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हर किसी का काम नहीं कॉमेंट्री – MS धोनी ने बताया माइक्रोफोन से दूरी का असली कारण

नई दिल्ली भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कॉमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है।  भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुआई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं। क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है। धोनी ने यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘कॉमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है।’ उन्होंने कहा, ‘अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।’ धोनी ने कहा, ‘लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कॉमेंट्री की कला है।’ इस काम की नाजुक प्रकृति के अलावा धोनी को लगता है कि वह आंकड़ों को याद नहीं कर पाते हैं जिस कारण वह इस काम के लिए खुद को फिट नहीं मानते हैं। यहां तक कि उन्हें अपने आंकड़े भी याद नहीं रहते हैं। धोनी ने कहा, 'मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं। लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं। वे आंकड़े जानते हैं। अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं 'हम्म' जैसा जवाब दूंगा। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि प्रत्येक युग के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं।' अपने खेल के दिनों में कई बार कड़े फैसले लेने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक अच्छा श्रोता हूं। मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं। लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं। अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है।’ धोनी ने मुस्कराते हुए स्वीकार किया कि फोन पर जवाब देने में वह अब भी खुद को कच्चा मानते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उस तरह से संवाद करने में अच्छा नहीं हूं। मुझे आमने-सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है। मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं क्योंकि मैं किसी का चेहरा नहीं देख सकता। इसलिए फोन पर बात करने के मामले में मैं बहुत असहज महसूस करता हूं।' धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है।’

IPL में बड़ा धमाका: धोनी के संन्यास की चर्चा, संजू-जडेजा टीम बदल सकते हैं

 मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन 15 दिसंबर को आयोजित किया जा सकता है. इस ऑक्शन से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच होने वाली संभावित ट्रेड डील की चर्चा जोरों पर है. रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ट्रेड होकर सीएसके में शामिल हो सकते हैं. इसके बदले सीएसके से रवींद्र जडेजा और सैम करन रॉयल्स में जा सकते हैं. पांच बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स संजू सैमसन को अपना अगला कप्तान देख रही है, जो इस ट्रेड डील के पीछे की मुख्य वजह है. यह भी माना जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी का ये आखिरी आईपीएल सीजन होगा. उसके बाद संजू सीएसके के विकेटकीपर की भी भूमिका संभालेंगे. पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स सिर्फ विकेटकीपर के तौर पर संजू सैमसन को नहीं ला रही, बल्कि टीम उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह रवींद्र जडेजा को ट्रेड के जरिए राजस्थान रॉयल्स में भेजा जा सकता है, वह संकेत दे रहा है कि सीएसके संजू को कप्तानी सौंपने की तैयारी कर रही है. कैफ ने यहां तक कहा कि धोनी आईपीएल 2026 के बीच में ही संन्यास ले ले सकते हैं और संजू को तुरंत बागडोर सौंपी जा सकती है. यानी ऋतुराज गायकवाड़ से कप्तानी ली जा सकती है इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन से पहले रवींद्र जडेजा और संजू सैमसन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. कहा जा रहा है कि राजस्थान रॉयल्स (RR) अपने कप्तान संजू को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के स्टार ऑलराउंडर्स जडेजा और सैम करन के बदले ट्रेड कर सकती है. हालांकि ये सिर्फ अभी अफवाह है और आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है. खिलाड़ियों के ट्रेड के लिए विंडो आईपीएल 2025 की समाप्ति के एक महीने बाद ही खुल गई थी. आईपीएल के मिनी ऑक्शन से एक हफ्ते पहले तक यह विंडो ओपन रहेगी. फिर मिनी ऑक्शन के बाद यह विंडो दोबारा खोली जाएगी और आईपीएल 2026 की शुरुआत से एक महीने पहले बंद होगी. आईपीएल में ट्रेडिंग विंडो साल 2009 में शुरू हुई थी. हर ट्रेड के लिए आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी जरूरी होती है. आईपीएल में ट्रेड दो प्रकार के होते हैं. पहला है वन-वे ट्रेड, जिसमें एक खिलाड़ी टीम A से टीम B में सिर्फ पैसों के बदले जाता है. इस ट्रेड में टीम B जहां खिलाड़ी को खरीदती है, वहीं टीम A को पूरी रकम मिलती है. टीम A को कोई खिलाड़ी वापस नहीं मिलता. उदाहरण के लिए मुंबई इंडियंस (MI) ने हार्दिक पंड्या को 15 करोड़ रुपये में गुजरात टाइटन्स (GT) से अपनी टीम में लिया था. लेकिन गुजरात को मुंबई की ओर से कोई खिलाड़ी वापस नहीं मिला. धोनी बीच में ही टीम छोड़ देंगे: कैफ मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'दोनों (धोनी और जडेजा) 2008 से आईपीएल खेल रहे हैं. जब से जडेजा सीएसके में गए हैं, वो इस टीम से बने हुए हैं. अगर यह ट्रेड सफल रहा, तो यह धोनी का आखिरी सीजन होगा. यह भी संभावना है कि धोनी बीच में ही टीम छोड़ दें. अगर संजू टीम में शामिल हो जाते हैं, तो वह मैनेजमेंट और धोनी के साथ सहज हो जाएंगे. ऐसे में धोनी संजू को टीम की कमान संभालने के लिए कह सकते हैं. वो जडेजा को छोड़ रहे हैं, जो सालों से उनके लिए मैच विनर रहे हैं. लेकिन उन्हें एक भविष्य के कप्तान की जरूरत है.' मोहम्मद कैफ आगे कहते हैं, 'उन्होंने जडेजा को भी कप्तान बनाया था, लेकिन वह चीजों को मैनेज नहीं कर पाए. उन्हें नेतृत्व करना पसंद नहीं था.  बीच सीजन में उन्होंने कहा कि वह कप्तानी छोड़ रहे हैं. सभी खिलाड़ी आईपीएल में कप्तानी नहीं कर सकते. दीर्घकालिक योजना को ध्यान में रखते हुए धोनी जडेजा की जगह एक ऐसे खिलाड़ी को लाना चाहते हैं, जो कप्तानी संभाल सके.' महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा चेन्नई में अपना आखिरी आईपीएल मैच खेलने की है. धोनी ने आईपीएल 2021 में ये बात कही थी. फिर धोनी ने 2022, 2023, 2024, 2025 सीजन में भी भाग लिया. अब वो अगले सीजन की तैयारी में जुटने वाले हैं. सामान्य स्थितियों में सीएसके कभी जडेजा को नहीं छोड़ती. लेकिन जडेजा भी अब करियर के आखिरी चरण में पहुंच रहे हैं. सीएसके को अब अगले 5-6 सालों के लिए टीम तैयार करनी है. दूसरा है टू-वे ट्रेड, जिसमें फ्रेंचाइजी टीम्स आपस में खिलाड़ी बदलती हैं. अगर दोनों खिलाड़ियों की कीमत अलग-अलग है, तो रकम में जितना अंतर होता है, उतनी रकम एक टीम दूसरी टीम को देती है. यानी खिलाड़ियों की अदला-बदली तो होती ही है, साथ ही कैश एडजस्टमेंट भी होता है. क्या खिलाड़ी की सहमति जरूरी है? किसी भी खिलाड़ी को उसकी मर्जी के बिना ट्रेड नहीं किया जा सकता. इसके लिए खिलाड़ी की लिखित सहमति लेना अनिवार्य है. उदाहरण के लिए हार्दिक पंड्या ने खुद मुंबई इंडियंस में लौटने की इच्छा जताई थी, उसके बाद ही ट्रेड की प्रक्रिया शुरू हुई थी. अगर फ्रेंचाइजी टीम खिलाड़ी को छोड़ना नहीं चाहती, तो भी ट्रेड नहीं हो सकता. जडेजा को क्यों बैन किया गया था? साल 2010 में रवींद्र जडेजा ने राजस्थान रॉयल्स के साथ नया कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया और मुंबई इंडियंस से सीधे बातचीत शुरू कर दी थी. यह आईपीएल में ट्रेड नियमों का उल्लंघन था, इसलिए उन्हें 1 सीजन के लिए सस्पेंड किया गया था. यानी खिलाड़ी तभी ट्रेड के लिए दूसरी टीम से बातचीत कर सकता है, जब उसकी टीम तैयार हो. ट्रांसफर फीस क्या होती है? ट्रांसफर फीस वह अतिरिक्त रकम है, जो एक फ्रेंचाइजी टीम किसी खिलाड़ी को खरीदने के दौरान दूसरी फ्रेंचाइजी टीम को देती है. यह प्लेयर प्राइस से अलग होती है. यह राशि ऑक्शन पर्स पर असर नहीं डालती. यह दोनों टीमों की आपसी सहमति से तय होती है. इसकी जानकारी सिर्फ आईपीएल और संबंधित फ्रेंचाइजी टीम्स को रहती है. खिलाड़ी को ट्रांसफर फीस में हिस्सा मिलता है? खिलाड़ी को ट्रांसफर फीस का 50 प्रतिशत तक मिल सकता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती है. यह खिलाड़ी और टीम के … Read more