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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश

 जलीय वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए है संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के पावन जल में 6 मगरमच्छों का कराया जलप्रवेश जलीय पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह होगा सुदृढ़: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। माँ नर्मदा का वाहन माने जाने वाले मगरमच्छों को उनके नैसर्गिक आवास में पुनर्स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। मगरमच्छों के आवास के लिए यह अत्यंत अनुकूल है और उनकी उपस्थिति से नदी का पारिस्थितिक तंत्र एवं जल प्रवाह और अधिक सुदृढ़ होगा। यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में चल रहे व्यापक वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को खंडवा जिले के नर्मदानगर (पुनासा) में विधिवत रूप से पूजन कर वन विहार भोपाल से लाये गये 6 मगरमच्छों को मां नर्मदा नदी के सलिल जल में स्वच्छंद छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के साथ ही मगरमच्छ जलीय जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर वृद्धि होगी। प्रदेश में सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण अभियान के तहत भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्यजीव परस्पर एक दूंसरे पर निर्भर हैं। मगरमच्छ जलीय पारिस्थितिक तंत्र की अहम कड़ी है। इंदिरा सागर परियोजना के बैक वाटर क्षेत्र में माँ नर्मदा के वाहन के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से पूर्ण अनुकुल माहौल उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना एवं जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि सामान्य वनमण्डल खण्डवा के कुल वनक्षेत्र- 283773.23 हेक्टेयर अंतर्गत प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 61407.09 हेक्टेयर है। जिसमें खंडवा वनमंडल अंतर्गत पुनासा, मूंदी, चांदगढ़, बलडी परिक्षेत्र शामिल हैं, वहीं देवास वनमंडल के सतवास, कॉटाफोड, पुंजापुरा, उदयनगर आदि परिक्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक मती कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक  नारायण पटेल, पंधाना विधायक मती छाया मोरे, खंडवा की महापौर मती अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती पिंकी सुदेश वानखेड़े सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त  सुदाम खाड़े, आईजी  अनुराग, डीआईजी  सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर  ऋषव गुप्ता, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक  शुभ रंजन सेन, मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख  वी.एन. अंबाड़े, वन संरक्षक खंडवा सु वासु कनौजिया, वन मंडल अधिकारी  राकेश डामोर और अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी घटना में मृतक के प्रति व्यक्त किया दुख

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी विवाद में मृत्यु पर शोक व्यक्त किया प्रभारी मंत्री कटनी जायेंगे, शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदना जतायेंगे एक आरोपी गिरफ्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में जबलपुर में संभागीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के प्रभारी मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को कटनी जाकर शोक-संतप्त परिवार से भेंट कर संवेदना व्यक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देगा उसे उसके कृत्य का परिणाम अवश्य ही भुगतना पड़ेगा।  

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बच्चों को शिक्षा देने के साथ उनके समग्र विकास के होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए हो रहे लगातार नवाचार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूल शिक्षा विभाग की कला से समृद्ध शिक्षा है अनुगूंज: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 सीटर बालक छात्रावास का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में उभरती प्रतिभाओं को स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुगूंज के माध्यम से सशक्त मंच दिया है, जो सराहनीय है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों में शिक्षा के साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विकास के लिए निरंतर नवाचार किए जाते रहेंगे। हमारे कई सरकारी स्कूलों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय भोपाल में आयोजित अनुगूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, विधायक  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, अध्यक्ष नगर निगम  किशन सूर्यवंशी, भोपाल जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  जाट भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सुपर -100 योजना में अध्ययन करने वाले 200 सीटर बालक छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय शिक्षकों का योगदान वास्तव में अद्भुत है। जिस कर्मठता और दिल से शिक्षक काम करते हैं। निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के बाद सम्राट विक्रमादित्य नाट्य का मंचल अब भोपाल में 2 और 3 नवम्बर को होने वाला है। उन्होंने बड़ी संख्या में नागरिकों से इसमें शामिल होने का अनुरोध किया। सांदीपनि विद्यालय की हो रही है प्रशंसा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं, अब सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी इच्छुक रहते हैं। यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है। प्रदेश में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम आ रहे हैं। प्रदेश में अब बच्चे प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अनुगूंज कार्यक्रम के लिए मंच सज्जा और आकल्पन की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य का उल्लेख करते हुए इन्हें राष्ट्र को स्वतंत्र करवाने से लेकर सुशासन, वीरता और दानशीलता के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने वाला शासक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारे बीच मानो आज भी सम्राट विक्रमादित्य शासन कर रहे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुगूंज में शामिल मेंटर्स को सम्मानित किया। जनजाति कल्याण मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 विद्यार्थी के सर्वागींण विकास पर जोर देते हुए कला और संस्कृति के समावेश की दिशा को प्रशस्त करती है। इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण अनुगूंज है। सांस्कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज के सातवें संस्करण में स्कूल के विद्यार्थियों ने वाद्य संगीत, ओडिसी विधा में आम और चमेली का विवाह, भरतनाट्यम विधा में दशावतारम, कथक नृत्य वाटिका विधा में आमंत्रण सिंहस्थ का और मणिपुरी नृत्य विधा में कृष्ण वन्दना की प्रस्तुति दी। नाटक में बच्चों ने ताना बना टूट ना जाए की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमंत्रण सिंहस्थ का सहित सभी प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने आभार माना। कार्यक्रम का संचालन स्कूल के बच्चों ने किया। इसके साथ मंच संचालन में  विनय उपाध्याय ने बच्चों का सहयोग किया।  

पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन

बहुआयामी होगा प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह पहली बार मैपकॉस्ट विशेष भूमिका में, ड्रोन-शो होगा अब तक का विशाल विजुअल सेलेब्रेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव अक्टूबर माह में 4 बार कर चुके हैं समारोह के स्वरूप की समीक्षा भोपाल प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस समारोह बहुआयामी होगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भव्य और दिव्य रूप में मनाया जाएगा। आगामी एक से तीन नवम्बर तक भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान बहुरंगी शिल्प मेला, सुगम संगीत, नाटक, जनजातीय लोक नृत्य, ड्रोन शो आदि होंगे। समारोह में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) पहलीबार तकनीकी मार्गदर्शन देकर विशेष भूमिका में सामने आ रहा है। भोपाल के आकाश पर सबसे विशाल विजुअल सेलेब्रेशन पहलीबार दिखाई देगा। मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, स्थापत्य कला, पयर्टन महत्व और जनजातीय सभ्यता को इस ड्रोन-शो में देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस समारोह के स्वरूप पर इस माह चार बार बैठकों में समीक्षा की है। गहन मंथन और चिंतन के बाद समारोह को मनोरंजन के साथ सार्थक संदेश देने का आयोजन बनाने के उद्देश्य से रचना की गई है। समारोह की थीम 'उद्योग और रोज़गार वर्ष 2025' के अनुरूप प्रदेश में हुए नवाचारों और विकास के विशेष प्रयासों पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर स्थापना दिवस समारोह की गतिविधियों में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया गया है। जिलों में हो रहे कार्यक्रम भी उद्योग और रोज़गार की थीम के अनुरूप होंगे। प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। जिलों की प्रगति और उपलब्धियों को जिला स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाओं द्वारा युवाओं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों, कृषक संगठनों द्वारा किसान कल्याण के लिए संचालित गतिविधियों के प्रदर्शन भी समारोह का हिस्सा होंगे। विरासत से विकास प्रदशर्नी स्थापना दिवस पर जननायकों के जीवन और अवदान पर भोपाल और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही 'एक जिला-एक उत्पाद', सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या के सील और सिक्के, मंदिर स्थापत्य तथा भारतीय ऋषि परम्परा पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में एक से 3 नवम्बर तक वन मेला, ड्रोन टैक वर्कशॉप और एक्सपो, मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला प्रदर्शनी, प्रदेश में विरासत से विकास, प्रदेश की बावड़ियों, भोज और भोपाल आदि विषय पर प्रदर्शनी और देशज व्यंजनों का मेला भी आयोजित किया जाएगा। पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल एक नवम्बर को देंगे प्रस्तुति मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम अभ्युदय मध्यप्रदेश के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक नवम्बर को भोपाल में प्रसिद्ध पार्श्व गायक  जुबिन नौटियाल प्रस्तुति देंगे। लाल परेड ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम में कृष्ण के भक्ति पदों की प्रस्तुति के साथ ही विरासत से विकास की थीम पर ड्रोन-शो होगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी। दो और तीन नवंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महानाट्य-सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुति होगी। दो एवं तीन नवम्बर को सुगम संगीत की प्रस्तुतियां भी होंगी। औद्योगिक विकास की उपलब्धियां होगी प्रदर्शित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर भारत और आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के लिए हुए नवाचारों, विकास के विशेष प्रयासों और जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रस्तुतिकरण के निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में "रोज़गार के मंदिर हैं उद्योग'' थीम पर स्थापना दिवस समारोह में विविधगतिविधियाँ हो रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के हितग्राहियों को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा जिलों में प्रमुख उद्योगपतियों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले व्यक्तियों और समूहों की उपलब्धियों को भी शामिल किया जाएगा। प्रदेश के सभी अंचलों में समान रूप से गतिविधियां होंगी। स्व-सहायता समूह और आईटीआई, पॉलिटेक्निक सहित अन्य संस्थाएँ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेंगी। कृषक संगठन भी किसान कल्याण की गतिविधियों का प्रदर्शन समारोह का हिस्सा बना रहे हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को नया स्वरूप प्रदान किया गया है।

प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए मोहन सरकार ने लिया कर्ज, चालू वित्त वर्ष का ऋण 42600 करोड़ तक

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज ₹5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिसका भुगतान 29 अक्टूबर को सरकार को होगा। भाईदूज पर प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में ₹250 जमा करने से चूकने के बाद, सरकार यह कर्ज 1 नवंबर को होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी परियोजनाओं के भुगतान के लिए ले रही है। चालू वित्त वर्ष का कुल कर्ज ₹42600 करोड़ हुआ आज लिए जा रहे कर्ज की पहली राशि ₹2700 करोड़ और दूसरी ₹2500 करोड़ की होगी। ये चालू वित्त वर्ष के क्रमशः बीसवें और इक्कीसवें कर्ज हैं। इस नए लोन के बाद, चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज बढ़कर ₹42600 करोड़ हो जाएगा। इसके साथ ही, एमपी सरकार पर मौजूदा कुल कर्ज ₹4,64,340 करोड़ तक पहुंच जाएगा। लंबी अवधि के लिए लिया जा रहा है कर्ज पहला कर्ज ₹2700 करोड़ का है, जो 21 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है और इसका ब्याज भुगतान अक्टूबर 2046 तक होगा। दूसरा कर्ज ₹2500 करोड़ का है, जो 22 साल की अवधि के लिए होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2047 तक ब्याज के रूप में किया जाएगा। एमपी का चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर पहुंच जाएगा 42,600 करोड़ गौरतलब है ताजा 5200 करोड़ रुपए लोन के बाद एमपी सरकार का कुल चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर 42,600 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा. इससे पहले, मोहन सरकार ने दशहरे से पहले 3000 करोड़ रुपए का लोन लिया था. नए 5200 करोड़ रुपए के लोन से एमपी सरकार का कुल सरकारी कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा.  कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए केंद्र की मंजूरी सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार ने आरबीआई के माध्यम से लिए जाने वाले कर्ज की यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर ऑन प्रोडक्टिव स्कीम के लिए मंजूर की है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाएं, सिंचाई और पावर प्रोजेक्ट्स, और कम्युनिटी डेवलपमेंट्स प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। सरकार देव उठनी एकादशी (1 नवंबर) से पहले यह कर्ज ले रही है। पिछले कर्जों का ब्यौरा इससे पहले मोहन सरकार ने दशहरा पर्व के ठीक पहले 1 अक्टूबर को ₹3000 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसके लिए 30 सितंबर को ऑक्सन किया गया था। सितंबर माह में 9 सितंबर को ₹4000 करोड़ के तीन कर्ज और 23 सितंबर को ₹1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे। सरकार ने अपनी राजस्व स्थिति को संतोषजनक बताया है और कहा है कि लिया जा रहा यह कर्ज लोन की लिमिट के भीतर है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में थी, जबकि 2024-25 में यह आय ₹1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। क्यों ले रही कर्ज? सूत्रों के मुताबिक यह राशि कई प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट स्कीम्स के लिए ली जा रही है। वहीं, आगामी 1 नवंबर को स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सामाजिक योजनाओं के भुगतान के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जाएगा। पहले लिया था 3 हजार करोड़ का कर्ज  आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने 1 अक्टूबर को दशहरा से पहले 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। और अब 5200 करोड़ कर्ज के साथ मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा।  लोन लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। जो भी लोन लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ। यह कर्ज 20 साल और 23 साल की अवधि के लिए हैं।     23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।     नौ सितंबर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे। यह कर्ज 17 साल, 19 साल और 20 साल की अवधि के लिए हैं।     26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। यह लोन 20 साल और 18 साल की अवधि के लिए हैं।     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं। अप्रैल के बाद ये कर्ज भी लिए     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए … Read more

स्थापना दिवस पर दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में

मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक प्रारंभ होने से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर आयोजित संगोष्ठी में लेंगे हिस्सा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में होंगे शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के वीथी संकुल, मुक्ताकाश (एम्फिथियेटर) में 12 बजे जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।संगोष्ठी का आयोजन राज्य नीति आयोग,मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और EPCO के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी, और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय कार्यक्रम के सह-आयोजक हैं।संगोष्ठी प्रातः 9:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक होगी। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विमर्श करना और व्यक्ति, समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। जलवायु संकट, जो जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है और वर्तमान समय की गंभीर चुनौती है। यह संगोष्ठी नवंबर 2025 में ब्राजील में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (CoP 30) के लिए पूर्व परामर्श का कार्य करेगी। इसके सुझाव और विचार CoP 30 के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश इस चर्चा को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित इस संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में पर्यावरण और जीवनशैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया जाएगा। इस आयोजन में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।