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भोपाल में 11 जनवरी को 1101 ट्रैक्टरों की रैली, सीएम करेंगे कृषि वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों से करेंगे संवाद

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को औपचारिक रूप से ‘कृषि वर्ष’ घोषित करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा 1101 ट्रैक्टरों की सांकेतिक रैली को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान में कृषि एवं उससे संबंधित विभागों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे तथा प्रदेश भर से आए लगभग 30 हजार किसानों को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न जिलों से किसान भाग लेंगे। ट्रैक्टर रैली और रोड शो के माध्यम से राज्य सरकार किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देगी। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2026 को कृषि के लिए निर्णायक वर्ष बनाना है। ‘कृषि वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने तथा कृषि से जुड़े रोजगार को सशक्त करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सरकार ने एक स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आगामी वर्षों की कृषि नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल होगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन।   

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.

मध्य प्रदेश में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक, एस्मा एक्ट लागू, 2 महीने तक अवकाश नहीं ले सकेंगे सरकारी कर्मचारी

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षक अगले दो महीने तक छुट्टियां नहीं ले सकेंगे. मोहन यादव सरकार ने शासकीय शिक्षकों की छुट्टी पर अब रोक लगा दी है. सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर सरकारी स्कूलों में कार्यरत साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों पर अतिआवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है. ऐसे में माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देशों के तहत 7 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक चलने वाली परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों की छुट्टियों पर पूर्ण रोक रहेगी. इस अवधि में शिक्षक धरना-प्रदर्शन या किसी भी तरह के आंदोलन में भी शामिल नहीं हो सकेंगे. बोर्ड परीक्षा के दौरान इसलिए लगाई गई एस्मा माध्यमिक शिक्षा मंडल के रजिस्ट्रार मुकेश मालवीय ने बताया, '' हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान एस्मा के निर्देश जारी किए गए हैं. इस दौरान शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक रहेगी. वहीं बोर्ड परीक्षा संपन्न होने तक शिक्षक धरना प्रदर्शन भी नहीं कर सकेंगे. हालांकि, स्वास्थ्य और आपातकालीन परिस्थितियों में शिक्षकों की छुट्टियों पर विचार किया जा सकेगा.'' उन्होंने आगे कहा, '' बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक, केंद्राध्यक्ष, उप केंद्राध्यक्ष समेत स्टाफ की ड्यूटी रहेगी. ऐसे में अनावश्यक छुट्टियों और धरना प्रदर्शन के कारण परीक्षाएं प्रभावित न हों. इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट यानी एस्मा लागू किया है.'' 25 फरवरी से शुरू होंगी एमपी बोर्ड की 10-12वीं परीक्षाएं मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी 2026 से शुरू होंगी. इसके लिए प्रदेशभर में कुल 3,856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इस वर्ष दोनों ही परीक्षाओं में करीब 16 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) ने परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए केंद्रों की सूची पहले ही जारी कर दी है. बोर्ड ने परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही रोकने के लिए नई तकनीक का सहारा भी लिया है. इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी, जिससे रियल टाइम रिपोर्टिंग और तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी. संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी, संख्या में आई कमी एमपी बोर्ड परीक्षा में इस बार 488 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहां विशेष निगरानी की जाएगी. पिछले वर्ष 562 केंद्र संवेदनशील श्रेणी में थे, जो इस बार घटकर 488 रह गए हैं. परीक्षा केंद्रों की संख्या भी पिछले साल के 3,887 से घटकर 3,856 हो गई है. बोर्ड का कहना है कि बेहतर प्रबंधन और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण संवेदनशील केंद्रों की संख्या में कमी आई है. इन केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी दल और प्रशासनिक सतर्कता सुनिश्चित की जाएगी.

मध्य प्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताने वाले एसडीएम को हटाया, पंडितों से विवाद के कारण कार्रवाई

 नलखेड़ा मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे। पंडितों ने एसडीएम के खिलाफ खोला मोर्चा मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया था आरोप पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।

धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह

म.प्र. सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में दी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार के पीएम मित्र पार्क में तेजी से हो रहा कार्य प्रशंसनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह ने की मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सराहना कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर राष्ट्रीय सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन म.प्र. में करने का दिया प्रस्ताव भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर गुवाहाटी में शुरू हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत का संरक्षण करते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को लेकर महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से उल्लेखनीय सहयोग मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश के धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां टेक्सटाइल पार्क और उद्योगों का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। यह पार्क भारत को सशक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति भी करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आर्थिक रूप से तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने के ओर अग्रसर है। मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी। सभी राज्यों में वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत का वस्त्र उद्योग- विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृति, संस्कार, संसाधन और विरासत की दृष्टि से मध्यप्रदेश, टेक्सटाइल सहित अनेक उद्योगों में देश में अग्रणी है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक गतिविधियां और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संभाग और जिला स्तर पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से उज्जैन, रीवा, कटनी, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है। प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के काल से महेश्वरी, चंदेरी साड़ी जैसे सिल्क को प्रोत्साहित करने की परंपरा है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम के हाईक्वालिटी मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं। मध्यप्रदेश में हम टेक्सटाइल मिल, लूम हैंडलूम और स्पिंडल्स से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर, टेक्नीकल टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खरगोन, बुधनी सहित जनजातीय बहुल इलाकों में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में डेढ़ दशक से चल रही टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन में राज्य सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराया है। भविष्य में इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वस्त्र उद्योग का केंद्र रहा है, उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अगला सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में करने के लिए आग्रह किया। म.प्र. में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल सराहनीय : केन्द्रीय वस्त्र मंत्री सिंह केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में की जा रही पहल के लिए सराहना की। धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क के निर्माण में तेजी से हो रहे कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आने से वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में चार चांद लग गए हैं। उन्होंने कहा कि वस्त्र मंत्रालय, मध्यप्रदेश में दो तरह के फाइबर पर कार्य करना चाहता है। पहला- लीनन जो अलसी में होता है और दूसरा- मिल्क बिल्ट (मदार) फाइबर। केंद्र सरकार न्यू एज फाइबर को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने राज्यों से टेक्सटाइल का रोडमैप बनाकर गतिविधियां संचालित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य टेक्निकल फाइबर को उतनी ही महत्ता दें, जितनी मशीन मेड फाइबर को दी जाती है। केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के आधार पर देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इको सिस्टम तैयार करने के लिए देश को पीएम मित्र पार्क की सौगात दी है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में पीएम मित्र पार्क स्थापित करने की गति बढ़ चुकी है। पीएम मित्र पार्कों में 1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जिससे यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। वस्त्र उद्योग के गारमेंट सेक्टर में 1 करोड़ निवेश किया जाए तो औसतन 40 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में लगाई जाने वाली इंडस्ट्रिलय स्टीचिंग मशीन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और टेक्सटाइल सेक्टर में देशभर में 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। सम्मेलन को केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री पवित्रा मार्गरेटा, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव तथा वस्त्र मंत्रालय के अपर सचिव रोहित कंसल ने भी संबोधित किया। वस्‍त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के टेक्सटाइल और उद्योग मंत्री तथा अधिकारीगण शामिल हुए। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत का वस्त्र उद्योग विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना की थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में भारत की वस्त्र उद्योग की शक्ति, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। सम्मेलन में … Read more

देश का पहला ऐतिहासिक महाभारत समागम 16 से 24 जनवरी तक भारत भवन में, CM डॉ. मोहन होंगे शामिल

 भोपाल  राजधानी भोपाल के भारत भवन से शांति का संदेश दिया जाएगा। दरअसल, 16 से 24 जनवरी तक ऐतिहासिक महाभारत समागम का आयोजन होगा। नौ दिवसीय आयोजन में CM डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।  भारत सहित इंडोनेशिया, श्रीलंका और जापान के रंग समूह लेंगे भाग वीर भारत न्यास के आयोजन में भारत सहित इंडोनेशिया, श्रीलंका और जापान के प्रतिष्ठित रंग समूह भाग लेंगे। नौ दिवसीय आयोजन में नाटक, नृत्य-नाट्य, कठपुतली कार्यशालाएं, लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियां, अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और इमर्सिव डोम थिएटर के माध्यम से युद्ध के विरुद्ध शांति और संवाद का सशक्त संदेश दिया जाएगा।  शांति और संवाद का मंच बनेगा भोपाल का भारत भवन वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध, हिंसा और सभ्यताओं के टकराव के दौर में भोपाल का भारत भवन शांति और संवाद का मंच बनेगा। महाभारत समागम देश का पहला और अब तक का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है। जो महाभारत को केवल युद्ध कथा नहीं, बल्कि मानवता, विवेक और करुणा की महागाथा के रूप में प्रस्तुत करेगा।  युद्ध कभी समाधान नहीं नौ दिवसीय आयोजन में नाटक, नृत्य-नाट्य, लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि युद्ध कभी समाधान नहीं होता। श्रीकृष्ण के संवाद आधारित प्रयास आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक हैं। नेपथ्य कला, अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह और पताकाओं की प्रदर्शनी दर्शकों को महाभारत के दृश्य संसार से परिचित कराएगी। महाभारत आधारित चित्र प्रदर्शनी और भारतीय कठपुतली कला भी आयोजन का अहम हिस्सा होंगी। इसके साथ ‘सभ्यताओं की सांस’ और ‘भूली बिसरी सभ्यताएं’ पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। 

क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी फिर से बहाल, मुख्यमंत्री ने किया वादा पूरा

महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी हुई बहाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति गौड़ से किया वादा निभाया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर संवेदनशील, मानवीय और प्रतिबद्ध नेतृत्व का परिचय देते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर व मध्यप्रदेश की प्रतिभावान खिलाड़ी क्रांति गौड़ से किए वादे को निभाते हुए उनके पिता श्री मुन्ना सिंह की वर्षों से निलंबित नौकरी को सोमवार को पुनः बहाल करवा दिया है। यह निर्णय न केवल एक परिवार के लिए राहत लेकर आया है बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और न्यायप्रिय दृष्टिकोण का स्पष्ट उदाहरण है। गौरतलब है कि विगत दिनों महिला वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की प्रतिभाशाली क्रिकेटर क्रांति गौड़ से उनके पिता की नौकरी बहाल करने का आश्वासन दिया था। जिसे उन्होंने नियमों के तहत निभाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय द्वारा श्री मुन्ना सिंह को पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री मुन्ना सिंह, जो मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे, वर्ष 2012 में चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के कारण निलंबित कर दिए गए थे। बीते 13 वर्षों से लंबित यह मामला अब मुख्यमंत्री की पहल से सकारात्मक समाधान तक पहुँचा है। क्रांति गौड़ का सपना हुआ साकार इस निर्णय से गौड़ परिवार को न केवल आर्थिक और सामाजिक संबल मिला है बल्कि क्रांति गौड़ का वह सपना भी साकार हुआ है, जिसमें वे अपने पिता को सम्मानपूर्वक पुलिस वर्दी में सेवानिवृत्त होते देखना चाहती थीं।  

टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे बेहतर रोजगार अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.आई.ई समिट से मध्यप्रदेश और राजस्थान के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के बेहतर अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर विमानतल पर मीडिया से की चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आईटी सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी सभी सेक्टर में विकास कार्यों को गति देते हुए भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश और राजस्थान भाई-भाई हैं। दोनों राज्य अपनी साझा विरासत का संरक्षण करते हुए साझा विकास के लिए निरंतर प्रगतिशील हैं। तकनीक के इस समय में आईटी का विशेष महत्व है। इसके दृष्टिगत दोनों राज्यों में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, इस उद्देश्य से स्टार्ट-अप, इनोवेटर्स और उद्योगपतियों से संवाद के लिए जयपुर में टी.आई.ई. ग्लोबल समिट आयोजित की जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने पड़ौसी राज्य राजस्थान के साथ वर्षों पुराने विवाद को खत्म कर पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को जयपुर विमानतल पर मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश के प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हितधारकों के साथ साझा करेंगे। वे इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा करेंगे और वहां मौजूद स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। गौरतलब है कि टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। यह सहभागिता 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हुए समझौते के अनुरूप है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित और प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा, जो राज्य को अगली सेपीढ़ी की तकनीक, डिजिटल इनोवेशन और उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में केंद्रित है। साथ ही यह पहल भारत के टियर-2 शहरों में प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।