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MP ट्रांसको की बड़ी उपलब्धि, इन-हाउस ओवरहॉलिंग से 400 केवी सर्किट ब्रेकर पर बचाए 50 लाख रुपये

एमपी ट्रांसको ने बिरसिंहपुर फीडर के 400 केवी सर्किट ब्रेकर की इन-हाउस ओवरहॉलिंग कर बचाए 50 लाख रुपये भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के अभियंताओं ने 400 केवी सब स्टेशन कटनी में स्थापित बिरसिंहपुर नंबर-2 फीडर के 400 केवी एबीबी निर्मित सर्किट ब्रेकर की सफलतापूर्वक इन-हाउस ओवरहॉलिंग कर कंपनी को लगभग 50 लाख रुपये की बचत कराई है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.सी. शर्मा की पहल पर अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मचारियों द्वारा लगभग एक सप्ताह तक सतत प्रयास कर यह कार्य पूर्ण किया गया। बिरसिंहपुर के महत्वपूर्ण फीडर में लगा है यह ब्रेकर यह सर्किट ब्रेकर बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह से आने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण 400 केवी फीडर पर स्थापित है, जिसके माध्यम से लगभग 350 मेगावॉट विद्युत का पारेषण होता है। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की दृष्टि से यह फीडर अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण फीडर पर स्थापित सर्किट ब्रेकर की सफल ओवरहॉलिंग ने न केवल इसकी विश्वसनीयता बढ़ाई है, बल्कि विद्युत आपूर्ति की निर्बाधता और ग्रिड सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया है। फर्स्ट जेनरेशन का है ब्रेकर लगभग 20 वर्ष पुराने फर्स्ट जनरेशन सर्किट ब्रेकर के स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध न होने के बावजूद कटनी डिवीजन की टीम ने अपनी तकनीकी दक्षता और अनुभव का परिचय देते हुए इसका निरीक्षण, परीक्षण, मरम्मत एवं आवश्यक पार्ट्स का प्रतिस्थापन किया। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस संभाग दमोह एवं कटनी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ऊर्जा मंत्री ने की सराहना ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसे कंपनी की तकनीकी क्षमता, संसाधनों के कुशल उपयोग, लागत नियंत्रण एवं आत्मनिर्भर कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए संबंधित अभियंताओं एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कंपनी के अभियंता अपनी विशेषज्ञता के बल पर महत्वपूर्ण उपकरणों के रखरखाव एवं पुनर्संचालन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।  

एमपी ट्रांसको ने भिंड में ऊर्जीकृत किया अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर भिंड जिले की पारेषण क्षमता में हुई वृद्धि – मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी सब स्टेशन भिंड की क्षमता वृद्धि करते हुए 50 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है।इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 153 एम वी ए की हो गई है। इस सब स्टेशन में यह तीसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है, इससे सब स्टेशन में बढ़ते लोड का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा। एमपी ट्रांसको भिंड जिले में अपने 8 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण का कार्य करती है, जिसमें 132 केवी सबस्टेशन भिंड के अलावा 220 केवी सब स्टेशन मालनपुर, 220 केवी सबस्टेशन मेहगांव एवं 132 केवी सब स्टेशन लाहर, प्रतापपुरा, रान, गोहद एवं गोरमी शामिल है। इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से भिंड जिले की ट्रांसफारमेशन केपैसिटी बढ़कर 1619 एम वी ए की हो गई।  

एमपी ट्रांसको ने सुरक्षित दूरी सुनिश्चित कर मानव जीवन को जोखिम से बचाया

220 केवी दमोह-टीकमगढ़ लाइन में ट्रिपिंग की जाँच के लिये विशेष अभियान भोपाल   मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस दमोह संभाग द्वारा 220 केवी दमोह-टीकमगढ़ ट्रांसमिशन लाइन में हुई ट्रिपिंग की जांच के लिए विशेष पेट्रोलिंग अभियान चलाया गया। पेट्रोलिंग में जबलपुर नाका क्षेत्र में यह पाया गया कि श्री हरिकांत उपाध्याय द्वारा मकान की छत पर कराये जा रहे बाउंड्री एवं छज्जे का निर्माण ट्रांसमिशन लाइन के अत्यधिक निकट प्रतिबंधित कारिडोर के भीतर आ गया था, जिसके कारण लाइन में ट्रिपिंग की स्थिति उत्पन्न हुई थी। कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. मुड़ा के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता श्री एमए बेग व ट्रांसमिशन लाइन मैंटैनेंस दमोह की टीम ने संबंधित को ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित कारिडोर मे निर्माण से संभावित खतरों एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। उनकी सहमति से छत की बाउंड्री एवं छज्जे के उस हिस्से को सुरक्षित तरीके से हटाया गया, जिससे ट्रांसमिशन लाइन को आवश्यक दूरी उपलब्ध हो सके। साथ ही विद्युत ट्रिपिंग की आशंका को टाला जा सके। दमोह में लगभग 15 निर्माण खतरनाक जद में एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री अरविंद शर्मा ने बताया कि दमोह शहर में लगभग 15 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर आते हैं। इन सभी मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्माणों से न केवल रहने वालों की जान जोखिम में है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी लंबे समय तक बाधित हो सकती है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर की अपील ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किसी भी प्रकार का निर्माण न करें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। कम से कम 27 मीटर का सुरक्षित कारिडोर आवश्यक एमपी ट्रांसको ने आम नागरिकों से अपील की है कि अति उच्च दाब विद्युत लाइनों के निकट किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पूर्व विद्युत सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें, जिससे दुर्घटनाओं एवं विद्युत व्यवधानों से बचा जा सके। नियमानुसार 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर का क्षेत्र और 220 के वी लाइन में 35 मीटर सुरक्षा कॉरीडोर के रूप में प्रतिबंधित है। इसके भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस क्षेत्र में बने मकान, दुकान या अन्य संरचनाएं इसलिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं क्योंकि तेज हवा या अन्य कारणों से तारों के झूलने (स्विंग) की स्थिति में कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों में प्रवाहित विद्युत धारा घरेलू बिजली की तुलना में लगभग 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है। ऐसे में इन लाइनों के पास रहना या निर्माण करना, हर समय एक खतरे के साए में रहने जैसा है।

एमपी ट्रांसको ने सेमरी हरचंद सब स्टेशन पर किया तीसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने नर्मदापुरम जिले की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन सेमरी हरचंद में तीसरे पॉवर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया है।  तोमर ने बताया कि इस पॉवर ट्रांसफार्मर के चालू होने से विश्व प्रसिद्ध मड़ई वाइल्डलाइफ अभयारण्य सहित सेमरी हरचंद सबस्टेशन से जुड़े अनेक ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। नर्मदापुरम जिले की पारेषण क्षमता हुई 2000 के पार एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद सेमरी हरचंद सब स्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। साथ ही नर्मदापुरम जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढकर 2000 एमवीए के पार हो गई है। साथ ही 2015 एमवीए क्षमता के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी। एमपी ट्रांसको द्वारा नर्मदापुरम जिले में 220 केवी के तीन प्रमुख सब स्टेशन नर्मदापुरम, इटारसी, एवं पिपरिया तथा 132 केवी के छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है। इनमें सेमरीहरचंद के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, मोहासा बाबई,एवं सिवनी मालवा सब स्टेशन शामिल हैं।  

जायका टीम ने भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन और महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया

जायका टीम ने किया भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन सब स्‍टेशन बनने से हुए लाभ के संबंध में स्‍थानीय व्‍यापारियों से किया वार्तालाप भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल में हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर उनका सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया गया। जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। महावड़िया सब स्टेशन एवं लाइन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन महावड़िया तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया-मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण कर सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सब स्‍टेशन के संचालन-संधारण की जानकारी प्राप्‍त जायका टीम ने सब स्‍टेशन के संचालन एवं संधारण कार्यों की जानकारी, पदस्थ कर्मचारियों की योग्‍यता और उनके दैनिक कार्यों का विवरण, आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना तथा सब स्‍टेशन से पर्यावरण को होने वाले वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण उपरांत जायका टीम ने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए व्‍यापारियों से की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित महावड़िया सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ जायका टीम ने सब स्‍टेशन के नजदीक स्थित व्‍यापारियों के प्रतिष्‍ठानों में जाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। व्‍यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे व्‍यापार के संचालन करने में अब उन्‍हे आसानी हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उपभोक्ताओं ने बताये फायदे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने भोपाल स्थित महावडिया सब स्टेशन के मूल्‍यांकन एवं निरीक्षण के दौरान सबस्‍टेशन के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों की जानकारी ली गई। सबस्‍टेशन के सामने स्थित डेयरी के संचालक श्री दिनेश यादव (यादव डेयरी) ने बताया कि सन् 2021 के पूर्व में बिजली सप्लाई मंडीदीप सबस्‍टेशन से आती थी, जिसमें लाइन की लंबाई अधिक होने से अनेक बार ट्रिपिंग एवं वोल्‍टेज में उतार –चढाव (फ्लक्चुएशन) की समस्या रहती थी। अब सबस्‍टेशन बनने से यह समस्या पूर्णतः समाप्त हो गई है। उन्हें अपनी दुकान पर फ्रिज एवं रेफ्रिजरेटर चलाने में कोई कठिनाई नहीं होती, जिससे दूध, दही आदि सामग्री अधिक समय तक सुरक्षित रहती है। इससे दुकान की आय में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, श्री बाबूलाल विश्वकर्मा (विश्वकर्मा वेल्डिंग) ने बताया कि पहले बिजली कटौती एवं लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था, जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उच्च वोल्टेज के कारण उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब वह अपने ग्राहकों काम समय पर करके देने में सफल हो रहे है। स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले लंबे समय तक विद्युत व्यवधान बना रहता था, जो अब न्यूनतम हो चुका है। इससे क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता एवं गति मिली है।  

बिजली व्यवस्था की पड़ताल: जायका टीम ने MP Transco के प्रोजेक्ट्स का लिया जायजा

एसएलडीसी और स्काडा सेंटर की प्रशंसा भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण हेतु मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। ढीमरखेडा लाइन एवं सब स्टेशन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन ढीमरखेड़ा तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी पनागर–ढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का अवलोकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण उपरांत उन्होंने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से भी की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ जायका टीम ने स्थानीय महिलाओं को बुलाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। महिलाओं ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई के लिए भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और स्काडा का भी किया अवलोकन जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी )एवं स्वदेशी तकनीकी एवं उपकरणों से निर्मित स्काडा कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया और उसकी कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। ये अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान, श्री शशि शेखर, श्री रविराज पटेल, सहायक अभियंता श्री जितेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमपी ट्रांसको में ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ बनी कार्य संस्कृति

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाया है। सभी सबस्टेशनों एवं ट्रांसमिशन लाइनों पर मेंटेनेंस कार्य से पूर्व सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन सुनिश्चित किये जाने की पहल की गई है। मेंटेनेंस कार्य प्रारंभ करने से पहले संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा सिंगल लाइन डायग्राम तैयार कर संभावित जोखिमों का आकलन किया जाता है तथा टीम को आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की जाती है। साथ ही ‘पेप टॉक’ के माध्यम से सुरक्षा मानकों, लाइव उपकरणों की स्थिति, कार्य क्षेत्र की संवेदनशीलता और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की जाती है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी पूर्ण सजगता और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सके। कार्य के दौरान मोबाइल का उपयोग वर्जित कार्य के दौरान एकाग्रता बनाए रखने के उद्देश्य से मोबाइल फोन कंट्रोल रूम शिफ्ट इंचार्ज अथवा संबंधित सुपरवाइजर के पास सुरक्षित रूप से जमा कराए जाते हैं। कार्य प्रारंभ से पूर्व संबंधित क्षेत्र को विधिवत अर्थिंग से जोड़ने तथा सुरक्षा मानकों की दोहरी पुष्टि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मेंटेनेंस टीम के लीडर को रोटेशन मे बदलने की अभिनव पहल से कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व बोध एवं टीम भावना का विकास हो रहा है। कंपनी का यह प्रयास न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ कर रहा है।  

एमपी ट्रांस्को मुरैना सब स्टेशन में आयोजित हुआ जीवन रक्षक सीपीआर प्रशिक्षण शिविर

एम.पी. ट्रांस्को मुरैना सब स्टेशन में हुआ जीवन रक्षक सी.पी.आर. प्रशिक्षण शिविर भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) एवं रेड क्रॉस सोसायटी व स्थानीय जिला चिकित्सालयों ,मेडिकल कॉलेजों के सहयोग से मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के जिला मुख्यालयों में स्थित ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उपसंभागों, सबस्टेशनों आदि में ‘‘सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में एक प्रशिक्षण कार्यशाला एम.पी. ट्रांसको एवं शासकीय जिला चिकित्सालय, मुरैना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। मुरैना स्थित 220 के.व्ही. सब स्टेशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला के संयोजक ग्वालियर के अधीक्षण अभियंता  राजीव तोतला एवं कार्यपालन अभियंता  सी.के. जैन ने कहा कि ‘‘ट्रांस्को के प्रशिक्षित व्यक्तियों में से अपने जीवन काल में यदि कोई कर्मी किसी एक भी व्यक्ति की जान बचाने में सफल होता है तो कंपनी के लिये प्रशिक्षण का यह उद्देश्य पूर्णतः सफल होगा। इस उपयोगी कार्यशाला में कंपनी के नियमित व आउटसोर्स कार्मिकों ने बडी संख्या में सहभागिता की। डॉ. व्यास ने दिया प्रशिक्षण मुरैना के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल व्यास एवं उनकी टीम ने सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियो की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक प्रतिभागी विषय विशेषज्ञ की निगरानी में मानव पुतले पर सी.पी.आर. तकनीक का अभ्यास करें।  

एम.पी. ट्रांसको ने विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

पावर ग्रिड, एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर करेंगे राष्ट्र निर्माण

एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड पॉवर ग्रिड के प्रतिनिधि मंडल के साथ एमपी ट्रांसको की उच्च स्तरीय बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), भारत सरकार के उद्यम, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। इस संबंध में आपसी सहमति जबलपुर शक्ति भवन में आयोजित एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी तथा पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, वेस्टर्न रीजन–2 के मुख्य महाप्रबंधक एवं रीजनल हेड  आर.के. गुप्ता की उपस्थिति मे हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बनी। वर्तमान स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार चुनौती पूर्ण प्रबंध संचालक  तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तथा फॉरेस्ट अप्रूवल से जुड़ी चुनौतियों के कारण अत्यंत कठिन हो गया है। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समन्वय एवं सहयोग बनाए रखते हुए कार्य करेगी, ताकि राष्ट्र निर्माण में दोनों ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। सहयोग के लिए एम पी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया पावर ग्रिड ने पॉवर ग्रिड के सीजीएम  गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉवर ग्रिड भी राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में तेजी से बढ़ रहे बिजली उत्पादन का समयबद्ध ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पॉवर ग्रिड द्वारा किए जा रहे विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।