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उत्तर प्रदेश: मुख्तार अंसारी की जमीन पर फ्लैट्स का वितरण, 72 परिवारों को मिली चाबी

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई प्राइम लोकेशन की जमीन पर बने फ्लैटों का उद्घाटन किया और 72 गरीब परिवारों को इसकी चाबी सौंपी. सीएम योगी ने इस कार्यक्रम को केवल आवंटन नहीं, बल्कि माफियाओं के लिए एक कड़ा 'संदेश' बताया. उन्होंने कहा कि जो माफिया किसी गरीब या सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा, उसका यही हाल होगा.  1 करोड़ के फ्लैट ₹10.70 लाख में सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान माफियाओं और उनके समर्थकों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "ये लखनऊ की सबसे प्राइम लोकेशन है. एक आवास एलडीए ने 10 लाख 70 हजार में उपलब्ध कराया है, जबकि मार्केट रेट यहां पर एक करोड़ तक है."  उन्होंने चेतावनी दी, "ये उनके लिए संदेश है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं. उनकी कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. अब उत्तर प्रदेश में ये नहीं कर पाएंगे." सीएम ने स्पष्ट किया कि माफिया किसी के नहीं होते, वे हर गरीब और व्यापारी का शोषण करते हैं. 'माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें उसी भाषा में समझाया' सीएम योगी ने पुरानी सरकारों को घेरते हुए कहा कि पहले माफिया और पेशेवर अपराधी भारत के संविधान का अपमान करते थे और अपराध से छाती ठोंककर सरकारों को झुकाते थे. पूरे प्रदेश में हर जगह ये माफिया हावी थे. उन्होंने आगे कहा- लेकिन अब यूपी में कानून व्यवस्था का मॉडल बदल गया है. सीएम ने जोर देकर कहा कि "अब ये माफिया जिस भाषा में समझते हैं, उन्हें इसी भाषा में समझाया गया." उन्होंने माफियाओं से सहानुभूति रखने वालों को 'अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने' वाला बताया.  कुकरैल नदी के किनारे, वीआईपी इलाके में हैं फ्लैट आपको बता दें कि एलडीए ने माफिया मुख्तार अंसारी की खाली करवाई जमीन पर 72 फ्लैट बनवाए हैं, जिनकी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लॉटरी कराई गई. लॉटरी में चयनित आवंटियों को सीएम योगी ने आज यानी कि बुधवार को स्वयं चाबी सौंपी. इस दौरान उन्होंने माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बने आवासों के आवंटन को एक कड़ा संदेश बताया. सीएम ने कहा, "यह संदेश है गरीब की जमीन पर अगर किसी माफिया ने कब्जा किया तो उसका यही हाल होगा जो यहां किया और जो प्रयागराज मे हमने किया." योगी का सख्त का संदेश सीएम योगी ने माफिया समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा, "उन लोगों को संदेश है जो कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं. माफिया अब यूपी में नहीं कर पाएंगे." उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने माफिया की गिरफ्त में यूपी को लाया, वही लोग हैं जो जाति में बांटते हैं, जातीय नरसंहार करते हैं और सत्ता से हटने के बाद माफिया के लिए फातिहा पढ़ते थे." सीएम ने कहा कि कुकरैल नदी के किनारे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों का कब्जा था, जिसे हटाकर अब उपवन (पार्क) बनाया गया है.  

धारा 82 नोटिस के तहत मुख्तार अंसारी की पत्नी को कोर्ट ने किया नोटिस

मऊ  उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ न्यायालय ने अहम कदम उठाया है. कोर्ट ने उन्हें आखरी 82 की नोटिस जारी की है. यह कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है जिनमें अफसा अंसारी पर दलित की जमीन पर कब्जा करने और अन्य आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज हैं. नोटिस गैंगस्टर एक्ट के तहत जारी की गई है, ताकि कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. यह है मामला यूपी की मऊ पुलिस ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. अफसा लंबे समय से फरार है और मऊ न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुपालन में मऊ पुलिस की टीम गुरुवार देर शाम अफसा के मोहम्मदाबाद स्थित दर्जी टोला मोहल्ले के बंद आवास पर पहुंची और वहां नोटिस चस्पा कर मुनादी कराई. अफसा पर आरोप और इनाम अफसा अंसारी पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं. मऊ पुलिस ने उसके खिलाफ मामला संख्या 129/2020 दर्ज किया था और गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है. इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया है, ताकि अफसा देश छोड़कर न भाग सके. अफसा अंसारी 2021 से फरार है. उसके पति मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को जेल में हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद भी अफसा सामने नहीं आई. पुलिस को आशंका थी कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकती है, लेकिन वहां भी नहीं दिखी. इसके चलते मऊ और गाजियाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ कई संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें 9.44 करोड़ का प्लॉट, 3.76 करोड़ की जमीन और होटल गजल शामिल हैं. पुलिस की कार्रवाई और जनता से अपील मऊ पुलिस ने सीओ सिटी धनंजय मिश्रा के नेतृत्व में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन अफसा का पता नहीं चल सका. उसके खिलाफ धारा 299 (सीआरपीसी) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उसका नाम मक्रूल रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि अफसा की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.