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तकनीकी साझेदारी की पहल: मुख्यमंत्री यादव का सबमर कंपनी में दौरा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में सबमर कंपनी का किया दौरा मध्यप्रदेश को एआई-रेडी, ग्रीन और सस्टेनेबल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में अहम पहल तकनीकी साझेदारी की पहल: मुख्यमंत्री यादव का सबमर कंपनी में दौरा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करने और वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को स्पेन के बार्सिलोना में स्थित इमर्शन कूलिंग टेक्नोलॉजी में अग्रणी कंपनी सबमर के मुख्यालय का दौरा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबमर की अत्याधुनिक तकनीकों, कार्यप्रणाली और ग्रीन एनर्जी समाधानों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्हें स्मार्ट पोड और माइक्रो पोड जैसी उन्नत तकनीकों के साथ ही कंपनी की डिजाइन एंड बिल्ड क्षमताओं तथा इनोवेशन लैब्स की जानकारी दी गई। सबमर ने बताया कि वह अब तक 400 मेगावॉट से अधिक इमर्शन कूलिंग समाधान विश्वभर में तैनात कर चुकी है और OCP-रेडी ग्रीन कूलिंग सॉल्यूशन प्रदान करने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश डेटा सेंटर और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वैश्विक निवेश के लिए एक नई ऊर्जा और अवसर का केंद्र बन रहा है। सबमर जैसी अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी से राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।" दौरे के दौरान सबमर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच संभावित रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। कंपनी सबमर को मध्यप्रदेश में तकनीकी सलाहकार और सर्टिफायर के रूप में शामिल कर, नए डेटा सेंटर परियोजनाओं की डिजाइन, सस्टेनेबिलिटी और एआई-रेडिनेस के मानकों को परिभाषित करने में भागीदार बनाया जाएगा। सबमर ने यह भी अवगत कराया कि वह भारत में अपनी कमर्शियल, आरएंडडी और प्रोडक्शन इकाइयों की स्थापना की योजना बना रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता देते हुए कंपनी के इंडिया हेड देव त्यागी जुलाई के अंत में मध्यप्रदेश का दौरा करेंगे, जिससे संभावित साझेदारियों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा न केवल तकनीकी नवाचारों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का माध्यम बनी, बल्कि यह प्रदेश को ग्रीन और AI-रेडी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध होगी। 

मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला: एक परीक्षा, कई सरकारी नौकरियों का रास्ता खुलेगा

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में होने वाली कर्मचारियों की नियुक्ति का पैटर्न बदलने जा रहा है. अब सरकारी विभागों में होने वाली नियुक्तियां यूपीएससी की तर्ज पर की जाएंगी. यानि कि विभिन्न सरकारी विभागों के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इस परीक्षा के माध्यम से सभी विभागों के विभिन्न रिक्त पदों के लिए एक ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक वर्ष में एक ही भर्ती परीक्षा कराए जाने के संबंध में प्रारंभिक दौर की चर्चा कर चुके हैं. इस संबंध अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. उम्मीदवारों को केवल एक बार देनी होगी फीस एकल भर्ती परीक्षा से अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा की झंझट से मुक्ति तो मिलेगी ही, साथ ही अलग-अलग विभागों की परीक्षा के लिए बार-बार आवेदन करने और फीस भरने की जरूरत नहीं रहेगी. उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करने और स्लॉट चुनने में दिक्कत नहीं होगी. इससे सरकार को बार-बार परीक्षा आयोजित कराने के लिए समय और पैसा बर्बाद नहीं करना पड़ेगा. यदि कोई उम्मीदवार चयनित पद नहीं लेता है, तो वेटिंग लिस्ट के कारण अगला उम्मीदवार तुरंत नियुक्त हो सकेगा. इससे रिक्तियों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने बार-बार परीक्षा पर जताई चिंता मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर साकेत मालवीय ने बताया कि "विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं आयोजित करने से सबसे अधिक परेशानी अभ्यर्थियों को होती थी. ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को परिवर्तित करने के निर्देश दिए थे. मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के लिए एसएससी और यूपीएससी की परीक्षाओं का पैटर्न आदर्श है. जिससे यूपीएससी की तरह मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में भी एकल परीक्षा का आयोजन किया जा सके. जिस तरह संघ लोक सेवा आयोग एक परीक्षा कराता है और विभिन्न श्रेणी के उपलब्ध पदों के लिए मेरिट के हिसाब से चयन होता है. अब यही प्रक्रिया मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में नियुक्ति के लिए अपनाई जाएगी. सभी विभागों में एक जैसे होंगे भर्ती नियम अधिकारियों ने बताया कि एकल परीक्षा प्रणाली में सभी सरकारी विभागों के भर्ती नियम भी अब एक जैसे होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ही इन्हें बनाकर अधिसूचित करने के लिए देगा. यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि प्रदेश के सभी सरकारी विभागों की नियुक्तियों में एकरूपता रहे. इसमें समान प्रकृति के पदों के लिए एक जैसे नियम हो जाएंगे. साथ ही यह लाभ भी होगा कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों को विज्ञापन निकालते समय विभागीय भर्ती नियम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और समय पर विज्ञापन जारी हो जाएंगे. कोर्ट जाने के लिए बाध्य नहीं होंगे अभ्यर्थी अभी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं की घटनाएं सामने आती रहती है. लेकिन नई व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए नियम से लेकर परीक्षा का पूरा ब्योरा ऑनलाइन रहेगा. अभी राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली परीक्षा में कई चीज सार्वजनिक नहीं की जाती हैं, जिससे अभ्यर्थी कोर्ट चले जाते हैं. परीक्षा परिणाम या चयन सूची पर रोक लगा जाती है. इससे पूरी प्रक्रिया रुक जाती है. आगे ऐसा न हो, इसके लिए सभी जानकारियां ऑनलाइन की जाएंगी, ताकि किसी को सूचना के अभाव में कोई भ्रम या संदेह ना रहे और अभ्यर्थी कोर्ट जाने के लिए बाध्य न हो. नए पैटर्न में इस प्रकार होंगी परीक्षाएं     मध्य प्रदेश शासन के सभी विभागों के लिए साल में एक बार एकल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा.     इसमें सभी श्रेणी के पदों के लिए मेरिट के हिसाब से सूची बन जाएगी, लेकिन वेटिंग लिस्ट एक रहेगी.     एकल परीक्षा के लिए सभी विभागों से रिक्त पदों की संख्या साल में एक बार पूछी जाएगी.     सभी विभागों से मिले प्रस्तावों के आधार पर सितंबर महीने में परीक्षा का कैलेंडर तैयार किया जाएगा.     सामान्य प्रशासन विभाग जनवरी 2026 से कर्मचारियों के चयन की यह प्रक्रिया लागू करने की तैयारी में है. इन विभागों में बड़ी संख्या में होगी भर्ती बता दें कि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने साल 2024 के जून महीने में आयोजित कैबिनेट बैठक स्वास्थ्य विभाग के 46,491 नए पदों का भर्ती करने का निर्णय लिया था. इसी प्रकार 22 अक्टूबर, 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग में सहायिका के 12,670 पद और सुपरवाइजर के 467 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई थी. वहीं बीते 9 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 49 हजार 263 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इन पदों पर भर्ती आने वाले वर्षों में की जाएगी. बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों में 1 लाख 40 हजार पद खाली हैं. सरकार एक साल में इनमें से 27 हजार रिक्त पदों को भरने जा रही है.

वस्त्र उद्योग में नया युग: मध्यप्रदेश बनेगा वैश्विक विनिर्माण का हब – CM डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दूसरे दिन का फोकस वैश्विक कपड़ा एवं फैशन क्षेत्र के दिग्गजों से निवेश संवाद का रहा। स्पेन के गैलिसिया स्थित इंडिटेक्स मुख्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को “हरित, लागत-प्रतिस्पर्धी और ट्रेसिबल उत्पादन हब” के रूप में प्रस्तुत किया। बैठक में इंडीटेक्स समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापारिक साझेदारी और सतत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र में वैश्विक साझेदारियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इंडिटेक्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड की उपस्थिति से राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और हरित उत्पादन को गति मिलेगी। हम इस साझेदारी को सभी स्तरों पर समर्थन देने को तत्पर हैं। मध्यप्रदेश टेक्सटाइल सेक्टर के लिए आदर्श स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश देश के शीर्ष कच्चा कपास उत्पादक राज्यों में से एक है, जहाँ सालाना लगभग 18 लाख बेल्स (3 लाख मीट्रिक टन) का उत्पादन होता है। राज्य में 15 से अधिक टेक्सटाइल क्लस्टर हैं इसमें इंदौर, मंदसौर, बुरहानपुर, उज्जैन, नीमच जैसे केंद्र टेक्सटाइल उत्पादन में अग्रणी हैं। पीएम मित्रा पार्क: इंडिटेक्स के लिए सुनहरा अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार जिले में भारत सरकार की पीएम मित्रा योजना के अंतर्गत विकसित हो रहा टेक्सटाइल मेगा पार्क इंडिटेक्स जैसे वैश्विक ब्रांडों के लिए सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग का आदर्श केंद्र बन सकता है।मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस पार्क में गारमेंटिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। ऑर्गेनिक कॉटन में भागीदारी का आह्वान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत का अग्रणी ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादक है। राज्य में यहां विशेषकर निमाड़ और मालवा क्षेत्रों में बहुतायत में कॉटन का उत्पादन होता है। यहाँ GOTS-सर्टिफाइड किसान समूह सक्रिय हैं, जो इंडिटेक्स की सस्टेनेबिलिटी और ट्रेसिबिलिटी नीतियों के लिए आदर्श साझेदार हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मर-टू-फैब्रिक वैल्यू चेन पर इंडिटेक्स के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया। ESG फ्रेमवर्क में मेल-जोल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार (ईएसजी) (Environment, Social, Governance) मूल्यों को बढ़ावा देती है। वॉटर रिसायक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और डीसेंट वर्क स्टैंडर्ड्स राज्य में लागू हैं। इंडिटेक्स की जिम्मेदार सोर्सिंग नीति के साथ मध्यप्रदेश की दृष्टि पूरी तरह से मेल खाती है। निर्यात और वैश्विक संभावनाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य से टेक्सटाइल और गारमेंट का वार्षिक निर्यात 7 हजार करोड़ रूपये से अधिक है, जिसमें यूरोपीय संघ प्रमुख है। उन्होंने बताया कि इंडिटेक्स जैसे ब्रांड की साझेदारी से यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ रूपये तक पहुँच सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। नीतिगत समर्थन और लॉजिस्टिक सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नवीन औद्योगिक एवं निर्यात नीति – 2025 की विशेषताओं को साझा किया, जिसमें भूमि पर 90% सब्सिडी, मशीनरी पर 40% पूंजी सहायता, ग्रीन टेक्नोलॉजी पर 50% सहायता और ऋण पर ब्याज सब्सिडी आदि शामिल हैं। इंडीटेक्स को साझेदारी का निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडिटेक्स को आमंत्रण दिया कि वह पीएम मित्रा पार्क में सप्लाई चेन एंकर के रूप में भागीदारी बने। उन्होंने एक ऑर्गेनिक कॉटन ट्रेसिंग प्लेटफॉर्म और ई एस जी सर्टिफाइड एमएसएमई के साथ वेंडर डेवेलपमेंट प्रोग्राम प्रारंभ करने का सुझाव भी दिया। उल्लेखनीय है किस्पेन की Inditex (Industria de Diseño Textil S.A.) दुनिया की बड़ी फैशन रिटेल कंपनियों में से एक है। इसके अंतर्गत ज़ारा, मैसिमो दुत्ती, बेरशका, बुल एंड बीयर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं। कंपनी का मुख्यालय गैलिसिया के आर्तेइशो में है। यह अपने फास्ट फैशन मॉडल, ट्रेसिबल सप्लाई चेन और टिकाऊ प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है। भारत में इंडिटेक्स, टाटा समूह के साथ ज़ारा और मैसिमो दुत्ती ब्रांड्स के माध्यम से कार्यरत है।  

इंदौर सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़ श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित

मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का बना अग्रदूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में मध्य प्रदेश फिर अव्वल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़ श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर 5वें और ग्वालियर 14वें स्थान पर 3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में उज्जैन, देश के शीर्ष शहरों में शामिल ग्वालियर को मिला प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों और नगरीय निकायों को बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के सम्मान समारोह में इंदौर को 'सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़' श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि विगत 7 वर्षों से स्वच्छ शहरों की श्रेणी में इंदौर ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इंदौर के साथ भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं बुधनी को भी विभिन्न श्रेणियों में स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का अग्रदूत बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए प्रदेश के समस्त स्थानीय निकायों के नागरिकों, विशेषकर स्वच्छताकर्मियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को स्पेन यात्रा के दूसरे दिन जारी संदेश में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हमेशा की तरह एक बार फिर टॉप किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्यों को स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी शहरों की एक लीग बनाई गई, जिसमें इंदौर को शीर्ष स्थान मिला। इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार-2024 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की नवीन श्रेणी "स्वच्छ लीग अवार्ड" में सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। धार्मिक नगरी उज्जैन को स्वच्छ लीग अवार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छ लीग अवार्ड में धार्मिक नगरी उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला है। इसी प्रकार 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बुदनी सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। जबकि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर पांचवें और ग्वालियर 14वें स्थान पर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छता में प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड ग्वालियर को मिला। पचास हजार से तीन लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी पहले ही बन चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के 29वें मुख्य न्यायाधिपति की शपथ लेने पर न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका अनुभव, न्याय के प्रति प्रतिबद्धता, दूरदृष्टि और अनुशासन निश्चित ही भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि सचदेवा अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, मौलिक अधिकारों की प्रतिष्ठा और शीघ्र एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें तथा न्याय एवं संविधान की गरिमा को नई दिशा दें, यही शुभकामनाएं हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विश्व विख्यात खेल अधोसंरचना डिज़ाइन कंपनी ‘पॉपुलस’ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज बेटनकौर ने मध्यप्रदेश में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास के लिए अपने विज़न का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में राज्य के उभरते खेल अधोसंरचना सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों और साझेदारी की दिशा में सार्थक चर्चा हुई। पॉपुलस एक अग्रणी वैश्विक वास्तुकला एवं डिज़ाइन कंपनी है, जो खेल, मनोरंजन और सार्वजनिक स्थलों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। पिछले तीन दशकों में कंपनी ने छह महाद्वीपों में 3,000 से अधिक परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इसका मुख्यालय अमेरिका के कैनसस सिटी में स्थित है, जबकि लंदन, ब्रिसबेन और अन्य प्रमुख वैश्विक शहरों में इसके कार्यालय हैं। पॉपुलस का डिज़ाइन दर्शन नवाचार, पर्यावरणीय स्थायित्व और उपयोगकर्ता अनुभव की उत्कृष्टता पर आधारित है। कंपनी स्टेडियम, एरीना, कन्वेंशन सेंटर, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों की मास्टर प्लानिंग, ई-स्पोर्ट्स और सामुदायिक खेल सुविधाओं के डिज़ाइन में दक्ष है। इसकी कुछ प्रतिष्ठित परियोजनाओं में लंदन का वेम्बली और टॉटनहैम हॉटस्पर स्टेडियम, भारत का नरेन्द्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), और हांगकांग का काई तक स्पोर्ट्स पार्क शामिल हैं। पॉपुलस पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत सजग है और बीआईएम, पैरामीट्रिक मॉडलिंग व मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर ऐसे स्थल विकसित करती है, जो दीर्घकालिक सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य सृजित करते हैं।  

स्पेन के साथ फिल्म को-प्रोडक्शन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने किया एमओयू

मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच फिल्म को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देने हुआ एमओयू मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच फिल्म निर्माण सहयोग के लिए ऐतिहासिक समझौता स्पेन के साथ फिल्म को-प्रोडक्शन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने किया एमओयू फिल्मी दुनिया में नए द्वार: एमपी और स्पेन में को-प्रोडक्शन को लेकर साझेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की स्पेन फिल्म आयोग के साथ हुई महत्वपूर्ण चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के पहले दिन मैड्रिड में फिल्म आयोग के अध्यक्ष जुआन-मैनुअल गइमेरेन्स एवं अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत और स्पेन के बीच फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में दोनों देशों को रचनात्मक और व्यावसायिक रूप से लाभ पहुँचाने वाले फिल्म को-प्रोडक्शन के अवसरों पर महत्वपूर्ण चर्चा के साथ फ़िल्म सह निर्माण को बढ़ावा देने एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता स्पेनिश फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में शूटिंग स्थानों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेनिश प्रोडक्शन कंपनियों को मध्यप्रदेश में फिल्मांकन के लिए आमंत्रित किया और राज्य की विविधता, सरकारी सहयोग और अनुकूल माहौल का प्रमुखता से उल्लेख किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म आयोग के अध्यक्ष जुआन-मैनुअल गइमेरेन्स को सम्मानित भी किया। बैठक में स्पेन फिल्म आयोग ने स्पेन में विदेशी फिल्म प्रोडक्शंस के लिए उपलब्ध विभिन्न इंसेंटिव्स, सब्सिडी और सहूलियतों की जानकारी साझा की, जिससे भविष्य के सहयोग को प्रभावी स्वरूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की विविध और दर्शनीय लोकेशन्स और राज्य की फिल्म-फ्रेंडली नीति को विस्तार से प्रस्तुत किया, जो अंतर्राष्ट्रीय प्रोडक्शंस के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती है। उन्होंने स्पेनिश निर्माताओं को मध्यप्रदेश में लोकेशन स्काउटिंग विज़िट के लिए आमंत्रित किया। बैठक में दोनों देशों की फिल्म नीतियों के बीच संभावित तालमेल और प्रक्रिया सरलता के बिंदुओं पर चर्चा हुई। भारत और स्पेन के बीच संयुक्त फिल्म समारोहों, वर्कशॉप्स और सांस्कृतिक आयोजनों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मजबूत हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोस्ट-प्रोडक्शन, वीएफएक्स, स्क्रिप्ट लेखन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसरों पर सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की। स्पेन के प्रमुख फिल्म संस्थानों के साथ शॉर्ट टर्म कोर्स और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई। स्पेन में एक "मध्यप्रदेश फिल्म शोकेस" जैसे आयोजन की संभावना पर विचार किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य की रचनात्मक क्षमता और लोकेशन्स को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। बैठक से दोनों देशों के बीच फिल्म उद्योग में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी जिससे भविष्य में कई रोमांचक संयुक्त परियोजनाएं भी मूर्त-रूप ले सकेंगी।       

किसानों की राहत से जुड़ी खबर: PM धन-धान्य कृषि योजना आधिकारिक रूप से स्वीकृत

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को मिली मंजूरी नई पहल: प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को मिली मंजूरी, किसानों को मिलेगा लाभ किसानों की राहत से जुड़ी खबर: PM धन-धान्य कृषि योजना आधिकारिक रूप से स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार भोपाल  केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना" को मंजूरी दे दी गई। देश के 100 जिलों के किसानों का जीवन बदलने वाली इस योजना की मंजूरी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ह्रदय से आभार जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रि-परिषद द्वारा इस कृषि योजना को मिली स्वीकृति अत्यंत अभिनंदनीय है। देश के 100 जिलों के समग्र विकास को समर्पित यह विशिष्ट योजना' उन्नत कृषि- समृद्ध किसान' और 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने के संकल्प को नई दिशा और नई शक्ति देने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से देश के अन्नदाताओं के जीवन में एक नया सूर्योदय होगा। 11 विभागों की 36 योजनाओं एवं प्राईवेट पार्टनरशिप से होगी संचालित केंद्रीय मंत्रि-परिषद ने 16 जुलाई को जारी वित्त वर्ष 2025-26 से आरंभ होकर 6 वर्ष की कालावधि के लिए शुरू होने वाली 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को मंजूरी दी है, जो देश के 100 जिलों को कवर करेगी। योजना 11 विभागों की 36 मौजूदा योजनाओं, अन्य प्रादेशिक योजनाओं और निजी क्षेत्र के साथ पब्लिक पार्टनरशिप (जन साझेदारी) के जरिए लागू की जाएगी। इसमें 100 जिलों का चयन तीन प्रमुख संकेतकों यथा कम उत्पादकता, कम फसल तीव्रता और कम ऋण वितरण के आधार पर होगा। योजना के प्रभावी नियोजन, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक धन-धान्य जिले में योजना की प्रगति की निगरानी 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) के आधार पर की जाएगी। योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधिकरण और टिकाऊ कृषि प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देना है। पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसलोत्तर भंडारण को बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना तथा दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना भी योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।  

CM यादव ने सांस्कृतिक महत्ता की सराहना की और स्पेन तथा भारत को संस्कृतियों को सहेजने वाला राष्ट्र बताया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अपने स्पेन दौरे के पहले दिन मैड्रिड स्थित विश्व के सबसे प्रतिष्ठित कला संग्रहालयों में से एक प्राडो म्यूजियम का भ्रमण किया। उन्होंने संग्रहालय के भव्य संग्रह और इसकी सांस्कृतिक महत्ता की सराहना की और स्पेन तथा भारत को संस्कृतियों को सहेजने वाला राष्ट्र बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राडो म्यूजियम सिर्फ कला प्रेमियों के लिए एक गंतव्य नहीं है, बल्कि यह शिक्षा,कला के संरक्षण और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का एक सशक्त मंच भी है। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय स्पेन की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और उसकी ऐतिहासिक कला परंपरा का जीता-जागता प्रतीक है। मैड्रिड में 1819 में स्थापित यह ऐतिहासिक संग्रहालय यूरोपीय कला के विशाल संग्रह के लिए जाना जाता है, जिसमें 12वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक की उत्कृष्ट कृतियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेनिश, इतालवी और फ्लेमिश कलाकारों की अमूल्य पेंटिंग्स को करीब से देखा। विशेष रूप से उन्होंने फ्रांसिस्को गोया, डिएगो वेलाज़क्वेज़, एल ग्रीको, हिरोनिमस बॉश, पीटर पॉल रूबेंस और टिटियन जैसे महान कलाकारों की अमर कृतियों में गहरी रुचि दिखाई। प्राडो म्यूजियम में लगभग 8 हजार से अधिक चित्र, 700 से अधिक मूर्तियाँ और विभिन्न प्रकार के ड्रॉइंग्स तथा मुद्रित दस्तावेजों का एक विशाल संग्रह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात को भी रेखांकित किया कि यह संग्रहालय स्पेन की "सॉफ्ट पावर" और सांस्कृतिक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश की कलात्मक विरासत मजबूत उपस्थिति दर्ज करता है।  

MP में निवेश किसान भागीदारी, रोजगार सृजन एवं निर्यातोन्मुख उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मैड्रिड में निवेशकों संग वन-टू-वन चर्चा निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश का बनाया मन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव MP में निवेश किसान भागीदारी, रोजगार सृजन एवं निर्यातोन्मुख उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा एमपी बना वैश्विक निवेश का आकर्षण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्पेन के निवेशकों के साथ हुई वन-टू-वन बैठक में मध्यप्रदेश की सरल औद्यौगिक नीतियों से निवेश की संभावनाएं बढ़ी है। अनेक निवेशकों ने प्रदेश में निवेश का मन भी बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के पहले दिन मैड्रिड में निवेशकों के साथ बैठकें आयोजित हुईं, जिनमें मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इन बैठकों में राज्य के औद्योगिक विकास, अधोसंरचना, पर्यटन, ऊर्जा और अन्य उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर विशेष रुचि दिखाई गई। नेचर बायो फूड्स (एलटी फूड्स लिमिटेड की सहायक इकाई) के सीईओ ने मध्यप्रदेश में 200 करोड़ रूपये के संभावित निवेश के साथ जैविक खाद्य और मूल्यवर्धित उत्पाद इकाई की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की। यह निवेश किसान भागीदारी, रोजगार सृजन एवं निर्यातोन्मुख उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सैंटेंडर समूह के सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट डेवलपमेंट) जोसे लुइस दे मोरा गिल-गालाडॉ ने सौजन्य भेंट की। सैंटेंडर समूह की भारत में प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं होने के बावजूद, यह भारत से जुड़े वित्त-पोषण, व्यापार सेवाओं और परियोजनाओं में भागीदारी करता रहा है। बैठक के दौरान आधारभूत संरचना परियोजनाओं के वित्त पोषण, व्यापार एवं निवेश प्रवाह को सशक्त बनाने तथा नवाचार आधारित वित्तीय समाधान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के साथ संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। मोएवे ग्रुप के प्रतिनिधि कार्लोस डियाज़ और बायोफ्यूल्स बिजनेस यूनिट की सुपिलार सिएनफुएगोस ने राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन, 2G बायोफ्यूल्स (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल्स) तथा रसायन क्षेत्र में संभावित साझेदारी को लेकर रुचि जताई। कंपनी स्थानीय एजेंटों के साथ दीर्घकालिक फीडस्टॉक आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं उत्पादन संयंत्रों की स्थापना की संभावनाओं का अन्वेषण कर रही है। ग्रुपो ग्रैनसोलर, एसएल के कॉर्पोरेट व्यवसाय निदेशक सईद इस्ताम्बुली ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। ग्रैनसोलर, 30 से अधिक देशों में सक्रिय है, मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बरेठी में इंफ्राकॉन के सहयोग से दो परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिये एनटीपीसी की मंजूरी के लिए उन्होंने अपेक्षा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एयरो जॉयरोकॉप्टर स्पेन एस.ए. के सीईओ एवं पार्टनर मनीष जैन ने मुलाकात कर अल्ट्रालाइट जॉयरोकॉप्टर की श्रृंखला “डायमंड फ्लाई” को लेकर राज्य में संभावित निवेश पर चर्चा की। यह प्रणाली रक्षा, आपातकालीन सेवाएं, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स एवं कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। उन्होंने संभावित लोकेशन, राज्य सरकार की सब्सिडी, कर लाभ एवं विमानन अवसंरचना पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सेंटर फॉर एंटरटेनमेंट आर्ट्स के सह-संस्थापक एवं सह-प्रमुख दिवाकर गांधी ने राज्य में वैश्विक एवीजीसी स्किलिंग कंपनी की स्थापना के लिये चर्चा की। बैठक में एमपी एवीजीसी नीति के अंतर्गत मिलने वाले प्रोत्साहनों, कौशल विकास, युवा रोजगार और डिजिटल मीडिया उद्योग को सशक्त करने के लिये भी संभावित सहयोग के विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। ग्रुप के सीएफओ फेहमी ने भी निवेश संबंधी चर्चा की। इन बैठकों ने मध्यप्रदेश में विविध क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रस्तुत किया है, जिससे राज्य की आर्थिक प्रगति और रोजगार निर्माण को नई गति मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि वे एक बार मध्यप्रदेश का भ्रमण जरूर करें, उन्हें निवेश के बेहतर अवसर मिलेंगे।