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मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम ने मध्यप्रदेश शासन को ₹8 करोड़ का लाभांश किया भुगतान

भोपाल  मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की बैठक में निगम के अंशधारी मध्यप्रदेश शासन को वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के अंतरिम लाभांश के रूप में राशि रू. 8.00 करोड़ का भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है ।  तदानुसार मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय म.प्र. शासन एवं माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम चेतन्य काश्यप द्वारा मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ. मोहन यादव जी को राशि रू. 8.00 करोड़ अंतरिम लाभांश का चेक प्रदान किया गया।  इस अवसर पर सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा आयुक्त, एम.एस.एम.ई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम दिलीप कुमार एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बयान

भगवान महावीर के विचार आज भी हैं प्रासंगिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिगंबर और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने दी है समाज सेवा को नई दिशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में महावीर जयंती व्याख्यान में की सहभागिता चार वरिष्ठ समाजसेवियों को दिया महावीर अलंकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे। भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है। ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है। जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने के बजाय, जिनेन्द्रिय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है। भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्द्रियों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये। आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है। आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को 'महावीर अलंकरण' प्रदान किया। साथ ही सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है। आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और श्वेताम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन उच्च कोटि की समाज सेवा के जीवंत उदाहरण है। महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण समारोह के रूप में इन दोनों फेडरेशन्स का यह संयुक्त प्रयास अद्भुत संगठन शक्ति, समर्पण और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में चल रहे वैश्विक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए कहा कि स्वहितों के लिए पूरे विश्व को विषम और असामान्य सी परिस्थितियों में ला देने वाले लोगों को भगवान महावीर के 'अहिंसा परमो धर्म:' सूत्र वाक्य को याद करना चाहिए। क्योंकि हिंसा और अराजकता का जबाव प्रतिकार नहीं, बल्कि करुणा और संयम ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं। हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए। हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है। पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच क्रमेन्द्रियां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है। जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए। जैसा आहार होगा, वैसा ही हमारा मन और विचार होंगे। परमात्मा ने एक चीज हम सबको दी है और वह है ऑक्सीजन, जो हम सबके जीवन के लिए जरूरी है। आज हमारी ऊर्जा का स्रोत भी सात्विक होना चाहिए। इसीलिए हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन में विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा, हरिनारायण यादव, टीनू जैन, सूरज कैरो सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।  

भारत में हवाई सेवाओं का अकल्पनीय विस्तार, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा: CM यादव

भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण इंदौर में हवाई सुविधाओं का हो रहा विस्तार, मिली अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात अमेरिकी कॉउंसिल ने इंदौर की हवाई सुविधा को क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से किया सम्मानित इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन हमें लोककल्याण का मार्ग दिखाता है। लोकमाता के पद चिन्हों पर चलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनसेवा के नए कदम बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने ही देश के विमानन क्षेत्र का कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज समाज के हर तबके के लिए हवाई यात्रा संभव हुई है। अब हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा करने में समर्थ्य हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है वह अकल्पनीय है। मध्यप्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत भी की गई है, इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को त्वरित उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में लोकमाता अहिल्याबाई इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण कर इन्दौरवासियों सहित पूरे मालवांचल को अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे हवाई यात्रा और भी अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी। यह नया टर्मिनल इन्दौर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूती के साथ प्रतिस्थापित करेगा। इंदौर शहर की बेहतरीन हवाई सुविधाओं को अमेरिका क्वॉलिटी कॉउंसिल ने क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉउसिल की ओर से दिया गया क्वालिटी सार्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन इन्दौर एयरपोर्ट के पदाधिकारियों को सौंपकर बधाई दी। नये टर्मिनल में मिलेंगी यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के नए टर्मिनल में यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इंदौर में पुनर्संरचना परियोजना के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से हुए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों से एवं पुरानी टर्मिनल इमारत के नवीनीकरण के बाद अब यह नया टर्मिनल प्रति घंटे लगभग 400 यात्रियों को संभालने में सक्षम हो गया है। इसमें 14 चेक-इन काउंटर्स बनाए गए हैं और लगभग 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी यहां की गई है। करीब 6 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता 15 लाख (1.5 MMPA) है। यहां पर 18 उड़ानों का संचालन, 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग एवं वीआईपी रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस नए टर्मिनल में एक बहुत बड़ा वेटिंग एरिया विकसित किया गया है, जिससे पीक आवर्स में भी बेहतर तरीके से भीड़ प्रबंधन किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां "उड़ान यात्री कैफे" की शुरुआत भी की जा रही है। इसमें यात्रियों को 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में नाश्ता मिलेगा। प्रदेश में हर 150 किमी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड्स मौजूद हैं। बीते दो साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया में नए एयरपोर्ट का सफल संचालन हमने शुरु किया है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर ली है। इससे प्रदेश में कुल 10 एयरपोर्ट्स हो जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध हो। इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवागमन के तीनों क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विस्तार कार्य मध्यप्रदेश को लगातार विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं। रेल और विमानन सेवाओं में बढ़ते कदमों के साथ ही रोड कनेक्टिविटी के लिए केन्द्र से मिले विशाल पैकेज तथा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हमारा मध्यप्रदेश अब देश का लॉजिस्टिक हब बनता जा रहा है। नये टर्मिनल के लोकार्पण कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने भी वर्चुअली सहभागिता की। कार्यक्रमको इन्दौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री महेन्द्र हार्डिया, पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

मन की बात कार्यक्रम देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इन्दौर एयरपोर्ट से किया प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात का श्रवण इन्दौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है] जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि सभी जागरूक रहें, किसी भी तरह की अफवाहों और किसी के भी बहकावे में न आएं। सरकार की तरफ से जो निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने सभी संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे। कार्यक्रम श्रवण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की 'देश से अपनी बात' कर सबसे जुड़े रहने का एक सशक्त माध्यम है। यह हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। देश में हो रहे विकास, नवाचार, जनकल्याण के कामों के साथ गैर राजनीतिक विषयों को सामने लाकर पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता से रहने का सकारात्मक संदेश देने का प्रधानमंत्री का यह अद्भुत प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन की बात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोकसभा सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिलाध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

एमपी में सख्त कार्रवाई का दौर, 8 कलेक्टर और 7 एसपी निलंबित, सीएम ने लापरवाह अफसरों पर की कार्रवाई

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्त प्रशासनिक शैली के चलते सवा दो साल में आठ कलेक्टर और सात एसपी को पद से हटाया। उनकी कार्रवाई का में तीन बड़े फैक्टर उभरकर सामने आए हैं। इसमें कानून-व्यवस्था में चूक, भ्रष्टाचार/रिश्वत और प्रशासनिक लापरवाही शामिल हैं। प्रशासनिक लापरवाही सीएम को बिलकुल पसंद नहीं है, इसलिए ऐसे अफसरों पर तुरंत कार्रवाई की गई। यहीं नहीं सीएम ने जनता से बदसलूकी, भ्रष्टाचार के मामले सामने आते ही तुरंत एक्शन लिया है। इसके माध्यम से सीएम ने कड़ा संदेश देने की कोशिश की हैं।  प्रशासनिक ढिलाई पर सख्त एक्शन के कुछ मामले मुख्यमंत्री के एक्शन के सबसे ज्यादा मामले ऐसे रहे, जहां प्रशासनिक लापरवाही या जिम्मेदारी निभाने में ढिलाई सामने आई। हाल ही में सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी पर दफ्तर में नियमित नहीं बैठने और जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया।  वहीं, अगस्त 2024 में सागर दीवार हादसे में 9 बच्चे की मौत के बाद कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी और एसडीएम संदीप सिंह को हटाया गया। जनवरी 2026 में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड में निगमायुक्त दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सोनिया को हटाया गया। दिसंबर 2023 गुना बस हादसे में 13 लोगों की मौत के बाद कलेक्टर तरुण राठी, एसपी विजय कुमार खत्री और परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा पर कार्रवाई हुई। दिसंबर 2023 में ही हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लॉस्ट मामले में एसपी संजीव कुमार कंचन और कलेक्टर ऋषि गर्ग को हटाया गया। उक्त  मामलों से पता चलता है कि लापरवाही से जुड़ी घटनाओं और मामलों में मोहन सरकार ने सबसे अधिक कड़ा रुख अपनाया और कार्रवाई की। जिन मामलों में जनहानि हुई, उनमें तो संबंधित अधिकारियों को बिलकुल नहीं बख्शा गया।  हिंसा होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर भी नपे राज्य में जिन मामलों में कानून-व्यवस्था बिगड़ी या हिंसक घटनाएं हुईं, वहां सबसे तेज और कड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मार्च 2025 में मऊगंज के गड़रा हत्याकांड विवाद के दौरान युवक सनी द्विवेदी की हत्या और पुलिस टीम पर हमले में एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत के बाद कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर को हटा दिया गया। इसी तरह जून 2024 में सिवनी में 50 से अधिक गोवंश की हत्या के बाद तनावपूर्ण हालात बने। इसके बाद कलेक्टर क्षितिज सिंघल और एसपी राकेश कुमार सिंह पर भी कार्रवाई हुई। इससे साफ है कि जहां भी कानून व्यवस्था बिगड़ी और जनसभावनाएं प्रभावित हुई, वहां सीधे शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिरी।   भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की झलक दिखी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में भी सरकार का रुख सबसे सख्त नजर आया है, जहां सीधे अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई। इसी माह गुना के हवाला रिश्वत कांड में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपये जब्त करने के बाद 20 लाख रुपये लेकर छोड़ देने के आरोप में एसपी अंकित सोनी को हटा दिया गया। वहीं, थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी भी सस्पेंड हुए। जनवरी 2026 अशोकनगर के आनंदपुर साहिब ट्रस्ट मामले में रिश्वत के आरोपों के चलते कलेक्टर आदित्य सिंह को पद से हटाया गया। यह कार्रवाई बिना किसी औपचारिक शिकायत के आधार पर की गई। भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार ने बिना किसी जांच के त्वरित और कड़ा फैसला लिया। विवादित मामलों में भी अफसरों पर गाज गिरी प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार और व्यक्तिगत विवाद भी कार्रवाई के कारण बने और उन्हें पदों से हटाया गया। इससे पता चलता है कि सार्वजनिक व्यवहार और छवि भी अब प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा मानी जा रही हैं। शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को उनकाे एक बैठक में ड्राइवर से औकात पूछने वाला वीडियो वायरल होने के बाद हटाया गया।  जून 2025 कटनी एसपी अभिजीत रंजन को सीएसपी और उनके परिवार की शिकायतों के बाद पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से हुए सार्वजनिक विवाद के बाद सितंबर 2025 में भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को हटा दिया गया। 

मोहन सरकार की पहल: अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा

मोहन सरकार की पहल:अब वाराणसी में गूंजेगी सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा 3 से 5 अप्रैल तक वाराणसी में होगा “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का भव्य मंचन भोपाल  मध्यप्रदेश में मोहन सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गौरवमयी अभियान विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत, मोक्षदायिनी नगरी वाराणसी में आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भव्य “महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य” का मंचन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष रुचि और दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुँच रही है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का महाकुंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय न्यायप्रियता, वीरता और सुशासन के जीवंत प्रतीक हैं। वाराणसी में होने वाला यह महानाट्य जन-जन को उस वैभवशाली कालखंड से परिचित कराएगा। जब सम्राट विक्रमादित्य ने आज से लगभग 2100 वर्ष पूर्व आक्रांता शकों का समूल नाश कर 'विक्रम संवत' का प्रवर्तन किया था, यह संवत विश्व की प्राचीनतम काल-गणनाओं में से एक है, जो भारतीय विज्ञान और खगोल शास्त्र की श्रेष्ठता को दर्शाता है। अद्वितीय शौर्य और न्याय का चित्रण वाराणसी में होने वाली तीन दिवसीय विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के 'शकारि' और 'साहसांक' बनने की गाथा को जीवंत किया जाएगा। नाटक में दिखाया जाएगा कि कैसे एक लोक-कल्याणकारी राजा ने अपने राजकोष से धन देकर प्रजा को ऋणमुक्त किया और एक ऐसा साम्राज्य स्थापित किया जहाँ न कोई दरिद्र था और न ही कोई दुखी। साथ ही, सम्राट की 'नवरत्न' परंपरा—जिसमें कालिदास, वराहमिहिर और धन्वंतरि जैसे महान विद्वान शामिल थे—के माध्यम से 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के संकल्प को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। दिल्ली के लाल किले पर सफल मंचन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसकी सराहना के बाद, वाराणसी का यह मंचन एक नया मील का पत्थर साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विक्रमोत्सव की ऐतिहासिक सफलता उल्लेखनीय है कि उज्जैन में आयोजित 'विक्रमोत्सव 2026' ने डिजिटल आउटरीच में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच इस आयोजन की डिजिटल रीच 17.72 करोड़ से अधिक रही है। सोशल मीडिया पर #vikramutsav2026 जैसे हैशटैग्स ने वैश्विक स्तर पर ट्रेंड किया, जिससे सिद्ध होता है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौटने को आतुर है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह महानाट्य वाराणसी में न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय एकता के सूत्र को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन 'विकसित भारत' की राह में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।  

सीएम मोहन यादव की सख्ती, भ्रष्टाचार के आरोपी बैंक CEO को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीधी में औचक निरीक्षण के समय जनप्रतिनिधियों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की थी। इस पर उन्होंने धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। अपेक्स बैंक ने उन्हें बैंक की गड़बड़ियों, कर्मचारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और जांच में असहयोग करने के आधार पर निलंबित कर दिया। इस आदेश को उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आदेश को स्थगित करने की मांग की, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। बैंक अधिकारियों के अनुसार, याचिका पर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। मुख्यमंत्री का साफ संदेश जवाबदेही जरूरी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि किसी भी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि पद के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है और अगर शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश सभी अधिकारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। जनता की शिकायतें बनी बड़ी वजह इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों ने निभाई। लोगों ने प्रशासन और बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर समीक्षा की गई और फिर सख्त फैसला लिया गया। जिले में बढ़ी प्रशासनिक हलचल इस कार्रवाई के बाद सीधी जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारी अब ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं और कामकाज में सुधार की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने भी साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार का बड़ा संदेश साफ और सख्त इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि सरकार अब कामकाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी चाहती है। जो अधिकारी अपने काम में लापरवाही करेंगे उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। इससे आम जनता को भी भरोसा मिला है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।

छिंदवाड़ा हादसे पर CM यादव का शोक, मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने का किया ऐलान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा के पास हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है। जिक्रयोग है कि गुरुवार की शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हृदय विदारक सड़क दुर्घटना हुई है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों के प्रति  संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना  की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटतम परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष  बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित  छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह  को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर तत्काल छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है।  कार्यक्रम से लौट रही बस हादसे का शिकार, 10 लोगों की मौत, 45 से ज्यादा घायल  मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही एक बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 10 लोगों की मौत और 41 लोग घायल हो गए। लेकिन इस हादसे ने सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। मौके पर राहत और बचाव कार्य हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैफिक को रोककर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम किया गया, जिससे समय रहते कई लोगों की जान बचाई जा सकी। एक ही गांव के थे सभी यात्री हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि बस में सवार सभी लोग मोहखेड़ ब्लॉक के करेर पंचायत के निवासी थे। एक ही गांव के 10 लोगों की मौत से पूरा इलाका गम में डूब गया है। हादसे के बाद का मंजर घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जैसे ही गांव में खबर पहुंची, लोग अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े। कई लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए, तो कईयों को अपनों की मौत की खबर ने तोड़ दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: सनातन संस्कृति में यज्ञ का महत्व सर्वोत्तम

सनातन संस्कृति में यज्ञ का महत्व सर्वश्रेष्ठ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़े पुण्य व देवताओं की कृपा से मिलता है मनुष्य का शरीर मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिंदवाड़ा के सहस्त्र चंडी महायज्ञ में सपत्नीक हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में यज्ञ का महत्व सर्वश्रेष्ठ है। यज्ञ के माध्यम से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन धन्य हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में बड़े पुण्य व देवताओं की कृपा से मनुष्य का शरीर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को छिंदवाड़ा के सिहोरा मॉल स्थित रामेश्वरम धाम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यज्ञ में सहभागी होकर व्यक्ति अपने जीवन में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करता है और यश, सुख तथा समृद्धि की कामना करता है। ऐसे आयोजनों से सनातन संस्कृति के प्रति आस्था मजबूत होती है और सात्विक भाव से जनता की सेवा करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवद्गीता के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उपस्थित जनसमुदाय को नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है और निडरता के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आज नवरात्रि के पावन पर्व पर हनुमान लोक का लोकार्पण भी हुआ है। उन्होंने कहा कि यह शरीर पंचतत्व से बना होता है जिसमें पांच कर्मेन्द्रियां और पांच ज्ञानेन्द्रियां होती है। इन दसों इंद्रियों से लगातार सात्विक भाव से कार्य करने पर सात्विक शक्ति उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सपत्नीक सहस्त्र चंडी महायज्ञ में शामिल हुए और लगभग 3200 श्रद्धालुओं के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए यज्ञ में पूर्णाहुति दी। महायज्ञ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतविवेक जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा यज्ञ स्थल की परिक्रमा भी की। इसके साथ ही उन्होंने सिहोरामाल स्थित भगवान शंकर के मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामनाएं कीं। इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस सहस्त्र चंडी महायज्ञ में शामिल होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्रदेश को मिलता रहे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नंबर वन कार्य हो रहे हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक अंगारेश्वर महादेव का पूजन-दर्शन कर अभिषेक किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन स्थित अंगारेश्वर महादेव मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंगारेश्वर महादेव का पंचामृत से अभिषेक कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की।