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डॉ. यादव बोले: परमात्मा ने शरीर सेवा के लिए दिया है, अच्छे कर्मों से बने समाज के आदर्श

परमात्मा ने शरीर कर्म के लिए दिया है, सत्कर्मों से समाज की करें सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में रोटरी अवार्ड समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि परमात्मा ने हमें शरीर अच्छे कर्मों के लिए दिया है, यदि हमारे कर्म सत्कर्म में बदल जाएं तो समाज का कल्याण हो जाएगा। रोटरी क्लब इसी दिशा में पूरे मनोयोग से कम कर रहा है और समाज को एक नई दिशा दे रहा है, जो हम सबके लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को संस्कारधानी जबलपुर में रोटरी इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रोटरी इंटरनेशनल अवार्ड प्राप्त करने वाले रोटेरियन  अरुण कांत अग्रवाल एवं  संदीप जैन को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रोटरी क्लब की मानद सदस्यता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा का उद्गम अमरकंटक से होता है और वह समुद्र में समाहित हो जाती है। मां नर्मदा ने जबलपुर को अद्भुत आशीर्वाद दिया है, इससे जबलपुर का नाम संस्कारधानी पड़ा है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से ही जबलपुर का काला पत्थर संगमरमर में बदला जा रहा है यह केवल जबलपुर में ही संभव है। मां नर्मदा के आशीर्वाद से संस्कारधानी जबलपुर को रोटरी क्लब के लिए कार्य करने वाले महान सपूत मिले हैं, जिन्होंने अपने सामाजिक दायित्व और सेवा भाव से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संस्कारधानी जबलपुर का नाम रोशन किया है। रोटरी इंटरनेशनल अवार्ड पाने वाले  अरुण कांत अग्रवाल और  संदीप जैन ने जो सेवा भाव दिखाया है वह अनुकरणीय और प्रेरणादायक है। विकास के मामलों में प्रदेश सरकार जन कल्याण की भावना से सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है। यह काम रोटरी जैसी संस्था पिछले 120 सालों से कर ली रही है और इसने अपने कर्मों से साबित किया है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोटरी क्लब जबलपुर को जिला एक्सीलेंस अवार्ड मिलने के लिए बधाई दी और कहा कि सेवा के क्षेत्र में रोटरी क्लब इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा। लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कहा कि रोटरी क्लब निस्वार्थ भाव से सेवा के अनेक प्रकल्पों को जमीन पर उतार रहा है। संस्कारधानी जबलपुर के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के दो रोटेरियन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। संस्कारधानी जबलपुर के रोटेरियन  अरुण कांत अग्रवाल को "स्वयं से परे सेवा पुरस्कार" के लिए चुना गया है पूरे विश्व में इस पुरस्कार के लिए 118 रोटेरियन का चयन किया गया है। इसी प्रकार गैर रोटेरियन क्षेत्र में  संदीप जैन को मानवता की सेवा में उत्कृष्टता के लिए विश्व पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार पूरे विश्व में केवल 39 लोगों को दिया गया है। संस्कारधानी जबलपुर की दो समाजसेवियों को यह पुरस्कार मिलना गर्व एवं सम्मान की बात है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  विवेक तंखा, मती सुमित्रा वाल्मिक, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जितेंद्र जामदार, विधायक  अखिलेश पांडे,  संतोष वरकड़े,  अखिलेश जैन और रोटरी परिवार की सभी सदस्य उपस्थित थे।  

डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे — 8 करोड़ रुपए की फूड एंड ड्रग लैब का उद्घाटन और शहर को मिलेंगी नई विकास सुविधाएँ

 इंदौर मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सोमवार को इंदौर में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे नंदानगर गोल स्कूल प्रांगण में कथा‑कार्यक्रम से अपने दिन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे तलावली‑चांदा में 8.30 करोड़ की लागत से बनी नई फूड एंड ड्रग लैब का उद्घाटन करेंगे। यह लैब शहर की स्वास्थ्य व सुरक्षा पर्वाह को नया आयाम देगी। इसके बाद सीएम मोहन यादव ब्लू लोटस गार्डन, स्कीम‑140 में बरसाना गार्डन और ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर नक्षत्र गार्डन में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।  इन विकास कामों का करेंगे भूमिपूजन मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया विधानसभा 3 और 4 में अमृत-2.0 योजना और मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना के तह 55 करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कामों का शुभारंभ करेंगे। इसी कड़ी में अमृत-2.0 योजना के छावनी चौराहा से चंद्रभागा ब्रिज तक 6 करोड़ की लागत से 300 एमएम व्यास से 900 एमएम व्यास की कुल लंबाई 3.0 किमी. की सीवर लाइन बिछाई जाने का काम का शुभारंभ करेंगे। इससे क्षेत्र के रहवासियों को जलमल निकासी संबंधित आवश्यक सुविधाओं और कान्ह नदी शुद्धिकरण में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री इसी योजना के तहत विधानसभा 4 के सुदामा नगर सेक्टर डी और ई में 30 करोड़ की लागत से कुल 34.235 किमी सीवर लाइन बिछाने का काम का शुभारंभ करेंगे। ऐसे ही रामबाग चौराहा से अहिल्या आश्रम तक रिव्हर फ्रंट तक19.25 करोड़ की लागत से कुल लंबाई 1.13 किमी से संबंधित विकास काम किया जाएगा। इसमें नदी के दोनों किनारों पर सौंदर्यीकरण संबंधित कार्य किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें वाक-वे निर्माण, गेबियन वॉल, पिचिंग, स्ट्रीट लाइट और आकर्षक म्युरल वाल आर्ट आदि काम किए जाना प्रस्तावित है। इस क्षेत्र को एक रमणीय स्थल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी को बढ़ावा देने और शासन की योजनाओं को जनजन तक पहुंचाने का किया आहवान

डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों से संवाद — विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का आहवान जनप्रतिनिधियों से किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर के होटल कल्चुरी में संभाग के सभी सांसद एवं विधायकों के साथ आयोजित संवाद के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, नव उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार परक कार्यों से युवाओं को जोड़ने की दिशा में शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनने पर जोर दिया। संवाद कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा बाल्मिकी, बालाघाट सांसद मती भारती पारधी, छिंदवाड़ा सांसद  विवेक बंटी साहू, नर्मदापुरम सांसद  दर्शन सिंह चौधरी सहित संभाग के सभी विधायक और अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक को अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं का कमजोर वर्ग के हर व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए और ज्यादा प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्ष में उद्योग और रोजगार के लिए अभियान चलाये जाने के बाद अगला वर्ष कृषि और कृषि से जुड़े विकास कार्यों पर केन्द्रित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार द्वारा रानी दुर्गावती के नाम पर अन्न प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। कोदो-कुटकी की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय भी सरकार द्वारा लिया गया है। उन्होंने सांसदों एवं विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र में कोदो-कुटकी के उपार्जन में सहयोग करने तथा अन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने कहा। मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित उद्योगों और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। साथ ही भावांतर योजना पर भी चर्चा की और सोयाबीन उत्पादन का किसानों को लाभ लेने के लिए प्रेरित करने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से लेकर 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी वर्ष तक राज्य शासन द्वारा चलाये जाने वाले कार्यक्रमों के संबंध में सांसद एवं विधायकों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर तक भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर भी प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। हमारा उद्देश्य भगवान बिरसामुंडा सहित वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जैसे जनजातीय नायकों के आदर्शों को सामने लाना तथा समाज और खास तौर पर युवाओं को इससे जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा परिक्रमा पथ के लिये हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और विधानसभा क्षेत्र में हुए विकासकार्यों पर केन्द्रित पुस्तिकाएं प्रकाशित करें। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने के लिए जनसुनवाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये सांसद एवं विधायकों से सुझाव मांगे। उन्होंने स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में भी सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि सांसद एवं विधायक अपने-अपने क्षेत्र में रक्तदान शिविरों और स्वास्थ शिविर का आयोजन करें तथा हृदय रोग से पीडि़तों का आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार करायें। डॉ. यादव ने पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का भी प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, जिससे ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जिला विकास समिति की बैठकों के आयोजन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संभाग स्तर पर सांसदों एवं विधायकों की बैठकों के बाद अब जिला स्तर पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बैठकें आयोजित की जायेंगी, जिससे विकास कार्यों को गति देने में सार्थक और परिणाममूलक चर्चा की जा सके। नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट में हुई कार्रवाई की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट में की गई कार्रवाई की सराहना की और इसके लिये सुरक्षा बलों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लाल सलाम को आखरी सलाम करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बैठक के प्रारंभ में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: कानून-व्यवस्था मजबूत करें, नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं

कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करें और नशे के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने जबलपुर में ली संभागीय बैठक कानून व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संभाग में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के सभी आवश्यक उपाय और नशे के खिलाफ अभियान चलाकर सख्ती से कार्यवाही करें। जो व्यक्ति बार-बार अपराध करता है, उस पर सख्त निर्णय लें। बदमाशों को सूचीबद्ध कर उन पर निगरानी रखें। मादक पदार्थों को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जबलपुर और नरसिंहपुर की तहर अन्य जिले भी अभियान चलाकर कार्यवाही करें। पुलिस अधीक्षक अपने जिले में नियंत्रण रखें, सिवनी जैसी शर्मनाक घटनाएं कहीं न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर में जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित संभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ को दृष्टिगत रखते हुए मरीजों को सरकारी हॉस्पिटल में ले जाना सुनिश्चित करें, कुछ ड्राईवर प्राइवेट हॉस्पिटल की ओर रुख करते हैं, अत: उन पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग के उदाहरण प्रस्तुत करें, अच्छे समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लें, गांवों में रात्रि विश्राम करें। हाई-वे पर स्थित ढाबों में अवैध मदिरा विक्रय पर कार्यवाही करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी सिविल आचरण के विरूद्ध कुछ न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि जनसुनवाई में वे स्वयं बैठें और आवेदनों का निराकरण करें। विधानसभावार विजन डॉक्यूमेंटस के आधार पर कार्य हो। जिले का दस्तावेजीकरण हो। साहसिक एवं रोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दें। उद्योग रोजगार वर्ष में समग्र रूप से औद्योगिक विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है, अत: सामाजिक समरसता का आयोजन हो और विकास की बातें करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल, 1 नवम्बर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती है। ऐसे अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों में विकास परक गतिविधियां आयोजित हों। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में युवा वर्ग को जोड़े, खेलकूद की गतिविधियां भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना के क्रियान्वयन पर सतत नजर रखे। प्रतिबंधित दवाइयों पर और गौवंश तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी जिन्होंने अपराध कर संपत्ति अर्जित की है, उन पर राजसात जैसी आवश्यक कार्यवाही करें। भू-माफियों पर कार्यवाही हो, जिला बदर के आदेशों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने समग्र विकास के लिए विकास समिति मॉडल बनाने के निर्देश भी दिये और कहा कि अच्छी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। बैठक में एसीएस  संजय दुबे, एडीजे, संभागायुक्त  धनंजय सिंह, जबलपुर व बालाघाट के आईजी, डीआईजी, संभाग के सभी कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत एवं संभागीय अधिकारी मौजूद थे। संभागायुक्त  सिंह ने शासन की प्राथमिकता के विषयों के साथ कृषि व कृषि संबद्ध विषयों प्रेजेन्टेशन दिया, जिसमें सोयाबीन भावांतर, धान व कोटो-कुटकी उपार्जन, उर्वरक वितरण, टेकहोम राशन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, राजस्व में नवाचार, मातृ एवं शिशु मृत्युदर तथा मातृवंदना आदि विषय शामिल थे। आईजी  प्रमोद वर्मा ने संभाग में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। आईजी बालाघाट ने नक्सल उन्मूलन के लिए की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर जबलपुर व बालाघाट ने अपने जिले के विकासकार्यों के साथ शासन की प्राथमिकता के विषयों की जानकारी दी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश — कार्बाइड गन से घायल बच्चों और नागरिकों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता पर हो

कार्बाइड गन से घायल बच्चों और नागरिकों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता में हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्बाइड गन पर जीरो टालरेंस से प्रदेशव्यापी सख्त कार्रवाई के निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन से हुई दुर्घटनाओं को अत्यंत गंभीर से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी घायल बच्चे और नागरिक के उपचार में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार, ऑपरेशन और नेत्र चिकित्सा सहित सभी चिकित्सीय सेवाएँ सर्वोच्च प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाएं। उपचार के लिये मरीजों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से आवश्यक सहयोग दिया जाये। गंभीर मरीजों को उन्नत उपचार के लिए आवश्यकता पड़ने पर एयर एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों की स्थिति की सतत मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमों को तत्काल तैनात किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्बाइड गन घातक विस्फोटक उपकरण है, जो नागरिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा उत्पन्न करता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में इस यंत्र के अवैध निर्माण, विक्रय और उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए। जीरो टालरेंस के साथ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि भोपाल एवं अन्य जिलों में कार्बाइड गन के कारण घायलों—विशेषकर बच्चों—को हुई आँख, चेहरे और हाथ की गंभीर चोटें अत्यंत चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव कठोर कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की वृहद समीक्षा की। मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि कार्बाइड गन प्रतिबंधित श्रेणी का उपकरण है और इसके विरुद्ध कार्रवाई शस्त्र अधिनियम 1959, विस्फोटक अधिनियम 1884 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 के तहत की जाये। उन्होंने कहा कि यह उपकरण एसीटिलीन गैस के विस्फोट से तेज आवाज और दाब लहर उत्पन्न करता है, जिससे गंभीर शारीरिक चोटें, जलन और स्थायी नेत्र क्षति तक हो सकती है। मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में बीएनएसएस की धारा 163 के अंतर्गत आदेश पारित कर कार्बाइड गन के निर्माण, विक्रय, स्वामित्व और उपयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। किसी भी व्यक्ति द्वारा निर्माण या विक्रय करते पाए जाने पर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर कार्बाइड गन या उसके घटकों की बिक्री को रोकने हेतु साइबर शाखा से निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाकर बताया जाए कि यह "खिलौना" नहीं बल्कि एक "विस्फोटक यंत्र" है। मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में मैदानी अधिकारी संदिग्ध दुकानों, विक्रेताओं और ऑनलाइन प्लेटफार्मों की जांच कर अवैध लिस्टिंग हटवाने, जब्ती, प्रमाण-संग्रह और फोटोग्राफिक रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करें। जब्त वस्तुओं की फोरेंसिक जांच, चेन ऑफ कस्टडी और पीईएसओ के समन्वय से विधिक निपटान किया जाए। पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण, नागरिक जागरूकता अभियान, स्कूलों और पंचायतों में चेतना सत्र तथा हेल्पलाइन व्यवस्था की जाये जिससे नागरिक इस खतरनाक प्रवृत्ति के प्रति सतर्क रहें और पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दे सकें। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन  संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य  संदीप यादव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस विषय में विस्तृत परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें कार्बाइड गन के वैज्ञानिक स्वरूप, कानूनी स्थिति, दंडात्मक प्रावधानों तथा कार्रवाई की चरणबद्ध प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। इसके अनुसार, कार्बाइड गन विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 4(घ), 5, 6(क)(i) और शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 2(ख)(iii), 2(ग), 9(ख) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। बिना लाइसेंस निर्माण, विक्रय या स्वामित्व की स्थिति में तीन से सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। बताया गया कि प्रदेश में कार्बाइड गान के अवैध व्यवसायिओं पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। अब तक भोपाल में 6, विदिशा में 8 और ग्वालियर में 1 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज प्रदेश में दीपावली के अवसर पर पटाखों एवं अवैध कार्बाइड गन से घायल व्यक्तियों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार अधिकांश मरीज उपचार प्राप्त कर स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, चिकित्सालय में उपचाररत केवल 2 मरीज ऐसे हैं, जिनकी आंखों में गंभीर चोट है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों को गंभीर मामलों की सतत निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

हमीदिया हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों व नागरिकों के स्वास्थ्य प्रबंधन का जायजा लिया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया हॉस्पिटल में बच्चों और नागरिकों के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सहायता के दिए निर्देश कार्बाइड गन प्रभावितों से मिले अस्पताल में भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन से प्रभावितों से भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक 2 की 11वीं मंजिल स्थित नेत्र रोग वार्ड में भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सा विशेषज्ञों से रोगियों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से भी सहायता के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों की निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है। घातक कार्बाइड गन के निर्माण और विक्रय को अवैध होने के नाते थाना स्तर पर छापामारी और जाँच की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश घायलों ने स्वयं उपयोग की कार्बाइड गन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारियलखेड़ा निवासी  प्रशांत मालवीय, गरीब नगर छोला के  करण पंथी, भानपुर के  आरिश और परवलिया सड़क के  अंश प्रजापति से भेंट की। इनमें अधिकांश किशोर हैं।  अंश प्रजापति ने बताया कि वे अन्य युवकों के कार्बाइड गन उपयोग करने से घायल हुए हैं। वहीं  प्रशांत,  करण और  आरिश ने स्वयं कार्बाइड गन का उपयोग करते हुए घायल होने की बात स्वीकार की। परिजन ने उपचार पर संतोष व्यक्त किया हमीदिया अस्पताल में दाखिल इन रोगियों के अभिभावकों ने भी परिवार के सदस्यों द्वारा कार्बाइड गन के उपयोग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। रोगियों के परिजन ने हमीदिया अस्पताल में किए जा रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया।  करण पंथी के परिवार ने कहा कि उन्होंने गरीब नगर में अन्य परिवारों को भी कार्बाइड गन का उपयोग न करने का परामर्श दिया है। अब सभी जागरूक हो चुके हैं और बस्ती में कोई भी इसका उपयोग नहीं कर रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हमीदिया अस्पताल के अवलोकन के अवसर पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग  संदीप यादव और आयुक्त जनसंपर्क  दीपक कुमार सक्सेना उपस्थित थे।  

CM डॉ. मोहन यादव बोले—बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए पोलियो की खुराक बेहद जरूरी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पोलियो दिवस पर 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलवाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प जन-जन ने अपनी एकजुटता से सिद्ध किया है। विश्व पोलियो दिवस इस प्रतिबद्धता को निरंतर बनाए रखने के लिए हम सबको प्रेरित करता है। बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें पोलियो की नियमित खुराक दिलाना जरूरी है।  

भाईदूज हमारी संस्कृति की आत्मा, भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का है प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बहनों की मुस्कान ही सरकार की पूंजी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भाईदूज हमारी संस्कृति की आत्मा, भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का है प्रतीक सरकार बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कर रही है काम बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का हैं समग्र रूप लाड़ली बहना योजना है बहनों की समृद्धि का सीधा मार्ग अब तक 29 किश्तों में सरकार ने बहनों को दिए हैं करीब 45 हजार करोड़ रूपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर बहनों के साथ मनाया भाईदूज पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भाईदूज हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह पर्व भाई और बहन के सहोदर स्नेह, परस्पर अपनत्व का प्रतीक है। भाईदूज भाई-बहन के पवित्र बंधन के नैसर्गिक संरक्षण और पारिवारिक जीवन मूल्यों को मजबूत बनाता है। यह पर्व भारतीय समाज की उस देशज परम्परा का निर्वहन है, जहां बहन के स्नेह में भाई का नैतिक दायित्व और जीवन पर्यन्त रक्षा का संकल्प निहित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का यह पर्व न केवल भाई-बहन के स्नेह का उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता, नारी सम्मान के साथ हमारे पारिवारिक जीवन मूल्यों के संरक्षण का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित (भातृ द्वितीया/यम द्वितीया) भाईदूज के विशेष कार्यक्रम में बहनों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ आत्मीय संवाद कर सभी को भाईदूज की शुभकामनाएं दीं। प्रदेश की बहनों के साथ संवाद के दौरान उनसे राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भावी प्राथमिकताओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे लाड़ली बहनों के रूप में 1 करोड़ 26 लाख से अधिक बहनें मिली हैं। हम बहनों के जीवन में नई रोशनी, नई खुशी जोड़ रहे हैं। प्रदेश की सभी लाडली बहनों को अब हर माह 1500 रुपए मिलेंगे। बहनों के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। बहनों के शब्द और उद्गार सुनकर अभिभूत हूं। हमारी बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती का समग्र रूप हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जहां लाड़ली बहना योजना से हमारी बहनें हर महीने राखी और भाईदूज मनाती हैं। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना प्रदेश की बहनों की समृद्धि का सीधा मार्ग है। किसी भी जरूरत के वक्त लाड़ली बहनों को इस योजना से बड़ा संबल और सहयोग मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों को हमारी सरकार अब तक 29 किश्तों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि दे चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही मध्यप्रदेश की और हमारी सरकार की जमा पूंजी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाईदूज के पावन पर्व पर सभी लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर भाईदूज की बधाई देकर मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाया, साफा पहनाया, नारियल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को उपहार भेंट दी और मिठाई खिलाकर आभार जताया। कार्यक्रम में मौजूद लाड़ली बहनों ने भाई-बहन के प्रेम और स्नेह पर केन्द्रित निमाड़ी लोकगीत गाये, नृत्य किया और परम्परागत स्वर लहरियों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम स्थल को अपनत्व से भाव-विभोर कर दिया। लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तिलक कर उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद सदैव सरकार के साथ है। इसी कारण हम निर्भय होकर काम कर पाते हैं। आज बड़े सौभाग्य का दिन है। प्रदेश का मुख्यमंत्री निवास बहनों का घर बना है। बहनों के माध्यम से दो परिवार एक साथ जुड़ते हैं। बहनों का हृदय विशाल है। वे शादी के बाद नए घर में जाकर नए माता-पिता के साथ रहती हैं। सनातन संस्कृति में उन्हें जगदंबा और लक्ष्मी का रूप कहा जाता है। वे परेशानी के समय परिवार के साथ सदैव चट्टान की तरह खड़ी रहती है। प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी बहनों की ताकत 2029 में और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वीरांगनाओं को भी याद करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शौर्य के बल पर मुगलों के साथ 52 युद्ध लड़े। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लोहा लिया और रानी अवंति बाई लोधी जैसी अनेक देवियों ने देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भाई दूज का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और उनकी प्यारी बहन सुभद्रा के परस्पर स्नेह सहित यमराज और उनकी बहन से जुड़ी एक कहानी से प्रारंभ होता है। जो रक्षाबंधन का महत्व है, वही भाईदूज का भी महत्व है। राज्य सरकार ने रोजगारपरक नीति तैयार कर बहनों को उद्योग में काम करने पर 5 हजार रुपए की राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में देने का निर्णय लिया है। अगर बहनें अपना उद्योग स्थापित करें, तो उन्हें 2 प्रतिशत की छूट अलग से दी जा रही है। बहनों के नाम पर मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री कराने पर अलग से छूट दिये जाने का प्रावधान है। बहनें अपना उद्योग स्थापित करें और समृद्ध बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को नि:शुल्क आवास प्रदान किए। उनका खुद का घर नहीं है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास बहनों के लिए सदैव खुला है। मुख्यमंत्री निवास बहनों का अपना मायका है। सैकड़ों बहनों ने अपनी चरण रज से आज फिर मेरे आंगन को धन्य कर दिया है। ईश्वर हमारी सभी बहनों का घर खुशियों से भर दे। आप हमारी लाड़ली और हम आपके लाड़ले बने रहें। यह ऐतिहासिक भाईदूज मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को अपनी नीति के केंद्र में रखा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश की हर बहन आत्मनिर्भर … Read more

सरकार का फैसला: कृषकों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण योजना रहेगी जारी

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने का निर्णय सतत् विकास लक्ष्य एसडीजी मूल्यांकन योजना का अनुमोदन 5 जिला चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या में उन्नयन एवं 810 नए पद सृजित करने की स्वीकृति निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक गुरूवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषकों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना को निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। खरीफ 2025 सीजन की ड्यू डेट 28 मार्च, 2026 और रबी 2025-26 सीजन की ड्यू डेट 15 जून 2026 नियत की गयी है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा 3 लाख रूपये तक के दिये गये अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा। राज्य शासन द्वारा सभी किसानों के लिए 1.5 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जायेगा। वर्तमान वर्ष में 23 हजार करोड़ रूपये वितरण का लक्ष्य रखा गया हैं। एसडीजी मूल्यांकन योजना का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सतत् विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना" को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2025-30 तक) के लिए स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है। योजना अंतर्गत सतत् विकास के लक्ष्यों का राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर स्थानीयकरण, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के सतत् विकास लक्ष्यों और उनके संकेतक के आधार पर डैशबोर्ड के माध्यम से रैंकिंग तय की जायेगी। डैशबोर्ड आधारित रैंकिंग अनुसार दो शीर्ष प्रदर्शन किये जाने वाले जिलों को पुरस्कार राशि का वितरण किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 1 करोड़ रुपए और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जिले को 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का वार्षिक प्रावधान किया जाएगा। चयनित जिला अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 17 सतत् विकास लक्ष्यों में से किसी भी लक्ष्य में सुधार के लिए पुरस्कार राशि का उपयोग कर सकता है। प्रदेश के ऐसे जिले जिनका रैंकिंग में प्रदर्शन कमजोर स्तर का होगा, उन्हें प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की सहायता से विकास की मुख्य धारा में सम्मिलित किया जायेगा, जो प्रदेश के समग्र विकास में सहायक होगा। योजना पर 19 करोड़ 10 लाख रूपये (3 करोड़ 82 लाख प्रतिवर्ष) का अनुमानित व्यय होगा। उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत सतत् विकास लक्ष्य, जिन्हें वैश्विक लक्ष्य भी कहा जाता है, वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक के 17 अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों को तय किया गया है। सतत् विकास लक्ष्यों का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करना है। इसी तारतम्य में मध्यप्रदेश शासन द्वारा तैयार किया गया "विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टिपत्र" राज्य के दीर्घकालिक विकास की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है। "एसडीजी (सतत् विकास लक्ष्य) मूल्यांकन योजना विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण के आधार में सहायक होगी। चिकित्सालयों में बिस्तरों की संख्या का उन्नयन और नए पद सृजन की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा जिला चिकित्सालय टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर एवं डिण्डौरी में 800 बिस्तरों का उन्नयन और चिकित्सालयों के संचालन के लिए 810 नए पद की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 543 नियमित, 04 संविदा एवं आउटसोर्सिंग एजेन्सी के माध्यम से 263 पदों की स्वीकृति दी गयी हैं। पदों के सृजन पर वार्षिक व्यय 39 करोड़ 50 लाख रूपये की भी स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में बिस्तर की संख्या 300 से बढ़ाकर 500, नीमच में 200 से बढ़ाकर 400, सिंगरौली में 200 से बढ़ाकर 400, श्योपुर में 200 से बढ़ाकर 300 और जिला चिकित्सालय डिंडौरी में बिस्तरों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गयी है। मालथौन कनिष्ठ खण्ड न्यायालय की स्थापना और नवीन पद की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर के न्यायिक जिला सागर की तहसील मालथौन में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड स्तर के एक नवीन पद और उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के 100 प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा निवर्तन के लिए भूखण्ड का आरक्षित मूल्य कलेक्टर गाईडलाईन अनुसार शत-प्रतिशत क्षेत्रफल पर तय किये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होगा। निर्णय अनुसार पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की कंडिका 10.11 में संशोधन कर ऑफसेट मूल्य के निर्धारण में बदलाव की स्वीकृति दी गई। पहले 60% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होता था, अब 100% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर ऑफसेट मूल्य का निर्धारण होगा। इससे विकास कार्यों के लिये अधिक राशि उपलब्ध होगी।  

मोहन यादव बोले—गाय का दूध बीमारियों से सुरक्षा कवच, फिर खुद को अंडे खाने पर क्यों मजबूर करते हो?

इंदौर  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंडों को पौष्टिक आहार के रूप में प्रचारित किए जाने पर तीखा सवाल उठाया और जनता को गाय का दूध पीने की सलाह दी. इस बयान से राज्य में स्कूली बच्चों के भोजन में अंडों को शामिल करने के पुराने राजनीतिक विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है.  CM यादव इंदौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर हातोद स्थित गौशाला में 'गोवर्धन पूजा' कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और पौष्टिकता को लेकर गाय के महत्व पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, "जिसके घर में गाय होती है, उसके बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं. यह ईश्वर की लीला है."  इसके बाद मुख्यमंत्री ने देश में अंडों की खपत को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रसिद्ध विज्ञापन जिंगल "संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे" पर सीधे निशाना साधा. CM यादव ने कहा, "क्यों संडे हो या मंडे… ये बेकार की बातें हैं. खुद को अंडे खाने के लिए क्यों मजबूर करते हो? जो अंडे-डंडे खाना चाहते हैं, उन्हें अंडे खिलाते रहो." उन्होंने दृढ़ता से कहा, "गाय का दूध पियो और खुश रहो."  मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि  गाय का दूध अमृत है. उसमें सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं. गाय के दूध के सेवन से बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ और आनंदित पाता है. गौ-माता दोहरा पोषण करती है. वह अपने बछड़े के पालन के साथ-साथ मानव जाति का भी पोषण करती हैं हर युग में हर आश्रम में गौ-माता पाली जाती थी और जगह-जगह गौ-पालन होता था. परम्परागत रूप से घरों में पहली रोटी गाय के लिये बनाई जाती है. स्कूली बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में अंडों को बढ़ावा देना मध्य प्रदेश में लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. साल 2019 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे परोसने के प्रस्ताव पर विचार किया था.  BJP के नेताओं ने उस समय इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था और सरकार पर लोगों की धार्मिक मान्यताओं की अवहेलना करने का आरोप लगाया था.   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान गौ-संरक्षण के लिए राज्य सरकार की योजनाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बीमार और लावारिस गायों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 10 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की क्षमता वाली गौशालाएं बनाई जा रही हैं.