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CM डॉ. यादव बोले- देवतालाब, बनारस और प्रयागराज है धार्मिक आस्था का अनूठा त्रिकोण

देवतालाब, बनारस और प्रयागराज धार्मिक क्षेत्र का अनूठा त्रिकोण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवतालाब शिव मंदिर में होगा शिवलोक का निर्माण बहुती जल प्रपात को विकसित करेगा पर्यटन विकास निगम देवतालाब में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का होगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन देवतालाब और नईगढ़ी में बनेंगे नए तहसील भवन हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना से विंध्य के चार जिलों में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह अंतरित किए जाएंगे मुख्यमंत्री ने देवतालाब में 241 करोड़ 33 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास और लोकार्पण मऊगंज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहा है कि शिव मंदिर देवतालाब अदभुत है। यहां पांच तत्वों का आभास होता है। ऐसा अद्भुत मंदिर केवल विश्वकर्मा जी ही बना सकते हैं। देवतालाब, बनारस और प्रयागराज महत्वपूर्ण धार्मिक त्रिकोण हैं। देवतालाब आस्था, इतिहास और आनंद का संगम है। यह श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि है। ऐसी मान्यता है कि देवतालाब के शिव का दर्शन करने पर ही चारधाम की यात्रा का फल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मऊगंज के देवतालाब स्टेडियम में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 241 करोड़ 33 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास कर विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये और मऊगंज को विकास की अनेक सौगातें देते हुए घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन कर मऊगंज के संयुक्त जिला कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारे गांव स्वावलम्बन की अद्भुत मिसाल हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में स्वदेशी को अपनाते हुए आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट है। हमारी इस सामर्थ्य के परिणामस्वरूप ही देश की कीर्ति गाथा सम्पूर्ण विश्व में गूंज रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का कथन की "21वीं सदी भारत की होगी" साकार हो रहा है। गर्व का विषय है कि स्वामी विवेकानंद अर्थात श्रद्धेय नरेन्द्र नाथ दत्त की भावना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चरितार्थ किया है। देश के गरीब, युवा, अन्नदात और महिलाओं का कल्याण तथा विकास तपोनिष्ट प्रधानमंत्री मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी माह प्रदेश आगमन के लिए स्वीकृति प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के लिए कभी भी संसाधनों की कमी नहीं होने दी, इसी का परिणाम है कि प्रदेश में चहुंओर विकास का परचम लहरा रहा है। जबकि अन्य दलों की सरकारें विकास के लिए सदैव संसाधनों के अभाव का बहाना बनाती रहीं। विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत है केंद्र बिंदु मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रयागराज और काशी विश्वनाथ के बीच बसा यह स्थान देवताओं की अभिरूचि की अभिव्यक्ति है। उनके स्वयं के लिए भी देवतालाब आगमन सदैव सुखद और भाग्यशाली रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने विश्व को मानवता का विचार देते हुए जीवन जीने का सही मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावशीलता के परिणाम स्वरूप विश्व की सभी महत्वपूर्ण नीतियों के निर्धारण में भारत केंद्र बिंदु बना हुआ है। यह हम सबके लिए गर्व-गौरव और स्वाभिमान का विषय है कि अमेरिका हो या दुनिया का कोई भी अन्य बड़ा देश, सभी प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता के लिए उत्सुक हैं। खेत में किसान और सीमा पर जवान का सम्मान हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान दोनों का सम्मान हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। किसान सम्मान निधि तथा अन्य प्रोत्साहन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। पर्याप्त सिंचाई और बिजली की उपलब्धता प्रदेश के सभी क्षेत्रों में सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हनुमना उद्वहन सिंचाई परियोजना मंजूर की गई है। जिससे रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जिलों की एक लाख 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। रीवा के सोलर प्लांट की बिजली से दिल्ली की मेट्रो रेल दौड़ रही है। मऊगंज के घुरेहटा में बाबा रामदेव के पतंजलि संस्थान द्वारा एक हजार करोड़ रुपए की लागत से कृषि पर आधारित उद्योगों का विकास किया जा रहा है। इससे लाखों किसान लाभान्वित होंगे। उज्ज्वला गैस योजना से 64 हजार से अधिक गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। मऊगंज में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 44 हजार गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के आवास मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों के खाते में जारी की जा रही राशि दीपावली के बाद से 1500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी, जिसे वर्ष 2028 तक प्रतिमाह 3 हजार रुपए किया जायेगा। मऊगंज को दी अनेक सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज जिले और देवतालाब विधानसभा क्षेत्र को अनेक सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने देवतालाब शिव मंदिर में शिवलोक के निर्माण और नईगढ़ी एवं देवतालाब में तहसील भवन निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवतालाब के अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जायेगा। देवतालाब के शासकीय महाविद्यालय में ऑडिटोरियम और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति विद्यार्थियों के लिए दो छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। बहुती जल प्रपात को पर्यटन विकास निगम के माध्यम से विकसित किया जायेगा। अष्टभुजी माता मंदिर में सौंदर्यीकरण और जनजाति अंचल में टीपा बदोर से गढ़वा रोड तक 11 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बनारस से आये लोक कलाकारों द्वारा दी गई सांगीतिक प्रस्तुति की सराहना की और लोक कलाकारों को 25 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। लोक नृत्य प्रस्तुत करने वाले दल के प्रत्येक सदस्य को 5-5 हजार रूपए और स्वागत गीत गाने वाली लोक गायिका राखी द्विवेदी को 50 हजार रूपए देने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने 2 साल से कम समय में जो विकास किया है वह ऐतिहासिक है। उन्होंने विकास योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी। आज मऊगंज को 241 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। क्षेत्र में सड़क, नहर और माइक्रो इरिगेशन परियोजना से विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रभु श्रीहरि विष्णु और श्री गजानन गणेश से मध्यप्रदेश में चहुंओर विकास और खुशहाली का आशीर्वाद देने की प्रार्थना की है।  

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर सीएम डॉ. यादव की बड़ी घोषणा, वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव होगा शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसके लिए उज्जैन में पिछले दो सिंहस्थ वर्ष 2004 और 2016 के दौरान पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लिया जाए। इलाहाबाद में सम्पन्न महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ : 2028 श्रद्धालुओं की दृष्टि से सुविधाजनक, दुर्घटनाविहीन, आवास, आवागमन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के साथ श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन का भी उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के प्रबंधों पर गत मंगलवार को भी विस्तृत बैठक हुई है। बैठक और संवाद का सिलसिला निरंतर चलेगा। प्रत्येक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए विभागों को दायित्व दिए गए हैं। तैयारियों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न रेल मंडल प्रबंधकों ने उनसे भेंट कर सिंहस्थ के लिए रेल सुविधाओं की उपलब्धता और विस्तार के संबंध में अवगत करवाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित होने वाले घाटों और उनके निकट विभिन्न सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सरलता और सुगमता से स्नान सम्पन्न हो सकें, इस दृष्टि से सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। पर्यटन विभाग और निजी क्षेत्र द्वारा होटलों की व्यवस्था, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए रहवास व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश     सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की सतत् समीक्षा की जाए। विभागवार बैठकें भी हों।     अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।     सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का प्राथमिकता से उपयोग हो।     विभिन्न देवस्थानों के परिसरों के विकास कार्य भी प्रारंभ किया जाए।     अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं और मार्गदर्शन लेने का कार्य भी किया जाए।     भीड़ नियंत्रण में एआई के उपयोग के लिए आवश्यक अध्ययन किया जाए।     अन्य देशों में सिंहस्थ केन्द्रित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा को अंतिम रूप दें।

पीडीएस में हितग्राहियों की समीक्षा, मोहन सरकार ने बड़ी जमीन वालों को चेताया

भोपाल मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 5.32 करोड़ हितग्राही हैं। इसमें 71 लाख किसान भी शामिल हैं। किस किसान के पास कितनी भूमि है, इसका पता लगाने के लिए राजस्व विभाग के डेटा से मिलान कराया जा रहा है। इसके आधार पर राज्य सरकार निर्णय लेगी कि किसे पीडीएस प्रणाली में रखना है और किसे नहीं। बड़े क्षेत्र वाले किसान पीडीएस की सूची से बाहर किए जा सकते हैं। भारत सरकार ने प्रदेश को 75 लाख पीडीएस के हितग्राहियों की सूची भेजी है। इसमें वे हितग्राही भी हैं, जिनकी वार्षिक आय छह लाख से अधिक है, कंपनी में संचालक हैं या फिर जीएसटी के दायरे में आते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वाले किसानों को भी शामिल किया है। यद्यपि, इनके बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं, लेकिन राज्यों से कहा गया है कि वे अपने स्तर से नीति निर्धारित कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि राजस्व विभाग के डेटा से यह जानकारी निकाली जा रही है कि किस किसान के पास कितनी भूमि है। ऐसे किसान, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है, उनके संबंध में आगे चलकर निर्णय लिया जा सकता है। 16 हजार नाम सरकार ने पहले ही हटा दिए उधर, जिलों में कराई जांच के बाद अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाले 1.57 हितग्राही चिन्हित किए गए थे। इनमें से 16 हजार के नाम सरकार पहले ही हटा चुकी है और भारत सरकार के निर्देश के बाद अब तक 1,909 नाम हटाए गए हैं। इसी तरह कंपनी में संचालक होने के बाद निश्शुल्क मिलने वाला राशन लेने वाले 18 हजार हितग्राहियों में 1,100 के नाम पहले हटाए गए हैं और अब 106 को सूची से बाहर किया है। जीएसटी देने वाले 1,381 हितग्राहियों में से 139 और 1.51 डुप्लीकेट श्रेणी के हितग्राहियों में से 20 हजार के नाम हटा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों में अपात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और जैसे-जैसे यह काम पूरा होता जा रहा है, वैसे-वैसे नाम काटे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले ई-केवाईसी कराकर लगभग 20 लाख अपात्रों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निवेश संवर्धन पहल का परिणाम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवेश संवर्धन प्रयासों के फलस्वरुप ऊर्जा क्षेत्र और ज्यादा मजबूत हो रहा है। ऊर्जा सुरक्षा बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य के रूप में पहचान बना चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से अब इस क्षेत्र में नया निवेश आ रहा है। टोरेंट पॉवर और अडानी पॉवर जैसी बड़ी कंपनियों ने अब ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रदेश में काम करना शुरू कर दिया है। टोरेंट पॉवर कंपनी 22 हजार करोड़ और अडानी पॉवर कंपनी 10 हजार 500 करोड़ रूपये का निवेश करेगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार 17,000 को रोजगार मिलेगा। टोरेंट पॉवर 1600 मेगावॉट थर्मल प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश में 22 हजार करोड़ रूपये का निवेश करेगी। टोरेंट पॉवर लिमिटेड को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) से 1,600 मेगावॉट के कोयला आधारित बिजली संयंत्र की स्थापना के लिए "लेटर ऑफ अवार्ड (LoA)" दे दिया है। यह अहमदाबाद-स्थित समूह द्वारा बिजली क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। यह परियोजना ग्रीनफील्ड 2×800 मेगावॉट की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी और इसे डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। टोरेंट इस संयंत्र की पूरी क्षमता MPPMCL को 25 साल की पॉवर परचेज एग्रीमेंट पॉवर परचेस एग्रीमेंट के तहत 5.829 रूपये प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति करेगा। यह परियोजना PPA पर हस्ताक्षर होने के 72 महीनों के भीतर चालू होनी है। परियोजना लागत का लगभग 70% ऋण के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इस संयंत्र के लिए कोयले का आवंटन MPPMCL द्वारा केंद्र सरकार की SHAKTI नीति के अंतर्गत किया जाएगा। यह परियोजना अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे पारंपरिक थर्मल यूनिट्स की तुलना में बेहतर दक्षता और कम उत्सर्जन मिलेगा। टोरेंट पॉवर का यह निवेश केंद्र सरकार के 2032 तक 80 गीगावॉट अतिरिक्त कोयला आधारित क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रिड को स्थिर करने के लिए आवश्यक बेसलोड क्षमता जुड़ेगी। इस परियोजना के निर्माण के दौरान 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अडानी पॉवर मध्यप्रदेश में 800 मेगावॉट का ताप विद्युत संयंत्र 10 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित कर मध्यप्रदेश को बिजली आपूर्ति करेगी। इस परियोजना के तहत 800 मेगावॉट की क्षमता वाला एक नया ताप विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयंत्र अनूपपुर ज़िले में स्थित होगा। संयंत्र को 54 महीनों में चालू किया जाएगा। यह कदम प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करेगा। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र विकसित करने और उससे बिजली आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) दे चुकी है। यह संयंत्र डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन (DBFOO) मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा। जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, देश की बिजली की मांग, विशेष रूप से बेस लोड पॉवर की मांग, लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ऊर्जा अधोसंरचना में निवेश अत्यंत आवश्यक है, जिससे बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। अनूपपुर संयंत्र विश्वसनीय, सस्ती और प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह न केवल भारत बल्कि मध्यप्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेगा और राज्य के सतत विकास को गति देगा। इस संयंत्र के लिए कोयले की आपूर्ति भारत सरकार की 'शक्ति योजना' (SHAKTI Policy) के तहत मध्यप्रदेश को आवंटित की गई है। परियोजना निर्माण चरण में 7,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और चालू होने के बाद इसमें लगभग एक हजार स्थायी कर्मचारी कार्यरत होंगे।  

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।  

सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा– हमेशा हिंदू विरोधी रवैया अपनाती है

भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों से जुड़े एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इससे भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस पर हमला बोलने का एक बार फिर मौका मिल गया है। दरअसल अमंग सिंघार ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था आदिवासी हिंदू नहीं हैं। उन्होंने गुरुवार को आदिवासीबहुल जिले छिंदवाड़ा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, गर्व से कहो हम आदिवासी हैं, हिंदू नहीं। मैं इस बात को हमेशा कहता हूं। वो शबरी थीं, जिन्होंने राम को बेर खिलाए थे, वो भी आदिवासी थीं। जो आदिकाल से वास कर रहे हैं, वो आदिवासी हैं। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई नेताओं ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। सीएम मोहन यादव ने कहा, दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस हमेशा हिंदू और हिंदुत्व के विरोध में काम करती है। राहुल गांधी ने हिंदू के बारे में जो बात कही, वह अत्यंत बचकानापन था। अब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कह रहे हैं कि आदिवासियों में हिंदुत्व नहीं है। उन्हें शर्म आनी चाहिए। हिंदुत्व पर प्रश्न उठाएंगे तो जनता माफ नहीं करेगी। कांग्रेस के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। वहीं केंद्रीय मंत्री डीडी उइके ने सिंघार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जनजातीय समुदाय को अपमानित किया है। जनजातीय समुदाय मूलत: महादेव के वंशज हैं। लगभग सभी ज्योतिर्लिंग भी जनजातीय क्षेत्र में ही हैं। सभी गोंड राजाओं के किलों में भी महादेव विराजमान हैं। आदिवासी राजा महादेव के उपासक थे। भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि वे श्री सिंघार की इस बात को खारिज करते हैं। भारत के संविधान में आदिवासी समाज को हिंदू समाज का अभिन्न अंग माना गया है। 1951 की जनगणना में इसी परिधि में आदिवासी समुदाय को गिना गया है।

गणेश उत्सव में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम, युवाओं का राष्ट्रप्रेम देख भावुक हुए CM यादव

युवाओं का राष्ट्रप्रेम काबिले-तारीफ, गणेश उत्सव में दिखा ऑपरेशन सिंदूर का जज़्बा: CM डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गुलमोहर कॉलोनी में शिवाजी फाउंडेशन और श्रीगणेश उत्सव समिति के गणेश चतुर्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुलमोहर गणेश उत्सव समिति द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर केंद्रित प्रदर्शनी और झांकी देखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना सराहनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने आपरेशन सिंदूर के माध्यम से पड़ोसी शत्रु ही नहीं बल्कि विश्व को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी और पुष्प मालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और समिति के संरक्षक नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना कर आरती की। युवाओं ने गजानन विघ्नहर्ता गणेशजी की आराधना और समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

फलों से भरी बगिया का तोहफा! ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना में महिलाओं को सब्सिडी सीधे खाते में

भोपाल  मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए एक और अच्छी खबर है। लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा तो लाभार्थियों के खाते में आने ही वाला है। हालांकि वे मोहन यादव सरकार की एक और योजना का फायदा उठा सकती हैं। प्रदेश में 'एक बगिया मां के नाम' से योजना चल रही है। इस योजना के तहत फलदार पेड़ लगाने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। यह पैसा सीधे महिलाओं के खाते में भेजा जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रदेश में एक बगिया मां के नाम की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा अपनी निजी भूमि पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इस काम में मदद के लिए सरकार कंटीले तार की फेंसिंग, पौधे खरीदने, खाद, गड्ढे खोदने के साथ सिंचाई के लिए 50000 लीटर का जल कुंड बनाने के लिए पैसा दिया जा रहा है। इस योजना से जुड़ने के लिए 15 सितंबर तक का समय है। 31,300 महिलाओं को किया जाएगा शामिल 'एक बगिया मां के नाम' योजना का शुरुआती लक्ष्य 31,300 महिलाओं को लाभ पहुंचाने का रखा गया है। हालांकि महिलाओं में इस योजना को लेकर इस कदर जोश है कि 40,406 महिलाओं ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। निजी भूमि पर बगिया बनाने की योजना 15 अगस्त से शुरू हुई है और 15 सितंबर तक चलेगी। इस योजना के तहत 30 लाख फलदार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। अभी तक कितने आवेदन को मिली मंजूरी मोबाइल एप के जरिए महिलाओं का चयन किया जा रहा है। इस एप को मनरेगा परिषद द्वारा MPSEDC के माध्यम से तैयार किया गया है। अभी तक 10,162 महिलाओं को इस योजना के तहत मंजूरी मिल गई है। मतलब इन महिलाओं के खाते में पैसा आने की राह खुल गई है। इस योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार 1000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस योजना में सभी जिलों के अंतर्गत आने वाले 313 ब्लॉक की 9662 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 10,162 गांवों में सर्वे कर 40,406 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इस योजना के अंतर्गत हर ब्लॉक से कम से कम 100 हितग्रहियों को चुना जाएगा। साल में दो बार महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। योजना के लिए पात्रता इस योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को बगिया लगाने के लिए कम से कम 0.5 एकड़ और अधिकतम 1 एकड़ जमीन होनी चाहिए। इससे ज्यादा या कम जमीन पर बाग लगाने वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खंडवा जिला नंबर वन बगिया विकसित करने में वर्तमान में खंडवा जिला सबसे आगे है, जबकि सिंगरौली जिला प्रदेश में दूसरे नंबर है। आज 3 सितंबर तक खंडवा, सिंगरौली, बैतूल, देवास और आगर मालवा जिले टॉप-5 में शामिल थे। वहीं टॉप 5 ब्लॉक की बात करें तो खंडवा, चितरंगी, पंधाना, पुनासा और खालवा शामिल है। कब आएगी लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त मध्य प्रदेश की महिलाओं को हर महीने लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाले पैसों का इंतजार रहता है। लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त को लेकर अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि 10 सितंबर के बाद पैसा खाते में आ सकता है। इस महीने महिलाओं के खाते में 1250 रुपये ही आएंगे।