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पठानकोट बॉर्डर से घुसपैठ की फिराक में पाक आतंकी, नए साल पर सैन्य ठिकानों पर हमले का प्लान

पठानकोट पाकिस्तान एक बार फिर नए साल पर पंजाब में दहशत फैलाने की योजना बना रहा है। उसने पंजाब के रास्ते घुसपैठ कराने के लिए आतंकियों को तैयार कर लिया है और उनकी मदद के लिए सीमा क्षेत्र के अपने स्लीपर सैल एक्टिवेट कर दिए हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस ने गंदला लाहड़ी क्षेत्र से आतंकियों के संदिग्ध मददगार बिल्लू गुज्जर को हिरासत में लिया है। दूसरा व्यक्ति नजाकत हुसैन फिलहाल लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि बिल्लू को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। फिलहाल अन्य आरोपों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन एक बार फिर पठानकोट में बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कुछ आतंकी जम्मू कश्मीर और पठानकोट में घुसपैठ करने की फिराक में हैं। साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट एयरबेस, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला करना है। इस साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद हैं, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं।  एजेंसियों को यह इनपुट भी प्राप्त हुआ है कि यह हमला नए साल की पूर्व संध्या यानी 25-31 दिसंबर के बीच हो सकता है। इन आतंकियों ने संचार के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल किया है, जिससे उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।   पठानकोट एयरबेस और अन्य स्थानों पर नजर खुफिया एजेंसियों ने दो प्रमुख इनपुट साझा किए हैं। पहली जानकारी में बताया गया था कि 17-18 दिसंबर की रात तीन आतंकी अपने स्थानीय मददगारों बिल्लू गुज्जर और नजाकत हुसैन की मदद से पठानकोट में घुसपैठ करेंगे। इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट के सैन्य ठिकानों और एयरबेस पर हमला करना है। सुरक्षा बढ़ाते हुए जिला पठानकोट में पुलिस, सेना और विशेष कमांडो की तैनाती की गई है। एक अन्य खुफिया सूचना में सामने आया है कि पठानकोट के एक धर्मशाला में कुछ स्लीपर सैल ठहरे हुए हैं जो इलाके की रेकी कर रहे हैं। सुरक्षा बलों हुए अलर्ट पठानकोट जिले के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डमटाल, ढांगू, भदरोया और मीलवां में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि रात के समय सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और पूरी रात विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इंटरस्टेट नाकों पर सख्त जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को शहर में प्रवेश न करने दिया जाए।   पठानकोट एयरबेस पर हुआ था हमला पठानकोट में आतंकी घटनाओं का इतिहास भी रहा है। एक जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में छह आतंकियों ने भारतीय सेना की वर्दी पहनकर एयरबेस की सुरक्षा में सेंध लगाई थी। यह हमला भी नए साल से पहले हुआ था, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है। पठानकोट के संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे चौकसी और गश्त बढ़ाई गई है। सुरक्षा बलों ने विशेष निगरानी हेतु अतिरिक्त फोर्स तैनात की है।  

जेब में वोटर स्लिप, ID भी मौजूद! ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की पाकिस्तान से पुष्टि

श्रीनगर  पिछले महीने 28 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम में महादेव की पहाड़ियों में जंगलों के बीच 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे। इस बात की पुष्टि उनके पास से बरामद सरकारी पहचान पत्र और बायोमेट्रिक डेटा से हुई है। ये तीनों आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे और तीनों ही पहलगाम में हुई आतंकी हमले में शामिल थे। सुरक्षा बलों द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं। प्राप्त साक्ष्यों के मुताबिक, ये आतंकवादी पहलगाम में हमले को अंजाम देने के बाद से ही दाचीगाम-हरवान वन क्षेत्र में छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के मुताबिक, पहलगाम में पर्यटकों पर की गई गोलीबारी में कोई भी स्थानीय कश्मीरी शामिल नहीं था। बता दें कि 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकवादी – सुलेमान शाह उर्फ फैजल जट्ट, अबू हमजा उर्फ 'अफगान' और यासिर उर्फ 'जिब्रान' को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था।साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला है कि A++ लश्कर कमांडर सुलेमान शाह, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर था, जबकि हमजा और यासिर ए-ग्रेड लश्कर कमांडर थे। गोलीबारी के दौरान हमजा दूसरा बंदूकधारी था, जबकि यासिर तीसरा बंदूकधारी था जिसके पास हमले के दौरान बाकी दोनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। मतदाता पहचान पत्र और स्मार्ट आईडी चिप से खुलासा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों के शवों से मतदाता पहचान पत्र और स्मार्ट आईडी चिप सहित पाकिस्तानी सरकारी दस्तावेज भी बरामद किए गए, जिससे उनके पड़ोसी देश से संबंध होने की पुष्टि होती है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चलता है कि सुलेमान शाह और अबू हमजा की जेबों से पाकिस्तान चुनाव आयोग द्वारा जारी दो मतदाता पर्चियाँ मिलीं। पर्चियों पर मतदाता क्रमांक क्रमशः लाहौर (एनए-125) और गुजरांवाला (एनए-79) की मतदाता सूचियों से मेल खाते हैं। सैटेलाइट फोन से एक मेमोरी कार्ड भी बरामद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के क्षतिग्रस्त सैटेलाइट फोन से एक मेमोरी कार्ड भी बरामद किया है, जिसमें तीनों व्यक्तियों के NADRA (राष्ट्रीय डेटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण) बायोमेट्रिक रिकॉर्ड थे। इन रिकॉर्डों में उनके फिंगरप्रिंट, चेहरे के नमूने और वंशावली की जानकारी है, जो उनकी पाकिस्तानी नागरिकता और चांगा मंगा (कसूर ज़िला) और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रावलकोट के पास कोइयाँ गाँव में उनके पते की पुष्टि करती है।