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कलेक्टर-कमिश्नर को मिले सख्त निर्देश, सीएम मोहन यादव ने जिलों में सफलता सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा

  मंदसौर प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े की जिलों में सफलता के लिए प्रभारी मंत्री, संभागायुक्त व कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। जिलों में कलेक्टरों को इसका नेतृत्व करना होगा, तो प्रभारी मंत्री समय-समय पर मार्गदर्शन करेंगे। जबकि संभागों में संभागायुक्त निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने मंदसौर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभागों के संभागायुक्तों व जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की और उन्हें जिम्मेदारी दी। यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार सेवा पखवाड़ा के दौरान जनसामान्य के बीच खादी की ब्रांडिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनकी खरीदी-बिक्री के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार कराना होगा। स्थानीय उत्पादों व स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की जाने वाली सामग्री के लिए प्रदर्शनी व मेले लगाने होंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर मंथन पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखने 17 सितंबर को धार के भैंसोला आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग हुई। गृह विभाग के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने गृह विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और डीजीपी कैलाश मकवाना को कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा और आमजन की आवाजाही को लेकर स्थिति साफ करने को कहा। बिंदुवार निगरानी के निर्देश दिए। सेवा पखवाड़े में यह होगा     रक्तदान शिविर लगेंगे, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा, जिसके लिए एलइडी लगाने होंगे, स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, नगरीय निकायों व पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलेगा। एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम के तहत वृक्षारोपण करना होगा।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, सागर में नमो मैराथन होगी।     27 व 28 सितंबर को कलेक्टर सामाजिक न्याय विभाग को कलेक्टर की निगरानी में दिव्यांगजनों के लिए जिले के स्तर पर शिविर लगाने होंगे।

सीएम मोहन यादव के साथ बड़ा हादसा टला, हॉट एयर बैलून में लगी आग

मंदसौर मंदसौर के गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में शनिवार सुबह बड़ा हादसा टल गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हॉट एयर बैलून में सवार हुए थे, लेकिन तेज हवा (20 किमी/घंटा) के कारण बैलून उड़ नहीं सका. इसी दौरान बैलून के निचले हिस्से में आग लग गई. मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया. वहीं, सीएम जिस ट्रॉली में बैठे थे, उसे सुरक्षाकर्मियों ने मजबूती से संभाले रखा, जिससे वे पूरी तरह सुरक्षित रहे.  मंदसौर में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। मंदसौर में सीएम के हॉट एयर बैलून में उड़ान भरने से ठीक पहले उसमें अचानक आग लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में शानिवार सुबह आग लग गई, इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता से आग को बुझाया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह सीएम मोहन यादव गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट पहुंचे थे और यहां बोटिंग का लुत्फ उठाया। इसके बाद वह मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता के साथ हॉट एयर बैलून के रोमांचकारी सफर पर निकल रहे थे। लेकिन हवा की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा होने से बैलून नहीं उड़ सका। बताया जा रहा है कि हादसे के समय सीएम बैलून के नीचे खड़े थे और बैलून में हवा भरने के दौरान उसके निचले हिस्से में आग लग गई। वहां मुस्तैद सिक्योरटी गार्ड्स ने तुरंत ट्रॉली को संभाला और आग को बुझाया, जिससे सीएम डॉ. यादव पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद सीएम का हॉट एयर बैलून का सफर रद्द कर दिया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीसागर महासागर के समान है। यहां प्राकृतिक रूप से भी वन्यजीव संपदा है। मैं रात में यही रुका था और वॉटर एक्टिविटी में शामिल हुआ। पर्यटकों के लिए यह स्वर्ग समान है। विदेश क्यों जाना जब यहीं पर ऐसी धरोहर और स्पॉट हैं। हॉट एयर बैलून एक्सपर्ट ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच हवा की रफ्तार न के बराबर रहती है। हॉट एयर बैलून में हवा की रफ्तार जीरो होनी चाहिए, लेकिन जब सीएम सवार हुए, तब रफ्तार 15 से 20 किमी प्रतिघंटा तक थी। इस वजह से बैलून ऊपर नहीं जा सका। जब उसमें एयर भरी जा रही थी तो वह नीचे झुक गया। इससे निचले हिस्से में आग लग गई। इसके ठीक नीचे सीएम खड़े थे। इसके चलते सीएम सिक्योरिटी भी अलर्ट हुई और ट्रॉली को संभाले रखा। दूसरी ओर, एक्सपर्ट और कर्मचारियों ने आग को बुझाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश: जनकल्याण और विकास के लिए न रुकें, न थकें

मुख्यमंत्री ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले सेवा पखवाड़ा के संबंध में कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स से वीसी के जरिए की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की सेवा ही हमारा धर्म है। यही हमारा लक्ष्य भी है। आने वाली 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान नागरिकों की सेवा और सुविधा से जुड़े सभी कार्यों सहित स्वच्छता गतिविधियां भी आयोजित की जाएं। सेवा पखवाड़े को जनता को प्रदेश में सुशासन का भरपूर लाभ देने वाला पखवाड़ा बनाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंदसौर जिले के गांधीसागर से सेवा पखवाड़ा की तैयारियों के संबंध में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स से मुखातिब हो रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मैदानी अधिकारियों से सेवा पखवाड़ा के क्रमबद्ध आयोजन के बारे में चर्चा की और इसकी रूपरेखा सहित तैयारियों की जानकारी भी ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मंत्रालय से इस वीसी में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से कहा कि प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजेस के निर्माण कार्य अब विस्तारित स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आमूल-चूल सुधार होगा। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त हेल्थ बॉडीज प्रदेश के नागरिकों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा‍ कि प्रदेश के बड़े गांवों, नगरीय निकायों एवं बड़े शहरों में सौंदर्यीकरण और हरियाली के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से "नमो पार्क, नमो वन, नमो उपवन" जैसे हरे-भरे उद्यानों का विकास किया जाए। ऐसे वन-उपवन न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और हराभरा बनाएंगे, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराएंगे। इसलिए उद्यानिकी गतिविधियों एवं उद्यान विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय बहुल अंचल के विकास एवं समृद्धि के लिए राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय एवं प्रादेशिक विकास योजनाओं का संचालन कर अनेक प्रकार के अधोसंरचना निर्माण कार्यों की सौगातें दी जा रही हैं। इन लक्षित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की सहज उपलब्धता से ही जनजातीय क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। इसके लिए कलेक्टर्स सेवा पखवाड़ा अवधि में जनजातीय अंचल में प्रचार-प्रसार एवं सभी नवाचारी गतिविधियां आयोजित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की मेहनत का भरपूर लाभ दिलाना और उनकी फसल की चिंता हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दिनों आई प्राकृतिक आपदा एवं कीट प्रकोप से किसानों की फसलों को हुई क्षति का पूरी संवेदनशीलता के साथ आंकलन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल क्षति का पारदर्शी तरीके से सम्पूर्ण सर्वे कार्य शीघ्र पूरा कर लें, इससे किसानों को समय पर समुचित मुआवज़ा एवं फसल बीमा योजना की क्षतिपूर्ति राशि का लाभ भी मिल सकेगा। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि इस काम में तेजी लायें, जिससे सरकार पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि दे सके।  

चम्बल की लहरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रूज़ सफर और मधुर गीतों की गूंज

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार की शाम को गांधीसागर में चम्बल नदी की अद्भुत और मनमोहक छटा का अनुभव करते हुए क्रूज़ की सवारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गीत भी गुनगुनाए तथा क्रूज़ में बज रहे गीतों का आनंद लेकर सभी के बीच एक आत्मीय माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नदी की निर्मल धाराओं पर आगे बढ़ते हुए प्रकृति की गोद में कुछ समय बिताया। हरियाली से आच्छादित नदी किनारे, घने वृक्षों की श्रृंखलाएँ और पक्षियों का कलरव एक अलौकिक वातावरण प्रस्तुत कर रहे थे। कभी लहरों की मधुर ध्वनि तो कभी ठंडी हवाओं का स्पर्श, इन सबने यात्रा को और भी रोमांचक एवं आनंददायी बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चम्बल का यह नैसर्गिक सौंदर्य प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देगा। यहाँ की स्वच्छ जलधारा और प्राकृतिक वातावरण न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि प्रकृति प्रेमियों को भी आत्मिक सुकून प्रदान करेगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सुरक्षा संदेश, हेलमेट पहनकर छात्रों को किया जागरूक

हेलमेट पहनकर स्टूडेंट्स को CM डॉ. यादव ने दिया सुरक्षा का पाठ, रोड सेफ्टी पर दिया जोर स्कूल के टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री सिंह भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आहवान किया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूटी वितरण से लाभान्वित टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम में हेलमेट पहन कर स्कूटी पर सवारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलमेट पहन कर विद्यार्थी को यह संदेश भी दिया कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। यातायात नियमों का रखे ख्याल स्कूल एवं परिवहन मंत्री सिंह ने हितग्राही विद्यार्थियों से सुरक्षा के लिये यातायात नियमों का पालन करने का आहवान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने और पीछे बैठने वालो को भी दोनों हेलमेट पहनें के लिये कहें। ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन का पालन जरूर करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, मोबाइल का उपयोग दुर्घटना का कारण बनता है। सड़‍क पर मुड़ने से पहले इंडिकेटर अवश्य दें और हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें। गलत दिशा में न चलें और ओवरटेक से बचें। वाहन की नियमित जाँच करें। ब्रेकलाइट, टायर और अन्य उपकरण सही हालत में रखें। दो पहिया वाहनों पर दो से ज्यादा लोग न बैठें। परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग ने 16 वर्ष से 18 वर्ष तक की उम्र में 50 सीसी से कम इंजन वाली गेयरलेस वाहन के लिये, 16 साल की उम्र में लर्नर लायसेंस ओर 18 साल पूरे होने पर गियर वाले लाइट मोटर व्हीकल के लिये स्थायी ड्रायविंग लायसेंस दिये जाने का प्रावधान है। लर्नर लायसेंस जारी होने के 30 दिन बाद 180 दिन के भीतर ड्रायविंग टेस्ट देना अनिवार्य किया गया है। पिछले 3 वर्षों में 23 हजार 454 टॉपर्स को दी गई स्कूटी प्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये राज्य सरकार ने 3 वर्ष पहले नि:शुल्क स्कूटी प्रदाय योजना शुरू की थी। इस योजना में अब तक सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में 23 हजार 454 टॉपर विद्यार्थियों को 246 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि व्यय कर स्कूटी प्रदान की गई है। टॉपर्स द्वारा चयन की गई पेट्रोल स्कूटी पर 90 हजार और इलेक्ट्रिकल व्हीकल चयन करने पर एक लाख 20 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस राशि में रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और हेलमेट की सुविधा भी शामिल है।  

मोहन भागवत का ट्रंप पर करारा कटाक्ष: डर है तो टैरिफ लगाओ!

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि यह टैरिफ भारत के बढ़ते प्रभाव के डर का नतीजा है. भागवत ने कहा, "दुनिया में लोगों को डर लगता है, भारत बड़ा होगा तो हमारा क्या होगा? तो लगाओ टैरिफ, डर लगता है उनको." उन्होंने आगे कहा कि "हमे चाहिए, मुझे चाहिए, यही व्यक्ति के झगड़े से राष्ट्र झगड़े का कारण होता है." भागवत ने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया को आज समाधान चाहिए और भारत ही पूरी दुनिया को सही रास्ता दिखा सकता है. उन्होंने भारत के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां लोग अभाव में भी खुश रहते हैं, और हालात बदलेंगे तो बदलेंगे. ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50 फीसदी टैरिफ  आपको बता दें कि अमेरिका ने 2025 में भारत पर रिकॉर्ड स्तर के टैरिफ लगाए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हें “रिसिप्रोकल टैरिफ” नीति के तहत लागू किया है. पहली बार जुलाई 2025 में यह टैरिफ लगाया गया था, जो 1 अगस्त से प्रभावी हुआ. उस समय अमेरिका ने कारण बताया गया कि भारत के ऊंचे टैरिफ और व्यापार घाटे का जवाब देना जरूरी है. इसके बाद अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने दूसरा टैरिफ लगाया, यह कहते हुए कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और इससे यूक्रेन युद्ध को फंड मिल रहा है. इन दोनों फैसलों के बाद अमेरिका ने भारतीय निर्यातों पर टैरिफ की दर 50% तक पहुंच गई है, जो अमेरिका के किसी भी बड़े व्यापारिक साझेदार पर लगाए गए सबसे ऊंचे टैरिफ हैं.  

मध्य प्रदेश की नई उड़ान: CM करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, स्टार्टअप हब की ओर कदम

 भोपाल  प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए युवा उद्यमियों का उज्जैन में समागम होगा। प्रदेश सरकार उज्जैन में स्टार्टअप समिट व युवा उद्यमी सम्मेलन की योजना बना रही है। इसमें स्टार्टअप पालिसी की खूबियां बताई जाएंगी। इसके अलावा मुरैना में कृषक सम्मेलन भी किया जाएगा। कृषि आधारित उद्योग को प्राथमिकता में रखकर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। स्टार्टअप समिट का आयोजन मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना, नवाचार और रोजगार प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाएगा। मप्र में पांच हजार से अधिक स्टार्टअप है। इनमें 47 प्रतिशत महिला स्टार्टअप, 73 इंक्यूबेटर्स हैं। इससे 50 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। समिट में प्रयास होगा कि अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करना, 100 करोड़ के सीट कैपिटल फंड की स्थापना 1.10 लाख रोजगार सृजन और 500 से अधिक स्टार्टअप मार्केट में स्थापित किए जा सकें। इस माह के अंत तक या अक्टूबर में यह दोनों ही आयोजन करने की तैयारी है। सीहोर में नवंबर में होगा कृषि उद्योग समागम समिति गठितमंदसौर और नरसिंहपुर के बाद नवंबर में सीहोर में कृषि उद्योग समागम-2025 (एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज कान्क्लेव) का आयोजन होगा। आयोजन वृहद स्तर पर कई विभागों की सहभागिता से किया जाएगा। इसमें देशभर के कृषि क्षेत्र में निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। कृषि उद्योग समागम के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा समिति गठित की गई है। मुख्यमंत्री आज गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ मंदसौर के गांधीसागर में फारेस्ट रिट्रीट का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार मंदसौर में गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्जरी कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फारेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हाट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। इस सीजन में राक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है तथा बायोडायवर्सिटी वाक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं।

मनरेगा में मध्य प्रदेश की बड़ी छलांग, सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार दिलाने में देश में मध्यप्रदेश प्रथम भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग को अब तक सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य मध्यप्रदेश बना है। वर्तमान में मध्यप्रदेश देशभर में पहले पायदान पर है। प्रदेश में 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी प्रदेश में कुल 62 लाख 56 हजार परिवार जॉबकार्ड धारी परिवारों के 1 करोड़ से अधिक श्रमिक सक्रिय रूप से पंजीकृत हैं। 32 लाख से अधिक परिवारों को मिला रोजगार वर्ष 2025-26 में मनरेगा अंतर्गत प्रदेश में 32 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस अवधि में 47 लाख 38 हजार श्रमिकों ने विभिन्न कार्यों में भाग लिया, जिनमें से 10 लाख 37 हजार परिवारों के 15 लाख 81 हजार श्रमिक अनुसूचित जनजाति वर्ग से थे। प्रदेश में कुल सृजित मानव दिवस 11 करोड़ 55 लाख में से 3 करोड़ 53 लाख मानव दिवस आदिवासी परिवारों द्वारा सृजित किया गया, जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अधिक है और योजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण हैं। मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में किए जाने वाले कार्य मनरेगा के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न प्रकार के सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें खेत तालाब, अमृत सरोवर, डगवेल रिचार्ज जैसे संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का निर्माण व मरम्मत, व्यापक स्तर पर पौधरोपण, बोरी बंधान, मेड़ बंधान, चेक-डैम, भूमि समतलीकरण, बागवानी, पशुशेड निर्माण एवं अन्य ग्रामीण विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार के साथ अनुसूचित जनजाति वर्ग को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा समृद्ध मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों को केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना भी है। प्रदेश में वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजना के अंतर्गत अब तक देशभर में सबसे अधिक अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  

सीएम डॉ. यादव करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, लक्ज़री कैंपिंग और हवाई रोमांच का केंद्र बनेगा

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।  

माली हालत पर विपक्ष का वार: जीतू पटवारी बोले – हर नागरिक पर चढ़ा 54 हजार से ज्यादा का कर्ज

भोपाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पूरी तरह से उल्लंघन किया है। मोहन सरकार ने राज्य को कर्ज के गहरे दलदल में धकेल दिया है। पटवारी ने कहा कि राज्य पर मार्च 2024 तक कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 में बढ़कर 4.21 लाख करोड़ रुपये हो गया और जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा 4.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार नए ऋण ले रही है। पूर्व सीएम शिवराज पर लगाए आरोप उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गए और दिल्ली चले गए। अब मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं और हर महीने नए ऋण ले रहे हैं। पटवारी ने कहा कि राज्य की वित्तीय हालत इतनी खराब हो गई है कि सरकार केवल ब्याज चुकाने के लिए कर्ज ले रही है। अनुमानों के अनुसार, वर्तमान ऋण पर वार्षिक ब्याज भुगतान लगभग 29,700 करोड़ रुपये है। बीजेपी की नीतियों पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि बीजेपी की गलत नीतियों ने राज्य की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने सिर्फ 162 दिनों में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज लिया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही सरकार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्ज चुकाने के लिए भी कर्ज ले रही है। पटवारी ने कहा, 'आज स्थिति इतनी विकट है कि सरकार को पिछले ऋणों पर ब्याज चुकाने के लिए भी नए ऋण लेने पड़ रहे हैं। औसतन, राज्य हर दिन लगभग 154 करोड़ रुपये का कर्ज ले रहा है। हर हफ्ते यह आंकड़ा 1,078 करोड़ रुपये है।' एक नागरिक पर 50 हजार से ज्यादा का कर्ज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक नागरिक पर कर्ज का प्रति व्यक्ति बोझ 54,375 रुपये है। मध्य प्रदेश की आबादी लगभग 8 करोड़ है। वर्तमान कुल ऋण 4.35 लाख करोड़ रुपये है। यानी, प्रत्येक नागरिक पर औसतन 54,375 रुपये का कर्ज है। हर नागरिक को 'बीजेपी नेताओं की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार' का बोझ उठाना होगा। यह कर्ज कौन चुकाएगा? क्या राज्य के लोगों को हमेशा कर्ज और ब्याज का बोझ उठाना पड़ेगा? बीजेपी नेताओं की विलासिता की राजनीति के लिए लोगों को क्यों भुगतान करना चाहिए?'