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सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा– हमेशा हिंदू विरोधी रवैया अपनाती है

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों से जुड़े एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस पर हमला बोलने का एक बार फिर मौका मिल गया है। दरअसल अमंग सिंघार ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था आदिवासी हिंदू नहीं हैं। उन्होंने गुरुवार को आदिवासीबहुल जिले छिंदवाड़ा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं। मैं इस बात को हमेशा कहता हूं। वो शबरी थीं, जिन्होंने राम को बेर खिलाए थे, वो भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से वास कर रहे हैं, वो आदिवासी हैं। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई नेताओं ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। सीएम मोहन यादव ने कहा, दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस हमेशा हिंदू और हिंदुत्व के विरोध में काम करती है। राहुल गांधी ने हिंदू के बारे में जो बात कही, वह अत्यंत बचकानापन था। अब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कह रहे हैं कि आदिवासियों में हिंदुत्व नहीं है। उन्हें शर्म आनी चाहिए। हिंदुत्व पर प्रश्न उठाएंगे तो जनता माफ नहीं करेगी। कांग्रेस के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। वहीं केंद्रीय मंत्री डीडी उइके ने सिंघार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जनजातीय समुदाय को अपमानित किया है। जनजातीय समुदाय मूलत: महादेव के वंशज हैं। लगभग सभी ज्योतिर्लिंग भी जनजातीय क्षेत्र में ही हैं। सभी गोंड राजाओं के किलों में भी महादेव विराजमान हैं। आदिवासी राजा महादेव के उपासक थे। भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि वे श्री सिंघार की इस बात को खारिज करते हैं। भारत के संविधान में आदिवासी समाज को हिंदू समाज का अभिन्न अंग माना गया है। 1951 की जनगणना में इसी परिधि में आदिवासी समुदाय को गिना गया है।

गणेश उत्सव में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम, युवाओं का राष्ट्रप्रेम देख भावुक हुए CM यादव

युवाओं का राष्ट्रप्रेम काबिले-तारीफ, गणेश उत्सव में दिखा ऑपरेशन सिंदूर का जज़्बा: CM डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गुलमोहर कॉलोनी में शिवाजी फाउंडेशन और श्रीगणेश उत्सव समिति के गणेश चतुर्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुलमोहर गणेश उत्सव समिति द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर केंद्रित प्रदर्शनी और झांकी देखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना सराहनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने आपरेशन सिंदूर के माध्यम से पड़ोसी शत्रु ही नहीं बल्कि विश्व को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी और पुष्प मालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और समिति के संरक्षक नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना कर आरती की। युवाओं ने गजानन विघ्नहर्ता गणेशजी की आराधना और समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

फलों से भरी बगिया का तोहफा! ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना में महिलाओं को सब्सिडी सीधे खाते में

भोपाल  मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए एक और अच्छी खबर है। लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा तो लाभार्थियों के खाते में आने ही वाला है। हालांकि वे मोहन यादव सरकार की एक और योजना का फायदा उठा सकती हैं। प्रदेश में 'एक बगिया मां के नाम' से योजना चल रही है। इस योजना के तहत फलदार पेड़ लगाने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। यह पैसा सीधे महिलाओं के खाते में भेजा जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रदेश में एक बगिया मां के नाम की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इस काम में मदद के लिए सरकार कंटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने के साथ सिंचाई के लिए 50000 लीटर का जल कुंड बनाने के लिए पैसा दिया जा रहा है। इस योजना से जुड़ने के लिए 15 सितंबर तक का समय है। 31,300 महिलाओं को किया जाएगा शामिल 'एक बगिया मां के नाम' योजना का शुरुआती लक्ष्य 31,300 महिलाओं को लाभ पहुंचाने का रखा गया है। हालांकि महिलाओं में इस योजना को लेकर इस कदर जोश है कि 40,406 महिलाओं ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। निजी भूमि पर बगिया बनाने की योजना 15 अगस्त से शुरू हुई है और 15 सितंबर तक चलेगी। इस योजना के तहत 30 लाख फलदार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। अभी तक कितने आवेदन को मिली मंजूरी मोबाइल एप के जरिए महिलाओं का चयन किया जा रहा है। इस एप को मनरेगा परिषद द्वारा MPSEDC के माध्यम से तैयार किया गया है। अभी तक 10,162 महिलाओं को इस योजना के तहत मंजूरी मिल गई है। मतलब इन महिलाओं के खाते में पैसा आने की राह खुल गई है। इस योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार 1000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस योजना में सभी जिलों के अंतर्गत आने वाले 313 ब्लॉक की 9662 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 10,162 गांवों में सर्वे कर 40,406 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इस योजना के अंतर्गत हर ब्लॉक से कम से कम 100 हितग्रहियों को चुना जाएगा। साल में दो बार महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। योजना के लिए पात्रता इस योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को बगिया लगाने के लिए कम से कम 0.5 एकड़ और अधिकतम 1 एकड़ जमीन होनी चाहिए। इससे ज्यादा या कम जमीन पर बाग लगाने वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खंडवा जिला नंबर वन बगिया विकसित करने में वर्तमान में खंडवा जिला सबसे आगे है, जबकि सिंगरौली जिला प्रदेश में दूसरे नंबर है। आज 3 सितंबर तक खंडवा, सिंगरौली, बैतूल, देवास और आगर मालवा जिले टॉप-5 में शामिल थे। वहीं टॉप 5 ब्लॉक की बात करें तो खंडवा, चितरंगी, पंधाना, पुनासा और खालवा शामिल है। कब आएगी लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त मध्य प्रदेश की महिलाओं को हर महीने लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाले पैसों का इंतजार रहता है। लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त को लेकर अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि 10 सितंबर के बाद पैसा खाते में आ सकता है। इस महीने महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ही आएंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय सभी सैक्टर के लिए गुलदस्ते के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए वचन को एक महीने से भी कम समय में पूरा कर दिखाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीएसटी दरों में कटौती से लाभान्वित होंगे देश के 90 प्रतिशत नागरिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी दरों में कटौती को बताया ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी देश के गरीब-वंचितों सहित उद्यमियों का भी रखा ध्यान नागरिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण का माना आभार भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुड्स एवं सर्विस टैक्स काउंसिल द्वारा जीएसटी दरों में कटौती को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत योग्य कदम बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर मुक्त हृदय से देश के हर वर्ग को फायदा पहुंचाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने उद्बोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि, अगले कुछ समय में प्रदेशवासियों को बहुत अच्छी सुविधाएं मिलने वाली हैं। हमने देखा कि एक महीने से भी कम समय में उन्होंने अपने इन वचनों को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के क्रांतिकारी बदलाव से देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी यानी 125 करोड़ से अधिक देशवासी लाभान्वित होंगे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और लघु एवं कुटीर उद्योग को भी व्यवसाय में इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और तेजी से तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीएसटी स्लैब में बदलाव के बाद गुरुवार को उज्जैन में जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार भी माना। स्कूली बच्चों की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से शून्य करना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में कटौती का निर्णय देशवासियों के लिए एक प्रकार से गुलदस्ते के समान है, जिसमें सभी सैक्टर को कवर किया गया है। इंडस्ट्रीज के साथ देश के सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत की एक अद्भुत छवि निर्मित हो रही है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी सरकार ने अपने नागरिकों, उद्यमियों, गरीब एवं वंचित वर्ग का ध्यान रखा है। नागरिकों के हैल्थ इंश्योरेंस को टैक्स फ्री कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त राहत दी गई है। जीएसटी के सभी बदलाव इसी माह नवरात्रि से अर्थात 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे, जिसका लाभ गरीबों, मध्यवर्ग और किसानों को भी मिलेगा। आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं जैसे- रोटी, पराठा, पनीर, छैना सस्ते होंगे। यह सामग्री बड़े पैमाने पर निर्यात भी होती है, अत: इस बदलाब से किसानों को भी लाभ होगा। स्कूली बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, कॉपी, नोटबुक पर जीएसटी 12% से शून्य करना स्कूली बच्चों और युवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को 18% के स्लैब से हटाकर शून्य करना क्रांतिकारी निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए कृषि क्षेत्र पहली प्राथमिकता है। भारतीय कृषि व्यवसाय को वैश्विक प्रभावों से सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टर के टायर, पार्ट्स, बायोपेस्टिसाइड, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर, बागवानी की मशीनों पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% तक लाने का निर्णय लिय है। यह कृषक कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दूसरी ओर नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभ मिले, इसके लिए हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को मौजूदा 18% के स्लैब से हटाकर टैक्स खत्म करना निर्णय क्रांतिकारी है। साथ ही कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मरीजों के लिए कई जीवन रक्षक दवाइयां कर मुक्त कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में 1200 सीसी इंजन क्षमता के वाहनों पर जीएसटी स्लैब 28% से घटाकर 18% किया गया है। यह मध्यम वर्गीय के लिए कार खरीदने का सपना पूरा करेगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे- प्रोजेक्टर, डिश, वाशिंग मशीन सस्ती होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन निर्णयों का प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द लाभ दिलवाने के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित क्षेत्रों में त्वरित गति से कार्य करेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश की आरती में हुए शामिल

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को उज्जैन प्रेस क्लब में भगवान गणेश जी की पूजा आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का प्रेस क्लब अध्यक्ष विशाल सिंह हाड़ा सहित पत्रकारों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब के पत्रकारों से चर्चा कर उन्हें गणेश उत्सव की शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेस क्लब की प्रथम मंजिल पर स्थित व्यायाम केंद्र में पहुंचकर नवीन व्यायाम की मशीनों का अवलोकन किया और कुछ देर वहाँ व्यायाम भी किया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल आदि उपस्थित थे।  

CM मोहन का तोहफा इंदौरवासियों को, 50 इलेक्ट्रिक AC बसें और ऐप-बेस्ड सुविधा शुरू

इंदौर   स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे। इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी। ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश

नवजात शिशुओं की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच के साथ की जाएगी कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश पीएम-मित्र पार्क मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों एवं व्यवसायियों के लिए होगी बड़ी उपलब्धि  इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर प्रवास के दौरान प्रदेशवासियों को डोलग्यारस की शुभकामनाएं और धार जिले के बदनावर में स्थापित होने वाले पीएम मित्रा पार्क की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पार्क से एक लाख रोजगार प्रत्यक्ष रूप से तथा दो लाख रोजगार अप्रत्यक्ष रूप से निर्मित होंगे। इस दृष्टिकोण से यह अत्यंत महत्वपूर्ण उद्योग होगा। इससे मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों सहित इससे जुड़े व्यवसायियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क दो हजार एकड़ क्षेत्र का बड़ा प्रोजेक्ट है। यह जनजातीय अंचल के धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खण्डवा आदि समूचे कपास उत्पादक क्षेत्र की दृष्टि से बड़ा वस्त्र उद्योग का केंपस बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वयं की योजना है, जिसको मध्यप्रदेश सरकार ने बाकी राज्यों की तुलना में सबसे तेज गति से भूमिपूजन लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि आज नई दिल्ली में देश और दुनिया के वस्त्र उद्यमियों के साथ इस योजना को शेयर भी किया गया है। इससे बड़े पैमाने पर उद्यमी यहां आएंगे और मध्यप्रदेश से जुड़ेंगे। स्थानीय नागरिकों को रोजगार देंगे। युवा, गरीब, मजदूर किसान इन सभी की जिंदगी की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान चलाया जा रहा है, यह उसी सिलसिले की एक बड़ी कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा समय अब वापस लौट रहा है, हमारे चारों ओर कारखानों की बयार आ रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट प्रेस क्लब की एआई पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर एमवाय अस्पताल में नवजात शिशुओं की हुई मृत्यु को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए समस्या का स्थाई समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गंभीर घटना एवं लापरवाही के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर को निर्देश दिए है कि इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जाँच करायी जाये और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में ङोल ग्यारस पर आयोजित बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में शामिल हुए। समारोह में जगह जगह लगाए गए स्वागत मंचों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पमाला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चल समारोह में वृंदावन जैसा आनंद बाबा श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन में हो रहा है। उन्होंने कहा की इस जुलूस का आनंद प्रतिवर्ष बढ़ता जाये यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ङोल ग्यारस की शुभकामनायें दी | इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव,संजय अग्रवाल और बैरवा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीगणेश उत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार रात खजूर मस्जिद चौराहे पर नगर गणेश, पटनी बाजार स्थित स्वर्ण से श्रृंगारित श्रीगणेश और श्रीवरुण देव अखंड ज्योति मंदिर स्थित गणेश और गीता कॉलोनी के गणेश उत्सव में शामिल हुए और पूजन कर आरती की। वरुण देव अखंड ज्योति मंदिर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान का पूजन कर लाड़ली बहनों से चर्चा कर उन्हें डोल ग्यारस की मंगलकामनाएं दी। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ फोटो भी खिंचवाई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आध्यात्मिक गुरु श्री जग्गी वासुदेव को दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से जग्गी वासुदेव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म विभूषण' से सम्मानित श्री जग्गी वासुदेव का दिव्य मार्गदर्शन समाज को आध्यात्मिक जागृति, सेवा और समरसता की प्रेरणा देता है।  

जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े। किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें। उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई। उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।