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लाल निशान पर खुला बाजार, सेंसेक्स में 651 अंकों की गिरावट, निफ्टी फिसला

नई दिल्ली विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान 2:07 बजे तक सेंसेक्स 650.97 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 82,595.21 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 216.35 अंक या 0.85 प्रतिशत गिरकर 25,369.15 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 311.33 अंक गिरकर 82,934.85 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 99.5 अंक गिरकर 25,486 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.98 पर आ गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट और बजाज फिनसर्व पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी लाभ कमाने वालों में शामिल थे। भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भी महत्वपूर्ण तेजी की संभावना सीमित है। घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार खरीदारी एक प्रमुख स्टेबलाइजर के रूप में काम कर रही है, जो बिकवाली के दबाव को कम कर रही है और बाजार में और अधिक गिरावट को रोकने में मदद कर रही है। एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊंचा कारोबार कर रहा था, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। सोमवार को छुट्टी के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे। अमेरिकी बाजारों में राष्ट्रीय अवकाश मार्टिन लूथर किंग जूनियर दिवस के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहने के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में अधिकतर गिरावट देखी गई। सोमवार को अधिकांश यूरोपीय बेंचमार्क में गिरावट के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में भी भारी गिरावट आई। तेल की कीमतें स्थिर रहीं। ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में आई गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आठ यूरोपीय देशों से आयात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बाद वैश्विक शेयरों में गिरावट आई, जिससे अमेरिका में भारी निवेश करने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया हुई। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा 8 फरवरी को अचानक चुनाव की घोषणा के बाद टोक्यो का बेंचमार्क निक्केई 225 सूचकांक 1.1% गिरकर 52,988.24 पर आ गया।   ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) खरीदार बने रहे और उन्होंने 4,234.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर आ गया।

निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, Nifty ने तोड़ा पुराना हाई—बाजार ने रचा नया इतिहास

मुंबई  शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया है. पिछले साल सितंबर से ही मार्केट अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन आज शेयर बाजार ने रिकॉर्ड हाई बना दिया है. Nifty50 आज करीब 90 अंक चढकर 26,295.55 पर पहुंच गया, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है. पिछले साल सितंबर में निफ्टी 50 इंडेक्‍स का रिकॉर्ड हाई लेवल 26,277.35 अंक था. वहीं सेंसेक्‍स का रिकॉर्ड हाई 85,978.25 अंक  था. लेकिन आज निफ्टी ने इतिहास रचते हुए 26,295.55 का रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है. हालांकि अभी सेंसेक्‍स ने रिकॉर्ड हाई लेवल टच नहीं किया है, लेकिन यह भी काफी करीब है. सेंसेक्‍स 300 अंक चढ़कर 85,912.94 पर कारोबार कर रहा है. BSE के टॉप 30 शेयरों में से 11 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 19 शेयरों में तेजी है. बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर टॉप परफॅामर हैं. लूजर वाले शेयरों में जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. सेक्‍टर्स की बात करें तो PSU Bank, कंज्‍युमर्स और ऑयल एंड गैस को छोड़कर सभी सेक्‍टर्स में अच्‍छी तेजी देखी जा रही है. टॉप गेनर शेयर  गनेश हाउसिंग के शेयर में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल है. पटेल इंजीनियरिंग के शेयर भी 10 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. टाटा टेली (महा) के शेयर में 5 फीसदी, Gillette India के शेयर में भी 5 फीसदी की तेजी है. तेजस नेटवर्क में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. स्‍वॉन कॉर्पोरेशन के शेयर में 2 फीसदी की तेजी है. इसी तरह, टाटा पावर, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयर में 1.5 फीसदी की उछाल देखी जा रही है.  85 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,321 शेयरों में से 1,853 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1,262 शेयर गिरावट पर है. 206 शेयर कारोबार के दौरान अनचेंज रहे हैं. 60 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 53 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का निचला स्‍तर टच किया है. 85 शेयरों में अपर सर्किट और 60 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है.  गौरतलब‍ है कि बुधवार को शेयर बाजार में गजब की तेजी देखी गई थी, निफ्टी ने काफी दिनों बाद एक ही दिन में 300 अंक उछला था और सेंसेक्‍स 1000 अंक. साथ ही निवेशकों ने भी जबरदस्‍त कमाई की थी. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.50 लाख करोड़ रुपये एक ही दिन में चढ़ा था. 

निवेशकों के लिए खुशखबरी! Nifty में जबरदस्त उछाल की संभावना

मुंबई  भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन और अनुकूल नीतिगत वातावरण के चलते शेयर बाजार में आने वाले महीनों में मजबूती देखने को मिल सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी 2025 के अंत तक 26,300 से 27,500 की रेंज में रह सकता है। मार्च में बने निचले स्तर से बाजार में तेजी का रुझान देखा जा रहा है और 26,300 का स्तर एक महत्वपूर्ण अवरोध हो सकता है। यदि इसमें ब्रेकआउट होता है, तो निफ्टी 27,500 तक जा सकता है। बर्नस्टीन के प्रबंध निदेशक और भारतीय शोध प्रमुख वेणुगोपाल गैरे ने निखिल अरेला के साथ लिखे नोट में कहा है, यह सीधे ही उस स्तर तक नहीं जाएगा। हमें अगले कदम से पहले इसके कुछ मजबूती लेने की उम्मीद है। सेक्टर के नजरिए से हम कुछ दांव यूटिलिटी से स्टेपल की ओर कर रहे हैं और थोड़े समय के लिए रणनीतिक रूप से ज्यादा वेटेज की ओर बढ़ रहे हैं। रणनीति के तौर पर उन्होंने यूटिलिटी सेक्टर को इक्वल वेट कर दिया है। वित्तीय, टेलिकॉम और डिस्क्रिशनरी उनके ओवरवेट सेक्टर बने हुए हैं। आर्थिक संकेतक बर्नस्टीन ने आगाह किया कि इस बात के संकेत बढ़ रहे हैं कि आ​र्थिक रफ्तार नरम हो रही है और यह नियमित रूप से आने वाले हाल के संकेतकों में दिखता भी है। औद्योगिक गतिविधियों में नरमी लग रही है क्योंकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक मई में नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया और कोर सेक्टर में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई। अप्रैल-मई में बिजली की मांग और तेल व गैस उत्पादन में नरमी आई है जबकि यात्री वाहनों की बिक्री सुस्त बनी हुई है। हवाई यातायात की वृद्धि भी नरमी के संकेत दे रही है। ऋण वृद्धि में भी नरमी आई है। हालांकि, कुछ मजबूत रुझान भी हैं। इस्पात और कोयला उत्पादन ने हाल के औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। सीमेंट भी मज़बूत है। इसे आंशिक रूप से पेटकोक की बढ़ती खपत से सहारा मिला है। उपभोक्ता मोर्चे की बात करें तो एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्र की कई उपभोक्ता कंपनियों ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के बारे में सकारात्मक टिप्पणियां की हैं और उन्होंने बिक्री वृद्धि में तिमाही आधार पर सुधार की बात कही है। पिछले कुछ हफ़्तों में बिजली की मांग में तेजी आई है। इन कारकों पर रहेगी नजर रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष की दूसरी छमाही में कुछ प्रमुख वैश्विक और घरेलू घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें शामिल हैं:     अमेरिका की टैरिफ नीतियों पर स्पष्टता और उसका वैश्विक व्यापार पर प्रभाव     हिंद-प्रशांत और मध्य पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव का समाधान     यूके-भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति     अमेरिका में महंगाई के रुझान