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पीएम किसान योजना में सख्ती: किस्त पाने के लिए 5 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री जरूरी, नहीं तो अटक सकता पैसा

कवर्धा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ लेने वाले किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 5 जनवरी 2026 तक जिले के शत-प्रतिशत लाभांवित किसानों की एग्रीस्टेक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। योजना का लाभ मिलने में हो सकती है दिक्कत तय समय-सीमा के बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कलेक्टर ने योजना से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा करते हुए यह साफ किया कि फार्मर रजिस्ट्री अधूरी रहने की स्थिति में किसानों को भविष्य में योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के हितों से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में किसी भी पात्र किसान का पंजीयन छूटना प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी। एग्रीस्टेक परियोजना पर फोकस कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना शासन की प्राथमिकता है। फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से न केवल योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा, बल्कि भविष्य में कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं का रास्ता भी खुलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को रजिस्ट्री के महत्व की जानकारी मौके पर जाकर दी जाए, ताकि भ्रम या तकनीकी कारणों से कोई किसान पीछे न रह जाए। बैठक में कलेक्टर ने कृषि, राजस्व और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। प्रगति रिपोर्ट की होगी निगरानी कलेक्टर ने संकेत दिए कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अनुविभाग से अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी और जहां लापरवाही सामने आएगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा बैठक में डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन, उपसंचालक कृषि अमित मोहंती, सभी अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वर्कलोड एवं नजूल राजस्व निरीक्षक संतोष धुर्वे और लिपिक निखिल उपस्थित रहे।

किसानों के लिए राहत: PM मोदी जारी करेंगे PM Kisan सम्मान निधि की नई किस्त

नई दिल्ली सरकार की ओर से किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है. पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त आज, 19 नवंबर को करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर की जानी है. सोशल मीडिया पर दी जानकारी एग्रीकल्चर इंडिया ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है.इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का ट्रांसफर किया जाएगा. 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी. इससे पहले प्राकृतिक आपदा से पीड़ित राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में यह राशि पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी है. शिवराज चौहान आगे बताते हैं कि आज प्रधानमंत्री मोदी किसानों को संबोधित भी करेंगे और यह दिन किसान उत्सव के रूप में मनाया जाएगा. इन किसानों को नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि  अगर आप किसान सम्मान निधि का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है. आप ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीएससी सेंटर के माध्यम से करा सकते हैं. इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिल सकेगा जो पंजीकृत जमीन पर खेती करके आजीविका कमा रहे हैं.

PM-किसान योजना: केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले 27 लाख किसानों को बांटे 540 करोड़ रुपये

जालंधर  दिवाली से पहले किसानों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 27 लाख किसानों के लिए 540 करोड़ो रुपए ट्रांसफर किए हैं। केंद्र सरकार ने  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। यह किस्त खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह किस्त जारी की। इस किस्त से तीनों राज्यों के करीब 27 लाख किसानों को सीधा फायदा हुआ है। किसानों के बैंक खातों में कुल 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है, जिसमें करीब 2.7 लाख महिला किसान भी शामिल हैं।     पंजाब के 1109,895 किसानों को 221.98 करोड़ रुपये मिलेंगे     हिमाचल प्रदेश के 801,045 किसानों को 160.21 करोड़ रुपये मिलेंगे     उत्तराखंड के 789,128 किसानों को 157.83 करोड़ रुपये मिलेंगे