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केरल में मानसून की रफ्तार धीमी, अल-नीनो के असर से 33 फीसदी कम बारिश; खेती पर संकट के आसार

नई दिल्ली केरल में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, राज्य में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश में अब तक 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों के मुताबिक, बारिश की सबसे ज्यादा कमी वायनाड जिले में देखने को मिली है, जहां सामान्य से 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है. कम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है और खेती-किसानी पर इसका असर दिखाई देने लगा है।  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की डायरेक्टर वीके. मिनी ने जानकारी दी कि राज्य के सिर्फ चार जिले तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा और त्रिशूर में ही अब तक सामान्य बारिश हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो ये जिले भी कम बारिश वाले जिलों की कैटेगरी में आ सकते हैं।  IMD के मानकों के अनुसार, जब किसी जिले में बारिश की कमी 19 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, तो उसे 'बारिश की कमी' (Rainfall Deficient) की श्रेणी में रखा जाता है. वर्तमान स्थिति में राज्य के अधिकांश जिलों में यह स्थिति बन चुकी है।  खेती पर कम बारिश का असर बारिश की इस कमी ने कृषि क्षेत्र को सीधे प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे आईएमडी की सामान्य से कम (Below Normal) बारिश की भविष्यवाणी को देखते हुए खास उपाय अपनाएं. अल नीनो के असर से इस साल कम बारिश होने की आशंका है. वीके. मिनी ने बताया कि बारिश पर आधारित कृषि क्षेत्रों (Rain-fed Areas) पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. सामान्य से कम बारिश से मिट्टी की नमी घट रही है और खरीफ फसलों की बुआई में भी देरी हो रही है।  मौसम पर अल-नीनो का कैसा असर? सामान्य रूप से जून के महीने में बंगाल की खाड़ी के ऊपर दो डिप्रेशन और पांच तक निम्न दबाव प्रणालियां बनती हैं, जो मॉनसून की हवाओं को मजबूत करती हैं. इसी के साथ देश के बड़े हिस्सों में अच्छी बारिश होती है लेकिन इस साल जून में बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक भी डिप्रेशन नहीं बना. केरल में सामान्यतः जून और जुलाई-अगस्त में दो-दो तथा सितंबर में एक डिप्रेशन बनता है, लेकिन अल नीनो की स्थिति के कारण इन प्रणालियों के बनने में कमी आ सकती है।  पारंपरिक कृषि कैलेंडर प्रभावित केरल में 21 जून से 4-5 जुलाई तक का समय खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे पारंपरिक रूप 'तिरुवाथिरा नजट्टुवेला' कहा जाता है. यह धान की रोपाई और बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपने चरम पर होता है. लेकिन इस साल अल नीनो के असर से  कृषि कैलेंडर प्रभावित हुआ है।  IMD ने चेतावनी दी कि अगर बारिश की कमी लंबे समय तक बनी रही तो भूजल स्तर घट सकता है. पेयजल संकट पैदा हो सकता है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो न केवल धान बल्कि अन्य फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 

मध्य प्रदेश में 43 जिलों के लिए वर्षा चेतावनी, एंट्री के बाद थमा मानसून; 2-3 दिन और नहीं मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद उसकी रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के 43 जिलों में आज शनिवार को मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा की संभावना भी जताई गई है। विभाग के अनुसार, मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। सामान्य स्थिति में इस समय तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ने के कारण इसमें 2-3 दिन की और देरी होने की संभावना है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे देर से पहुंचने वाला है।. मानसून ने 24 जून को दी थी दस्तक गौरतलब है कि प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। पहले ही दिन इंदौर, धार, आलीराजपुर, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। हालांकि, इसके बाद से परिस्थितियां थमी हुई हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है। शनिवार को इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान इस बीच, शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग समेत प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग, नीमच, मंदसौर और बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। एमपी के कई हिस्सों में दिखा आंधी-बारिश का दौर इससे पहले, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और भारी बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच और उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी बरसा। शाजापुर, दतिया, राजगढ़ और मंडला समेत कई इलाकों में मौसम बदला रहा। इस बदलते मौसम के बीच बालाघाट और देवास जिलों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने और दीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 5 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। कहां-कहां है अलर्ट? मौसम केंद्र ने रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल सहित कुल 43 जिलों में आज बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का भी अनुमान है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। खासकर सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों पर अतिरिक्त नजर रखने की जरूरत है। कब तक सुधरेगा मौसम? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 48-72 घंटों में एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य भर में मानसून की गति बढ़ सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और श्योपुरकलां जैसे उत्तरी जिलों में सामान्य बारिश में सबसे ज्यादा देरी हो सकती है। वर्षा के आंकड़ों में सुधार पिछले तीन दिनों की बारिश से प्रदेश की औसत वर्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी। लगातार बारिश के कारण बारिश का घाटा घटा है, हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। एमपी में तेज बारिश…सिवनी में 2 इंच पानी गिरा इससे पहले शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया। शाजापुर के शुजालपुर, अकोदिया समेत आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश हुई। उज्जैन में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। बालाघाट के बैहर तहसील के बिरवा ग्राम पंचायत में बिजली गिरने से 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए। मृतकों की पहचान लल्की मेरावी, झामसिंह ताराम (35) और सतीश वलके के रूप में हुई है। वहीं, देवास के खटांबा गांव में सूरज की पूजा के दौरान आंधी-बारिश से गैलरी गिर गई। हादसे में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची समेत 3 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान लक्ष्मीबाई और भगवंताबाई के रूप में हुई है। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। खरगोन में तापमान सबसे कम 30 डिग्री पहुंच गया। खंडवा में 30.1 डिग्री, सागर में 31.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 31.8 डिग्री, बैतूल में 32.7 डिग्री, सिवनी-उमरिया में 33.2 डिग्री, धार में 33.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल-इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।    

पंजाब में मानसून की एंट्री, फिरोजपुर में झमाझम बारिश; 27-28 जून को कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

फिरोजपुर  शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान पंजाब व चंडीगढ़ के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, 27 और 28 जून को कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ पंजाब में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच राज्य में बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। बीते दिन अधिकतम मांग 16,335 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस वर्ष का सबसे उच्च स्तर है। पिछले वर्ष 25 जून को यह मांग 14,697 मेगावाट थी, जबकि वर्ष 2024 में अधिकतम मांग 15,345 मेगावाट दर्ज की गई थी। राज्य के 15 में से 12 थर्मल पावर यूनिट फिलहाल बिजली उत्पादन कर रहे हैं। मौसम अपडेट 1. 26 जून राज्य के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 2. 27 और 28 जून इन दो दिनों में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। 3. 29 जून से 1 जुलाई बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि इसकी तीव्रता कुछ कम हो सकती है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। अगले तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए काफी लाभदायक होगी।  

बारिश में जलभराव रोकने पर गडकरी का फोकस, सड़कों को तालाब बनने से बचाने के लिए क्या है प्लान?

मुंबई  मॉनसून में अक्सर सड़कों के तालाब बन जाने की खबरों के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बारिश आने से पहले ही तैयारी करने के जरूरी निर्देश दिए हैं. गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारियों को पूरी तरह मजबूत किया जाए और खराब मौसम के कारण होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएं।  सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के अनुसार, यह निर्देश उन समीक्षा बैठकों के दौरान दिए गए, जिनमें तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति का आकलन किया गया है. गडकरी ने सड़क परिवहन की नींव राष्ट्रीय राजमार्गों पर खासतौर पर ध्यान रखने के लिए कहा है।  इन परियोजनाओं में तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और परियोजना ठेकेदारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।  बैठकों के दौरान गडकरी ने चल रही परियोजनाओं, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं प्रभावी राजमार्ग बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की।  गडकरी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, समय पर काम पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और बेहतर कार्य पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे सड़कों की मजबूती, यात्रा सुविधा और राजमार्गों का दीर्घकालिक प्रदर्शन बेहतर होगा।  मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को प्रभावी ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन) और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) तैनात करने पर भी जोर दिया। मंत्री के अनुसार, ये कदम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर निर्बाध यातायात, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।  गडकरी ने कहा कि अच्छी तरह से विकसित और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर परियोजनाओं का पूरा होना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाना सड़क क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। 

9 दिन की देरी के बाद सक्रिय हुआ मानसून, 46 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आखिरकार मानसून की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा समेत 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पिछले 24 घंटों में हुई अच्छी बारिश और दक्षिण-पश्चिम से आने वाली नमी युक्त हवाओं के आधार पर यह घोषणा की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की संभावना है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, सिंगरौली, मंदसौर और नीमच समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा मौसम विभाग के अनुसार आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे अंत में मानसून पहुंचेगा। प्रदेश के बाकी हिस्सों को अगले 2 से 3 दिन में मानसून कवर कर लेगा। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। सीधी में लू चल सकती है, जबकि नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस-भरी गर्मी रहेगी। इन जिलों में आ चुका मानसून आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी, डिंडौरी में मानसून के आने की घोषणा हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश में छा जाएगा। यह सबसे आखिरी में ग्वालियर-चंबल में मानसून पहुंचेगा। 9 दिन लेट हो गया मानसून एमपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीख 15 जून है, लेकिन इस बार यह 9 दिन लेट यानी, 24 जून को प्रदेश में आया। मानसून आ गया है? इसका आंकलन कैसे होता है? यह मौसम वैज्ञानिक अरुण कुमार से जाना। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटे में 75 मिमी यानी, 3 इंच बारिश हो गई। सीमा से जुड़े जिलों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में पर्याप्त बारिश हुई और दक्षिण-पश्चिम से नमी वाली मानसूनी हवाएं भी आईं। इन्हीं के अध्ययन से मानसून की एंट्री की अधिकारिक घोषणा की जाती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून मौसम विभाग ने अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। नौ दिन की देरी से हुई एंट्री मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार यह 24 जून को पहुंचा। यानी मानसून निर्धारित समय से करीब नौ दिन देरी से आया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि वर्षा की मात्रा, नमी वाली हवाओं की दिशा और उनके प्रभाव क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। छिंदवाड़ा में पिछले 24 घंटों के दौरान 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज होने के साथ दक्षिणी सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय मानसूनी गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। बारिश का कोटा अभी भी आधा अधूरा मानसून के देर से आने का असर शुरुआती सीजन पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 1 जून से 24 जून तक औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।  इस साल कम बरसात की आशंका भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत 47 जिलों में बारिश का स्तर औसत से नीचे रहने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान करीब 37.3 इंच वर्षा होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 से 32 इंच के बीच रहने की संभावना जताई गई है। केवल सात जिलों में सामान्य से अधिक बारिश अब तक के आंकड़ों के अनुसार भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, धार, खरगोन, रायसेन, सीहोर समेत 48 जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले तीन दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।  विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि 15 जून के बजाय 24 जून को पहुंचा, यानी करीब 9 दिन की देरी से। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं होती, बल्कि लगातार वर्षा, हवा की दिशा, नमी और अन्य मौसमीय संकेतकों का विश्लेषण करने के बाद ही इसकी पुष्टि की जाती है। खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी हालांकि इस बार मानसून के बावजूद बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों की बारिश प्रदेश की जल स्थिति और खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।  

बारिश से बेहाल मुंबई, जलभराव के चलते रेलवे ट्रैक डूबे और अंधेरी सबवे बंद

 मुंबई  मानसून की पहली बारिश मंगलवार को मुंबई में आफत बनकर आई। सड़कें, रेलवे ट्रैक और सबवे सभी जगहों पर पानी भर गया और शहर के कई हिस्सों में जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए मुंबई में भारी बारिश का अनुमान लगाते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। पूरे राज्य में बारिश का मौसम बने रहने के कारण महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं। जलभराव से रोजमर्रा की जिंदगी बाधित मंगलवार तक हुई भारी बारिश के कारण मुंबई के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया और सिविक अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवाजाही पर रोक लगाने के कारण यात्रियों को ट्रैफिक में रुकावटों का सामना करना पड़ा। एवरार्ड नगर में पानी से भरे सबवे को भी आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया। साकी नाका मेट्रो स्टेशन इलाके समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरों में भारी बारिश का रोजमर्रा की आवाजाही पर असर साफ दिखा। 'नहीं ढूंढ़ पाए समस्या का अस्थाई समाधान' अंधेरी अंडरपास की स्थिति के बारे में बात करते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारी ऋतिक ने कहा, "हम पानी भरने की इस गंभीर समस्या का कोई अस्थायी समाधान नहीं ढूंढ पाए हैं। हमारे अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए यहां तैनात रहते हैं कि गाड़ियां यहां से न गुजरें। लेकिन कुछ रिक्शा चालक फिर भी अपनी गाड़ियों को वहां से निकालने की कोशिश करते हैं। एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया था। उसकी जान खतरे में थी। हमारे दो अधिकारियों ने उसे बाहर निकालने में मदद की।" बीएमसी के एक और अधिकारी रॉबर्ट ने कहा, "हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि अंडरपास के अंदर कोई भी गाड़ी न जाए। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।" रेल सेवा जारी रही बीएमसी ने कहा कि पानी से भरे अंधेरी अंडरपास को छोड़कर सभी सबवे चालू रहे, जबकि शहर भर में रेल सेवा सामान्य रूप से चलती रही। जोरदार बारिश के बावजूद, वेस्टर्न रेलवे ने पुष्टि की कि सुबह के व्यस्त समय में हार्बर लाइन और चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर समेत मुख्य रूटों पर सबअर्बन ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही थीं। हालांकि, रात भर लगातार हुई बारिश के कारण मुंबई और नवी मुंबई के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया। भारी बारिश से थमी मुंबई की रफ्तार वसई, विरार और नालासोपारा क्षेत्रों में बुधवार रात से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है. जलभराव के कारण स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. पहली ही तेज बारिश ने कई क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा दी है. वहीं, भवानी पार्क इलाके में एक पेड़ भी गिर गया, जिसे हटाने के लिए दमकल विभाग की टीम युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हुई है. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।  मुंबई में रेड वॉर्निंग के बीच बुधवार शाम से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इसी दौरान दादर स्टेशन के पूर्वी इलाके में भारी बारिश के कारण एक बड़ा पेड़ गिरकर एक कार पर आ गिरा, जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ की शाखाएं काटकर उसे हटाने का काम शुरू कर दिया. लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें हैं।   मुंबई में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक लगातार जारी रही. मुंबई में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. पनवेल से नवी मुंबई आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी रही. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय लगा।   बारिश का असर मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी साफ दिखाई दिया. पश्चिमी रेलवे की लोकल ट्रेनें 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं. वहीं सेंट्रल लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार और भी ज्यादा प्रभावित हुई है तथा कई ट्रेनें लगभग 30 मिनट की देरी से चल रही हैं. सेंट्रल रेलवे की सेवाओं में भी व्यवधान दर्ज किया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।  सबसे बड़ा असर हार्बर लाइन पर देखने को मिला. रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि तकनीकी कारणों के चलते हार्बर लाइन की सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. प्रशासन के अनुसार भारी बारिश और उससे जुड़े तकनीकी कारणों की वजह से यह कदम उठाया गया. इससे नवी मुंबई और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।  बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आंकड़ों के अनुसार 23 जून सुबह 8 बजे से 24 जून रात 2 बजे तक शहर क्षेत्र में औसतन 78 मिमी बारिश दर्ज की गई. पूर्वी उपनगरों में 87 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 113 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. रात 1 बजे से 2 बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश भांडुप कॉम्प्लेक्स में 40 मिमी दर्ज हुई. इसके अलावा एस वार्ड में 35 मिमी, टी वार्ड में 31 मिमी और मिथागर म्यूनिसिपल स्कूल क्षेत्र में 29 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।  पश्चिमी उपनगरों में आनंद नगर म्यूनिसिपल स्कूल क्षेत्र में 32 मिमी, दिंडोशी वसाहत और दहिसर में 30 मिमी तथा मालवणी फायर स्टेशन क्षेत्र में 26 मिमी बारिश हुई. वहीं शहर क्षेत्र में काला किला धारावी में 19 मिमी, आदर्श नगर स्कूल वर्ली में 16 मिमी तथा दादर और वर्ली फायर स्टेशन क्षेत्र में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई. मिटी नदी का जलस्तर भी बढ़कर 1.83 मीटर तक पहुंच गया है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।  मुंबई में कितनी बारिश हुई? बीएमसी के बारिश के आंकड़ों के अनुसार, 23 जून को सुबह 8:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच शहर … Read more

लेट हो रहा मानसून, लेकिन बारिश बनी राहत! पंजाब में पारा लुढ़का, अगले चार दिन यलो अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में भले ही मानसून आने में देरी हो रही है, लेकिन कईं जगहों पर हुई हल्की बारिश से भीषण गरमी से कुछ राहत मिली है। सोमवार को पंजाब के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब पारा सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक 38.6 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने मंगलवार व बुधवार के लिए पंजाब के 14 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।  इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। इसके बाद 25 जून से पश्चिमी विक्षोभ मजबूत होगा और दो दिन पंजाब के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश पड़ेगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। यह सामान्य. से 1.7 डिग्री नीचे हो गया है। सबसे कम 23.2 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। जून के आखिरी हफ्ते में दस्तक दे सकता है मानसून  मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक मानसून पूर्वी भारत में तेजी से आगे बढ़ चुका है और अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। अगर स्थितियां अनुकूल बनी रहीं और इसी तरह से मानसून आगे बढ़ता रहा, तो जून के आखिरी हफ्ते में 29 या फिर 30 जून को यह पंजाब में प्रवेश कर सकता है। डायरेक्टर ने कहा कि पंजाब में 25 जून तक होने वाली बारिश पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पड़ेगी। यह प्रि मानसून की बारिश नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब में 20 से 25 जून के बीच मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई गई थी।  अमृतसर का अधिकतम पारा 34.9 डिग्री (सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे) लुधियाना का 34.2 डिग्री, पटियाला का 36.3 डिग्री, पठानकोट का 36.6 डिग्री, फाजिल्का का 36.0 डिग्री, होशियारपुर का 34.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 31.8 डिग्री और रूपनगर का 36.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.0 डिग्री, लुधियाना का 23.8 डिग्री, पटियाला का 26.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फाजिल्का का 25.8 डिग्री, होशियारपुर का 24.7 डिग्री और रूपनगर का 25.8 दर्ज किया गया।

बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने, हल्की से मध्यम वर्षा तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 जून तक झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. पंजाब से बिहार तक एक टर्फ सक्रिय है. झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य टर्फ भी बना हुआ है, जिससे राज्य में नमी बढ़ रही है. विभाग ने कहा है कि झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में 23 जून के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है. दो से तीन डिग्री गिर सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक राज्य में अधिकांश स्थानों पर बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद तापमान में फिर दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. गुमला में सबसे ज्यादा बारिश हुई पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. सबसे अधिक बारिश चैनपुर (गुमला जिला) में 40.2 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम में 23.5 मिलीमीटर बारिश हुई. आज तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी (कोल्हान) और निकटवर्ती मध्य (राजधानी और आसपास) जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. 23 से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी.

मुंबई में मॉनसून का कहर! अंधेरी सबवे पानी में डूबा, सड़कों पर जलभराव; IMD ने दी चेतावनी

 मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी है. सोमवार सुबह से जारी बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आ रही हैं. अंधेरी सबवे में पानी भर गया है. वहीं, कई सड़कों पर भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून को शहर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिन यानी रविवार को शहर के कई इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आज भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी है।    मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में मॉनसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मॉनसून सोलापुर के पास रुका हुआ था. महाराष्ट्र में एक बार फिर मॉनसून एक्टिव हुआ है लेकिन रफ्तार अभी धीमी है. बता दें कि मुंबई में हर साल मॉनसून में मूसलाधार बारिश होती है लेकिन इस बार मॉनसून ने अभी तक अच्छी रफ्तार नहीं पकड़ी है।    IMD के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में आज पूरे दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. कुछ जगहों पर गरज और बिजली चमकने के भी आसार हैं. मौसम विभाग ने मुंबई में आज येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम खराब रह सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा खतरा नहीं है।  मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई के ऊपर कुछ बादल छाए हुए हैं. हालांकि, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में अभी मॉनसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में ही बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं।  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत इस बार थोड़ी देरी से हुई है. लेकिन अब हवाओं में नमी बढ़ने से बारिश शुरू हो गई है. मुंबई के आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं. जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है. वहीं, कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल रही हैं।  इस बीच मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अलर्ट है. मॉनसून की बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए पंपिंग मशीनें चेक की जा रही हैं. ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लोगों को बारिश से होने वाले ट्रैफिक जाम से ना जूझना पड़े।  मॉनसून की बारिश किसानों के लिए अच्छी खबर है. महाराष्ट्र के कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो सकेगी. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून और मजबूत हो सकता है. पूरे महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। 

उत्तर भारत में गर्मी से राहत की तैयारी, IMD ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली यूपी समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी पड़ रही है। लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, मॉनसून पर खुशखबरी सामने आई है कि 23 जून को यह कई राज्यों में पहुंचने वाला है। मौसम विभाग ने बताया है कि महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में यह 23 को पहुंच जाएगा। यानी कि इन राज्यों में पड़ रही गर्मी से राहत मिलेगी। इसके अलावा, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में 21 जून तक बहुत भारी बारिश होगी। वहीं, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र में आज और पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ में 25 जून, बिहार, तेलंगाना में 21 जून तक हीटवेव चलेगी। उसके बाद भारी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में आज कई राज्यों में आंधी तूफान चलने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के कुछ राज्यों में बारिश का अलर्ट है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख में 20-22 जून के बीच बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 20-26 जून के बीच बरसात होगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में 20-23 जून, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 जून, 26 जून, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-26 जून के बीच बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जून, पूर्वी राजस्थान में 20-26 जून के बीच बारिश देखने को मिलेगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में 20-23 जून के बीच तेज स्पीड से आंधी तूफान और बिजली कड़कने का अलर्ट है। इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में 20 जून को आंधी चलने वाली है।जम्मू कश्मीर, लद्दाख में 20-21 जून को ओले गिरेंगे। मध्य भारत की बात करें तो छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-26 जून के बीच बारिश होगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-24 जून, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 20-24 जून, छत्तीसगढ़ में 20-26 जून के बीच बारिश, आंधी, तेज हवाओं का अलर्ट है। पूर्वी भारत की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 20-26 जून, गंगीय पश्चिम बंगाल में 20-25 जून, ओडिशा में 20-21 जून के बीच बरसात देखने को मिलने वाली है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 26 जून, बिहार, झारखंड में 20-26 जून, ओडिशा में 22-26 जून के बीच बरसात होगी। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप में 20-26 जून, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल में 20 जून, गंगीय पश्चिम बंगाल में 20-21 जून, झारखंड में 22-26 जून, बिहार में 20-22 जून, 25-26 जून, ओडिशा में 22-24 जून को बारिश, आंधी तूफान चलेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 20-26 जून को बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 20-24 जून, असम, मेघालय में 23-26 जून, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में 20-23 जून में बहुत भारी बारिश होगी।