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मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से शिकायत करेगा परिवार, कहा- फरमान बहन कहता था

खरगोन  मध्यप्रदेश के महेश्वर की निवासी मोनालिसा के विवाह प्रकरण के मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा भोंसले के परिवार से मुलाकात की और उसकी शादी को 'सुनियोजित लव जिहाद' का हिस्सा बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कल इस मामले में कहा कि वे जल्द ही मोनालिसा के परिवार के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और कार्रवाई के लिये पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि मोनालिसा नाबालिग है और कुछ दिन पहले तक फरमान उसे बहन कहकर संबोधित करता था। परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य का नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मोनालिसा के परिवार के साथ जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित तरीके से युवती को फंसाने का मामला है। धर्म परिवर्तन पर फिल्म इसलिए बनाया गया निशाना: सनोज मिश्रा मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बेरोजगार युवकों को फंडिंग कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं, ताकि 'सनातन' को बदनाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। इस फिल्म का विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया और मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उसे फंसा लिया गया, जिससे उसके पिता के सपने भी टूट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा से जुड़ा पूरा घटनाक्रम मानो किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखा और क्रियान्वित किया गया हो। लड़की मुस्लिम होती तो क्या किया जाता इस तरह प्रचारित: डायरेक्टर फिल्म निर्देशक ने यह भी सवाल उठाया कि शादी वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, कोई अन्य राज्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और उसके पति फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। मिश्रा ने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती तो क्या उसी तरह इस रिश्ते को प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उसकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में काफी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। चाचा ने कहा- नाबालिग है मोनालिसा, परिवार ने कहा- फरमान कहता था बहन मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले ने दावा किया कि मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और वह अभी नाबालिग है। उनका आरोप है कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी बताया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का उपयोग भी करता था।

भोपाल में कृषि वर्ष पर मंथन, सीएम की मौजूदगी में प्रेजेंटेशन और खेती को ‘फायदे का धंधा’ बनाने पर चर्चा

भोपाल  सीएम डॉ मोहन यादव आज अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कृषि कल्याण वर्ष के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम होगा। जिसमें किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, मत्स्य पालन, सहकारिता एवं पशुपालन विभाग अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से साझा की जाएगी। खेती को लाभ का धंधा बनाने पर फोकस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "कृषि वर्ष" के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिनभर चलने वाले इस मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर खेती को वास्तविक रूप में 'फायदे का धंधा' कैसे बनाया जाए। भोजन अवकाश के बाद दोपहर में कृषि और उससे संबद्ध विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के सामने अपनी कार्ययोजना का प्रजेंटेशन देंगे। विभागवार होंगे प्रजेंटेशन     कृषि विभाग: उन्नत बीज, खाद और नई तकनीकों पर आधारित योजनाएं।     उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन: नकदी फसलों और मछली पालन के जरिए आय दोगुनी करने का रोडमैप।     सहकारिता एवं पशुपालन: डेयरी और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा। आज के कार्यक्रम की प्रमुख रूपरेखा     विशेष तकनीकी सत्र (सुबह 11:00 – 12:30): कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन।     सवालों का निराकरण (दोपहर 03:10): विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं और खेती से जुड़े सुझाव सीधे विभाग के बड़े अधिकारियों के सामने रखेंगे।     मंत्रीगणों का संबोधन (दोपहर 03:20): संबंधित विभागों के मंत्री अपनी प्राथमिकताओं को साझा करेंगे।     मुख्यमंत्री का मुख्य संबोधन (दोपहर 03:30): डॉ. मोहन यादव प्रदेश के किसानों के हित में सरकार के विजन और आगामी रणनीतियों पर अपनी बात रखेंगे। सक्रिय सहभागिता को लेकर मंथन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित इस 'अभिमुखीकरण' कार्यक्रम के जरिए सरकार चाहती है कि हर जिले का जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के किसानों को सीधे योजनाओं से जोड़ने में मदद करे, ताकि कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सके।

राहुल की हल्की भाषा पर सीएम का बयान, कहा- वैश्विक हालात को समझें, कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालातों के बीच राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जनता सब समझ रही है। इन्हीं हरकतों की वजह से कांग्रेस सत्ता से लगातार दूर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से वैश्विक हालात गंभीर बने हुए हैं। हमारे एशिया के नजदीक घट रही घटनाओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर आसीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी जिस प्रकार से हल्की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। जब पूरा विश्व इन हालातों से जूझ रहा है, उसके बीच भारत सरकार और PM मोदी गैस सिलेंडर और तेल का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। भारत सरकार युद्ध की चुनौती के बीच तेल के जहाज निकालकर लाई है और सुव्यवस्था स्थापित की है। राहुल गांधी पर सीएम बोले     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा बोलते हैं नेता प्रतिपक्ष     युद्ध के हालातों में तेल-गैस का बेहतर प्रबंधन कर रही भारत सरकार     देश- प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है कांग्रेस पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठना चाहिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से षडयंत्र कर रहे हैं, उसे जनता जानती है। इसी कारण से ये लगातार सत्ता से दूर हैं। मैं इनकी निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष को वर्तमान की सच्चाई समझ में आएगी। इस माहौल में कांग्रेस को पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर जनता को एकजुट करना चाहिए और उसके अंदर से डर की भावना को समाप्त करना चाहिए। कांग्रेस राज्य के साथ-साथ देश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है। मैं पुनः राहुल गांधी के बयानों की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।  

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कटनी में शीघ्र खुलेगा मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी मिलेगी बिजली युवाओं के लिये बनेगा खेल स्टेडियम बरही में बनेगा वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम जलाशय और नहरों का होगा जीर्णोद्धार मुख्यमंत्री ने बरही के कृषि महोत्सव में विकास कार्यों की दी सौगात कटनी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार धरती पुत्र किसान की खुशहाली और विकास के लिए कृत संकल्पित है। राज्य सरकार किसानों और लाड़ली बहनों सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने गांव-गांव तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का संकल्प लिया है। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। जरूरतमंदों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि कटनी में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी जिले के बरही में आयोजित किसान सम्मेलन कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 में कटनी को 1000 करोड़ की सौगात दी एवं जिले के लिए 243 करोड़ रूपये की लागत के 97 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें नवर्निमित पुल, महाविद्यालय और सांदीपनि विद्यालय भी शामिल हैं। किसानों की समृद्धि पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। विजयराघवगढ़ के नागरिकों ने भव्य रोड-शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी अभिवादन कर स्वागत के लिये जनता का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बड़े तालाब के सौंदर्यीकरण की सौगात दी एवं उन्होंने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  विजयनाथ धाम की नगरी बरही में आयोजित किसान सम्मेलन में किसान कल्याण को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल और स्मृति-चिन्ह के तौर पर लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 9 लाख करोड़ की नई रोजगार आधारित औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश, देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य बना है। प्रदेश में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है। राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में जलाशयों और नहरों के जीर्णोद्धार के साथ ही सड़क निर्माण एवं पुलिया के उन्नयन के कार्य भी किये जायेंगे। बरही में वॉलीबॉल का इंडोर स्टेडियम बनायेंगे। साथ ही महानदी और उमड़ार नदी के संगम पर सिंचाई परियोजना की सौगात दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के लिये खेल स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार को बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार लाड़ली बहनों को साढ़े 1800 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और सभी पात्र हितग्राहियों को हर माह 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। ग्रामीणों के सिर पर पक्के मकान की छत मिले, इसके लिए बहुत जल्द सर्वे शुरू किया जाएगा। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए सरकार ने 'राहवीर योजना' की शुरुआत की है। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को सरकार 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी है। पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल में घायल के लिए डेढ़ लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। नागरिकों की जान बचाने के लिए एयर एम्बुलेंस का नवाचार प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार सिंचाई के लिए पर्याप्त जल, बिजली और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में वर्ष 2004 से अब तक गेहूं के मूल्य में 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक की वृद्धि हुई है। किसानों को बोनस का लाभ देकर इस वर्ष 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में पिछले 2 वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसे आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध-दही हजारों साल से भारत की पहचान है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए माता यशोदा योजना में स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट वितरित किये जाएंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब ड्रॉप आउट 6 प्रतिशत से शून्य पर आ गया है। मध्यप्रदेश इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को मौके दिए जा रहे हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच हमारे जहाज तिरंगा लगाकर शान से स्वदेश लौट रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में खाड़ी के देशों में जारी संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान शर्मनाक हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हर बार की तरह अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए युद्ध में फंसे विद्यार्थियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1000 करोड़ की सौगातें दी हैं। बाणसागर डैम से 161 करोड़ की सिंचाई योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। क्षेत्र में नए पुल निर्माण के लिए 95 करोड़ की राशि दी गई है। कटनी क्षेत्र में कृषि को नए आयाम देने के लिए एग्रीकल्चर विलेज की स्थापना की जा सकती है। विधायक  संजय पाठक ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में कटनी को अनेक सौगातें मिली हैं। स्कूल शिक्षा एवं … Read more

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का प्रभावी तरीका है सामूहिक विवाह: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं सामूहिक विवाह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहले बेटियों के जन्म से ही विवाह की सताती थी चिंता, अब सरकार कर रही बेटियों का कन्यादान मुख्यमंत्री कन्या/विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का बस रहा है घर शुजालपुर में हुआ सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्मेलन में हुआ 162 बेटियों का विवाह और 38 बेटियों का निकाह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति के मूल में सामाजिकता है, सद्भाव है और इस सद्भाव को बढ़ाने में सामूहिक विवाह सम्मेलन एक बड़ा ही मजबूत और कारगर माध्यम है। बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य का, कोई दूसरा काम हो ही नहीं सकता। पहले बेटी के जन्म होने के साथ ही उसके परिवार को बेटी की शादी की चिंता सताती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार बेटियों का कन्यादान और विदाई कर रही है। इस योजना से प्रदेश के गरीब-वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बस रहा है। जन्म से लेकर पढ़ाई, नौकरी, मातृत्व और विवाह तक हमारी सरकार हर कदम पर बहनों-बेटियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मितव्ययिता बेहद जरूरी है। इसलिए शादी-ब्याह में होने वाले फिजूलखर्चों से हमेशा बचें। अपने बेटे-बेटियों का विवाह/निकाह सामान्य समारोह या सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही करें। इससे जो धन बचे, वह अपने बच्चों के बेहतर जीवन के लिए बचाकर रखें। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से शुजालपुर (जिला शाजापुर) में हुए सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बेटियों के सम्मान, इनके सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए सदैव ही प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को बधाई और सफल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह/निकाह सम्पन्न हुआ। इसमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का कबूलियत निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नवविवाहित जोड़े को मंगलाशीष के तौर पर सरकार की ओर से गृहस्थी के लिए 49-49 हजार रूपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन वर-वधु को जन्म-जन्मांतर तक साथ देने की अमरता की बेला का उत्सव है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आगे और भी अधिक विशाल बनेगा तथा सभी जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़े मददगार के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने विवाह सम्मेलन में कहा कि हमारी सरकार ने समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई हैं। सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। आज के दौर में विवाह आयोजनों में फिजूलखर्ची बढ़ रही है। यह समाज के हित में नहीं है। इसलिए सभी को अपने पुत्र-पुत्रियों का विवाह सामूहिक विवाह और ऐसे आयोजनों में ही कराने की ओर बढ़ना होगा।  परमार ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सभी का जीवन प्रेम, विश्वास, सम्मान और संस्कारों से परिपूर्ण रहे। सर्व धर्म सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमराज सिंह सिसोदिया, जनपद पंचायत शुजालपुर की अध्यक्षा मती सीताबाई रामचन्दर पाटोदिया, उपाध्यक्ष मती मंजूबाई गोविन्दसिंह मेवाड़ा, नगर पालिकाध्यक्ष शुजालपुर मती बबीता परमार,  विजय सिंह बैस,  कृपाल सिंह मेवाड़ा,  अशोक नायक,  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं वर-वधु के परिजन उपस्थित थे।  

शुजालपुर में सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को CM यादव ने VC से संबोधित किया, नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद

शुजालपुर शुजालपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान, निकाह सामूहिक सर्वधर्म विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 162 जोड़ों का विवाह और 38 निकाह संपन्न हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। मंत्री इंदर सिंह परमार ने मुस्लिम दूल्हा-दुल्हन और हिंदू सनातन जोड़ों को उपहार भेंट किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत शुजालपुर अध्यक्ष सीता देवी रामचंद्र पाटोदिया के बेटे के विवाह की भी मंच से सराहना की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसौदिया, भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता परमार, भाजपा जिला महामंत्री विजय बेस और कलेक्टर रिजु बाफना सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सांसद महेंद्र सोलंकी की अनुपस्थिति का उल्लेख किया, जो सदन में व्यस्त थे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में कहा कि समरसता, समानता और शोषण मुक्त भारत का सपना मोदी और मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में साकार हो रहा है। मंच से अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन से पहले दूल्हों की सामूहिक बारात पुलिस चौकी चौराहा से लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी प्रांगण 3 तक पहुंची। बारात में मंत्री परमार के साथ भाजपा नेता और अधिकारी साफा बांधकर नाचते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम राजकुमार हलदर, एसडीओपी निमिष देशमुख, पुलिस थाना प्रभारी एसके यादव और प्रवीण पाठक अपने अमले के साथ तैनात थे।

राज्य सरकार का महा फेरबदल, मंत्रियों के बदले जाने की खबरें और नए नाम सामने

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजनीति में महा फेरबदल का बिगुल बज गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में हुई अहम बैठकों के बाद अब कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार चार से पांच नए मंत्रियों को मौका देने की तैयारी में है।  कौन-कौन हो सकते हैं शामिल? गोपाल भार्गव: नौ बार के विधायक, अनुभव के साथ मजबूत दावेदार। मालिनी गौड़: इंदौर की प्रभावी महिला नेता। बृजेंद्र सिंह यादव: सिंधिया खेमे से संभावित। शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अर्चना चिटनीस, कमलेश शाह: लगातार चर्चा में बने हुए। आदिवासी कोटे से भी किसी वरिष्ठ विधायक को मौका मिलने की संभावना। खाली पद और रणनीति मध्य प्रदेश में फिलहाल 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल है, और चार पद खाली हैं। नई नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की कोशिश होगी। संगठन में बदलाव कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में राष्ट्रीय जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि नॉन-परफॉर्मिंग मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। नजर: नई नियुक्तियां नवरात्रि के आसपास की जा सकती हैं। राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज, आने वाले दिनों में हो सकता है बड़ा राजनीतिक शिफ्ट।

महिला अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ा मोहन सरकार में, अब उन्हें मिल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है। मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है। मध्य  प्रदेश के 55 जिलों में से 17 की कमान महिला IAS अधिकारियों के पास अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 55 जिलों में 17 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के पास अगर गौर किया जाए तो पहले कभी भी प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।जब इतने बड़े स्तर पर महिला अफसरो को कमान सौंपी गई हो। स्थिति ये है कि  मोहन यादव सरकार में महिला अधिकारियों पर भरोसा जताकर कई जिलों में उन्हें कलेक्टर के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि महिला अधिकारियों पर भरोसा बढ़ा है। बात करें बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी की तो यहां पर लगातार महिला कलेक्टर को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है। प्रदेश में महिला कलेक्टरों का बढ़ा दबदवा  मध्य प्रदेश  के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ आलीराजपुर ऐसे जिले हैं जो ये मुहर लगा रहे हैं, इंदौर संभाग में महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उज्जैन संभाग के रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा मंदसौर में भी महिला आईएएस अधिकारियों का जलवा है। रीवा, पन्ना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों में महिला कलेक्टर अपनी योग्यता का बखूबी प्रदर्शन कर रही है।वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में कई दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को भी पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है। आने वाले समय में 2011 से 2017 बैच तक की महिला अधिकारियों को मौके की उम्मीद बात करें तो वर्ष 2014 बैच की महिला अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। 2016 बैच की भी कई अधिकारी जिलों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उम्मीद है कि 2011 से 2017 बैच तक की दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिल सकता है। लिहाजा महिला अधिकारियों को मोहन सरकार में काफी महत्व दिया जा रहा है।

सीएम के सख्त निर्देश: वल्लभ भवन में समय पालन न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वल्लभ भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा कार्यालयों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन कर सभी कार्यालयों में तैनाती कर दी है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कई बार पांच दिवसीय कार्यालय होने के बावजूद अधिकारी अपने निर्धारित समय पर नहीं आते, जो प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। सीएम के निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय समय का पालन कड़ाई से हो। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:05 बजे भोपाल से उड़ान भरकर उदयपुर पहुंचेंगे और वहां से भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा में वे उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:25 बजे वे उदयपुर से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जबलपुर से गढ़ाकोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहा वह  218वें ‘रहस मेला’ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद सीएम शाम को रायपुर जाएंगे।  जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन में CM मोहन यादव होंगे शामिल, बहनों को मिलेगा 1836 करोड़

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।