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CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा

CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता ग्वालियर हादसे पर CM यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा मृतकों के परिजन को दी जाएगी 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता  ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में 4 कांवड़ियों के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक कावड़ियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं श्रीचरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए चारों मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2025 की अर्द्धरात्रि लगभग 12:30 से 1 बजे के मध्य ग्वालियर के शीतला माता मंदिर चौराहा, शिवपुरी लिंक रोड पर घाटीगांव निवासी छह कांवड़ियों को एक अनियंत्रित कार द्वारा टक्कर मारे जाने से 4 कांवड़ियों की मृत्यु हो गई और 2 कांवड़िये घायल हो गए थे। कार चालक मौक़े से फ़रार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा चिकित्सकों को बेहतर एवं नि: शुल्क इलाज करने के निर्देश दिए है। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना में घाटीगांव निवासी मृतकों में श्री वकील पुत्र गिरवर (40 वर्ष), श्री रमेश पुत्र पांडेय (38 वर्ष), श्री दिनेश पुत्र बेताल (21वर्ष) एवं श्री छोटू पुत्र अंतराम (18 वर्ष) शामिल हैं तथा दो कांवड़िये घायल हैं।  

स्पेन से सीखेंगे उन्नत खेती के गुर: किसानों का दल विदेश भेजेगी राज्य सरकार — सीएम डॉ. यादव

कृषि, उद्यानिकी और फल उत्पादन की उन्नत तकनीकी प्रबंधन की जानकारी के लिए कृषक दल जाएंगे स्पेन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्राकृतिक खेती और हरित ऊर्जा पर आधारित उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दुबई-स्पेन यात्रा के लिए मंत्रीगण ने किया अभिवादन मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 13 से 19 जुलाई तक दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा से प्रदेश को वैश्विक निवेश के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान मिली है और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश पहुंचा है कि मध्यप्रदेश निवेश मित्र राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा में कुल 11 हजार 119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे लगभग 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा के लिए मंत्रीगण ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र का प्रबंधन सराहनीय और अनुकरणीय है। इस क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक अपनाने के लिए प्रदेश के कृषक दलों को स्पेन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतर्राष्ट्रीय समूह, हरित ऊर्जा के उपयोग और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को विशेष महत्व देते हैं। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश के उत्पादों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशेष महत्व है। राज्य सरकार प्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की पहल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई, मैड्रिड, बार्सिलोना में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’’ कार्यक्रम एवं “प्रवासी भारतीयों से चर्चा’’ में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में टेक्समास (दुबई) के साथ एमओयू हुआ है। अरब देशों में मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिये अरब चैम्बर ऑफ कामर्स के साथ भी एमओयू किया गया। इसी तरह निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत ‍डिजिटल अधोसंरचना विकास के लिये सबमर टेक्नॉलाजीस एस.एल. के साथ एमओयू किया गया। दुबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टील मेन्युफेक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, डिफेंस, वेयरहाउसिंग और सस्टेनेबल सिटी जैसे क्षेत्रों में कम्पनियों से कुल 6801 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। स्पेन में डिजिटल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में कम्पनियों से 4318 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें उन्नत बायोफ्यूल और एसएएफ प्रोजेक्ट्स में 4000 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश प्रस्ताव भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश को निवेश के नए क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं बनाने और उसे वैश्विक मंच पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अभूतपूर्व रूप से सफल रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। महाकाल की सवारी में मंत्रीगणों को किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपूर्ण वैश्विक जगत में विख्यात 12 ज्योतिर्लिंगों में से उज्जैन की धरती पर भूतभावन महाकाल बाबा विराजमान हैं। श्रावण तथा भाद्र मास में बाबा महाकाल की सवारी के रूप में आमजन के बीच पहुंचते हैं। बाबा महाकाल की सवारी का स्वरूप प्रत्येक सोमवार को अलग-अलग रूप में देखा जाता है। बाबा महाकाल की गौरवशाली सवारी में उपस्थित होने के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों के लिए उज्जैन के स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। अब तक 21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2025 के लिए कुल उपलब्ध उर्वरक 31.52 लाख मीट्रिक टन था, जिसमें से 20 जुलाई तक 21.05 लाख मीट्रिक टन वितरण हो चुका है। विपणन संघ के डबललॉक केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक टोकन सिस्टम लगाने की व्यवस्था कराई जा रही है। डबललॉक केन्द्रों पर किसानों को सुविधा से, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के लिये ट्रांजिट रेक, प्राप्त होने वाली संभावित रेक, जिले में उपलब्ध स्कंध का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये एवं इसकी जानकारी समस्त जन-प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाये। विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों एवं पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण करवाया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों की विक्रय दरों का अनुमोदन किया गया है। जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैव विविधता से सम्पन्न क्षेत्रों की पहचान कर उक्त क्षेत्र में सतत संरक्षण के लिये बायोस्फियर रिजर्व स्थापित किये जा रहे हैं। बायोस्फियर रिजर्व घोषित होने से उक्त क्षेत्र में सतत विकास और जैव विविधता एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित होता है। पचमढ़ी क्षेत्र को 1999 में, अचानकमार-अमरकंटक को 2011 में एवं पन्ना को 2011 में बायोस्फियर रिजर्व घोषित किया गया है। लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य शासन के प्रयास एवं पहल से कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी बायोस्फियर रिजर्व घोषित किये जाने के लिये प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर भारत सरकार/यूनेस्को को प्रेषित किये गये हैं तथा इन्हें यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व में नामांकित करने के लिये प्रयास करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अभिवादन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक राष्ट्रगीत वंदे-मातरम के सामूहिक गायन के साथ प्रारंभ हुई।  

सीएम यादव का ऐलान: बहनों और युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार का अवसर

युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए राज्य सरकार संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं और बहनों के रोजगार को मिलेगी प्राथमिकता: सीएम डॉ. यादव का संकल्प राज्य सरकार रोजगार सृजन को लेकर प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा सीएम यादव का ऐलान: बहनों और युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार का अवसर अचारपुरा में 24 जुलाई को होगा पांच इकाइयों का भूमि-पूजन 400 करोड़ के निवेश से 1500 युवाओं को मिलेगा रोजगार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं और बहनों के रोजगार के लिए संकल्पित है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार 24 जुलाई को भोपाल जिले के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में पांच औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने हाल ही में स्पेन और दुबई की यात्रा में अनेक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष है। गांव से लेकर शहरों तक समृद्धि लाना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निर्णायक भूमिका निभा कर मध्यप्रदेश ने नए औद्योगिक युग की शुरूआत की है। पांच इकाईयों का होगा भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 12.88 हेक्टेयर में 400 करोड़ से अधिक निवेश और लगभग 1500 व्यक्तियों को रोजगार देने वाली 5 इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। इनमें गारमेंट सेक्टर में गोकुलदास एक्सपोर्टस, टेक्सटाइल सेक्टर में इंडो एकॉर्ड अप्पेरल्स, हाई टेक इलेक्ट्रानिक में एसेडस प्राइवेट लिमिटेड, फार्मा सेक्टर में सिनाई हेल्थ केयर और कृषि उपकरण में समर्थ एग्रीटेक इकाइयां शामिल हैं।  

‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा

फिल्म  तन्वी द ग्रेट मध्यप्रदेश में कर मुक्त होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में कर मुक्त: ‘तन्वी द ग्रेट’ को मिली बड़ी सरकारी घोषणा — मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा डीबी माल के सिनेमाघर में हुआ फिल्म का प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का देखा विशेष प्रदर्शन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" कर मुक्त होगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसी सार्थक फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर के साथ मंगलवार की रात्रि भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का विशेष प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म सिने प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म का विषय चयन, कलाकारों का अभिनय, गीत संगीत, सभी दर्शकों का दिल जीतने योग्य रहा। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और हमारे तानेबाने से संबंधित सार्थक संदेश देती है। यह फिल्म नहीं बल्कि एक सीख और एक पाठ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सेना से जुड़े विषयों पर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आटिज्म से प्रभावित बच्चे भी सक्षम होते हैं और वे सेना में भर्ती होने की योग्यता भी रखते हैं। यह फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्मकार अनुपम खेर और सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीबी मॉल स्थित सिनेमाघर परिसर में अनेक नागरिकों से भेंट और चर्चा भी की। फिल्म के प्रदर्शन के प्रारंभ में अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। खेर ने फिल्म प्रदर्शन के बाद कहा कि पिता का स्वप्न पूरा करने के लिए बेटी सभी जतन करती है। कोई व्यक्ति सबसे अलग हो सकता है लेकिन वह कमजोर नहीं होता। इस फिल्म की नायिका ने सिद्ध किया है, कि उसकी योग्यता से ही भारतीय सेना में उसका चयन होता है। फिल्म प्रदर्शन के अवसर पर हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोंविद सिंह राजपूत, संस्कृति, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक भगवान दास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सांख्यिकी से समृद्धि के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली हरी झंडी, 'सांख्यिकी से समृद्धि' पर सरकार का फोकस सटीक आंकड़े, सशक्त नीति: डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति नीति निर्माण को मिलेगा मजबूती का आधार, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली कैबिनेट की स्वीकृति ‘सांख्यिकी से समृद्धि’ मिशन के तहत डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, मंत्रि-परिषद ने दी मंजूरी गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5×23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4×43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश ‌द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्‌युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी। विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पौधरोपण को बताया जीवन का रक्षा कवच, सीएम यादव ने दिए पर्यावरण संरक्षण के मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य को समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

पुनरारोपण का संदेश: CM ने स्वीकारीं चूकें, 4000 पौधों से दी पर्यावरण को नई सांस

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 4,000 पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी भोपाल को हरियाली से समृद्ध बनाना और जन-जागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल उत्तर के विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण में भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। सीएम ने रोपा बेलपत्र का पौधा सीएम ने मानव संग्रहालय में बेलपत्र का पौधा रोपा। पौधारोपण के बाद सीएम ने मीडिया से चर्चा में कहा, पूरे प्रदेश में बृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा- अकेले पौधा रोपें नहीं, बल्कि बड़ा होने तक उसकी देखभाल भी करें। सीएम बोले- एमपी वन संपदा में सबसे समृद्ध राज्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज यहां 4 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं और पूरे भोपाल नगर में 5,100 पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन वृक्षों के बिना संभव नहीं है। वृक्षों से प्राप्त ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ही पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है। सीएम ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक वन संपदा है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक समृद्धि की ओर तो बढ़ ही रहे हैं, लेकिन साथ ही हमें प्राकृतिक समृद्धि और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पेड़-पौधों से रक्षाबंधन जैसा रिश्ता मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण के सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों के साथ वैसा ही आत्मीय रिश्ता है जैसा रक्षाबंधन में भाई-बहन के बीच होता है। बहनें अपने आंगन में लगे पौधों को राखी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट करती हैं।  यह हमारी संस्कृति में प्रकृति के साथ संबंध का जीवंत उदाहरण है। बेलपत्र का पौधा लगाकर दी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सिर्फ पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख तब तक करें जब तक वह बड़ा न हो जाए। पीएम के दौरे की स्मृति में किया गया आयोजन मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। मप्र में सबसे ज्यादा वन संपदा सीएम ने कहा- आज यहां (मानव संग्रहालय) चार हजार पौधे रोपे जा रहे हैं। भोपाल नगर में मिलाकर 5100 पौधे लगाने का संकल्प है। हम सब जानते हैं कि इस पृथ्वी का जीवन वृक्ष और बाकी जनजीवन से जुड़ा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ये हमारे लिए जीवन प्रदान करता है। खासकर मप्र तो और भाग्यशाली है। पूरे देश के बाकी राज्यों की तुलना में यदि सर्वाधिक वन संपदा कहीं हैं तो मप्र में हैं। हमसे जहां गलतियां हुई वहां पौधारोपण की जरूरत सीएम ने कहा- ये संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। वृक्षारोपण से रक्षाबंधन जैसा संबंध एक दूसरे से जुड़कर ही जीवन बनता है। हमारी सनातन संस्कृति में प्रारंभ से वृक्षारोपण के साथ ऐसा संबंध है जैसे कि हमारे यहां रक्षाबंधन होता है तो अपने घर-आंगन में बने गमले से लेकर पेड़ पौधों को राखी बांधकर बहनें अपने भाव को प्रकट करती हैं।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई

पालकी में भगवान चन्द्रमोलेश्वर व मनमहेश हाथी पर विराजित होकर भक्तों का कुशल-क्षेम लेने उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पूरे सवारी मार्ग पर चले पैदल मुख्यमत्री की मंशानुरुप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई अलग-अलग स्थानों पर 8 जनजातीय दलों के द्वारा दी गई प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में हुए शामिल उज्जैन  श्रावण माह का दूसरा सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को भगवान महाकाल की श्रावण माह की दूसरी सवारी में शामिल हुए। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चन्द्रमोलेश्वर के रूप में तथा हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित होकर अपने भक्तों को दर्शन देने और अपनी प्रजा का कुशल-मंगल जानने नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सवारी निकलने के पूर्व सभा मंडप में पालकी का पूजन-अर्चन किया। सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर भगवान का षोडशोपचार से पूजन-अर्चन कर आरती की गई। भगवान श्रीमहाकाल की सवारी धूमधाम से निकाली गई जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर 08 जनजातीय दलों के द्वारा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संपूर्ण सवारी मार्ग पर बाबा महाकाल की आराधना और भजन-कीर्तन करते हुए नंगे पांव चले। इस दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, संजय अग्रवाल आदि ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया और आरती में सम्मिलित हुए। भगवान महाकालेश्वर की दूसरी सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे सवारी मार्ग पर डमरु और झांझ मंजीरे बजाते हुए पैदल चले। स्कूली विदयार्थियों द्वारा घोष वादन किया गया और श्रध्दालुओं के भोले शंभु भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण उज्जैन नगरी गुंजायमान हुई। एम्बुलेन्स को निकलने के लिए जगह दी सवारी के दौरान रोगी को ले जा रही एम्बुलेन्स को सवारी मार्ग के बीच से निकलने के लिए श्रध्दालुओं द्वारा ढाबा रोड व कमरी मार्ग पर रास्ता प्रदान किया गया। सम्पूर्ण सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा की।   महाकाल के चन्द्रमोलेश्वर स्वरूप को गार्ड ऑफ ऑनर भगवान चन्द्रमोलेश्वर पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चन्द्रमोलेश्वर भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दिया गया। सवारी मार्ग में श्रद्धालुओं ने जय महाकाल के घोष के साथ अवन्तिका नगरी के राजाधिराज पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर व हाथी पर आरूढ़ भगवान मनमहेश पर पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर सवारी में पुलिस बैंड की प्रस्तुति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरुप 350 पुलिस के जवानों द्वारा पुलिस बैंड के माध्यम से नम: शिवाय ॐ नमः शिवाय, हर हर शंभू देवा महादेवा, मेरे घर राम आए है, देवा हो देवा गणपति देवा, ॐ जय शिव ओमकारा ,सत्यम शिवम सुन्दरम आदि शिवभजनों की सु-मधुर धुनों की प्रस्तुतियां दी गई जिस पर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध होकर झूमे। बाबा महाकाल की एक झलक के लिए असंख्य श्रद्धालु हुए आतुर भगवान श्रीमहाकाल की सवारी के दौरान पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो गई। महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों भक्त झांझ, मंजीरे, डमरू, ढोल आदि वाद्य बजाते हुए महाकाल की आराधना करते हुए पालकी के साथ चल रहे थे। साथ ही उज्जैन के बाहर से आये हुए भक्तगण भी बाबा की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। रामघाट पर भगवान चन्द्रमोलेश्वर का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा माँ क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया। रामघाट के दूसरी तरफ दत्त अखाडा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। साथ ही कलाकार सुलक्ष्मी तलरेजा के द्वारा भगवान शिव पर आधारित भजन प्रस्तुत किए गए। भगवान महाकालेश्वर की पालकी के रामघाट पहुंचने पर शंखनाद और भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने यहां भगवान महाकालेश्वर का पूजन अर्चन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और विकास की कामना की। पूजन – अर्चन के उपरांत भगवान महाकाल की सवारी रामघाट से रामानुज कोट ,  मोढ की धर्मशाला, कार्तिकचौक, खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर पहुंची। जहाँ परंपरानुसार सिंधिया स्टेट की ओर से गोपाल मंदिर के पुजारी द्वारा पालकी में विराजित चन्द्रमोलेश्वर का पूजन किया गया। सवारी गोपाल मंदिर से पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। जहाँ पुनः आरती उपरांत सवारी का विश्राम हुआ। 8 जनजातीय कलाकारों के दल ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप बाबा महाकालेश्वर की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 08 जनजातीय कलाकारों के दल ने महाकालेश्वर भगवान की दूसरी सवारी में सहभागिता की। जनजातीय दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर कला संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। छवीलदास भावली के नेतृत्व में नासिक महाराष्ट्र के जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य एवं अजय कुमार के नेतृत्व में हरियाणा का लोकनृत्य हरियाणवी घुमर के दल ने महाकालेश्वर मंदिर परिसर व शहनाई द्वार के पास अपने साथियों के साथ प्रस्तुति दी। खेमराज के नेतृत्व में राजस्थान का गैर-घूमरा जनजातीय नृत्य व रवि अहिरवार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश छतरपुर के बरेदी लोकनृत्य की कोट मोहल्ला चौराहे पर प्रस्तुति दी गई। अज्जू सिसोदिया के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में झाबुआ का भगोरिया नृत्य एवं बनेसिंह भाई के नेतृत्व में गुजरात जनजातीय राठ नृत्य दल ने रामानुजकोट पर अपनी संस्कृति व कला का प्रदर्शन लोकनृत्य के माध्यम से किया। माँ क्षिप्रा के तट रामघाट पर उडीसा के लोकनृत्य शंख ध्वनि सुनील कुमार साहू के नेतृत्व में व छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य लोकपंथी का दिनेश कुमार जागड़े के नेतृत्व में दलों ने महाकालेश्वर भगवान के सवारी के आगमन पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। चलित रथ में लगी एलईडी से श्रद्धालुओं ने किए दर्शन बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन के लिए सवारी के आगे और पीछे एलईडी लगे 2 रथ चले, जिस पर सवारी के लाइव प्रसारण के माध्यम से श्रद्धालुओं ने सुगमता पूर्वक दर्शन किए।