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Monsoon Update: बिहार-झारखंड में जल्द होगी जोरदार बारिश, जानिए यूपी और दिल्ली में कब देगा दस्तक

भोपाल  मॉनसून ने 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद तेज रफ्तार बरकरार रखी है. वो अब तक 14 राज्यों के पार निकल गया है. भारत मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून अगले 3-4 दिनों में छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा पहुंच सकता है.दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल बने हुए हैं। अगले 3-4 दिनों में मॉनसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों, पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा।  बुधवार को भारत मौसम विभाग ने ये पूर्वानुमान जारी किया. अगले 5-7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी क्षेत्र पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है. साथ ही केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी भारी बारिश हो सकती है।  मॉनसून दिल्ली-यूपी कब पहुंचेगा मॉनसून ने मंगलवार को सभी उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों को कवर कर लिया था.भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मॉनसून पिछले सात दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गोवा पहुंच चुका है. मॉनसून दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यो में 25 जून तक पहुंच सकता है. जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत पहाड़ी राज्यों में मॉनसून जून के अंत तक या जुलाई में पहुंच सकता है।  दिल्ली, यूपी में कल से झमाझम बारिश मॉनसून अभी भले ही उत्तर भारत न पहुंचा हो, लेकिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गुरुवार से दो दिन बारिश का अलर्ट है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में गुरुवार से बारिश देखने को मिल सकती है. दिल्ली में बारिश के साथ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी।  दिल्ली एनसीआर में पिछले हफ्ते भी दो दिन तेज बारिश देखने को मिली थी. जबकि मंगलवार रात को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आई थी. दिल्ली एनसीआर में 11-12 जून को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का अलर्ट है।  केरल में ऑरेंज अलर्ट मॉनसून सीजन के पहले हफ्ते में केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और बंगाल के कुछ क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हो रही है. केरल के अलपुझा और एर्नाकुलम जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. केरल के कोल्लम, पथनमिट्टा, कोट्टायम, त्रिशूर, मल्लपुरम, कोझिकोड और कन्नूर जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।  तेलंगाना भी भारी बारिश तेलंगाना के विकाराबाद, महबूबनगर, नारायणपेट और जोगुलांबा गडवाल में भी भारी बारिश हो रही है. हालांकि मौसम विभाग ने इस साल मजबूत अल नीनो की भविष्यवाणी की है, जो मॉनसूनी बारिश के लिए खतरा साबित हो सकता है. बारिश में कमी से जून-जुलाई के दौरान तापमान दो डिग्री तक ज्यादा रह सकता है। 

प्री-मानसून बारिश ने बदला मौसम का मिजाज, कुछ इलाकों में रिकॉर्ड बारिश, मौसम विभाग की चेतावनी बरकरार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक दस्तक अभी बाकी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। जून के पहले नौ दिनों में हुई बारिश ने कई जिलों में सामान्य आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। हालात यह हैं कि प्रदेश के 14 जिलों में अब तक 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग ने इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई है, लेकिन मानसून पूर्व बारिश ने फिलहाल राहत और चुनौती दोनों हालात पैदा कर दिए हैं। 1 से 9 जून के बीच प्रदेश में औसतन आधा इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के बीच गर्मी भी बरकरार एक ओर कई इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। मंगलवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में 44 डिग्री और राजगढ़, रीवा व टीकमगढ़ में 43 डिग्री के आसपास तापमान रहा। प्रदेश के 26 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान 40 डिग्री के करीब रहा, जबकि ग्वालियर में 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। निवाड़ी सबसे आगे, नीमच और भोपाल भी रिकॉर्ड सूची में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो निवाड़ी में सामान्य 1.9 मिमी के मुकाबले 14.7 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 672 प्रतिशत अधिक है। नीमच में 493 प्रतिशत, आगर-मालवा में 385 प्रतिशत, श्योपुर में 346 प्रतिशत, मंदसौर में 334 प्रतिशत और भोपाल में 304 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा अलीराजपुर, अशोकनगर, देवास, हरदा, मुरैना, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में भी सामान्य से दोगुने से ज्यादा पानी गिर चुका है। आज 16 जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश की संभावना जताई है। वहीं भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है। बदला मौसम का मिजाज, लू की जगह ओलों का अलर्ट मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान में बड़ा बदलाव किया है। जिन जिलों में पहले 10 और 11 जून के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया था, वहां अब 12 जून को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिर सकते हैं। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के संकेत हैं।  

अगले 48 घंटे बेहद अहम! IMD की चेतावनी, कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और मौसम का बड़ा बदलाव

नई दिल्ली देश में मौसम का रुख एक बार फिर पूरी तरह बदल चुका है. केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत एंट्री कर ली है. यह एंट्री भले ही तय समय के आसपास हुई हो, लेकिन इसके असर ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला दिया है. एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर राहत की उम्मीद दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है।  IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और कई राज्यों को अपनी चपेट में लेगा. अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसका सीधा असर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा।  अल-नीनो की परिस्थितियों के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मूसलाधार बारिश करवाता हुआ तेजी से आगे बढ़ रहा है। मॉनसून अब महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को कवर कर चुका है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले सात दिन कई राज्यों पर भारी पड़ सकते हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मेघालय और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर और बारिश का अलर्ट जारी किया है। 11 से 12 जून तक उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इन राज्यों में होने वाली है मॉनसून की एंट्री मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों के बचे हुए हिस्से को कवर करने वाला है। वहीं दो से तीन दिन में ही यह ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल को भी पूरी तरह से कवर कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक 5 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को कवर करेगा। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मॉनसून पहुंच चुका है और झमाझम बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ कराएगा बारिश मौसम विभाग के अपडेट के मुताबिक पश्चिमी हिमालयी इलाके में सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ अगले तीन से चार दिन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश करवाने वाला है। इन राज्यों में 9 से 14 जून तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा 10 से 14 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान में 11 और 12 जून को तेज हवाओँ के साथ बारिश हो सकती है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 11 और 12 जून को धूलभरी आंधी चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक हवाओँ की गति 50 से 60 किमी प्रतिघंटे तक पहुंचने की संभावना है। यूपी-बिहार का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 जून के बीच उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून के बीच मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। 10 जून के बाद बिहार के पटना, सिवान, भागलपुर, मुंगेर जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। झारखंड, बिहार और गंगा के आसपास के क्षेत्रों में 10 से 15 जून के बीच आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना है। दिल्ली का मौसम आईएमडी के अनुसार, हालांकि बारिश से कुछ स्थानों पर थोड़ी राहत मिली। सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे की कुल वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, केवल पालम और आयानगर में हल्की बारिश हुई लेकिन सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच किसी भी वेधशाला में बारिश दर्ज नहीं की गई। आईएमडी के अनुसार, 10 जून तक अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 43 डिग्री तक पहुंच सकता है, और उसके बाद 11 जून से आंधी की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है। देशभर में मौसम का सिस्टम एक्टिव, तेज हवाओं और बारिश का खतरा     मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. यही वजह है कि मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर हो गया है. कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।      अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक पहुंच सकता है.हवाओं की गति कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।  दिल्ली-NCR में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. 7 जून को आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन आंधी और बारिश के चलते शाम तक राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।  उत्तर प्रदेश में मौसम का बदलता रुख और आंधी-तूफान का अलर्ट उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक काफी सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. 9 से 12 जून के बीच कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है. IMD ने राज्य के कई जिलों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ जैसे शहरों में मौसम अचानक बदल सकता है. गर्मी और उमस के बीच यह बारिश कुछ राहत भी दे सकती है, लेकिन बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।  बिहार में मौसम का मिजाज और बारिश की गतिविधियां बिहार में 7 और 8 जून को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, … Read more

बारिश ने बढ़ाई रफ्तार, 12 राज्यों में मेहरबान हुआ मॉनसून; यूपी-बिहार में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 12 राज्यों तक पहुंच चुका है। केरल से प्रवेश करने के बाद कर्नाटक, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। वहीं महाराष्ट्र में भी मॉनसून का असर देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में इन दिनों हीटवेव का असर देखा जा रहा है। हलाांकि मौसम विभाग ने एक राहत की खबर सुनाई है। 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी पश्चिमी विक्षोभ ऐक्टिव हो सकता है। ऐसे में दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में भी बारिश का अनुमान है। राजस्थान में गिरे ओले राजस्थान के श्रीगंगानगर में धूलभरी आंधी के बाद बारिश शुरू हुई और फिर ओलावृष्टि होने लगी। मौसम विभाग के मुताबिक 8 जून को भी कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के इंदौर में भी तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई है। करवट लेने वाला है मौसम दिल्ली एनसीआर में फिलहाल 9 और 10 जून को हीटवेव जारी रहने का अनुमान है। 10 जून से मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों में ही दिल्ली एनसीआर का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। इन राज्यों में मूसलाधार बारिश मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून की वजह से कर्नाटक और केरल में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वोत्तर में भी झमाझम बारिश हो रही है। मॉनसून त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और नगालैंड, मिजोरम तक पहुंच चुका है। यहां कई जगहों पर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है। 5 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को कवर कर लेगा। अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में बारिश जारी रहेगी। वहीं ओडिशा, बिहास, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी आंधी के साथ बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 10 जून को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार में भी तूफान के साथ बारिश का अनुमान है। यूपी में कब होगी बारिश उत्तर प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हीटवेव का असर देखा जा रहा है। यहां 9 और 10 जून को भी लू जारी रहेगी। वहीं 10 जून के बाद बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी में आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 और 9 जून को हल्की बारिश हो सकती है। 11 जून को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद उत्तराखंड में बारिश की गितिविधियां तेज होंगी। बिहार का मौसम बिहार में भी 10 जून के बाद ही बारिश का अनुमान लागाय गया है। 11 जून को भी कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। गर्मी की लिहाज से फिलहाल दो दिन भारी बताए गए हैं। झारखंडा में 8 जून को भी 40 से 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। साथ ही हल्की बारिश हो सकती है।

रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी

रायपुर  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मध्यप्रदेश में मौसम का प्रहार: देवास में बही कार, झाबुआ में झमाझम बारिश; जानिए कब आएगा मानसून

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री भले ही न हुई हो, लेकिन प्री मानसून जमकर बरस रहा है। झाबुआ में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश हुई। धार, पीथमपुर और रतलाम में भी पानी गिरा। इससे पहले भोपाल में गुरुवार शाम करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार के साथ आंधी चली और बारिश हुई। करीब 80 पेड़ या उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं। इससे ट्रैफिक जाम के हालात बने। ओले भी गिरे। देवास में बारिश की वजह से एक कार रपटे से बह गई। हादसा मसुरिया-भंडारिया रोड पर हुआ। कार सवार चार लोगों ने कूदकर जान बचाई।मौसम केंद्र के मुताबिक, शुक्रवार को भोपाल-इंदौर समेत करीब 45 जिलों में मौसम बदला रहेगा। 60KM प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोक नगर, सागर और दमोह में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है।वहीं, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, पांढुर्णा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज आंधी तो कहीं बारिश वाला मौसम बना रहेगा।  केरल में मानसून की आधिकारिक एंट्री के साथ ही मध्य प्रदेश में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है. प्रदेश में मानसून भले अभी नहीं पहुंचा हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ चुकी हैं. पिछले दो दिनों से प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है. मौसम विभाग ने 5 जून को प्रदेश के 45 जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, लेकिन तेज हवाओं और पेड़ गिरने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।  इंदौर में 6.8 डिग्री लुढ़का पारा, कई शहरों में गिरावट मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के अंदर 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। रतलाम में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच पानी गिर गया। भोपाल में पौन इंच और इंदौर-श्योपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। धार, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर, झाबुआ, सीहोर, मैहर समेत कई जिलों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आंधी-बारिश की वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट आई है। भोपाल में पारा 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में एक ही रात में 6.8 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 19 डिग्री पर आ गया। ग्वालियर में 27.5 डिग्री और जबलपुर में 26.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 20.3 डिग्री, श्योपुर में 21 डिग्री, रतलाम में 21.2 डिग्री, दमोह में 22.5 डिग्री, शिवपुरी में 23 डिग्री, गुना में 23.5 डिग्री, खंडवा में 24 डिग्री, नर्मदापुरम में 24.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 24.6 डिग्री और रायसेन में 24.8 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर रहा। केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। गुरुवार शाम भोपाल में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया. करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर में लगभग 80 पेड़ और उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं. कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी. शाजापुर, सीहोर, इछावर और शुजालपुर में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है. तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।  अगले चार दिन तक बना रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को भी भोपाल, इंदौर सहित करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी से मिली बड़ी राहत लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। भोपाल में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर में 38.4 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 39 डिग्री तथा ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केवल कुछ शहरों में ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। सबसे अधिक तापमान नौगांव में 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में तेज बारिश और तापमान में भारी गिरावट रायसेन जिले के गैरतगंज, देवनगर और सिलवानी क्षेत्र में देर रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर चला, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई इलाकों में दिन और रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की कमी देखने को मिली। मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मानसून इस बार सामान्य तिथि से कुछ दिन देर से पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य प्रवेश तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा … Read more

रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी

रायपुर  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, देश में बारिश की शुरुआत; यूपी और बिहार के लिए बड़ा अपडेट

तिरुवनन्तपुरम झुलसाती गर्मी, तपती सड़कें और उमस भरी हवाओं के बीच आखिरकार वह खबर आ गई जिसका पूरे देश को इंतजार था. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है. इसके साथ ही भारत में बारिश के सबसे बड़े मौसम की शुरुआत हो चुकी है. मौसम विभाग (IMD) की घोषणा के बाद केरल के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई है और आसमान में घने बादलों ने गर्मी की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया है. हर साल की तरह इस बार भी मानसून की एंट्री सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद का संकेत है. खेतों से लेकर शहरों तक अब नजरें बारिश के अगले दौर पर टिक गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लेगा. ऐसे में अब छाता और रेनकोट निकालने का वक्त आ गया है।  IMD ने गुरुवार को पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. इसके साथ ही लक्षद्वीप और तटीय इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग ने 4 जून से 9 जून के बीच केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई जगहों पर 7 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।  मानसून की एंट्री के साथ बदला मौसम का मिजाज     केरल में मानसून की एंट्री के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है. कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर केरल के कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. जैसे-जैसे मानसून मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश का दायरा बढ़ता जाएगा।      IMD ने अपने बयान में कहा कि ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.’ विभाग के मुताबिक, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो रहा है।      मानसून की यह शुरुआत देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम मानी जाती है. भारत की लगभग आधी आबादी किसी न किसी रूप में खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की करीब 51 प्रतिशत खेती बारिश पर आधारित है. ऐसे में मानसून अच्छा रहने का मतलब है बेहतर फसल, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार में सकारात्मक असर।      पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी मानी जा रही थी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित हो रहे एक टाइफून और लक्षद्वीप के पास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खिंच गई थी. इसी कारण मानसून की शुरुआती प्रगति कमजोर पड़ी. हालांकि अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और मानसून तेजी पकड़ रहा है।  UP-बिहार में कब आएगा मानसून? मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक 12 से 15 जून के बीच हो सकती है, हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में यह थोड़ा पहले भी पहुंच सकता है. मानसून के पूरे बिहार में सक्रिय होने में इसके बाद करीब 2 से 3 दिन का समय लग सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा।   पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 25 जून तक हो सकती है. मानसून के पहुंचने के साथ दोनों राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।  विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।  मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है।  किसानों और आम लोगों के लिए क्यों अहम है मानसून? भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है. अच्छी बारिश होने पर खेती बेहतर होती है, जलाशयों में पानी भरता है और बिजली उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ती है और इसका असर पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखाई देता है।  यही वजह है कि हर साल मानसून की एंट्री पर पूरे देश की नजर रहती है. इस बार भी मानसून की शुरुआत को राहत भरी खबर माना जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है क्योंकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।  आने वाले दिनों में तेजी से आगे बढ़ेगा मानसून मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और जुलाई के मध्य तक देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर लेगा. अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी तेज बारिश शुरू हो सकती है. फिलहाल केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है. अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि मानसून की रफ्तार आगे कैसी … Read more

मध्यप्रदेश का मौसम बदला, भोपाल समेत कई जिलों में बारिश; 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी

भोपाल  पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते देश में मौसम तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. लोगों के चिलचिलाती जलन देने वाली गर्मी से राहत मिल सकेगी. मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल और इंदौर सहित मध्य प्रदेश के 39 जिलों में तेज आंधी, बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि "वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं. प्रदेश के 39 जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर और दक्षिण भारत से आ रही नमी मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के हालात बना रही है. ऐसे में लोगों को अगले 48 घंटों तक सावधान रहने की सलाह दी गई है. जिला प्रशासन को सतर्क रहने के साथ लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे नहीं ठहरने की एडवाइजरी जारी की गई है।  अचानक मौसम बदल रहा है मौसम विभाग के हिसाब से इस वक्त एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसके चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. ऐसे में दोनों सिस्टम जब आपस में मिलते हैं तो हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है. कई क्षेत्रों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ ओले गिरने की आशंका है।  मौसम विभाग ने नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि के साथ 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। भोपाल में सुबह से बादल छाए हैं। कई इलाकों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा रायसेन, सीहोर और नर्मदापुरम में भी बारिश हुई। उज्जैन, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के 33 जिलों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर बना हुआ है। इसी कारण इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि 15 जून की बजाय 20 से 22 जून के बीच होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी गई तेजी से मौसम में आ रहे बदलाव के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बहुत परेशानियां ला सकते हैं. ऐसे में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है. खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका के चलते मध्य प्रदेश के किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है. अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम के सबसे ज्यादा आक्रामक रुख रखने की आशंका है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों में तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं।  40 डिग्री से ऊपर पारा…रतलाम सबसे गर्म मध्य प्रदेश में बुधवार को आंधी-बारिश के दौर के बीच कुछ शहरों में तेज धूप भी खिली। इससे तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया। सबसे ज्यादा रतलाम में 42 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 41.8 डिग्री, राजगढ़ में 40.6 डिग्री, मलाजखंड-खंडवा में 40.5 डिग्री, खजुराहो-सागर में 40.3 डिग्री, नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री, नौगांव, दमोह, उमरिया-मंडला में 40 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.4 डिग्री, इंदौर में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 38.9 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया।

केरल पहुंचने वाला है मॉनसून, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में 4 जून 2026 के आसपास दस्तक दे सकता है. इसके साथ ही अगले 5-7 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेंटीमीटर) की संभावना जताई गई है. IMD ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।  मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून के आगमन के साथ केरल में व्यापक बारिश होने वाली है. मलप्पुरम, कोझीकोड और वयनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जबकि बाकी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।  मौसम विभाग ने लिए केरल के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जबकि गुरुवार को आठ जिलों में और शुक्रवार को सात जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, बाकी जिलों में इन दिनों येलो अलर्ट रहेगा।  IMD ने 6 जून तक पूरे राज्य में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है. तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।  पड़ोसी राज्यों पर भी असर केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी अगले 6-7 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. IMD ने इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मॉनसून की इस शुरुआती दस्तक से केरल के कृषि क्षेत्र को फायदा होने की उम्मीद है।