निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वे, बजट सत्र 2026 का मुख्य आकर्षण
नई दिल्ली संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में भारत का आर्थिक सर्वे 2025-26 आज पेश किया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. लोकसभा की कार्यवाही एक फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी – रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां रिकॉर्ड बजट होगा. अमेरिकी टैरिफ और अस्थिर जियोपॉलिटिकल हालात के बीच आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सुधार के कदम शामिल होने की उम्मीद है. यह सत्र दो हिस्सों में चलेगा. पहला सत्र 13 फरवरी को छुट्टी के लिए टाल दिया जाएगा और 9 मार्च को फिर से शुरू होगा. इस बजट सत्र में 65 दिनों में 30 बैठकें होंगी और यह 2 अप्रैल को खत्म होगा. इस सत्र के दौरान भी विपक्ष का सरकार को घेरने का प्लान है. इसलिए सदनों की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामा होने के आसार हैं. विपक्ष वीबी-जी राम जी कानून, एसआईआर, विदेश नीति और पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है. सरकार ने अभी तक इस सेशन के लिए कोई नया बिल लिस्ट नहीं किया है. सरकार ने आर्थिक सर्वे में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया। सरकार ने कहा कि महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से डिमांड को सपोर्ट मिला और अगले वित्त वर्ष में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है। आर्थिक सर्वे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर केंद्रित है। लेकिन इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। अब हमने 'सुधार एक्सप्रेस' को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। इस 'सुधार एक्सप्रेस' को गति देने में सकारात्मक योगदान के लिए मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। परिणामस्वरूप, 'सुधार एक्सप्रेस' रफ्तार पकड़ रही है। व्यापार के मोर्चे पर भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 825.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) में यह 418.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. इसमें बढ़ोतरी का मुख्य कारण सेवा निर्यात में तेज़ वृद्धि और गैर-पेट्रोलियम, गैर-रत्न व आभूषण निर्यात में बनी मजबूत रफ्तार रही. वित्त वर्ष 2025 में कुल आयात सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत बढ़कर 919.9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. वित्त वर्ष 2025 में देश का कुल व्यापार घाटा 94.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. खुदरा महंगाई (CPI) लगातार घटती रही है और 202526 में यह 1.7 प्रतिशत पर आ गई. बजट से पहले जारी दस्तावेज सरकार के आत्मनिर्भरता और मजबूत नीतियों पर लगातार फोकस को दिखाता है. इसमें कहा गया है कि भारत को ऐसे क्षेत्रों में घरेलू क्षमता बढ़ानी होगी, जिससे देश रणनीतिक रूप से मजबूत बन सके. रणनीतिक मजबूती का मतलब है बाहरी झटकों से निपटने के लिए मजबूत आधार और सुरक्षा तैयार करना. निर्यात के मामले में, आईटी, जीसीसी और पेशेवर सेवाओं सहित सेवा निर्यात, वस्तुओं के निर्यात से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. भारत में कुल FDI निवेश मजबूत बना हुआ है. इक्विटी निवेश और नए प्रोजेक्ट्स (ग्रीनफील्ड) के चलते FDI स्थिर रहा है, जबकि पोर्टफोलियो निवेश में वैश्विक आर्थिक हालात के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. पहले से ज्यादा मजबूत हुई बैंकों की बैलेंस शीट आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि बैलेंस शीट की मजबूती दिखाती है कि भारतीय परिवारों, कंपनियों और बैंकों की वित्तीय स्थिति अब पहले से कहीं अधिक सेहतमंद है। कॉर्पोरेट और बैंकिंग सेक्टर की बैलेंस शीट अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं, जिससे निवेश बढ़ रहा है। इंफ्रा पर भारी निवेश, GDP के 4% तक पहुंचा आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश, सरकार का पूंजीगत व्यय (Capex) अब GDP के 4% तक पहुंच गया है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, रेलवे) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, डिजिटल इंडिया) दोनों शामिल हैं। मुश्किल हालात में भी किए GST समेत कई बड़े सुधार आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाया। GST सुधार (Rationalisation): टैक्स ढांचे को और सरल बनाया गया। डिरेगुलेशन (Deregulation): व्यापार करने की बाधाओं को कम किया गया। कंप्लायंस का सरलीकरण: सभी क्षेत्रों में नियमों के पालन को आसान बनाया गया। MSP, DBT और फसल बीमा से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस आर्थिक सर्वे 2025-26 में सरकार ने कहा है कि कृषि क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन किया है और MSP, DBT और फसल बीमा और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस रहेगा। स्वदेशी निर्माण पर जोर, निर्माण लागत घटाने के लिए बनाई जाएंगी नीतियां सरकार ने आर्थिक सर्वे में स्वदेशी निर्माण पर जोर दिया उसे जरूरी व अनिवार्य बताया गया। सरकार ने कहा है कि निर्माण की लागत घटाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाई जाएगी। FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान भारत में यूरोपीय यूनियन के साथ हुई ट्रेड डील से लेबर मार्केट का विस्तार होगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान है। अमेरिका से ट्रेड डील इसी साल संभव- वित्त मंत्री आर्थिक सर्वे के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील इसी साल संभव होगी और ट्रेड डील होने से व्यापारिक अनिश्चितताएं घटेंगी। सरकार ने रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 रखा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इसमें सरकार ने रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 के बीच रखा है। महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से जिमांड को सपोर्ट मिला लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता … Read more