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अवैध खनिज ढुलाई पर रोक की तैयारी, बिहार में ट्रांजिट पास सिस्टम लागू

छपरा  बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार 10 जून से बाहरी राज्यों से बालू, पत्थर तथा अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) लेना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाना, अवैध ढुलाई पर रोक लगाना तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन के रूप में दर्ज है तो ट्रांजिट पास के लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन तथा मात्रा आयतन के रूप में अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ही चालान का बार-बार उपयोग कर खनिज ढुलाई की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही बिहार में आयातित खनिजों का सटीक आंकड़ा भी उपलब्ध हो सकेगा। पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन खनिज विकास पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित वाहन मालिकों को आईएसटीपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे। अन्य राज्यों से खनिज स्रोत पर परिवहन चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुसार ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना आवश्यक होगा। ट्रांजिट पास का भुगतान भी पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया है कि आईएसटीपी की वैधता मूल खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास ट्रांजिट पास के साथ-साथ संबंधित राज्य द्वारा निर्गत वैध खनिज परिवहन चालान भी होना जरूरी है। जांच के दौरान दोनों में से कोई एक दस्तावेज नहीं मिलने पर बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019, यथा संशोधित 2026 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनिज परिवहन में जब्त किए गए वाहनों को निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। सारण के खनिज विकास पदाधिकारी ने सभी वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं से नए नियमों का पूर्ण अनुपालन करने की अपील की है।  

1 जनवरी 2026 से लागू होंगे ये 7 बड़े नियम, LPG से लेकर UPI और PAN तक आपकी जेब पर होगा असर

नई दिल्ली यह नया साल केवल कैलेंडर बदलने वाला नहीं, बल्कि आपकी जेब, बिल, निवेश, ट्रैवल और रोजमर्रा की डिजिटल लाइफ पर कई बड़े बदलाव सीधे असर डालने वाले हैं. 1 जनवरी 2026 से देशभर में कई रूल्स अप्लाई हो रहे हैं,गैस बिल से लेकर UPI, PAN, LPG और ट्रेड पॉलिसी तक सब कुछ बदल रहा है.तो आइए जानते हैं आने वाले महीने की पहली तारीख से कौन से नियम बदलने वाले हैं. गैस टैरिफ अब पूरे देश में एक समान      पहली बार देश में "One Nation – One Tariff" लागू होगा.     PNGRB ने यूनिफाइड गैस टैरिफ मंजूर किया,     0–300 किमी: ₹54/MMBTU,     300 किमी से ऊपर: ₹102.86/MMBTU     अब टैरिफ दाम पूरे भारत में एक जैसे होंगे,     CNG के दाम ₹2–₹3 तक घटेंगे,     THINK Gas ने CNG में ₹2.50/kg कटौती की होगी,     PNG में ₹2–₹5/SCM तक कमी,किचन खर्च होगा कम. LPG सिलेंडर और ATF के दाम भी घट सकते हैं     कच्चे तेल के भाव नीचे आए तो 1 जनवरी को LPG कीमतों में कटौती संभव है.     घरेलू और कमर्शियल,दोनों सिलेंडर सस्ते हो सकते हैं,     ATF (एविएशन फ्यूल) के दाम भी कम होने के संकेत हैं.     OCL–BPCL–HPCL हर महीने रेट रिव्यू करते हैं.     नए साल की शुरुआत ,गैस बिल कम होने की उम्मीद. भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौता      1 जनवरी 2026 से बड़ा बदलाव लागू की उम्मीद है.     भारत का 100% निर्यात ऑस्ट्रेलिया में अब ड्यूटी-फ्री.     हले सिर्फ 96–98% उत्पाद शामिल थे.     अब इंजीनियरिंग, मशीनरी, स्टील,सब कवर है.      MSME व एक्सपोर्ट सेक्टर को सीधा फायदा.     पीयूष गोयल: निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है. IndiGo पायलटों का वेतन बढ़ा     लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद नीति में बदलाव.     डोमेस्टिक लेओवर: कैप्टन ₹3,000, फर्स्ट ऑफिसर ₹1,500.     डेडहेड अलाउंस: कैप्टन ₹4,000, फर्स्ट ऑफिसर ₹2,000.     नाइट अलाउंस: कैप्टन ₹2,000 प्रति घंटा (12 AM–6 AM).     नया "टेल-स्वैप" अलाउंस लागू.     मकसद-संचालन स्मूद, यात्रियों को बेहतर शेड्यूल मिले. UPI और डिजिटल पेमेंट      1 जनवरी से सुरक्षा नियम सख्त हो जाएंगे.     UPI ऐप्स पर अतिरिक्त KYC जरूरी.      मोबाइल–डिवाइस लिंकिंग जरूरी है.     संदिग्ध / फर्जी अकाउंट ब्लॉक होंगे.      Google Pay, PhonePe, Paytm, WhatsApp Pay सभी पर लागू.     फ्रॉड रोकना मुख्य उद्देश्य है,     डिजिटल पेमेंट अब और सुरक्षित बनेंगे. स्मॉल सेविंग्स स्कीम     स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें 31 दिसंबर को RBI रिव्यू करेगा.     G-Sec यील्ड कम होने से जनवरी–मार्च 2026 में दरें घट सकती हैं.     PPF, SSY, SCSS, FD निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत. PAN-Aadhaar लिंकिंग      PAN-Aadhaar लिंकिंग की लास्ट 31 दिसंबर 2025 है.     टाइम पर लिंक न किया तो 1 जनवरी 2026 से PAN इनऑपरेटिव हो जाएगा.     *ITR फाइल और वेरिफाई नहीं हो पाएगा.     रिफंड अटक सकता है, TDS/TCS 20% तक कटेगा.     बैंक, डीमैट, म्यूचुअल फंड–प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन में दिक्कतें आएंगी. नतीजे भी समझें     ITR फाइल और वेरिफाई नहीं कर पाएंगे.     टैक्स रिफंड रुकेगा.     TDS/TCS 20% तक लगेगा.     बैंक अकाउंट-डीमैट-म्युचुअल फंड-प्रॉपर्टी खरीद में दिक्कत. नया साल, नए नियम     2026 के ये बदलाव घर, जेब, बिज़नेस, ट्रैवल और डिजिटल मनी,सब पर असर डालेंगे.     अगर आप चाहते हैं कि नया साल पैसों की बचत और सही प्लानिंग के साथ शुरू हो .     PAN-Aadhaar लिंक करें, UPI अकाउंट अपडेट करें और गैस-LPG दरों को ध्यान से चेक करें.