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प्रदेश के सात जिलों में 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण

भोपाल  लोक निर्माण विभाग के कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तैयार कार्य योजना के अंतर्गत 20 सितम्बर को सात जिलों में 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने नर्मदापुरम, जबलपुर, दतिया, आलीराजपुर, मऊगंज, आगर-मालवा और टीकमगढ़ जिलों में रैंडम आधार पर चयनित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल के 21, परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू-भवन) के चार, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के पांच, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तीन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के दो कार्य शामिल हैं। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की। बैठक में प्रमुख अभियंता सड़क एवं पुल  आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता एमपीआरडीसी  के.पी.एस. राणा सहित समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे। जबलपुर में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश जबलपुर जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत परफॉर्मेंस गारंटी अवधि वाले जबलपुर–हिरण नदी मार्ग खंड की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। प्रबंध संचालक  यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार मेसर्स बागड़ इन्फ्रॉ प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद को ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य अभियंता एमपीआरडीसी को दिए। आलीराजपुर जिले में लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल के अंतर्गत निर्माणाधीन रिंगोले-मालमसुरी से खंडीवाव-भंडारी फलिया मार्ग की प्रगति और गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। संबंधित कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उप यंत्री तथा ठेकेदार मेसर्स डेडा राम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और एजेंसियों की सराहना दतिया जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत पोरसा–मेहगांव–मौ–सेवढ़ा मार्ग पर सिंध नदी में निर्मित उच्चस्तरीय पुल (एसएच-01) का कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक पाया गया। प्रबंध संचालक  यादव ने संभागीय प्रबंधक  राजेश दायमा, सहायक संभागीय प्रबंधक  पारस रत्नाकर, प्रबंधक सु दिव्यांशी जैन तथा निर्माण एजेंसी मेसर्स मंगलम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के कार्य की सराहना की। टीकमगढ़ जिले में लोक निर्माण विभाग भवन के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लारखुर्द के भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। इसके लिए कार्यपालन यंत्री  के.एस. परस्ते, अनुविभागीय अधिकारी  आर.के. पाठक, उपयंत्री  आर.के. अरजरिया तथा ठेकेदार मेसर्स यादव ट्रेडर्स की प्रशंसा की गई। निरीक्षण के दौरान 13 निर्माण कार्यों में आंशिक सुधार की आवश्यकता पाई गई। संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को चिन्हित कमियों को दूर कर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 30 अक्टूबर तक पूर्ण हों सड़क मरम्मत के सभी कार्य प्रबंध संचालक  यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औचक निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई अनुशंसाओं का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों को भी प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। मुख्य अभियंता निरीक्षण के लिए निर्धारित कार्यों के साथ मार्ग में आने वाली अन्य सड़कों की स्थिति की भी नियमित जानकारी लें। प्रबंध संचालक  यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़क मरम्मत के सभी कार्य 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरम्मत कार्यों के साथ सड़क सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग, संकेतक बोर्डों की मरम्मत एवं पेंटिंग तथा सड़क और पुल-पुलियों के आवश्यक संधारण कार्य भी निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने संधारण कार्यों में लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में जारी परिपत्रों का पालन करने तथा सड़कों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने के निर्देश भी दिए। सीएम हेल्पलाइन और लोकपथ ऐप पर हुई शिकायतों का समय पर हो समाधान समीक्षा में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का संतोषजनक निराकरण करते हुए शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण यंत्रियों को इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा गया, जिससे आगामी माह की विभागीय ग्रेडिंग में सुधार हो। लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित चार दिवस की समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के साथ ही नागरिकों के बीच ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए।  

लापरवाही का शिकार ग्रामीण: लाखों खर्च के बाद भी सड़क बेहाल, ठेकेदार को नोटिस

बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की योजनाएं गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधा देने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उसूर तहसील की बासागुड़ा-कुम्हारपारा सड़क इसका बिल्कुल उल्टा उदाहरण बन गई है। साल 2020 में ठेकेदार आकाश चांडक ने 60 लाख की लागत से 1.60 किमी लंबी मिट्टी-मुरुम सड़क बनाई थी। पांच साल बीतने को हैं लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क की एक बार भी मरम्मत नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आज यह सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी खाई में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलना किसी नदी को पार करने से कम नहीं है। जगह-जगह गड्ढे, कटे किनारे और झाड़ियों ने इसे मौत का जाल बना दिया है। आलम यह है कि धरमापुर, मल्लेपल्ली और डल्ला गांव के करीब 1000 ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। पैदल यात्री, बाइक सवार और ट्रैक्टर चालकों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और काम अधूरा छोड़ दिया। अब मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलने से ज़्यादा आसान तो खेतों में चलना है। इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे और उप अभियंता परमानंद रामटेके ने बताया कि ठेकेदार को 5 अगस्त 2025 को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। लेकिन ठेकेदार ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो विभाग 18 लाख रुपये की वसूली ठेकेदार से करेगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ग्रामीणों की पांच साल से चली आ रही परेशानी का जिम्मेदार कौन है? और कब तक ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही टिकाऊ साबित होंगी?