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छतरपुर के परिवारों की नेपाल से सुरक्षित वापसी के लिए CM मोहन ने किया एक्शन, हालात पर रखी नजर

भोपाल भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हालात इन दिनों खराब है । वहां पर सरकार के खिलाफ जनता ने मोर्चा खोल दिया और माहौल अराजक हो गया है । वहीं इसी बीच खबर ये है कि नेपाल में मध्यप्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवार फंसे हुए है । इसको लेकर सीएम मोहन यादव गंभीर हो गए है। मुख्यमंत्री ने संवेदना दिखाते हुए मामले पर  संज्ञान लिया है। नेपाल में फंसे हुए छतरपुर के 4 परिवारों के सदस्यों की घर वापसी के लिए सीएम मोहन ने प्रतिबद्धता दिखाई हैऔर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं।   MP के 14 लोग नेपाल हिंसा में फंसे, PM मोदी से लगाई सुरक्षित निकालने की गुहार नेपाल में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत के हजारों लोग फंसे हुए और भारत के PM मोदी से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं तो वह छतरपुर एमपी के भी 4 परिवार नेपाल में फंसे हुए हैं जिसमें बच्चों सहित 14 लोग शामिल है। छतरपुर के परिवार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित बाहर निकलवाने की गुहार लगाई है। नेपाल में लगातार हिंसा, विद्रोह बढ़ता जा रहा है और फंसे हुए लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है। हिंसा के दौरान भीषण आगजनी तोड़फोड़ के साथ कई लोगों के मरने की खबरें भी आ रही है। छतरपुर के ये लोग नेपाल में फंसे नेपाल घूमने गए छतरपुर के 4 परिवार हिंसा के बीच एक होटल में फंसे हुए हैं। जिसमें छतरपुर कोतवाली इलाके के गल्ला मंडी ने रहने बाले व्यापारी पप्पू मातेले पिता स्व.सुक्कू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल पिता जयनारायण अग्रवाल गल्ला मंडी, एक कुशवाहा परिवार भी इसी ग्रुप के साथ मौजूद है जो नेपाल के काठमांडू में फंस चुके हैं और अब उन्हें लगातार डर सता रहा है। तो वहीं काठमांडू के होटल में फंसे छतरपुर के निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही हिंसा आग जनी का वीडियो बनाकर भी भेजा है। इनमें आठ यात्री भोपाल के और इंदौर के निवासी यहां 98 यात्री फंसे हुए है। इसमें भोपाल से अनिल अग्रवाल, शुभा अग्रवाल, हेम कुमार गोयल, रजनी गोयल, संजय कुमार, सुबोध सिंह, अर्चना सिंह, सौम्या मिश्रा और इंदौर से विवेक जैन शामिल है। इसी प्रकार राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अलग-अलग स्थानों से भी यात्री साथ है। सभी यात्री एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे हैं। इन यात्रियों का परमिट नेपाल होते हुए है। जहां यात्री रुके हैं। वहां से नेपाल बार्डर लगभग 25 किमी दूर है। ऐसे में यात्री चाहते हैं कि उन्हें उत्तराखंड बार्डर के रास्ते से निकाला जाए। यात्री सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार से अपील कर रहे हैं। CM मोहन यादव ने किया ट्वीट उक्त मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ट्वीट किया है, उन्होंने लिखा है कि- मेरे संज्ञान में आया है कि प्रदेश के छतरपुर के कुछ परिवारों के सदस्य नेपाल में हैं। इनकी चिंता करते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी सकुशल भारत वापसी के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। छतरपुर विधायक ने की वीडियो कॉलिंग पर बात मामले में छतरपुर विधायक ललिता यादव ने भी नेपाल में फंसे छतरपुर के लोगों/परिवारों से बात की और उनकी मदद का हर संभव का प्रयास करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मामले की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को है, मैनें भी नेवाल में फंसे लोगों से बात की है, इससे पहले भी छतरपुर, प्रदेश और देश के लोग विदेशों में फंसे थे पर हमारी सरकार हमारे देश के प्रधानमंत्री उन्हें सकुशल वापस लाये ऐसे ही उन्हें वापिस लाया जायेगा, वे और उनके परिवार के लोग चिंता न करें सरकार हर संभव मदद और उन्हें लाने के प्रयास में लगी हुई है।

कपड़ा उद्योग में बड़ा निवेश: कोलकाता से आए 14,600 करोड़ के प्रस्ताव, पीएम मित्रा पार्क बनेगा गेम-चेंजर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कोलकाता के जे.डब्ल्यू. मैरियट होटल में आयोजित इन्वेस्ट इन एमपी इंटरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान प्रदेश को 14,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं, स्थिरता और निवेशक-हितैषी माहौल के साथ आदर्श निवेश स्थल है।  सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत सात पीएम मित्रा पार्कों में पहला भूमिपूजन 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले में होने जा रहा है। यह पार्क प्रदेश को टेक्सटाइल सेक्टर में वैश्विक पहचान दिलाएगा। 2,158 एकड़ में विकसित होने वाले इस पार्क में लगभग 3 लाख रोजगार अवसर (1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष) पैदा होंगे। इसमें अत्याधुनिक अधोसंरचना, ग्रीन एनर्जी और प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी सुविधाएं निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएंगी। मध्य प्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद साथी  डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से कहा कि मध्य प्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता राज्य को विशेष पहचान देती है। पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी है। प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में प्रदेश हर संभव योगदान देगा। रुइया ग्रुप  4,000 करोड़ का निवेश करेगा रुइया ग्रुप के सीएमडी पवन कुमार रुइया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देश के सबसे शिक्षित और दूरदर्शी नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश आज औद्योगिक प्रगति का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने एलान किया कि रुइया ग्रुप प्रदेश में अपने निवेश का विस्तार करेगा, जिससे रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह, श्याम मेटालिक्स के चेयरमैन पुष्कर अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि, खनन और ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश करने की घोषणा की। प्रताप ग्रुप के हर्ष अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश की नीतियां और अधोसंरचना इसे देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थल बनाती हैं। निवेशक-हितैषी नीतियां और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने सेशन में कहा कि मध्यप्रदेश में 1 लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, सस्ती बिजली (4.50/यूनिट), मजबूत हवाई और रेल कनेक्टिविटी और सुरक्षित श्रम वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है, साथ ही सीमेंट उत्पादन में अग्रणी है। नर्मदापुरम के पास औद्योगिक क्षेत्र को 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है। सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट और एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं दे रही है। सांस्कृतिक जुड़ाव और निवेश का नया उत्साह सीएम डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों की धरती है, जिन्होंने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना मध्यप्रदेश में निवेश को नई ऊर्जा और गति देगा। सेशन में मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक उद्योगपतियों से अलग-अलग मुलाकात की। कुल 300 से अधिक प्रतिभागियों ने इस संवाद में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में निवेश अवसरों, नीतियों और अधोसंरचना पर आधारित शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। पीएम मित्रा पार्क से रोजगार और औद्योगिक प्रगति धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित होगा। इसमें CETP, सोलर प्लांट, महिला कर्मचारियों के लिए आवास, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स, SCADA नियंत्रित यूटिलिटीज़ जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना प्रदेश को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगी। 

सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के 17 सितंबर दौरे की तैयारियों का लिया जायज़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुधवार की रात्रि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 सितम्बर को धार जिले में आगमन के संबंध में की जा रही तैयारियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त कर पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास सहित "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार और पोषण" अभियान के संबंध में निर्देश दिए। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्रा पार्क की सौगात मिल रही है। यह देश के सात पीएम मित्रा पार्क में से प्रथम पार्क होगा, जहां शीघ्र कार्य प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पार्क में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित किया है। धार जिले सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में पीएम मित्र पार्क निर्णायक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क युवाओं, महिलाओं, किसानों और निर्धन वर्ग के कल्याण की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ठोस पहल है। धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कियोस्क के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संयोजन किया गया है।  

मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद शहडोल का कन्या शिक्षा परिसर अब माता शबरी के नाम से जाना जाएगा

शहडोल  मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग के कन्या शिक्षा परिसरों का नाम अब 'माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर' होगा. राज्य सरकार ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं. इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था.  प्रदेश में जनजातीय वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 82 कन्या शिक्षा परिसरों और 8 आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है. इन संस्थानों में विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधा के साथ आवासीय सुविधा भी दी जा रही है. कन्या शिक्षा परिसर में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 70 विद्यार्थी के मान से 490 लड़कियां और आदर्श विद्यालयों में कक्षा छठवीं से 12वीं तक प्रति कक्षा 35 विद्यार्थी के मान से 245 विद्यार्थी पढ़ कर रहे हैं.  सरकार की ओर से बताया गया कि  छात्राओं को यूनिफॉर्म, ब्लू ब्लेजर, किताब, स्टेशनरी, पोषण आहार दिया जाता है. प्रति विद्यार्थी 15 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाते हैं. कन्या शिक्षा परिसर में तमाम गतिविधियों जैसे खेल, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियां, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, चिकित्सा, आकस्मिक चिकित्सा के लिए प्रति विद्यालय 7 लाख 10 हजार वार्षिक खर्च का प्रावधान हो. 

इंदौर और उज्जैन में जल्द शुरू होगी सस्ती सुगम परिवहन सेवा, मार्च से यात्रियों के लिए सुविधा

इंदौर  मध्य प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डेडलाइन तय कर दी है। अब हर हाल में मार्च के पहले बसों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। सबसे पहले इंदौर और इसके बाद उज्जैन से सेवा प्रारंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग के कामकाज की समीक्षा की। यहां अधिकारियों ने बताया कि अब यातायात नियम तोड़ने पर चालानी कार्रवाई का अधिकार प्रधान आरक्षक को भी दिया जाएगा। इस संबंध में शीघ्र ही अधिसूचना जारी होने वाली है। बता दें कि वर्ष 2006 में मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम बंद होने के बाद से सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और सर्वे भी लगभग पूरा हो गया है। वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। बस स्टाप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत करें। वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसके साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। सुगम परिवहन सेवा में हो कम से कम किराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और कम से कम किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसमें इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को प्रोत्साहित करें। परिवहन सेवा के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन हो। बसों में शहरों एवं गांवों के नाम सामने के कांच पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इसके साथ ही बस स्टाप पर भी गांव और नगरों के नाम लिखे हों। यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे। दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए। बसें फिट हों, स्टाफ का व्यवहार अच्छा हो। अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं। इस वर्ष 16 लाख 60 हजार नए वाहन आए, जिनमें 15 प्रतिशत ईव्ही बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार यानी 15 प्रतिशत इलेक्ट्रिकल वाहन हैं। प्रदेश में आन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

मध्यप्रदेश की प्रगति पर CM डॉ. यादव का बयान, राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कोलकाता में निवेशकों से सीधा संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के विजन को आत्मसात कर मध्यप्रदेश अपनी युवा शक्ति एवं उद्योग हितैषी नीतियों के साथ भारत के मानचित्र पर निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में बुधवार को कोलकाता में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर इंटरैक्टिव सत्र में निवेशकों से सीधा संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपार निवेश से ही मध्यप्रदेश में एक समृद्ध परिवेश का निर्माण होगा।  

परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक हो नियमित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, CM डॉ. यादव ने दिए नियमित अंतरविभागीय बैठक के निर्देश बस स्टॉप पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने पर दें ध्यान मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से होगी शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन विभाग की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर बने बस स्टॉप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द हो शुरू, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण किया जाना बेहद जरूरी है। इसी के साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन अमले को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नशे की हालत मं  गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जा रही है। परिवहन से प्रदेश में बढ़ा है 6 प्रतिशत राजस्व बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पंजीयन किया गया है। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व आय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता पूर्वक ध्यान दिया जा रहा है। इनमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टॉफ, नियम एवं करों में संशोधन, रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म एवं एजेंसी का चयन, परिवहन अधोसंरचना की योजना और ऑपरेटर से चर्चा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बैठक में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।     बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे। वातावरण सुविधाजनक हो।     यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।     दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।     बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।     अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।     बड़े शहरों की तरह कस्बों, गांवों के नाम मार्ग के किनारे बोर्ड पर अंकित किए जाएं।  

ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कर विकास गतिविधियां की जाएं संचालित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं पंचायतें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कर विकास गतिविधियां की जाएं संचालित त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित हो नगरों के नजदीकी ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन की करें विशेष व्यवस्था प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में देश में मध्यप्रदेश अव्वल जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन्हें रोल मॉडल के रूप में किया जाए प्रस्तुत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में पंचायतराज संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता और उनकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आवश्यक है। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि त्यौहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए हों गतिविधियां संचालित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर की जरूरतों, प्राथमिकताओं और सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर सहभागी नियोजन और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते हुए नगरों के पास के ग्रामों और ग्राम पंचायतों में अधोसंरचना विकास प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। स्वावलंबी गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का निर्माण जलवायु की अनुकूलता और ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का आकलन करते हुए किया जाए। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास काडिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए तथा अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें। गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई तथा बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो। परम्परागत आवास निर्माण तकनीकों का कराया रहा रहा है अध्ययन बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मनरेगा, आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों और उनकी प्रगति पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए प्रचलित परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान सहित जल संरक्षण कार्यों में सामूहिक भागीदारी के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। वार्षिक लेबर बजट के अंतर्गत आवास कार्यों से 324 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान से 350 लाख मानव दिवस सृजित करते हुए 826 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में देश में प्रथम स्थान पर है। एक बगिया मां के नाम योजना में 5 जिलों ने दर्ज की बेहतर उपलब्धि बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खण्डवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। प्रदेश में 11 संस्थाओं द्वारा बिना आर्थिक सहायता के 85 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 5 हजार 393 अद्यतन जल संग्रहण संरचनाएं निर्मित की गईं। योजना से नदी पुनर्जीवन की दिशा में भी खण्डवा जिले में घोड़ापछाड़ नदी और रतलाम जिले में मलेनी नदी पर हुए कार्य से अप्रैल-मई माह तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सफलता मिली है। बेहतर जल प्रबंधन से क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन आय का बेहतर विकल्प सिद्ध हो रहा है और किसान फल-सब्जी उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत अतिरिक्त आय प्राप्त कर रहे हैं। आजीविका मिशन की गतिविधियों का अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक हुआ विस्तार आजीविका मिशन के अंतर्गत कृषि और पशुपालन आधारित गतिविधियों से 30 लाख और गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से 11 लाख परिवार जुड़े हैं। लखपति दीदी इनिशिएटिव के अंतर्गत 11 लाख 26 हजार दीदीयों ने उपलब्धि दर्ज कराई है। आजीविका मिशन की गतिविधियों का विस्तार अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे ईप्लेटफार्म तक भी हुआ है। बैठक में एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, स्व-सहायता समूहों और प्रायवेट कम्पनी/स्टार्टअप के माध्यम से पार्टनरशिप के लिए की जा रही पहल की भी जानकारी दी गई। नवीन अटल सेवा सदन और अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना का कार्य जारी बैठक में बताया गया कि सभी पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के शमशान घाट तक पहुंच मार्ग और शमशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है। सभी ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत यूपीआई आधारित भुगतान प्राप्ति व्यवस्था स्थापित की गई है। उल्लेखनीय है कि … Read more

प्रधानमंत्री मोदी गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 7,953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से की अंतरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में मान्यता है कि 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई' यानी दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और संबल योजना दूसरों की सेवा करने की इसी भावना को चरितार्थ करने का मार्ग है। राज्य सरकार की इस पहल का ही परिणाम है कि संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से संबल योजना के 7 हजार 953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ रुपये अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि यह राशि श्रमिक भाई-बहनों के लिए बड़ी मदद साबित होगी। प्रदेश में 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकृत हैं। पंजीयन की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अवसर पर पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम से सभी जिले वर्चुअली रूप से जुड़े। श्रमिकों के कल्याण के लिए "श्रीपहल" को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी, तब से अब तक कुल 7 लाख 60 हजार 886 प्रकरणों में 7 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबी देखी है, इसलिए वे गरीबों का दुख और उनकी जरूरतें समझते हैं। संबल योजना उसी मुश्किल वक्त के साथी का नाम है। इसी क्रम में श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार में मदद के लिए को "श्रीपहल" को मंजूरी प्रदान की गई है। इसका एक और उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को उन्नत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में किया शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ और सबका विकास की राह पर अग्रसर है। मार्च 2024 से घर-घर जाकर सामान और सेवायें देने वाले गिग एवं प्लेटफार्म श्रमिकों की नई श्रेणी बनाकर संबल योजना में शामिल किया गया है। अब ये श्रमिक भाई-बहन अधिकाधिक संख्या में संबल योजना में रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और सभी आर्थिक हितलाभ ले रहे हैं। इसी क्रम में पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़-अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। संबल योजना के जरिए श्रमिक भाई-बहनों और उनके परिवार के जीवन को आसान और बेहतर बनाने तथा उनका बेहतर भविष्य गढ़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना में रजिस्टर्ड श्रमिकों के आंशिक स्थाई रूप से अपंग होने पर 01 लाख रुपये और स्थाई रूप से अपंग होने पर 02 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। दुर्घटना में संबल हितग्राही भाई-बहन की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये और सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये अनुग्रह सहायता दिये जाने का प्रावधान है। संबल हितग्राही के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि देने का भी प्रावधान है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। इसमें पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा का प्रावधान किया गया है। कम से कम समय में प्रभावितों को उपलब्ध कराया जाएगा हितलाभ : मंत्री पटेल पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि 5वीं बार श्रमिकों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे राशि अंतरित की जा रही है। आज अंतरित हुई राशि में 28 दिसम्बर 2024 तक के सभी प्रकरणों का निराकरण हो गया है। दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में कम से कम समय में संबंधित श्रमिक या उनके परिजन को हितलाभ अंतरित कराने की दिशा में विभाग निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर सचिव रघुराज राजेन्द्रन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

CM डॉ. यादव का बड़ा बयान- स्वच्छता व पर्यावरण में मध्यप्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य

स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने फिर रचा इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव CM डॉ. यादव का बड़ा बयान- स्वच्छता व पर्यावरण में मध्यप्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में इंदौर प्रथम, जबलपुर द्वितीय और श्रेणी-3 में देवास प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी प्रदेशवासियों को बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में इंदौर, जबलपुर और देवास को 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण- 2025" सम्मान प्राप्त होने पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने फिर इतिहास रचा है। संपूर्ण भारत के लिए यह सफलता अत्यंत प्रेरणादायी है। मध्यप्रदेश के इन शहरों के नागरिकों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, अटूट संकल्प और अद्वितीय जनभागीदारी सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में "स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025" के पुरस्कार समारोह में श्रेणी-1 के अंतर्गत इंदौर को प्रथम पुरस्कार (पुरस्कार राशि 1.5 करोड़ रुपए), जबलपुर को द्वितीय पुरस्कार (पुरस्कार राशि एक करोड़) और श्रेणी -3 के अंतर्गत देवास को प्रथम पुरस्कार (पुरस्कार राशि 37.50 लाख रुपए) देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर के इस सर्वेक्षण में इंदौर ने 200 में से 200 अंक, जबलपुर ने 199 अंक और देवास ने 193 अंक प्राप्त किए हैं।