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भोपाल गुरुद्वारा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर बाल दिवस पर शहादत को दी श्रद्धांजलि

भोपाल गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की महान शहादत को समर्पित “वीर बाल दिवस” के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारा में माथा टेका और शबद कीर्तन श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने साहिबजादों के जीवन, त्याग और अद्वितीय वीरता पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के चारों साहिबजादों को नमन करते हुए कहा कि धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान युगों तक मानव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए साहस, निष्ठा और धर्म रक्षा का अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी और उनके परिवार की शहादत से जुड़े गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को समझ सकें। उन्होंने 26 दिसंबर को शासकीय स्तर पर वीर बाल दिवस के रूप में मनाने और इससे जुड़े विषयों को शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का उल्लेख किया। सीएम मोहन यादव ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी भूमि और आवश्यक व्यवस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उज्जैन में गुरु नानक देव जी के आगमन से जुड़े स्थलों और परंपराओं को मान्यता और सम्मान देने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरु साहिबानों की शहादत, बलिदान और मानवता के संदेश को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए निरंतर कार्य करेगी। उन्होंने सनातन संस्कृति और सिख परंपरा के साझा मानवतावादी मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि गुरुजी के इतिहास, आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े सभी विषयों में प्रदेश सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।  

MP Startup Summit 2026: स्टार्टअप यात्रा के 10 साल पूरे, इकोसिस्टम अवार्ड्स दिए जाएंगे

12 जनवरी को मध्यप्रदेश की स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष होंगे पूरे मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट और इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 दिए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल मध्यप्रदेश अपनी स्टार्टअप यात्रा के 10 वर्ष पूर्ण होने पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में स्टार्टअप में नवाचार एवं उत्कृष्टता का उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट होगी जिसमें इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी अन्य पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। एमएसएमई के आयुक्त दिलीप कुमार ने युवा दिवस पर होने वाले इस आयोजन की तैयारियों की अधिकारियों के साथ बैठक में समीक्षा की। मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम एवं एमएसएमई विभाग के अंतर्गत 12 जनवरी 2026 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026 का आयोजन होगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स एवं इकोसिस्टम एनेबलर्स विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित होंगे। सर्वश्रेष्ठ महिला उद्यमी, सर्वश्रेष्ठ युवा उद्यमी, सर्वाधिक नवोन्मेषी स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ प्रारंभिक-चरण स्टार्टअप, सर्वश्रेष्ठ विकास-चरण स्टार्टअप, प्राथमिक क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप तथा इकोसिस्टम श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप एनेबलर (इनक्यूबेटर/एक्सेलेरेटर), सर्वश्रेष्ठ एंजेल निवेशक/वेंचर कैपिटलिस्ट, सर्वश्रेष्ठ कॉर्पोरेट सहयोग जो एमपी स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025 के अनुरूप होंगी उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। यह स्टार्टअप समिट राज्य के स्टार्टअप्स को एक मंच पर देशभर के निवेशकों से जोड़ने का भी अवसर होगा, जहाँ स्टार्टअप्स को अपने विचार प्रस्तुत करने (पिच करने) और निवेश जुटाने का मंच मिलेगा। साथ ही विभिन्न दूतावासों से प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर प्रदान किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र एवं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) भी ज्ञानवर्धक सत्रों एवं व्यावसायिक सुझावों से लाभान्वित होंगे। समिट में स्टार्टअप प्रदर्शनी के माध्यम से स्टार्टअप्स को अपने नवोन्मेषी उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा जो युवा प्रतिभाओं को रोजगार प्रदाता बनने के लिए प्रेरित करेगा। यह समिट स्टार्टअप्स के लिए एक ऐसा एकीकृत मंच सिद्ध होगा जहाँ वे न केवल अपने नवाचार का प्रदर्शन कर सकेंगे बल्कि सरकार, निवेशकों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स एवं समस्त इकोसिस्टम साझेदारों से भी जुड़ सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को आयोजन के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए है।  

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर ग्वालियर में होगा विशेष आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को मिल रहीं औद्योगिक विकास की बड़ी सौगातें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के 2 लाख करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री  शाह का प्रदेश आगमन पर किया अभिनंदन ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। राज्य सरकार ने अटलजी की जयंती को सार्थक करते हुए कल 25 दिसंबर को गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण के दृष्टिगत अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अवसर पर प्रदेश में उद्योग एवं व्यापार गतिविधियों के विकास और विस्तार के लिए राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन किए जाएंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं। प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ग्वालियर के आयोजन में पधार रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश सरकार के संकल्प को आगे बढ़ने वाला सिद्ध होगा। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह विभिन्न योजनों के हितग्राहियों, बेरोजगार युवाओं और निवेशकों को अनेक सौगातें भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने और भारत को विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का हृदय से आभार मानते हुए मध्यप्रदेश आगमन पर केंद्रीय गृहमंत्री  शाह का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से  मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में आया बंपर निवेश, बढ़े रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों एवं देश-विदेश में बिजनेस समिट आयोजित कर उद्योपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित और आमंत्रित किया गया। हमारी सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप युवाओं के लिए रोजगार के अनेकों अवसर सृजित हुए हैं। प्रदेश सरकार सभी प्रकार के उद्योग एवं व्यापार को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उद्योग एवं रोजगार वर्ष में राज्य में लगभग 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्यों को धरातल पर लाने का कार्य प्रारंभ हुआ है। यह प्रसन्नता का विषय है कि अब तक 6.5 लाख करोड़ लागत के औद्योगिक विकास कार्य पूर्ण हो रहे हैं, इनमें शामिल कई इकाईयों ने उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है।  

निवेश से रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश का औद्योगिक विकास

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में दिखेगी प्रदेश के आर्थिक विकास की समग्र तस्वीर निवेश से रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश का औद्योगिक विकास केन्द्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में होंगे शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। इसी उद्देश्य से 25 दिसंबर को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में “अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार” का आयोजन किया जाएगा। यह ग्रोथ समिट प्रदेश की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार आधारित विकास की समग्र तस्वीर को प्रदर्शित करने वाला सबसे प्रभावी मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन के अनुरूप इस समिट में औद्योगिक निवेश के साथ उत्पादन और रोजगार के सृजन पर भी फोकस किया जायेगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे। उनकी सहभागिता यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास मॉडल केंद्र की प्राथमिकताओं के अनुरूप है और प्रदेश में निवेश सुरक्षित, पारदर्शी और लाभकारी तरीके से लागू किया जाएगा। निवेश को जमीन पर उतारने का मंच ग्रोथ समिट के दौरान 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर आधारित भूमि आवंटन और अनुमोदन संबंधी निर्णय लिये जायेंगे। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों के शुभारंभ से प्रदेश में उत्पादन और उद्योग गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी व्यापक रूप से विकसित होंगे और युवाओं के लिए नई संभावनाएँ उत्पन्न होंगी। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल-क्लिक प्रणाली के माध्यम से प्रोत्साहन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से निवेशक परियोजनाएँ तेजी से शुरू कर पाएंगे और औद्योगिक इकाइयों को समय पर समर्थन मिलेगा। रोजगार और युवाओं का सशक्तिकरण ग्रोथ समिट का उद्देश्य केवल निवेश नहीं, बल्कि रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नए उद्योगों के साथ-साथ रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह पहल यह संदेश देगी कि मध्यप्रदेश में उद्योग और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। रोजगार पाने वाले युवाओं को मंच से प्रोत्साहन देने से उनके आत्मविश्वास और उत्पादनशीलता में वृद्धि होगी। एमएसएमई, कौशल विकास और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान समिट में एमएसएमई, स्टार्टअप्स, आईटी-आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, ड्रोन, डिफेंस और फार्मा जैसे क्षेत्रीय और निर्यात आधारित उद्योगों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार सृजन पर केंद्रित सत्र यह दिखाएंगे कि प्रदेश सरकार कुशल मानव संसाधन तैयार करने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगार अवसर प्रदान करने पर समान रूप से ध्यान दे रही है। औद्योगिक प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की ताकत कार्यक्रम स्थल पर औद्योगिक परियोजनाओं, अधोसंरचना और निवेश से जुड़े विभागीय कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक अवसर, निवेश के प्रस्ताव, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक नीतियों की जानकारी निवेशकों और आमजन को दी जाएगी। इससे निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए भरोसा मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। सतत औद्योगिक और आर्थिक विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह ग्रोथ समिट यह सुनिश्चित करेगा कि निवेश केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे। निवेश को उद्योग स्थापना, उत्पादन, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में बदला जाएगा। यह समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की दिशा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करेगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और कौशल विकास एक साथ बढ़ें। समिट के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए सुविधाजनक माहौल है, उद्योगों को गति मिलेगी और युवाओं को स्थायी रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। समग्र प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व ग्रोथ समिट न केवल प्रदेश के निवेश और उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं और नीति स्थिरता को प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की सहभागिता इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनाएगी। अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोजगार प्रदेश की औद्योगिक नीति और रोजगार सृजन दृष्टि का सबसे बड़ा और प्रभावी मंच साबित होगा। यह आयोजन निवेशकों को भरोसा, उद्योगों को गति और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करके मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त, रोजगारोन्मुख और निवेश-फ्रेण्डली राज्य के रूप में स्थापित करेगा।  

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा

धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 25 एकड़ भूमि पर 260 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा धार का मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति को मिलेगा बेहतर इलाज शीघ्र ही कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी होगा शिलान्यास भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी मेडिकल कॉलेज आरंभ करने की तैयारी धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए … Read more

भोपाल को मिली मेट्रो की सौगात, प्रदेश के दो प्रमुख शहरों में मेट्रो सेवा प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल को मेट्रो की सौगात, मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में चल रही है मेट्रो ट्रेन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के पहले भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया का मैप भी हुआ लांच, पड़ोसी पांच जिलों का क्षेत्र होगा शामिल केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले सभी मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बीते सप्ताह मध्यप्रदेश को कई नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल की विशिष्ट उपस्थिति में न केवल भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ वरन् प्रदेश के पहले भोपाल महानगरीय क्षेत्र (मेट्रोपोलिटन एरिया) का मैप (मानचित्र) भी लांच कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रोपोलिटन एरिया में भोपाल जिले सहित सीमावर्ती 5 जिलों रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम का क्षेत्र शामिल किया गया है। इस एरिया में कुल 12 नगरीय क्षेत्र और 30 तहसीलें शामिल की गई हैं। मेट्रोपोलिटन एरिया में लगभग 2524 गांव शामिल होंगे और इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 12,099 वर्ग किलोमीटर रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मध्यप्रदेश को दिन-ब-दिन मिल रही नई-नई सौगातों के लिए सभी मंत्रीगण ने मेंजें थप-थपाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। भोपाल को मिली मेट्रो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि भोपाल को मेट्रो की सौगात मिली है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल द्वारा 20 दिसम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ किया गया। पहले चरण में 7 किमी का मेट्रो ट्रेक सुभाष नगर से एम्स तक का है। इसमें कुल 8 स्टेशन हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के दो बड़े शहर इन्दौर और भोपाल अब मेट्रो ट्रेन अल्ट्रा माडर्न पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में शामिल हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इन्दौर में 3.3 किमी के अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन ट्रेक के निर्माण के लिए भी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इन सभी सौगातों के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 23 दिसम्बर को करेंगे धार एवं बैतूल में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर चार मेडिकल कॉलेज तैयार किए जाएंगे। इनमें से धार एवं बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भूमिपूजन 23 दिसम्बर को धार एवं बैतूल में सम्पन्न होगा। मंगलवार (23 दिसम्बर) को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा पीपीपी मॉडल पर बनने वाले दो मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नड्डा पूर्वान्ह में धार में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण करने के बाद वहीं से बैतूल रवाना होंगे। नड्डा अपरान्ह में बैतूल में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिये भी प्रधानमंत्री मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री नड्डा का आभार माना। केंद्रीय गृह मंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर एवं रीवा आएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 25 दिसम्बर को मध्यप्रदेश आएंगे। गृहमंत्री शाह भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती पर ग्वालियर एवं रीवा में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृहमंत्री शाह 25 दिसम्बर को ग्वालियर में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में भाग लेंगे। केंद्रीय मंत्री शाह ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ से अधिक के कामों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ-साथ निवेशकों को आशय पत्र/आवंटन आदेश का वितरण भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री यहां एक मेले का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वे रीवा पहुंचेगे और वहां आयोजित कृषि एवं किसान सम्मेलन में भाग लेंगे। 11वां अंतर्राष्ट्रीय वन मेला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11वां अन्तर्राष्ट्रीय वन मेला भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। यह मेला 23 दिसम्बर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस मेले में नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ ने भी मेले में सहभागिता की है। इसमें हर्बल एवं आयुर्वेदिक दवाओं के 350 से अधिक स्टॉल लगाये गये है। 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर और 100 से अधिक वैद्य सेवाएं दे रहे हैं। वन मेले में 26 फूड स्टॉल भी है। जिसमें आलीराजपुर का दाल पानिया, छिंदवाड़ा की वन रसोई और बांधवगढ़ के गोड़ी व्यंजनों का स्वाद भी आगंतुकों को मिल रहा है। मंत्रीगण दे रहे हैं दो साल की उपलब्धियों की जानकारी – 30 दिसम्बर तक मंत्रीगण करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश के सभी मंत्रीगण दो साल की उपलब्धियों की विभागीय जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रेस कांफ्रेंस का यह क्रम 30 दिसम्बर तक चलेगा। अभी तक वित्त एवं वाणिज्यिक कर, जनजातीय कार्य विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, राजस्व विभाग एवं ऊर्जा विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो चुकी है। उन्होंने मंत्रीगण से कहा कि वे अपने-अपने विभागों की सभी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण भी कर लें और पूरी तैयारी से अपने विभाग की विगत दो सालों की उपलब्धियों को मीडिया को बतायें, ताकि सरकार की उपलब्धियां अधिक से अधिक जन सामान्य तक पहुंचें। 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 193 विधानसभा क्षेत्रों में वृन्दावन ग्राम चयनित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृन्दावन ग्राम के संबंध में मंत्रीगण को बताया कि सरकार ने प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक वृन्दावन ग्राम बनाने की महती योजना प्रारंभ की है। इसमें ऐसे गांव का चयन करना है, जिसकी वर्तमान जनसंख्या कम से कम 2000 हो और गौवंश की न्यूनतम संख्या 500 तक हो। इन गांवों का चयन हर विधानसभा क्षेत्र में जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण से परामर्श लेकर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 230 विधानसभा क्षेत्रों में से अबतक 193 विधानसभा क्षेत्रों में का वृन्दावन … Read more

मुख्यमंत्री ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज रविवार को इंदौर में आगमन हुआ। वे इंदौर में मप्र पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात एयरपोर्ट के रास्ते में अचानक गाड़ी रुकवाई और कालानी नगर स्थित मौसा पराठा हॉउस में इंदौरी पोहा जलेबी और चाय का लुफ्त लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट के वर्कर्स के साथ सहज अंदाज में फ़ोटो भी खिंचवाए और उनका अभिवादन भी स्वीकारा। साथ ही रेस्टोरेंट के संचालक से चर्चा भी की। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला और श्री सुमित मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें। 

दो साल में श्रमिकों के हित में बड़े कदम, मध्यप्रदेश सरकार की अहम उपलब्धियाँ

श्रमिकों के कल्याण के लिये मध्यप्रदेश में दो वर्षों में हुए उल्लेखनीय कार्य भोपाल  विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ रहे मध्यप्रदेश में डॉ मोहन यादव सरकार की श्रम और श्रमिकों से संबंधित नीतियों के कारण श्रमिकों के हित में अनेक निर्णय लिए गए है। वहीं तुलनात्मक रूप से राज्य में श्रम उपलब्धता की बेहतर स्थिति के कारण राज्य के औद्योगिक विकास में भी मदद मिल रही है। इस कार्य में मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। किसी भी राज्य में बेहतर औद्योगिक विकास के पीछे श्रमिकों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण घटक है। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर कदम उठाए जा रहे हैं। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल की विगत दो वर्ष की उपलब्धियों मंडल द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के अंतर्गत मंडल को श्रमिकों एवं नियोजकों से प्राप्त होने वाले अभिदाय को ऑनलाइन प्राप्त करने के लिये एम पी ऑनलाइन के माध्यम से मंडल का पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से 97 प्रतिशत से अधिक अभिदाय राशि मंडल को ऑनलाइन प्राप्त हो रही है। पोर्टल में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन पत्रों का प्रारूप दिया गया है। सभी नियोजकों के लिये पोर्टल उपयोगी है। मंडल को विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 13 हजार 238 संस्थान स्थापनाओं में कार्यरत लगभग 8 लाख 93 हजार 193 श्रमिकों का अभिदाय 12 करोड़ 35 लाख 50 हजार रूपये प्राप्त हुआ है। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 30 लाख रूपये अधिक है। मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 11 हजार 359 हितग्राहियों को 6 करोड़ 29 लाख रूपये से अधिक हितलाभ राशि वितरित की गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 हजार 405 हितग्राहियों को 8 करोड़ 24 लाख रूपये से अधिक की हितलाभ राशि वितरित की गई। यह विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 1 करोड़ 95 लाख रूपये अधिक है। मंडल की 60वीं बैठक में लिये गये निर्णय एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में श्रम मंत्री एवं मुख्य सचिव महोदय के समक्ष प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में नवीन सर्व सुविधा युक्त आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। इसके परिपालन में भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, पीथमपुर जबलपुर एवं उज्जैन में आदर्श श्रम कल्याण केन्द्र विकसित करने के लिये शासकीय भूमि आवंटन के लिये सर्व संबंधित औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के कार्यकारी संचालकों को पत्र प्रेषित किये गये हैं। मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में अंतिम संस्कार सहायता योजना एवं अनुग्रह सहायता योजना का विस्तार करते हुए पात्र श्रमिक के परिवार में पति, पली, पुत्र, पुत्री तथा पात्र श्रमिक के माता पिता के अंतिम संस्कार के लिये एवं अनुग्रह सहायता का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। मंडल की 61वीं बोर्ड बैठक में पात्र दिव्यांग श्रमिकों को इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल एवं उपकरण प्रदान योजना प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया था। उक्त योजना लोक सेवा गारंटी स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित की गई है। योजना लागू करने के संबंध में कार्यवाही निरंतरित है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र दिव्यांग श्रमिकों को 50 हजार रूपये राशि तक इलेक्ट्रिक ट्रायसायकल अथवा उपकरण प्रदान किये जायेंगे। श्रम मंत्री द्वारा सभी संभागों में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताए आयोजित करने के निर्देशों के परिपालन में इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, उज्जैन, जबलपुर, शहडोल, ग्वालियर चंबल तथा सागर संभाग में श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इनमें प्रदेश के सभी संभागों में समूह खेलों में विजेता, उपविजेता तथा एथेलेटिक्स में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 1005 श्रमिक खिलाडियों ने पुरस्कार प्राप्त किये। मंडल द्वारा प्रदेश में संचालित 27 श्रम कल्याण केन्द्रों को कम्प्यूटर सेट एवं आवश्यक सामग्री प्रदान की गई है। प्रदेश के 17 सिलाई केन्द्रों में विगत तीन वर्षों में सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली श्रमिक परिवार की 418 महिलाओं को म.प्र. राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड भोपाल के माध्यम से दक्षता मूल्यांकन कर प्रमाण पत्र प्रदान किये गये है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में 100 बिस्तर क्षमता के श्रमिक विश्राम गृह निर्माण का निर्णय लिया गया है। उज्जैन, सागर, सिंगरौली, बालाघाट एवं शहडोल जिलों में एक एक नवीन श्रमोदय आवासीय विद्यालय का निर्माण किए जाने का निर्णय लिया गया है। नरसिंहपुर जिले में श्रमोदय आदर्श आईटीआई के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का क्रियान्वयन भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत 13 लाख 85 हजार 963 निर्माण श्रमिकों एवं 38 लाख 52 हजार 307 परिवार सदस्यों का आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 3 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सदस्यों को 847 करोड़ 33 लाख की चिकित्सा सहायता दी गयी। · डॉ. आर.आर. पटेल  

प्रधानमंत्री मोदी और CM डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में प्रदेश कर रहा लगातार प्रगति: मंत्री कंषाना

प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में प्रदेश लगातार कर रहा प्रगति – कृषि मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल कंषाना सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र दी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में कृषि के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। हमारी सरकार विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समृद्ध मध्‍यप्रदेश का सपना पूर्ण कर रही है। यह बात मंत्री कंषाना ने जनसंपर्क संचालनालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन एवं मक्‍का के उत्‍पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्‍थान है तथा गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल अनाज और मोटा अनाज में मध्‍य प्रदेश का देश में द्वितीय स्‍थान है। यह हमारे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का प्रतिफल है। प्रदेश के अन्‍नदाताओं की कड़ी मेहनत से ही यह उपलब्धियां हासिल करने में हम सफल हुये है। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि वर्ष 2002-2003 में सिंचाई का क्षेत्रफल लगभग साढ़े सात लाख हेक्‍टेयर था जो कि 2024-25 में 55 लाख हेक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर65 लाख हेक्‍टेयर करने का लक्ष्‍य है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।  जनजातीय अंचलों में श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलों का उत्पादन, विपणन की व्‍यवस्‍था की जा रही है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत राशि का त्वरित वितरण किया गया है।  कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्‍य प्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निमाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्‍डोरी को शामिल किया गया है। इन आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, ग्रामीण समृद्धि और योजनाओं के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में सोयाबीन, चना, मसूर, धान एवं गेहूं की खरीदी के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती, तिलहन-दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, कृषि अद्योसंरचना निधि और कृषि निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारा संकल्‍प है कि किसान की आय बढ़े, खेती टिकाऊ बने और मध्‍य प्रदेश कृषि में देश का नेतृत्‍व करें। कृषि परिदृश्‍य  देश में मध्‍य प्रदेश मक्‍का एवं सोयाबीन के उत्‍पादन में प्रथम स्‍थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्‍न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्‍थान पर है। न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना प्रदेश सरकार द्वारा किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। जिसके अंतर्गत 09 लाख 36 हजार कृषकों का पंजीयन हुआ है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्‍तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री  किसान सम्‍मान निधि योजना  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्‍पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती अन्‍न प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर,  बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     कोदो कुटकी उपार्जन के लिये कुल बाईस हजार चार सौ उनचास कृषकों का पंजीयन किया गया, जिसका रकबा इक्‍कीस हजार एक सौ बहत्‍तर हैक्‍टेयर है।     खरीफ 2025 में लगभग पन्‍द्रह हजार मेट्रिक टन कोदों एवं कुटकी का उपार्जन का लक्ष्‍य निर्धारित किया।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी। खाद वितरण     भारत सरकार द्वारा प्रत्‍येक वर्ष खाद के ऊपर दो लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदाय की जाती है।     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सरकार द्वारा गत दो वर्षों में अभी तक बहत्‍तर लाख मेट्रिक टन यूरिया एवं बयालीस लाख मेट्रिक टन डीएपी + एनपीके वितरण किया गया है।     विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से यूरिया तीन लाख दस हजार मेट्रिक टन अधिक विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में ढाई लाख मेट्रिक टन यूरिया स्‍टॉक में है।     विगत वर्ष इसी अवधि में विक्रय मात्रा से डीएपी + एनपीके लगभग सत्‍तर हजार मेट्रिक टन अधिक किसानों को विक्रय किया जा चुका है एवं वर्तमान में लगभग चार लाख मेट्रिक टन स्‍टॉक में है। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक … Read more

IAS सर्विस मीट का भोपाल में उद्घाटन, मुख्यमंत्री के साथ अफसर होंगे मस्ती और धमाल में शामिल

भोपाल भोपाल में शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया। इस आयोजन में प्रदेशभर से आईएएस अधिकारी पहुंचे हैं। आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट सभी अधिकारियों की सहभागिता के साथ आयोजित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारियों की वार्षिक सर्विस मीट शुक्रवार से भोपाल में शुरू हो गई है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रशासन अकादमी में करेंगे। इसके बाद अरेरा क्लब में दिनभर और देर रात तक विभिन्न सांस्कृतिक, खेल और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मीट में सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और उनके परिवारजन शामिल हो रहे हैं। आईएएस सर्विस मीट का उद्देश्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से इतर अधिकारियों को आपसी संवाद, समन्वय और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारी अपनी कला, सांस्कृतिक प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन आपसी संबंधों को मजबूत करने और तनावमुक्त माहौल प्रदान करने का माध्यम बनता है। इस वर्ष की सर्विस मीट के लिए अधिकारियों को चार हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और यलो—में विभाजित किया गया है। प्रत्येक हाउस के लिए कैप्टन और वाइस कैप्टन तय किए गए हैं। तीन दिनों तक इन हाउसों के बीच सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल गतिविधियों और टीम इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा होगी। इससे कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ उत्साह भी देखने को मिलेगा। मीट के अंतिम दिन चार प्रमुख कैटेगरी में अवॉर्ड दिए जाएंगे। इनमें मोस्ट क्रिएटिव, बेस्ट प्रेजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन शामिल हैं। इसके अलावा 18 वर्ष तक की आयु के आईएएस अधिकारियों के बच्चों के लिए भी बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के पुरस्कार प्रत्येक हाउस में प्रदान किए जाएंगे। आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि फील्ड में पदस्थ अधिकारियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पास-पड़ोस के संभागों में कार्यरत अफसरों को एक ही समूह में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रात्रि और अन्य प्रतिस्पर्धात्मक आयोजनों से अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और टीम भावना मजबूत होगी। आखिरी दिन दिए जाएंगे अवार्ड तीन दिन तक चलने वाली सर्विस मीट के लिए चार हाउस बनाए गए हैं। ये हाउस रेड हाउस, ग्रीन हाउस, ब्लू हाउस और यलो हाउस के रूप में रहेंगे जिसके कैप्टन और वाइस कैप्टन तय कर दिए गए हैं। मीट के आखिरी दिन चार कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे। यह अवार्ड मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोआर्डिनेशन को लेकर दिए जाएंगे। इसके साथ ही 18 साल तक की कम उम्र के आईएएस अफसरों के बच्चों को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सीनियर आर्टिस्ट के अवार्ड हर हाउस में दिए जाएंगे। आयोजन समिति के चेयरपर्सन और प्रमुख सचिव पी. नरहरि के अनुसार, वर्ष 2010 में शुरू हुई यह सर्विस मीट हर साल अधिक यादगार बनती जा रही है। इससे अधिकारियों और उनके परिवारों के बीच पारिवारिक माहौल बनता है, सहयोग की भावना बढ़ती है और नई मित्रताएं विकसित होती हैं। संगीत, क्विज़, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए यह आयोजन सभी वर्गों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी डीजे नाइट, खेल गतिविधियों और पारिवारिक आयोजनों में अधिकारियों और उनके परिजनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। यह सर्विस मीट प्रशासनिक तंत्र के भीतर मानवीय जुड़ाव और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ेगा आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में फील्ड में पदस्थ अफसरों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उनके आपसी समन्वय को सुगम बनाने के लिए, आस-पास के संभागों में पदस्थ फील्ड अफसरों को एक समूह में रखा गया है। इस सर्विस मीट के लिए बनाए गए ग्रुप्स के बीच सांस्कृतिक रात्रि सहित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिस्पर्धा होने से उत्साह और भी बढ़ जाएगा। आयोजन समिति के चेयरपर्सन प्रमुख सचिव पी नरहरि ने कहा है कि वर्ष 2010 में स्थापना के बाद से सर्विस मीट लगातार यादगार बन रही है। इससे एक परिवार के रूप में हमारे बंधन मजबूत हुए हैं, सहयोग को बढ़ावा मिला है, नई मित्रताएं बनी हैं और हमें संजोने लायक पल मिले हैं। भावपूर्ण संगीत, क्विज़ से लेकर जोशपूर्ण खेलों तक, हर एडिशन में सभी के लिए कुछ न कुछ रहा है।