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जायका टीम ने भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन और महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्म मूल्यांकन किया

जायका टीम ने किया भोपाल में एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं महावड़िया सब स्टेशन का सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन सब स्‍टेशन बनने से हुए लाभ के संबंध में स्‍थानीय व्‍यापारियों से किया वार्तालाप भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल में हुए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर उनका सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया गया। जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। महावड़िया सब स्टेशन एवं लाइन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन महावड़िया तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी महावड़िया-मुगलियाछाप डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निरीक्षण कर सूक्ष्‍म मूल्‍यांकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सब स्‍टेशन के संचालन-संधारण की जानकारी प्राप्‍त जायका टीम ने सब स्‍टेशन के संचालन एवं संधारण कार्यों की जानकारी, पदस्थ कर्मचारियों की योग्‍यता और उनके दैनिक कार्यों का विवरण, आपातकालीन स्थिति से निपटने की कार्ययोजना तथा सब स्‍टेशन से पर्यावरण को होने वाले वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण उपरांत जायका टीम ने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए व्‍यापारियों से की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित महावड़िया सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ जायका टीम ने सब स्‍टेशन के नजदीक स्थित व्‍यापारियों के प्रतिष्‍ठानों में जाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। व्‍यापारियों ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे व्‍यापार के संचालन करने में अब उन्‍हे आसानी हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उपभोक्ताओं ने बताये फायदे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने भोपाल स्थित महावडिया सब स्टेशन के मूल्‍यांकन एवं निरीक्षण के दौरान सबस्‍टेशन के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों की जानकारी ली गई। सबस्‍टेशन के सामने स्थित डेयरी के संचालक श्री दिनेश यादव (यादव डेयरी) ने बताया कि सन् 2021 के पूर्व में बिजली सप्लाई मंडीदीप सबस्‍टेशन से आती थी, जिसमें लाइन की लंबाई अधिक होने से अनेक बार ट्रिपिंग एवं वोल्‍टेज में उतार –चढाव (फ्लक्चुएशन) की समस्या रहती थी। अब सबस्‍टेशन बनने से यह समस्या पूर्णतः समाप्त हो गई है। उन्हें अपनी दुकान पर फ्रिज एवं रेफ्रिजरेटर चलाने में कोई कठिनाई नहीं होती, जिससे दूध, दही आदि सामग्री अधिक समय तक सुरक्षित रहती है। इससे दुकान की आय में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, श्री बाबूलाल विश्वकर्मा (विश्वकर्मा वेल्डिंग) ने बताया कि पहले बिजली कटौती एवं लाइन फॉल्ट के कारण वेल्डिंग कार्य रुक जाता था, जिससे कार्य अवधि कम रहती थी। अब सतत एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उच्च वोल्टेज के कारण उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब वह अपने ग्राहकों काम समय पर करके देने में सफल हो रहे है। स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से पहले लंबे समय तक विद्युत व्यवधान बना रहता था, जो अब न्यूनतम हो चुका है। इससे क्षेत्र में घरेलू और व्यावसायिक गतिविधियों को स्थिरता एवं गति मिली है।  

बिजली व्यवस्था की पड़ताल: जायका टीम ने MP Transco के प्रोजेक्ट्स का लिया जायजा

एसएलडीसी और स्काडा सेंटर की प्रशंसा भोपाल जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण हेतु मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) में संचालित जायका-2 वित्त पोषित विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने निर्माण कार्यों, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से जांच-पड़ताल की। ढीमरखेडा लाइन एवं सब स्टेशन का किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब स्टेशन ढीमरखेड़ा तथा इसके लिए निर्मित 132 केवी पनागर–ढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का अवलोकन किया। इवैल्यूएटर सुश्री ताकाहाशी ने लोन स्वीकृति के समय प्रस्तुत प्रारंभिक योजना, परियोजना के क्रियान्वयन, स्थापित उपकरणों की गुणवत्ता, लागत एवं रखरखाव से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण उपरांत उन्होंने सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उपयोगिता जानने के लिए स्थानीय नागरिकों से भी की चर्चा जायका द्वारा वित्त पोषित फंड से निर्मित सब स्टेशन की उपयोगिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ जायका टीम ने स्थानीय महिलाओं को बुलाकर उनका प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। महिलाओं ने बताया कि सब स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई के लिए भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध हो रही है। इससे उनके आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर और स्काडा का भी किया अवलोकन जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी )एवं स्वदेशी तकनीकी एवं उपकरणों से निर्मित स्काडा कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया और उसकी कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। ये अधिकारी रहे उपस्थित निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता श्री आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान, श्री शशि शेखर, श्री रविराज पटेल, सहायक अभियंता श्री जितेन्द्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमपी ट्रांसको में ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ बनी कार्य संस्कृति

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाया है। सभी सबस्टेशनों एवं ट्रांसमिशन लाइनों पर मेंटेनेंस कार्य से पूर्व सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन सुनिश्चित किये जाने की पहल की गई है। मेंटेनेंस कार्य प्रारंभ करने से पहले संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा सिंगल लाइन डायग्राम तैयार कर संभावित जोखिमों का आकलन किया जाता है तथा टीम को आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की जाती है। साथ ही ‘पेप टॉक’ के माध्यम से सुरक्षा मानकों, लाइव उपकरणों की स्थिति, कार्य क्षेत्र की संवेदनशीलता और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की जाती है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी पूर्ण सजगता और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सके। कार्य के दौरान मोबाइल का उपयोग वर्जित कार्य के दौरान एकाग्रता बनाए रखने के उद्देश्य से मोबाइल फोन कंट्रोल रूम शिफ्ट इंचार्ज अथवा संबंधित सुपरवाइजर के पास सुरक्षित रूप से जमा कराए जाते हैं। कार्य प्रारंभ से पूर्व संबंधित क्षेत्र को विधिवत अर्थिंग से जोड़ने तथा सुरक्षा मानकों की दोहरी पुष्टि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मेंटेनेंस टीम के लीडर को रोटेशन मे बदलने की अभिनव पहल से कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व बोध एवं टीम भावना का विकास हो रहा है। कंपनी का यह प्रयास न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ कर रहा है।  

एमपी ट्रांस्को मुरैना सब स्टेशन में आयोजित हुआ जीवन रक्षक सीपीआर प्रशिक्षण शिविर

एम.पी. ट्रांस्को मुरैना सब स्टेशन में हुआ जीवन रक्षक सी.पी.आर. प्रशिक्षण शिविर भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) एवं रेड क्रॉस सोसायटी व स्थानीय जिला चिकित्सालयों ,मेडिकल कॉलेजों के सहयोग से मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के जिला मुख्यालयों में स्थित ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उपसंभागों, सबस्टेशनों आदि में ‘‘सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में एक प्रशिक्षण कार्यशाला एम.पी. ट्रांसको एवं शासकीय जिला चिकित्सालय, मुरैना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। मुरैना स्थित 220 के.व्ही. सब स्टेशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला के संयोजक ग्वालियर के अधीक्षण अभियंता  राजीव तोतला एवं कार्यपालन अभियंता  सी.के. जैन ने कहा कि ‘‘ट्रांस्को के प्रशिक्षित व्यक्तियों में से अपने जीवन काल में यदि कोई कर्मी किसी एक भी व्यक्ति की जान बचाने में सफल होता है तो कंपनी के लिये प्रशिक्षण का यह उद्देश्य पूर्णतः सफल होगा। इस उपयोगी कार्यशाला में कंपनी के नियमित व आउटसोर्स कार्मिकों ने बडी संख्या में सहभागिता की। डॉ. व्यास ने दिया प्रशिक्षण मुरैना के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल व्यास एवं उनकी टीम ने सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियो की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक प्रतिभागी विषय विशेषज्ञ की निगरानी में मानव पुतले पर सी.पी.आर. तकनीक का अभ्यास करें।  

एम.पी. ट्रांसको ने विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

पावर ग्रिड, एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर करेंगे राष्ट्र निर्माण

एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड पॉवर ग्रिड के प्रतिनिधि मंडल के साथ एमपी ट्रांसको की उच्च स्तरीय बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), भारत सरकार के उद्यम, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। इस संबंध में आपसी सहमति जबलपुर शक्ति भवन में आयोजित एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी तथा पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, वेस्टर्न रीजन–2 के मुख्य महाप्रबंधक एवं रीजनल हेड  आर.के. गुप्ता की उपस्थिति मे हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बनी। वर्तमान स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार चुनौती पूर्ण प्रबंध संचालक  तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तथा फॉरेस्ट अप्रूवल से जुड़ी चुनौतियों के कारण अत्यंत कठिन हो गया है। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समन्वय एवं सहयोग बनाए रखते हुए कार्य करेगी, ताकि राष्ट्र निर्माण में दोनों ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। सहयोग के लिए एम पी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया पावर ग्रिड ने पॉवर ग्रिड के सीजीएम  गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉवर ग्रिड भी राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में तेजी से बढ़ रहे बिजली उत्पादन का समयबद्ध ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पॉवर ग्रिड द्वारा किए जा रहे विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। 

एमपी ट्रांसको द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन

एमपी ट्रांसको में स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के आष्टा 132 केवी सबस्टेशन, सतवास में क्लस्टर (कन्नौद, खातेगांव एवं सतवास उपकेंद्र) के अंतर्गत कार्यरत सभी नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कार्यपालन अभियंता  योगेन्द्र चहार के विशेष प्रयासों से आयोजित किया गया। शिविर में सतवास के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल ने कर्मचारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) सहित प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने सीपीआर देने की परिस्थितियों, उसकी सही विधि एवं इसके व्यावहारिक महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी इस उपयोगी जानकारी से सभी उपस्थित कर्मचारी लाभान्वित हुए। एमपी ट्रांसको की सतत मुहिम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम बनाना।  

एमपी ट्रांसको के सैलरी अकाउंट धारकों को बैंक ऑफ महाराष्ट्र से बीमा, लोन सहित कई सुविधाएं

एम.पी. ट्रांसको के सैलरी खाता धारकों के लिये बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र देगा बीमा,लोन सहित अन्य सुविधायें भोपाल  प्रदेश में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अपने कार्मिकों के लिए अन्य बैंको से वेतन प्राप्त करने के विकल्प में बढ़ोतरी करते हुए बैंक आफ महाराष्ट्र के साथ एक एमओयू में हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र अब सैलरी वेरियेंट के हिसाब से  सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सेवाओं के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं प्रदान करेगा। बैंक से ये मिलेगी सुविधाएं  मुख्य वित्तीय अधिकारी  मुकुल महरोत्रा ने जानकारी दी कि इस समझौते के तहत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, एम.पी. ट्रांसको के खाता धारक कार्मिकों को नई विशेष हितकारी सुविधाएं, जिनमें सामान्य मृत्यु बीमा 10 लाख तक, हवाई दुर्घटना बीमा कवर, दुर्घटना (मृत्यु) बीमा कवर, विकलांगता बीमा कवर, विभिन्‍न लोनों के प्रोसेसिंग फीस में छूट, चिकित्सा बीमा इत्यादि का लाभ प्रदान करेगा।  इसके अलावा बिना शुल्क, डिजिटल उत्पादों से लैस सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सुविधा प्रदान करेगा एवं ऋण खातों में प्रोसेसिंग फीस छूट, लॉकर किराए में छूट, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र रू-पे कार्ड की विभिन्न सुविधाएं डेबिट कार्ड (टॉप वेरियंट), सुपर टॉपअप हेल्थ बीमा आदि सुविधायें बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र में एम.पी. ट्रांसको के वेतन खाता धारक कार्मिकों के लिये उपलब्ध रहेंगी।  

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू भोपाल  केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशा-निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम की थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट कराई जा रही है। यह आडिट देश मे पावर क्षेत्र की प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें सेंट्रल बोर्ड आफ इरिगेशन एंड पावर, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन बडौदा जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी शामिल हैं। इस स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट में ट्रांसमिशन ग्रिड एवं सबस्टेशनों में लगे प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले सेटिंग्स, ट्रिपिंग लॉजिक, कंट्रोल व कम्युनिकेशन सिस्टम का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्युत पारेषण की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना उद्देश्य एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि ऑडिट का उद्देश्य अनावश्यक ग्रिड ट्रिपिंग को रोकना, सिस्टम रेस्टोरेशन क्षमता बढ़ाना और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। बार-बार ट्रिपिंग वाले फीडरों के इवेंट लॉग व तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार किए जाएंगे। ऑडिट के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट व सुधारात्मक कार्ययोजना के आधार पर आवश्यक अपग्रेडेशन किए जाएंगे। यह प्रक्रिया ट्रांसमिशन नेटवर्क की एक समग्र “ग्रिड हेल्थ चेकअप” के रूप में भविष्य की मांगों और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए सिस्टम को सशक्त बनाएंगी।  

विनोबा भावे सब स्टेशन में डबल सर्किट सप्लाई, जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई ताकत

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता, विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई  जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।