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भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4184 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4184 रुपए किसानों को गुरूवार को मिली 233 करोड़ रूपए भावातंर राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रदेश के किसानों के खाते में भावांतर राशि के 233 करोड़ रूपए अंतरित किए। आज भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। यह मॉडल रेट बढ़कर 13 नवंबर को 4130 रुपए और आज 4184 रूपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।  

तनाव, दबाव और अवसाद से खुद को रखें मुक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्व मधुमेह दिवस है आज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज विश्व मधुमेह दिवस है, जो हमें जागरूक करता है कि योग, ध्यान और संयमित व्यवहार से हम स्वस्थ रह सकते हैं। साथ ही जीवन में सर्वोच्च लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि अपनी जीवन शैली को उत्तम स्वास्थ्य के अनुकूल बनाए रखेंगे। साथ ही तनाव, अवसाद और अत्यधिक दबाव से खुद को हमेशा मुक्त रखेंगे।  

भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत, 233 करोड़ रुपये सीधे खाते में डाले गए

 देवास  सीएम डॉ. मोहन यादव ने भावांतर योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपये राशि भेजी। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई। उन्होंने कहा- किसान को फसलों का सही दाम दिलवाना सरकार का लक्ष्य। किसानों का भला करेंगे। दूध उत्पादन को प्रोत्साहन किया जाएगा, उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 दिसंबर को गीता जयंती मनाएंगे। नगर पालिका, नगर परिषद स्तर पर गीता भवन खोलने वाले हैं। आने वाला साल कृषि आधारित उद्योग के लिए जाना जाएगा। गेहूं धीरे धीरे 2700 किया जाएगा। कांग्रेसी रोते रहेंगे… हम योजनाओं का लाभ देते रहेंगे। सीमा पर जवान, खेत पर किसान दोनों बराबर। किसानों की मेहनत से मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन स्टेट बना। हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है। कांग्रेस अगले 50 साल सत्ता से बाहर रहेगी। बिहार में चुनाव हो रहा था राहुल गांधी पचमढ़ी में छुट्टी मना रहे थे। देवास को 188 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजना चला रहे हैं। घर आंगन में गाय, बछड़े होने से आनंद आता है। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों में रोटावेटर, ड्रोन, सुपर सीडर, ब्रोड बेड फरो प्लांटर, मल्चर, फर्टीलाइजर ब्राड कास्टर, भूसा लोडर, लेजर एंड लेवलर, स्वचलित टूलबार, राउंड बेलर, स्लेशर, स्टॉरीपर, रीपर कम बाइंडर, स्प्रे पंप, सीड ग्रेडर विथ कन्वेयर, डिस्क प्लाउ सहित अन्य यंत्रों का अवलोकन किया। इस साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई जैविक खेती प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा की।

भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को सीएम देंगे मदद, 233 करोड़ का भुगतान जल्द

भोपाल  मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी। आज 13 नवम्‍बर गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक 1.33 लाख किसानों के खातों में राशि भेजेंगे। बता दें कि देवास में भावांतर योजना का राज्य स्तरीय उत्सव कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम मोहन यादव 233 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का अंतरण करेंगे। इसके अलावा देवास जिले के 183 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी सीएम करेंगे। थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे सीएम सीएम मोहन यादव थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे। इससे पहले वे सीएम हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंस लेंगे। फिर 11.50 बजे देवास पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 01.35 बजे देवास से इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे। यहां वे टेक्नो ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल होंगे। यहां जानें भावांतर योजना का मॉडल रेट, कितने मिलेंगे पैसे भावांतर योजना 2025 (bhavantar yojana) के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सोयाबीन को उपज मंडियों में विक्रय किया है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को जारी किया गया था, यह 4020 रुपए प्रतिक्विंटल था। फिर 8 नवंबर को यह 4033 रुपए किया गया, 9 और 10 नवंबर को यह 3 रुपए बढ़कर 4036 रुपए प्रतिक्विंटल हो गया। वहीं 11 नवंबर को मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया। अब तक 9.36 किसानों का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान प्रदेश के 9.36 पात्र किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। प्रदेश के उज्जैन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, देवास, सागर समेत 7 जिलों से 50-50 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। ऐसे समझें क्या है भावांतर योजना का गणित प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय करने की अवधि तय की गई है। यदि किसानों की सोयाबीन एमएसपी से कम कीमत पर बिकती है, तो किसानों को होने वाले घाटे की भरपाई मध्य प्रदेश सरकार भावांतर योजना के माध्यम से करेगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अंतर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। हेल्प लाइन नंबर जारी, परेशानी या समस्या हो तो यहां कर सकेंगे बात भावांतर योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए किसानों, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड, मंडी समितियों के अधिकारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है। यह सेंटर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगा। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने या समस्या पर बात इस नंबर 0755-2704555 पर की जा सकेगी।

16 नवंबर को जबलपुर में सूर्या मैराथन, आर्मी के आयोजन में शामिल हो सकते हैं आम नागरिक भी

जबलपुर   भारतीय सेना जबलपुर में हर साल सूर्या मैराथन का आयोजन करती है. इस साल भी 16 नवंबर को यह मैराथन आयोजित की जा रही है. इसमें लगभग 7500 लोग अब तक रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. इस आयोजन में थल सेनाध्यक्ष अध्यक्ष के पहुंचने की भी उम्मीद है. मुख्यमंत्री मोहन यादव मैराथन में दौड़ने वाले धावकों को हरी झंडी दिखाएंगे. कुल मिलाकर 15 लाख रुपए के इनाम दौड़ने वालों को दिए जाएंगे. जबलपुर में तीसरी साल सूर्या मैराथन जबलपुर में लगातार तीसरी साल सूर्या मैराथन का आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन में पिछले साल 10,000 लोगों ने हिस्सा लिया था. इस साल अभी तक 7500 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. यह आयोजन भारतीय सेना का मध्य भारत कमान करवाता है. सेना के अधिकारी मेजर जनरल संजय गौतम ने बताया "रजिस्ट्रेशन के आखिरी वक्त तक पिछले साल से भी ज्यादा लोग इस मैराथन में हिस्सा लेंगे. इस मैराथन में जीतने वाले धावकों को कुल मिलाकर 15 लाख रुपए की राशि इनाम के तौर पर दी जा रही है." सबसे बड़ी रेस 21 किमी की, इनाम एक लाख मैराथन में सबसे बड़ा पुरस्कार 21 किलोमीटर की रेस जीतने वाले खिलाड़ी को दिया जाएगा. इसमें एक पुरस्कार स्त्री को और एक पुरुष को दिया जाएगा. मैराथन में अलग-अलग कैटेगरी हैं. सबसे छोटी मैराथन मात्र 3 किलोमीटर की है, जिसमें कभी-कभार दौड़ने वाले लोग भी शामिल हो सकेंगे. अलग-अलग कैटेगरी में कुल मिलाकर 90 लोगों को सम्मानित किया जाएगा. यह रेस कोबरा मैदान से शुरू होगी और यहीं पर खत्म होगी, लेकिन इस बीच में खिलाड़ी जबलपुर शहर के भीतर भी दौड़ेंगे. इसलिए इस आयोजन में सेना ने जबलपुर पुलिस और जिला प्रशासन की मदद भी ली है. देश के किसी भी कोने का व्यक्ति दौड़ सकता है मेजर जनरल संजय गौतम ने बताया "इस रेस को इंडिया रनिंग कैलेंडर में शामिल किया गया है और पूरे देश फिट इंडिया मूवमेंट के जरिए अलग-अलग रेस की जाती हैं. उनकी जानकारी धावकों को होती है इसलिए इस आयोजन में जबलपुर के साथ ही देश के दूसरे इलाकों से भी धावक पहुंच रहे हैं. इस आयोजन में शामिल होने वाले हर खिलाड़ी को ड्रेस दी जाएगी." "ड्रेस का कुछ पैसा भी लिया जा रहा है. इस ड्रेस में एक चिप होगी, जो एक सेंसर से जुड़ी होगी ताकि ओपनिंग पॉइंट और एंड पॉइंट पर इस बात का मेजरमेंट किया जा सके की धावक में कब रेस शुरू की और कब खत्म की." ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित मैराथन एक साथ 7500 लोग दौड़ेंगे तो सब की ओपनिंग और एंडिंग टाइम अलग-अलग होंगे. यह आयोजन जबलपुर में 16 नवंबर को सुबह 5:30 बजे शुरू हो जाएगा. मेजर जनरल संजय गौतम ने बताया "इस बार की रेस का उद्देश्य फ्यूल योर स्पिरिट एंड ऑनर देयर करेज रखा गया है. इस बार की रेस ऑपरेशन सिंदूर में वीरता से लड़ने वाले सैनिकों को समर्पित है." 

डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव 30 नवंबर को लेंगे सात फेरे, साथ ही 20 जोड़ों की होगी सामूहिक शादी

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने का फैसला लिया है। समारोह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में होगा। इसमें 20 जोड़ों की शादी होगी। यहीं डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता यादव सात फेरे लगेंगे। मुख्यमंत्री पुत्र अभिमन्यु की सगाई खरगोन के किसान दिनेश यादव की बेटी डॉ. इशिता से 5 माह पहले ही हो चुकी है। सामुदायिक समारोह बनेगा आयोजन सामूहिक विवाह समारोह के बेटे की शादी कर सीएम सामाजिक समरसता और सादगी का संदेश देना चाहते हैं। शादी में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य के मंत्री, वरिष्ठ अफसर व भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में पारंपरिक रस्मों के साथ सामाजिक कार्यों के लिए भी पहल की योजना है, जिससे यह सिर्फ एक शादी नहीं, सामुदायिक समारोह बन जाएगा। शादी मुख्यमंत्री आवास में नहीं होगी सीएम मोहन यादव ने खुद ट्वीट करके बताया कि शादी मुख्यमंत्री आवास में नहीं, बल्कि उज्जैन के होटल अथर्व में होगी. इसमें सिर्फ सीमित मेहमानों को बुलाया जाएगा. दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य के मंत्री, बड़े अधिकारी और भाजपा के प्रमुख नेता शामिल होंगे. यह आयोजन सिर्फ एक शादी नहीं होगा. इसमें पारंपरिक रस्मों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों की भी पहल होगी. जैसे गरीब कन्याओं की मदद या अन्य समाजसेवा के काम. इससे सामाजिक समरसता का संदेश जाएगा. सीएम यादव सादगी के लिए पहले से मशहूर हैं. उन्होंने अपने बड़े बेटे की शादी भी राजस्थान में बहुत साधारण तरीके से की थी. अब छोटे बेटे की शादी भी उसी तरह सादगी भरी रखी है. इस फैसले से सीएम ने दिखाया कि बड़े पद पर होने के बावजूद वे आम लोगों की तरह जीवन जीते हैं. वे चाहते हैं कि समाज में फिजूलखर्ची कम हो और शादियाँ सादगी से हों. उनकी इस पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है. परिवार और पृष्ठभूमि ● डॉ. अभिमन्यु यादव, सीएम के छोटे बेटे। सर्जरी में मास्टर्स कर रहे हैं। ● डॉ. इशिता यादव, खरगोन के किसान दिनेश यादव की बेटी, एमबीबीएस कर चुकी हैं। पीजी कर रही हैं। इशिता, सीएम की बड़ी बेटी डॉ. आकांक्षा की ननद भी हैं।

आराध्या पोरवाल बनी जूनियर नेशनल स्क्वैश चैंपियन-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सम्मान

आराध्या पोरवाल ने जीती जूनियर नेशनल स्क्वैश चैंपियनशिप-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी आराध्या को बधाई उज्जैन की बेटी ने प्रदेश और देश का बढ़ाया गौरव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की बेटी आराध्या पोरवाल को जूनियर नेशनल स्क्वैश चैंपियनशिप 2025 (गर्ल्स अंडर-17) का खिताब जीतने पर उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटी आराध्या ने उज्जैन के साथ प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता चेन्नई में आयोजित की गई थी और आराध्या ने इसमें शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने आराध्या को शानदार प्रदर्शन पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आराध्या की इस उपलब्धि पर उज्जैन निवासियों सहित प्रदेश और देश दोनों को गर्व है। आराध्या ने इस प्रतियोगिता में अपनी अद्वितीय प्रतिभा और अनुशासन का प्रदर्शन किया है और जुलाई 2025 से अंडर-17 गर्ल्स कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंकिंग में नंबर-1 पर हैं। आराध्या ने अपने स्क्वैश करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं, जिनमें एशियन जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक और वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में शीर्ष 32 में स्थान शामिल है। उज्जैन की बेटी आराध्या पोरवाल दिल्ली में पदस्थ पुलिस के उपायुक्त श्री विक्रम पोरवाल की बेटी है। इस सफलता के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त श्री सतीश गोलछा ने भी उन्हें बधाई दी है।  

म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. BRAP 2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों में टॉप एचीवर्स स्टेट के रूप में हुआ सम्मानित म.प्र. उद्योग प्रोत्साहन और निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने कर रहा निरंतर प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली के उद्योग समागम में प्रदेश के नवाचारों को किया साझा केंद्रीय मंत्री गोयल ने की मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना म.प्र. को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में मिला शीर्ष स्थान मंत्री काश्यप ने एमएसएमई क्षेत्र में हुए विकास की दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी है और सभी राज्यों को नवीन उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित ‘उद्योग समागम’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (BRAP)-2024’ के अंतर्गत चार बिजनेस सेंट्रिक रिफॉर्म क्षेत्रों Business Entry, Labour Regulation Enablers, Land Administration और Services Sector में ‘Top Achiever State’ के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह पुरस्कार केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल से प्राप्त किया। यह सम्मान राज्य की पारदर्शी औद्योगिक नीतियों और निवेशकों में विश्वास के वातावरण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने Ease of Doing Business को केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे Speed, Scale और Skill of Doing में बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। राज्य के सभी क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं, जिससे स्थानीय उद्यमिता को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का सफल आयोजन राजधानी भोपाल में किया गया, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनविश्वास अधिनियम से कानूनों की जटिलताओं को सरल बनाया है और निवेशकों में भरोसे का वातावरण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में MP e-Seva Portal से 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे निवेशकों को पारदर्शी, तीव्र और सुगम प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने नवाचारों, डिजिटल सेवाओं और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण से एक आदर्श स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में MSME क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और आईटी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने उद्योग समागम के आयोजन और सभी राज्यों को उद्योगों को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रेरित करने के लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का आभार माना। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने ‘उद्योग समागम’ में राज्यों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारत की औद्योगिक प्रगति केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने Business Reform Action Plan (BRAP) 2026 गाइड बुक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुधारों का दस्तावेज़ नहीं बल्कि ‘गुड गवर्नेंस और विश्वास आधारित नीति-निर्माण’ का उदाहरण है। केन्द्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकारों के बीच अनुभवों का यह साझा मंच भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिये गति प्रदान कर रहा है। एमएसएमई मंत्री काश्यप का संबोधन एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को राज्य सरकार ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास बिल 2024 के तहत पांच विभागों के आठ अधिनियमों की 64 धाराओं में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान 18 नई औद्योगिक नीतियों का विमोचन किया गया तथा धार में देश के सबसे बड़े पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ। उन्होंने कहा कि InvestMP Portal और Single Window System से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। कॉन्फ्रेंस में BRAP 2026 गाइड बुक का विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने राज्यों के उद्योग मंत्रियों से संवाद किया। इस संवाद सत्र में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, उत्तरप्रदेश, त्रिपुरा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, दिल्ली और नागालैंड के उद्योग मंत्रियों ने अपने राज्यों के नवाचार और उपलब्धियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के बाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, नीतिगत सुधारों और निवेश संवर्धन के नवाचारों पर आधारित ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की गई। इस प्रस्तुति में जनविश्वास अधिनियम, SAMPADA 2.0, Cyber Tehsil, RCMS और Labour Case Management System जैसे नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में BRAP Felicitation Ceremony का आयोजन हुआ, जिसमें केन्द्रीय मंत्री गोयल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया। समारोह में नीति आयोग, डीपीआईआईटी, राज्य सरकारों, उद्योग संगठनों और निवेशक संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन्वेस्ट एमपी पोर्टल और एकल-विंडो प्रणाली प्रदेश का इन्वेस्ट एमपी पोर्टल, एकल-विंडो प्रणाली, ऑनलाइन मंजूरी और डिजिटल सुविधा सेवाएं प्रदान करती है। राज्य ने 2,600 से अधिक अनुपालनों को युक्तिसंगत या डिजिटाइज़ किया है और 925 पुराने कानूनी प्रावधानों को निरस्त किया है। इसके अलावा 26 अधिनियमों में 108 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया है, जो दंडात्मक अनुपालन प्रवर्तन से सुविधा-आधारित दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। इन सुधारों का उद्देश्य नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है, जिससे मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन जाए। मध्यप्रदेश: निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र मध्यप्रदेश ने व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाने में एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे राज्य के निवेश क्लाइमेट में परिवर्तन आया है। राज्य के श्रम सुधार गेम-चेंजर हैं, जो महिलाओं को सभी क्षेत्रों में रात की शिफ्टों में काम करने की अनुमति देते हैं, साथ ही काम के घंटों और ओवरटाइम प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाकर उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता … Read more

राष्ट्रीय जल पुरस्कार: खरगोन बना देश का सर्वश्रेष्ठ जिला, कावेश्वर सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत — CM डॉ. यादव ने दी बधाई

राष्ट्रीय जल पुरस्कार: खरगोन बना देश का सर्वश्रेष्ठ जिला, कावेश्वर सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत — CM डॉ. यादव ने दी बधाई म.प्र. का जल प्रबंधन में जलवा — खरगोन और कावेश्वर को राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जताई खुशी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी में खरगोन जिले को प्रथम और सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में खंडवा जिले की कावेश्वर पंचायत (संयुक्त विजेता) को द्वितीय पुरस्कार मिलने पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरगोन जिले को प्रथम और खंडवा जिले की कावेश्वर पंचायत को द्वितीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) की घोषणा अभिनंदनीय है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवम्बर,2025 को नई दिल्ली में पुरस्कार प्रदान करेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विजेता को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी के साथ-साथ विभिन्न श्रेणियों में नगद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए संयुक्त विजेताओं सहित 46 विजेताओं की घोषणा की है। ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जाएंगे- जिनमें सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान (विद्यालय या महाविद्यालय के अलावा), सर्वश्रेष्ठ नागरिक समाज और जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति शामिल हैं।  

राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025: मध्य प्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान, CM डॉ. यादव ने जताई खुशी

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा: म.प्र. को दो श्रेणियों में मिले पुरस्कार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई "जल संचय-जन भागीदारी" में भी अग्रणी स्थान राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर को प्रदान करेंगी पुरस्कार भोपाल मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। "जल संचय-जन भागीदारी" पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुनाजिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं — सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्टों के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया। राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी लोगों और संगठनों के लिए जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है। जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है। शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।