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पंकज त्रिपाठी के परिवार पर हमला! भाई पर धारदार हथियार से वार, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज  बिहार के गोपालगंज से बड़ी खबर सामने आई. बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में बिजेंद्र नाथ तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना AIIMS रेफर कर दिया. इलाके में सनसनी फैल गई।  घटना जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि पड़ोस के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।  बिजेंद्र नाथ तिवारी की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है उन्हें पटना स्थित AIIMS रेफर किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के भाई पर माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में यह हमला किया गया है। इस हमले के बाद वहां तनाव का भी माहौल है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है। यह टीम हमले के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बिजेंद्र नाथ तिवारी पर उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने ही पुरानी रंजिश में हमले की वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पंकज त्रिपाठी के परिजनों और घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। एक मशहूर अभिनेता के भाई पर इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है लेकिन अभी हमले के वजहों को लेकर पुलिसिया तफ्तीश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस जानलेवा हमले की असली वजह सामने आ पाएगी। पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव गोपालगंज का बेलसंड है। पंकज त्रिपाठी में कभी-कभी अपने गांव में आते रहते हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अस्पताल के अंदर चिकित्सक बिजेंद्र नाथ तिवारी का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो गोपालगंज के मॉडल अस्पताल का है। अस्पताल में कुछ लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। पटना AIIMS में चल रहा इलाज पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी का पटना AIIMS में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।   

‘लाइलाज’ को 25वें भारत रंग महोत्सव में मिली जगह, पंकज त्रिपाठी और मृदुला के सपने का सच

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी और उनकी पत्नी मृदुला की पहली थिएटर प्रोडक्शन लाइलाज को भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित रंगमंच महोत्सव भारत रंग महोत्सव के लिए चुना गया है। यह महोत्सव नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), दिल्ली द्वारा आयोजित किया जाता है। अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह महोत्सव जनवरी के आखिरी हफ्ते से फरवरी तक आयोजित होगा, जिसमें भारत और दुनिया भर के प्रसिद्ध नाट्य मंचन शामिल होंगे। लाइलाज एक म्यूज़िकल कॉमेडी नाटक है, जिसे फैज़ मोहम्मद खान ने लिखा और निर्देशित किया है। यह नाटक पंकज और मृदुला के थिएटर बैनर रूपकथा रंगमंच के तहत प्रस्तुत किया गया है। इस नाटक का खास महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह पंकज त्रिपाठी की करीब एक दशक बाद रंगमंच पर वापसी को दर्शाता है। इसके साथ ही, उनकी बेटी आशी का इस नाटक से रंगमंच अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, जिससे यह नाटक पूरे परिवार के लिए बेहद खास बन जाता है। लाइलाज का भारत रंग महोत्सव में चयन रूपकथा रंगमंच के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह पहली बार है जब उनकी पहली प्रस्तुति को इतने बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर जगह मिली है। पंकज त्रिपाठी ने कहा, “भारत रंग महोत्सव भारतीय रंगमंच की दुनिया में एक बहुत खास स्थान रखता है और इसके 25वें संस्करण में लाइलाज का चयन होना मेरे लिए बेहद विनम्र करने वाला अनुभव है। थिएटर ही मेरी जड़ें हैं और एनएसडी हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और कला के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा है। रूपकथा रंगमंच की पहली प्रस्तुति को ऐसे मंच पर लाना मेरे लिए एक ‘फुल सर्कल’ पल जैसा है। लाइलाज एक सरल, संगीत से भरी और दिल से जुड़ी कहानी है, जिसके पीछे कई लोगों की मेहनत और थिएटर के प्रति सच्चा विश्वास है। अपनी बेटी आशी के साथ इस मंच को साझा करना मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। मैं इसे सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि उस थिएटर समुदाय को समर्पण मानता हूं जिसने मुझे गढ़ा है।” नाटक की सह-निर्माता मृदुला त्रिपाठी ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “जब हमने रूपकथा रंगमंच की शुरुआत की थी, तब हमारा मकसद कभी शोहरत या बड़े पैमाने की तलाश नहीं था, बल्कि ईमानदारी और गर्मजोशी से कहानियां कहना था। लाइलाज का भारत रंग महोत्सव जैसे बड़े मंच के लिए चुना जाना, वह भी इसके 25वें साल में, हमारे लिए बहुत। संतोषजनक है। यह नाटक प्यार, धैर्य और प्रक्रिया पर विश्वास के साथ तैयार किया गया है। इसे एनएसडी जैसे मंच तक पहुंचते देखना, जहां बेहतरीन थिएटर को सम्मान मिलता है, इस सफर को और भी खास बनाता है। माता-पिता के तौर पर आशी को ऐसे माहौल में मंच पर अपने पहले कदम रखते देखना हमारे लिए बेहद भावुक पल है। हम इस महोत्सव, दर्शकों और उन सभी कलाकारों के आभारी हैं जो आज भी मानते हैं कि थिएटर लोगों को छूने, जोड़ने और सुकून देने की ताकत रखता है।”