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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने का किया आह्वान

मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ा जाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता से पश्चिम बंगाल में बीड़ी उद्योग फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों और बीड़ी बनाकर आजीविका चलाने वाले हजारों परिवारों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता मध्यप्रदेश की संपत्ति है। इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए। बीड़ी श्रमिकों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीड़ी बनाने वाले परिवारों को लगातार और बेहतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता आधारित बीड़ी उद्योग से जुड़ा हर परिवार सम्मानजनक और स्थायी आय प्राप्त करे। राज्य की वन उपज का लाभ अब सीधे हमारे ही श्रमिकों को मिले। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल उन सभी परिवारों के जीवन में फिर से उजाला लाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा, जो वर्षों से तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माण से जुड़े रहकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते आए हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की उपलब्धियाँ     निवेश आकर्षण में सफलता, जीआईएस और आरआईसी के माध्यम से 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।     पिछले दो वर्षों में 327 एमएसएमई और बृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ, 40,516 रोजगार सृजित।     उद्योगों को 4,977 करोड़ रुपये की सहायता और सुविधाएँ वितरित।     BRAP 2024 में चार श्रेणियों में सम्मान, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में शीर्ष प्रदर्शन।     108 अपराध मुक्त अनुपालनों से न्यायालय का भार कम, 2700 से अधिक अनुपालन सरल या कम किए गए। निवेश उपलब्धियाँ     2.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भूमि आवंटन, 2.85 लाख रोजगार संभावित।     229 इकाइयों में निर्माण प्रारम्भ, 81,206 रोजगार संभावित।     साधिकार समिति द्वारा 105 प्रकरणों का त्वरित समाधान।     18,685 करोड़ रुपये के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार संभावित। औद्योगिक अधोसंरचना विकास     26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर (4000 हेक्टेयर) स्वीकृत।     पीएम मित्रा पार्क के लिए 873 हेक्टेयर स्वीकृत।     Mohasa Babai RE Park: प्रथम चरण 884 एकड़ और द्वितीय चरण 750 एकड़।     33 औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नयन के लिए 536 करोड़ रुपये स्वीकृत।     4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, 5772 बेड क्षमता स्वीकृत। निवेश प्रोत्साहन एवं राज्य छवि निर्माण     जीआईएस 2025 का सफल आयोजन, प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश शिखर सम्मेलन।     72 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश कार्यक्रम आयोजित।     8 क्षेत्रीय और 15 राष्ट्रीय संवाद-सत्र आयोजित नीति एवं आईटी आधारित सुधार     उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियाँ लागू।     इंवेस्ट पोर्टल के माध्यम से इंवेस्टर लाइफ साइकल सर्पोट।     Faceless No Query Incentive प्रणाली लागू।     GIS आधारित ऑनलाइन भूमि आवंटन और Know Your Approvals सुविधा। संस्थागत उपलब्धियाँ     5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय।     हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र स्थापित।     महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति। औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना     प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लक्ष्य के साथ औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।     वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 25.3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने और निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।     व्यापार सुगमता के लिए आधुनिक, कम लागत एवं सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।     प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी भाग में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।     लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना विकास में निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और राज्य लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया जा रहा है।     अमेरिका, जापान और यूके जैसे लक्षित बाजारों से एफडीआई आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक और निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त हो।  

स्व. वाजपेयी की शताब्दी पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में करेंगे दो लाख करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर प्रदेश में दो लाख करोड़ के कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन और लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्ष 2026 कृषि आधारित क्षेत्रों के उत्थान के लिए समर्पित भोपाल को मिलेगी मेट्रो की सौगात भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुन्देलखंड में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से बुन्देलखंड में सिंचाई, उद्योग, पेयजल के लिए जो जल की कमी थी उसे पूरा किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से सिंचाई, उद्योग के लिए पर्याप्त जलराशि का प्रबंध किया जाएगा। नदी जोड़ो अभियान की प्रगति में मध्यप्रदेश सबसे अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में विभागीय समीक्षा बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड समेत समूचे मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। छतरपुर में ओबेरॉय होटल का शुभारंभ इसी की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में पर्यटन के साथ-साथ खनन एवं मेडिकल के क्षेत्र में विकास के लिये अनेक कार्य किये जा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के माध्यम से बुन्देलखंड का विकास एवं उत्थान के लिये कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड कैसे आगे बढ़े इस पर लगातार सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उत्थान के लिए सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुन्देलखंड शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सागर में रानी अवंतिबाई महाविद्यालय का निर्माण, छत्रसाल विश्वविद्यालय के लिए धनराशि का आवंटन, पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों की स्थापना की गई है। इसी के साथ बुन्देलखंड अंचल में मेडिकल कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दक्ष प्रत्येक विद्यार्थी को रोजगार मिले, इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने के लिए अब अलग-अलग क्षेत्रों के विकास के लिए उन्हीं क्षेत्रों में कैबिनेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय समीक्षा में विगत दो वर्षों के कार्यों की समीक्षा और आने वाले तीन साल के लक्ष्य तय करने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी माह की 21 तारीख को भोपाल नगर को मेट्रो की सौगात दी जाएगी। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर सरकार द्वारा लगभग दो लाख करोड़ के अलग-अलग कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 कृषि के संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विकास एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित होगा। कृषि से आय के साधन बढ़ानेकृषि आधारित उद्योगों की स्थापना, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना समेत सभी कृषिगत औद्योगिक गतिविधियों से कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सतत कार्य वर्षभर किये जाएंगे।  

महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन मुख्यमंत्री, लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगे 1857 करोड़ रुपये खजुराहो  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पूरे मंत्री-मंडल के साथ दो दिवसीय खजुराहो प्रवास पर हैं। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री महाराजा कन्वेंशन सेंटर में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लाभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र राजनगर के सती की मढ़िया में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लगभग 1857 करोड़ 62 लाख रुपये अंतरित करेंगे। साथ ही विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस योजना में मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाओं के साथ ही निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आवेदन वर्ष के आधार पर 1 जनवरी की स्थिति में 21 से 59 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में तीन बार 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की जा चुकी है। योजना प्रारंभ जून 2023 से नवंबर 2025 तक योजना की 30 किस्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है और दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त का भुगतान किया जा रहा है। यह सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-सक्रिय बैंक खातों में किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को राशि सीधे और सुरक्षित प्राप्त हो सके।  

खजुराहो के पश्चिमी मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाइट एंड साउंड शो का अवलोकन किया

खजुराहो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों की समीक्षा के बाद विश्व धरोहर खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में आयोजित लाइट एवं साउंड-शो देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम मंदिर समूह में दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट का शुभारंभ भी किया। लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से खजुराहो के विश्व धरोहर मंदिरों, चंदेलवंश के गौरवशाली इतिहास और बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बुंदेलखंड की कला-संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  लखन सिंह पटेल सहित मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय का किया भ्रमण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो में सांस्कृतिक गांव एवं जनजातीय लोक कला राज्य संग्रहालय आदिवर्त का भ्रमण किया। इस मौके पर अलीराजपुर एवं डिंडोरी के कलाकारों के दल द्वारा भगोरिया एवं गुदुमबाजा पारंपरिक लोक नृत्य की मनमोहक एवं आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवर्त संग्रहालय खजुराहो में नवनिर्मित पारंपरिक कलाओं के गुरुकुल का लोकार्पण भी किया। संग्रहालय में जनजातीय लोक संस्कृति एवं परंपरा पर केन्द्रित विभिन्न लोक कलाओं और नित दिन उपयोग की सामग्री का प्रदर्शन किया गया है।  

ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ

मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच करें प्रचारित : मुख्यमंत्री डॉ.यादव ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्ष में एमएसएमई की 31प्रतिशत ग्रोथ पर दी बधाई फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को एमएसएमई से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग के दो वर्ष के कार्यों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तथा व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गत 2 वर्ष के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्ष में मध्यप्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाइयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़ें, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।  बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम, 6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में ₹39,600 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है। नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियाँ विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियाँ लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को 2,780.44 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई और  220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया। औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है। वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और 1,087.27 करोड़ रूपये की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 2,45,038 करोड़ रूपये के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक 1,93,872 करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है। फेसिलिटेशन कॉउंसिल की उपलब्धियाँ एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया और काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। निवेश संवर्धन एवं राष्ट्रीय उपलब्धियाँ समीक्षा बैठक में बताया गया कि जीआईएस- 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि 21,000 करोड़ रूपये है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,075 करोड़ रूपये का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्यप्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ। विनिर्माण एवं प्रमाणन में प्रगति बैठक में बताया गया कि विगत दो वर्षों में 2 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हुई हैं, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज में शामिल कराया गया है। जेडईडी प्रमाणन के क्षेत्र में 16,428 इकाइयाँ प्रमाणित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या मात्र 437 थी। प्रतिदिन अवधि में 30 हजार से अधिक एमएसएमई एवं स्टार्टअप का क्षमता निर्माण किया गया तथा iGOT पोर्टल पर 834 शासकीय सेवक ऑनबोर्ड हुए। ग्वालियर स्टोन एवं छतरपुर वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है। क्लस्टर विकास एवं भविष्य की औद्योगिक तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्ष में 5 हजार से अधिक करोड़ की प्रोत्साहन राशि एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। इसी तरह क्लस्टर विकास के लिए 30 नए निजी क्लस्टरों और 22 सामान्य सुविधा केंद्रों … Read more

डॉ. यादव: सभी पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ पहुंचे समय पर

हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग के बेहतर कार्य पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा  भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।  बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।  समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई एवं मती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।  प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है। लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है।  सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें।  नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है। जन पोषण केंद्र की शुरुआत सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।  मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।  इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।  उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है।  लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।  सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई … Read more

डॉ मोहन यादव ने उपभोक्ता संरक्षण और खाद्य आपूर्ति विभाग का किया मूल्यांकन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा प्रारंभ मुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा पीडीएस अंतर्गत संपन्न ईकेवायसी प्रक्रिया को सराहा, विभाग को बधाई दी भोपाल  * प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्का खाद्यन्न वितरण। * पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी। * ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क  खाद्यन्न का वितरण। * केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की। * लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।  * शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।  * इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।  * पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना। * मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।  * उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।  * वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।  * खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान। * मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग  के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं। * गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है। * सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।

खजुराहो से दो दिन की सरकार, बैठकें और समीक्षा के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा। सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक     नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।     इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।

सीएम डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी एक साथ 19 पर्यटक ले सकेंगे अब जंगल सफारी का आनंद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा 10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी । नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।  

9 दिसंबर को खजुराहो में कैबिनेट बैठक और सम्मेलन, सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

खजुराहो मध्य प्रदेश में शासन और प्रशासनिक कार्यों की व्यापक समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 और 9 दिसंबर को सभी विभागों की खजुराहो में विस्तृत समीक्षा बैठकें लेंगे। इन बैठकों में विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों, सामने आई चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन-किन विभागों ने नवाचार (Innovation) के माध्यम से बेहतर कार्य किया है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बड़े समीक्षा अभियान के साथ ही अगले वर्ष राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना भी तेज हो गई है। वर्तमान में राज्य कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं। लंबे समय से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। माना जा रहा है कि विभागों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार तथा विभागों को बदला जा सकता है। भाजपा में कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की राह देख रहे हैं। डॉ. मोहन यादव सरकार को दो साल हो गए हैं। सरकार ने निगम मंडलों में भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह समीक्षा प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लक्ष्य के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आगामी चुनावों से पहले सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन करें और जनता से किए गए वादों का प्रभावी रूप से पालन हो। 9 दिसंबर को खजुराहो में अगली कैबिनेट बैठक  कैबिनेट की बैठक भी 9 दिसंबर को खजुराहो में आयोजित की जाएगी। हर गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी।  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले खजुराहो में होने वाली यह बैठक विकास योजनाओं, निवेश, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्रित रहेगी। बता दें इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कैबिनेट बैठक आयोजित की जा चुकी हैं।  अपर कलेक्टर श्री मिलिंद नागदेवे ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इंटरनेट सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इस पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने जनता से समझदारी और सहयोग की अपील की है ताकि ये महत्वपूर्ण कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें। जिला प्रशासन के इन कदमों से खजुराहो एक सुरक्षित और व्यवस्थित प्रांतीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा, जिससे सभी सरकारी बैठकों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर का वैश्विक महत्व है और यह प्रदेश का प्रमुख सम्मेलन स्थल है, जो जिले की छवि को भी मजबूत कर रहा है।