ड में पूर्णतया क्षमता और दक्षता के साथ व्यापक स्तर पर सुचारु एवं बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर, उनकी जरुरतों और सुझावों पर अमल करते हुए जनोन्मुखी प्रशासन से खुद की और सरकार की साख बढ़ायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स लगातार जिले में भ्रमण करें, लोगों से चर्चा करें, उनकी समस्या सुनकर समाधान करें और गांवों में रात्रि विश्राम करें, इससे सरकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 12 जनवरी से 31 मार्च तक 2026 तक "संकल्प से समाधान अभियान" चलाया गया। इस अभियान से सरकार की 106 प्रकार की योजनाओं का सीधा लाभ जनता और जरुरतमंदों तक पहुंचाया गया। सभी कलेक्टर्स इस अभियान के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हमेशा क्रियाशील रहें और जनता को अधिकतम लाभ दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से प्रारंभ हुआ है। यह 30 जून 2026 तक चलेगा। विगत 2 सालों में अभियान के अंतर्गत हुए जल संचयन के कार्यों से यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। अब आवश्यकता है कि इस साल भी जल संरक्षण और सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के भरसक प्रयास किये जायें। गेहूं उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाये। उन्हें समय पर भुगतान भी करायें। सभी कलेक्टर्स गेहूं उपार्जन केन्द्रों का सघन निरीक्षण करें और यह देखें कि खरीदी केंद्र पर समुचित छाया-पानी, बारदाना, तेज गर्मी के चलते ओआरएस घोल, पावडर आदि सभी जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें। किसानों को किसी भी तरह की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत परेशानी नही हो। अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया निर्बाध रूप में से जारी है।अब तक 1 लाख 13 हज़ार से अधिक किसानों से 4 लाख 96 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। इन किसानों को करीब 355 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन तुलाई वाले किसानों को दूसरे दिन ही भुगतान भी कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग से कहा कि वे अपने विभागीय स्वच्छता अभियान को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ लें। जनसहयोग से जगह-जगह पर प्याऊ लगवायें। इनकी साफ़-सफाई पर भी विशेष ध्यान दें।तकनीक से जुड़कर नवाचार भी करें। सांदीपनि विद्यालयों में करें रैन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के कारण बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में आये उल्लेखनीय परिणामों को राष्ट्रीय उपलब्धि के रूप में प्रचारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आई गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों को लेकर अभिभावकों की धारणा इस कदर परिवर्तित हुई है कि वे अपने बच्चों के दाखिले निजी विद्यालयों से निकालकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में भर्ती करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवायें। जून में जब स्कूल पुनः खुलेंगे, तब अधिकाधिक लोगों को सांदीपनि विद्यालयों का अवलोकन करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बड़ी उपलब्धि है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कारण हमारा स्कूल ड्रॉप आउट रेशियो जीरो हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर कम से कम 50 बेडेड हास्पिटल होने चाहिए। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट्स स्थापित की जाये। ग्रीष्मकालीन स्थायी निर्देशों (मेडिकल प्रोटोकॉल्स) का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहें। सभी कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी पूरी कर लें। पेयजल आपूर्ति में न रहे कोई कमी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाएं ताकि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में निर्बाध रहे। आवश्यकतानुसार टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जाये। पेयजल संरचनाओं के संरक्षण एवं संधारण पर विशेष ध्यान दें। किसी को भी पेयजल संबंधी परेशानी न होने पाये। ज्ञान भारतम ऐप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक "ज्ञान भारतम ऐप" तैयार किया गया है। कोई भी नागरिक पुरानी साहित्यिक या धार्मिक पांडुलिपियों को इस ऐप में अपलोड कर सकता है। अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि 17 अप्रैल 26 तक इस ऐप में साढ़े 6 लाख से अधिक पांडुलिपियां अपलोड की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को इस विषय के … Read more

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक एकता का है सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की धरती ने ऐतिहासिक रूप से किया आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित "एकात्म पर्व" आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव एकात्म पर्व का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का किया विमोचन कार्यक्रम में एकात्म धाम पर केन्द्रित वेबसाइट का किया गया लोकार्पण ओंकारेश्वर को बनाया जा रहा है ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस (एकात्मता का केंद्र) 21 अप्रैल तक जारी रहेगा एकात्म पर्व ओंकारेश्वर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अद्वैत ज्ञान के सूर्योदय के केन्द्र ओंकारेश्वर की चेतना की अनुभूति आज सबको हो रही है। ज्ञान और ध्यान की धरती मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक रूप से धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। हर युग में इसके प्रमाण विद्यमान हैं। श्रीरामचन्द्र जी वनवास मिलने पर मंदाकिनी माता के किनारे चित्रकूट के धाम पधारें और प्रभु श्रीराम का आगे का जीवन मानव मात्र के लिए पूजनीय हो गया, समाज ने रामराज्य का अनुभव प्राप्त किया। भगवान श्रीराम ने संस्कारों, व्यवहारगत मूल्यों, परस्पर संबंधों सहित शासन के ऐसे सूत्र प्रदान किए जो आज भी महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार श्रीकृष्ण, कंस वध के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जयिनी स्थित सांदीपनि आश्रम पधारें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मवाद का संदेश दिया, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है। सनातन काल में कालड़ी केरल से चले 8 वर्षीय बालक शंकर ओंकारेश्वर पधारे, जहां परम पूज्य गुरू गोविंदपाद जी के आशीर्वाद से आदि शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को अविरल रूप से बहाने का आधार प्रदान किया। आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का आधार बना। हमारी सनातन विरासत, शास्त्र और आध्यात्मिक परम्पराएं यदि आज जीवित एवं जागृत हैं तो यह आदिगुरू शंकराचार्य के प्रयास और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आचार्य शंकराचार्य जी की जयंती के अवसर पर ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में आयोजित 5 दिवसीय प्रकटोत्सव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मनिवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित वरिष्ठ संतवृंद उपस्थित थे। राज्य सरकार के संस्कृति विभाग तथा आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के तत्वावधान में 17 अप्रैल से 21 अप्रैल तक एकात्म पर्व मनाया जा रहा है। एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के साथ वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष में आयोजित आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव 'एकात्म पर्व' कार्यक्रम का दीप प्रज्ववलित कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण किया। साथ ही वे वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृत सेवा फाउंडेशन पुणे के रोहन अच्युत कुलकर्णी द्वारा लिखित पुस्तक "वेदांतसिद्धान्तचन्द्रिका विथ उदग्र" का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एकात्म धाम की यात्रा, प्रकल्प और भावी स्वरूप पर केंद्रित वेबसाइट https://www.oneness.mp.gov.in/ का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में एकात्म यात्रा तथा अद्वैत पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में होती है एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार सनातन संस्कृति के सिद्धांतों के अनुरूप समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। चिंतक एवं विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भी एकात्मता के भाव की अभिव्यक्ति होती है। राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांतों के क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उदारमना भारतीय सनातन संस्कृति में भक्षण को नहीं अपितु दूसरों के कल्याण को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। पंच दिवसीय एकात्म पर्व में पधारे संत, मनीषी, विद्ववान एकात्मकता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। यह पर्व आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत से जोड़ने का अभिनव और सफल प्रयास सिद्ध होगा। व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता द्वारका शारदा पीठ के जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने एकात्म धाम की संकल्पना को सराहा। उन्होंने कहा कि प्राणी मात्र में परमात्मा का दर्शन करने वाला ही एकात्मता सिद्ध कर सकता है। व्यक्ति में एकात्म बोध होना आवश्यक है। ब्रह्म, भगवान और आत्मा तीनों एक हैं। प्राणी मात्र में विद्यमान आत्म तत्व का ज्ञान ही एकता का आधार है। सद्-चित-आनंद का भाव ही एकता है। इस जगत से जगदीश्वर को प्राप्त करना ही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि गौमाता, धरती माता और जन्म देने वाली माता का सम्मान होना आवश्यक है। गौमाता की सेवा और रक्षा को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, संस्कारों से समृद्ध होती है। व्यक्ति विश्व को जानना चाहता है, लेकिन अपनी आत्मा से साक्षात्कार नहीं करना चाहता है। प्राणी मात्र में आत्मा रूपी जो तत्व विद्मान है, वहीं एकात्म है। तत्व को समझते हुए हमें अपने लक्ष्य और उसकी प्राप्ति की जानकारी होनी चाहिए। शरीर केवल भोग-विलास के लिए नहीं है, इस दृश्य जगत से हमें अदृश्य ईश्वर को प्राप्त करना है। एकात्मा को सिद्ध करने के लिए वेदों की आवश्यकता है। वेदों में कही गई बातों का पालन करना चाहिए। सभी के साथ एकात्मता का व्यवहार करना धर्म का आधार है विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की उपाध्यक्ष सुनिवेदिता भिड़े ने कहा कि हम सभी की आत्मा एक है, शरीर मात्र एक साधन है। मनुष्य शरीर, एकात्म का सबसे सुंदर उदाहरण है, शरीर में कई अंग है, लेकिन चेतना एक है। संपूर्ण विश्व में हम सभी ईश्वर की कोशिकाओं की तरह हैं, इन कोशिकाओं का प्राण ईश्वर ही है, जो सर्वथा एक है। हमारे वेदों में विद्यमान क्वांटम फिजिक्स और पर्यावरण के सिद्धांतों को विश्व आज समझ रहा है। दुनिया के लोग कहते हैं कि अगर मानव समाज की रक्षा करनी है तो भारत के वेद, उपनिषदों का अध्ययन करना होगा। स्वामी विवेकानंद ने "विजन ऑफ वननेस" की बात कही थी। … Read more

ओंकारेश्वर में शंकराचार्य प्रकटोत्सव की धूम, मोहन यादव ने मांधाता पर्वत पर किया उद्घाटन

ओंकारेश्वर  देश में एकात्म धाम के रूप में विकसित आचार्य शंकराचार्य की तीर्थस्थली ओंकारेश्वर में आज शुक्रवार से एकात्मक पर्व का शुभारंभ किया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम पहुंचकर 5 दिवसीय प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उनके साथ जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती के अलावा स्वामी शारदानंद सरस्वती एवं सुश्री निवेदिता भिड़े आदि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ में पंचांग पूजन और यज्ञ वेदी के पूजन के साथ प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया।  ओडिसी नृत्य की होगी प्रस्तुति आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हो रही है. इस दौरान स्वामी ब्रह्मा प्रज्ञानंद सरस्वती शतावधानी ललित द्वितीय एवं विशाल चौरसिया जैसे मर्मज्ञ अद्वैत की व्याख्या करेंगे. इस दौरान जय तीर्थ मेवुडी का शास्त्री गायन और सुवधावराड़ कर के ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति भी होगी।  यह प्रतिमा स्वामी शंकराचार्य के 12 वर्षीय बाल रूप को दर्शाती है, जिसका अनावरण 21 सितंबर 2023 को हुआ था. इसके बाद यहां एक विशाल संग्रहालय जो शंकराचार्य के जीवन दर्शन और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रदर्शित करता है विकसित किया गया है. यहां अद्वैत वेदांत के अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक वैश्विक केंद्र भी स्थापित किया गया है. बता दें कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मई 2025 में आयोजित कैबिनेट में 'अद्वैत लोक' संग्रहालय के निर्माण के लिए 2,195 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।  जागरण का सुंदर संगम इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा-आद्य गुरु शंकराचार्य की पावन स्मृति और अद्वैत वेदांत के सार्वभौमिक संदेश को आम जन तक पहुंचाने के लिए एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आयोजित आचार्य शंकर प्रकटोत्सव  एकात्म पर्व में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह उत्सव भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और एकात्म भाव के जागरण का सुंदर संगम है। अद्वैत का संदेश हमें याद दिलाता है कि पूरी सृष्टि एक ही चेतना से भरी हुई है।  अद्वैत दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल ‘एकात्म पर्व’ के माध्यम से अद्वैत वेदांत के गूढ़ सिद्धांतों को सरल और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। खासतौर पर युवाओं को भारतीय दर्शन से जोड़ने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझ सकें। आधुनिकता और अध्यात्म का संगम महोत्सव में अद्वैत दर्शन को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर चर्चा से यह आयोजन नई सोच और आध्यात्मिकता का अनूठा मेल प्रस्तुत कर रहा है।  समापन में युवा शक्ति का सम्मान कार्यक्रम के अंतिम दिन नर्मदा तट पर दीक्षा समारोह आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में जुड़ेंगे। साथ ही अद्वैत दर्शन के प्रचार में योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मांधाता पर्वत पर शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति एकात्म धाम मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर मांधाता पर्वत पर स्थित एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र है, जो अद्वैत वेदांत के दार्शनिक आदि गुरु शंकराचार्य को समर्पित है. यहां आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची स्टैचू ऑफ वननेस स्थापित की गई है. जो अद्वैत लोक संग्रहालय और अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद वेद संस्थान परिसर में स्थित है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, ज्ञान की पुण्यभूमि ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का शुक्रवार को करेंगे शुभारंभ दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का पाँच दिवसीय आयोजन देश-विदेश के शीर्ष संत, मनीषी और विद्वान देंगे एकात्मता का वैश्विक संदेश ओंकारेश्वर भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धारक और अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल, 17 अप्रैल शुक्रवार से पाँच दिवसीय 'एकात्म पर्व' का मंगलमय शुभारंभ करेंगे। मांधाता पर्वत की कंदराओं में रचे-बसे 'एकात्म धाम' में आयोजित यह महोत्सव दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम होगा। वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस अनुष्ठान में देश-विदेश के शीर्ष संत, मनीषी और विद्वान सम्मिलित होकर एकात्मता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण करेंगे साथ ही वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के पावन सान्निध्य तथा विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मनिवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। एकात्म पर्व के महत्वपूर्ण वैचारिक सत्र 'अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा' के अंतर्गत अद्वैत दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर गहन संवाद होगा। विशेष रूप से प्रथम दिन 'अद्वैत एवं Gen-Z' जैसे आधुनिक विषय पर युवा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाएगा। आगामी दिनों में अद्वैत दर्शन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक शांति और सिख संप्रदाय के 'एक ओंकार' के साथ अंतर्संबंधों पर विद्वतापूर्ण चर्चा होगी। यह बौद्धिक मंथन आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत की शाश्वत अवधारणा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। सांस्कृतिक संध्या 'रसो वै सः' के अंतर्गत प्रतिदिन देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव के प्रथम दिवस जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर की ओड़िसी प्रस्तुति 'एकम्' आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसी क्रम में आगामी दिनों में भरतनाट्यम, कर्नाटक संगीत और निर्गुण वाणी के माध्यम से अद्वैत के भावों को अभिव्यक्त किया जाएगा। महोत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष 21 अप्रैल को आयोजित होने वाला दीक्षा समारोह है, जिसमें देश-विदेश के 700 से अधिक युवा 'शंकरदूत' के रूप में संकल्प लेंगे। मध्य प्रदेश शासन 'ओंकारेश्वर' में 'एकात्म धाम'के माध्यम से आचार्य शंकर के दर्शन को वैश्विक फलक पर स्थापित कर रहा है। यहाँ स्थापित 108 फीट ऊँची 'एकात्मता की मूर्ति' (Statue of Oneness) और निर्माणाधीन 'अद्वैत लोक' संग्रहालय न केवल पर्यटन बल्कि आध्यात्मिक जिज्ञासा के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। कल से प्रारंभ हो रहा यह पर्व समस्त राष्ट्र को सांस्कृतिक और वैचारिक सूत्र में पिरोने की दिशा में एक महती कदम सिद्ध होगा।  

हमारे प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया मातृसत्ता से जुड़ने का रास्ता

हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग हो रहा है आरंभ 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की होगी मंगलमय तारीख विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से हमारा लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का है उत्कृष्ट उदाहरण जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन'' को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, शिक्षाविद सुश्री शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस और सांसद श्रीमती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन श्रीमती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद श्रीमती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा। सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : सुश्री भूरिया महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल पर दी कु. प्रतिभा सिंह को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा प्रदेश में हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम पन्ना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह को वीडियो कॉल के माध्यम से बधाई और शाबासी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा के परिजन से भी बातचीत की। पन्ना जिले में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ कु. प्रतिभा के पिता श्री भारतेंदु सिंह सोलंकी को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बधाई दी। कु. प्रतिभा की माता शिक्षिका हैं। प्रतिभा ने यह उपलब्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बातचीत में कु. प्रतिभा ने बताया कि वो प्रतिदिन सात आठ घटे अध्ययन किया करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. प्रतिभा ने यह भी बताया कि उसकी इच्छा प्रशासनिक सेवाओं में जाने की है। वो अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा को स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर निरंतर सफलताएं प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।  

किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सोलर पम्प उपयोग के लिए करें प्रोत्साहित योजनाओं को समयबद्ध कर लाएं परिणाम किसानों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने के लिए संभाग एवं जिला स्तर पर हों कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को निर्बाध रूप से सस्ती बिजली सुलभ कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस काम केलिए सरकार किसानों को हर जरूरी मदद देने को तैयार है। किसानों को सस्ती बिजली मिलेगी, तो वे अपना उत्पादन भी बढ़ा सकेंगे और प्रदेश की प्रगति में भी योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप ऊर्जा प्राप्ति के लिए उन्हें स्वयं ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए। इसके लिए किसानों को हरित ऊर्जा उत्पादन से जोड़ा जाए। ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाकर ही हम किसानों का जीवन स्तर बेहतर बना सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सोलर पम्प का उपयोग करने के लिए हर तरीके से प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को जो इससे जुड़ना चाहते हैं, विभाग उनका हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन भी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की प्रचलित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि राज्य के हित में किसानों और नागरिकों सभी को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य के लिए समर्पित और फोकस्ड होकर आगे बढ़ें। किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति में भी तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। विभाग अपनी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और नई जरूरतों के मुताबिक इन लक्ष्यों में वृद्धि करें, ताकि कम समय में अधिकतम लोगों को लाभ मिले। इसके लिए विभाग अपनी योजनाओं को टाइम फ्रेम में लेकर आएं और तय समय सीमा में ही लक्ष्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। इससे तेज और अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। निकाय पदाधिकारियों के साथ भोपाल में होगा एक दिन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीयनिकाय कचरा बेचकर और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (रूफ टॉप स्कीम) में तेजी से प्रगति लाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को इस विषय में प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल में एक दिन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया जाए। यह कार्यक्रम जल्दी ही किया जाए, ताकि निकायों को काम करने के लिए अधिकतम समय मिल सके। राज्य के ऊर्जा हितों का रखें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर मुरैना में 2 हजार मेगावॉट (2 गीगावॉट) की अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क की स्थापना की प्रगति की जानकारी लेकर कहा कि इस मेगा परियोजना में राज्य के ऊर्जा हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा मात्र पीक पीरियड में ही ग्रीन एनर्जी सप्लाय की मंशा व्यक्त की गई है। इस संबंध में उत्तरप्रदेश सरकार के वरिष्ठतम विभागीय अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) प्रोडक्शन के लिए तय किए गए लक्ष्यों को और भी परिशोधित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना (कुसुम बी) में अब तक 27 हजार 100 सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं। अगले दो साल में 4 लाख पम्पों को सौर ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य है। इसके क्रियान्वयन के लिए विभाग ने 36 इकाईयां चुन ली हैं। इस योजना के पहले चरण में विभाग को एक लाख आवेदन मिल चुके हैं। अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना (कुसुम सी) के तहत विभाग ने लगभग 10 लाख किसानों को सौर ऊर्जीकरण से जुड़ने के लिए 493 सब स्टेशनों के जरिए किसानों को दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य लिया है। अब तक 2.50 लाख पम्प इंस्टाल कर दिये गये हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से समर्थ बनाना भी है। सौर ऊर्जीकरण के लिए विभाग ने मासिक प्लान भी तैयार कर लिया है। रूफ टॉप स्कीम पर विभाग ने विशेष ध्यान केन्द्रित किया है। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा एवं मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, वित्त सचिव लोकेश जाटव, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रवीन्द्र भवन में 15 अप्रैल को होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाएं होंगी शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।