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ईमेल से मचा हड़कंप: पीपुल्स विवि में बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

भोपाल  राजधानी के करोंद क्षेत्र स्थित पीपुल्स विश्वविद्यालय को गुरुवार सुबह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरा संदेश विश्वविद्यालय के डीन को भेजा गया, जिसमें सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों और छात्रों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल में साइनाइड युक्त बम लगाए जाने का दावा भी किया गया था। सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया और एहतियातन पूरे परिसर को खाली करा लिया। क्लास रूम, ओपीडी और प्रशासनिक भवनों से छात्रों व स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची भोपाल पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। निर्धारित समय तक न तो कोई विस्फोट हुआ और न ही कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार ई-मेल की तकनीकी जांच जारी है। मेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सर्वर लोकेशन क्या है, इसकी पड़ताल साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला शरारत या फर्जी धमकी का प्रतीत हो रहा है, फिर भी सुरक्षा के लिहाज से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। धमकी की खबर फैलते ही परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों और अभिभावकों में चिंता देखी गई। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

सिर्फ 8 दिन का मौका: 13 लाख वोटरों को करना होगा दस्तावेज़ जमा, वरना छूट जाएगा नाम

पटना बिहार में जारी गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के तहत 24 जून से 24 अगस्त 2025 यानी 60 दिनों में 98.2% लोगों ने अपने दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं। इसका औसत लगभग 1.64% प्रतिदिन बैठता है। अब भी 1 सितंबर तक 8 दिन शेष हैं और केवल 1.8% (12 लाख 85 हजार 200) निर्वाचकों के दस्तावेज़ जमा होने बाकी हैं। बी.एल.ओ और स्वयंसेवकों की मदद से इन दस्तावेज़ों का संग्रहण कार्य जारी है। जिस तरह गणना प्रपत्र समय से पहले एकत्र किए गए थे, उसी प्रकार दस्तावेज़ों का संग्रहण कार्य भी समय से पहले पूरा हो जाने की संभावना है। दावे और आपत्तियों की अवधि से निर्वाचकों को ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली में किसी भी त्रुटि को सुधारने का अवसर मिलता है, साथ ही वो आवश्यक दस्तावेज़ भी जमा कर सकते हैं, जो उन्होंने गणना प्रपत्र भरते समय नहीं दिए थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 98.2% निर्वाचकों के दस्तावेज़ प्राप्त हो चुके हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि ड्राफ्ट नामावली में कुल 7.24 करोड़ निर्वाचकों में से अब तक 0.16% दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से 10 आपत्तियां बिहार के 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बी.एल.ए द्वारा, कुछ उन व्यक्तियों द्वारा जो उस विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक नहीं हैं, और 1,21,143 दावे/आपत्तियाँ संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचकों द्वारा दी गई हैं। 3,28,847 नए निर्वाचकों, जिन्होंने 1 जुलाई तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है या 1 अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उन्होने ने भी प्रपत्र 6 और घोषणा पत्र जमा किए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEO), 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO), 2,976 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO), 90,712 बीएलओ (BLOs), लाखों स्वयंसेवकों और 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं एवं जिला अध्यक्षों सहित उनके द्वारा नियुक्त लगभग 1.60 लाख बीएलए (BLAs) के प्रयासों की सराहना की है। आपको बता दें बिहार का विशेष गहन पुनरीक्षण निर्धारित समयानुसार चल रहा है। प्राप्त सभी दावे और आपत्तियों पर निर्णय तथा पात्रता दस्तावेज़ों का सत्यापन संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा 25 सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना है और अंतिम जांच के बाद 30 सितंबर 2025 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।