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प्रधानमंत्री मोदी का इंदौर आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत

 इंदौर  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष विमान से बुधवार को इंदौर पहुंचे, जहां उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। इंदौर एयरपोर्ट पर राज्य सरकार की ओर से स्वागत के लिये मनोनीत मिनिस्टर इन वेटिंग जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी का महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और सुकविता पाटीदार, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़ तथा महेंद्र हार्डिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी आत्मीय स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी इंदौर से धार जिले के भैंसोदा के लिये हैलीकाप्टर से रवाना हुए। 

प्रधानमंत्री मोदी: स्वदेशी आंदोलन के अग्रदूत और आत्मनिर्भर भारत के मार्गदर्शक

सीएम ब्लॉग भोपाल  "परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है, जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है, समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।" यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। प्रधानमंत्री जी का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है। उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी जी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने … Read more

17 सितंबर से अस्पतालों में विशेष स्वच्छता अभियान, सीएम डॉ. यादव ने की घोषणा

जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।  

मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी की MSP पर खरीदी का आगाज़, 15 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

 जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही. प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा। कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी। देश में पहली बार ऐसा हो रहा यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।

पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को करेंगे भूमिपूजन धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार जिले के भैंसोला में बनने वाला पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को इस पार्क का भूमिपूजन करेंगे। लगभग 2000 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह पार्क स्पिनिंग से लेकर डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा। यह देश का पहला और सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क होगा, जिसमें कपास से परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित होगी। किसानों को अब कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा बल्कि उनकी उपज यहीं मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया से गुजरकर परिधान बनेगी और वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह पार्क मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल की नई पहचान दिलाएगा। किसानों को मिलेगा वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान मध्यप्रदेश में साढ़े तीन लाख से अधिक कपास उत्पादक किसान हैं। अब तक वे केवल कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित थे, लेकिन पीएम मित्र पार्क के बाद उनकी फसल स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संपूर्ण श्रृंखला से जुड़ेगी। कपास से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और रेडीमेड परिधान तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। जैविक कपास से बने परिधान सीधे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंचेंगे। मध्यप्रदेश पहले ही विश्व के 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन का उत्पादक है, और अब किसानों को उनकी फसल का वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान दोनों मिलेंगे। विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित सबसे बड़ा पार्क धार का पीएम मित्र पार्क आकार और सुविधाओं दोनों में अद्वितीय है। यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 220 केवी सबस्टेशन और 20 एमएलडी पानी की उपलब्धता होगी। स्काडा और आईओटी आधारित यूटिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम इस पार्क को डिजिटल और स्मार्ट बनाएगा। ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रमाणन इसे टिकाऊ औद्योगिक विकास का मॉडल बनाएगा। भूमि, बिजली और पानी प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे यह पार्क भारत का सबसे किफायती और प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब बनेगा। इज ऑफ डूइंग बिजनेसऔर नीति प्रोत्साहन मध्यप्रदेश लगातार Ease of Doing Business में अग्रणी रहा है और टॉप अचीवर्स की श्रेणी में शामिल है। राज्य ने सबसे पहले जन विश्वास अधिनियम लागू किया और GIS आधारित पारदर्शी भूमि आवंटन प्रणाली स्थापित की। उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब 30 दिनों में पूरी की जा सकती है और 13 विभागों की 54 सेवाएं सिंगल विंडो सिस्टम से उपलब्ध हैं। नीतिगत प्रोत्साहनों में उद्योगों को 40 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, पांच से सात प्रतिशत ब्याज अनुदान, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन के लिए पचास प्रतिशत सहायता, निर्यात फ्रेट पर पचास प्रतिशत सब्सिडी और रोजगार आधारित अनुदान जैसी सुविधाएं मिलती हैं। केंद्र सरकार की Competitive Incentive Support योजना के अंतर्गत शुरुआती निवेशकों को 300 करोड़ रुपये तक का सहयोग मिलेगा और बिक्री पर तीन प्रतिशत तक टर्नओवर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। प्रदेश की ताकत और मेजर प्लेयर्स की उपस्थिति मध्यप्रदेश से वर्ष 2024-25 में 9,200 करोड़ रुपये से अधिक का टेक्सटाइल निर्यात हुआ है। यहां 31 गीगावॉट से अधिक पावर क्षमता उपलब्ध है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत क्लीन ग्रीन एनर्जी शामिल है। एक हजार मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक औद्योगिक जल संसाधन, छह इनलैंड कंटेनर डिपो और एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से निर्यात प्रक्रिया बेहद सहज होगी। प्रदेश पहले से ही ट्राइडेंट ग्रुप, वार्धमान, ग्रासिम, नाहर, रेमंड, प्रतिभा सिन्टेक्स, गोकलदास एक्सपोर्ट, महिमा ग्रुप और सागर ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक समूह है। इन कंपनियों की उपस्थिति से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और मशीनरी निर्माण की संपूर्ण वैल्यू चेन पहले से मौजूद है, जिसे पीएम मित्र पार्क और मजबूत करेगा। किसानों और युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव धार, झाबुआ, रतलाम और उज्जैन जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसान अब औद्योगिक क्रांति के केंद्र में होंगे। आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लाखों परिवारों का जीवन स्तर ऊँचा होगा। पीएम मित्र पार्क किसानों को स्थायी लाभ, युवाओं को वैश्विक अवसर और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल बनाने के साथ-साथ पूरे भारत के लिए टेक्सटाइल सेक्टर की नई औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात करेगी।  

मुख्यमंत्री ने की घोषणा: मध्यप्रदेश में बनेगा इंजीनियर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंजीनियरों को बताया देश का शक्ति स्तंभ

भोपाल   इंजीनियरिंग डे के अवसर पर सोमवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन सेंटर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप, न्यूज लेटर और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी नवाचार विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे और पारदर्शिता लाएंगे। मुख्यमंत्री ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि प्रदेश में इंजीनियर्स रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जहां अभियंताओं को नवीन तकनीक और कार्यपद्धति का प्रशिक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “इंजीनियर्स एक प्रकार से भगवान हनुमान के समान हैं, जिन्होंने हर अवसर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। इस अवसर पर 7 इंजीनियरों को मोक्षगुंडम विश्वैशरैया पुरस्कार और 4 ठेकेदारों को विश्वकर्मा पुस्कार से सम्मानित किया। "ईश्वर सबसे बड़ा अभियंता है" – सीएम यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियंता शब्द का अर्थ बताते हुए कहा कि अभियंता का मतलब है आरंभ और शुभारंभ करने वाला। उन्होंने कहा कि “ईश्वर ने इस संसार की रचना की है, वही सबसे बड़े अभियंता हैं। सर मोक्षगुंडम विश्वैश्वरैया ने 20वीं शताब्दी में अभियांत्रिकी के नए कीर्तिमान रचे। देश के अभियंताओं ने चिनाब ब्रिज जैसे कठिन प्रोजेक्ट बनाकर अपनी अद्वितीय क्षमता साबित की है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंजीनियरों को गति शक्ति योजना जैसे प्रोजेक्ट से लगातार प्रेरित कर रहे हैं। “जब अंतरिक्ष मिशन असफल हुआ तो पीएम मोदी वैज्ञानिकों के साथ खड़े रहे। यह संदेश है कि राष्ट्र निर्माण में तकनीक और अभियंता कितने अहम हैं।  लोक निर्माण से लोक कल्याण की ओर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें और पुल नहीं बना रहा बल्कि लोक कल्याण की नई परंपरा गढ़ रहा है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि “उन्होंने पुष्पक विमान जैसी रचना की थी। आज हमारे इंजीनियर तकनीक के सहारे अनेक ताजमहल खड़े करने की क्षमता रखते हैं। अधोसंरचना में नई इबारत लिख रहा मध्यप्रदेश कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अधोसंरचना विकास की नई गाथा लिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का विकास तेजी से हुआ है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसे प्रदेश में पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर केवल पुल-पुलिया नहीं बनाते, बल्कि वे देश की तकदीर और तस्वीर गढ़ते हैं। सिंह ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 500 लोक कल्याण सरोवर बनाए जा चुके हैं। विभाग ने लोकपथ ऐप सहित कई नवाचार किए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में एक विशेष ऐप लाया जाएगा जो कार्यों की समय-सीमा का आकलन करेगा। पीएम गति शक्ति पोर्टल से पुलों और संरचनाओं के डिजाइन में मदद मिल रही है। भारत के विकास में इंजीनियरों की विरासत प्रसिद्ध इंजीनियर और लेखक प्रशांत पॉल ने अपने वक्तव्य में भारत की इंजीनियरिंग परंपरा को याद किया। उन्होंने कहा कि आज से 2,000 साल पहले विश्व की जीडीपी का एक तिहाई भारत के पास था और इसमें हमारे इंजीनियरों का बड़ा योगदान था। “राजा भोज ने हाइड्रोलिक पावर और यांत्रिकी डिजाइन तैयार किए, चोल राजाओं ने अनाईकट्टू बांध बनाया, वराहमिहिर ने खगोल विज्ञान में क्रांति की। यह हमारी गौरवशाली विरासत है। इस अवसर पर कई अभियंताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। – मोक्षगुंडम विश्वैशरैया पुरस्कार : सुनील कौरव, प्रीति यादव, प्रमेश कोरी, संजीव कालरा, भुवना जोशी, राजीव श्रीवास्तव, दीपक शर्मा और विक्रम सोनी को प्रदान किया गया। – विश्वकर्मा पुरस्कार : हैदराबाद की एनसीसी लिमिटेड, भोपाल की निविक कंस्ट्रक्शन, गुरुग्राम की आरके जैन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. और नौगांव की हरगोविंद गुप्ता को मिला। – रानी दुर्गावती पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार : एमपीआरडीसी भोपाल के सहायक महाप्रबंधक डॉ. दीपक पांडे को दिया गया। 

राज्य सरकार का अहम फैसला, आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान के निर्देश जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य शासन ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।श्रम विभाग ने आउटसोर्स कर्मियों के वेतन की तिथि निर्धारित कर दी है। इसके तहत हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच सभी कर्मियों के वेतन का भुगतान करना होगा यह आदेश सभी शासकीय कार्यालयों, निगमों, मंडलों और प्राधिकरणों पर लागू होगा। हर माह की 7 से 10 तारीख के बीच वेतन भुगतान अनिवार्य श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि शासकीय कार्यालयों, निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में अगर 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है। इसी तरह 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। इसके लिये विभाग ने एक व्हाट्सअप नंबर भी जारी किया है, ताकी कोई भी परेशानी आने पर कर्मचारी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं और फिर विभाग उसका समाधान करेगा।     7 तारीख तक वेतन: 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है।     10 तारीख तक वेतन: 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। व्हाट्सअप नंबर जारी, कर सकते है शिकायत यदि किसी आउटसोर्स कर्मचारी को निर्धारित समय सीमा के भीतर वेतन प्राप्त नहीं होता है, तो उसके पास सीधे शिकायत दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध होगा।आउटसोर्स कर्मचारी शासन द्वारा संचालित WHATSAPP नंबर 07552555582 पर कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।विभाग उनकी शिकायत का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: विक्रमादित्य थे भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा

मुख्यमंत्री इंदौर में अखिल भारतीय बैठक में हुए शामिल  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा थे, जिनके निर्णयों की मिसाल आज भी दी जाती है। न्याय के क्षेत्र में उनकी पहचान विश्व स्तर पर अद्वितीय थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अनेक कानूनों में समयानुकूल बदलाव किए गए हैं, जो समय की आवश्यकता भी थे। न्याय व्यवस्था में मन की पवित्रता और पंचों का निष्पक्ष निर्णय ही असली न्याय है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और न्याय परंपरा पर गर्व है और न्यायालयों के निर्णयों का सबको समान रूप से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और उसका भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लव जिहाद के विषय में स्पष्ट कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। प्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्याय और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान न्याय मिले और जनता को यह विश्वास रहे कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है। कार्यक्रम को स्वामी जितेंद्रानंद जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ डॉ. अभिषेक अत्रे एवं विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक न्यायमूर्ति व्ही.एस. कोकजे विशेष रूप मौजूद थे।  

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समाज में अनुशासन लाने में संत, महात्मा और मुनियों का अहम योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. यादव के अनुसार समाज को अनुशासित करने में संत-महात्माओं की महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री ने इंदौर में जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के अधिवेशन में की सहभागिता इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज को अनुशासित रखने में संत महात्माओं और मुनियों की महती भूमिका रही है। धर्म गुरुओं के संदेश, उपदेशों से भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ के 14 वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में "सेवा पखवाड़ा अभियान" शुरू किया जा रहा है। अभियान सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने सभी से अभियान में सहभागिता का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योग विकास, निवेश और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। गौमाताओं, गौशालाओं का संरक्षण, दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बेहतर कार्य हुए हैं। इन सब प्रयासों से प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। संघ मिलन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आचार्य विश्वरत्न सागर का शुभाशीष प्राप्त किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंगल कलश और शुभ अक्षतों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय समारोह में अन्य राज्यों व जिलों से धर्मावलंबी शामिल हुए। इस दौरान आचार्य विश्वरत्न सागर ने आशीष वचनों से उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया अपने सरल, सहज और समन्वय भाव से प्रदेश को विकास की ओर ले जा रहे हैं। नए उद्योग और रोजगार, धार्मिक न्यास को लेकर प्रदेश में जो कार्य हुए है वे अतुल्यनीय है। सरकार ने जन हितैषी कार्यों बढ़ावा दिया है। समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, श्वेतांबर मालवा महासंघ के पदाधिकारी, सदस्य, एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए जारी हैं सतत प्रयास

प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने हो रहे हैं निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में बोटिंग कर जेट स्काय की सवारी की गांधी सागर के प्राकृतिक सौंदर्य का लिया आनंद गांधीसागर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गांधीसागर में चंबल नदी के अद्भुत और आकर्षक प्राकृतिक नजारे का अनुभव करते हुए बोटिंग की। बोट में बैठकर उन्होंने नदी की मनोहारी छटा को निहारा और इस मनमोहक सफर का आनंद लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। चंबल नदी क्षेत्र में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियाँ न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। बोटिंग के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंबल नदी में जेट स्काय की सवारी भी की। पानी की लहरों पर बाइक बोट चलाते हुए मुख्यमंत्री अत्यंत प्रसन्नचित और उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों को देखने-समझने का नया अवसर भी प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सफारी जीप में बैठकर टेंट सिटी का भी अवलोकन किया और यहां की पर्यटन सुविधाओं एवं आकर्षक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ सांसद सुधीर गुप्ता, गरोठ विधायक चंदर सिसोदिया, कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा सहित पर्यटक मौजूद रहे।