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नई खेल नीति, नई सोच: पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत गढ़ रहा है सफलता की नई कहानी

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में खेलों में आगे बढ़ रहा है देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव फिट इंडिया मूवमेंट अभियान चलाया प्रधानमंत्री  मोदी ने : केन्द्रीय मंत्री  चौहान विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा। प्रधानमंत्री  मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा ऐतिहासिक नगरी है। सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है। साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश के मितावली के 64 योगिनी मंदिर के आकल्पन को पुरानी संसद का आधार बनाया गया था। इस नाते मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा भोपाल फोरलेन मार्ग के निर्माण का कार्य स्वीकृत किया जाएगा। यह फोरलेन सलामतपुर सांची होकर बनेगा। साथ ही विदिशा अहमदनगर निर्माण सहित अन्य सुझावों को शासन द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। खिलाड़ियों और युवाओं के प्रोत्साहन के सभी कार्य होंगे। इस खेल उत्सव में क्रिकेट, कबड्डी, मलखंभ और अन्य खेलों के शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर निगम के लिए निकटवर्ती ग्रामों को जोड़ने संबंधी अध्ययन और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं।  चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी  कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं।  कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।  कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं।  कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  चौहान अभिनंदन के पात्र हैं, इस खेल उत्सव की कल्पना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव का विदिशा पहुंचने पर अनेक स्थानों पर फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत। सांसद खेल महोत्सव में हुआ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  चौहान और क्रिकेटर  कपिल देव ने विदिशा में सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सांसद मती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संखय में खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित थे।  

रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान: नौरादेही में भी बसेंगे चीते – सीएम डॉ. यादव

नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़ने की योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया को दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश में ईश्वर के आशीर्वाद से थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से अपना जीवन यापन करते हैं। आज ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के निर्जन स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक आवास पर छोड़े गए हैं। मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ हैं, जो मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खण्डवा में मां नर्मदा के तट पर मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था उन चीतों के पुनर्स्थापन का प्रयास विश्व में कई जगह हुआ, लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक कार्य हुआ। यह पुनर्स्थापना पहले पालपुर कूनो और बाद में राज्य के अंदर ही गांधी सागर में हुआ है। बहुत जल्द नौरादेही एक और अभयारण्य बनने वाला है। इसमें अफ्रीका, नामीबिया से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां नर्मदा के प्रवाह में चार मादा दो नर मगर छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ, चम्बल, सोन बरगी और अन्य नदियों में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल का ईको -सिस्टम पर्यावरण की भी रक्षा करता है। जिस प्रकार मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिलता है, मां नर्मदा अपने वाहन मगर को भी आशीर्वाद दे और प्राकृतिक रूप से स्वच्छता का यह कार्य होता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए इस शुभ कार्य के लिए और प्रदेश की स्थापना दिवस के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश

 जलीय वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए है संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश जलीय पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह होगा सुदृढ़: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। माँ नर्मदा का वाहन माने जाने वाले मगरमच्छों को उनके नैसर्गिक आवास में पुनर्स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। मगरमच्छों के आवास के लिए यह अत्यंत अनुकूल है और उनकी उपस्थिति से नदी का पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह और अधिक सुदृढ़ होगा। यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में चल रहे व्यापक वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को खंडवा जिले के नर्मदानगर (पुनासा) में विधिवत रूप से पूजन कर वन विहार भोपाल से लाये गये 6 मगरमच्छों को मां नर्मदा नदी के सलिल जल में स्वच्छंद छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के साथ ही मगरमच्छ जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर वृद्धि होगी। प्रदेश में सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण अभियान के तहत भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्यजीव परस्पर एक दूंसरे पर निर्भर हैं। मगरमच्छ जलीय पारिस्थितिक तंत्र की अहम कड़ी है। इंदिरा सागर परियोजना के बैक वाटर क्षेत्र में माँ नर्मदा के वाहन के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से पूर्ण अनुकुल माहौल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सामान्य वनमण्डल खण्डवा के कुल वनक्षेत्र- 283773.23 हेक्टेयर अंतर्गत प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 61407.09 हेक्टेयर है। जिसमें खंडवा वनमंडल अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र शामिल हैं, वहीं देवास वनमंडल के सतवास, कॉटाफोड, पुंजापुरा, उदयनगर आदि परिक्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक मती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक  नारायण पटेल, पंधाना विधायक मती छाया मोरे, खंडवा की महापौर मती अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती पिंकी सुदेश वानखेड़े सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त  सुदाम खाड़े, आईजी  अनुराग, डीआईजी  सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर  ऋषव गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक  शुभ रंजन सेन, मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख  वी.एन. अंबाड़े, वन संरक्षक खंडवा सु वासु कनौजिया, वन मंडल अधिकारी  राकेश डामोर और अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी घटना में मृतक के प्रति व्यक्त किया दुख

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी विवाद में मृत्यु पर शोक व्यक्त किया प्रभारी मंत्री कटनी जायेंगे, शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना जतायेंगे एक आरोपी गिरफ्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में जबलपुर में संभागीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को कटनी जाकर शोक-संतप्त परिवार से भेंट कर संवेदना व्यक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देगा उसे उसके कृत्य का परिणाम अवश्य ही भुगतना पड़ेगा।  

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया। सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया। जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है। सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।  

पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन

बहुआयामी होगा प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्टूबर माह में 4 बार कर चुके हैं समारोह के स्वरूप की समीक्षा भोपाल प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह बहुआयामी होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भव्य और दिव्य रूप में मनाया जाएगा। आगामी एक से तीन नवम्बर तक भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान बहुरंगी शिल्प मेला, सुगम संगीत, नाटक, जनजातीय लोक नृत्य, ड्रोन शो आदि होंगे। समारोह में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) पहलीबार तकनीकी मार्गदर्शन देकर विशेष भूमिका में सामने आ रहा है। भोपाल के आकाश पर सबसे विशाल विजुअल सेलेब्रेशन पहलीबार दिखाई देगा। मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, स्थापत्य कला, पयर्टन महत्व और जनजातीय सभ्यता को इस ड्रोन-शो में देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस समारोह के स्वरूप पर इस माह चार बार बैठकों में समीक्षा की है। गहन मंथन और चिंतन के बाद समारोह को मनोरंजन के साथ सार्थक संदेश देने का आयोजन बनाने के उद्देश्य से रचना की गई है। समारोह की थीम 'उद्योग और रोज़गार वर्ष 2025' के अनुरूप प्रदेश में हुए नवाचारों और विकास के विशेष प्रयासों पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया गया है। जिलों में हो रहे कार्यक्रम भी उद्योग और रोज़गार की थीम के अनुरूप होंगे। प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। जिलों की प्रगति और उपलब्धियों को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन भी समारोह का हिस्सा होंगे। विरासत से विकास प्रदशर्नी स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम अभ्युदय मध्यप्रदेश के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक नवम्बर को भोपाल में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महानाट्य-सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास की उपलब्धियां होगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए नवाचारों, विकास के विशेष प्रयासों और जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रस्तुतिकरण के निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में "रोज़गार के मंदिर हैं उद्योग'' थीम पर स्थापना दिवस समारोह में विविधगतिविधियाँ हो रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाएँ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेंगी। कृषक संगठन भी किसान कल्याण की गतिविधियों का प्रदर्शन समारोह का हिस्सा बना रहे हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को नया स्वरूप प्रदान किया गया है।

प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए मोहन सरकार ने लिया कर्ज, चालू वित्त वर्ष का ऋण 42600 करोड़ तक

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज ₹5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिसका भुगतान 29 अक्टूबर को सरकार को होगा। भाईदूज पर प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में ₹250 जमा करने से चूकने के बाद, सरकार यह कर्ज 1 नवंबर को होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी परियोजनाओं के भुगतान के लिए ले रही है। चालू वित्त वर्ष का कुल कर्ज ₹42600 करोड़ हुआ आज लिए जा रहे कर्ज की पहली राशि ₹2700 करोड़ और दूसरी ₹2500 करोड़ की होगी। ये चालू वित्त वर्ष के क्रमशः बीसवें और इक्कीसवें कर्ज हैं। इस नए लोन के बाद, चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज बढ़कर ₹42600 करोड़ हो जाएगा। इसके साथ ही, एमपी सरकार पर मौजूदा कुल कर्ज ₹4,64,340 करोड़ तक पहुंच जाएगा। लंबी अवधि के लिए लिया जा रहा है कर्ज पहला कर्ज ₹2700 करोड़ का है, जो 21 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है और इसका ब्याज भुगतान अक्टूबर 2046 तक होगा। दूसरा कर्ज ₹2500 करोड़ का है, जो 22 साल की अवधि के लिए होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2047 तक ब्याज के रूप में किया जाएगा। एमपी का चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर पहुंच जाएगा 42,600 करोड़ गौरतलब है ताजा 5200 करोड़ रुपए लोन के बाद एमपी सरकार का कुल चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर 42,600 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा. इससे पहले, मोहन सरकार ने दशहरे से पहले 3000 करोड़ रुपए का लोन लिया था. नए 5200 करोड़ रुपए के लोन से एमपी सरकार का कुल सरकारी कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा.  कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए केंद्र की मंजूरी सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार ने आरबीआई के माध्यम से लिए जाने वाले कर्ज की यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर ऑन प्रोडक्टिव स्कीम के लिए मंजूर की है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाएं, सिंचाई और पावर प्रोजेक्ट्स, और कम्युनिटी डेवलपमेंट्स प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। सरकार देव उठनी एकादशी (1 नवंबर) से पहले यह कर्ज ले रही है। पिछले कर्जों का ब्यौरा इससे पहले मोहन सरकार ने दशहरा पर्व के ठीक पहले 1 अक्टूबर को ₹3000 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसके लिए 30 सितंबर को ऑक्सन किया गया था। सितंबर माह में 9 सितंबर को ₹4000 करोड़ के तीन कर्ज और 23 सितंबर को ₹1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे। सरकार ने अपनी राजस्व स्थिति को संतोषजनक बताया है और कहा है कि लिया जा रहा यह कर्ज लोन की लिमिट के भीतर है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में थी, जबकि 2024-25 में यह आय ₹1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। क्यों ले रही कर्ज? सूत्रों के मुताबिक यह राशि कई प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट स्कीम्स के लिए ली जा रही है। वहीं, आगामी 1 नवंबर को स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सामाजिक योजनाओं के भुगतान के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जाएगा। पहले लिया था 3 हजार करोड़ का कर्ज  आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने 1 अक्टूबर को दशहरा से पहले 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। और अब 5200 करोड़ कर्ज के साथ मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा।  लोन लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। जो भी लोन लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ। यह कर्ज 20 साल और 23 साल की अवधि के लिए हैं।     23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।     नौ सितंबर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे। यह कर्ज 17 साल, 19 साल और 20 साल की अवधि के लिए हैं।     26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। यह लोन 20 साल और 18 साल की अवधि के लिए हैं।     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं। अप्रैल के बाद ये कर्ज भी लिए     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए … Read more

स्थापना दिवस पर दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।