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गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में धान खरीदी शुरू, पहले दिन 506.80 क्विंटल की आवक

गौरेला पेंड्रा मरवाही, खरीफ विपरण वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के पहले दिन जीपीएम जिले में दो धान खरीदी केंद्रों में आठ किसानों द्वारा कुल 506.80 क्विंटल धान बेचा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र निमधा में किसान प्रकाश चंद्र जायसवाल ने 87.20 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसी तरह धान उपार्जन केंद्र धनौली में सात किसानों द्वारा 419.60 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। राज्य के किसानों से धान की नगद व लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

कवर्धा में धान उपार्जन की शुरुआत: पहले दिन 306.8 क्विंटल की खरीदी

सुचारू धान खरीदी के लिए शासन ने लगाया एस्मा, तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त 108 समितियों में अधिकारियों को प्रभार कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर सभी धान खरीदी केंद्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कवर्धा, कबीरधाम ज़िले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य का शुभारंभ आज विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उपार्जन के पहले दिन जिले में 306.8 क्विंटल धान की खरीदी संपन्न हुई। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में नाप-तौल की व्यवस्था, कांटा–बांट, पर्याप्त बारदाना, ड्रेनेज सिस्टम सहित आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उपार्जन कार्य प्रभावित न हो, यह देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा द्वारा विशेष पहल की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य विभागों के अधिकारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से चलती रहे। इस व्यवस्था से किसानों को किसी भी प्रकार की बाधा के बिना अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है और जिले में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।        कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले की सभी 108 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्य के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, उप अभियंता, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, करारोपण अधिकारी, बीपीएम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में तीन सहकारी समिति प्रबंधक जिंदा श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, सहसपुर लोहारा श्री गंगादास मानिकपुरी और चिल्फी श्री मनोज चन्द्राकर को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कार्यालयीन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, परंतु निर्धारित तिथि तक वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके पश्चात अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कर्मचारी द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। इससे समिति के धान उपार्जन कार्य, ऋण वितरण, खाद एवं बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ प्रभावित हुईं और किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इस गंभीर कदाचार को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कि सेवा नियमों की कंडिका 16 के तहत लोकहित में व्यापक कार्य में बाधा डालने के कारण सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया शासन ने लगाया एस्मा, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई तय छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी कार्य को किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने देने के लिए बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को रोकना या प्रभावित करना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है। इसलिए इस हड़ताल को अवैध मानते हुए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल पर गए कर्मचारी सोमवार तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

धान खरीदी विवाद गर्माया: डिप्टी CM साव ने कांग्रेस की समिति को लेकर साधा निशाना

रायपुर राज्य में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने और किसानों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने एक राज्यस्तरीय निगरानी समिति गठित की है। इस फैसले को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस पर किसानों को बोनस न देने, भुगतान में देरी करने और वादे पूरा न करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार का ज़िक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ‘पनौती’ तक कह दिया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस की निगरानी समिति बनाए जाने को लेकर कहा कि “कांग्रेस क्या निगरानी करेगी? वही कांग्रेस जिसने किसानों से बोनस का वादा किया था और कभी पूरा नहीं किया। किसानों को धान का पैसा चार-चार किस्तों में दिया गया। इनके वादों की विश्वसनीयता ही खत्म हो चुकी है।” साव ने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन ही 20 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है और सभी खरीद केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। बिहार चुनाव में कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर भी सियासत अरुण साव यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘पनौती’ कहा। साव ने आरोप लगाया कि “जहां-जहां भूपेश बघेल प्रचार करने जाते हैं, वहां कांग्रेस की हार तय हो जाती है। बिहार में भी यही हुआ।” अरुण साव ने यह भी कहा कि “बिहार में जाकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नकारा नेताओं ने प्रचार किया था। जिन पर अपने राज्य में भरोसा नहीं, उन पर बिहार वाले कैसे भरोसा करेंगे? कांग्रेस के साथ सहयोगी दल भी डूब जाते हैं।” उन्होंने हाल ही में बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी के तालाब में कूदने वाले वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि “राहुल गांधी जहां डुबकी लगा दें, वहां से कांग्रेस का डूबना तय है।” साव ने यह भी दावा किया कि बिहार संगठन की मदद छत्तीसगढ़ BJP के नेताओं ने की, न कि कांग्रेस नेताओं ने जैसा कांग्रेस दावा कर रही है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिला के मालगांव खरीदी केन्द्र में पूजा अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ

रायपुर, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित महेश जैन, सतीश लाटिया, बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।  

धीमी धान खरीदी पर कांग्रेस का वार: PCC चीफ बैज बोले—सरकार उदासीन, किसान बेहाल

  रायपुर  छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। हालांकि खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्थाएँ पूरी तरह पटरी पर नहीं दिखीं। PACS कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई खरीदी केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। कई केंद्रों में मशीनें बंद रहीं, किसान लाइन में खड़े रहे, मगर खरीदी शुरू नहीं हो सकी। इस स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया। दीपक बैज ने कहा कि सरकार की चुप्पी और लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। “धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं और किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे। सरकार को तुरंत कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए। कांग्रेस हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ है और धान खरीदी की स्थिति पर पूरी निगरानी कर रही है। आदिवासी गौरव जनजाति दिवस पर भाजपा बड़े कार्यक्रम आयोजित कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने वाले हैं। इसी बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर “आदिवासी विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि आज बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा आदिवासी समाज उनके संघर्ष और योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी आदिवासी दिवस का विरोध करती रही है। आज दिखावे के कार्यक्रमों से आदिवासियों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। जल, जंगल और जमीन को लगातार बेचा जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।” कांग्रेस द्वारा आयोजित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बैठक में PCC चीफ दीपक बैज ने बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। बैज ने कहा, “बिहार में आए चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और मंत्रियों के प्रति गहरा आक्रोश था, फिर भी नतीजे बिलकुल उलटे आए। कई जगह लोगों को वोटिंग से रोका गया और कई मतदाताओं की जगह किसी और ने वोट डाल दिए—ऐसी शिकायतें आम रहीं।” उन्होंने कहा कि यह स्थिति “चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़” का संकेत देती है। बैठक में बीएलओ को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला अध्यक्षों ने भी भाग लिया और तय किया गया कि आने वाले दिनों में जिले, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों में लोगों की अधिक प्रभावी सहायता की जा सके।

कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था का लिया जायज़ा : सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने

रायपुर, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। समर्थन मूल्य पर सुचारू धान खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने चारामा तहसील के माहुद, चारामा, लखनपुरी और कांकेर तहसील के नाथिया नवागांव एवं सरोना स्थित खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने धान विक्रय टोकन की प्रक्रिया का परीक्षण किया और किसानों को बताया कि टोकन सोसायटी मॉड्यूल के माध्यम से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। सचिव ने जिला खाद्य अधिकारी और सहकारी बैंक के नोडल अधिकारियों से कम्प्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति, उनके प्रशिक्षण, नमी मापक यंत्र, बारदाना उपलब्धता, डेमेज एवं हमाल की व्यवस्था संबंधी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु 94 हज़ार 192 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है तथा 85 प्रतिशत बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है। सचिव के द्वारा निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री अरुण वर्मा, खाद्य अधिकारी श्री जे.जे. नायक, उप पंजीयक सहकारी समिति श्री आशुतोष डडसेना, तहसीलदार चारामा श्री सतेन्द्र शुक्ल, नायब तहसीलदार श्री कृष्ण कुमार पाटले, तहसीलदार सरोना श्री मोहित साहू, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री मनोज वानखेडे तथा नान के जिला प्रबंधक श्री आकाश राही भी उपस्थित रहे।

धान खरीदी सीज़न का शुभारंभ: मंत्री दयालदास बघेल के निर्देश—समय पर भुगतान और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करें

सूरजपुर  प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के तहत किसान अब सीधे अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे। सूरजपुर जिले में खरीदी का आगाज़ प्रदेश के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने चंदरपुर धान उपार्जन केंद्र में पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटे पर धान की पहली बोरी तौलकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की। किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा किसान से दुर्व्यवहार किया गया या धान पलटी करने जैसे अवैध कार्य कराने की शिकायत मिली तो संबंधित प्रबंधक पर तत्काल सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बघेल ने यह भी निर्देश दिया कि धान खरीदी के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान अवश्य पहुंच जाए। उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। जिले में खरीदी का लक्ष्य और व्यवस्था सूरजपुर जिले में इस वर्ष 425009 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की 54 समितियों में कुल 63,819 पंजीकृत किसान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। पहले ही दिन लगभग पाँच किसानों से करीब 250 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में खरीदी व्यवस्था : 15 नवंबर से 31 जनवरी तक अभियान राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए इस वर्ष भी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया है। किसानों को सप्ताह में पाँच दिन- सोमवार से शुक्रवार धान बेचने की अनुमति होगी। समर्थन मूल्य और लक्ष्य     समर्थन मूल्य : 3100 रुपये प्रति क्विंटल     राज्य स्तरीय लक्ष्य : 160 लाख मीट्रिक टन धान उठाव     पूरे प्रदेश में उपार्जन केंद्र : 2739 अवैध परिवहन पर निगरानी तेज राज्य सरकार ने अवैध खरीद–फरोख्त रोकने कड़े कदम उठाए हैं। सीमा क्षेत्रों पर चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि बाहरी राज्यों से धान की अनियमित ढुलाई रोकी जा सके। खरीदी केंद्रों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज व्यवस्था, तिरपाल और अन्य सुरक्षा साधन लगाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध बिक्री या परिवहन पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तुंहर टोकन ऐप अनिवार्य, किसानों के लिए राहत राज्य में पंजीकृत किसानों को इस वर्ष भी तुंहर टोकन ऐप से ही टोकन लेना होगा। किसान घर बैठे ही अपने निर्धारित तारीख के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे, उनके लिए मंडी स्तर पर टोकन जारी करने की सुविधा रखी गई है। टोकन वितरण नियम     2 एकड़ तक जमीन वाले किसान : 1 टोकन     2 से 10 एकड़ तक : 2 टोकन     10 एकड़ से अधिक : अधिकतम 3 टोकन ऐप से रोज़ाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक टोकन लिए जा सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी किसान को टोकन या पंजीयन में कोई समस्या न आए।

धान खरीदी सीजन शुरू: मुख्यमंत्री साय बोले—किसानों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर प्रदेश में तयशुदा कार्यक्रम के हिसाब से आज से धान खरीदी शुरू हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है.     आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर फिर शुरुआत हुई है छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की । यह धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी. किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकेंगे. धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे. धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है. धान अवैध बिक्री पर रोक प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं. अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है. धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को लेना पड़ेगा टोकन रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है. टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है. जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं. किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं. जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है. मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. कितने टोकन पर कितनी धान बिकेगी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा. 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए

रायपुर : प्रदेश में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर तैयारियां पूरी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए रायपुर :धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में होगी कड़ी कार्रवाई रायपुर राज्य में 15 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर सभी खरीदी केन्द्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य के सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था की जा रही हैं। कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जिलों में दौरा कर धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का मुआयना कर रहे हैं। राज्य में इस साल किसानों से धान खरीदने के लिए 2739 उपार्जन केंद्रों बनाए गए हैं। सभी केन्द्रों में धान खरीदी के साथ-साथ क्रय धान के उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसानों को असुविधा न हो। राज्य में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अन्य राज्यों के सीमा में चेक पोस्ट स्थापित कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। धान की सुरक्षा हेतु खरीदी केन्द्रों में आवश्यकतानुसार ड्रेनेज एवं तारपोलिन आदि की व्यवस्था और उचित स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने भी लगाए जा रहे हैं, ताकि धान खरीदी परिसर और वहां की व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।  धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समितियों में माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, ताकि धान बेचने आने वाले किसान तात्कालिक खर्चे के लिए आवश्यक राशि का आहरण कर सके।

धान खरीदी को लेकर राजनीति तेज: डिप्टी सीएम बोले—‘ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है’

रायपुर छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही विपक्ष और सरकार के बीच सियासत तेज हो गई है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए जमकर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है. हमारी सरकार किसान हितैषी है और सभी वादों को पूरा कर रही है. बता दें, पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी को लेकर दावा किया है कि धरातल पर धान खरीदी की कोई तैयारी नहीं है. इधर एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन की दिक्कतों से पंजीयन के लिए 7 लाख किसान परेशान हैं. पंजीयन के लक्ष्य से ही समझ आ रहा है कि सरकार ही नहीं चाहती कि पूरे किसान धान बेचें, इसलिए पेचीदगियां पैदा की गई हैं. डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व सीएम बघेल के इस बयान का पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने बोनस देने का वादा किया था, लेकिन उसे 5 साल तक निभाया नहीं. किस्तों में पैसा दिया और चौथी किस्त में कटौती कर पैसा खा गई.” उन्होंने आगे कहा कि धान खरीदी निर्धारित तिथि पर सुचारू रूप से शुरू होगी, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. देर रात हुई मंत्रियों की बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में बीती रात मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यक्रम लगातार जारी हैं और कार्यकर्ताओं व नेताओं का कार्यालय आना-जाना नियमित रूप से चलता रहता है. SIR पर कांग्रेस की निगरानी को लेकर कसा तंज इस बीच, SIR प्रक्रिया को लेकर आज कांग्रेस की निगरानी समिति की बैठक प्रस्तावित है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को न संविधान पर भरोसा है, न संवैधानिक संस्थाओं पर. उनका भरोसा सिर्फ एक परिवार और उसके आदेशों पर है. SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, पहले भी होती रही है. कांग्रेस अपने ही जनाधार पर सवाल उठा रही है.” उन्होंने आगे कहा- “कांग्रेस अब वोट चोरी, मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाकर जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस अब जनता से कट चुकी है, उसके अपने कार्यकर्ता भी उससे दूर जा रहे हैं,”