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योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास पर जनता की मुहर, 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाएगी- पंकज चौधरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ समाप्त करके ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसा बदलाव करने का प्रशंसनीय काम किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले 9 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास का परिणाम है कि जनता ने 2017 के बाद 2022 में भी हमें जिताया और 2027 में बीजेपी हैट्रिक लगाने जा रही है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने वैश्विक स्तर से लेकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक का उत्थान करने का काम किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और सनातन संस्कृति में नौ को बहुत ही दिव्य माना जाता है। 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की जनता ने मेवा वालों को हटाकर सेवा वालों को मौका देने का काम किया था। परिवारवाद वालों को हटाकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘सबका विश्वास, सबका प्रयास’ वालों को मौका दिया था। दंगा वालों को हटाकर गंगा वालों को आशीर्वाद दिया था। गुंडाराज और माफियाराज वालों को उत्तर प्रदेश की जनता दोबारा नहीं आने देगी। समाजवादी पार्टी भ्रम और अफवाह फैलाकर दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है लेकिन जनता दोबारा माफियाराज नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। किसी भी प्रदेश की तरक्की के लिए उद्योगों की बड़ी आवश्यकता होती है। योगी जी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करके इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर ध्यान दिया है। आज देश में जितने भी एक्सप्रेसवे हैं उसका 55 फीसदी हिस्सा केवल उत्तर प्रदेश में है। हमारी सरकार गांवों में भी 18 से 20 घंटे बिजली दे रही है। गन्ना किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को योगी सरकार ने 9 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामना दी।

CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा टास्क, पंकज चौधरी ने चार करोड़ वोटरों को साधने की दी चुनौती

लखनऊ उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी को निर्विरोध रूप से पार्टी की प्रदेश इकाई की कमान सौंपी गई. लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा की, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. हालांकि, यूपी के कप्तान के रूप में उनके सामने कई चुनौतियां भी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पहले ही दिन उन्हें SIR को लेकर टास्क थमा दिया है. इसके अलावा 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव को सेमीफइनल की तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, बीजेपी ने पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का नया कप्तान बनाया है. पंकज चौधरी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो ओबीसी वर्ग का नेतृत्व करते है. उनकी नियुक्ति को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की जातीय समीकरण मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को हुए नुकसान से उबरना, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और आगामी 2026 पंचायत चुनावों की तैयारी करना होगी. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें SIR को लेकर नया टास्क दे दिया है. SIR में बीजेपी वोटर्स के नाम कटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में करीब चार करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं या शामिल नहीं हो पाए हैं, जिनमें से अधिकांश भाजपा समर्थक हैं. SIR की मेहनत 2027 में दिखेगी योगी ने कहा कि राज्य की आबादी को देखते हुए मतदाताओं की संख्या बढ़नी चाहिए थी, लेकिन यह घट गई है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर पर मेहनत करें, फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराएं और योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ें. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि SIR में की गई यह मेहनत 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीन-चौथाई बहुमत से जीत दिलाएगी. पंकज चौधरी के लिए पहला टास्क पंकज चौधरी की नियुक्ति को मिशन-2027 से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक मजबूती और OBC वोट बैंक को एकजुट करने पर फोकस रहेगा. निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने नए अध्यक्ष को पार्टी का झंडा सौंपकर शुभकामनाएं दीं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए हैट्रिक का मौका है, लेकिन विपक्ष के PDA गठजोड़ और लोकसभा में मिले झटके के बाद संगठन को नई ऊर्जा देने की जरूरत है. पंकज चौधरी के सामने यह सेमीफाइनल जैसी चुनौती होगी.

पंकज चौधरी बोलेः लखनऊ को माना जाता है भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु

यह भाजपा में ही संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिले: पंकज चौधरी लखनऊ ‘संगठन मेरे लिए सर्वोपरि है और संगठन का हर आदेश मेरे लिए सर्वमान्य होगा।’ इस सूत्रवाक्य के साथ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा भी की गई। इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश भर के देवतुल्य कार्यकर्ताओं से प्राप्त अपूर्व स्नेह से वे गदगद और अभिभूत हैं। गोमती नदी के तट पर स्थित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी के स्नेह, उत्साह और आत्मीय स्वागत से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ को भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु भी माना जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का दायित्व संभालते समय वे रोमांचित, उत्साहित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के इस महासंगम के अवसर पर वे प्रेमपूर्ण भावना से स्वयं को जोड़ रहे हैं। यह भाव तब और प्रबल हुआ जब केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा संघ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह महान दायित्व उन्हें सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जैसी लोकतांत्रिक पार्टी में ही यह संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए। पार्टी में नहीं चलता कोई भी वाद पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा में परिवारवाद और जातिवाद नहीं चलता। पार्टी का नेतृत्व न किसी विशेष परिवार को मिलता है और न ही किसी खास जाति को। यहां कोई भी सक्रिय कार्यकर्ता बड़े से बड़ा दायित्व निभा सकता है। इसी कारण हम सभी को अपनी पार्टी पर गर्व है। सुनियोजित नहीं था राजनीतिक जीवन का आरंभ नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का आरंभ सुनियोजित नहीं था। गलत के सामने हार न मानने की जिद ने उन्हें राजनीति में प्रवेश कराया। उन्होंने बताया कि सभासद बनने के बाद डिप्टी मेयर के चुनाव में कुछ अनुचित कानूनी बाधाएं डाली गईं। इसके विरोध में समर्थकों के साथ सिविल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया और सात महीने में न्याय मिला, जिसके बाद वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर बने। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में पहला ऐसा मामला था, जिसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर स्टे लगा और सात महीने में निर्णय भी आया। वर्ष 1991 में भाजपा ने 26 वर्ष की आयु में उन्हें महाराजगंज से लोकसभा चुनाव लड़ाने का निर्देश दिया। वर्ष 1991 से 2024 तक उन्होंने महाराजगंज और भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ा। एक ही पार्टी और एक ही संसदीय क्षेत्र से सात बार उम्मीदवार बनने का अवसर भाजपा और महाराजगंज की जनता के आशीर्वाद से मिला। सीखने और मार्गदर्शन का अवसर होगा प्राप्त पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर अटूट विश्वास जताते हुए केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी, जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में यह उनकी अब तक की सबसे गंभीर और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं का स्नेह और समर्पण इस दायित्व के निर्वहन में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 से अब तक कुल 15 प्रदेश अध्यक्ष संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं। इन सभी के अनुभव संगठन की अमूल्य धरोहर हैं, जिनसे उन्हें सीखने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। किसी भी राजनीतिक दल के चार महत्वपूर्ण स्तंभ पंकज चौधरी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के चार प्रमुख स्तंभ होते हैं। कार्यकर्ता, कार्यालय, कार्यक्रम और कोष। कार्यालय हम सभी के लिए तीर्थ समान है। कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी के विचार जनता तक पहुंचते हैं और इन सबके लिए कोष की आवश्यकता होती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ कार्यकर्ता है। यदि समर्पित कार्यकर्ता न हों, तो अन्य सभी व्यवस्थाएं निरर्थक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही उनकी वास्तविक पूंजी और शक्ति हैं। उन्होंने अपने सभी चुनाव इन्हीं के बल पर जीते हैं। मंच से उन्होंने प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से कहा कि आप मेरे लिए सर्वोपरि हैं। आपके लिए मैं संघर्ष करूंगा, आपकी बात सुनूंगा और समस्याओं के समाधान का यथासंभव प्रयास करूंगा। निरंतर संवाद से मिलेगा अनुभव का लाभ पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद उनके 35 वर्षों के राजनीतिक जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व केवल आदेश देना नहीं होता, बल्कि बड़प्पन के साथ सबकी बात सुनना और समाधान का प्रयास करना ही सच्चा नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें रूल नहीं करना, बल्कि रोल निभाना है। एक समन्वयक, समाधानकर्ता और पूरे परिवार को साथ लेकर चलने वाले मुखिया की भूमिका। संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय होगा मूलमंत्र पंकज चौधरी ने कहा कि उनके नेतृत्व का मूलमंत्र संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय रहेगा। संपर्क और संवाद के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाना और पार्टी के विचारों को जनमानस तक निरंतर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। कार्यकर्ताओं की समस्याएं सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है, जबकि सरकार के जनहितकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाना पार्टी और कार्यकर्ताओं का दायित्व है। 

पंकज चौधरी बने यूपी बीजेपी अध्यक्ष, सीएम योगी के सामने पीयूष गोयल ने की औपचारिक घोषणा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आखिरकार अपना नया अध्यक्ष मिल गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निर्विरोध निर्वाचन का ऐलान राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया। लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में पंकज चौधरी के हाथों में कमान आने के साथ ही प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर एक नए युग का सूत्रपात हो गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद का निर्वाचन भी हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि यह घोषित करते हुए खुशी हो रही है कि भाई पंकज चौधरी को सर्वसमिति से चुन लिया गया है।   पंकज चौधरी की नियुक्ति को भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है। वह पूर्वांचल के महाराजगंज से सात बार के अनुभवी सांसद हैं और कुर्मी (OBC) समुदाय से आते हैं। उनकी इस पद पर ताजपोशी के पीछे पार्टी की गहरी और बहुआयामी रणनीति है। यूपी खासकर पूर्वाचंल में ओबीसी आबादी एक बड़ा वोट बैंक है। पंकज चौधरी जैसे मजबूत कुर्मी नेता को कमान सौंपकर भाजपा विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट करना चाहती है और ओबीसी मतदाताओं पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।    पंकज चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद विश्वस्त माने जाते हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव और संगठनात्मक क्षमता भी इस चयन का एक प्रमुख कारण है। पंकज चौधरी का मजबूत आधार पूर्वांचल है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। उनकी नियुक्ति से इस क्षेत्र में पार्टी को और मजबूती मिलेगी। पंकज चौधरी के सामने अब कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनमें पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना, आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाना और केंद्रीय व प्रदेश सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना शामिल है। उनकी संगठनात्मक क्षमता और अनुभव पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होंगे।   कार्यक्रम का शुभारंभ निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के संबोधन से शुरू हुआ। भूपेंद्र चौधरी ने सबसे पहले राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी के लक्ष्मण, प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ महेंद्रनाथ पांडेय, नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक आदि का स्वागत किया। अपने संबोधन में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन की राजनीति में ऐसा वक्त आता है जब हम अपनी भूमिका बदलते देखते हैं। कितना सीखना, कितना बताना और क्या करना है सब संगठन से तय होता है। पिछले चार साल से एक अभियान चलता रहा और आगे भी ऐसा ही चलता रहे। इसी कामना के साथ हम एकत्रित हुए हैं।