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बारिश ने दी बिजली विभाग को बड़ी राहत, अधिकतम मांग 6197 मेगावाट घटी

ओबरा (सोनभद्र)
 प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर बिजली की खपत और अधिकतम मांग पर पड़ा है। बीते 24 घंटों में प्रदेश की बिजली खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकतम बिजली मांग में भी 6197 मेगावाट की कमी आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच बारिश से आई इस गिरावट ने बिजली प्रबंधन को बड़ी राहत दी है।

यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार 24 सितंबर को प्रदेश में बिजली की खपत 501.3 मिलियन यूनिट दर्ज की गई थी। मौसम में हुए बदलाव के बाद बारिश का दौर तेज होने से 25 सितंबर को यह घटकर 376.2 मिलियन यूनिट रह गई। इस तरह एक दिन में खपत में 125.1 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज हुई। इसी तरह बिजली की अधिकतम मांग भी तेजी से नीचे आई।

24 सितंबर को प्रदेश में अधिकतम मांग 27577 मेगावाट थी, जो 25 सितंबर को घटकर 21380 मेगावाट रह गई। यानी मांग में एक दिन में 6197 मेगावाट की गिरावट दर्ज हुई। दरअसल सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश कमजोर पड़ने के साथ उमस बढ़ने से बिजली की मांग में फिर तेजी आई थी।

23 सितंबर की रात प्रदेश में मांग 29 हजार मेगावाट के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद 24 सितंबर को भी मांग 27577 मेगावाट रही। ऐसे में बारिश की सक्रियता बढ़ने से तापमान और उमस में कमी आई तथा पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर जैसे घरेलू विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में कमी का असर कुल खपत पर दिखाई दिया।

दो दिन और सक्रिय रह सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को भी दोनों अंचलों में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि 28 सितंबर से प्रदेश में मौसम साफ़ होने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में अगले एक-दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने पर बिजली की मांग अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि 28 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और तापमान बढ़ने की स्थिति में घरेलू खपत एक बार फिर बढ़ सकती है। इससे बिजली की मांग में दोबारा उछाल होने की संभावना जताई जा रही है।

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