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मुस्लिम देश में खुले में नमाज पर रोक, सरकार ने जनता से कहा- ‘मस्जिद के अंदर ही करें इबादत’

अबू धाबी खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच यूएई ने ईद-उल-फितर को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने ऐलान किया है कि इस बार खुले मैदानों और सड़क पर ईद की नमाज नहीं होगी और सभी नमाज मस्जिदों के अंदर ही अदा की जाएगी. यूएई में जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी दी. आमतौर पर ईद उल फितर की नमाज बड़े खुले मैदानों में एक साथ अदा की जाती है, लेकिन इस बार ऐस नहीं होगा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ें। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और अमेरिका भी इसमें शामिल है. यूएई ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी हुई है. कई खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, हालांकि कुछ मलबा गिरने से मामूली नुकसान हुआ है. ऐसे में परिस्थितियों को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे ईद की नमाज मस्जिदों के अंदर ही अदा करें, ताकि सुरक्षित रह सकें। ईरान यूएई पर कर रहा ताबड़तोड़ हमले हाल ही में ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात केंद्र माना जाता है. इस हमले में भारी नुकसान होने की खबर है. इसके अलावा, क्षेत्र में तेल और गैस ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा भी ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिका के मिलिट्री बेसेज पर जमकर मिसाइलें बरसाई हैं. दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक माने जाने वाले दुबई में भी ईरान ने गोले-बम बरसाए, जिसके बाद नागरिकों की सुरक्षा को लेकर संयुक्त अरब अमीरात बेहद चिंतित है। इस बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरब और इस्लामिक देशों की बैठक हुई, जिसमें कई देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की.फैसल बिन फरहान अल साउद ने कहा कि सऊदी अरब अपने देश और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई का अधिकार रखता है. कुल मिलाकर, पूरे खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. यही वजह है कि ईद को लेकर लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सुरक्षित रहते हुए इबादत करें।

ईद पर सड़क पर नमाज, तो मेरठ में FIR और पासपोर्ट रद्द होने का खतरा

 मेरठ मेरठ पुलिस प्रशासन ने आगामी ईद और अलविदा जुमे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ईदगाह कमेटी और मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडे ने निर्देश दिए हैं कि ईद की नमाज किसी भी हाल में सार्वजनिक सड़क पर अदा नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ पासपोर्ट जब्ती और सख्त मुकदमेबाजी जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल, शहर की 544 मस्जिदों और 140 ईदगाहों की सुरक्षा के लिए पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है. ड्रोन कैमरों और 112 की गाड़ियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. शरारती तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।  शरारती तत्वों को SSP की सीधी चेतावनी मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि 99 प्रतिशत लोग शांतिप्रिय होते हैं, लेकिन मुट्ठी भर अपराधी किस्म के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. यह सख्त संदेश उन्हीं लोगों के लिए है जो कानून हाथ में लेंगे. उन्होंने बताया कि शहर काजी के साथ बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई है और सभी को पुराने निर्देशों के बारे में दोबारा बता दिया गया है. पुलिस का लक्ष्य बहुत स्पष्ट है- शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराना और किसी भी बाधा को जीरो टॉलरेंस के साथ निपटाना।  ड्रोन से निगरानी और भारी पुलिस बल तैनात सुरक्षा के लिहाज से मेरठ को सेक्टर और ज़ोन में बांटा गया है. एसएसपी ने बताया कि निगरानी के लिए 6 एक्टिव ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं. नमाज के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एसपी ट्रैफिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि 112 और फायर टेंडर की गाड़ियां भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी. प्रशासन ने बिजली, पानी और नाले की सफाई से जुड़ी 90 प्रतिशत समस्याओं का निराकरण कर दिया है ताकि नमाजियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।