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मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ “खेलो एमपी यूथ गेम्स” की घोषणा की

प्रदेश के खिला‍ड़ियों को समग्र सुविधाएँ करायेंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ "खेलो एमपी यूथ गेम्स" की घोषणा की वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर-शो के साथ बोट क्लब पर हुई रंगारंग शुरूआत देश में पहली बार खेल विभाग और खेल संघों के संयुक्त समन्वय से होंगे गेम्स शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोहा मुख्यमंत्री ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, जर्सी, थीम सांग और शुभंकर का किया अनावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की भव्य लांचिंग ओलम्पिक खेलों की तरह हुई है। आगाज़ ऐसा हुआ है तो अंजाम भी बहुत सुखद ही होगा। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के लिये कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को लाखों नहीं, करोड़ों तक की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के बोट क्लब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां किसी वैश्विक आयोजन का नजारा दिख रहा है। उन्होंने आयोजक खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और उनके विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल से किया गया कार्य इसी तरह छटा बिखेरता है। समारोह में वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर-शो, भव्य आतिशबाजी, शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की प्रस्तुति के साथ खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह इसलिए भी प्रशंसनीय आयोजन है क्योंकि यहां व्यापक जन भागीदारी दिखाई दे रही है। इससे खिलाड़ी उत्साहित और प्रोत्साहित होंगे। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के स्लोगन "मध्यप्रदेश की जय-सबकी विजय'' की सराहना की। खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता सजीव रूप में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी खेलों में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पिट्टू जैसे खेलों को शामिल कर नवाचार किया गया है। साथ ही ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को निखारने के लिये विकासखण्ड, जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई हैं। इसमें डेढ़ लाख खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। मेरी सभी खिला‍ड़ियों से आशा है कि जो भी काम करो, दिल से करो, तो परिणाम सुखद ही प्राप्त होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर खेल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। वहीं हमारे खेल प्रेमी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों का लगातार उन्नयन हो रहा है। कार्यक्रम में "खेलो एम. पी यूथ गेम्स" के लोगो, थीम सांग, टीशर्ट और शुभंकर (मैस्कॉट) लाँच किया गया। प्रतियोगिता 31 जनवरी तक होगी। यूथ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को लगभग 4 करोड़ रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 31 हजार रूपये, द्वितीय 21 हजार एवं तृतीय पुरस्कार 11 हजार रूपये रहेगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय के लिये खेल विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उद्घाटन समारोह में खेल प्रेमियों को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया। राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, उन्हीं क्षेत्रों में संबंधित खेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की सदस्यों दी प्रोत्साहन राशि समारोह के दौरान ब्लाइंड वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप 2025 की विश्व विजेता भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येवले एवं सुषमा पटेल को प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए दिए गए। इसमें से 10 लाख रूपए नगद एवं 15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दिए गए। इसके साथ ही महिला खिलाड़ियों के कोचेस को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चित्रों को वॉटर प्रोजेक्शन के माध्यम से देखकर दर्शक अभिभूत हुए। बड़े तालाब पर कतारबद्ध रोशनी के साथ खड़े शिकारों ने दर्शकों का मन मोहा। लोक कलाकारों के सामूहिक नृत्य से समारोह की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में मंत्री कुंवर विजय शाह, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजी कैलाश मकवाना, हितानंद शर्मा और खेल संचालक राकेश कुमार गुप्ता मौजूद थे। प्रदेश के 313 विकासखंडों की होगी सहभागिता राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया के अंतर्गत जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता होगी। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभाग- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम एवं शहडोल की टीमें भाग लेंगी। तीन चरणों में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसमें हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखम्ब, कुश्ती, जूडो, शतरंज, वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 10 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसमें फुटबॉल, व्हालीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकसी, कबड्डी शामिल हैं। आर्चरी, ताईक्वांडो, क्याकिंग- कैनोईंग, रोईंग, फैंसिंग, शूटिंग, थ्रो बॉल की प्रतियोगिताएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी।  

MP में किसानों को मिलेगा सूरज से खेती करने का मौका, हर किसान के लिए होगा सोलर पंप; मोहन सरकार का नया कदम

 भोपाल कृषक कल्याण वर्ष किसानों के लिए कई सौगातें लेकर आएगा. सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंपों से न केवल किसान दिन में ही खेतों में सिंचाई कर पाएंगे अपितु इससे बचने वाली बिजली से प्रदेश ऊर्जा में सरप्लस हो जाएगा. हर किसान के पास सोलर पंप होगा.किसान सौर ऊर्जा से खेती करेंगे प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। अब प्रदेश के किसान सूरज से खेती करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. विभिन्न सिंचाई परियोजना और सिंचाई की आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग से सिंचाई का रकबा अधिक से अधिक बढ़ाने का प्रयास रहेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है प्रदेश में सिंचाई क्षमता को आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना. प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. महाराष्ट्र राज्य के साथ क्रियान्वित होने वाली मेगा तापी भूजल भरण परियोजना विश्व की अनूठी परियोजना है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन भी गया। भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर भी कार्य किया जा रहा है. राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है। सिंहस्थ- 2028 में दुनिया भर से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं. सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन निर्माणाधीन है, जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य भी किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।

द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति

राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिचांई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति "मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण" में तीन वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी। उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। सहायक उप निरीक्षक स्व. गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में श्री गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए। ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी। सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा। रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026" लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रूपये आयेगा। इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की … Read more

द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति

शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू- 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये स्वीकृत राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिचांई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति "मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण" में तीन वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी। उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। सहायक उप निरीक्षक स्व. गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए। ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी। सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा। रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026" लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रूपये आयेगा। इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा … Read more

MP Cabinet की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, सीएम ने किसे दी बड़ी सौगात?

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक 13 जनवरी मंगलवार को आयोजित की गई। मंत्रालय में आयोजित MP Cabinet में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सीएम ने बैठक से पहले की अभियान पर बात बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान पर बात की। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। सीएम ने कहा कि अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू किया गया है। जो 16 फरवरी तक जारी रहेगा। लेकिन संपूर्ण अभियान31 मार्च तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं तीसरे चरण में 17 मार्च से 26 मार्च तक विकास खंड स्तर पर शेष आवेदन और शिकायतों के साथ ही प्राप्त आवेदनों का निपटारा भी किया जाएगा। चौथे चरण में जिला स्तर पर आयोजन वहीं समाधान अभियान के चौथे चरण में जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च तक आयोजन किए जाएंगे। इसके तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें भी सभी अनिराकृत शेष आवेदनों और शिकायतों के साथ ही नए आवेदनों को भी सुलझाया जाएगा। सीएम ने बैठक से पहले ही मंत्रियों को दिए निर्देश सीएम मोहन यादव ने अभियान को लेकर कैबिनेट बैठक से पहले ही अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जिलों में अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। बता दें कि मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें वे स्वयं और सभी मंत्रीगण फाइलों के बजाय टैबलेट अपने साथ लेकर मंत्रालय पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही प्रजेंट किए और सीएम ने भी टैबलेट देखकर ही उनके प्रस्तावों पर चर्चा की। बताते चलें कि सीएम मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया शुरु करने के उद्देश्य से मंत्रीगणों को टैबलेट वितरित किए थे। वहीं मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रजेंटेशन किया था। सीएम ने तब कहा था ई कैबिनेट की पहल ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है ये पेपरलेस प्रक्रिया। ताकि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। परिवहन टैक्स में छूट का प्रस्ताव मंजूर परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट दिए जाने पर हुई चर्चा। बाद में सर्वसम्मत से प्रस्ताव मंजूर स्पेस टेक नीति पर लगी मुहर स्पेस टेक नीति 2026 के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशल एप्लीकेशन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और प्रोत्साहन देना है। इसके जरिए रिसर्च, इनोवेशन और निजी निवेश को आकर्षित करने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सोलर एनर्जी के ये तीन अहम प्रोजेक्ट्स मंजूर MP Cabinet बैठक में जिन तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को स्थायित्व के साथ ही पीक डिमांड के समय निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें ये परियोजना शामिल हैं… 1- सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 2- सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 3- 24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना एमपी के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत, सीएम ने दी बड़ी सौगात शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस पर 322.34 करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। सरकार का ये फैसला एमपी के 1.21 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरा रहा। जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार कैबिनेट बैठक में इंदौर के मध्य स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के मुद्दे पर चर्चा की गई। एमपी में खोले जाएंगे 200 नए सांदिपनी विद्यालय MP Cabinet में स्कूल शिक्षा विभाग के सांदिपनी विद्यालय खोले जाने की योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत एमपी में कुल 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोले जाने हैं। इसमें करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये अहम प्रस्ताव भी हुए पास     2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन को मंजूरी     मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचनाओं को मंजूरी     मोहनपुरा विस्तारीकरण(सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी     सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी     खरनार गांव के 11 हजार से ज्यादा से ज्यादा हेक्टेयर में सिचाई होगी। 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ होगा।

खुशखबरी: प्रदेश के लाखों शिक्षकों के वेतन में हर महीने 5 हजार तक बढ़ोतरी, कैबिनेट बैठक में आज फैसला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे मंत्रालय में मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में पहली बार ई-कैबिनेट एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा जिसके जरिए सभी प्रस्ताव डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने पर मुहर संभव  आज की कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी जा सकती है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1 लाख 25 हजार शिक्षकों को लाभ होगा और उनके वेतन में हर माह 4 से 5 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पहली बार होगा ई-कैबिनेट ऐप का इस्तेमाल   इसके अलावा जल संसाधन विभाग की मालवा क्षेत्र से जुड़ी दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं प्रदेश में साइंटिफिक रिसर्च को प्रोत्साहित करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा के बाद निर्णय लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस पहल से राज्य में शोध और नवाचार को नई दिशा मिलेगी। 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक होंगे लाभान्वित शिक्षा विभाग के अनुसार, 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लगभग 1.25 लाख शिक्षक वर्तमान में तृतीय समयमान वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं और चतुर्थ समयमान की मांग कर रहे हैं। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो पिछले 5 से 8 वर्षों से इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ केवल प्राचार्य और व्याख्याताओं को ही मिल रहा है। 5 सितंबर को की गई थी घोषणा गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए आज की कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। शिक्षक संगठनों को फैसले का इंतजार शासकीय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो शिक्षकों को हर महीने सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और वर्षों से लंबित मांग का समाधान होगा। शिक्षकों और कर्मचारियों की निगाहें कैबिनेट पर आज होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक और कर्मचारी वर्ग आशान्वित हैं। यदि चतुर्थ समयमान वेतनमान को मंजूरी मिलती है, तो यह फैसला शिक्षकों के लिए नई आर्थिक राहत लेकर आएगा और सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा।

डॉ. यादव का नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट नागपुर दौरा, अस्पताल की सेवाओं को सराहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट नागपुर का किया दौरा अस्पताल की व्यवस्थाओं को सराहा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागपुर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के विभिन्न क्लिनिकल विभागों में जाकर डॉक्टरों और स्टाफ से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सकों की सेवाभावना और स्टाफ द्वारा मरीजों की देखभाल के प्रति समर्पण भावना की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश से आए उन मरीजों से भी मुलाकात की जो एनसीआई में उपचाररत हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मरीजों और उनके परिजन से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से उपचार करवा रहे नागरिकों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इंस्टिट्यूट के जनरल सेक्रेटरी और सीईओ शैलेश जोगलेकर तथा मेडिकल डायरेक्टर डॉ. आनंद पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संस्थान के विकास और मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही समग्र कैंसर उपचार सेवाओं की जानकारी दी।  

हम मानवता के लिए जिएं, अपने देश के लिए जिएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय युवा दिवस : 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का किया संचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य नमस्कार करें, प्राणायाम करें और व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी करें निर्माण हम मानवता के लिए जिएं, अपने देश के लिए जिएं योग हमारी भारतीय परम्परा का है अहम हिस्सा मुख्यमंत्री ने किया सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम सुभाष स्कूल में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। वे एक महान चिंतक थे और केवल शरीर से बल्कि कर्म से भी युवा थे। उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा है। सूर्य नमस्कार की यौगिक क्रियाएं हमारे संपूर्ण जीवन का निचोड़ है। यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि हमारे जीवन को सामान्यता से उत्कृष्टता की ओर लेकर जाने का बड़ा माध्यम है। हम रोजाना सूर्य नमस्कार में समाहित 12 योग क्रियाओं के जरिए ही अपने शरीर को निरोगी बनाकर सुखी रह सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सुभाष स्कूल के सभी बच्चों के साथ सूर्य नमस्कार के 12-12 क्रियाओं के तीन चक्र और प्राणायाम भी किया। उन्होंने कहा कि योग सदियों से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता होती है सिद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सूर्य नारायण संपूर्ण सृष्टि को प्रकाश देकर ऊर्जा का संचार करते हैं। भारतीय संस्कृति के सभी पर्व एवं त्योहारों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ होती है, जो सूर्य नारायण की आराधना का प्रतीक है। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है और शरीर ऊर्जा से सराबोर होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया कि वे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करें। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और नवनिर्माण करें। प्राचीन समृद्ध संस्कृति और विरासत का संरक्षण करें। स्वदेशी को प्रोत्साहित करें। अपने बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपने पाठ्यक्रम के अध्ययन तक ही सीमित न रहें, बल्कि जीवन की व्यवहारिकता से भी परिचित हों। नशे की लत और जंक फूड से बनाएं दूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वाध्याय भी ज्ञान अर्जन का एक सशक्त माध्यम है। सभी को स्वाध्याय करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नशे की लत और जंक फूड से हमेशा के लिए दूरी बनाएं। जंक फूड शरीर को विकृति की ओर ले जाते हैं। इन्हें कम से कम खाएं। पेड़ लगाएं। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा शारीरिक व्यायाम के लिए अवश्य निकालें। अपना कोई एक पसंदीदा खेल जरूर खेलें। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें। अपने व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी निर्माण करें। अपनी भावनाएं परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, हताशा से नहीं, हमेशा आशा से भरे रहें। आधुनिकतम तकनीक का पूरी समझ और संवेदनाओं के साथ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैब कुटुम्बकम की परोपकारी भावना पर आधारित है। हम सब अपने जीवन के प्रत्येक पल को आनंद से जिएं। मानवता, समाज, प्रकृति और खुद के साथ दूसरों का जीवन बेहतर बनाने की भावना के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से 1000 साल पहले गजनी के महमूद ने भगवान सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण कर उसे नष्ट-भ्रष्ट करने का प्रयास किया था। हमें गर्व है कि भारतीय संस्कृति का यह जीवंत प्रतीक पूरे गौरव के साथ चट्टान की तरह आज भी खड़ा है। एक संकेत पर, एक साथ हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम सुभाष स्कूल में सुबह राष्ट्रगीत वंदेमातरम् गायन के साथ राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद जी द्वारा अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन का प्रसारण भी किया गया। तदुपरांत सभी ने एक समय में, एक संकेत पर, एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। इस कार्यक्रम का आकाशवाणी के सभी केन्द्र के जरिए प्रदेशभर के स्कूलों में सीधा प्रसारण किया गया। जिलों में भी योगधर्मियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने दिए गए मार्गदर्शन के अनुसार सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर पहली बार वर्ष 2007 में राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी। तब से लगातार यह आयोजन हो रहा है। भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रविंद्र यति, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक लोक शिक्षण डी.एस. कुशवाहा सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती पर पालिटेक्निक चौराहे पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी जी अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान देने का काम किया। वे विज्ञान में स्नातक थे, परंतु अपने गुरू के प्रभाव में आने के बाद उन्होंने श्रीरामकृष्ण मिशन के जरिए समाज में जनचेतना जागृत करने का बीड़ा उठाया। इस पुनीत कार्य के लिए हम भारतवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे। वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हम सब स्वामी जी के बताए मार्गों और आदर्शों … Read more

शासन और समाज के बीच सेतु की भूमिका में है जनअभियान परिषद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गांव और ग्रामीण ही देश के विकास की धुरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासन और समाज के बीच सेतु की भूमिका में है जनअभियान परिषद ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान में 12 से 26 जनवरी तक मनेगा ग्राम विकास पखवाड़ा 313 विकासखंडों के दो-दो युवाओं को जनअभियान परिषद द्वारा दिया जा रहा है प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राज्यव्यापी ग्राम विकास पखवाड़े के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हर तरफ विकास की बयार है। गांव-गांव तक सरकार की योजनाओं की जानकारी और विकास कार्यक्रमों का लाभ पहुंच रहा है। गांव और ग्रामीण ही देश के विकास की धुरी है। इनकी मजबूती में ही देश की मजबूती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनअभियान परिषद शासन और समाज के बीच एक सेतु की भूमिका में है। सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जनअभियान परिषद का योगदान नि:संदेह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सबके समन्वित प्रयासों से हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में 'ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान' के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 12 से 26 जनवरी तक प्रदेश में आयोजित किये जा रहे 'ग्राम विकास पखवाड़े' के 'राज्यस्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम' का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस पखवाड़े में की जाने वाली गतिविधियों के बारे में परिषद द्वारा प्रदेश के 313 विकासखंडों से प्रत्येक विकासखंड से आये 2-2 युवाओं को दो दिवसीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती से इस ग्राम विकास पखवाड़े का आयोजन प्रदेश में नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि हम सबको अपनी ग्रामीण संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना है। हम सबको राष्ट्र विरोधी ताकतों से एकजुट होकर लड़ना होगा। यही राष्ट्र सेवा और समाज सेवा है। सबके सहयोग से ही हमारी भावना बलवति होगी, फलवती होगी। गांव के विकास में सरकार हर सहयोग करेगी। गांव-गांव तक विकास की बात पहुंचेगी तभी हमारा मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनअभियान परिषद् की नवांकुर संस्थाओं एवं प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से युवा साथी सरकार के विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंचाएं। ये साथी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अभिलाषाओं के अनुरूप विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे प्रदेश के सभी नागरिक भी इस संकल्प को साकार करने में सरकार के सहयोगी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान में ग्राम स्तर पर उत्सव, चौपाल, रैली, सामूहिक श्रमदान और परिवार सम्पर्क गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण एवं जल का संरक्षण, स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर बल देकर जैविक कृषि एवं गौ-संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही शिक्षा संपन्न और संस्कारवान समाज,सामाजिक समरसता को बढ़ावा देकर नागरिक सेवा के भाव का विकास तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों का मैदानी अमला भी सक्रिय रूप से इस अभियान में सहभागिता करेगा। वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि गांव ही हमारी आत्मा है और हमें मिलजुलकर इसे मजबूत बनाना है। स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय दर्शन को दुनिया तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास का सपना देखा है, हम सबको मिलजुलकर यह सपना पूरा करना है। सरकार सबके हित में काम कर रही है, उसे नीचे तक ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जन अभियान परिषद् सरकार का सहयोगी बनकर, सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यक्रमों को गांव-गांव तक लेकर जाएंगे और ग्राम विकास के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने मदद करेंगे। जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर ने कहा कि शिक्षा ही समग्र विकास की धुरी है और हम इसी लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। हम ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बतायाकि इस अभियान के जरिए परिषद् की प्रस्फुटन समितियां, नवांकुर संस्थाएं, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (सीएमसीएलडीपी) के सभी विद्यार्थी एवं परामर्शदाता, परिषद् से जुड़ी स्वैच्छिक संस्थाएं, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संगठनों द्वारा भी सहभागिता की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह ग्राम विकास पखवाड़ा प्रदेश की चुनिदां 13 हजार ग्राम पंचायतों में 12 जनवरी से एक साथ प्रारंभ हो गया है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।  

सीएम ने जल रेखा ऐप से पाइपलाइन लीकेज की जांच कराने के निर्देश दिए, हर मंगलवार होगी ‘जल सुनवाई’

भोपाल  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यभर में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शुरू किए गए ‘हर बूंद हो स्वच्छ और हर घूट हो स्वस्थ’ अभियान के प्रभाव के बाद अब राज्य सरकार ने भी प्रांतव्यापी स्वच्छ जल अभियान की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के उद्देश्य से इस अभियान का शुभारंभ किया। जल रेखा ऐप से पाइपलाइन में लीकेज की जांच कराएं पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करें। विभाग द्वारा जारी जल रेखा ऐप का उपयोग करके पाइपलाइन में लीकेज की जांच कराएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में हर मंगलवार को जल सुनवाई का आयोजन करके आम जनता की पेयजल संबंधी समस्याओं का निदान करें। अधिकारियों को सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों और जल सुनवाई व्यवस्था को अधिकारी पूरी गंभीरता से लें। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो और यदि कहीं पानी दूषित पाया जाए तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्थिति में दूषित पानी की आपूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसे अवसर की तरह लेकर प्रदेश को देश के लिए आदर्श बनाना है। नगरीय निकाय विभाग द्वारा जल आपूर्ति निगरानी के लिए एप के उपयोग की सराहना करते हुए उन्होंने चेताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति में ढिलाई पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। किट के माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता की जांच कराएं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की नल जल योजनाओं के माध्यम से दिए जाने वाले पानी की उपभोक्ता के घर जाकर टेस्टिंग करें। किट के माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता की जांच कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक चलाये जाने वाले जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दें। आम जनता को भी इस अभियान से जोड़ें। आम जनता को हर हाल में साफ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएं। पानी की आपूर्ति की सतत निगरानी की व्यवस्था करें। बैठक में अभियान के संबंध में बिंदुवार जानकारी दी गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर बीएस जामोद, उपायुक्त एलआर अहिरवार, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। कलेक्ट्रेट के एनआईसी केंद्र से कलेक्टर प्रतिभा पाल, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता, नगर परिषदों के अध्यक्ष तथा सीएमओ और अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।  रोबोट से होगी पाइपलाइन की जांच अभियान के तहत प्रदेशभर में जल शोधन संयंत्रों और पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाएगी। जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी की जाएगी। पेयजल पाइपलाइन में दूषित मिश्रण रोकने के लिए वाटर और सीवेज पाइपलाइन की मैपिंग होगी, इंटर पॉइंट चिन्हित किए जाएंगे और रोबोट की मदद से लीकेज की जांच की जाएगी। इसके साथ ही सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांच, एसटीपी की नियमित निगरानी, हर मंगलवार जल सुनवाई, 181 पर पेयजल शिकायतों के लिए विशेष व्यवस्था और तय समय-सीमा में शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था लागू की जाएगी।  हर मंगलवार होगी जल सुनवाई     मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि-     हर मंगलवार जिले में जल सुनवाई अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए     शिकायतकर्ता को आवेदन के साथ समस्या का पूरा विवरण देना होगा     शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा     लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी  दो चरणों में चलेगा 'स्वच्छ जल अभियान' बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में यह अभियान दो चरणों में लागू किया जाएगा- 1.पहला चरण: 10 जनवरी से 28 फरवरी तक 2. दूसरा चरण: 1 मार्च से 31 मई तक इन दोनों चरणों में-     सभी जल शोधन संयंत्रों (Water Treatment Plants) की जांच     पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई और निगरानी     GIS मैप आधारित एप के माध्यम से सतत निगरानी     पानी की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया जाएगा     रोबोट से होगी पाइपलाइन लीकेज की जांच स्वच्छ जल अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब पेयजल पाइपलाइन की लीकेज जांच रोबोट से की जाएगी। इसके तहत-     वाटर पाइपलाइन और सीवेज लाइन की GIS मैपिंग     दोनों लाइनों के इंटर पॉइंट्स की पहचान     दूषित पानी के मिश्रण को रोकने के लिए विशेष कार्रवाई     लीकेज की पहचान कर तुरंत सुधार मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवेज और पेयजल का मिश्रण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए तकनीक का पूरा उपयोग किया जाएगा।     पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस     अभियान के दौरान-     सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच     अल्पकालीन और दीर्घकालीन समाधान लागू     नागरिकों को साफ, सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था सीएम ने कहा कि इंदौर की घटना ने सरकार को यह सिखाया है कि पानी से जुड़ी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए अब कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा। जनता को मिलेगा सीधा अधिकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- "स्वच्छ जल अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा अभियान है। जल सुनवाई के माध्यम से हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार मिलेगा।" सरकार का दावा है कि इस अभियान से न केवल दूषित पानी की समस्या पर लगाम लगेगी, बल्कि पेयजल व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।