samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ

भगवान गणेश, मां दुर्गा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं मिट्टी से ही निर्मित हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान गणेश सबके मनोरथ पूरे करें, कृपावंत का शुभाशीष सब पर बरसे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के पूजन से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश सबके मनोरथ पूर्ण करें। कृपावंत भगवान का शुभाशीष हम सब पर बरसे और हमारे प्रदेश में सुख-समृद्धि का सतत् संचार हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि भगवान गणेश, नवरात्रि में मां दुर्गा और दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं भी मिट्टी से ही निर्मित हो। इसके लिये जागरूकता अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं मिट्टी में ही समाहित हो जाती हैं, इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी और गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल है "माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में निहित संकल्पना पर केन्द्रित एक सचित्र पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी की 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना करायी जायेगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संकल्पना गीत एवं पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर भी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों में केवल मिट्टी और गौमाता के गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित की जाएंगी और इन प्रतिमाओं का विसर्जन भी नितांत प्राकृतिक तरीके से ही किया जाएगा। म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ ने बताया कि परिषद् ने नर्मदा समग्र संस्था के साथ "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान की नई पहल की है। परिषद् के प्रशिक्षित नेटवर्क द्वारा अपने ग्राम की महिलाओं को मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।  

मुख्यमंत्री जूनियर स्टेट लेवल बैडमिंटन चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में बैडमिंटन प्रति अच्छा वातावरण बन रहा है। उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम का विकास 11:45 करोड रुपए की लागत से किया गया है। आने वाले समय में यहां 50 करोड़ रुपए की लागत से एस्ट्रो टर्फ और पेवीलियन बनाए जाने की मंजूरी सरकार द्वारा दी गई है। यहां सिंथेटिक ट्रेक भी बनाया जाएगा। स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत विक्रम उद्योगपुरी में 1000 एकड़ जमीन उद्योगों की स्थापना के लिए आवंटित की गई है, आने वाले समय में 1000 एकड़ जमीन और दी जाएगी। विकास के मामलों में अब उज्जैन पीछे नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित जी एच रायसोनी मेमोरियल 58 वीं मध्यप्रदेश राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया और एसोसिएशन के सदस्यों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैडमिंटन चैंपियनशिप के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार वितरण किये। चैंपियनशिप के फाइनल में जीते खिलाड़ी मिक्स्ड डबल अंडर 17 कन्हैया शर्मा, कृतिका पाठक, मिक्स्ड डबल्स अंडर 19 ओम पटेल, कीर्ति तिवारी, बॉयज सिंगल अंडर 17 मेदांश शर्मा, बॉयज सिंगल अंडर 19 नैवेद्य तोंडे, गर्ल्स सिंगल अंडर 17 नित्या जादौन, बॉयज डबल अंडर 19 देव कुमावत, अंगद मुछाल, गर्ल्स डबल अंडर 19 आस्था शर्मा, कीर्ति तिवारी, गर्ल्स सिंगल अंडर 19 माही पवार, बॉयज डबल्स अंडर 17 शौर्य मिश्रा, अथर्व सक्सेना, गर्ल्स डबल अंडर 17 नित्या जादौन, नाविका सोमानी को ट्राफी प्रदान की गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित एसोसिएशन के राजेंद्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, अश्विन गुप्ता और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अंडर 19 के यहां के जो विनर हैं वे गोवा में बेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की टीम का नेतृत्व करेंगे। आभार प्रदर्शन एसोसिएशन के सचिव अनुराग शर्मा ने किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में जन अभियान परिषद के साथ दो एमओयू होंगे साइन CM डॉ. यादव की मौजूदगी में जन अभियान परिषद और दो संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सान्निध्य में जन अभियान परिषद करेगी दो अहम करार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद् द्वारा दो समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होंगे। पहला त्रिपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद्, दीनदयाल शोध संस्थान एवं राज्य आनंद संस्थान के मध्य होगा। इसका उद्देश्य आपसी प्रशिक्षण द्वारा प्रदेश में आनंद ग्रामों का विकास एवं सतत् विकास लक्ष्य आधारित ग्राम विकास अवधारणा के क्रियान्वयन के साझा पहल करना है। दूसरा द्विपक्षीय एमओयू जनअभियान परिषद् और नर्मदा समग्र भोपाल के मध्य होगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश में नदी संरक्षण के विविध आयामों पर मनःस्थिति और परिस्थिति बदलने के साझा प्रयास करना है। "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का होगा शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन अभियान परिषद के "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान का सोमवार को शुभारंभ करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अभियान की संकल्पना पर केन्द्रित पोस्टर का विमोचन भी किया जायेगा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुडी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी के गणेश की घर-घर स्थापना करायी जायेगी।  

रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल

भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है रक्षाबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – रक्षाबंधन स्नेह, सुरक्षा और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन पर CM डॉ. यादव का संदेश: भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल मुख्यमंत्री ग्राम तालोद और उज्जैन में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत तालोद में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से मिले प्रेम और स्नेह से अभिभूत हैं। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। आज बहनों ने मुझे जो राखियाँ बांधी हैं वह सभी बहनों का प्रेम, विश्वास और सम्मान दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में सरकार निरंतर विकास के कार्य कर रही है। गाँवों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए निरंतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। शासन ने द्वारा "एक पेड-माँ के नाम” अभियान से प्रेरित होकर "एक बगिया-माँ के नाम" योजना बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को हरा भरा बनाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रुप से सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुडी महिलाओं को उनकी निजी भूमि पर फलदार पौधों के बगीचे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार द्वारा बगिया में फलदार पौधे, खाद, गड्डे खोदने का खर्च, फेंन्सिग, सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर के जल कुंड बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को पूरे देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्रदाय की जाने वाली राशि में भी वृध्दि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बहनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन कर फल और मिठाई की टोकरी भेंट स्वरुप दी। मुख्यमंत्री ने बहनों से राखी बंधवाई और उन्हें परंपरा अनुसार सावन का झूला भी झुलाया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, सदस्य शोभाराम मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल, राजेश धाकड, संजय अग्रवाल, रवि वर्मा, अमृत लाल कुमावत, लाल सिंह भाटी, दिनेश पटेल, अनिल मालवीय, गोपाल आंजना एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के अथर्व होटल में आयोजित लाडली बहना रक्षाबंधन उत्सव कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी बहनों का स्नेह उन्हें बीते कई वर्षों से प्राप्त हो रहा है। वर्ष में भाई-बहन के दो उत्सव आते हैं एक रक्षाबंधन और दूसरा भाई दूज। इस वर्ष दिवाली के बाद आने वाली भाई दूज से लाडली बहनों को 1250 रूपए के स्थान पर 1500 रूपए प्रति माह प्रदान किए जाएंगे। आने वाले वर्षों में बहनों को प्रदाय की जाने वाली राशि में और वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास और धार शहर को मिलाकर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएगी। आने वाले दिनों में शहर में सदावल, पुलिस डीआरपी लाइन और दताना मताना में हेलीपैड होंगे। दताना मताना को हवाई अड्डे के रुप में भी विकसित किया जाएगा। श्रीमहाकालेश्वर और श्रीओमकारेश्वर ज्योर्तिलिंग को हवाई मार्ग से जोडा जाएगा। चिंतामण, पंवासा और विक्रम नगर रेलवे स्टेशन को भी विकसित किया जाएगा। लाल पुल से रामघाट, मंगलनाथ से सिद्धवट और शनि मंदिर से गउघाट तक नाव का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में उज्जैन में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 20 हजार नागरिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। आने वाले दिनों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए उद्योगो की स्थापना भी सतत की जा रही है। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें एवं नागरिक उपस्थित थे।  

उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों के मेधावी बच्चों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही उज्जैन और देश-प्रदेश का नाम रौशन करें बच्चे- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली रही है। यहां अध्ययन का अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा कि वे उज्जैन में पहली बार पत्रकारों के मेधावी बच्चों के सम्मान के कार्यक्रम में उपस्थित होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मेधावी बच्चों से खूब पढ़ने और उज्जैन के साथ ही मध्यप्रदेश और देश का नाम रौशन करने की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सिटी प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा आयोजित समारोह में पत्रकारों के 50 से अधिक मेधावी बच्चों का सम्मान करने के बाद संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को पुष्पमाला पहनाई और सम्मान पत्र प्रदान किया। कार्यक्रम को सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेंद्र कुल्मी ने संबोधित करते हुए इस अवसर को पत्रकारों और उनके परिवार को संबल बताया। इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्प समय में प्रदेश में जो विकास कार्य प्रारंभ किए हैं, वह अद्वितीय हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षित होने के साथ-साथ प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है और जब पत्रकारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ते हैं, तो यह पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान होता है। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती, मुकेश यादव, रवि सोलंकी, दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में दी जायेगी 250 रूपये अतिरिक्त राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा: रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेंगे 250 रुपये अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार उज्जैन की "बेस्ट लाइफ स्टाइल" कम्पनी की बहनों ने बांधी मुख्यंमंत्री को राखी आने वाले समय में 4 हजार बहनों को मिलेगा कम्पनी में रोजगार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 07 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जायेगी, जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार कंपनी को नवीन जगह दे रही है, जहां बहनों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बेस्ट लाइफस्टाइल कंपनी उज्जैन में कार्यशील बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभा सिंटेक्स भी 7 हजार से अधिक बहनों को रोजगार दे रही है और यह बहने अपनी कार्य कुशलता से ऐसे उत्पाद बना रही हैं, जो सीधे अमेरिका को निर्यात किया जा रहा है। कंपनी ने 11 लाख यूनिट कपड़े बनाकर अमेरिका को निर्यात किये है, आने वाले समय में यह कंपनी 20 लाख यूनिट बनाकर निर्यात करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एकसी कर्मशील बहनों के चरणों में प्रणाम है, बहनें मेरे लिए सब कुछ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के कपड़ा मिलो से पहले में 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता था, वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है और आने वाले समय में यह संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की उद्योग धंधे उज्जैन में आ रहे हैं। निवेशक हमारे प्रदेश के प्रति आकर्षित हो रहे हैं, निवेश कर रहे हैं हमें रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। यह देश-विदेश में हमारे लिए सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहने हमारे लिए ईश्वर की एक सौगात है। त्यौहारों का राजा रक्षाबंधन है, इस त्यौहार में बहने अपने भाइयों के लिए सब कुछ निछावर कर देती है। प्यार, सम्मान, दुलार और दूसरे परिवार में जाकर उनका सम्मान भी बढ़ाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी बहनों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि यह कंपनी लगातार कार्य करती रहे और इस कंपनी में अपने समर्पण के साथ काम करें। इस कंपनी से हमें रोजगार मिलता है जीवन यापन का साधन मिल रहा है तो हमें भी समर्पण के साथ काम करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार इस कंपनी की बहनों को 5 हजार रूपये प्रदान कर रही है ऐसी भी और कई योजनाएं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सरकार और बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कंपनी की बहनों ने राखी बांधी और तिलक लगाया। मुख्यमंत्री ने बहनों को उपहार प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित हजारों की संख्या में लाड़ली बहने उपस्थित रही।  

आपदा राहत दल द्वारा 432 बचाव अभियान चलाकर 3628 नागरिकों को किया गया रेस्क्यू

अतिवृष्टि से प्रभावितों के हर पल साथ है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत एवं बचाव के लिए उठाए जा रहे हैं सभी कदम आपदा राहत दल द्वारा 432 बचाव अभियान चलाकर 3628 नागरिकों को किया गया रेस्क्यू प्रभावितों को तेजी से बांटी जा रही है राहत राशि अब तक 28.49 करोड़ रूपए राहत राशि प्रभावितों को दी गई अतिवृष्टि से प्रभावितों को कोई कठिनाई न होने पाये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को दिये निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के कुछ जिलों में हाल ही में अतिवृष्टि हुई थी। राज्य सरकार ने अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को राहत देने में बेहद तत्परतापूर्ण कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अतिवृष्टि वाले जिलों में अब तक 3628 नागरिकों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि बारिश थमने के साथ कुछ नागरिक अपने-अपने घरों को चले गए हैं। परंतु अब भी 53 राहत शिविरों में 3065 प्रभावितों को रखकर उन्हें सभी प्रकार की जरूरी मदद जैसे खाना-पीना दवाइयां कपड़े आदि मुहैया कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अतिवृष्टि प्रभावित हर व्यक्ति के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाये। जल्द ही जल्द सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए। अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर्स द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगातार यह प्रयास किए गए कि अतिवृष्टि से प्रदेश की जनता को किसी भी स्थिति में परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि शासन संवेदनशील शासन वह होता है, जो हर समय समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए हमेशा उपलब्‍ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के तहत शासन द्वारा अतिवृष्टि/बाढ़ प्रबंधन की सभी तैयारियां पहले ही प्रारंभ कर दी गई थीं। मुख्य सचिव द्वारा विगत 9 जून को विस्‍तृत समीक्षा की गयी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी 22 जुलाई को सभी कलेक्टर्स को बाढ़ की पूर्व तैयारियों के संबंध में और जनता को लाभ पहुंचाने के दिशा-निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के पालन में शासन द्वारा वृहद स्तर पर तैयारियां की गईं। NDRF की टीमों को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और धार में तैनात किया गया। SDRF को प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया। पूरे प्रदेश में 259 संवेदनशील क्षेत्र चिन्‍हांकित करते हुए Disaster Response Centre स्थापित किए गए तथा 111 Quick Response Team तैनात की गयी। इन कार्यों में जन सामान्य को जोड़ने के लिए 3300 आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए थे कि आमजन को बाढ़ के खतरों के बारे में समय रहते सूचित किया जाये। इस कार्य के लिए राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के द्वारा लगातार रेड अलर्ट मोबाइल के माध्यम से भेजे गए। सिंचाई विभाग द्वारा विस्तृत व्यवस्थाएं की गई, जिससे बांधों के जल स्तर एवं छोड़े जाने वाले जल की जानकारी समय रहते कलेक्टर और संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाई जा सके। मौसम विभाग से मिली जानकारियों को भी सभी संबंधित अधिकारियों तथा बचाव दलों को लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सभी कार्यों की निगरानी के लिए 24 घंटे चलने वाले राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किए गए। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य शिविरों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रहें तथा 62 स्थानों पर अग्रिम खाद्यान्न का भण्डारण किया गया, जिससे आम जनता को आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। प्रदेश में अब तक लगातार 711.3 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक है। यह सामान्य से अधिक वर्षा भी कम समय में तेजी से हुई है। मंडला में 1107 मिमी बारिश में से लगभग 51 प्रतिशत बारिश केवल 4 दिनों में हो गई है। प्रदेश के कुल 40 जिलों में सामान्‍य से अधिक वर्षा हुई है, शेष 9 जिलों में सामान्य वर्षा एवं 2 जिलों में सामान्‍य से कम वर्षा हुई है। अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के प्रभावित लगभग 254 ग्रामीण सड़कों में से 212 सड़कों में तत्‍काल सुधार कार्य किया गया है। बैरीकेड्स के जरिए ये सुनिश्चित किया गया कि इसके कारण कोई मृत्‍यु न हो। प्रदेश के सभी छोटे-बड़े बांधों में जलभराव में तो वृद्धि हुई है, किंतु समय रहते हुई गेट ऐसे खोले और बंद किए गए, ताकि कहीं भी कोई जन-हानि न हो एवं भविष्‍य में सिंचाई के पानी की उपलब्‍धता बनी रहे। प्रदेश के सभी बांधों की सतत् रूप से नियमित निगरानी की जा रही है। बाढ़ के बचाव के लिए आवश्यकतानुसार सेना की मदद ली जा रही है। भारत सरकार से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रदेश में दवाईयों, खाद्य सामग्रियों की पूर्ति सुनिश्चित कर दी गयी है। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा में शासन ने बेहद संवेदनशीलता और तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर रेस्क्यू कार्यवाहियां की है। प्रदेश में अतिवृष्टि प्रभावित 2325 लोगों के लिए राहत शिविर अभियान चलाकर उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएँ/राहतें प्रदान की जा रही है। इन राहत शिविरों में दवाइयां, भोजन तथा पेयजल त्‍वरित रूप से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राजमार्ग एवं मुख्‍य मार्ग में 94 पुलियां क्षतिग्रस्‍त हुई थीं, लेकिन वैकल्पिक मार्ग तत्‍काल उपलब्‍ध कराये गए, ताकि आवागमन में कोई व्‍यवधान उत्‍पन्‍न न हो। प्रदेश में तैनात मोचन दलों/बचाव राहत दलों द्वारा 432 बचाव अभियान चलाए गए हैं, जिसमें 3628 नागरिकों तथा 94 मवेशियों को जीवित बचाया गया है। अतिवृष्टि से 47, नदी-नाले में दुघर्टनावश डूबने से 132, आकाशीय बिजली से 60 तथा दीवार/मकान/पेड़ गिरने से 13 लोगों की मृत्‍यु दर्ज हुई है। साथ ही 432 पशु हानि एवं 1200 मुर्गियां की मृत्‍यु हुई है और 128 मकानों को पूर्ण एवं 2333 मकानों को आंशिक क्षति हुई है। जिला कलेक्‍टर्स द्वारा प्रभावित व्‍यक्तियों को 28.49 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित कर दी गई है। शासन द्वारा लगभग 3600 करोड़ रूपए की व्‍यवस्‍था राहत मद में की गई है, … Read more

विकसित भारत बनाने के लिए युवा अपनी ऊर्जा का समुचित उपयोग करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वदेशी अपनायें, स्वाध्यायी बनें, समय का प्रबंधन करें और हमेशा कुछ बड़ा करने की सोचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगौन के कपास और मिर्ची आधारित रोजगारपरक उद्योगों के लिए सरकार दे रही है सहायता विकसित भारत बनाने के लिए युवा अपनी ऊर्जा का समुचित उपयोग करें रोजगार आधारित उद्योग लगाने में सरकार देगी मदद गौपालन को बढ़ावा देकर दुग्ध-उत्पादन के जरिये गौपालकों को बनाएंगे आत्मनिर्भर बड़ी गौशालाओं का प्रबंधन करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने खरगौन में अभ्युदय विश्वविद्यालय का शुभारंभ कर विद्यार्थियों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.  मोहन यादव ने कहा है कि भारत को विकसित बनाने में युवाओं का सबसे बड़ा योगदान होगा। इतिहास गवाह है कि क्रांतियों के सूत्रधार हमेशा युवा ही रहे हैं। भारत और मध्यप्रदेश को विकसित बनाने में हमारे युवाओं को अपनी असीम ऊर्जा का देश और समाज के नवनिर्माण में समुचित उपयोग करना सीखना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी भी है और जरूरत भी। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे देश से प्रेम करें। अपने ज्ञान, प्रतिभा का यहीं पर प्रदर्शन कर माटी का कर्ज चुकायें। उन्होंने युवाओं को प्रगति का मार्ग बताते हुए कहा कि युवा स्वदेशी अनपाने की ओर बढ़ें, रोजाना स्वाध्याय करें। अपने समय का समुचित तरीके से प्रबंधन करें जिससे एक-एक मिनिट का उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में कुछ बनना है तो हमेशा बड़ा करने की सोचें, बड़े सपने देखें और इन सपनों को पूरा करने के लिए प्राण-प्रण से जुट जायें। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव शनिवार को खरगौन में रेनेसां ग्रुप इंदौर द्वारा स्थापित अभ्युदय विश्वविद्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं परिसर में श्रीराम दरबार की स्थापना कर विश्वविद्यालय का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ.  विक्रम परमार को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने युवा संवाद में दिया छात्रों को मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन मांगा। कंप्यूटर साइंस के छात्र निखिल यादव ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विकसित भारत 2047 की अवधारणा में मध्य प्रदेश के युवा अपनी क्या भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवा अपनी पसंद के क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करें और आदर्श किसान, शिक्षक, उद्योगपति अथवा राजनेता बनने का सपना देखें। आपके सपने सच करने के लिए राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है। कृषि विज्ञान की छात्रा सीमा यादव ने पूछा कि जनजातीय समुदाय में आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बताया कि खरगोन जिले में दो कृषि विद्यालयों की स्थापना कर उन्नत खेती के गुर सिखाए जा रहे है। मिर्ची एवं अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तथा टेक्सटाइल उद्योग लगाने में सरकार सहायता दे ही है। एमबीए के छात्र मयंक अधिकार ने मुख्यमंत्री से उनकी व्यस्त दिनचर्या के प्रबंधन कौशल के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्याप्त नींद लेना, अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखन और प्रतिदिन पुस्तकें पढ़ कर नया सीखने की आदत डालना सफलता की कुंजी है। विद्यार्थी अपने लक्ष्यों के लिए चरणबद्ध रूप से काम करें और उन्हें समय पर पूरा करने के प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं अन्यजनों को मध्यप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग की स्थापना करने पर निवेशकों और उद्योगपतियों को भरपूर मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, इसके लिए हमने गौपालन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए वर्तमान दुग्‍ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य के लिए हमने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। इसमें किसानों और गौपालकों को डेयरी शुरू करने के लिए भरपूर अनुदान दिया जा रहा है। इन सभी प्रयासों से दुग्ध उत्पादन में तेजी लाकर हम सभी गौपालकों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍ कि सरकार ने कामधेनु योजना में राज्य सरकार 25 से अधिक गायों पर 40 लाख के लोन पर 10 लाख रूपये का अनुदान दे रहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी बड़ी ग्राम पंचायतों एवं नगर पालिका/नगर निगमों में बड़ी गौशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन गौशालाओं का प्रबंधन सरकार अपने स्तर पर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस के साथ ही गौमाता के लिए भी गौ-एम्बुलेंस शुरू की है। अगर कोई संगठन बड़ी गौशालाएं बनाना चाहते हैं, तो उन्हें 130 एकड़ जमीन देंगे। प्रदेश में ऐसी 20 बड़ी गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अभ्युदय विश्वविद्यालय परिसर में राम दरबार स्थापित करने का मौका मिला। भारतीय परंपरा ऐसी है कि हम नदी, पहाड़, पेड़ को भी भगवान मानकर पूज लेते हैं। सरकार ने खरगौन में पहले टंट्या मामा के नाम से क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय बनाया, अब दूसरे अभ्युदय विश्वविद्यालय की शुरुआत खरगौन में हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि त्यौहार और पर्व में क्या अंतर है? जवाब भी मुख्यमंत्री ने ही दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में जब हम ईश्वर की उपवास करके आराधना करते हैं, तो उसे पर्व कहा जाता है और जब दूसरों के साथ खुशियां बांटने तथा खान-पान की पूरी छूट मिले, तो उसे त्यौहार कहते हैं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि भगवान राम के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण कौन सा था? जवाब में उन्होंने ही बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र ने जंगल में राक्षसों को मारने के लिए महाराज दशरथ से उनके सुकुमारों राम और लक्ष्मण को मांग लिया। विश्वामित्रजी उनके गुरु थे और उन्होंने युवाशक्ति पर ही विश्वास जताया। भगवान श्रीराम ने निशाचरों का अंत किया। विश्वामित्र ने श्रीराम को समाज के हर वर्ग और उनकी पीढ़ा से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने राजपाठ छोड़कर जंगल जाना स्वीकार किया। शबुरी के जूठे बेर खाकर उनके साथ प्रेम और निषादराज को गले लगाकर उनसे मित्रता … Read more

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी की पुष्पांजलि अर्पित, सेंट्रल हॉल में हुआ कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर शनिवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष तोमर की पहल स्वागत योग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल ने प्रदेश के विकास के लिए आधारभूत रूप से जो कार्य आरंभ किया, उस नींव पर ही प्रदेश के वर्तमान स्वरूप ने आकार लिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा राज्य के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर उन्हें स्मरण करने की परम्परा आरंभ करने की पहल स्वागत योग्य है। राज्य के विकास में इन पुण्यात्माओं के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने में उनके स्मरण का यह नवाचार सहायक होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने भी की मीडिया से चर्चा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान का स्मरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री श्रद्धेय पं. रविशंकर शुक्ल जी के जीवन और संघर्ष से हम सभी प्रेरणा लेते हैं। आज उनकी जयंती है, उन्हें स्मरण कर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।  

CM मोहन यादव की निवेशकों को बड़ी राहत, 100 करोड़ पर 30 करोड़ की सब्सिडी की घोषणा

सीहोर  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 1600 करोड़ की लागत वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित किए और सभी को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ के निवेश पर सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। अगर कोई अगर कोई 40 लाख की गौशाला खोलता है तो 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने की ये बड़ी घोषणाएं  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 1600 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित भी किए। कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ का निवेश करने पर प्रदेश सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक कारखाना लगाने पर सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी, भूमि सहित अन्य छूट दी जा रही है..साथ ही इसमें काम करने वाली महिलाओं को को प्रति माह 6000 और पुरुषों को 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि 10 साल तक दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कृषि क्षेत्र में सीहोर के किसानों को बड़ा लाभ देने के लिए जल्द ही एक लाख मीट्रिक टन सब्जियों की खरीद व्यवस्था शुरू होगी, जिससे दो लाख से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इसके अलावा पॉवर ट्रांसफर इकाई की स्थापना भी जिले में रोजगार के नए अवसर खोलेगी। इसी के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में ‘वृंदावन ग्राम’ स्थापित होंगे। 40 लाख की गौशाला खोलने पर 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि गाय का दूध खरीदने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू किया जा रहा है। सीहोर में लगेगा राज्य स्तरीय कृषि मेला कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें सीहोर, देवास, उज्जैन और सोनकच्छ जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में राज्य स्तरीय कृषि मेला आयोजित किया जाएगा जिसमें देशभर के उद्योगपति, किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है और बहन-बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगारोन्मुखी उद्योगों की स्थापना पर न सिर्फ उद्योगपतियों को विशेष छूट देगी, बल्कि महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए मासिक अनुदान भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश से जो एक बार जुड़ता है, वह जीवनभर के लिए जुड़ जाता है’।