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सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार पटेल की भूमिका रही सबसे महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क से आरंभ यूनिटी मार्च में बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों  को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर "एक भारत-आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे। देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया।  सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद  आलोक शर्मा सांसद  आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी। अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मती मालती राय, विधायक  भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद  आलोक संजर, पूर्व विधायक  ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी सहित  रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। 

2026 को घोषित किया गया कृषि आधारित उद्योग वर्ष, सीएम ने सरपंचों को दी जानकारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में पंचायतों को जितनी शक्ति है, वह बड़े पदधारकों के पास भी नहीं है और प्रत्येक सरपंच अपनी पंचायत के लिए बड़ा योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने पंचायतों के लिए कई घोषणाएं कीं। इसमें प्रत्येक पंचायत के लिए 50,000 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा और कृषि उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेजों की स्थापना भी तेजी से की गई है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने हर गांव के अंदर शांति धाम के निर्माण के लिए भी आवश्यक राशि देने का आश्वासन दिया। भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरपंचों के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सरपंच सम्मेलन का आयोजन हुआ। सीएम ने कहा कि एक बात समझ लो कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव इनकी क्या औकात? आपको लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही है और सरकार ने कोई निर्णय किया है तो उसे ठीक करने का काम हमारा है। जब भी सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होगा तो उसके क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी तो उसे हल करने का काम सरकार का है। सीएम ने कहा कि इतना बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी ने 10-11 सालों में न जाने कितनी चीजों की चिंता की। इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमको भरोसा है। जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो ये कहां लगेंगे जो भी होंगे सब ठिकाने लगेंगे। ये देश को पूरा भरोसा है। दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए रखा मौन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखवाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कल की घटना को भूलना नहीं है। हमारे देश की प्रगति और बढ़ने वाले कदम दुनिया में अलग प्रकार से निकल रहे हैं। ऐसे में दुश्मन भी पता नहीं, कितने प्रकार से प्रयास करते हैं। इस मामले में गृह मंत्री जी पूरी जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए बम धमाकों में दिवंगतों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है और देश की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  आपके पास जो पावर वो बडे़ पद वालों को भी नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके जो विषय आए हैं उनके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। जब सरपंच के सामने बैठेंगे तो सचिव, रोजगार सहायक को भी आना ही चाहिए,इनके बिना बात थोड़े बनती है। त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में जो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हमको दिखते हैं। आपको जो पावर हैं वो पावर तो बडे़-बडे़ पद वालों को भी नहीं हैं। एक सरपंच जो कर सकता है वो कोई नहीं कर सकता। एक पंचायत के हर घर की गिनती पंचायत और सरपंच के पास रहती है। हमारे इतने बडे़ प्रदेश में बड़ी आबादी गांवों में रहती है अगर प्रदेश की तस्वीर, तकदीर बदलने का काम आपके बिना नहीं हो सकता। 24 नवंबर को होगी त्रिस्तरीय पंचायतों की कॉन्फ्रेंस सीएम ने कहा- पिछले बार 23-24 और 25 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत के अधिकारियों का कार्यक्रम हुआ था। इस बार 24-25 और 26 नवंबर को भोपाल में कॉन्फ्रेंस होने वाली है। उसमें कुछ बातें मैं भी जोड़ना चाहता हूं। जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है तो पंचायत और आसपास लगी नगरीय निकाय के बीच कई बार टकराव होता है। जब नगरीय निकाय होता है उनके पास पार्षद, सीएमओ होते हैं बहुत सारी चीजें होती हैं। पंचायत में सचिव और सहायक सचिव ही होते हैं। ऐसा कोई समाधान निकले की हमारी पंचायत भी जिंदा रहे और वो विकास का काम भी बंद न हो। इसका मैकेनिज्म बनाने की जरूरत है। पंचायतें नया गांव बसाएं, सरकार साथ है सीएम ने कहा- विदिशा में उदाहरण है कि आवासीय व्यवस्था में खुद की प्लानिंग से नया गांव बसाया। इसमें क्या परेशानी है उन कामों को भी किया जा सकता है।  

दिल्ली ब्लास्ट पर सख्त रुख, CM मोहन यादव बोले: दोषियों को छोड़ना मुमकिन नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक गंभीर हमले की घटना पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बयान के दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। दोषियों को सख्त चेतावनी मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सरकार हमेशा से सख्त रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी। दिल्ली ब्लास्ट पर सीएम मोहन यादव की कड़ी प्रतिक्रिया, बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे', बताया गृह मंत्री हर पल की ले रहे जानकारी, जांच जारी     “ऐसी घटना करने वाले भारत सरकार द्वारा न पहले कभी बख़्शे गए हैं और ना कभी बख़्शे जाएंगे, भारत सरकार की कार्रवाई हमेशा तगड़ी रही है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश सीएम यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी घटना से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है। गृह मंत्रालय कर रहा है जांच मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच सीधे गृह मंत्रालय की निगरानी में हो रही है। उन्होंने कहा कि माननीय गृह मंत्री स्वयं इस मामले को देख रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा, “जो कुछ भी हुआ माननीय गृहमंत्री जी उसकी जांच कर रहे हैं और सारी बातें विस्तार से प्रेस में बताने वाले भी हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद गृह मंत्री खुद मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “हम हमले में जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

नगर निगम ने 2,500 से अधिक कर्मचारियों का 16-31 अक्टूबर का बकाया वेतन दिया

भोपाल  मध्यप्रदेश में नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का 16-31 अक्टूबर तक का बकाया वेतन जारी कर दिया। इससे 2,500 से अधिक कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर है, जिनका लगभग 1.80 करोड़ रुपए का वेतन नए अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के कारण रुका हुआ था। नए अटेंडेंस सिस्टम से हुई थी देरी नगर निगम में हाल ही में लागू किए गए नए अटेंडेंस सिस्टम के कारण कर्मचारियों के वेतन में देरी हुई थी। इससे पहले सात नवंबर को निगम प्रशासन ने 1-15 अक्टूबर का वेतन जारी किया था, लेकिन बाकी बकाया राशि न मिलने से कर्मचारी असंतोष जता रहे थे। कर्मचारियों ने कियाथा प्रदर्शन कर्मचारियों ने इससे पहले माता मंदिर मुख्यालय के सामने जमा होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। सफाई कर्मचारियों की नाराजगी इतनी अधिक थी कि उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर कचरा वाहन नहीं चलाए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। निगमायुक्त संस्कृति जैन के हस्तक्षेप के बाद ही सफाई कार्य फिर से शुरू हो सका था। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि 16-31 अक्टूबर का वेतन 10-11 नवंबर को जारी किया जाएगा। प्रशासन ने अपना वादा निभाते हुए 10 नवंबर को ही वेतन जारी कर दिया।

मिसाल प्रोजेक्टम’ का तीसरा चरण शुरू — अब प्राध्यापक देंगे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण

मिसाल प्रोजेक्टम का तीसरा चरण प्रारंभ, अब विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग की पहल भोपाल मध्यप्रदेश उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात की ओएसिस संस्था के सहयोग से मिसाल प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व कौशल और समुदाय सेवा की भावना विकसित करना है, जिससे वे अपने समाज और राज्य में सकारात्मक बदलाव ला सकें। उच्‍च शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में जनजातीय युवाओं को सशक्त नेतृत्व और समाज सेवा के लिए तैयार करने का एक अभिनव प्रयास है। विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्‍ट वर्क का प्रशिक्षण देंगे प्राध्यापक गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत 11 से 16 सितम्बर तक गुजरात के बडोदरा में एक प्रशिक्षण कार्यकम का आयोजन किया जा चुका है जिसमें इस प्रोजेक्ट के लिये चयनित प्रदेश 10 जनजातीय जिलों के शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक शामिल हुए थे। प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय में एनएनएस का प्रभार संभाल रहे प्राध्यापकों को अपने-अपने महाविद्यालयों में जनजातीय युवाओं का चयन करके उन्हें कॉलेज के रोल मॉडल और समाज-सेवी नेतृत्व के रूप में तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रोजेक्ट के अगले चरण में अब ये प्राध्यापक अपने महाविद्यालयों में अध्‍ययनरत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। जिसके तहत विद्यार्थियों को निबंध लेखन, समूह संवाद एवं प्रोजेक्ट वर्क का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्र‍शिक्षण कार्यकम का यह तीसरा चरण 7 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा। 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ता होंगें तैयार प्रशिक्षण के बाद ओएसिस मिसाल प्रोजेक्‍ट के द्वारा 29 महाविद्यालयों में 100 युवा सामाजिक परिवर्तनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। यह प्रक्रिया तीन चरणों में होगी : 1. निबंध प्रतियोगिता: छात्रों के विचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान के नवाचार जानने के लिए। 2. समूह संवाद: टीम वर्क, सुनने और विचार साझा करने की क्षमता का मूल्यांकन। 3. प्रोजेक्ट वर्क: समाज में वास्तविक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता और कार्यान्वयन क्षमता का परीक्षण। तीनों चरण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले युवाओं को मिसाल विजेता घोषित किया जाएगा और उन्हें ओएसिस की ग्लोबली-प्रशंसित Live-Love-Learn (L3) कोर्स में शामिल किया जाएगा। यह कोर्स चार सप्ताह के residential workshops के माध्यम से आयोजित होगा। उद्देश्य और दीर्घकालिक प्रभाव जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के योग्य बनाना। युवाओं में चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना। उनके माध्यम से महाविद्यालयों में सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक विकास कार्यक्रम संचालित करना। जनजातीय युवाओं का सशक्तिकरण विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह पहल 10,000–20,000 युवाओं तक लाभ पहुँचाने की क्षमता रखती है, विशेषकर आदिवासी क्षेत्र में। इसके माध्यम से नवीन नेतृत्व और समाज सेवा के रोल मॉडल तैयार होंगे। मध्यप्रदेश के जनजातीय युवाओं के लिए नेतृत्व और चरित्र निर्माण में यह प्रोजेक्‍ट मील का पत्थर साबित होगा। चयनित एनएनएस अधिकारी और प्राध्यापक नोडल अधिकारी अपने कॉलेजों में इस कार्यक्रम के संचालन और युवा नेतृत्व विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले ये युवा नेतृत्वकर्ता आने वाले वर्षों में विद्यालयों, कॉलेजों और समुदायों में रोल मॉडल बनकर कार्य करेंगे। प्रशिक्षण में शामिल जिले इंदौर, धार, उज्जैन, बड़वानी, रतलाम, खंडवा, झाबुआ, बैतूल, आलीराजपुर और छिंदवाड़ा जिले के कुल 29 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामि‍ल होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशक फ्रेंडली विजन को राष्ट्रीय मंच पर करेंगे साझा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य होंगे सम्मिलित

दिल्ली में होने वाले ‘उद्योग संगम’ में मध्यप्रदेश पेश करेगा अपनी इनोवेशन उपलब्धियां भोपाल  केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा नई दिल्ली में 11 नवम्बर को ‘उद्योग संगम’ (Conference of Industries & Commerce Ministers) का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सहभागिता करेंगे। इस कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल मुख्य अतिथि रहेंगे। इस सम्मेलन में Business Reform Action Plan (BRAP 2024) के परिणाम जारी किए जाएंगे और Ease of Doing Business के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप राज्य में निवेशकों के लिए व्यवसायिक सुगमता, पारदर्शिता और दक्षता को नई दिशा दी गई है। 434 सुधारों (Reforms) का प्रभावी क्रियान्वयन मध्यप्रदेश द्वारा किया गया है। इन सुधारों में प्रोसेस इंजीनियरिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कई उल्लेखनीय कदम शामिल हैं, जिनसे राज्य की औद्योगिक छवि सशक्त हुई है। मध्यप्रदेश के उद्योग विभाग द्वारा ‘उद्योग संगम’ में Invest MP Portal के माध्यम से स्थापित Single Window System, National Single Window System (NSWS) के साथ Integration, औद्योगिक भूमि बैंक (Industrial Land Bank) की सुविधा, Gati Shakti से जुड़ी लॉजिस्टिक सुधार पहल, ऑनलाइन क्लियरेंस प्रणाली, और Startup Ecosystem को प्रोत्साहित करने वाले नवाचार प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। इन सुधारों से राज्य में उद्योग स्थापना और संचालन प्रक्रियाएँ न केवल सरल हुई हैं, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। Ease of Doing Business में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है और ‘उद्योग संगम’ में राज्य की पहलें अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान DPIIT सचिव द्वारा स्वागत उद्बोधन के बाद औद्योगिक पार्क, स्टार्टअप्स, गतिशक्ति, लॉजिस्टिक्स, और Ease of Doing Business पर विभिन्न विषयगत प्रस्तुतियाँ होंगी। सत्र के समापन पर BRAP 2024 Video Release और राज्यों के Felicitation समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री  पीयूष गोयल द्वारा राज्यों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है, जहाँ उद्योग स्थापना और निवेश प्रक्रियाएँ सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनें। ‘उद्योग संगम’ में राज्य की प्रस्तुति इसी विजन का प्रतीक होगी।  

मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के बेहतर मॉडल रेट और समाधान योजना से मिली राहत के लिए दी बधाई

भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर 15 नवम्बर को जबलपुर और आलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के बेहतर मॉडल रेट और समाधान योजना से मिली राहत के लिए दी बधाई किसानों के खातों में 13 नवम्बर को भावांतर योजना के अंतर्गत जारी की जाएगी राशि केवड़िया गुजरात में जारी भारत पर्व में 11 नवम्बर को होगी मध्यप्रदेश की प्रस्तुति जिलों के गौरव दिवस मनाने के संबंध में दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में भावांतर योजना के अंतर्गत मॉडल रेट से किसानों को हुए लाभ और समाधान योजना से बिजली उपभोक्ताओं को मिली राहत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 13 नवंबर को देवास से किसानों के खातों में भावांतर योजना के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 15 नवंबर को मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के संबंध में बताया‍ कि जबलपुर और आलीराजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का दल सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्म समर्पण नीति के परिणामस्वरूप महिला नक्सली सुनीता द्वारा किया गया आत्मसमर्पण मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा वर्ल्ड कप 2025 जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि टीम में छतरपुर जिले के घुवारा की तेज गेंदबाज क्रिकेटर क्रांति गौड ने देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। क्रिकेटर सु क्रांति का भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जबलपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 से 5 दिसम्बर तक 16वीं विधानसभा का सप्तम सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 4 कार्य दिवस होंगे। उन्होंने जिलों के गौरव दिवस मनाने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज के न्यूतनम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की गई है। प्रदेश में 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। भावांतर योजना के अंतर्गत जारी मॉडल रेट से किसानों में भारी उत्साह है, शासन का आभार प्रकट करने के लिए किसान संगठन आभार यात्राएं आयोजित करने के इच्छुक हैं। उत्साह के इस प्रकटीकरण में जिला प्रशासन किसान संगठनों का हरसंभव सहयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारणवश बिजली बिल नहीं भर पाने वाले 90 लाख से अधिक नागरिकों को समाधान योजना के अंतर्गत लाभ होगा। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने मंत्रीगण से समाधान योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के समापन अवसर पर 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जनजातीय नायकों पर केन्द्रित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी और विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और शिलान्यास भी होंगे। जनजातीय बहुल जिलों और‍ विकासखंडों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखलाओं का आयोजन होगा। गौरव दिवस कार्यक्रमों में जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं और जनजातीय समुदाय के प्रगतिशील किसानों के सम्मान के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महानायकों के जीवन तथा योगदान पर निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। इन आयोजनों में लोक-गीतों, लोक कलाओं के प्रदर्शन के साथ जनजातीय समुदायों के व्यंजनों की भी व्यवस्था की जाए। कार्यक्रमों में सम्मानीय जनजातीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवड़िया में जारी भारत पर्व में 11 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें 75 कलाकारों द्वारा प्रदेश के पौराणिक-ऐतिहासिक गौरव तथा कला-संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1 नवंबर को लांझी बालाघाट में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया। इस नक्सली पर 14 लाख रूपए का ईनाम घोषित था। प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह संभव हुआ। राज्य सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक नक्सल गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा पहली बार विश्व कप जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली छतरपुर के घुवारा की तेज गेंदबाज सु क्रांति गौड़ को राज्य सरकार ने एक करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग और रोजगार वर्ष को सार्थक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किए गए हैं। सभी जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के गौरव दिवस मनाने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

डिण्डोरी में विशाल स्वास्थ्य शिविर: 7,000 से अधिक जनजातीय लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

डिण्डोरी जिले में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 7170 जनजातीय लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार डिंडोरी जिले में रविवार 9 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर, 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक चल रहे विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रशासन द्वारा वृहद जनकल्याणकारी एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बरगाँव, शहपुरा में किया गया। प्रशासन द्वारा 364 पंचायतों से 20 बस एवं 300 से ज़्यादा वाहनों से निःशुल्क जनजातीय वर्ग के लोगों को शिविर स्थल तक लाया गया। शिविर में 20 पंजीयन काउंटर में 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमे पंजीयन से लेकर चिकित्सक तक पहुँचाना एवं दवाई वितरण तक हितग्राही का सहयोग किया गया। शिविर में प्रशासन ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज, सुखसागर मेडिकल कॉलेज, अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रीवा एवं ज़िला डिंडोरी से शासकीय एवं निजी 236 चिकित्सक एवं 500 से अधिक स्टाफ नर्स की टीम को आमंत्रित किया। विशेष रूप से हृदय रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग, दंत रोग तथा एक्स-रे एवं अन्य जांच सेवाओं के विशेषज्ञ चिकित्सक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनके साथ बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक स्वास्थ्य, शल्य चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और आयुष चिकित्सा से संबंधित डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से सेवाएँ दीं। शिविर के माध्यम से 7170 जनजातीय भाई-बहनों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जनजाति वर्ग के 1734 हितग्राही की  सिकल सेल एनीमिया की जाँच, 986 की एक्स-रे, 1230 के नेत्र परीक्षण उपरांत 738 चश्मे वितरण, रक्त जांच, दंत परीक्षण एवं 2195 हितग्राहियों की आयुष जाँच जैसी अनेक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। शिविर परिसर में विभिन्न विभागों के सेवा एवं सूचना शिविर भी लगाए गए — जिनमें महिला एवं बाल विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जनपद पंचायत, राजस्व, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित कई विभागों ने सहभागिता की। नागरिकों के लिए आधार अद्यतन, ई-केवाईसी, यूडीआईडी प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी कार्य, पात्रता जाँच तथा विभिन्न योजनाओं के आवेदन जैसी सुविधाएँ भी एक ही स्थान पर प्रदान की गईं। शिविर में दिव्यांगजन न्यायालय का आयोजन भी किया गया, जिसमें पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही 482 दिव्यांगजनो को 201 दिव्यांग प्रमाण पत्र और 1856 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसके लिए प्रशासन ने पिछले 15 दिवस से जनपद स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविर के माध्यम से दिव्यांगनों को चिह्नांकित किया एवं प्रमाण पत्र एवं किट उपकरण आदि भी वितरण किए। दिव्यांग कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनो के क्लेम का निराकरण किया गया। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह पूरा अभियान 15 नवम्बर, भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह के साथ संपन्न होगा।” इस अवसर पर शहपुरा के विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे

ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी

श्रीमद भगवद गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिक से अधिक हिस्सेदारी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऑनलाइन प्रतियोगिता में इस वर्ष 70 पुरस्कार, महोत्सव में 1 दिसम्बर को गतिविधियां होंगी गीता जयंती पर प्रदेश में श्रीमद् भगवद् गीता का होगा सस्वर पाठ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान गीता ज्ञान स्पर्धा में किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेश भर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कुरूक्षेत्र में मध्यप्रदेश की कला होगी प्रदर्शित, व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे 24 नवंबर से 1 दिसंबर की अवधि में कुरुक्षेत्र में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश के आंचलिक और जनजातीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रदर्शनी, मेले और नाट्य समारोह के आयोजन होंगे। नाट्य समारोह में श्री पुनीत इस्सर और श्री मोहित शेवानी मुंबई, श्री शिरीष राजपुरोहित उज्जैन के कार्यक्रम होंगे। जनजातीय संग्रहालय के सौजन्य से जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ, वीर भारत न्यास सहित उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, गृह, जनसंपर्क, संस्कृति संचालनालय, कृषि उद्योग विकास परिषद नई दिल्ली, इस्कॉन, गीता परिवार और विश्व गीता प्रतिष्ठानम की भागीदारी के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरों में गीता भवन और विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित कार्यों को भी पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ स्कूल विद्यार्थियों को जोड़कर एक अभिनव कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उज्जैन में 1 से 3 दिसंबर तक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव गीता महोत्सव में ऑनलाइन श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में 21 लाख नागरिकों की विशाल भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसम्बर को दशहरा मैदान उज्जैन में गीता पाठ और प्रदर्शनी सहित सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन काव्य पाठ और सांगीतिक प्रस्तुति और तीसरे दिन बैंगलोर एवं भोपाल के संगीत दल प्रस्तुति देंगे। श्रीमद् भगवद् गीता का सस्वर पाठ भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 1 दिसम्बर को लाल परेड ग्राउण्ड पर आचार्यों की सन्निधि में श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ होगा। इसके साथ ही गौ और गोपाल पर आधारित प्रदर्शनी और बैंगलोर के दल द्वारा गीता ऑन व्हील्स सांगीतिक प्रस्तुति होगी। दो दिसम्बर को रवीन्द्र भवन भोपाल के हंसध्वनि सभागार में कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ दिव्यांग कलाकार भी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों का स्वरूप 1 दिसम्बर को प्रदेश के विकासखंडों में गीता पाठ होंगे। जिला मुख्यालय पर भी आचार्यों की सन्निधि में सस्वर पाठ होंगे। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े विशेष स्थलों जैसे इंदौर जिले के जानापाव, धार जिले के अमझेरा, उज्जैन जिले के नारायणा, अशोकनगर जिले के चंदेरी, रायसेन जिले के जामगढ़, देवास जिले के पीवडिया-खातेगांव, सागर जिले के प्राचीन नगर एरण और पन्ना जिले में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। गीता जयंती पर श्रीकृष्ण मंदिरों की विशेष सज्जा की जाएगी। जिला स्तर पर संतों और विद्वतजनों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही है।  

यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन की दी सौगात यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मिलेंगी नई ऊंचाइयां- मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनारस से खजुराहो तक दौड़ेगी वंदे भारत! PM मोदी का तोहफा, CM यादव बोले— पर्यटन को मिलेगी नई ऊंचाइयां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ वंदे भारत ट्रेनें गति, प्रगति और गौरव की प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में 'बनारस-खजुराहो' सहित देश को 4 नई वंदे भारत ट्रेनों की सौगात देने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यमान खजुराहो भारतीय कला, संस्कृति और स्थापत्य की अमूल्य धरोहर है। बनारस-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन खजुराहो को काशी सहित देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों से जोड़ेगी। इस ट्रेन से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रसार होगा। उन्होंने बनारस-खजुराहों वंदे भारत ट्रेन सुविधा के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी का हार्दिक आभार माना।