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सीएम मोहन यादव बोले: इंडिया-यूरोपियन यूनियन डील से आम वस्तुओं की कीमतों में राहत

भोपाल  भारत ने यूरोपियन यूनियन के ट्रेड डील की है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेरिफ वार का जवाब माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस डील पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत व यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड डील का स्वागत किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि इसका मध्यप्रदेश सहित देश के सभी राज्यों को भी लाभ होगा, अनेक वस्तुएं सस्ती होंगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील हमारी अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। सीएम मोहन यादव ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते (न्यू ट्रेड डील) पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूरोपियन यूनियन के साथ यह ट्रेड डील भारत में आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। राज्यों को भी भरपूर लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस डील से देशभर में वस्तुएं सस्ती होंगी और राज्यों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने बुधवार को मीडिया को दिए संदेश में ये विचार व्यक्त किए। भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त हो रहा है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर उथल-पुथल का वातावरण बना हुआ है। ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से डेढ़ अरब की आबादी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। यह ट्रेड डील इसी दिशा में एक बेहद कारगर कदम है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहगीरी आनंद उत्सव का उद्घाटन किया, मंच से लहराई गदा

उज्जैन  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान राहगीरी आनंद उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों को योगा, सुबह-सुबह भ्रमण और व्यायाम करने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  राहगीरी में पारंपरिक खेल, योग, नृत्य, संगीत और मनोरंजन का संगम देखने को मिला। यहां लोग अपने परिवार के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे। जश्न के बीच सफाई पर भी पूरा ध्यान रखा गया। नगर निगम के कर्मचारी लगातार कार्यक्रम स्थल की सफाई में लगे रहे। इस मौके पर शहर के विकास पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। उज्जैन के परंपरागत लाठी खेल संघ ने दमदार करतब दिखाए। इस दौरान महापौर मुकेश टटवाल और बीजेपी जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने भी लाठी घुमाई। युवा बीच सड़क पर गरबा और डांस करते भी दिखाई दिए। उज्जैन कोठी रोड पर आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देखकर लोगों में उत्साह रहा। बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं सभी मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्साहित दिखे। लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा है और परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ हैं तो इससे बड़ा कोई सुख नहीं है। हमें अपने स्वास्थ्य के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंच से जनता से आह्वान किया कि बच्चे और परिवार के युवा साथी इस राहगीरी में भाग लें और इसका प्रतिदिन अनुसरण करें। जीवन में अच्छा स्वास्थ्य और निरोगी काया सबसे बड़ा सुख है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में इस आनंद उत्सव को बनाए रखने के लिए जनता का धन्यवाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी की और जनता का अभिवादन भी स्वीकार किया। मुख्यमंत्री यादव ने 100 से अधिक मंचों पर जाकर लोगों का अभिनंदन किया। संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा राहगीरी आनंदोत्सव में दूध-जलेबी का निशुल्क काउंटर भी लगाया।  राहगीरी में देशी खेल का आयोजन भी हुआ कार्यक्रम में अंटी (कंचे), रस्सीकूद, बोरा दौड़ और सितोलिया जैसे पुराने खेल भी आयोजित किए गए। इसके अलावा गरबा, मालवी और हरियाणवी नृत्य, योग, एरोबिक, मलखंभ और अखाड़ा प्रदर्शन भी किए गए। कार्यक्रम स्थल पर खाने-पीने के कई स्टॉल लगाए गए। कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज से बने हलवा, लड्डू और खिचड़ी मुफ्त में बांटी गई। इसके अलावा पोहा, जूस, फल, अंकुरित आहार और सूप के स्टॉल भी रहे। प्रेस क्लब उज्जैन की ओर से दूध-जलेबी का निःशुल्क वितरण किया गया। मुख्यमंत्री के दिनभर के कार्यक्रम     राहगीरी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ‘उड़ान’ कार्यक्रम में मानसिक रूप से कमजोर और दृष्टिबाधित बच्चों से मुलाकात करेंगे। वे बच्चों के बनाए उत्पाद देखेंगे और उनका हौसला बढ़ाएंगे।     इसके बाद मुख्यमंत्री अटल परिसर, फाजलपुरा में बने नए स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। यह परिसर करीब 28 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है।     मुख्यमंत्री आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज के नए ऑडिटोरियम और कन्वेंशन सेंटर का भी उद्घाटन करेंगे और कॉलेज के रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे।     शहर में यातायात सुधार के लिए मुख्यमंत्री हरि फाटक पुल को दो लेन से छह लेन करने के काम का भूमिपूजन करेंगे।     इसके अलावा रत्नाखेड़ी में पाटीदार समाज के कार्यालय का भूमिपूजन, ग्राम डेंडिया में महालोक होटल और रिसॉर्ट का शुभारंभ और विद्या भारती भवन में निःशुल्क हृदय रोग जांच शिविर की शुरुआत भी की जाएगी।

सीएम ने भोपाल में ‘संध्या छाया’ वृद्धाश्रम का लोकार्पण, 327 करोड़ की पेंशन राशि का वितरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल की पत्रकार कॉलोनी में नव-निर्मित सर्वसुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया और सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 327 करोड़ की राशि अंतरित की. लोकार्पण समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है. वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी भवन में वातानुकूलित कमरें, टीवी, फ्रिज, गर्म और ठंडा पानी, निजी बालकनी की व्यवस्था हर कमरे में है. खासबात यह है कि संध्या छाया में डॉक्टर परामर्श की भी सुविधा है. भवन में फिजियोथेरिपी सेंटर, आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुविधा भी दी गई है. परिसर में प्रेयर हॉल, लाइब्रेरी, और ओपन मेस हॉल भी बनाया गया है. इस सशुल्क वृद्धाश्रम के संचालन की जिम्मेदारी सेवा भारती को सौंपी गई है. सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम आश्रम में सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सांध्य छाया के संचालन में सामाजिक भागीदारी दर्ज कराते हुए सेवा भारती मध्य भारत को इसके संचालन का जिम्मा दो वर्षों के लिए दिया गया है. वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजन को प्रतिमाह कमरे के आकार के अनुसार पृथक-पृथक राशि देनी होगी. एक नजर में कमरों का किराया एक डबल बेड 60 स्का. मीटर कमरा- 39,490 रुपए, डबल बेड 90 स्का. मीटर 43,490 रुपए, डबल बेड 56.5 स्का. मीटर 38,490 रुपए, सिंगल बेड 49.2 स्का. मीटर 49,990 रुपए, सिंगल बेड 35 स्का. मीटर 47,990 रुपए तथा सिंगल बेड 33.5 स्का. मीटर 45,990 रुपए प्रतिमाह चार्ज देना होगा.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का लोकार्पण करेंगे भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रात: 11 बजे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नव निर्मित "सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम (संध्या-छाया) का पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 भोपाल में लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकार्पण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय 'स्पर्श मेला-2026' के विजेताओं को पुरस्कार तथा सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों 327 करोड़ की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक (दक्षिण-पश्चिम) श्री भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया: 26 जनवरी को ग्राम सभा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का वाचन होगा

मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम 26 जनवरी को ग्राम सभा में होगा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी का वाचन : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों को राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरुकता कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया है। इसमें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारियों का वाचन उचित मूल्य दुकान के विक्रेता (पृथक विक्रेता विहीन उचित मूल्य दुकान की ग्राम पंचायतों में समिति प्रबंधक) द्वारा किया जायेगा। ग्राम सभा में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' अंतर्गत राशन प्राप्त करने वाले पात्र परिवार/हितग्राहियों के नाम, पात्र परिवारों को वितरित राशन सामग्री की मांग, ईकेवायसी से शेष प्रतीक्षारत हितग्राहियों के नाम और वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से ईकेवायसी न कराने वाले हितग्राहियों के नाम बताये जायेंगे। साथ ही वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से मृत एवं स्थाई रूप से पलायन करने वाले हितग्राहियों का चिन्हांकन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री अन्न सेवा आगरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों से जुड़े हुए पात्र हितग्राही एवं उनको वितरित खा‌द्यान्न मात्रा की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए 2 अक्टूबर एवं 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं ‌द्वारा पात्र हितग्राहियों एवं वितरित सामग्री का विवरण के वाचन का प्रावधान किया गया है। गणतंत्र दिवस पर आयोजित ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी के वाचन तथा सदस्यों ‌द्वारा उठाए गए बिन्दुओं का उल्लेख कार्यवाही विवरण में कर, जानकारी निर्धारित प्रपत्र में 10 फरवरी 2026 तक संचालनालय खा‌द्य को भेजने के निर्देश भी दिये गए हैं।  

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के 11 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के सफलतम 11 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। देश-दुनिया की मुख्य धारा से बेटियों को जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक अभियान के अंतर्गत महिलाओं के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर के लिए  हम सभी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू हस्ताक्षर

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सहयोग के लिए बनी सहमति संयुक्त अरब अमीरात स्थित वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है डीपी वर्ल्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी श्री अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष श्री सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।  

अर्थतंत्र को सशक्त और सुप्रबंधित करने में डॉ. मोहन यादव का योगदान

अर्थ तंत्र को सुप्रबंधित और सशक्त करते डॉ मोहन यादव  विश्व के महानतम अर्थशास्त्री कौटिल्य के अनुसार प्रजा के सुख में राजा का सुख निहित है।इसलिए राजा को – तस्मान्नित्योत्थितो राजा,कुर्यादर्थानुशासनम् । अर्थस्य मूलमुत्थानमनर्थस्य विपर्ययः ।। अर्थात राजा सदैव उद्यमशील रहकर,अर्थमूल में वृद्धि करे। इसके विपरीत कार्य अनर्थ या हानि के कारण बनते हैं ।  इस मंत्र को आत्मसात करते हुए भाजपा की डॉ मोहन यादव सरकार प्रगति पथ पर अग्रसर है।अर्थ तंत्र को उन्नत कर रही है।मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के कुशल वित्तीय सुप्रबंधन द्वारा राज्य का अर्थ तंत्र उन्नत हो रहा है, सशक्त हो रहा है।वित्त विभाग द्वारा श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन मानकों को अपनाकर शून्य आधारित बजट प्रक्रिया के अनुसार बजट तैयार किया जा रहा है। तीन वर्षों के लिये रोलिंग बजट की प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसमें बजट प्रक्रिया से संबंधित नवाचार अपनाएं जा रहे हैं। वित्तीय संस्थाओं द्वारा जारी प्रतिवेदनों में मध्यप्रदेश के वित्तीय प्रबंधन,बजटीय विश्वसनीयता तथा गुणवत्ता को सराहा गया है।दूरदर्शी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 5 वर्षों में बजट के आकार को दोगुना कर वर्ष 2028-29 तक 7 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।पूंजीगत निवेश को बढ़ाना,सड़क विस्तार एवं संधारण, सिंचाई क्षेत्रफ़ल जल संचय क्षमता विस्तारण,बिजली,सौर,पवन ऊर्जा उत्पादन,वितरण सुविधा का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा का विकास और उद्योग,रोजगार के अवसर वृद्धि हेतु,निवेश आकर्षित करने आदि के लक्ष्यों को पूर्ण कर,विकसित भारत निर्माण के परम लक्ष्य में योगदान देना है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रदेश में पूंजीगत व्यय में निरंतर, सतत वृद्धि की जा रही है। पूंजीगत व्यय से राज्य के इन्फ्रास्ट्रक्चर, अवसंरचना में गुणात्मक वृद्धि हुई है।वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पूंजीगत व्यय,केपिटल एक्सपेंडिचर लगभग 85 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।प्रभावी पूंजीगत व्यय लगभग 90 हजार करोड़ रुपये है।प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में नियमित वृद्धि बनी हुई है।वर्ष 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपये रहा एवं प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार 615 रूपये रही है।वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 17 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आर्थिक संकल्पों को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पूर्ण मनोयोग से सिद्ध कर रहे हैं।वर्तमान में वित्तीय मानकों के आधार पर प्रदेश की स्थिति अत्यधिक सुदृढ़ है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशन में संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा अनेक नवाचार लागू किए गए हैं।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आर्थिक शुचिता और नवाचार के कारण लगभग 50 वर्षों से प्रचलित व्यवस्था को समाप्त किया गया है जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान में मुख्यमंत्री एवं समस्त मंत्री स्वयं ही आयकर का भुगतान कर रहे हैं।पूर्व में मुख्यमंत्री,मंत्रीगणों, मुख्य सचिव का वार्षिक आयकर,शासकीय कोष द्वारा वहन किया जाता था। वाणिज्यिक कर अर्थव्यवस्था को सुप्रबंधित, सशक्त कर रहा है। वाणिज्य कर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 55 हजार 634 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक कुल 34 हजार 829 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक डाटा एनालिटिक्स आधारित चिन्हित प्रकरणों में प्रवर्तन कार्यवाहियों से रुपये 967 करोड़ एवं ऑडिट की कार्यवाही से रुपये 404 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।  नवाचारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की दूरदर्शी पहल द्वारा मध्य प्रदेश, देश का प्रथम राज्य बन गया है जहाँ पंजीयन विभाग में 75 प्रकार के दस्तावेज पट्टा, पॉवर ऑफ अटर्नी, बंधक इत्यादि का घर बैठे वीडियो केवायसी के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है।पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिला है। प्रदेश के 8 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिये यह गौरव का विषय है।पंजीयन विभाग को वर्ष 2023-24 में 10 हजार 325 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।वर्ष 2024-25 में 11 हजार 355 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।वर्ष 2025-26 में 13 हजार 920 करोड रूपये का लक्ष्य रखा गया है।नवंबर 2025 तक 7 हजार 580 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हो गया है।प्रतिवर्ष उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विभिन्न विभागों में अनेक आर्थिक सुधारों एवं नवाचारों को अपनाकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रहे हैं।मध्य प्रदेश के अर्थ तंत्र को, अर्थमूल को बढ़ा रहे हैं। इति श्री।                                                                                                                           लेखक- सत्येंद्र कुमार जैन 

प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं हैं उपलब्ध

युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं हैं उपलब्ध प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने प्रत्येक वैश्विक मंच पर स्थापित की अपनी साख 21वीं सदी भारत की होगी स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी भी हो रही है साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के छात्रों को किया संबोधित मध्यांचल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया मध्यांचल उत्सव-2026 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार होती दिखाई दे रही है। प्रत्येक वैश्विक मंच पर भारत ने अपनी साख स्थापित की है और प्रधानमंत्री मोदी विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो विश्व का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश है और प्रधानमंत्री मोदी प्रभावी रूप से इस युवा लोकतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा संगठित होकर दिल्ली में अध्ययन कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने बड़ी संख्या में प्रदेश के युवाओं से हुई भेंट ने उनकी दिल्ली यात्रा को सार्थक बना दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में मध्यप्रदेश के अध्ययनरत छात्रों के संगठन मध्यांयल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 को संबोधित कर रहे थे। मध्यांचल उत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें। युवा, कृषि-टेक्नोलॉजी एवं चिकित्सा जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित विश्व स्तर पर हो रहे सभी नवाचारों में दक्ष हो और देश और प्रदेश को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हुई है। आगामी 5 वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे। सरकार का लक्ष्य नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के माध्यम से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना है। उन्होंने बताया राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने पर प्रतिमाह 5 हजार प्रति श्रमिक के लिए सरकार द्वारा सहयोग राशि दी जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवाओं को सहयोग देने के विशेष प्रावधान राज्य सरकार की नीतियों में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस स्टेट है और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी दर मात्र 2 रुपये 10 पैसे है, जो कि देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कह मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। राज्य में माइनिंग सेक्टर में तेजी से कार्य हो रहा है और जैव विविधता के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। भोपाल के बड़े तालाब में शिकारे चलाए जा रहे हैं और फिल्म व पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों व युवाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यांचल छात्र संगठन को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी छात्र इसी प्रकार संगठित होकर सकारात्मक कार्य करते हुए प्रदेश व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते रहें। मध्यांचल उत्सव को संबोधित करते हुए श्याम टेलर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की प्रगति की गति दोगुनी हुई है। मां नर्मदा का प्रवाह और बाबा महाकाल मध्यप्रदेश की पहचान हैं। दिल्ली में अध्ययनरत युवाओं द्वारा प्रदेश की कला-साहित्य-शालीनता और सभ्यता के संगम के रूप में आयोजित मध्यांचल उत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने कभी भी अलगाव के विचार से कार्य नहीं किया। सदैव सहयोगात्मक व्यवहार ही उनकी पहचान रहा। कार्यक्रम को राजनिति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सुरेखा सक्सेना और दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चर कॉउंसिल के संचालक अनूप लाखर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिल्ली में अध्ययनरत छात्र उपस्थित रहे।  

इंडिया एआई मिशन-देश को बना रहा है एआई अवसंरचना की वैश्विक शक्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंडिया एआई मिशन-भारत को राष्ट्रीय स्तर की एआई अवसंरचना विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। वैश्विक एआई रैंकिंग-2025 में भारत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। एआई को उत्पादकता बढ़ाने तथा देश की आईटी प्रतिभा, जनसांख्यिकीय लाभांश और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रभावी उपयोग के लिए रणनीतिक साधन के रूप में अपनाया गया है। स्वदेशी डेटासेट्स, भारतीय भाषाओं पर आधारित फाउंडेशन मॉडल्स, सब्सिडी आधारित कंप्यूटर अवसंरचना और सुरक्षित व भरोसेमंद एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क इंडिया एआई की प्रमुख विशेषताएँ हैं। एआई कोश और जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर से स्टार्टअप को बढ़ावा उच्च गुणवत्ता वाले डेटासेट्स प्रभावी एआई प्रणालियों की नींव होते हैं। ‘एआई कोश’ प्लेटफॉर्म पर 6,250 से अधिक स्वदेशी क्यूरेटेड डेटासेट्स उपलब्ध हैं, जिनके साथ सैंडबॉक्स टूल्स और निःशुल्क कंप्यूटर एक्सेस प्रदान किया जा रहा है। सब्सिडाइज्ड दरों पर 38 हजार जीपीयू उपयोग में लाए जा रहे हैं। इससे बड़े पैमाने पर एआई नवाचार को गति मिली है। 'इनोवेशन सेंटर' के माध्यम से 12 स्टार्टअप को स्वदेशी एलएलएम और एसएलएम विकसित करने में सहयोग दिया जा रहा है। स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई के प्रभावी उदाहरण केआरएआई डायग्नोस्टिक्स ने छाती के एक्स-रे से एआई के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग की प्रक्रिया विकसित की है। उदाहरण प्रस्तुत किया। इंडिया एआई के सहयोग से यह तकनीक 105 से अधिक देशों में लागू हो चुकी है और इसे एफडीए की स्वीकृति भी प्राप्त है। कंवर्ज इन (नोकोबा) सरकारी कॉल सेंटर्स और शिकायत निवारण प्रणालियों में एआई एजेंट्स के उपयोग पर काम कर रहा है। व्हाट्सएप आधारित संवाद प्रणाली, शत-प्रतिशत कॉल ऑडिटिंग और एसओपी अनुपालन से परिचालन लागत घटी है और नागरिक संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एआई प्रतिभा निर्माण पर विशेष जोर इंडिया एआई मिशन के ‘एआई फॉर ऑल’ कार्यक्रम के अंतर्गत उद्योग-संरेखित पाठ्यक्रम, फेलोशिप्स और देशभर में 570 एआई एवं डेटा लैब्स स्थापित की जा रही हैं। यूजी, पीजी और पीएचडी विद्यार्थियों को स्टाइपेंड, मेंटरशिप और कंप्यूटर एक्सेस उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन में जीआईएस और एआई का एकीकृत उपयोग ‘जिला जीआईएस प्लानिंग सिस्टम’ के माध्यम से जमीनी स्तर पर योजना और निगरानी को सशक्त किया जा रहा है। एआई, जीआईएस, ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी के एकीकृत उपयोग से शहरी नियोजन, जल प्रबंधन और खनन निगरानी में पारदर्शिता लाई जा रही है। भारत प्रारंभिक डिजिटलीकरण से आगे बढ़कर अब बड़े पैमाने पर डिजिटल सार्वजनिक सेवा वितरण में उल्लेखनीय प्रगति कर चुका है। आधार, यूपीआई, कोविन, डिजिलॉकर, भाषिणी और ओएनडीसी इस परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन गये हैं। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एआई के एकीकरण से स्वास्थ्य जांच, बहुभाषी सेवा वितरण और निर्णय समर्थन प्रणालियों में शासन की दक्षता कई गुना बढ़ाई जा सकती है। भाषाई समावेशन डिजिटल समानता का आधार है। नेतृत्व-आधारित परिवर्तन और क्षमता निर्माण एकीकृत बैक-एंड प्लेटफॉर्म्स के लिये आवश्यक हैं। आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए एआई एआई उत्पादकता वृद्धि, रोजगार सृजन, नवाचार और समावेशी विकास का सशक्त माध्यम बन गई है। एआई को केवल तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित और सामाजिक प्रभाव आधारित दृष्टिकोण के साथ अपनाये जाने की आवश्यकता है। कृषि में एआई आधारित मृदा परीक्षण और सलाह प्रणालियों को किसानों की निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने वाला तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स रोग पहचान में तेजी लाने वाला प्रभावी उपकरण बन गया है। एमएसएमई और टियर-2 व टियर-3 क्षेत्रों में एआई विस्तार के लिए मजबूत डिजिटल अवसंरचना, साझा डेटा प्लेटफॉर्म और उपयुक्त संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है। सुरक्षित, लचीली और भविष्य के लिये तैयार डिजिटल एवं एआई अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एआई अब आकांक्षात्मक तकनीक नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा वितरण, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और डिजिटल शासन की मूल आवश्यकता बन चुकी है। एआई अवसंरचना है भारत के दीर्घकालिक डिजिटल नेतृत्व की कुंजी सॉवरेन डेटा और कंप्यूटर अवसंरचना के रणनीतिक महत्व की दृष्टि से उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, स्वदेशी हार्डवेयर, सुरक्षित डेटा सेंटर और मजबूत सप्लाई चेन को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता है। गोपनीयता, अनुपालन, जवाबदेही और जोखिम प्रबंधन को एआई के पूरे जीवनचक्र में अंतर्निहित किया जाना चाहिए। भरोसेमंद और सुरक्षित एआई अवसंरचना भारत के दीर्घकालिक डिजिटल नेतृत्व की कुंजी है।