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स्थापना दिवस पर दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर आयोजित संगोष्ठी में लेंगे हिस्सा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में होंगे शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के वीथी संकुल, मुक्ताकाश (एम्फिथियेटर) में 12 बजे जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।संगोष्ठी का आयोजन राज्य नीति आयोग,मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और EPCO के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी, और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय कार्यक्रम के सह-आयोजक हैं।संगोष्ठी प्रातः 9:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक होगी। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विमर्श करना और व्यक्ति, समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। जलवायु संकट, जो जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है और वर्तमान समय की गंभीर चुनौती है। यह संगोष्ठी नवंबर 2025 में ब्राजील में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (CoP 30) के लिए पूर्व परामर्श का कार्य करेगी। इसके सुझाव और विचार CoP 30 के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश इस चर्चा को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित इस संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में पर्यावरण और जीवनशैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया जाएगा। इस आयोजन में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा: हर नगरीय निकाय में बनेगा गीता भवन, भव्य रूप से मनाई जाएगी गीता जयंती

सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनेंगे- श्रद्धा और भक्ति से मनाई जायेगी गीता जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री नंदा नगर में आयोजित कथा में शामिल हुएव्यास पीठ की पूजा और आरती की प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल में देश में बह रही है सांस्कृतिक धारा   इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाये जायेंगे। सभी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाये जायेंगे। आगामी दिनों में गीता जयंती भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जायेगी। बीते दिनों राज्य शासन ने विजया दशमी पर उत्साह के साथ शस्त्र पूजन के कार्यक्रम किये दीपोत्सव में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाए गये। इस उत्सव को गौ-संवर्धन के रूप में मनाया। राज्य शासन गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिये हर स्तर पर कार्य कर रही है। गौ-शालाओं का बढ़ावा देने के साथ उसे संरक्षण भी दे रही है। गायों को खुराक के लिये दिये जाने वाली राशि बढ़ाकर दुगुनी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नंदा नगर स्थित गणेश परिसर में मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज की कथा के अवसर पर अपना सम्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के शासन में देश में एक ऐसी सांस्कृतिक धारा बह रही है। जिसके कारण चारों और उत्साह का वातावरण है। साधु-संतों का सम्मान हो रहा है। धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ रही है।  विदेश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भारत में आते हैं, तो हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी उन्हें हमारे मंदिरों का भ्रमण कराते है और उन्हें गीता और रामायण जैसे ग्रंथ भेंट करते हैं। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन की काया ही बदल गई है। अब वहाँ रिकार्ड तोड संख्या में  श्रद्धालु आ रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथाओं का गुणगान महानाट्य विक्रमादित्य के माध्यम से किया जा रहा है। इसका मंचन राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य स्थानों पर भी हो चुका है। पहले कैलेण्डर में शक संवत होता था अब उसे विक्रम संवत कर दिया गया है। प्रधानमंत्री  मोदी के दृढ़ संकल्पों से काशी विश्वनाथ में सुंदर कॉरिडोर बन गया है। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के पथ जहां-जहां पड़े वहाँ राम पथ बनाया गया है। चित्रकूट धाम का भी जीर्णोद्धार किया जायेगा। जहां-जहां योगेश्वर कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, वहां भी तीर्थ स्थान बनाएं जायेंगे।  जानापाव में भगवान परशुराम की जन्म स्थली का भी विकास किया गया है। ऐसे और भी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों के द्वारा कही गई  कथा से हम सबको अच्छे संस्कार मिलते हैं। हमारे जीवन में नयी ऊर्जा का संचार होता है। जहां सामान्य मनुष्य की सोच समाप्त होती है, वहाँ से संतों के सोचने की शुरूआत होती है। उन्होंने कहा कि  मानव शरीर परमात्मा की सुंदर रचना है और इसके रोम-रोम में परमात्मा है। इस शरीर में सारी शक्तियां समाहित है। इसकी अनुभूति हमें संत कराते हैं। संतों के पास बैठने से हमारा जीवन मंगलमय होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन किया और आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महराज  स्वागत किया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह आयोजन विधायक  रमेश मेंदोला के माता-पिता की स्मृति में किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन लगातार होना चाहिए। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  सुमित मिश्रा तथा  श्रवण सिंह चावड़ा, डॉ. निशांत खरे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव आदि मौजूद थे।  

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना सरकार के प्रयासों से प्रदेश में बन रहा है सामाजिक सौहार्द का माहौल: मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में सोमवार को इंदौर में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 का सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जो विकास एवं सामाजिक समरसता का सिलसिला प्रारंभ हुआ था, वह वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का सामाजिक समरसता के क्षेत्र में योगदान अमूल्य है। उनके बताए मार्गों पर चलकर प्रदेश में सामाजिक एकता और समानता का नया वातावरण स्थापित किया जा रहा है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  महेंद्र हार्डिया,  गोलू शुक्ला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। शहर में ड्रेनेज, जलप्रदाय लाइन और सड़कों का तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 600 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया है। विधायक  महेंद्र हार्डिया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां हर समाज और वर्ग के लोग मिलकर विकास में भागीदार बन रहे हैं। कार्यक्रम को  सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाज के वरिष्ठ जन और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल

अपनों के सुख समृद्धि के लिए कष्ट सहते हुए आनंद के साथ व्रत रखने वाली माता-बहनों को मेरा नमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक कर किया छठ पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी छठ पर्व की शुभकामनाएं इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छठ पूजा में सूर्य उपासना, परिवार के स्वास्थ्य और जीवन के दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। त्रेता युग से भगवान राम  की लम्बी आयु की कामना से यह छठ पूजा आरम्भ हुई। माताएं-बहनें अपनी आस्था एवं संस्कारों के साथ इस पर्व को मनाती हैं। हमारी मातृशक्ति अपने परिवार के कष्टों को दूर करने और सुख समृद्धि के लिए आनंद के साथ जीवन के कष्टों को सहन करते हुए यह व्रत रखती हैं। मैं इन माता-बहनों को नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के मन कामनेश्वर महादेव उद्यान में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जलाभिषेक कर छठ पूजन किया। छठ महोत्सव में एक साथ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने जलकुंड में उतरकर छठ पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित सभी माता-बहनों, नागरिकों के साथ ही प्रदेशवासियों को छठ पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का प्रतीक  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छठ पर्व सामाजिक एकता, आस्था और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम है। छठ पूजा विशेष रूप से बिहार एवं पूर्वांचल क्षेत्र के लिए यह प्रमुख पर्व है। बिहार से मालवांचल का संबंध लगभग एक हजार साल पुराना है और हमारे रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाने लगा है। इंदौर में ही आज लगभग 200 से ज्यादा स्थानों पर छठ पूजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। छठ पर्व हमारी सांस्कृतिक विविधता और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व आस्था, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक और  सांस्कृतिक आयोजनों के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का भी प्रतीक है। माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश में सनातन परम्परा आदिकाल से चली आ रही है। यहां पर हमारी माताएं-बहनें संस्कार और संस्कृति का पालन करते हुए व्रत रखती है और देवी-देवताओं की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां इस तरह की पूजा कर माताएं-बहनें अपने पति की लम्बी आयु और परिवार की सुख समृद्धि के लिये व्रत रखती हैं। यही हमारी भारतीय परम्परा और संस्कार है। उन्होंने कहा कि माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर इंदौर में बनाये जा रहे हैं तीन जल कुण्ड जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब मुख्यमंत्री इंदौर आये थे तब उन्होंने छठ पूजा के लिये तीन बड़े जल कुण्ड बनाये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंदौर के अन्नपूर्णा, पिपल्याहाना और छोटा बांगड़दा में कुण्ड बनाने का कार्य चल रहा है और शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगे।  इस अवसर पर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  रमेश मेंदोला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठा. जगदीश सिंह, छठ महोत्सव अध्यक्ष ठा. दीनानाथ सिंह, संस्थान के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुं. अरविंद सिंह सहित संस्थान के अन्य  पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अमृत 2.0, कायाकल्प और नगरीय अधोसंरचना योजनाओं के तहत इंदौर में विकास कार्यों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन इन विकास कार्यों से नगरीय अधोसंरचना का होगा सुदृढ़ीकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्र.3 के आईडीए ग्राउंड में आयोजित भूमिपूजन समारोह एवं सामाजिक समरसता सम्मेलन में अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत कुल 50 करोड़ की लागत से सीवर,सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने और शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में यह विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे जिससे नगरीय अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हुआ इन विकास कार्यों का भूमिपूजन अमृत- 2.0 (अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना अंतर्गत शहर के मध्य क्षेत्र में छावनी चौराहे से चन्द्रभागा ब्रिज तक रू 6.00 करोड़ की लागत से 300 एमएम व्यास से 900 एमएम व्यास की कुल लम्बाई 3.0 किमी. की सीवर लाईन बिछाई जाने का कार्य किया जाएगा। उक्त कार्य से छावनी एवं आस-पास के अन्य क्षेत्रों में मास्टर प्लान की सड़क निर्माण के पूर्व ड्रेनेज लाईन बिछाई जाने से क्षेत्र के रहवासियों को जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं कान्ह नदी शुद्धीकरण में लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत शहर के मध्य क्षेत्र में सीवरेज के पुराने नेटवर्क को आधुनिक और अधिक क्षमता वाले नए नेटवर्क से बदला जाएगा। 3.0 कि.मी. लंबी इस सीवर लाइन से घनी आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अद्योसंरचना निर्माण योजना के तहत रामबाग चौराहे से अहिल्या आश्रम तक रिव्हरफ्रंट विकास कार्य का भूमिपूजन किया। इस विकास कार्य की कुल लंबाई 1.13 किलोमीटर एवं लागत ₹19.25 करोड़ है। उक्त कार्य के अंतर्गत नदी के दोनों किनारों पर सौंदर्यीकरण संबंधित कार्य के तहत वाक-वे निर्माण, गेबियन वॉल, पिचिंग, स्ट्रीट लाईट व आकर्षक म्यूरल वाल आर्ट आदि कार्य किये जाना प्रस्तावित है। उक्त विकास कार्य के क्रियान्वयन से न केवल क्षेत्र के अद्योसंरचनात्मक सुधार होंगे,बल्कि यह स्थान एक प्रमुख पर्यटन और नागरिक आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा। सरवटे बस स्टेण्ड जूनी इन्दौर ब्रिज से चन्द्रभागा होते हुए पंढरीनाथ चौराहे तक शेष सड़क कार्य का भूमिपूजन किया। 12 करोड़ रुपये की लागत से वार्ड क्र.56 में पानी की टंकी निर्माण कार्य एवं 5 करोड़ की लागत से खेल स्टेडियम निर्माण करने की सौगात दी। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।    

डॉ. यादव करेंगे ‘अनुगूँज’ कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

डॉ. यादव करेंगे 'अनुगूँज' कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन सांस्कृतिक महोत्सव अनुगूँज का शुभारंभ, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शासकीय विद्यालयों के 500 विद्यार्थी करेंगे अपनी सांस्‍कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित किये जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज" का आयोजन मंगलवार 28 अक्‍टूबर को भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर में शाम 5:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि होंगे। जनजातीय कल्‍याण मंत्री कुँवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत वाद्य संगीत के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियाँ होंगी। कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' के अंतर्गत 'नाटक ताना बाना टूट न जाए' का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सहभागी विद्यार्थियों ने एक माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न अंचलों से शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। उल्‍लेखनीय है कि अनुगूँज समारोह स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे है। इनमें सुप्रसिद्ध संगीतकार मॉरिस लाजरस, ओडसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू सु बिंदु जुनेजा, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सु भारती होम्‍बल, ख्‍याति प्राप्‍त कथक नृत्‍य गुरू मती पद्मजा रघुवंशी और मणिपुरी नृत्‍य शैली के प्रसिध्‍द आचार्य और राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू  एम.के. होजाइनगम्‍बा सिेंह, ख्‍यात रंग निदेशक  सादात भारती के साथ ही प्रसिद्ध मंच संचालक  विनय उपाध्‍याय जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए देश की विभिन्‍न प्रदर्शनकारी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों के प्रदर्शन के लिये विशाल मंच का निर्माण महाकाल की नगरी उज्‍जैन के महाकाल लोक के मॉडल पर तैयार किया गया है।  

आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गायत्री परिवार, समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर ऊर्जा का संचार कर रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की गतिविधियों के लिए युवा चिंतन शिविर का मध्यप्रदेश में होना गर्व का विषय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के शिविर के शुभारंभ-सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। जिस प्रकार हृदय, शरीर के रक्त को शुद्ध कर हमारी आयु बढ़ाता है, उसी प्रकार गायत्री परिवार समाज-संस्कृति-संस्कारों को पुष्पित-पल्लवित कर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के माध्यम से आत्म निर्माण-राष्ट्र निर्माण और युग निर्माण की यह गतिविधियां देश के दिल में बसे मध्यप्रदेश से संचालित हो रही हैं। हम सबको इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी तो वर्ष 1947 में मिल गई थी लेकिन वैचारिक रूप से युवाओं को दृष्टि प्रदान करने के लिए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ का यह शताब्दी वर्ष है। पंडित मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों ने भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए दृष्टि प्रदान कर योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शारदा विहार विद्यालय में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय प्रांतीय युवा चिंतन शिविर के शुभारंभ-सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य सरकार ने भगवान राम और कृष्ण के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रमों में किया शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में भारतीय संस्कृति के सामने चुनौतियां हैं। परंतु भारत और विश्व में गायत्री परिवार की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित है। गायत्री परिवार, सर्वे भवंतु सुखिन: की सनातन भावना का पालन करते हुए मानवता की सेवा को ही अपना धर्म मानकर कार्य कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, नारी उत्थान, पर्यावरण, ग्राम विकास और नशा मुक्ति के क्षेत्र में गतिविधियों के माध्यम से धर्म सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। इसमें सनातन को समृद्ध करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने वाले अध्याय जोड़े गए हैं। राज्य सरकार ने भगवान कृष्ण और राम के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को भी पाठ्यक्रमों में शामिल किया है। हर्ष का विषय है कि गायत्री परिवार ने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक विषमता को दूर करने की दिशा में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गायत्री परिवार ने संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य बनाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायत्री परिवार ने विवाह सहित सभी संस्कारों की पद्धति को सरल और ग्राह्य भाषा में कराने की प्रक्रिया आरंभ की, जिससे जनसामान्य को संस्कारों का महत्व और उनमें निहित भावना समझने में मदद मिली। राज्य सरकार द्वारा वैदिक पद्धति से काल गणना के लिए वैदिक घड़ी तैयार की गई है। इसी क्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी कार्य जारी है। हम बदलेंगे-युग बदलेंगे की भावना गायत्री परिवार का आधार गायत्री परिवार के डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार कोई संस्था नहीं बल्कि एक जीवन दर्शन है। यह एक विचार धारा है। पंडित राम शर्मा आचार्य ने गायत्री मंत्र को केवल जप नहीं बल्कि जीवन की दिशा बनाया। उन्होंने सिखाया कि युग परिवर्तन का आरंभ व्यक्ति के भीतर से होता है। उन्होंने 'हम बदलेंगे युग बदलेगा' की सीख देते हुए बतायाकि जब मनुष्य स्वयं सुधरता है तो परिवार सुधरता है। परिवार सुधरता है तो समाज बदलता है और समाज बदलता है तो राष्ट्र बदलता है। यही गायत्री परिवार के विचार का आधार है। माताजी भगवती देवी शर्मा ने इस विचार को मातृत्व का स्वर दिया और सेवा को साधना बना दिया। डॉ. पंड्या ने बताया आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित विकसित भारत-2050 का खाका तैयार करना इस शिविर का उद्देश्य हैं। स्वस्थ युवा-सशक्त राष्ट्र, शालीन युवा-श्रेष्ठ राष्ट्र, स्वावलम्बी युवा-संपन्न राष्ट्र और सेवाभावी युवा-सुखी राष्ट्र इस आयोजन के लक्ष्य हैं। प्रांतीय चिंतन शिविर में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्य और युवा उपस्थित थे।