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सीएम ने जल रेखा ऐप से पाइपलाइन लीकेज की जांच कराने के निर्देश दिए, हर मंगलवार होगी ‘जल सुनवाई’

भोपाल  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्यभर में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शुरू किए गए ‘हर बूंद हो स्वच्छ और हर घूट हो स्वस्थ’ अभियान के प्रभाव के बाद अब राज्य सरकार ने भी प्रांतव्यापी स्वच्छ जल अभियान की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के उद्देश्य से इस अभियान का शुभारंभ किया। जल रेखा ऐप से पाइपलाइन में लीकेज की जांच कराएं पानी की पाइपलाइन में लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करें। विभाग द्वारा जारी जल रेखा ऐप का उपयोग करके पाइपलाइन में लीकेज की जांच कराएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में हर मंगलवार को जल सुनवाई का आयोजन करके आम जनता की पेयजल संबंधी समस्याओं का निदान करें। अधिकारियों को सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों और जल सुनवाई व्यवस्था को अधिकारी पूरी गंभीरता से लें। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो और यदि कहीं पानी दूषित पाया जाए तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्थिति में दूषित पानी की आपूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसे अवसर की तरह लेकर प्रदेश को देश के लिए आदर्श बनाना है। नगरीय निकाय विभाग द्वारा जल आपूर्ति निगरानी के लिए एप के उपयोग की सराहना करते हुए उन्होंने चेताया कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति में ढिलाई पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। किट के माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता की जांच कराएं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की नल जल योजनाओं के माध्यम से दिए जाने वाले पानी की उपभोक्ता के घर जाकर टेस्टिंग करें। किट के माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता की जांच कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक चलाये जाने वाले जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दें। आम जनता को भी इस अभियान से जोड़ें। आम जनता को हर हाल में साफ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएं। पानी की आपूर्ति की सतत निगरानी की व्यवस्था करें। बैठक में अभियान के संबंध में बिंदुवार जानकारी दी गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर बीएस जामोद, उपायुक्त एलआर अहिरवार, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। कलेक्ट्रेट के एनआईसी केंद्र से कलेक्टर प्रतिभा पाल, प्रभारी आयुक्त नगर निगम मेहताब सिंह गुर्जर, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता, नगर परिषदों के अध्यक्ष तथा सीएमओ और अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।  रोबोट से होगी पाइपलाइन की जांच अभियान के तहत प्रदेशभर में जल शोधन संयंत्रों और पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाएगी। जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी की जाएगी। पेयजल पाइपलाइन में दूषित मिश्रण रोकने के लिए वाटर और सीवेज पाइपलाइन की मैपिंग होगी, इंटर पॉइंट चिन्हित किए जाएंगे और रोबोट की मदद से लीकेज की जांच की जाएगी। इसके साथ ही सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांच, एसटीपी की नियमित निगरानी, हर मंगलवार जल सुनवाई, 181 पर पेयजल शिकायतों के लिए विशेष व्यवस्था और तय समय-सीमा में शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था लागू की जाएगी।  हर मंगलवार होगी जल सुनवाई     मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि-     हर मंगलवार जिले में जल सुनवाई अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए     शिकायतकर्ता को आवेदन के साथ समस्या का पूरा विवरण देना होगा     शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा     लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी  दो चरणों में चलेगा 'स्वच्छ जल अभियान' बैठक में बताया गया कि प्रदेशभर में यह अभियान दो चरणों में लागू किया जाएगा- 1.पहला चरण: 10 जनवरी से 28 फरवरी तक 2. दूसरा चरण: 1 मार्च से 31 मई तक इन दोनों चरणों में-     सभी जल शोधन संयंत्रों (Water Treatment Plants) की जांच     पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई और निगरानी     GIS मैप आधारित एप के माध्यम से सतत निगरानी     पानी की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण किया जाएगा     रोबोट से होगी पाइपलाइन लीकेज की जांच स्वच्छ जल अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब पेयजल पाइपलाइन की लीकेज जांच रोबोट से की जाएगी। इसके तहत-     वाटर पाइपलाइन और सीवेज लाइन की GIS मैपिंग     दोनों लाइनों के इंटर पॉइंट्स की पहचान     दूषित पानी के मिश्रण को रोकने के लिए विशेष कार्रवाई     लीकेज की पहचान कर तुरंत सुधार मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवेज और पेयजल का मिश्रण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए तकनीक का पूरा उपयोग किया जाएगा।     पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस     अभियान के दौरान-     सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच     अल्पकालीन और दीर्घकालीन समाधान लागू     नागरिकों को साफ, सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था सीएम ने कहा कि इंदौर की घटना ने सरकार को यह सिखाया है कि पानी से जुड़ी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए अब कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा। जनता को मिलेगा सीधा अधिकार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- "स्वच्छ जल अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा अभियान है। जल सुनवाई के माध्यम से हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार मिलेगा।" सरकार का दावा है कि इस अभियान से न केवल दूषित पानी की समस्या पर लगाम लगेगी, बल्कि पेयजल व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।  

स्वामी विवेकानंद जयंती पर भोपाल में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में सीएम ने किया योगाभ्यास

भोपाल  मध्य प्रदेश में 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर एक बार फिर बड़े स्तर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार किया जा रहा है। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक पूरे प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थाओं में एक ही संकेत पर सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया।  भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में युवा दिवस कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को नशे और गलत आदतों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दिन में कम से कम आधा घंटा योग के लिए देना बेहद जरूरी है। आज का युवा तेजी से नशा और बुरी आदतों की ओर बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है। सीएम ने कहा- पढ़ने की आदत युवाओं में लगभग खत्म होती जा रही है। युवा दिवस के मौके पर वे सभी युवाओं से अपील करते हैं कि खेलकूद और योग के साथ-साथ पढ़ने की आदत भी अपनाएं। सिर्फ पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि जिस विषय या किताब में रुचि हो, उसे जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पूरा योग करना संभव न हो तो सूर्य नमस्कार करना ही पर्याप्त है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा- “गर्व से कहिए, हम हिंदू हैं।” राष्ट्रीय युवा दिवस यानी 12 जनवरी से प्रदेश में ‘संकल्प से समाधान’ महा-अभियान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यह अभियान 31 मार्च 2026 तक चार चरणों में चलेगा। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं, शिकायतों और सरकारी योजनाओं से जुड़े लंबित आवेदनों का समयबद्ध समाधान करना है। अभियान की मुख्य बातें:     यह अभियान 106 प्रमुख योजनाओं पर केंद्रित रहेगा।     पूरी प्रक्रिया सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से मॉनिटर की जाएगी।     उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार मिलेगा। चार चरण:     12 जनवरी – 15 फरवरी: घर-घर जाकर आवेदन संग्रहण।     16 फरवरी – 16 मार्च: क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन।     16 – 26 मार्च: ब्लॉक स्तर पर लंबित और नए आवेदनों का निराकरण।     26 – 31 मार्च: जिला स्तर पर अंतिम समाधान शिविर; सभी आवेदनों का निराकरण अनिवार्य। स्वामी विवेकानंद जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार     प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम होगा।     कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से होगी, इसके बाद स्वामी विवेकानंद का रिकॉर्डेड संदेश और मुख्यमंत्री का प्रेरक संदेश।     भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में छात्र-छात्राओं के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव स्वयं कार्यक्रम में भाग लेंगे।     नरसिंहपुर के रुकमणि देवी पब्लिक स्कूल में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल होंगे। रेडियो संकेतों के अनुसार होगा सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम आकाशवाणी से मिलने वाले संकेतों के अनुसार सभी शिक्षण संस्थाओं में एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा, जिससे पूरे राज्य में एक समान समय पर आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश, एक संकेत पर होगा आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार एक साथ और एक ही संकेत पर कराया जाएगा। जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के सदस्य, समितियाँ और गणमान्य नागरिक भी शामिल होंगे। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी होंगे शामिल इस आयोजन में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएँ स्वैच्छिक रूप से भाग लेंगे। प्राथमिक शाला के बच्चे सूर्य नमस्कार में शामिल नहीं होंगे, लेकिन वे कार्यक्रम के दौरान दर्शक के रूप में उपस्थित रह सकेंगे।  

लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण

लोक निर्माण विभाग, लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से जन-जन की सेवा के संकल्प को कर रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना लोक निर्माण केवल सड़कें नहीं, प्रदेश की गति और विकास की है रीढ़ : मंत्री सिंह मुख्यमंत्री की पहल पर इंजीनियर्स के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की कल्पना हो रही साकार मुख्यमंत्री कैपेसिटी ने बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 का किया विमोचन 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर केन्द्रित पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंजीनियरर्स की क्षमता के आधार पर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देख रहे हैं। लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से राज्य के जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक राजनेता होने के साथ सन्यासी भाव से भारत की प्रगति और क्षमता निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। लोक निर्माण विभाग में विकास कार्यों को नई ऊंचाइयां देने की क्षमता है। भगवान श्रीराम के काल में नल और नील ने समुद्र पर पुल निर्माण करने की तकनीक खोज ली थी। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे। भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया, जिसमें सभी को समाहित करने की क्षमता थी। यह सभी को विकास और कल्याण में साथ लेकर चलने के भाव की अभिव्यक्ति थी। वर्तमान में भी सभी की सुविधा और जीवन में सभी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही निर्माण कार्य जारी हैं। मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग नई तकनीक और समय का सदुपयोग करते हुए अधोसंरचना विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम सह प्रशिक्षण-सत्र को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। लोकपथा ऐप का उन्नत संस्करण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने में करेगा मदद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथय में लोक निर्माण से लोक कल्याण की भावना को साकार करने वाले इस कार्यक्रम के आरंभ में वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल आगमन पर जनजातीय कलाकारों द्वारा परम्परागत वाद्य यंत्रों पर मंगल गान के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम, सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा तथा तुलसी का पौधा भेंटकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा अभियंताओं के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और आधुनिक परियोजना प्रबंधन में मार्गदर्शन के लिए विकसित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क 2026 का विमोचन, लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण – लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ ही प्रोजेक्ट-फाइनेंशियल और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट भी शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है। कार्यक्रम में कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क, लोक पथ 2.0 एप और विभाग की गत 2 वर्ष की गतिविधियों पर केंद्रित पुस्तक पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट पर केन्द्रित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रस्तुतिकरण दिया। लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और सांस्कृतिक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सामूहिक क्षमता, बुद्धि और समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसी भाव के साथ आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्व स्तरीय है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए है। सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाएँ जब गुणवत्ता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ बनती हैं, तो वे जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचार, आधुनिक तकनीक और कार्यों की गति इस बात का प्रमाण हैं कि लोक निर्माण विभाग नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मंत्री सिंह लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें, पुल और भवनों का निर्माण करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की गति, दिशा और विकास की रीढ़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए अधोसंरचना विकास को जन-जीवन से सीधे जोड़ा है। विभाग द्वारा बनाई गई सड़कें किसानों को मंडियों से, बच्चों को शिक्षा से, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से और उद्योगों को निवेश के अवसरों से जोड़ती हैं। यही कारण है कि देश के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अगले दो वर्षों में प्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का होगा समूह लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा कि … Read more

भोपाल में 11 जनवरी को 1101 ट्रैक्टरों की रैली, सीएम करेंगे कृषि वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों से करेंगे संवाद

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को औपचारिक रूप से ‘कृषि वर्ष’ घोषित करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा 1101 ट्रैक्टरों की सांकेतिक रैली को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान में कृषि एवं उससे संबंधित विभागों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे तथा प्रदेश भर से आए लगभग 30 हजार किसानों को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न जिलों से किसान भाग लेंगे। ट्रैक्टर रैली और रोड शो के माध्यम से राज्य सरकार किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देगी। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2026 को कृषि के लिए निर्णायक वर्ष बनाना है। ‘कृषि वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने तथा कृषि से जुड़े रोजगार को सशक्त करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सरकार ने एक स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आगामी वर्षों की कृषि नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल होगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन।   

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, एस्मा एक्ट लागू, 2 महीने तक अवकाश नहीं ले सकेंगे सरकारी कर्मचारी

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षक अगले दो महीने तक छुट्टियां नहीं ले सकेंगे. मोहन यादव सरकार ने शासकीय शिक्षकों की छुट्टी पर अब रोक लगा दी है. सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सरकारी स्कूलों में कार्यरत साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों पर अतिआवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है. ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देशों के तहत 7 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक चलने वाली परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की छुट्टियों पर पूर्ण रोक रहेगी. इस अवधि में शिक्षक धरना-प्रदर्शन या किसी भी तरह के आंदोलन में भी शामिल नहीं हो सकेंगे. बोर्ड परीक्षा के दौरान इसलिए लगाई गई एस्मा माध्यमिक शिक्षा मंडल के रजिस्ट्रार मुकेश मालवीय ने बताया, '' हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान एस्मा के निर्देश जारी किए गए हैं. इस दौरान शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक रहेगी. वहीं बोर्ड परीक्षा संपन्न होने तक शिक्षक धरना प्रदर्शन भी नहीं कर सकेंगे. हालांकि, स्वास्थ्य और आपातकालीन परिस्थितियों में शिक्षकों की छुट्टियों पर विचार किया जा सकेगा.'' उन्होंने आगे कहा, '' बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक, केंद्राध्यक्ष, उप केंद्राध्यक्ष समेत स्टाफ की ड्यूटी रहेगी. ऐसे में अनावश्यक छुट्टियों और धरना प्रदर्शन के कारण परीक्षाएं प्रभावित न हों. इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट यानी एस्मा लागू किया है.'' 25 फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड की 10-12वीं परीक्षाएं मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी 2026 से शुरू होंगी. इसके लिए प्रदेशभर में कुल 3,856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इस वर्ष दोनों ही परीक्षाओं में करीब 16 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए केंद्रों की सूची पहले ही जारी कर दी है. बोर्ड ने परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही रोकने के लिए नई तकनीक का सहारा भी लिया है. इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी, जिससे रियल टाइम रिपोर्टिंग और तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी. संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी, संख्या में आई कमी एमपी बोर्ड परीक्षा में इस बार 488 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहां विशेष निगरानी की जाएगी. पिछले वर्ष 562 केंद्र संवेदनशील श्रेणी में थे, जो इस बार घटकर 488 रह गए हैं. परीक्षा केंद्रों की संख्या भी पिछले साल के 3,887 से घटकर 3,856 हो गई है. बोर्ड का कहना है कि बेहतर प्रबंधन और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण संवेदनशील केंद्रों की संख्या में कमी आई है. इन केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी दल और प्रशासनिक सतर्कता सुनिश्चित की जाएगी.

मध्य प्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताने वाले एसडीएम को हटाया, पंडितों से विवाद के कारण कार्रवाई

 नलखेड़ा मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे। पंडितों ने एसडीएम के खिलाफ खोला मोर्चा मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया था आरोप पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।

धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह

म.प्र. सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में दी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर राष्ट्रीय सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन म.प्र. में करने का दिया प्रस्ताव भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर गुवाहाटी में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया। म.प्र. में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल सराहनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्‍त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में … Read more