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CM यादव का ऐलान: एआई को कुशल शासन और पारदर्शिता के लिए अहम बनाती है राज्य सरकार

राज्य सरकार एआई को नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में कर रही है स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति एआई पर मिशन मोड पर होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लांच की मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दृष्तिगत रखकर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश जन-कल्याणकारी योजनाओं में एआई का प्रभावी उपयोग करेगा मध्यप्रदेश प्रदेश में जल्द लाई जाएगी राज्य एआई नीति मुख्यमंत्री ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री ने ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026’ का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था और प्रबंधन, तकनीक-प्रौद्योगिकी और अकादमिक क्षेत्र में एआई आधारित नवाचार विकसित भारत@ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना का केंद्र भी है। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। हमारा राज्य जल्द ही एआई नीति भी लाएगा और एआई के लिए मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जिसमें आगे बढ़ने की पर्याप्त क्षमता है। विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में हमारी सरकार हर कदम पर प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई लिटरेसी मिशन के तहत फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड भारत के लिए कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लांच की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सिंहस्थ-2028 के संचालन के लिए आयोजित उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे ने “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने के उद्देश्य से एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत आरंभ युवा एआई फॉर ऑॅल पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एम.पी. राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपीएसईडीसी प्रदेश में एआई इंफ्रॉस्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए नोडल एजेंसी है। स्पेस टेक नीति – अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की स्पेस टेक नीति लांच की। उन्होंने कहा कि नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी और भविष्य-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान कर कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन एवं शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह नीति निवेश, नवाचार और राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नवाचार और कौशल विकास के लिए हुए 7 एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 6 समझौता ज्ञापन-यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू (कॉउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर), गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी के साथ किए गए। ये समझौते शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार एवं रोबोटिक्स को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन व सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में एआई आधारित शोध एवं निर्णय सहयोग विकसित करने, शासकीय विभागों में एआई और क्लाउड तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने, राज्य में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं कौशल विकास को गति देने, राष्ट्रीय एआई मिशन से जुड़कर कंप्यूटर एवं डेटा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और एआई जागरूकता बढ़ाने और एआई आधारित शासन को सक्षम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसके अलावा इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा,कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मध्य एक समझौता ज्ञापन हुआ। उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच को व्यापक बनाने के लिए इंडिया एआई मिशन देश के टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में 570 डेटा एवं एआई लैब्स की स्थापना कर रहा है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।   आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक नहीं, नीति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक सशक्त माध्यम बना : मुख्य सचिव जैन मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि एआई के उपयोग से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक व नागरिक-केंद्रित होगी। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि यह कांफ्रेंस आगामी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट-2026 से पूर्व देश में एआई इको सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित सतत आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में गवर्नेंस में एआई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उद्योग और अकादमिक संस्थानों के सहयोग, स्किलिंग व री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य रिसर्च, इनोवेशन और नॉलेज आधारित होगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूपीआई को भारत की वैश्विक पहचान बताया। मध्यप्रदेश में समग्र आईडी जैसी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित और परिवार-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्य सचिव जैन  ने कहा कि ऐसे मंच नवाचार और सहयोग को नई दिशा देते हैं। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। एआई के प्रभावी … Read more

डॉ. यादव ने निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया, स्थानीय लोगों के साथ चाय की चुस्की भी

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया। जानकारी दी गई कि यह भवन जी प्लस टू निर्मित किया जाएगा, अप्रैल 2026 में इसके पूर्ण होना होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी पीआईयू है।  गीता भवन की कुल क्षमता 1250 सीटर होगी। इसका निर्माण 5.11 एकड़ में लागत लगभग 34 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सुबह की चाय की चुस्की उज्जैनवासियों के साथ ली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भगवान बृहस्पति मंदिर में दर्शन करने के बाद पास के तेलीवाड़ा चौराहे पर शहर की पुरानी चाय की दुकान पर स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और चर्चा की। उन्होंने दुकान संचालक से हालचाल पूछा, चाय पीने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय के पैसे दिए, दुकानदार द्वारा संकोच के कारण पैसे नहीं लेने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये तो लेना ही होंगे।    

CM मोहन यादव की अहम भूमिका, भाजपा अध्यक्ष चुनाव और MP में 8 लाख करोड़ के 209 कामों की शुरुआत

भोपाल  मध्य प्रदेश में 8 लाख करोड़ की 209 केंद्रीय परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ कामों के लिए जमीन समय पर नहीं मिलने, समय रहते पेड़ों की कटाई नहीं होने, गांव खाली नहीं होने, एजेंसियां तय करने में समय लगने जैसे 423 अड़गे आए, जिनकी वजह से काम रोकना पड़ा। इसे देखते हुए केंद्र ने राज्य के साथ मिलकर ऐसी परियोजनाओं को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप व प्रोएक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) के जरिए दोबारा सक्रिय किया और हाईटेक निगरानी भी की। इस आधार पर मप्र ने समय रहते इनमें से 97 फीसद अड़ंगों को दूर कर लिया है। कम समय में तेजी से बाधाओं को दूर कर केंद्रीय परियोजनाओं (Central Projects) पर तेजी से काम करने वाले राज्यों में मप्र टॉप-10 में शामिल हो गया है। अब कामों में और तेजी आई है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सीएम निवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए कही। ऐसे पकड़ में आईं बाधाएं सीएस अनुराग जैन ने बताया, पीएमजी समीक्षा में 322 बाधाओं को पहचाना गया और 312 को दूर किया। जबकि प्रगति पोर्टल से 39 परियोजनाओं की समीक्षा में 124 बांधाएं मिली, 120 का समाधान कर चुके। इस तरह राज्य ने पीएमजी और प्रगति दोनों के 97% बाधाओं को दूर कर दिया। हाईटेक होगी निगरानी केंद्रीय योजनाओं की निगरानी के लिए पीएमजी, प्रगति, पीएम गति शक्ति समेत कई अहम पोर्टल हैं। इसी की तर्ज पर राज्य सरकार की योजनाओं की हाईटेक निगरानी के लिए सीएम प्रगति पोर्टल डिजाइन कराया गया है। मुख्यमंत्री जल्द ही इसे लॉन्च करेंगे। पीएम भी इनकी समीक्षा करेंगे और विलंब पर सीएस जिम्मेदार होंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में सीएम का रोल अहम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव (BJP national president election) की तारीख लगभग तय हो गई है। 19 जनवरी को प्रक्रिया शुरू होगी और 20 की शाम तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का उक्त चुनावी प्रक्रिया में अहम रोल हो सकता है। वे प्रस्तावक या समर्थक बनाए जा सकते हैं, साथ ही चुनाव की अन्य प्रक्रियाओं में भी शामिल हो सकते हैं। इस चुनाव प्रक्रिया में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सावित्री ठाकुर, डीडी उड़के, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हो सकते हैं। वहीं दिल्ली से इसके संकेत मिलने के बाद सीएम ने अपना स्विट्जरलैंड दौरा आगे बढ़ा दिया है। उनके स्थान पर दावोस के लिए एसीएस नीरज मंडलोई के नेतृत्व टीम रवाना होगी। वहीं सीएम 19 व 20 को दिल्ली में रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, वे दिल्ली प्रवास के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की दो साल के कार्यकाल से अवगत करा सकते हैं। केंद्र से मिली परियोजनाओं की प्रगति 261,340 करोड़ निवेश वाली 108 परियोजनाओं की बाधाएं दूर। अभी 5,24,471 करोड़ के 101 परियोजनाओं पर काम चल रहा। रेल की 14, सड़‌क परिवहन की 13, विद्युत की 5 और नवकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीते बसाए हैं जबकि धार के पीएम मित्र पार्क में काम शुरू हो चुका है। 

उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में मुख्यमंत्री यादव ने सपत्नीक पूजा की

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज यहां स्थित देवगुरु श्री बृहस्पति मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान बृहस्पति के दर्शन कर पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को ये पूजा अर्चना मंदिर के पंडित आलोक गुरु द्वारा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में दर्शन के बाद तेलीवाड़ा क्षेत्र में आम नागरिकों के साथ चाय के साथ चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: संकल्प से समाधान अभियान से हर पात्र हितग्राही को मिले लाभ

प्रत्येक पात्र हितग्राही को संकल्प से समाधान अभियान का मिले लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित संकल्प से समाधान अभियान के संबंध में ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की बुधवार को समीक्षा के लिए आयोजित संभागायुक्तों की बैठक में दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संभागायुक्त बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।  

ग्वालियर और उज्जैन मेला में नई गाड़ी पर 50% टैक्स छूट, जानिए कैसे उठाएं फायदा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहित से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में नई गाड़ियां खरीदने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का रहा। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक के बाद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया को बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। ग्वालियर और उज्जैन में टैक्स पर छूट वहीं, एमपी कैबिनेट ने एक अन्य बड़ा फैसला किया है। ग्वालियर मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव से गाड़ी खरीदने पर 50 फीसदी टैक्स में छूट मिलेगी। इसे लेकर लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ग्वालियर मेला लग भी गया है। अब सरकार की घोषणा के बाद मेले से गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार बढ़ेगी।  19 दिन बाद मिली टैक्स छूट को हरी झंडी गौरतलब है कि ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हो चुका था। मेले की शुरुआत के साथ ही नई गाड़ियों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन टैक्स में 50% छूट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। करीब 19 दिनों बाद इस प्रस्ताव को 13 जनवरी की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली, जिससे अब मेले में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हाईटेक बनी मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट यह बैठक मोहन सरकार की पहली हाईटेक ई-कैबिनेट बैठक रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए गए। बता दें कि 6 जनवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए थे और ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रेजेंटेशन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कार्यप्रणाली अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के लिए बड़ी राहत कैबिनेट ने प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से लंबे समय से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। जनता और व्यापार दोनों को लाभ कैबिनेट के इन फैसलों से जहां एक ओर व्यापार मेलों में वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक वेतन संरचना का लाभ मिलेगा। ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले वहीं, कैबिनेट ने स्पेस टेक पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। साथ ही दूसरे चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के स्थापना को मंजूरी दी है। इस पर 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायसेन और राजगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आज ई-कैबिनेट हुई है। मीटिंग में सीएम से लेकर सभी मंत्री तक टैबलेट लेकर पहुंचे थे। अब फाइलों की जगह टैबलेट में ही सारे दस्तावेज होंगे। मीटिंग शुरू होने से पहले सभी लोगों ने सामूहिक रूप से तस्वीर भी खींचवाई।

अनामिका बैगा के डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार, मोहन सरकार ने दी नीट कोचिंग की सुविधा

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सीएम की सभा में रोने वाली आदिवासी छात्रा अनामिका बैगा के लिए अच्छी खबर है। सीएम मोहन यादव ने उसकी फरियाद सुन ली है। साथ ही उसके पढ़ने की व्यवस्था कर दी है। भोपाल के कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए उसका एडमिशन करवाया जा रहा है। सीएम से मिल नहीं पाई थी अनामिका दरअसल, अपनी फरियाद लेकर सुरक्षा कारणों से अनामिका सीएम से नहीं मिल पाई थी। मगर मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव तक उसकी आवाज पहुंच गई थी। वह अपनी बातें कहते हुए फफक-फफक कर रो रही थी। इसके बाद सीएम ने कहा था कि हम उसकी पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे। वह पढ़ लिखकर अच्छा डॉक्टर बनेगी। सीएम के पहल पर निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई मीडिया की खबरों रोते हुए नजर आई अनामिका बैगा की तस्वीरों को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक यह बात पहुंचाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए अनामिका बैगा तक मदद पहुंचाने के लिए सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को मदद पहुंचाने के लिए निर्देश दिया, जिसके बाद अनामिका के निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई. अब सरकार अनामिका बैगा कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री का खर्च खुद उठाएगी. सीएम ने लिखा, अनामिका की हरसंभव मदद की जाएगी रिपोर्ट के मुताबिक अनामिका बैगा के बारे में मिली सूचना के आधार पर सीएम ने सीधी कलेक्टर को मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च में मदद के लिए गुहार कर रही अनामिका बैगा की मदद करने के लिए निर्देश दिया. सीएम मोहन ने एक्स हैंडल पर इसका जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से अनामिका को हर संभव सहायता की जाएगी. अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में निः शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, गरीबी का हवाला देकर ही अनामिका ने मुख्यमंत्री जी से मिलकर मदद मांगने पहुंची थी, लेकिन अब अनामिका काफी खुश है. मुख्यमंत्री से मिली मदद के बारे में सुनकर अनामिका का पूरा परिवार भी खुश है.  अनामिका की मदद के लिए सीएम ने कलेक्टर को निर्देश दिया अनामिका बैगा के बारे मिली सूचना के बाद सीधी कलेक्टर को निः शुल्क कोचिंग की सुविधा दिलाने के लिए निर्देशित करने के बाद सीएम मोहन ने एक्स पर लिखा, कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद के लिए अनुरोध किया. मेरे संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई और छात्रावास के लिए मदद चाहती है. यह संज्ञान में आने के बाद बिटिया के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं. भोपाल के कोचिंग संस्थान में अनामिका का नि:शुल्क एडमिशन  उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में नि:शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अनामिका को वर्तमान में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए एकेडमी में निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. ज्ञान शिखर एकेडमी के डायरेक्टर अनिरुद्ध सिंह तोमर ने खुद अनामिका को सहयोगात्मक प्रस्ताव दिया गया. बकौल सीएम मोहन, बिटिया अनामिका बैगा को आगे भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता की जाएगी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक दिन बिटिया अनामिका एक विख्यात चिकित्सक के रूप में मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी. प्रशासन ने सुनिश्चित की अनामिका के भोपाल प्रवास की व्यवस्था मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि अनामिका के भोपाल जाने की समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा रही हैं. कलेक्टर के निर्देश पर सीधी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनामिका को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है. साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि अनामिका की शिक्षा की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए. आदिवासी बेटी अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मेडिकल की तैयारी के लिए निः शुल्क कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री की सुविधा दिलाने के लिए अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. अनामिका ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सहयोग उसके सपनों को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा. यह एक संदेश भी है कि राज्य सरकार प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है. भोपाल में होगा एडमिशन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने छात्रा को कलेक्ट्रेट बुलाकर पूरी जानकारी ली थी। साथ ही हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री की पहल पर भोपाल ज्ञान शिखर एकेडमी में अनामिका बैगा प्रवेश कराया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह आदिवासी बच्ची अनामिका बैगा परिजनों के साथ बुलाकर नीट की तैयारी के लिए प्रवेश की जानकारी दी। इससे छात्रा के चेहरे पर मुस्कान दिखी है। साथ ही सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि अनामिका बैगा आदिवासी समाज से आती है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। वह गांव से बाहर पढ़ाई के लिए निकली है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिसकी वजह से आगे की पढ़ाई वह कर पाने में असमर्थ थी। इसी वजह से वह सीएम से मदद मांग रही थी। अब मदद मिल गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हाथों उज्जैन में श्रीमहाकाल महोत्सव का उद्घाटन, पाँच दिन चलेगा उत्सव

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय 'श्रीमहाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। 5 दिनों तक बहेगी संगीत सरिता महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे। 14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ 'शिवोऽहम्' की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। 15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' 'शिवा' थीम पर प्रस्तुति देगा। 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी। 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत 'शिव केंद्रित नृत्य नाटिका' से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा। त्रिवेणी संग्रहालय में प्रतिदिन जनजातीय संस्कृति के होंगे दर्शन महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। प्रतिदिन निकलने वाली 'कला यात्रा' शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी। इसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे। 15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय 'शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में' रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ “खेलो एमपी यूथ गेम्स” की घोषणा की

प्रदेश के खिला‍ड़ियों को समग्र सुविधाएँ करायेंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्जवलन के साथ "खेलो एमपी यूथ गेम्स" की घोषणा की वॉटर प्रोजेक्शन और लेजर-शो के साथ बोट क्लब पर हुई रंगारंग शुरूआत देश में पहली बार खेल विभाग और खेल संघों के संयुक्त समन्वय से होंगे गेम्स शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोहा मुख्यमंत्री ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, जर्सी, थीम सांग और शुभंकर का किया अनावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की भव्य लांचिंग ओलम्पिक खेलों की तरह हुई है। आगाज़ ऐसा हुआ है तो अंजाम भी बहुत सुखद ही होगा। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के लिये कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को लाखों नहीं, करोड़ों तक की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के बोट क्लब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां किसी वैश्विक आयोजन का नजारा दिख रहा है। उन्होंने आयोजक खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और उनके विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल से किया गया कार्य इसी तरह छटा बिखेरता है। समारोह में वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर-शो, भव्य आतिशबाजी, शेफाली अल्वारेस एवं दिव्या कुमार की प्रस्तुति के साथ खेलो एमपी यूथ गेम्स की शुरूआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह इसलिए भी प्रशंसनीय आयोजन है क्योंकि यहां व्यापक जन भागीदारी दिखाई दे रही है। इससे खिलाड़ी उत्साहित और प्रोत्साहित होंगे। खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के स्लोगन "मध्यप्रदेश की जय-सबकी विजय'' की सराहना की। खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित झीलों की नगरी भोपाल से एमपी के सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता सजीव रूप में दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी खेलों में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में पिट्टू जैसे खेलों को शामिल कर नवाचार किया गया है। साथ ही ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को निखारने के लिये विकासखण्ड, जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई हैं। इसमें डेढ़ लाख खिलाड़ियों के भाग लेने की उम्मीद है। मेरी सभी खिला‍ड़ियों से आशा है कि जो भी काम करो, दिल से करो, तो परिणाम सुखद ही प्राप्त होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर खेल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। वहीं हमारे खेल प्रेमी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों का लगातार उन्नयन हो रहा है। कार्यक्रम में "खेलो एम. पी यूथ गेम्स" के लोगो, थीम सांग, टीशर्ट और शुभंकर (मैस्कॉट) लाँच किया गया। प्रतियोगिता 31 जनवरी तक होगी। यूथ गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को लगभग 4 करोड़ रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 31 हजार रूपये, द्वितीय 21 हजार एवं तृतीय पुरस्कार 11 हजार रूपये रहेगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी। खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय के लिये खेल विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उद्घाटन समारोह में खेल प्रेमियों को बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया। राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, उन्हीं क्षेत्रों में संबंधित खेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की सदस्यों दी प्रोत्साहन राशि समारोह के दौरान ब्लाइंड वुमन्स टी20 वर्ल्ड कप 2025 की विश्व विजेता भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम की मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येवले एवं सुषमा पटेल को प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए दिए गए। इसमें से 10 लाख रूपए नगद एवं 15 लाख रूपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दिए गए। इसके साथ ही महिला खिलाड़ियों के कोचेस को एक-एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। समारोह के मुख्य आकर्षण में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चित्रों को वॉटर प्रोजेक्शन के माध्यम से देखकर दर्शक अभिभूत हुए। बड़े तालाब पर कतारबद्ध रोशनी के साथ खड़े शिकारों ने दर्शकों का मन मोहा। लोक कलाकारों के सामूहिक नृत्य से समारोह की शुरूआत हुई। कार्यक्रम में मंत्री कुंवर विजय शाह, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजी कैलाश मकवाना, हितानंद शर्मा और खेल संचालक राकेश कुमार गुप्ता मौजूद थे। प्रदेश के 313 विकासखंडों की होगी सहभागिता राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया के अंतर्गत जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता होगी। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभाग- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम एवं शहडोल की टीमें भाग लेंगी। तीन चरणों में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 11 खेलों की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसमें हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मल्लखम्ब, कुश्ती, जूडो, शतरंज, वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 10 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसमें फुटबॉल, व्हालीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकसी, कबड्डी शामिल हैं। आर्चरी, ताईक्वांडो, क्याकिंग- कैनोईंग, रोईंग, फैंसिंग, शूटिंग, थ्रो बॉल की प्रतियोगिताएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी।  

MP में किसानों को मिलेगा सूरज से खेती करने का मौका, हर किसान के लिए होगा सोलर पंप; मोहन सरकार का नया कदम

 भोपाल कृषक कल्याण वर्ष किसानों के लिए कई सौगातें लेकर आएगा. सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंपों से न केवल किसान दिन में ही खेतों में सिंचाई कर पाएंगे अपितु इससे बचने वाली बिजली से प्रदेश ऊर्जा में सरप्लस हो जाएगा. हर किसान के पास सोलर पंप होगा.किसान सौर ऊर्जा से खेती करेंगे प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। अब प्रदेश के किसान सूरज से खेती करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. विभिन्न सिंचाई परियोजना और सिंचाई की आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग से सिंचाई का रकबा अधिक से अधिक बढ़ाने का प्रयास रहेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है प्रदेश में सिंचाई क्षमता को आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना. प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. महाराष्ट्र राज्य के साथ क्रियान्वित होने वाली मेगा तापी भूजल भरण परियोजना विश्व की अनूठी परियोजना है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन भी गया। भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर भी कार्य किया जा रहा है. राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है। सिंहस्थ- 2028 में दुनिया भर से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं. सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन निर्माणाधीन है, जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य भी किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।