मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण
सबको शिक्षा ही हमारा विकास मंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम बनायेंगे प्रदेश का नया और उज्जवल भविष्य मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अगले साल से दिए जाएंगे और अपडेटेड लैपटॉप 15 साल में 4 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन योजना का लाभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि अंतरण का राज्य स्तरीय समारोह भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा मनुष्य के समग्र विकास की धुरी है और ‘सबको शिक्षा’ ही राज्य सरकार का विकास मंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए हैं। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को नई तकनीक और नई शिक्षा पद्धति से जोड़कर उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर हम प्रदेश का एक बेहतर और स्वर्णिम भविष्य गढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लैपटॉप प्रोत्साहन राशि अंतरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले प्रदेश के 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए 235 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। योजना के तहत लैपटॉप खरीदने के लिए प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25-25 हजार रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उनके बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए हस्तांतरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले साल से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के स्थान पर 25 हजार रुपए मूल्य के और अधिक गुणवत्ता वाले अपडेटेड लैपटॉप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंच से 15 मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने खुद सेल्फी लेकर सभी बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रतिभाओं को सम्मान देना और स्वर्णिम भविष्य की संभावनों को पोषित करना और हर संभव सहायता करना प्रदेश सरकार का दायित्व है। योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि दी गई है, उनमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां चुनौतियों को पार करते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 15 साल पहले शुरू हुई इस योजना का लाभ अब तक 4 लाख 32 हजार से अधिक मेधावी विद्याथियों को मिल चुका है। इस दौरान राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण पर 1080 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि खर्च की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से लैस होकर बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। लैपटॉप सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि यह सुनहरे भविष्य की तैयारी का सशक्त माध्यम है। नई विधाएं, नए कौशल और नई सोच के साथ हमारे बच्चे अब प्रतिस्पर्धा की दौड़ में और भी आगे बढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को कापी-किताबें, गणवेश, सायकिल और स्कूटी भी दिलाई गई है और अब हम लैपटॉप भी दे रहे हैं। यह कदम विद्यार्थियों को डिजिटल एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में बेहद मददगार सिद्ध होगा। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों से रहा अधिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है और शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष शासकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 52 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 48 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2025 में सरकारी स्कूलों के लगभग 49 हजार और निजी स्कूलों के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ मिला है। यह योजना 2009 में शुरू की गई थी, तब 85 प्रतिशत प्राप्तांक की सीमा तय की गई थी और मात्र 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि बांटी गई थी, लेकिन आज प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार 234 हो गई है। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर हाल ही में 15 हजार 600 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के लिए स्कूल में मिला पुरस्कार जीवन भर याद रहता है। पुरस्कार स्वरूप पुस्तकें भी दी जानी चाहिए, क्योंकि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी साथी होती हैं। मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में भी सहयोग कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूल से आगे उच्च शिक्षा में भी सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मेधावी छात्र-छात्राओं की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार की ओर से भरी जा रही है। अगर कोई विद्यार्थी नीट प्रवेश परीक्षा पास कर लेता है, तो उसकी चिकित्सा शिक्षा नि:शुल्क हो जाती है। पूरे कोर्स की करीब 80 लाख रुपये फीस राज्य सरकार भर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। अगले 2 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 तक पहुंचाने का हमारी सरकार का लक्ष्य है। विद्यार्थी किसी भी कोर्स की पढ़ाई करना चाहें, सरकार सदैव उनके साथ खडी है। मुख्यमंत्री ने आहवान किया कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें लिखें, आगे बढ़ें परन्तु अपने गृह प्रदेश से प्रेम करें और अपने लोगों की सेवा करने का जज्बा जरूर रखें। मातृ भूमि को हमेशा याद रखना चाहिए। सरकारी स्कूलों से निकल रहे गुदड़ी के लाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सीमित संसाधन होते हुए भी कई गुदड़ी के लाल सामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वे स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी साथियों ने सरकारी स्कूलों में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है। सरकारी स्कूलों से ही देश को गुदड़ी के लाल मिले हैं। सरकारी … Read more