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शपथ से पहले भावुक पल: पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पटना  आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने बेटे को सत्ता का सारथी बना दिया। सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार में कुल 31 मंत्रियों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें सबसे अधिक चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की हो रही है। निशांत कुमार की सरकार में डायरेक्ट एंट्री कैबिनेट के तौर पर हो रही है। मंत्री पद की गरिमा संभालने से ठीक पहले निशांत ने अपनी पारिवारिक परंपरा को निभाया। उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान नीतीश कुमार ने भावुक होकर अपने बेटे को गले लगाया निशांत को मिला पिता नीतीश का आशीर्वाद निशांत कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकलने से पहले अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने न केवल उनके सिर पर हाथ रखकर विजयी होने का आशीर्वाद दिया, बल्कि उन्हें गले से भी लगा लिया। पिता-पुत्र के बीच का ये भावुक पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए खास रहा। बेटे को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश ने लगाया गले बेटे निशांत को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश कुमार गले लगा लिया। जब निशांत आशीर्वाद ले रहे थे, तब वहां पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सहित जदयू के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। निशांत ने अपने पिता के बाद ललन सिंह के भी पैर छुए, जिस पर ललन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नीतीश ने संजय झा और ललन सिंह ​से दिलवाया आशीर्वाद फिर नीतीश कुमार ने निशांत को संजय झा और ललन सिंह से भी आशीर्वाद दिलवाया। नई कैबिनेट के गठन में गठबंधन के सभी दलों का ध्यान रखा गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा के 15, जदयू के 13 और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 2 मंत्रियों को स्थान दिया गया है। निशांत कुमार को जदयू कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।  

जेडीयू में मंत्री पद पर निशांत कुमार की संभावना, नीतीश से हो रही है बैठक

पटना  बिहार में आज  7 मई को कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है. पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस बीच एक बड़ी चर्चा यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. हालांकि इसको लेकर जेडीयू की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।  बता दें कि कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. जेडीयू नेता संजय झा और डिप्टी सीएम विजय चौधरी पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड पहुंचे. जहां उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई. माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रिमंडल के नामों के साथ-साथ निशांत कुमार को लेकर भी चर्चा हुई है. यह बैठक कैबिनेट विस्तार से पहले काफी अहम मानी जा रही है।  क्या है निशांत की इच्छा? इस बीच जेडीयू एमएलसी संजय गांधी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि निशांत कुमार मंत्री बनें. लेकिन निशांत की इच्छा है कि वे पहले बिहार का दौरा पूरा करें, उसके बाद ही मंत्रिमंडल में शामिल होने पर फैसला लें. संजय गांधी ने साफ कहा कि अंतिम फैसला निशांत कुमार को ही लेना है. बता दें कि वे नीतीश कुमार और निशांत के करीबी माने जाते हैं. यह बयान उन्होंने पटना के सात सर्कुलर रोड से बाहर निकलने के बाद दिया।  जिम्मेदारी लेने से किया था मना पिछले महीने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चर्चा थी कि उनके बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बन सकते हैं. पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें इसके लिए मनाने की कोशिश भी की. लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, निशांत का कहना था कि बिना चुनाव जीते वे कोई बड़ा पद नहीं लेना चाहते. उनका मानना है कि पहले जनता के बीच काम करके अनुभव लेना जरूरी है. इसलिए उन्होंने तय किया कि वे पहले चुनाव लड़कर विधायक बनेंगे, उसके बाद ही बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके लिए वे करीब छह महीने तक जमीनी स्तर पर काम करेंगे और लोगों के बीच रहेंगे. इन दिनों वे बिहार के अलग-अलग इलाकों का दौरा भी कर रहे हैं. निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू में शामिल हुए थे।  कौन-कौन बनेंगे मंत्री सूत्रों के मुताबिक एनडीए की ‘टीम सम्राट’ लगभग तैयार है. इस बार मंत्रिमंडल में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है. बीजेपी अपने कोटे से बड़े नेताओं को शामिल कर रही है, वहीं जेडीयू भी अपने भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगा रही है. चर्चा है कि बीजेपी से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल और डॉ. प्रमोद कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है. वहीं युवा चेहरों में श्रेयसी सिंह और आनंद मिश्रा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। 

पटना में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, सम्राट मंत्रिमंडल में निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पटना. बिहार की राजनीति में 7 मई का दिन बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सत्ता गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जानकारी के अनुसार, जदयू नेताओं के साथ हुई बैठक में निशांत ने मंत्री पद की जिम्मेदारी स्वीकारने पर सहमति जता दी है। जदयू नेताओं के समझाने पर माने न‍िशांत जानकारी के अनुसार निशांत सरकार का हिस्‍सा बनने से इनकार कर रहे थे। सीनियर नेताओं के समझाने और मौजूदा सरकार में उनकी अहम‍ियत बताने के बाद वे तैयार हुए। निशांत कुमार के संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबर ने बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। इसे जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है क‍ि इसी वजह से 7 मई को प्रस्तावित उनकी सद्भाव यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। अब यह यात्रा 9 मई से दोबारा शुरू हो सकती है, जिसका नया कार्यक्रम जल्द जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उन्‍हें समाज कल्‍याण व‍िभाग सौंपा जा सकता है। फिलहाल वे किसी सदन के सदस्‍य नहीं हैं। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे भी ब‍िना क‍िसी सदन के सदस्‍य बने मंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 36 सदस्यों को जगह मिल सकती है। संवैधानिक सीमा के अनुसार मुख्यमंत्री समेत 36 सदस्यीय टीम में 33 विधायकों को मंत्री पद मिलने की संभावना है। व‍िजय कुमार सिन्‍हा पर टिकीं नजरें  भाजपा कोटे से पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव और संजय सिंह टाइगर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सुरेंद्र मेहता की दोबारा वापसी की चर्चा भी तेज है। भाजपा इस बार दो नए चेहरों को भी मौका दे सकती है। जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं। इनके अलावा निशांत कुमार, मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार और रूहेल रंजन के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में हैं। महिला प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए शीला कुमारी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

निशांत कुमार का सियासी सफर शुरू, जेडीयू संगठन पर रहेगा फोकस

पटना बिहार में इन दिनों सबसे ज्यादा सियासी चर्चा में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार है, जो सियासत के पिच पर कदम तो रख दिए हैं, लेकिन सरकार में कोई भी जिम्मेदारी न लेने का फैसला किया है. निशांत कुमार 3 मई से बिहार की यात्रा पर निकल रहे हैं, लेकिन उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला जून में होगा. इसके बाद ही तय होगा कि उनका भूमिका सत्ता में होगा या फिर संगठन में होगा अहम रोल? निशांत कुमार 3 मई से बिहार की यात्रा पर निकल रहे हैं और इसकी शुरुआत पश्चिमी चंपारण से करेंगे. यह वही क्षेत्र है, जहां से पहले भी नीतीश कुमार अपनी कई प्रमुख यात्राएं शुरू करते रहे हैं. चंपारण से यात्रा शुरू करना निशांत के लिए सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि रणनीतिक प्रयोग माना जा रहा है. निशांत कुमार अपने पिता के राजनीतिक मॉडल को ही आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. नीतीश कुमार लंबे समय तक 'यात्रा' के जरिए सीधे जनता से जुड़ते रहे हैं, और अब निशांत कुमार उसी रास्ते पर चल रहे हैं. यात्रा के एक महीने गुजर जाने के बाद निशांत के सियासी भविष्य और रोल को लेकर फैसला होगा? निशांत यात्रा से तैयार करेंगे 'पावर ग्राउंड' नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 3 मई से राज्यव्यापी यात्रा पर निकलेंगे. खास बात यह है कि वे इस दौरे पर किसी बड़े पदाधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि एक साधारण जेडीयू कार्यकर्ता के रूप में उतरेंगे. उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क स्थापित करना है. निशांत कुमार यात्रा के दौरान पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर के पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और संगठन की जमीनी हकीकत को समझने की कोशिश करेंगे. बताया जा रहा है कि यह यात्रा तीन से चार महीने तक चलेगी, जिससे उन्हें पूरे राज्य में संगठन की स्थिति का व्यापक अनुभव मिल सके.इसलिए यह यात्रा उनके लिए पावर से पहले ग्राउंड तैयार करने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है. राजनीतिक जानकारों की नजर में यह सिर्फ एक सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि राजनीतिक लॉन्च का अगला चरण, संगठन को मजबूत करने की कोशिश और बिहार में नए नेतृत्व की तैयारी है.  नीतीश कुमार ने पिछले कई दशकों में देश-प्रदेश की राजनीति में अपनी जो साख बनाई है, निशांत कुमार उसे ही आगे बढ़ाने की तैयारी पर बढ़ रहे हैं. जून होगा निशांत के राजनीति का डिसाइडर नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद से चर्चा थी कि निशांत कुमार को बिहार सरकार में कोई बड़ा पद मिल सकता है. सम्राट सरकार में डिप्टीसीएम बनाने के भी कयास लगाए जा रहे थे, जिसके लिए तैयार नहीं हुए. निशांत ने फिलहाल सरकार में कोई ज़िम्मेदारी न लेने का फैसला किया है. सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय उनका व्यक्तिगत है और वे किसी पद को संभालने से पहले खुद को पूरी तरह तैयार करना चाहते हैं. इसीलिए उन्होंने यात्रा के जरिए संगठन और जमीनी काम पर फोकस करने का रास्ता चुना है. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार जून महीने में विधान परिषद के सदस्य बन सकते हैं. जून में बिहार में 9 एमएलसी की सीटों पर चुनाव हैं, जिसमें से तीन सीटें जेडीयू के खाते में आ सकती हैं. इन्हीं में से एक सीट को निशांत कुमार को एमएलसी के लिए चुना जा सकता है. इसके बाद  निशांत कुमार खुद यह तय करेंगे कि उनकी भूमिका सरकार में होगी या संगठन में रोल अदा करेंगे. पहले संगठन पर फोकस करेंगे निशांत निशांत कुमार जिस तरह से कोई पद लेने से पहले यात्रा का रास्ता चुना है, उससे उनके राजनीतिक प्लान को बहुत आसानी से समझा जा सकता है. सत्ता के बजाय संगठन शक्ति पर भरोसा. निशांत का मानना है कि अगर जनता के बीच सीधे पैठ बना ली जाए, तो सत्ता खुद-ब-खुद कदम चूमेगी. चंपारण से शुरुआत करना यह बताता है कि वे अपने पिता के उसी 'गांधीवादी और विकासवादी' मॉडल को 2.0 वर्जन में पेश करने जा रहे हैं. नीतीश कुमार की नक्शेकदम पर चलते हुए निशांत कुमार तीन से चार महीने तक बिहार के अलग-अलग इलाके की यात्रा करेंगे. जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि निशांत पार्टी का भविष्य हैं और आने वाले समय में उनकी भूमिका बेहद अहम हो सकती है. ऐसे में सरकार और संगठन में किसी पद को लेने से पहले अपनी सियासी जमीन को तैयार करने का प्लान बनाया है. एनडीए में मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तय सम्राट चौधरी के अगुवाई में बिहार सरकार बनने के बाद अभी सीएम और दो डिप्टीसीएम है. बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं. ऐसे में सम्राट के कैबिनेट विस्तार को लेकर भी हलचल तेज है. सूत्रों के मुताबिक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार हो सकता है. इसके लिए 4 से 10 मई के बीच मंत्रिमंडल विस्तार संभव है बिहार में एनडीए की सरकार है, मंत्रिमंडल में 16-16 सीटें बीजेपी और जेडीयू को मिल सकती हैं. इसके अलावा 2 पद चिराग पासवान की पार्टी को, जबकि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक पद दिए जाने की संभावना है.राज्य की राजनीति में इन घटनाक्रमों को आगामी चुनावों से पहले बड़े रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

बड़ी खबर: निशांत कुमार की सुरक्षा बढ़ी, विजय सिन्हा की घटी, श्रवण कुमार को Y+ सुरक्षा मिली

पटना जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जदयू नेता निशांत को अब जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। वहीं, पिछली नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम रहे विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा घटा दी गई है। उन्हें भी अब जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। पहले उनकी सुरक्षा श्रेणी जेड प्लस थी। इसके अलावा जदयू के वरीय नेता एवं पूर्व मंत्री श्रवण कुमार की सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है। उन्हें एस्कॉर्ड के साथ वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है। बिहार के गृह विभाग ने राज्य सुरक्षा समिति की अनुशंसा पर इन सभी नेताओं की सुरक्षा में बदलाव के लिए डीजीपी विनय कुमार और डीजी विशेष शाखा को पत्र लिखा है। हाल ही में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद लगातार बड़े नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। दोनों नए डिप्टी सीएम को जेड सुरक्षा एक दिन पहले ही खबर आई थी कि सम्राट चौधरी सरकार में डिप्टी सीएम बनाए गए जदयू के दोनों वरीय नेता विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। दोनों उपमुख्यमंत्रियों को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला लिया गया। अब जदयू के नेता निशांत कुमार भी इसी स्तर के सुरक्षा घेरे में रहेंगे। जेड श्रेणी की सुरक्षा में कुल 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें से 4-6 एनएसजी, सीआरपीएफ या आईटीबीपी के कमांडों भी शामिल हैं। इसके अलावा, जेड श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले नेताओं को एस्कॉर्ट की सुविधा भी मिलती है। विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी पूर्ववर्ती नीतीश सरकार में सम्राट के साथ डिप्टी सीएम रहे विजय कुमार सिन्हा की सुरक्षा जेड प्लस से घटाकर जेड कर दी गई है। नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनने के चलते उन्हें फिर से डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया है। इस कारण उनकी सुरक्षा घटाई गई है। नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा लगभग दो दशक तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को सरकार ने जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला पिछले दिनों लिया गया था। नीतीश अभी राज्यसभा सांसद हैं। मुख्यमंत्री रहते उनकी सीएम वाली विशेष सुरक्षा रहती थी। 14 अप्रैल को उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वे जेड प्लस श्रेणी के सुरक्षा कवर में रहेंगे। यह श्रेणी सुरक्षा व्यवस्था की सबसे उच्चतम श्रेणी मानी जाती है, जिसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।

नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, बिहार के नए सीएम के लिए गूंजा निशांत कुमार का नाम

पटना बिहार की सियासत में एक नया नाम तेजी से उभरता दिख रहा है. वह नाम है निशांत कुमार है. अब ये सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि अब ये खुले मंच पर है. मांग उठ रही है कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्‍यमंत्री बनाया जाए. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन करने पहुंचे, तो वहां का माहौल अचानक सियासी संदेश में बदल गया. उनके सामने ही ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ और ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे. सत्ता के गलियारों में नया संकेत! सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इन नारों को न तो रोका गया और न ही किसी तरह की नाराजगी दिखाई दी. खुद नीतीश कुमार शांत रहे, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ गए. दरअसल, नीतीश कुमार के सामने ही “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिल्कुल शांत नजर आए. उन्होंने लोगों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ते रहे. गर्म हो सकती है राजनीति जानकारों की मानें तो यह नारेबाजी भी बिहार की आगे की राजनीति को गर्म करने के लिए काफी है. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. 10 अप्रैल को वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. उसके बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का मुख्यमंत्री बैठेगा, ऐसा फिलहाल तय माना जा रहा है. असल में, यह नारे इसी वजह से लगाए जा रहे हैं. जेडीयू के कार्यकर्ताओं की मांग है कि बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बैठें. ऐसे में बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह चाह अब बिहार की राजनीति का नया अखाड़ा बनने वाली है. … पर CM कुर्सी अब भी दूर! बिहार में बीजेपी कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व लगभग 10 वर्षों से सीएम की कुर्सी पर अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश में हैं. इसी सपने को पूरा करने के लिए बिहार में नीतीश कुमार के सबसे करीबी कहे जाने वाले बीजेपी के डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को डिप्टी सीएम को रिप्‍लेस कर दिया गया. सीएम की कुर्सी की राह तैयार करने के लिए रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्‍टी सीएम बनाया गया. रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को भी बदलकर सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले चेहरों को आगे किया गया. विजय सिन्‍हा और सम्राट चौधरी को डिप्‍टी सीएम बनाया गया। बावजूद बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है। डिप्टी CM बदलते रहे बिहार में सीएम की कुर्सी की राह बनाने के लिए नीतीश कुमार के साथ रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्टी सीएम बनाया गया. इसी कड़ी में रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को हटाकर, सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया. बावजूद इसके, बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है. अब ट्रांजिशन मोड में बिहार मगर अब नीतीश कुमार 75 साल के हो गए हैं. उम्र का असर उनके स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है. ऐसे में अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. लेकिन इस बीच बिहार एक ट्रांजिशन मोड में है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बदलाव का दौर बिहार की राजनीति पर क्या असर डालता है. राजनीतिक जानकार रमाकांत चंदन का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री की गद्दी पर निशांत को काबिज करने की मांग तेज हुई, तो यह बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों पर असर डाल सकता है. गेमचेंजर बनेगा नारा या बिगाड़ेगा गणित? अब देखने वाली बात यह होगी कि ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ का जो नारा नीतीश कुमार के सामने लगाया गया, वो गेमचेंजर साबित होता है या NDA का गणित बिगाड़ देता है. जेडीयू कार्यकर्ताओं ने आज खुलकर अपनी उस मांग को नीतीश कुमार के सामने जाहिर कर दी, इसके लिए अभी दो दिन पहले ही पार्टी कार्यालय में पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों में निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग रखी गई थी. यह भी कहा गया कि बिहार के विकास को लेकर जो संकल्प है, उसे निशांत कुमार पूरा करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह मांग बिहार की राजनीति को किस करवट ले जाती है.

निशांत कुमार की जदयू में एंट्री, सदस्यता लेते ही बिहारवासियों से कही ये अहम बात

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जनता दल यूनाईटेड में शामिल हो चुके हैं। वीर चंद्र पटेल रोड स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं के बीच कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान सीएम नीतीश कुमार वहां मौजूद नहीं थे। जदयू में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा कि मैं जदयू के कार्यकर्ता, नेता और बिहार की जनता को नमन करता हूं। मैं आज से पार्टी का सदस्य बन चुका हूं। एक कार्यकर्ता के रूप में मैं सेवा करता रहूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने की घोषणा की है। यह उनका निजी फैसला है। मैं इस फैसले का आदर करता हूं और इसे स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता से अपील करता हूं कि पिताजी पर विश्वास बनाए रखें। जनता को क्या मैसेज दिया निशांत ने? निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिता ने बिहार की जनता के लिए जो काम किया है, उसे मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा। आप सब ने जो विश्वास किया, उस पर खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। जनता के हृदय में खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने जनता के लिए जो किया, वह सबको याद रहेगा। जनता को मेरे पिता पर गर्व है। वह अपना जीवन बिहार के लिए समर्पित कर दिया। आज से मैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर रहा हूं। अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए मुझे जनता का आशीर्वाद चाहिए। मैं आप सभी को नमन करता हूं। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने जदयू के वरिष्ठ नेताओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद कार्यकर्तओं का धन्यवाद किया। इधर, जदयू दफ्तर में सुबह से राज्य के सभी जिलों से वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कई कार्यकर्ता घोड़ा और हाथी लेकर पहुंचे। सीएम नीतीश कुमार और निशांत के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज हमलोगों के बहुत बड़ा दिन है। निशांत पार्टी में शामिल हुए इससे हमलोगों में काफी खुशी है। वह भी इंजीनियर हैं। नीतीश कुमार की तरह ही वह भी बिहार के विकास का काम करेंगे। इधर, जदयू कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए जदयू कार्यालय में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। समर्थकों में उत्साह है। निशांत ने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया जदयू के वरिष्ठ नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने बताया कि आज पार्टी के लिए बड़ा दिन है। निशांत कुमार पार्टी में शामिल हो चुके हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया है और वह जल्द ही संगठन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। निशांत कुमार की जदयू में एंट्री का सभी विधायकों, सांसदों और विधान परिषद् सदस्यों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निशांत का राजनीति में शामिल होना, मास्टर स्ट्रोक है। इससे कितने लोग परेशान हो जाएंगे? यह आने वाला समय बताएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमलोग चाहते हैं निशांत ही बिहार के मुख्यमंत्री बनें। नीतीश कुमार के बाद वह अच्छे तरीके से राज्य संभाल सकते हैं। एक दिन पहले निशांत ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी एक दिन पहले यानी शनिवार को निशांत कुमार ने जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के आवास पर पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की थी। इसमें मंत्री श्रवण कुमार समेत पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हुए थे। निशांत ने कई बातों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपनी राय भी ली थी।  

निशांत कुमार को MLC बनाने की अटकलें, JDU की आज लेंगे सदस्यता

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत रविवार को दिन में एक बजे जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस मौके पर जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सहित जदयू के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी को लेकर अभी संशय है। राजनीतिक गलियारे में ऐसी चर्चा है कि निशांत को नयी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके लिए वह आज जदयू की सदस्यता लेंगे। इसके बाद उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा। निशांत के जदयू में शामिल किए जाने का मांग लंबी अवधि से मांग चलती रही है। इस आशय के कई होर्डिंग्स भी कई बार शहर में दिखे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में विधायकों के साथ हुई नीतीश कुमार कुमार की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली थी कि निशांत राजनीति में आएंगे। उनसे इस संबंध में पार्टी के बड़े नेताओं की बात हो चुकी है। इस निर्णय के बाद जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के आवास पर जदयू के विधायकों की एक बैठक हुई, जिसमें निशांत भी मौजूद थे। बैठक में निशांत के जदयू में शामिल होने के स्वरूप पर विमर्श हुआ। मंत्री श्रवण कुमार व जदयू नेता संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी भी बैठक में शामिल हुए। पूरे बिहार में यात्रा करेंगे निशांत जदयू की योजना यह है कि निशांत को जिलों की यात्रा करायी जाएगी। संभवत: पश्चिमी चंपारण जिले से उनकी यात्रा आरंभ होगी। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जो असमंजस की स्थिति है, उसे निशांत कुमार के दौरे के माध्यम से दूर कराया जाए। वह नियमित रूप से नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा नियमित रूप से मीडिया के साथ करते रहे हैं। युवाओं के लिए हुए फैसले की चर्चा करते रहे हैं। एक दिन पहले यह चर्चा थी कि निशांत हरनौत विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। यह लंबी अवधि से जदयू की सीट रही है। हरिनारायण सिंह कई टर्म से वहां से जदयू के विधायक हैं, लेकिन अब कहा जा रहा कि निशांत हरनौत से चुनाव नहीं लड़कर विधान परिषद जाएंगे।

संजय झा के घर जेडीयू की मीटिंग में दिखे निशांत कुमार

पटना. बिहार सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ऐक्शन में आ गए हैं। पहली बार वे जदयू के बड़े नेताओं की बैठक में नजर आए। यह बैठक राज्यसभा सांसद और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के घर पर बुलाई गई थी जिसमें मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए। निशांत ने पार्टी नेताओं के साथ खुलकर बात की। नीतीश कुमार से हरी झंडी मिलने के बाद निशांत के जदयू में विधिवत शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सियासत की पीच पर औपराचिक एंट्री से पहले निशांत ने अपना मैसेज साफ कर दिया है। इस बैठक में युवा ब्रिगेड के साथ अनुभवी राजनेता भी मौजूद थे। मीटिंग का वीडियो फोटो सामने आया है जिसमें संजय झा के अलावे, मंत्री श्रवण कुमार,जेडीयू एमएलसी संजय गांधी मौजूद दिख रहे हैं। इनके साथ-साथ जेडीयू विधायकों में कोमल सिह, चेतन आनंद, राहुल सिंह, अतिरेक कुमार, ललन सर्राफ, रूहेल रंजन, शुभानंद मुकेश, एम मृणाल, समृद्ध वर्मा शामिल हुए। मीटिंग में जदयू के 20 से अधिक नेताओं ने भाग लिया जिनके साथ निशांत कुमार ने भविष्य की योजनाओं पर विमर्श किया। मीटिंग के बाद जदयू नेताओं के साथ निशांत कुमार बैठक को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि निशांत कुमार की पार्टी में जरूरत है। कोई बैठक नहीं थी, बातचीत थी। विधायकों ने उनसे मुलाकात की। आने वाले दिनों में पार्टी को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। वहां मौजूद सभी जदयू सदस्यों ने निशांत कुमार का स्वागत किया। पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को लंबे समय से इस दिन का इंतजार था। नीतीश कुमार जी से भी सहमति मिल गई है कि निशांत पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि निशांत राजनीति में बेहतर परफॉर्मेंस दिखाएंगे। इधर, निशांत के स्वागत में पटना के चौक चौराहों पर पोस्टर लगना शुरू हो गया है। जदयू के साथ-साथ बीजेपी कार्यालय के पास भी निशांत के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें उन्हें नीतीश कुमार के साथ दिखाया गया है। निशांत के लिए सरकार और पार्टी में बड़ी भूमिका की मांग की गयी है। हालाकि, यह तय माना जा रहा है कि राज्य की नई सरकार में निशांत की भूमिका होगी। उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि 8 मार्च(रविवार) को दोपहर बाद निशांत औपचारिक तौर पर जनता दल यू की सदस्यता हासिल करेंगे। इससे पहले शुक्रवार की शाम को नीतीश कुमार के आवास पर जदयू की हाईलेवल मीटिंग हुई जिसमें नीतीश कुमार ने औपचारिक तौर पर अपने निर्णय से पार्टी जनों को अवगत कराया। राज्यसभा जाने की बात सुनकर कई नेता भावुक हो गए। नीतीश कुमार ने उन्हें ढाढस बंधाया कि वह हमेशा बिहार से जुड़े रहेंगे। मीटिंग में निशांत कुमार को पार्टी में शामिल कराने पर सहमति बनी।

निशांत कुमार की सियासी दस्तक पर जदयू का संकेत, भाजपा बोली– खुले दिल से स्वागत

पटना जब विधानसभा चुनाव आया तो वह रास्ता। जब चुनाव निकल गया तो विधान परिषद् के रास्ते जाने की बात आई। अब राज्यसभा चुनाव की बारी आई तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री का रास्ता पक्का बताया जा रहा है। पहले की तरह ही जनता दल यूनाईटेड के मंत्रियों ने ही यह जानकारी दी है। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार नीतीश कुमार ने सहमति दी है। उन्हें नीतीश कुमार के बाद जदयू अध्यक्ष बनाने की भी बात कही जा रही है। अब तक नीतीश ने इसपर खुद आकर कुछ नहीं कहा है, क्योंकि वह परिवारवाद पर लगातार हमलावर रहे हैं। इधर, जदयू के दिग्गज नेता दावा कर रहे हैं कि निशांत कुमार जल्द ही पार्टी में पूरी तरह से एक्टिव हो जाएंगे। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी चल रही है? इस सवाल पर जनता दल यूनाइटेड के किसी भी नेता ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन निशांत की जदयू एंट्री पर जरूर बड़ा बयान दे दिया है। सीएम नीतीश के करीबी और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कह दिया है कि जल्द ही वह सक्रिय राजनीति में आ रहे हैं। राजनीति प्रवेश करने की पूरी संभावना बन गई ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति प्रवेश करने की पूरी संभावना बन गई है। उनके बारे में बिहार के नौजवान और जदयू नेता चाहते हैं कि निशांत सक्रिय राजनीति में आए। अब जल्द ही सबकी चाहत पूरी होने वाली है। उनके उनके जदयू में आगमन की जल्द ही घोषणा होगी और पार्टी के अंदर काम करेंगे। मंत्री दिलीप जायसवाल ने क्या कहा वह जानिए इधर, निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की खबरों पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैं नई पीढ़ी का राजनीति में स्वागत करता हूं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नेतृत्व करने के लिए मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद करता हूं। यह बेहद खुशी की बात है कि निशांत जी अब मुख्यमंत्री और उनके परिवार के समर्थन के साथ राजनीति में प्रवेश करेंगे और हम उनका दिल से स्वागत करते हैं। वह निश्चित रूप से एक शिक्षित युवा नेता हैं, जिन्होंने बीटेक की डिग्री प्राप्त की है और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। हर घटना अपने समय पर होती है और शायद अब सही समय आ गया है। उनके राजनीति में आने का गर्मजोशी से स्वागत किया जाना चाहिए। मंत्री अशोक चौधरी बोले- होली का बड़ा तोहफा है मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जनता दल यूनाईटेड और सीएम नीतीश कुमार की विचारधारा पर चलने वालों के लिए होली का एक बड़ा तोहफा है। जब वह सक्रिय राजनीति में आएंगे तो बिहार के लिए काफी अच्छा रहेगा। वह काफी पढ़े लिखे हैं। इंजीनियर हैं। एक तरह से वह सीएम नीतीश कुमार की फोटो कॉपी है। होली के अवसर पर यह बड़ी खबर है। वह पार्टी के कार्यकर्ताओं की मांग पर आ रहे हैं। चुनाव के पहले से ही लोगों की मांग थी। अब वह सक्रिय राजनीति में आ रहे हैं, यह खुशी की बात है।